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अगला भाजपा अध्यक्ष कौन? संघ ने गिनाए योग्यताओं के मापदंड

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए तैयारी कर रही है। कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों में इसकी घोषणा बाकी है। इस सबके बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने स्पष्ट कर दिया है कि भगवा पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसा होगा। आपको बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत से चूकने के बाद BJP एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। सत्ता में तो है पर पहले जैसा अजेय दबदबा नहीं है। अब जब पार्टी गठबंधन सरकार चला रही है, तो RSS का हस्तक्षेप अधिक स्पष्ट और मुखर हो गया है। इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणियों को भाजपा के लिए मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है। संघ प्रमुख ने सत्ता में बढ़ती अहंकार की भावना और संवादहीनता की आलोचना की तो इसे सीधे तौर पर BJP नेतृत्व के व्यक्तित्व केंद्रित मॉडल पर कटाक्ष माना जाने लगा है। क्या चाहता है संघ? आरएसएस एक ऐसा अध्यक्ष चाहता है जो अपेक्षाकृत युवा हो। जो संगठन के साथ जुड़ा हो। वह केवल रणनीतिकार न हो, बल्कि वैचारिक मार्गदर्शक भी हो। आरएसएस व्यक्तिगत प्रभुत्व नहीं बल्कि संगठन आधारित नेतृत्व की चाह रखता है। भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कैडर से संवाद, फीडबैक को स्वीकार करने वाला और अंदरूनी लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने वाला नेता हो। पार्टी में बढ़ते टेक्नोक्रेट्स और राजनीतिक प्रवासियों की भूमिका पर आरएसएस ने चिंता जताई है। संघ का कहना है कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष तकनीक नहीं, तपष्या से बना नेता हो। भाजपा का नया अध्यक्ष उन लोगों से जुड़ा हो जो शाखा, प्रांत प्रचारक और बूथ स्तर पर काम कर रहे हैं। उसकी वैचारिक स्पष्टता को भी ध्यान में रखा जाए। समान नागरिक संहिता (UCC), जनसंख्या नीति, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर उसके विचार स्पष्ट हों। 28 प्रदेश अध्यक्ष बदले गए BJP ने अब तक 36 में से 28 राज्यों में नए या फिर से नियुक्त अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। बाकी महत्वपूर्ण राज्य जैसे कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा और गुजरात की घोषणा बाकी है। इस जमीनी पुनर्गठन से पार्टी एक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए मंच तैयार कर रही है। BJP या RSS में 75 की उम्र से रिटायरमेंट की कोई औपचारिक नीति नहीं है, लेकिन मोहन भागवत का हालिया बयान जिसमें उन्होंने 75 पार कर चुके लोगों के उत्तराधिकार तय करने की आवश्यकता पर बल दिया, ने हलचल मचा दी है।  

हर कोने में प्रगति की बयार, छत्तीसगढ़ बना विकास का केंद्र : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता ने हमें ऐतिहासिक समर्थन दिया और हमने सरकार बनते ही काम की शुरुआत कर दी। पहले ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का अवसर मिल रहा है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए हमारी सरकार ने किसानों को दो वर्षों की बकाया राशि सहित 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी शुरू की है। महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण के तहत चरण पादुका वितरण से लेकर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस तथा तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से गरीबों को धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पंचायतों में बैंकिंग सुविधा पहुंचाने का वादा किया था, जिसके तहत 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्रों की स्थापना हो चुकी है, और इसका जल्द ही विस्तार प्रदेश की सभी पंचायतों तक किया जाएगा। रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार नक्सल मुक्त भारत अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने की समयसीमा तय की गई है, और हम नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत गांवों में तेज़ी से विकास कार्य कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से यह परिवर्तन संभव हो पा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आगे की दिशा पर केंद्रित अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए। कॉन्क्लेव ने शासन, सशक्तिकरण और नवाचार पर संवाद का एक प्रभावशाली मंच प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ के विजन को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम भी उपस्थित थे।

पर्यावरण संरक्षण की पहल: भोपाल में मूर्ति विसर्जन के लिए तालाबों की जगह नए घाट तैयार

