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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया

दुबई प्रवास का दूसरा दिन भारतीय दूतावास स्तर पर स्थाई संपर्क तंत्र विकसित करने पर सहमति मध्यप्रदेश की छवि ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर स्थापित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया एमपी डे से लेकर ईवी और पर्यटन तक कई सेक्टर्स पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कॉउन्सल जनरल ने की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के तीन दिवसीय दुबई दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय कॉउन्सल जनरल श्री सतीश कुमार सिवन द्वारा आयोजित ब्रेकफास्ट ब्रीफिंग से हुई। बैठक में भारतीय दूतावास स्तर पर एक स्थाई संपर्क तंत्र विकासित किये जाने पर  सहमति बनी जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच संस्थागत संवाद के निरंतरता बने रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की छवि ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने में भारतीय मिशन की निर्णयाक भूमिका हो सकती है। ताज बिजनेस बे स्थित बॉम्बे ब्रैसरी में इस मुलाकात में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यूएई में भारत की विभिन्न गतिविधियों और संभावित सहयोग क्षेत्रों की जानकारी दी गई। बैठक के दौरान जिन विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई, उनमें मध्यप्रदेश प्रवासी व्यवसायियों को निवेश के लिए प्रेरित करने के विशेष प्रयास, दुबई-मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं और दुबई में “एमपी डे” आयोजित करने के लिए भारतीय मिशन की भागीदारी जैसे अहम विषय शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि दुबई के प्रमुख औद्योगिक समूहों से मध्यप्रदेश उद्योग विभाग के सीधे संपर्क के लिए मिशन स्तर पर समन्वय किया जाएगा। साथ ही कृषि, टेक्सटाइल, ईवी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में कॉन्सुलेट की अगुवाई में सेक्टर-विशेष राउंडटेबल आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी प्रस्तावों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिया। कॉउन्सल जनरल श्री सिवन ने जानकारी दी कि दुबई में कार्यरत मध्यप्रदेश मूल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम से जुड़े व्यवसायियों की पहचान कर उन्हें प्रदेश सरकार की अनुकूल नीतियों से जोड़ा जा सकता है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं रेखांकित की गईं, जिसमें विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सौर ऊर्जा से जुड़ी संस्थाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन सभी प्रस्तावों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिया और कहा कि मध्यप्रदेश की छवि को ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने में भारतीय मिशन की भूमिका निर्णायक हो सकती है। ब्रीफिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जून में महंगाई छह साल के सबसे निचले स्तर पर, खाने-पीने के सामान सस्ते होने से राहत

