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ग्वालियर से श्योपुर तक विस्तार, अगस्त में सबलगढ़ और साल के अंत तक श्योपुर तक पहुंचेगी ट्रेन

ग्वालियर उत्तर मध्य रेलवे द्वारा ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के तहत अगस्त माह में सबलगढ़ तक मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में यह ट्रेन कैलारस तक संचालित हो रही है, जबकि उससे आगे ट्रैक बिछाने और स्टेशनों के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। प्रयागराज स्थित मुख्यालय के अधिकारियों ने हाल ही में इस रूट का निरीक्षण किया है। अब रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) से फाइनल निरीक्षण कराया जाएगा। उनकी हरी झंडी मिलने के बाद अगस्त में मेमू ट्रेन सबलगढ़ तक दौड़ाई जाएगी। सबलगढ़ तक विद्युतीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है और इसे जुलाई के अंत तक पूरा करने की संभावना है। श्योपुर तक प्रोजेक्ट में हुई देरी ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन का पूरा निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पहले यह काम दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब लक्ष्य बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दिया गया है। वीरपुर तक ट्रैक निर्माण कार्य अगस्त 2025 तक पूरा करने और ट्रेन संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्वालियर के उप मुख्य अभियंता आकाश यादव और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के साथ हाल ही में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। रेलवे ट्रैक के लिए भूमि अधिग्रहण और भवनों के मुआवजे के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी जारी है। यात्रियों को होगा सीधा लाभ सबलगढ़ से मुरैना की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है। फिलहाल यात्रियों को जौरा और मुरैना तक पहुंचने के लिए 50 से 70 रुपये तक का किराया और अधिक समय खर्च करना पड़ता है। मेमू ट्रेन शुरू होने से किराया भी कम होगा और समय की बचत भी होगी। आठ नए स्टेशन भी बनेंगे इस प्रोजेक्ट के तहत पुल-पुलियों के साथ आठ नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे। ये स्टेशन हैं: वीरपुर, श्यामपुर, इकडोरी, टर्राकला, सिरोनीरोड, खोजीपुरा, दुर्गापुरी, गिरधपुर और श्योपुर।

इंदौर-निजामुद्दीन वंदे भारत ट्रायल की तैयारी, इस स्पीड से दौड़ेगी हाईटेक ट्रेन

इंदौर  जुलाई में इंदौर-निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस का परीक्षण हो सकता है। यह प्रक्रिया पलवल (हरियाणा) से मथुरा स्टेशन (87 किमी) के बीच होगी। इस हिस्से में कवच प्रणाली भी लगी है। इस ट्रेन का पांच से सात मिनट तक आगरा कैंट में ठहराव होगा। छह महीने पहले इंदौर से वंदे भारत की मांग उठी थी। रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसी बीच कवच की उपयोगिता की जांच भी की जाएगी। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि नया रैक नई दिल्ली आ चुका है। जल्द ही इंदौर-निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के दौरान छह से आठ कोच लगाए जाएंगे। फिलहाल परीक्षण की तारीख नहीं हुई है। रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद ट्रायल होगा। ट्रेन की अधिकतम गति 160 किमी प्रतिघंटा होगी। औसत गति 120 से 130 किमी प्रतिघंटा तक होगी।   इंदौर और दिल्ली के बीच यात्रियों को नई सुविधा मिलेगी बता दें कि फिलहाल इंदौर से नागपुर तक एक ही वंदे भारत चलाई जा रही है। ये इंदौर के प्लेटफार्म-1 से सुबह 6.10 चलकर भोपाल सुबह 9.10 बजे और नागपुर दोपहर 2.30 बजे पहुंचती है। इसी प्रकार नागपुर से दोपहर 3.20 चलकर भोपाल रात रात 8.38 बजे और इंदौर रात रात 11.50 बजे पहुंचती है। सांसद शंकर लालवानी के मुताबिक हमने छह महीने पहले केंद्रीय रेल मंत्री से इस ट्रेन की मांग की थी। इस ट्रेन के चलने से इंदौर-नई दिल्ली के बीच यात्रियों को नई ट्रेन की सुविधा मिलेगी। ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाती है प्रणाली भारतीय रेलवे द्वारा स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली विकसित की गई है, जिसका नाम कवच रखा गया है। यह प्रणाली सिग्नलों को पार करने और टक्कर से बचने जैसी मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करती है। कवच प्रणाली लोको पायलट को खतरे के संकेतों को पार करने और तेज गति से गाड़ी चलाने से रोकने में मदद करती है। खराब मौसम में भी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में सहायता करती है।