भोपाल  भोपाल में गणेश उत्सव नवरात्रि की मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अब शहर के चारों दिशाओं में चार विसर्जन घाट बनाए जा रहे हैं। राजधानी भोपाल में गणेश उत्सव नवरात्रि की मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अब शहर के चारों दिशाओं में चार विसर्जन घाट बनाए जा रहे हैं। भोपाल की महापौर मालती राय नए विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर रही हैं। शुरुआती दौर में चार जगह का चयन किया गया है। जिसमें से नीलबड़, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा घाट के पास मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी।   एनजीटी ने लगाई है मूर्ति विसर्जन पर रोक  दरअसल भोपाल के तालाबों को प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड ने प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अगस्त के अंत में गणेश चतुर्थी और सितंबर में नवरात्र शुरू हो जाएंगे। ऐसे में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अभी से जगह की तलाश शुरू हो गई है। नगर निगम अधिकारियों के साथ मालीखेड़ी पहुंची महापौर मालती राय ने पुराने घाट को व्यवस्थित करने को कहा है। मालीखेड़ी पूरी तरह फाइनल, काम शुरू महापौर मालती राय ने बताया कि अभी मालीखेड़ी तो पूरी तरह फायनल है। यहां काम भी शुरू कर दिया गया है। शहर के चारों दिशाओं में विसर्जन घाट बनाए जाएंगे। जल्द ही तीन नए घाट भी तैयार हो जाएंगे। इसके लिए संजीव नगर, नीलबढ़ और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय कैम्पस में जगह देखी जा रही है। महापौर ने बताया कि संजीव नगर भी लगभग फायनल है। बीयू कैम्पस में विसर्जन घाट बनाने के लिए विश्वविद्यालय से चर्चा चल रही है। मंजूरी मिलते ही निगम घाट विकसित कर देगा। बैरागढ़ विसर्जन घाट पहले से विकसित बैरागढ़ विसर्जन घाट पहले से विकसित है। यह बड़ा तालाब से दूर है। वहीं मालीखेड़ी विसर्जन घाट में भी निगम पहले से विसर्जन की व्यवस्था करता आ रहा है। इसके अलावा प्रेमपुरा घाट पर एक नया घाट विकसित करने पर विचार चल रहा है। अभी तक यहां होता था मूर्तियों का विसर्जन पिछले साल तक नगर निगम ने शहर के प्रेमपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा डैम, आर्च ब्रिज, बैरागढ़ और मालीखेड़ी घाट पर ही प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था करता रहा है। भोपाल शहर की अलग-अलग क्षेत्र से हजारों छोटी बड़ी मूर्तियां इन घाटों पर विसर्जित की जाती थीं। इसे लेकर पुलिस प्रशासन और नगर निगम व्यवस्थाएं संभालने का काम करता था। अब देखना यह होगा कि सीमित कर घाटों में मूर्ति का विसर्जन किस तरह से किया जाएगा।  

प्रदेश की सबसे हाईटेक कैथ लैब हमीदिया में तैयार, जापान से आई मशीन से होगा इलाज आसान

भोपाल  भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक बाइ प्लेन कैथ लैब जापान से 7.7 करोड़ लागत से खरीदी जा रही है। अस्पताल में नई कैथलैब 1 सितंबर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक बाइ प्लेन कैथ लैब जापान से 7.7 करोड़ लागत से खरीदी जा रही है। वहीं अस्पताल में नई कैथलैब 1 सितंबर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। लैब शुरू होने से हृदय रोग के मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल के चिकित्सकों का दावा है कि जापान से आने वाली बाइ प्लेन कैथ लैब सबसे आधुनिक है। इस मॉडर्न कैथ लैब में किडनी पेशेंट भी बेफिक्र हो कर हार्ट की जांच करा सकेंगे। जाने क्या है मशीन की खासियत  1- इस मशीन से जांच करने के दौरान बेहद कम डाई की जरूरत पड़ती है। 2- मरीज की स्कैनिंग रिपोर्ट 3डी इमेज फॉर्म में आती है। जिससे ह्रदय व खून की नसों का बेहतर इमेज नजर आती है। 3- यह मशीन हार्ट में ब्लॉकेज से लेकर अन्य समस्या की सटीक जानकारी देती है। जिससे डॉक्टर का काम आसान बन जाता है। 4- जटिल सर्जरियां में भी मरीज में बेहतर रिजल्ट सामने आता है। 5- एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी के दौरान दी जाने डाई कम संख्या में दी जाएगी। तीसरी मंजिल में नई लैब तैयार गौरतलब है कि हमीदिया अस्पताल में यह आधुनिक कैथ लैब मशीन के लिए नए भवन ब्लॉक-1 की तीसरी मंजिल में नई लैब तैयार की गई है। जिसमें जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर इलेक्ट्रिकल काम पूरा हो चुका है। अब बाइ प्लेन कैथ लैब के आने का इंतजार है। जो 30 जुलाई को भारत और 10 अगस्त को हमीदिया अस्पताल पहुंचने की संभावना जताई गई है। मशीन को इंस्टॉल करने में एक हफ्ते का समय लगेगा, इसके बाद बचे हुए 13 दिन में अन्य जरूरी प्रक्रिया और ट्रायल चलेंगें।  