नई दिल्ली जून महीने के रिटेल महंगाई घटकर 2.10% पर आ गई है। ये 77 महीने का निचला स्तर है। इससे पहले जनवरी 2019 में ये 2.05% रही थी। वहीं मई 2025 में ये 2.82% और अप्रैल 2025 में रिटेल महंगाई 3.16% पर थी। खाने-पीने के सामान की कीमतों में लगातार नरमी के कारण रिटेल महंगाई घटी है। आज यानी 14 जुलाई को रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। रिटेल महंगाई फरवरी से RBI के लक्ष्य 4% से नीचे है। महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर देश की जनता के लिए एक अच्छी खबर आई. सरकार की ओर से जून महीने में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation In June) का आंकड़ा जारी किया गया, जो राहत भरा है. दरअसल, मई के 2.82 फीसदी की तुलना में जून में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) गिरकर 2.10 फीसदी पर आ गई और ये आंकड़ा महंगाई का छह साल का निचला स्तर है. खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी का असर महंगाई पर देखने को मिला है. दूध, मसाले, दाल और सब्जियों समेत अन्य चीजों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है.  खाद्य महंगाई घटने का असर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को महंगाई दर के आंकड़े जारी करते हुए कहा गया है कि CPI में ये गिरावट खाद्य महंगाई दर (Food Inflation) में आई बड़ी कमी के चलते देखने को मिली है. जून महीने में खासतौर पर सब्जियों, दालों और इससे संबंधित उत्पादों के साथ ही मांस और मछली, अनाज, चीनी और मिठाई, दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स के अलावा मसालों की कीमतें घटी हैं.  जून में खाने-पीने के सामानों की कीमत घटी     महंगाई के बास्केट में लगभग 50% योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है। इसकी महीने-दर-महीने की महंगाई 0.99% से घटकर माइनस 1.06% हो गई है।     जून महीने में ग्रामीण महंगाई दर 2.59% से घटकर 1.72% हो गई है। वहीं शहरी महंगाई 3.12% से घटकर 2.56% पर आ गई है। 2019 के बाद सबसे कम महंगाई सरकार की ओर से Inflation के आंकड़े जारी करते हुए बयाता गया मई की तुलना में जून महीने में खुदरा महंगाई दर 72 बेसिस पॉइंट कम हुई है और यह जनवरी 2019 के बाद सालाना आधार पर सबसे कम है और ये लगातार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 फीसदी के मध्यम अवधि टारगेट से नीचे बनी हुई है. ये लगातार पांचवां महीना है, जबकि Retail Inflation इस दायरे से नीचे है. वहीं देश में लगातार 8वें महीने खुदरा महंगाई दर सेंट्रल बैंक की अपर लिमिट 6% से नीचे रही है.इस बीच ग्रामीण महंगाई दर -0.92% और शहरी क्षेत्रों में महंगाई -1.22% है.  RBI ने जताया है ये अनुमान गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल की शुरुआत से अब तक लगातार तीन बार ब्याज दरों में कटौती (Repo Rate Cut) किया है और जून महीने में हुई एमपीसी बैठक के बाद इसमें 50 फीसदी कटौती का ऐलान किया गया था, जिसके बाद ये 5.5 फीसदी रह गया है. RBI ने रेपो रेट कट का ऐलान करते हुए कहा था कि महंगाई में उल्लेखनीय कमी आई है और उम्मीद है कि यह जारी रहेगी. इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने FY26 के लिए अपने खुदरा महंगाई दर (CPI) पूर्वानुमान को अप्रैल के 4% से संशोधित करते हुए 3.70% फीसदी कर दिया था.  विश्लेषकों का मानना है कि जरूरी सामानों की बेहतर आपूर्ति और सरकार द्वारा खाद्य भंडार के बेहतर प्रबंधन ने कीमतों में बढ़ोतरी को कंट्रोल करने में मदद मिली है.  महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी। इस तरह बाजार महंगाई की चपेट में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो बाजार में पैसों का अत्यधिक बहाव या चीजों की शॉर्टेज महंगाई का कारण बनता है। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। CPI से तय होती है महंगाई एक ग्राहक के तौर पर आप और हम रिटेल मार्केट से सामान खरीदते हैं। इससे जुड़ी कीमतों में हुए बदलाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI करता है। हम सामान और सर्विसेज के लिए जो औसत मूल्य चुकाते हैं, CPI उसी को मापता है। कच्चे तेल, कमोडिटी की कीमतों, मैन्युफैक्चर्ड कॉस्ट के अलावा कई अन्य चीजें भी होती हैं, जिनकी रिटेल महंगाई दर तय करने में अहम भूमिका होती है। करीब 300 सामान ऐसे हैं, जिनकी कीमतों के आधार पर रिटेल महंगाई का रेट तय होता है।  

हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गाइडलाइन जरूरी बताई

नई दिल्ली सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है. शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले वजाहत खान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने लोगों के लिए भी सोशल मीडिया पोस्ट पर गाइडलाइन की जरूरत बताई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिक खुद संयम क्यों नहीं रख सकते? सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मोल समझना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करेंगे, तो राज्य हस्तक्षेप करेगा. कोई नहीं चाहता कि राज्य हस्तक्षेप करे. उचित प्रतिबंध सही हैं, यह 100% पूर्ण अधिकार नहीं हो सकता, लेकिन नागरिक इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं. वे बस एक बटन दबाते हैं और सब कुछ ऑनलाइन पोस्ट हो जाता है. ऐसे मामलों से क्यों अदालतें पटी पड़ी हैं? नागरिकों के लिए क्यों ना दिशा निर्देश हों? हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तीन अन्य राज्यों में वजाहत खान को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की अवधि बढ़ा दी. खान को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई पर रोक लगा दी थी  जस्टिस बीवी नागरत्ना ने अमेरिका का दिया उदाहरण जस्टिस बी वी नागरत्ना ने नागरिकों के लिए नियमन और दिशा-निर्देश बनाने की वकालत की और केंद्र तथा राज्य सरकारों से इस पर विचार करने को कहा. जस्टिस नागरत्ना ने अमेरिका का उदाहरण दिया, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ बोलने की विषय-वस्तु पर भी ध्यान दिया जाता है. जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि राय रखना एक बात है, लेकिन उसे किसी खास तरीके से कहना एक दुरुपयोग है. कभी-कभी यह अभद्र भाषा के संदर्भ में अदालत में नहीं आएगा. नागरिकों के बीच भाईचारा होना चाहिए, तभी यह सारी नफ़रत कम होगी.  पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के अलावा दूसरे राज्यों में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी. आरोपी वजाहत खान ने अपने खिलाफ कई राज्यों में दर्ज मुकदमों को एक जगह ट्रांसफर किए जाने की मांग की है. वजाहत खान के खिलाफ असम , पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई है. शर्मिष्ठा पनोली का क्या है मामला कोलकाता पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर गुरुग्राम से शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार किया था. सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पर आरोप है कि उसने सांप्रदायिक टिप्पणियों वाला एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें दावा किया गया था कि बॉलीवुड अभिनेता ऑपरेशन सिंदूर पर चुप्पी साधे हुए हैं. इसके बाद कोलकाता की एक अदालत ने पनोली को 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. सोशल मीडिया ‘कंटेंट क्रिएटर' शर्मिष्ठा पनोली की गिफ्तारी ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी थी. कई लोग उसकी गिरफ्तारी को जायज ठह रहे थे तो कई नाजायज. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कई लोग शर्मिष्ठा के समर्थन में नजर आए तो कुछ उनके खिलाफ. कंटेंट क्रिएटर की गिरफ्तारी पर बंगाल सरकार और पुलिस दोनों की आलोचना भी हुई. आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी पश्चिम बंगाल पुलिस से सोशल मीडिया ‘कंटेंट क्रिएटर' शर्मिष्ठा पनोली के मामले में "न्यायसंगत" कार्रवाई करने की अपील की थी. इस मामले में जमकर सियासत भी हुई. बेंच ने कहा कि नफरती भरे भाषणों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन ये भी सुनिश्चित करने की जरूरत होगी कि किसी की भी बोलने की आजादी को कुचला न जाए. लोगों को भी अभिव्यक्ति की अधिकार का महत्व समझना चाहिए. यह अधिकार बेशकीमती है. बेंच ने कहा कि लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मूल्य समझना चाहिए. राज्य को हर बार बीच में आकर कार्रवाई करनी पड़े, ये स्थिति नहीं होनी चाहिए. हेट स्पीच जैसे कंटेंट पर कुछ नियंत्रण ज़रूरी है. आम नागरिकों को भी ऐसे कंटेंट को शेयर करने, प्रमोट या लाइक करने से बचना चाहिए.  वजहात खान को कोर्ट से मिली राहत  वजहात खान के वकील ने कोर्ट में पुराने ट्वीट्स के लिए माफी मांगी. वकील ने कहा कि मेरी शिकायत ही मेरे लिए मुश्किल बनते जा रही है. मैंने इसके लिए माफी मांग ली है. लेकिन मैं बस यही चाहता हूं कि कोर्ट देखे कि FIR वाकई उन्हीं ट्वीट्स से जुड़ी है या नहीं. कोर्ट ने कहा कि हर बार नया FIR और जेल में डालने का क्या मतलब है? इससे कोई समाधान नहीं निलकलेगा. कोर्ट की बड़ी टिप्पणी न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि अब पोस्ट डिलीट करने का कोई मतलब नहीं है, एक बार जो इंटरनेट पर चीजें डल जाती हैं वो हमेशा के लिए रहती हैं. अभिव्यक्ति की आजादी बहुत ही अहम मौलिक अधिकार है. लेकिन इसका दुरुपयोग करने से बस अदालतों में भीड़ बढ़ती है.  पिछली सुनवाई में क्या हुआ? 24 जून को हुई पिछली सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एजी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने केंद्र सरकार और असम, दिल्ली, हरियाणा और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था. यह नोटिस वजाहत खान की याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज सभी FIR को एक साथ जोड़ने की मांग की गई. वजाहत खान पर क्या आरोप हैं? वजाहत खान पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट किए जो कथित तौर पर धार्मिक घृणा और साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा देते हैं. उनके खिलाफ कई राज्यों में FIR दर्ज हुई हैं. 9 जून को वजाहत खान को गिरफ्तार किया गया था. एक FIR में वे पुलिस हिरासत में हैं और दूसरी FIR में न्यायिक हिरासत में.