नीति का इंतजार, हादसों का सिलसिला जारी: इंदौर में ई-रिक्शा बना संकट

इंदौर कुछ वर्ष पहले जब शहर में ई-रिक्शा का चलन शुरू हुआ था तो शहरवासियों को उम्मीद थी कि उन्हें आवागमन के लिए प्रदूषण रहित साधन मिल गया। न वाहन की कर्कश आवाज सुनाई देगी न इससे निकलने वाला काला धुआं नजर आएगा। ऐसा हुआ भी, लेकिन राहत के नाम पर शुरू हुई सुविधा शहरवासियों के लिए अब परेशानी का सबब बन गई है। शहर में ई-रिक्शा की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। राजवाड़ा जैसा सघन क्षेत्र जहां पैदल चलना भी मुश्किल है वहां ये ई-रिक्शा बेखौफ होकर सड़क पर मंडराते हैं और कोई कुछ नहीं कर पाता। राजवाड़ा पर तो पुलिस चौकी के समीप जिम्मेदारों की आंखों के सामने ही अस्थाई ई-रिक्शा स्टैंड बन गया है। आज हालत यह है कि जिस गली, मोहल्ले, कालोनी, सड़क पर पर निकल जाओ, ई-रिक्शा ही नजर आते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित करने के लिए आज तक कोई नीति नहीं बनी। इतना ही नहीं न तो इनके लिए कोई रूट प्लान तैयार किया गया न और न कभी किराया नियंत्रित करने का प्रयास हुआ। ऐसा नहीं कि जिम्मेदारों ने कागजों पर ई-रिक्शा को नियंत्रित करने का प्रयास न किया हो, लेकिन ये प्रयास कभी कागजों से निकलकर मैदान में नजर नहीं आए।   बाहर हजार से ज्यादा ई-रिक्शा करीब छह माह पहले महापौर ने खुद सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि राजवाड़ा क्षेत्र ई-रिक्शा मुक्त होगा, लेकिन घोषणा भी हवा में उड़ गई और कुछ नहीं हुआ। परिवहन विभाग के अनुसार शहर में वर्तमान में बारह हजार से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। हाई कोर्ट खुद परिवहन विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम को ई-रिक्शा की वजह से शहरवासियों को हो रही परेशानी को लेकर फटकार लगा चुका है, बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। कुछ वर्ष पहले जब शहर में ई-रिक्शा शुरू हुए थे तो लोग उन्हें अचरज भरी नजर से देखते थे। आज हालत यह है कि ई-रिक्शा देखते ही शहरवासियों को कोफ्त होने लगती है। जहां सवारी ने हाथ दिया, वहीं रिक्शा रोक दिया 22 जुलाई को कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और निगमायुक्त को व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर बताना है कि यातायात सुधार के लिए उन्होंने क्या उपाय किए? आदेश को एक सप्ताह होने को आया है, लेकिन मजाल है शहर के यातायात में रत्तीभर भी कोई सुधार हुआ हो। जनप्रतिनिधियों का भी आलम यह है कि रोजाना नई-नई घोषणा कर रहे हैं, लेकिन शायद ही कोई घोषणा मूर्तरूप ले पाती हो। जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कुंभकर्णीय नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। ई-रिक्शा चालक प्रदूषण न फैलाने के नाम पर मिली छूट का फायदा उठाकर ट्रैफिक को बद से बदतर बना रहे हैं। जहां सवारी ने हाथ दिया, वहीं रिक्शा रोक दिया, चाहे पीछे से आ रहे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार ही क्यों न हो जाएं। पिछले साल 26 रूट तय किए गए थे राजवाड़ा पर तो मनमर्जी का आलम ये है कि भले ही दो पहिया वाहन को जाने की जगह न मिलें, लेकिन इन्हें अपने वाहन खड़े करने की इतनी जल्दी होती है कि चाहे इनके कारण वाहनों की कतार लग जाए। इन्हें अपनी हिसाब से ही चलना है। पिछले साल प्रशासन ने इन पर सख्ती कर इनके 26 रूट तय किए थे, लेकिन संचालकों के विरोध के बाद सख्ती हवा में उड़ गया। इतना ही नहीं जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ ने भी अपनी जिम्मेदारी से हाथ खीच लिया है। इस अनदेखी का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। जनता के लिए एक अच्छी सुविधा परेशानी का सबब बन गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सरकार प्रवासी उद्यमियों को निवेश के लिये अनुकूल माहौल देगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा के पहले दिन भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेष रूप से इंदौर से जुड़े उद्यमियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इंदौरी इंटरनेशनल बिजनेस नेटवर्क (IIBN) द्वारा एक विशेष आयोजन किया गया जिसमें 25 से अधिक सीईओ उपस्थित रहे और 15 से अधिक प्रमुख उद्यमियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाते हुए अपने निवेश प्रस्ताव दिए। वर्तमान में IIBN यूएई में 750 से अधिक सदस्यों के साथ एक स्थापित लाइसेंस प्राप्त समुदाय है जिसमें व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर, शिक्षाविद् सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल शामिल हैं। IIBN के सदस्यों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को निवेश प्रस्तावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में IIBN की कोर कमेटी के सदस्य श्री अजय कसलीवाल, श्री प्रेम भाटिया, सुश्री अंजू भाटिया, श्री निलेश जैन, श्री मनोज झारिया, श्री नसीर खान और अमित श्रीनिवास ने जानकारी दी कि यूएई में निवासरत इंदौरी प्रवासी निवेश की संभावनाओं को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। उन्हें राज्य सरकार से मिलने वाले मार्गदर्शन और सहयोग को लेकर पूरा विश्वास है। सस्टेनेबल सिटी के लिए 1000 करोड़ निवेश का प्रस्ताव इस अवसर पर दुबई में रहने वाले सीए श्री प्रवीण मेहता ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए निजी क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक परियोजना और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले सस्टेनेबल सिटी के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भी उन वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है, जिनके बच्चे विदेशों में हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपके बच्चे बाहर हैं, तो हम आपका परिवार हैं।” मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कलेक्टर इन वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस का प्रस्ताव कार्यक्रम में दुबई स्थित फ्यूचर वाइज एजुकेशन की सीईओ सुश्री अंजू भाटिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मध्यप्रदेश में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस की स्थापना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय डिग्री अपने ही राज्य में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। श्री प्रेम भाटिया ने बताया कि वे इंदौर से दुबई आने वाले शुरुआती परिवारों में से एक हैं। आज उनकी बदौलत 400 से अधिक परिवार यूएई में रोजगार प्राप्त कर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार प्रवासी उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिये हर संभव सहयोग और अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी और शाहगंज नगर परिषद के पुरस्कारों के लिए नामित होने पर दी बधाई

भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा घोषित वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों में मध्य प्रदेश ने इस वर्ष भी अपनी विजय पताका फहराई है। प्रदेश के 8 शहरों को इस राष्ट्रीय आयोजन में सम्मानित किया जाएगा। विशेषकर बुधनी और शाहगंज नगर परिषद को पुरस्कारों को लिए नामित किया गया है। इस उपलब्धि पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता ही सेवा है…। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत’ का सपना जन-जन का संकल्प बन चुका है।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि हाल ही में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में बुधनी और शाहगंज को राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकित किया गया है। बुधनी नगर परिषद को सुपर स्वच्छ लीग सिटी की नई श्रेणी में कन्सीसटेंट परफार्मर के रूप में नामित किया गया है। यह उपलब्धि सतत प्रयास, जनभागीदारी और समर्पित प्रशासन का प्रमाण है। साथ ही, शाहगंज नगर परिषद को प्रेसिडेंशियल अवार्ड की प्रतिष्ठित श्रेणी में चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल नगर निकाय की प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग का भी उत्सव है। इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। आशा है कि आप आने वाले वर्षों में भी इसी तरह प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा शनिवार को वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें मध्य प्रदेश के आठ शहरों को आगामी 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में स्वच्छता लीग सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, देश और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी। मध्य प्रदेश के 8 शहरों में सुपर लीग श्रेणी में इंदौर, उज्जैन और बुधनी हैं। इस श्रेणी में सिर्फ वे शहर शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने पिछले तीन सालों में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो और उत्तरोत्तर प्रगति की संभावनाएं सृजित की हों। इसी प्रकार राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाले शहरों में भोपाल, देवास और शाहगंज शामिल हैं। इसके अलावा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर को उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिये सम्मानित किया जाएगा। कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग और ओडीएफ/ वॉटर प्लस के परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएंगे। वहीं, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रतिदिन पौधरोपण करने के संकल्प के क्रम में रविवार को भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्यजनों के साथ पौधरोपण किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि पेड़ लगाने का मतलब जीवन लगाना है, सांसें रोपना है, क्योंकि यही पेड़ हमें प्राणवायु देकर जीवन देते हैं। यह कोई साधारण कार्य नहीं, बल्कि असाधारण कार्य है। इसलिए मैं भी हर रोज पौधे लगाता हूं। उन्होंने कहा कि हमें यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित रखना है, तो पेड़ जरूरी है। पेड़ हमारे पर्यावरण को बचाते हैं और स्वस्थ पर्यावरण ही मानव जीवन को बचाएगा। मैं अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा को इस वृक्षारोपण के पुनीत कार्य के लिए हृदय से बधाई व धन्यवाद देता हूं। आइये, हम सब भी प्रत्येक विशिष्ट एवं शुभ अवसरों पर पौधरोपण का संकल्प लें और धरती को हरा-भरा बनाएं।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष राकेश दास वैष्णव, विजय कुमार दास, राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, अंजना देवी वैष्णव, रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