भोपाल के तालाब में पर्यावरण अनुकूल क्रूज की वापसी, इलेक्ट्रॉनिक इंजन से होगा संचालन

भोपाल  भोपाल के बड़ा तालाब में दो साल बाद एक बार फिर से क्रूज चलाने की तैयारी चल रही है। एनजीटी के आदेश के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब क्रूज को डीजल की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंजन (ईवी) से चलने की तैयारी की जा रही है। राजधानी भोपाल झीलों का शहर है यहां लोग तालाबों के किनारे पहुंचकर तरह-तरह के लुफ्त उठाते हैं। पिछले 2 साल से बड़ा तालाब में बंद पडे़ क्रूज को एक बार फिर से रन करने की तैयारी की जा रही है। यह क्रूज 2011 से चलाया जा रहा है, इसका नाम लेक प्रिंसेस (क्रूज) है। इसके साथ जलपरी (मोटर बोट) भी बंद हैं। दरअसल एनजीटी ने प्रदूषण का हवाला देते हुए इन पर रोक लगा दी है। अब मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी)  क्रूज को डीजल की जगह इलेक्ट्रॉनिक इंजन (ईवी) से चलने की तैयारी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक आने वाले समय में क्रूज न सिर्फ सैलानियों के साथ नजर आएगा, बल्कि मोटर बोट से लोग झील की लहरों पर फर्राटा भरेंगे।  इलेक्ट्रॉनिक इंजन लगाने से यह होगा फायदा एमपीटी के अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक क्रूज जहाज डीजल इंजन वाले क्रूज की तुलना में कम प्रदूषण करते हैं। और पर्यावरण पर कम प्रभाव डालते हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक क्रूज जहाजों को चलाने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे परिचालन लागत कम हो जाती है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक क्रूज जहाजों को चलाने में कम शोर होता है, जिससे यात्रियों को शांत और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलता है। इलेक्ट्रिक क्रूज जहाजों में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। बड़ी संख्या में पहुंचते हैं लोग राजधानी भोपाल स्थित बड़ा तालाब में हर दिन सैकड़ो की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश बोटिंग का लुत्फ भी उठाते हैं। क्रूज और मोटर बोट के जरिए बड़ी झील की लहरों को करीब से देखते हैं। इसके अलावा प्राइवेट नाव का संचालन भी यहां से होता है। क्रूज बंद होने से लोगों में मायूसी आ गई थी। हालांकि सरकार यहां पर जल्द ही शिकारे शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसी महीने 20 शिकारे बड़ा तालाब में शुरू हो जाएंगे।   अभी चल रही है तैयारी मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के एमडी डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि बड़ा तालाब में एनजीटी के आदेश के बाद क्रूज बंद कर दिए गए थे। अब हम पर्यावरण का ध्यान रखते हुए इलेक्ट्रिकल इंजन से क्रूज चलाने पर विचार कर रहे हैं। हम इसी महीने बड़े तालाब में शिकारे चलाना शुरु कर देंगे। 10 शिकारे पहुंच चुके हैं 10 और मांगे गए हैं।  

