samacharsecretary.com

प्रदेश की जेलों से आई राहत की खबर, जन्माष्टमी पर 14 हजार पात्र बंदियों को मिली सजा में छूट

गंभीर अपराध के दोषी बंदियों की सजा यथावत रहेगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जेल विभाग को प्रदेश की जेलों के पात्र दंडित बंदियों की सजा में लगभग 60 दिन की छूट देने के निर्देश दिए हैं। सजा में दी गई इस छूट से विभिन्न जेलों में बंद 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार बंदी लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की इस समय पूर्व रिहाई नीति में आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध (पास्को, बलात्कार), मादक पदार्थ और दो से अधिक हत्या जैसे गंभीर अपराध के दोषी बंदी पात्र नहीं होते हैं, उनकी सजा यथावत रहेगी।  इसकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी प्रदेश की जेलों के दंडित बंदियों को सजा में करीब 60 दिन की छूट हेतु जेल विभाग को निर्देश दिए हैं। आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध, हत्या के गंभीर आरोपी इसमें शामिल नहीं हैं। इससे 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में सद्भाव और मानवीय संवेदना का संदेश देते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी जैसे अवसर पर कैदियों को सजा में छूट देकर सुधार की भावना को बल मिलेगा। बता दें कि इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी प्रदेश की जेलों से बड़ी संख्या में कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया। मध्य प्रदेश जेल मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भोपाल केंद्रीय जेल से 25, सतना से 17, उज्जैन से 14, नर्मदापुरम से 11, ग्वालियर से 16, जबलपुर से 14, रीवा से 19, सागर से 14, इंदौर केंद्रीय जेल से 10, नरसिंहपुर से 6 और बड़वानी से 3 बंदियों को रिहा किया गया। इसके अलावा, जिला जेल देवास से 1, टीकमगढ़ से 2, इंदौर से 2 तथा उप जेल पवई और बंडा से 1-1 बंदी को भी स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया गया था।    

वेटरनरी UG काउंसलिंग: NEET में 144 नंबर पाने वाले अभ्यर्थियों को भी मिलेगा प्रवेश का अवसर

 जबलपुर  वेटरनरी विश्वविद्यालय ने बैचलर आफ वेटरनरी साइंस यानी यूजी की सीटों पर प्रवेश देने के लिए पहली ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी है। बुधवार से शुरू हुई काउंसलिंग में इस बार नीट में 720 नंबर में से 144 नंबर पाने वाले सामान्य वर्ग के छात्र और छात्राओं को इस काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलेगा। ओबीसी में 127 नंबर और एसटी-एससी में 113 नंबर कटआफ रखा है। दरअसल, अभी तक मेरिट के आधार पर कटआफ नंबर अधिक रखा जाता था, लेकिन नीट के जरिए परीक्षा होने के बाद वेटरनरी कौंसिल आफ इंडिया ने सभी वेटरनरी विश्वविद्यालयों और कालेजों को नीट के न्यूनतम आहर्ता मान्य करने को कहा है। इसके बाद वेटरनरी विश्वविद्यालय ने इस बार यूजी की ऑनलाइन काउंसलिंग में कटआफ में नीट की न्यूनतम आहर्ता को रखा है। वहीं मेडिकल की पहली काउंसलिंग का इंतजार कर रहे वेटरनरी विश्वविद्यालय ने भी एमपी आनलाइन के जरिए अपनी यूजी कोर्स की काउंसलिंग शुरू तो कर दी है, लेकिन इस बार भी सेशन सितंबर के अंतिम सप्ताह या फिर अक्टूबर से ही शुरू हो सकेगा। पहले मध्य प्रदेश, फिर दूसरे राज्यों को अवसर पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग में एमपी के विद्यार्थियों को फ्री सीट की काउंसलिंग में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके बाद जो सीट खाली होगी, उसमें दूसरे राज्यों के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं पैमेंट सीट पर मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को लिए ओपन रखी गई है। यूजी काउंसलिंग का शेड्यूल     20 से 26 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन होगा।     25 अगस्त को सीट आवंटित की जाएंगी।     27 अगस्त को मेरिट के आधार पर लिस्ट जारी होगी।     28 से 31 अगस्त तक च्वाइंस फीलिंग का अवसर होगा।     2 सितंबर को फाइनल रिजल्ट आएगी     3 से 8 सितंबर तक कालेज में दस्तावेजों की जांच करानी होगी। 8 सितंबर तक प्रवेश दिया जाएगा     वेटरनरी की यूजी सीटों पर ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। इस बार हमने नीट की न्यूनतम आहर्ता को मेरिट लिस्ट बनाकर जारी किया है। काउंसलिंग में प्रवेश लेने वाले छात्रों को आठ सितंबर तक प्रवेश दे दिया जाएगा। – प्रो.मनदीप शर्मा, कुलपति, वेटरनरी विवि जबलपुर।  