श्रमिकों की भलाई के लिए उठाया कदम, ‘श्री पहल’ से जुड़ेगा स्वास्थ्य और जागरूकता का मिशन

भोपाल  श्रम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल के निर्देशानुसार श्रम विभाग श्रमिकों की भलाई और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री (Shramik Health, Rejuvenation, Education and Enterprise) नाम से नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम प्रस्तावित किए गए हैं। श्री के तहत मुख्य रूप से नशा न करने की पहल, दैनिक व्यायाम का महत्व और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आहार नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तंत्र के साथ संबल योजना, श्रम कल्याण योजनाएं एवं निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इन विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से राज्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी। श्री पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के सभी औषधालयों और चिकित्सालयों में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य संदेशों से अवगत भी कराया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के 42 औषधालयों और 5 चिकित्सालयों में एक साथ स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। भोपाल के सोनागिरी औषधालय, देवास अस्पताल, पीथमपुर औषधालय, मंडीदीप और अमलाई औषधालय में उच्च रक्तचाप और जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की गई। भोपाल केंद्र पर मुँह के कैंसर, मंदसौर और बुरहानपुर में मधुमेह, बिरलाग्राम नागदा में मधुमेह की बीमारी पर जानकारी दी गई। पीथमपुर में मोटापे के लक्षण, दुष्परिणाम और रोकथाम पर चर्चा हुई, वहीं रतलाम में मोटापा नियंत्रण और इंदौर के क्षय चिकित्सालय में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों पर जानकारी दी गई। प्रदेश की सभी ईएसआई इकाइयों में एक साथ आयोजित इस परिचर्चा से 1200 से अधिक श्रमिक लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, सीहोर जिला के महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी युवाओं को हाइपरटेंशन, डायबिटीज, दिनचर्या बदलाव और नियमित व्यायाम के महत्व पर जागरूक किया गया।

बांग्लादेश में हिंसा का तांडव: हिंदू व्यापारी की हत्या के बाद शव पर किया गया डांस

ढाका बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस सरकार बनने के बाद से ही हिंदुओं को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। राजधानी ढाका में हिंदू व्यापारी की हत्या कर दी गई, जिससे एक बार फिर से पड़ोसी देश में हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लाल चंद सोहाग कबाड़ व्यापारी थे और उनकी पीट-पीटकर हत्या किए जाने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों छात्र शनिवार को सड़कों पर उतर आए और अंतरिम सरकार पर भीड़ हिंसा को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। पुलिस ने कबाड़ व्यापारी लाल चंद सोहाग की पीट-पीटकर हत्या के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो के पास अवैध रूप से हथियार थे। ढाका के कई विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों ने बुधवार को हुई इस घटना के विरोध में रैलियां निकालीं। जबरन वसूली करने वालों ने पुराने ढाका इलाके में मिटफोर्ड अस्पताल के सामने कबाड़ व्यापारी सोहाग की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बीते दिनों वायरल हुए इस घटना के एक वीडियो में सोहाग को कंक्रीट के स्लैब के टुकड़ों से पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर उसकी मौत की पुष्टि होने के बाद, हमलावर उसके शव पर नाचते हुए दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, "तुम दरिंदों को लोगों को मारने का अधिकार किसने दिया? जब जबरन वसूली करने वाले उत्पात मचा रहे हैं, तो अंतरिम (सरकार) क्या कर रही है?" ये नारे छात्रों ने अपने परिसरों में लगाए। बीआरएसी विश्वविद्यालय, एनएसयू, ईस्ट वेस्ट विश्वविद्यालय और सरकारी ईडन कॉलेज जैसे निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने शनिवार को प्रदर्शन किया, जबकि लाल की नृशंस हत्या का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद प्रमुख ढाका विश्वविद्यालय और जगन्नाथ विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रथम अलो अखबार के अनुसार, लाल चंद की बहन मंजुआरा बेगम (42) ने गुरुवार को राजधानी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कराया। इस मामले में 19 आरोपियों के नाम हैं और 15-20 अज्ञात संदिग्ध भी शामिल हैं। बीडीन्यूज24 ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के युवा मोर्चे के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर सोहाग की हत्या कर दी, जो उसी संगठन का एक पूर्व कार्यकर्ता था। पार्टी ने कहा कि उसने लिंचिंग के आरोपी चार अपराधियों को तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया।  