शेयर कीमतों में पंप एंड डंप स्‍कीम का यूज, सेबी की जांच के दायरे में BSE में लिस्‍टेड 200 कंपनियां

मुंबई  भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) मार्केट में हेरफेर से निपटने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहा है और भारतीय शेयर बाजार में कथित पंप-एंड-डंप की बड़े पैमाने पर जांच शुरू करेगा. एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 200 लिस्‍टेड कंपनियां बेखबर निवेशकों को शेयर की कीमतें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप में जांच के दायरे में हैं. आशंका है कि ये कंपनियां पंप एंड डंप के जरिए शेयर कीमतों में हेरफेर कर रही हैं.  बिजनेस टुडे के मुताबिक, सेबी ने पिछले तीन दिनों में 80 से ज्‍यादा जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है. नियामक ने 100 से ज्‍यादा कंप्यूटर्स और 150 मोबाइल फोनों से डेटा जब्त किया है, जो व्यापक डिजिटल जांच को दिखाता है. सेबी की ये व्‍यापक कार्रवाई निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कई महीनों से चलाए जा रहे एक व्‍यापक अभियान का हिस्‍सा है. अभी इस मामले में जांच जारी है.  जेन स्‍ट्रीट पर सेबी का बड़ा खुलासा Jane Street, एक ग्‍लोबल ट्रेडिंग फर्म है, जिसपर सेबी द्वारा रणनीतिक खरीद-बिक्री गतिविधियों के माध्यम से बैंक निफ्टी इंडेक्‍स में हेरफेर करने और कथित तौर पर रिटेल निवेशकों की कीमत पर भारी मुनाफा कमाने का आरोप लगाया गया है. सेबी के इस खुलासे के बाद भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों में खलबली मची है.   सेबी के अंतरिम आदेश ने Jane Street को भारतीय बाजारों में कारोबार करने से बैन कर दिया है. हालांकि कंपनी इन आरोपों से इनकार किया है और सेबी के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है. सोलोमन एंड कंपनी की पार्टनर किंजल चंपानेरिया ने उपलब्ध कानूनी विकल्पों के बारे में बताया, 'सेबी के 3 जुलाई 2025 के आदेश के अनुसार, सेबी ने कई शर्तें लगाई हैं और संस्थाओं से और जानकारी मांगी है. इनमें जमा राशि, कारोबार का विवरण, संपत्तियों का विवरण आदि शामिल हैं.'  जेन स्‍ट्रीट के बाद एक्‍शन कें सेबी  इस खुलासे के बाद सेबी ने कई और फर्मों की जांच शुरू की है. कुछ ट्रेडिंग फर्म पर सेबी बारीकी से नजर रख रही है. वहीं शेयर बाजार में ट्रेडिंग वैल्‍यूम में भी गिरावट देखी जा रही है. जेन स्‍ट्रीट पर खुलासे के बाद BSE को भी नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है. कुछ आंकड़ें कहते हैं कि BSE के EPS में 4 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है. 

सिंहस्थ‑2028 से पहले उज्जैन में बनेगा रेलवे स्टेशन से महाकाल तक 1.76 किमी रोपवे, 55 गोन्डोला के साथ