चलती ट्रेन में वारदात! कुशीनगर एक्सप्रेस के टॉयलेट से बरामद हुई मासूम की लाश

मुंबई मुंबई-कुशीनगर एक्सप्रेस के AC कोच के बाथरूम में कूड़ेदान के अंदर पांच साल की बच्ची का शव मिला है. जब इस बारे में जानकारी हुई तो ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में सूचना रेलवे अफसरों को दी गई. अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जायजा लिया. पुलिस ने ट्रेन के बाथरूम से बच्ची का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. जानकारी के अनुसार, बच्ची का शव LTT कुशी नगर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 22537 के AC कोच B2 के बाथरूम में कूड़ेदान के अंदर मिला है. बच्ची की उम्र करीब पांच साल बताई जा रही है. दरअसल, ट्रेन के AC कोच B2 के बाथरूम में कूड़ेदान रखा था. इसमें बच्ची का शव था. जब लोगों ने देखा तो वे सन्न रह गए. तुरंत इस मामले की जानकारी रेलवे पुलिस व प्रशासन को दी गई. इस मामले की खबर मिलते ही रेलवे के अफसर व पुलिस मौके पर पहुंचे और जायजा लिया. इस बारे में जब ट्रेन में सवार यात्रियों को पता चला तो सनसनी फैल गई. पुलिस ने ट्रेन के बाथरूम से बच्ची का शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा. शुरुआती जांच में पता चला कि बच्ची को पहले कहीं से किडनैप किया गया था. बच्ची का अपहरण उसके ही रिश्तेदार ने किया था. पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है. शुरुआती सुरागों से यह पता चला है कि बच्ची का मौसेरे भाई इस किडनैप में शामिल था. पुलिस ने घटनास्थल पर संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि अपहरण और हत्या के दोनों पहलुओं पर पूरी जांच की जा रही है.

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more

आईटी, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को लेकर जापानी उद्योगपतियों को सीएम साय का आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान जापान पहुंचे हैं. अपने दौरे के दौरान उन्होंने जापानी उद्योगपतियों के संगठन जेट्रो (JETRO – Collaborate & Invest Japan) के पदाधिकारियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश पर चर्चा की. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हमने आईटी, टेक्सटाइल्स, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाओं पर चर्चा की. इस अवसर पर जेट्रो को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया. ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन इसके पहले जापान के टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए. यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है. CM साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की. NTT लिमिटेड की CEO से की मुलाकात इसके अलावा NTT लिमिटेड की CEO कायो इतो से मुलाकात कर तकनीकी और इंडस्ट्री सहयोग और निवेश पर चर्चा की. रात में CM साय भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल हुए. इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया.