सीएम यादव ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेशकों का यज्ञ चल रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेशकों का यज्ञ चल रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर निवेशकों से समर्थन मिल रहा है। प्रदेश सरकार आकर्षक औद्योगिक और निवेश नीतियों के माध्यम से निवेश आकर्षित करने का निरंतर प्रयास कर रही है। विगत एक वर्ष में प्रदेश के संभागों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के प्रमुख औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को नई दिल्ली से दुबई रवाना होने से पहले अपने संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें 30 लाख करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ था। निवेश आकर्षित करने का यह सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में सूरत, लुधियाना और जोधपुर में भी सफल रोड-शो का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से 13 से 19 जुलाई के बीच दुबई और स्पेन की यात्रा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की समृद्धि बढ़ाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह दौरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के पहले वे प्रदेशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों महिला, युवा, किसान और गरीब के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में इसी प्रकार से काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दुबई और स्पेन की यात्रा के माध्यम से विदेशी निवेशकों को प्रदेश में निवेश संभावनाओं और आकर्षक निवेश नीतियों से अवगत कराया जाएगा। इस यात्रा के दौरान दुबई और स्पेन के निवेशकों के बीच राज्य की औद्योगिक निवेश के संबंध में ब्रांडिंग की जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश विदेशी निवेश में शीर्ष राज्य बने। प्रदेश में सभी प्रकार के उद्योग, भारी उद्योग, मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम, आईटी सहित पर्यटन, वन, खनन, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही प्रदेश के विभिन्न अंचलों जैसे चंबल, महाकौशल, विंध्य, मालवा और बुंदेलखंड अंचल की विशेषताओं के आधार पर अनुकूल प्लानिंग के साथ विदेशी सरकारों के सौजन्य से विदेशी निवेशकों से चर्चा की जाएगी।  

विदिशा में लापरवाही पर भड़के शिवराज, चेताया- केंद्र से दल बुलाया तो सबकी खैर नहीं

विदिशा जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री और सांसद शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों पर जमकर बरसे। मनरेगा कार्यों में मशीनों के उपयोग और योजना में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि केंद्र से जांच दल आया, तो सभी नप जाएंगे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिले में मनरेगा के तहत मशीनों से काम कराया जा रहा है। विधायक उमाकांत शर्मा और जिला पंचायत के कृषि समिति अध्यक्ष धनराज दांगी ने कहा कि मजदूरी दर इतनी कम है कि मजदूर काम ही नहीं करना चाहते। इस पर चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून के अनुसार 60 प्रतिशत राशि मजदूरी पर खर्च होनी चाहिए।   मनरेगा में सबसे ज्यादा गड़बड़‍ियां उन्होंने कहा, मनरेगा में सबसे अधिक गड़बड़ियां होती हैं। अगर मैंने केंद्रीय टीम भेजी, तो कोई नहीं बचेगा। चौहान ने 121 अमृत सरोवरों का भौतिक सत्यापन कराने और आवास योजना में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। दो साल से जिले में हो, कुछ नहीं जानते कृषि विभाग की समीक्षा में भी अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई। जब शिवराज ने बीज वितरण और लक्ष्य की जानकारी मांगी, तो उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो साल से जिले में हो और कुछ नहीं जानते। जिले में 287 किसानों की सोयाबीन बोवनी खराब होने की जानकारी पर चौहान ने तत्काल राहत और मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। दुकानों के साथ कंपनियों पर भी कार्रवाई हो उन्होंने अमानक खाद और कीटनाशक मामले में सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया और उत्पादक कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा विधायक मुकेश टंडन और गीता रघुवंशी ने ठेकेदारों के डंपरों द्वारा ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की। इस पर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के आदेश दिए गए।