उज्जैन  सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में तैयारियां तेज हो गई हैं। रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोपवे चलाए जाएंगे। इसके लिए के लिए काम शुरु हो गया। रोपवे का ठेका डोप्पेलमेयर को दिया गया है। जो कि अपनी टेक्नोलॉजी के जरिए डिजाइन तैयार कर रही है। 1.7 किलोमीटर लंबा रोपवे होगा तैयार उज्जैन रेलवे स्टेशन से लेकर महाकाल मंदिर तक 1.7 किलोमीटर लंबा रोपवे तैयार किया जा रहा है। इसके रूट पर तीन स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यहां पर यात्री रोपवे के जरिए आना-जाना कर सकेंगे। जिसमें यात्री सीधा मंदिर में ही उतरेंगे। 1.7 किलोमीटर के रूट में 55 केबिन चलाए जाएंगे। जो कि दिन में 16 घंटे चलेंगे। इस दूरी को तय करने में सिर्फ 5-7 मिनट का समय लगेगा। रोपवे के लिए तीन स्टेशन बनेंगे महाकाल लोक की पार्किंग पर उतरकर नंदी द्वारा से सीधा महाकाल लोक में प्रवेश होगा। गणेश कॉलोनी में उतरने के बाद भक्त रूद्र सागर पर बने नए ब्रिज से सीधे महाकाल मंदिर के पास स्थित मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर पहुंचेंगे। रोपवे हरिफाटक ब्रिज के ऊपर से गुजरेगा। एक घंटे में 2 हजार कर सकेंगे दर्शन रोपवे प्रोजेक्ट को पूरा होने में 2026 तक का समय लगेगा। रोपवे में 3 स्टेशन, 13 टावर और 55 केबिन होंगे। रोपवे की क्षमता प्रति घंटे 2 हजार यात्री होगी। यह पूरे दिन में 16 घंटे तक चलेगा। पब्लिक सेफ्टी रहेगी प्राथमिकता उज्जैन में लगाया जा रहा रोपवे यूरोपीय मानकों पर आधारित है। सरकार के द्वारा पहले प्राथमिकता नागरिकों सुरक्षा रखी गई है। कंपनी की ओर से गारंटी दी जाती है कि किसी प्रकार की समस्या आने पर यह केबिन अपने आप ही स्टेशन पर पहुंच जाएगा।   