अमेरिका की बढ़ी चिंता , भारत-फ्रांस मिलकर करेंगे अत्याधुनिक जेट इंजन का निर्माण

नई दिल्ली अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ और दबाव की रणनीति के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाया है। अब भारत फ्रांस के साथ मिलकर पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी स्टील्थ जेट इंजन विकसित करने जा रहा है। यह इंजन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा और आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की ताकत को नई उड़ान देगा। सरकार के इस फैसले से भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी और भी मजबूत होगी। सूत्रों के मुताबिक, डीआरडीओ इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जल्द ही कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी में है। 100 फीसदी तकनीक ट्रांसफर करेगी फ्रांस की कंपनी फ्रांस की कंपनी साफरान इस समझौते के तहत भारत को 100 फीसदी तकनीक ट्रांसफर करेगी। दोनों देश मिलकर भारत में ही 120 किलोन्यूटन थ्रस्ट क्षमता वाला इंजन तैयार करेंगे। यह इंजन भारत के भविष्य के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर एयरक्राफ्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। डीआरडीओ पहले ही साफरान के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है। साफरान ने इससे पहले भारत में हेलिकॉप्टर इंजन निर्माण में सहयोग किया है। डीआरडीओ का मानना है कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए साफरान एक भरोसेमंद और सक्षम पार्टनर है। इस प्रोजेक्ट में डीआरडीओ की गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) की भी अहम भूमिका होगी। अनुमान है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर करीब 7 अरब डॉलर का खर्च आएगा। राजनाथ सिंह ने दे दी मंजूरी अमेरिका के दबाव और ऊंचे टैरिफ के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस के साथ मिलकर स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ जेट इंजन बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रोजेक्ट को हरी झंडी देते हुए कहा कि भारत के लिए जरूरी है कि देश में ही उन्नत लड़ाकू विमान तैयार किए जाएं। फ्रांस की कंपनी साफरान इस समझौते के तहत भारत को 100 फीसदी तकनीक ट्रांसफर करेगी। दोनों देश मिलकर भारत में ही 120 किलोन्यूटन थ्रस्ट क्षमता वाला इंजन विकसित करेंगे। यह इंजन भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए इस्तेमाल होगा। डीआरडीओ पहले ही साफरान के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है और इसकी गैस टरबाइन रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (GTRE) को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 7 अरब डॉलर का खर्च अनुमानित है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने अब फाइटर जेट इंजन निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया है। हाल ही में वायुसेना ने सरकार को पत्र लिखकर विमानों की कमी पर चिंता जताई थी और चेताया था कि आने वाले वर्षों में कई विमान रिटायर होंगे। ऐसे में नए लड़ाकू विमानों को समय पर शामिल करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस के साथ यह साझेदारी न सिर्फ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेगी, बल्कि अमेरिका की तकनीकी वर्चस्व को भी चुनौती देगी। HAL–GE डील अटकी, साफरान प्रोजेक्ट में बड़ा फायदा हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के बीच विमान इंजन निर्माण को लेकर अभी तक फाइनल डील नहीं हो पाई है। इसमें 1.5 बिलियन डॉलर की लागत पर केवल 80 फीसदी तकनीक ट्रांसफर का प्रस्ताव है। वहीं, साफरान के साथ भारत को न केवल पूरी तकनीक का हस्तांतरण मिलेगा, बल्कि इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी और लाइसेंसिंग कंट्रोल पर पूरा अधिकार भी रहेगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह साझेदारी न सिर्फ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका की तकनीकी बढ़त को भी चुनौती देगी। जेट इंजन निर्माण के मामले में फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका का दबदबा है। लेकिन फ्रांस के साथ मिलकर भारत जिस तरह से नई साझेदारी शुरू करने जा रहा है, उससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त को चुनौती मिल सकती है।