भारत 2050 तक बन जाएगा दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या वाला देश? रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली साल 2010 से 2020 के बीच मुस्लिम समुदाय दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला धार्मिक समूह बनकर उभरा है, जबकि ईसाई धर्म की वैश्विक जनसंख्या में हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि गिरावट के बावजूद ईसाई धर्म अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की एक ताजा रिपोर्ट '2010 से 2020 तक वैश्विक धार्मिक परिदृश्य कैसे बदला' में ये आंकड़े सामने आए हैं। इसमें ये भी कहा गया है कि अगले 25 सालों में भारत ऐसा देशा होगा जहां दुनिया के सबसे ज्यादा मुसलमान होंगे। मुस्लिम आबादी में रिकॉर्ड वृद्धि रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम आबादी में 34.7 करोड़ की वृद्धि हुई, जो अन्य सभी धर्मों की संयुक्त वृद्धि से अधिक है। वैश्विक स्तर पर मुस्लिमों की हिस्सेदारी 2010 में 23.9% से बढ़कर 2020 में 25.6% हो गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से जनसांख्यिकीय कारकों जैसे उच्च जन्म दर और युवा आबादी के कारण हुई। प्यू के वरिष्ठ जनसांख्यिकी विशेषज्ञ कॉनराड हैकेट ने बताया, "मुस्लिमों में बच्चों का जन्म मृत्यु दर से अधिक है, और उनकी औसत आयु (24 वर्ष) गैर-मुस्लिमों (33 वर्ष) की तुलना में कम है।" इसके अलावा, धर्म परिवर्तन का इस वृद्धि में बहुत कम योगदान है। मुस्लिम आबादी का सबसे अधिक विकास एशिया-प्रशांत क्षेत्र में देखा गया, जहां विश्व की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी निवास करती है। इस क्षेत्र में 2010 से 2020 के बीच मुस्लिम आबादी में 16.2% की वृद्धि हुई। मध्य पूर्व-उत्तर अफ्रीका क्षेत्र में मुस्लिम 94.2% आबादी का हिस्सा हैं, जबकि उप-सहारा अफ्रीका में यह 33% है। हिंदुओं की क्या है स्थित? रिपोर्ट में बताया गया कि हिंदू आबादी 2010 से 2020 के बीच 12% बढ़ी, जो वैश्विक जनसंख्या वृद्धि के लगभग बराबर है। 2020 में हिंदुओं की संख्या 1.2 अरब थी, जो वैश्विक आबादी का 14.9% है। भारत में हिंदू आबादी 2010 में 80% से थोड़ा घटकर 2020 में 79% रह गई, जबकि मुस्लिम आबादी 14.3% से बढ़कर 15.2% हो गई। भारत में मुस्लिम आबादी में 3.56 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि हिंदू धर्म में धर्म-परिवर्तन की दर अत्यंत कम है, और इनका प्रजनन दर वैश्विक औसत के बराबर है- इसी कारण इनकी हिस्सेदारी स्थिर बनी हुई है। प्यू की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू और यहूदी आबादी ने वैश्विक जनसंख्या वृद्धि के साथ तालमेल बनाए रखा। भारत, नेपाल और मॉरीशस में हिंदू सबसे बड़ा धार्मिक समूह हैं। हालांकि, भारत में हिंदुओं की हिस्सेदारी में मामूली कमी आई है, लेकिन यह अभी भी देश की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा है। तेजी से बढ़ रही है जनसंख्या  भारत में मुसलमानों की जनसंख्या हिंदुओं की तुलना में तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण उनकी कम औसत आयु और उच्च प्रजनन दर है. 2010 में, भारतीय मुसलमानों की औसत आयु 22 वर्ष थी, जबकि हिंदुओं की 26 वर्ष और ईसाइयों की 28 वर्ष थी. इसी तरह प्रति मुस्लिम महिला औसतन 3.2 बच्चे होते हैं, जबकि हिंदू महिलाओं में यह आंकड़ा 2.5 और ईसाई महिलाओं में 2.3 है. इन्हीं कारकों के कारण भारत में मुस्लिम आबादी 2010 में 14.4% से बढ़कर 2050 तक 18.4% तक पहुंचने का अनुमान है. हालांकि, 2050 तक हिंदुओं की संख्या भारतीय जनसंख्या का तीन-चौथाई (76.7%) से अधिक बनी रहेगी. दिलचस्प बात यह है कि 2050 में भारत में हिंदुओं की संख्या दुनिया के पांच सबसे बड़े मुस्लिम देशों (भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, नाइजीरिया और बांग्लादेश) की कुल मुस्लिम आबादी से भी अधिक होगी. जानें कितनी होगी ईसाइयों की संख्या भारत में कई छोटे धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय भी हैं. 2010 में, देश की कुल जनसंख्या का लगभग 2.5% ईसाई थे. 2050 तक भारत में ईसाइयों की जनसंख्या घटकर 2.2% रहने की संभावना है. हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में धार्मिक विविधता बनी रहेगी, और सभी समुदायों की उपस्थिति देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखेगी. ईसाई धर्म में कमी, 'नास्तिक' बढ़े विश्व में ईसाइयों की संख्या 2.18 अरब से बढ़कर 2.3 अरब हो गई, लेकिन उनकी वैश्विक हिस्सेदारी 30.6% से घटकर 28.8% रह गई। यह कमी मुख्य रूप से धार्मिक परित्याग के कारण हुई, खासकर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, और ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रों में। हैकेट के अनुसार, "प्रत्येक व्यक्ति जो वयस्क होने पर ईसाई बनता है, उसके मुकाबले तीन लोग, जो ईसाई धर्म में पले-बढ़े, इसे छोड़ देते हैं।" इसके विपरीत, धार्मिक रूप से असंबद्ध या 'नास्तिक' लोगों की संख्या 27 करोड़ बढ़कर 1.9 अरब हो गई, जो वैश्विक आबादी का 24.2% है। यह समूह मुस्लिमों के बाद दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला समूह है। विशेष रूप से, एशिया-प्रशांत क्षेत्र, खासकर चीन, में 78.3% 'नास्तिक' आबादी रहती है। बौद्ध धर्म की गिरावट रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि प्रमुख धार्मिक समूहों में बौद्धों की संख्या ही ऐसी थी जिसमें गिरावट दर्ज की गई। इसका कारण चीन में जनसंख्या की वृद्धावस्था और जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट को माना गया है, जहां बौद्धों की संख्या सर्वाधिक है। ईसाई क्यों हुए कम? ईसाइयों की वैश्विक जनसंख्या हिस्सेदारी में गिरावट का मुख्य कारण "धर्म-परित्याग" बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में ईसाई धर्म को छोड़ रहे हैं, खासकर यूरोप और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में। यह गिरावट इतनी व्यापक है कि यह ईसाइयों की उच्च प्रजनन दर के लाभ को भी पछाड़ देती है। धर्म-परिवर्तन के मामले में हिंदू और मुस्लिम सबसे स्थिर Pew की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि धर्म-परिवर्तन की दृष्टि से हिंदू और मुस्लिम समुदाय सबसे स्थिर हैं। औसतन 100 में से केवल एक वयस्क ही ऐसा होता है जो मुस्लिम या हिंदू धर्म छोड़ता है या इनमें शामिल होता है। भविष्य की संभावनाएं प्यू रिसर्च के अनुसार, यदि वर्तमान जनसांख्यिकीय रुझान जारी रहे, तो 2050 तक मुस्लिम आबादी (2.8 अरब) और ईसाई आबादी (2.9 अरब) लगभग बराबर हो सकती है। भारत 2050 तक विश्व की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश बन सकता है, जो इंडोनेशिया को पीछे छोड़ देगा। हिंदू आबादी के 1.4 अरब तक पहुंचने का अनुमान है, जो वैश्विक आबादी का लगभग 14.9% होगा। क्यों बढ़ रही है मुस्लिम आबादी? मुस्लिम समुदाय में तेजी से जनसंख्या वृद्धि का कारण उनकी औसतन युवा आबादी और उच्च प्रजनन दर है। 2010 में … Read more

तिरुपति में 1000 गैर-हिंदू कर्मचारी कार्यरत, उठी तुरंत हटाने की मांग

तिरुपति केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में गैर-हिंदू कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 1,000 गैर-हिंदू भगवान वेंकटेश्वर में आस्था रखे बिना या सनातन धर्म का पालन किए बिना टीटीडी में काम कर रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने सवाल किया, 'अगर गैर-हिंदू कर्मचारियों की भर्ती पहले हुई थी, तो अब तक इसमें बदलाव क्यों नहीं किया गया?' भाजपा नेता ने आग्रह किया कि इसमें कई छिपी हुई गड़बड़ियां हो सकती हैं। इसकी गहन जांच होनी चाहिए।  'टीटीडी को तुष्टिकरण की राजनीति का मंच नहीं बनना चाहिए' अपने जन्मदिन के मौके पर तिरुमला मंदिर में पूजा करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'टीटीडी में 1000 से अधिक गैर-हिंदू कर्मचारी क्यों हैं? क्या कभी मस्जिदों या चर्चों में हिंदुओं को नौकरी मिलती है? यह नफरत की बात नहीं है, यह धर्म की बात है। टीटीडी को तुष्टिकरण की राजनीति का मंच नहीं बनना चाहिए।' केंद्रीय मंत्री ने कहा- टीटीडी का स्पष्ट हो मिशन उन्होंने कहा कि टीटीडी का मिशन स्पष्ट होना चाहिए- मंदिरों का विकास करना, परंपराओं की रक्षा करना और मंदिरों से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां केवल हिंदुओं को ही सौंपनी चाहिए। बंदी संजय कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान  सवाल उठाया, 'जो गैर-हिंदू भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में आते हैं, उन्हें यह बताना होता है कि वे भगवान में आस्था रखते हैं। फिर ऐसे में यह कैसे हो रहा है कि करीब 1,000 गैर-हिंदू कर्मचारी, जो भगवान में विश्वास नहीं रखते, टीटीडी में नौकरी कर रहे हैं?' उन्होंने हाल ही में हुए एक मामले का जिक्र किया जिसमें एक व्यक्ति को निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि यह पाया गया कि वह टीटीडी का कर्मचारी होने के बावजूद नियमित रूप से चर्च जा रहा था। 'टीटीडी किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है' केंद्रीय मंत्री बी. संजय ने कहा कि टीटीडी किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं है, यह केवल हिंदुओं की धार्मिक संस्था है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि सभी को 'सनातन धर्म' की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने टीटीडी अध्यक्ष से यह भी आग्रह किया कि वह तेलंगाना के कोण्डागट्टू, करीमनगर, वेमुलावाड़ा और इल्लंताकुंटा के मंदिरों के विकास पर ध्यान दें। चर्च में प्रार्थना करने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई गौरतलब है कि टीटीडी ने 3 जुलाई को अपने सहायक कार्यकारी अधिकारी ए. राजशेखर बाबू को निलंबित कर दिया, क्योंकि वे तिरुपति जिले के पुत्तूर में हर रविवार चर्च की प्रार्थना में भाग ले रहे थे। टीटीडी के अनुसार, 'एक हिंदू धार्मिक संस्था के कर्मचारी के रूप में उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया है।' पहले भी 18 कर्मचारियों पर हुई थी कार्रवाई इससे पहले फरवरी 2025 में टीटीडी ने कुल 18 कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी, जो गैर-हिंदू धार्मिक परंपराओं में भाग ले रहे थे। यह कार्रवाई टीटीडी के नए अध्यक्ष बी. आर. नायडू के उस एलान के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि टीटीडी और इससे जुड़े संस्थानों में केवल हिंदू ही कार्य कर सकते हैं।  जांच की कर रहे मांग राज्य मंत्री ने इस बात की जांच की मांग की कि बोर्ड में कितने गैर-हिंदू कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू श्रद्धालुओं में गंभीर चिंता के बावजूद अभी तक कोई जांच क्यों नहीं शुरू की गई है। अपने जन्मदिन के अवसर पर बंदी संजय कुमार ने परिवार के सदस्यों के साथ भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। शांति, समृद्धि और सनातन धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने प्रार्थना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु होने की कामना भी की। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कुमार को जन्मदिन की बधाई दी। शाह ने भी व्यक्तिगत रूप से फ़ोन करके उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुमार ने सभी भक्तों और नागरिकों से सनातन धर्म की रक्षा और टीटीडी जैसी पवित्र संस्थाओं की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