मध्यप्रदेश में अब तक 91% बारिश पूरी, उज्जैन सहित 13 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है. मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी के चलते कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश में मानसून (monsoon) अब रौद्र रूप में हैं। शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह जलभराव के कारण सड़के डूब गई और निचले इलाकों में हालत बिगड़ गए। राजधानी भोपाल समेत शाजापुर, राजगढ़, नर्मदापुरम, श्योपुर, मंडला, सिवनी और मालवा क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं। नर्मदापुरम में चार दिन से तवा डैम के गेट लगातार खुले हुए हैं। बुधवार को सीजन में दूसरी बार 13 में से 5 गेट खोले गए थे, जो अब तक खुले हुए हैं। आज (शनिवार) सुबह 8 बजे तीन गेट पांच फीट की ऊंचाई पर खोले गए हैं। करीब 25,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में तवा डैम का जलस्तर 1163.70 फीट दर्ज किया गया है। आज इन जिलों में होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में नीमच और मंदसौर में अति भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश हो सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के ऊपर से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश हुई। यहां जारी हुआ अलर्ट ऑरेंज अलर्ट – राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुर। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार 23 अगस्त को यहां मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे इन जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। आज उज्जैन समेत 13 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज उज्जैन समेत राज्य के 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. इनमें शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर शामिल हैं. इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. नीमच-मंदसौर में ऑरेंज अलर्ट अगले 24 घंटों में नीमच और मंदसौर जिले में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है. यहां मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अगले तीन दिन एक्टिव रहेगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होती रहेगी. इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है.  इन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट नीमच और श्योपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक बारिश। यहां भारी बारिश का यलो अलर्ट शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी पड़ने की संभावना है। श्योपुर के कराहल में शुक्रवार को नाले में दो लोग बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि दूसरा लापता है। श्योपुर में बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सिवनी मालवा में तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, प्रशासन ने लोगों को डूब क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश के चलते भोपाल के हुजूर एसडीएम ऑफिस की छत का प्लास्टर गिर गया। रात में हादसा हुआ जिस से कोई चोटिल नहीं हुआ। MP के 25 जिले में बारिश प्रदेश में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच बरसात हुई। मंडला में करीब 1 इंच बारिश हुई। पचमढ़ी में पौन इंच, नरसिंहपुर और श्योपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह भोपाल, मऊगंज, मंदसौर, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, रतलाम, बैतूल, दतिया, गुना, इंदौर, पचमढ़ी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, सिवनी में भी तेज बारिश हुई। एमपी के 25 जिले में बारिश, मलाजखंड में सवा इंच वर्षा प्रदेश में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच बारिश हुई। मंडला में करीब 1 इंच पानी गिरा। पचमढ़ी में पौन इंच, नरसिंहपुर और श्योपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह भोपाल, मऊगंज, मंदसौर, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, रतलाम, बैतूल, दतिया, गुना, इंदौर, पचमढ़ी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, सिवनी में भी तेज बारिश हुई। नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर पानी छोड़ा गया है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया। श्योपुर के कराहल में दो युवक नाले में बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दूसरे की तलाश एसडीईआरएफ कर रही है। श्योपुर में सीप नदी उफान पर नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर पानी निकाला गया है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। वहीं बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया। श्योपुर के कराहल में तेज बारिश से दो युवक नाले में बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दूसरे की तलाश SDERF कर रही है।

ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के अगले दिन ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता के घर से करोड़ों जब्त