वैश्विक निवेश को साधने निकले सीएम मोहन यादव, 19 जुलाई तक विदेश में रहेंगे सक्रिय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन के दौरे पर रहेंगे हुए रवाना । यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने और विदेशी कंपनियों को प्रदेश में उद्योग, टेक्सटाइल, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में साझेदारी के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर है । यह दौरा मध्यप्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम होगा। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा।  16 से 19 जुलाई तक स्पेन दौरे पर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई के बाद 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की स्पेन यात्रा का एक बड़ा फोकस पर्यटन और हेरिटेज हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी रहेगा। निवेश पर रणनीतिक संवाद होगा  इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री का उद्देश्य निवेश के जरिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। बता दें इससे पहले सीएम यूके से लेकर जापान गए थे। मुख्यमंत्री ने कहना है कि इन यात्राओं के जरिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई को भोपाल से दुबई के लिए रवाना हुए जहां वे 15 जुलाई तक रहेंगे। इसके बाद 16 से 19 जुलाई तक वे स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि ये यात्रा मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के साथ निवेशकों को आमंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसे खुद लीड कर रहे हैं, वे अलग अलग शहरों में जाकर मध्य प्रदेश की विशेषताएं, यहाँ उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देकर निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं साथ ही विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रित कर रहे हैं जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ यादव एक बार फिर निवेशकों को मध्य प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। राज्य शासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर रवाना । यह दौरा मध्य प्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दुबई में मुख्यमंत्री निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल कॉउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दुबई प्रवास पर इन बड़े ग्रुपों से करेंगे चर्चा  निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा। 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर, बार्सिलोना में करेंगे संवाद  दुबई के बाद सीएम डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। MP की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनेगी यात्रा  सरकार के अनुसार इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य निवेश के ज़रिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। यह निवेश यात्राएं मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनती जा रही हैं। पिछले वर्ष की थी यूके, जर्मनी, जापान की यात्रा  उल्लेखनीय है कि यूके, जर्मनी , जापान और अब दुबई से लेकर स्पेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सतत प्रयास मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी संकल्प का प्रमाण है। इन यात्राओं के ज़रिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्यप्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं। निवेश और रोजगार पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री दुबई में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के लोगों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश की उद्योग नीति और निवेश के मौके पर जानकारी देंगे। दुबई मिडिल ईस्ट का बड़ा व्यापारिक शहर है और वहां से प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज़्म जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने की कोशिश होगी। वहीं स्पेन में मुख्यमंत्री ऑटोमोबाइल, शिप मेकिंग और फैशन इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। स्पेन की डिजाइन, मशीनरी और … Read more