बेंगलुरु ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद में पास होने के सिर्फ एक दिन बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक कांग्रेस नेता के. सी. वीरेंद्र के घर से 12 करोड़ रुपये कैश बरामद किए हैं. कैश के अलावा 6 करोड़ रुपये की ज्वेलरी भी ईडी ने जब्त की है. ईडी ने चितदुर्गा जिले से कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र और अन्य लोगों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के मामले में केस दर्ज किया था. ईडी ने देशभर में 31 जगहों पर छापेमारी की, जिनमें गंगटोक, चितदुर्गा जिला, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं, गोवा में पांच कैसिनो- पप्पी’स कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसिनो, पप्पी’स कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसिनो और बिग डैडी कैसिनो-पर भी कार्रवाई की गई. दरअसल ईडी की ओर से कर्नाटक के कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र और उनके भाई के कुछ ठिकानों पर छापेमारी की गई है. इस छापेमारी की वजह एक गैरकानूनी सट्टेबाजी से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस है. इसको लेकर ईडी की ओर से न सिर्फ कर्नाटक बल्कि कई अन्य राज्यों में भी रेड मारी गई है.  चित्रगुप्ता विधानसभा से एमएलए हैं केसी वीरेंद्र बता दें कि केसी वीरेंद्र कांग्रेस की टिकट पर चित्रगुप्ता विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे. केसी वीरेंद्र पर किंग 567, पप्पी के003 और रत्ना गेमिंग जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी साइटों के संचालन का आरोप भी है. इसके साथ ही उनके भाई पर भी कई आरोप लगाए गए हैं. इनमें दुबई से डायमंड साफ्टेक, TRS टेक्नोलॉजी के साथ-साथ प्राइम9 टेक्नोलॉजी नाम की तीन संस्थाओं के संचालन का आरोप है.  शुक्रवार को भी ईडी ने की थी रेड बता दें कि ईडी की ओर से ये रेड शुक्रवार को भी की गई थी. ईडी का कहना है कि वीरेंद्र की ओर से चलाई जा रही संस्थाएं कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग कारोबार से जुड़ी हैं. ईडी ने कर्नाटक के बेंगलूरु के अलावा राजस्थान के जोधपुर, मुंबई और गोवा के कई कैसिनो जैसे ओशन रिवर्स, बिग डैडी पर भी छापेमारी की है.  जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कई ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट्स चला रहा था, जिनके नाम King567, Raja567 आदि हैं. इसके अलावा आरोपी का भाई के. सी. थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां- डायमंड सॉफ्टटेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज-चलाता है. ये कंपनियां कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग बिजनेस से जुड़ी हुई हैं. छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें 1 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा भी शामिल है, लगभग 6 करोड़ रुपये का सोना, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाड़ियां मिलीं. इसके अलावा 17 बैंक खाते और 2 लॉकर भी फ्रीज कर दिए गए हैं.

तस्वीर बदल रहीं जीविका दीदियां, नशामुक्ति आंदोलन में बनीं नई ताकत

पटना  जीविका दीदियां बिहार की नई ताकत बन कर उभरीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई ‘जीविका’ योजना की वजह से न केवल बिहार की महिलओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है बल्कि वो बिहार के विकास की मजबूत कड़ी बन चुकी हैं। इतना ही नहीं जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं सामाजिक बदलाव की भी गाथा लिख रहीं हैं। जिसका नतीजा है कि सीएम नीतीश ने उनके योगदान को सराहते हुए मान देय में बढ़ोतरी की है। सक्रीय जीविका समूहों ने समाज को दिखाई राह बिहार सरकार के आंकड़ों की मालने तो बिहार के गांवों में इनकी भूमिका काफी अहम हो गई है। गांव–गांव में जीविका की सक्रिय 60,000 से ज्यादा ग्राम संगठन हैं। जो आज नशामुक्त का संदेश और उसके अपनी सक्रीय भूमिका निभाकर समाज को राह दिखा रही हैं। जीविका दीदियों के नेतृत्‍व में चलाए जा रहे अभियान जिसका नतीजा है कि अब महिलाओं की अगुवाई में ही जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और चौपाल पर बैठकें की जा रही हैं। ये सब जीविका से जुड़ी गांव की आम सी दिखने वाली महिलाएं कर रही हैं।  कुरीतियों में सुधार शराब के सेवन और तंबाकू के नुकसान की जो जागरूकता जीविका दीदियों ने फैलाई है। सामजिक व्‍यवहार की कुरीतियों पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई है। जिन इलाकों में कभी नशा आम बात थी, वहां अब सामाजिक दबाव और सामूहिक चेतना से सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। शराबबंदी कानून को सफल बनाने और शराब माफियाओं को कमजोर करने में भी इनका महत्‍वपूर्ण योगदान रहा है। समाज सुधार की मिसाल बनीं दीदियां  गौर करने वाली बात ये कि सीएम नीतीश कुमार के विजन से बाल विवाह रोकथाम और शराबबंदी नियमों के अनुपालन में भी जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी निर्णायक साबित हो रही है। ग्रामीण विकास विभाग का यह अभियान अब समाज सुधार की सबसे बड़ी मिसाल बनता जा रहा है।

इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी का प्रस्ताव, गिफ्ट सिटी की तरह विकसित होगा हब

चंडीगढ़ गुजरात के गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ में सिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को इस संबंध में एक आधिकारिक नोट भेज दिया है। इस हाईटेक फिनटेक हब के लिए प्रशासन ने कंसल्टेंट नियुक्त कर लिया गया है और 30 नवंबर तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाले बजट में इसकी घोषणा हो सके। चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में सिफ्ट सिटी (Chandigarh International Finance Tech City) बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है गुजरात के गांधीनगर में बने गिफ्ट सिटी की तर्ज पर चंडीगढ़ इंटरनेशनल फाइनेंस-टेक (सिफ्ट) सिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत सरकार को औपचारिक रूप से एक नोट भेजा है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर को नई दिशा देगा और इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख फाइनेंशियल व टेक्नोलॉजी हब के रूप में पहचान दिलाएगा। कुछ महीने पहले हुई नीति आयोग की बैठक में भी चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की गई थी। प्रशासन ने भारत सरकार को भेजे नोट में कहा है कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी जमीन उपलब्ध है, विशेषकर फेज-3 में बड़ी मात्रा में खाली जमीन पड़ी है। इस भूमि का उपयोग कर चंडीगढ़ को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति, उसका महत्व और इको सिटी की पहचान इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए मॉडल शहर है। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को मिलेगा न्योता इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंडीगढ़ को ग्लोबल लेवल का फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी हब बनाया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और फेज-3 में काफी खाली जमीन है। खासकर फेज-3 में 153 एकड़ भूमि लगभग पूरी तरह खाली है, जिसे सिफ्ट सिटी के लिए विकसित किया जाएगा। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शहर को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने माना कि बीते वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इसे तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। नवंबर से पहले पूरी होगी डीपीआर इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव ने कहा है कि नवंबर तक इस प्रोजेक्ट की डीपीआर पूरी करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी बजट में भारत सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट की घोषणा हो सके। इसके लिए प्रशासन ने एक कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि रिपोर्ट में किसी भी तरह की कमी न रहे और योजना व्यावहारिक व निवेशकों को आकर्षित करने वाला बने। आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों को किया जाएगा आमंत्रित अधिकारियों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश-विदेश की आईटी और फाइनेंशियल कंपनियां चंडीगढ़ में निवेश करेंगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। चंडीगढ़ को एक ग्लोबल स्टैंडर्ड का टेक्नोलॉजी व फाइनेंशियल हब बनाया जा सकेगा। साथ ही, प्रशासन की कोशिश है कि फेज-2 और फेज-3 की खाली जमीनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। विकास नगर के पास मौजूद फेज-3 अभी लगभग पूरा खाली पड़ा है। गुजरात मॉडल का लिया जाएगा सहाराः गुलाबचंद कटारिया इस प्रोजेक्ट पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ को आगे ले जाने के लिए गुजरात मॉडल का सहारा लिया जाएगा। बीते कुछ वर्षों में चंडीगढ़ इस क्षेत्र में पीछे रह गया है, इसलिए अब इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। सिफ्ट सिटी में बिजनेस करने को मिलेंगी कई रियायतें -कई रेगुलेटरी छूट -बिल्डिंग अप्रूवल में आसानी – एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में लचीलापन -लेबर लॉज में राहत -कंपनियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम -इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और टैक्स इंसेंटिव एक नजर में चंडीगढ़ का इंडस्ट्रियल एरिया – फेज-1 में जमीन 776.14 एकड़ – फेज-2 में जमीन 486 एकड़ – फेज-1 और 2 में कुल 1966 प्लॉट – 5 मरला से लेकर 1 कनाल तक के क्षेत्र में छोटे प्लॉट सबसे ज्यादा फेज-1 में – फेज-2 में सभी छोटे इंडस्ट्रियल प्लॉट – फेज-3 में 153 एकड़ की जमीन