महाकाल की चांदी की पालकी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 1 लाख से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

उज्जैन  सावन के पहले सोमवार पर उज्जैन में भगवान महाकाल नई पालकी में प्रजा का हाल जानने निकले। ये पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर निकाली जा रही है। सवारी शिप्रा नदी तक जाएगी। यहां महाकाल का पूजन किया जाएगा। इसके बाद रात करीब 7 बजे पालकी मंदिर वापस आएगी। सवारी में भजन मंडलियों नाचते-गाते आगे बढ़ रही हैं। इससे पहले तड़के 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए थे। कपाट रात 10 बजे शयन आरती तक खुले रहेंगे। दाेपहर 3 बजे तक 1 लाख 15 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इधर, खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। महाकाल को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन मनमहेश स्वरूप में होने के बाद सवारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची। यहां पर पुलिस द्वारा श्री महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।  सीएम मोहन यादव ने महाकाल के श्री चरणों में किया नमन सीएम मोहन यादव विदेश यात्रा पर हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सावन के पहले सोमवार के पावन अवसर पर आज उज्जैन में अपने भक्तों का कुशलक्षेम जानने हेतु बाबा महाकाल भ्रमण पर धूमधाम से निकलने वाले हैं। उनके श्री चरणों में नमन एवं वंदन।  चांदी की नई पालकी में सवारी महाकाल चांदी की नई पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब 10 साल बाद सवारी में नई पालकी को शामिल किया गया है। नवंबर में छत्तीसगढ़ के एक भक्त ने गुप्तदान के रूप में मंदिर समिति को यह पालकी भेंट की थी।  कई नृत्यदलों की प्रस्तुति बाबा महाकाल की सवारी में सीधी के घसिया बाजा, हरदा के ढांडल नृत्य दल,सिवनी के गुन्नूरसाई नृत्यदल आगे-आगे चलेंगे। विभिन्न जनजातियों के समुहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी का भव्य रूप   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप सवारी में नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर है।  बाबा महाकाल की सवारी के दौरान रामघाट पर वैदिक उद्घोष के लिए दत्ता अखाड़ा क्षेत्र में बटुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सभा मंडप में शुरू हुआ पूजन अर्चन  महाकालेश्वर मंदिर के सभागृह में बाबा महाकाल के मनमहेश स्वरूप का पूजन अर्चन शुरू हो चुका है। मंदिर के शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम गुरु के द्वारा यह पूजन अर्चन किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक महेश परमार के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि भगवान का पूजन अर्चन कर रहे हैं।  12 स्थानों से होते हुए गुजरेगी महाकाल की सवारी बाबा महाकाल की सवारी महाकाल चौराहे से शुरू होगी। इसके बाद गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, रामघाट, मोड़  की धर्मशाला, कार्तिक चौक से होते हुए सत्यनारायण मंदिर पहुंचेगी। बाद में सवारी छत्रीचौंक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए महाकाल मंदिर वापस आएगी। यहीं पर सवारी यात्रा का समापन होगा। बाबा महाकाल के छह स्वरूप  महाकाल सवारी 2025 में बाबा महाकाल के छह स्वरूप होंगे। आज पहली सवारी निकलेगी। इसके बाद  18 अगस्त को अंतिम राजसी सवारी श्री सप्तधान मुखारविंद स्वरूप में निकाली जाएगी, जिसमें बाबा का राजसी शृंगार किया जाएगा। सभी सवारियां श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएंगी।  सवारी में शामिल होंगे मंत्री  महाकाल की पहली सवारी में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पंचायत  एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल शामिल होंगे। वे महाकाल मंदिर के सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करेंगे। पालकी को कंधा देकर नगर भ्रमण के लिए रवाना करेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचे 11 लाख श्रद्धालु  श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे हैं। 7 से 13 जुलाई 2025 के बीच 11 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।  अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। रायसेन के भोजपुर में 11 बजे तक करीब 40 हजार भक्त भोजेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर चुके थे। भोपाल के बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर, छतरपुर के जटाशंकर धाम में भी भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जा रही है। खजुराहो में भक्त 18 फीट ऊंचे मतंगेश्वर महादेव का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। नर्मदापुरम में सेठानी घाट से कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़िए नर्मदा जल लेकर पचमढ़ी जाएंगे, जहां जटाशंकर महादेव का अभिषेक करेंगे।

KGMU पहुंचें मुख्यमंत्री योगी, 900 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में सोमवार को 941 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 92 बेड के कार्डियोलाॅजी आईसीयू भवन और 340 बेड के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 300 बेड की क्षमता वाले जनरल सर्जरी विभाग के नए भवन, 500 बेड वाले ट्रामा-2 भवन, नए प्रशासनिक भवन, 450 बिस्तरों की क्षमता वाला पांच मंजिला डायग्नोस्टिक सेंटर और 14 नए कमरों वाले गेस्ट हाउस शिलान्यास भी किया। इस माैके पर स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद और प्रो केके सिंह मौजूद रहे . अत्याधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में एक ही छत के नीचे आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, पीडियाट्रिक सर्जरी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं होंगी। सात मंजिला भवन में 220 बेड आर्थोपेडिक्स, 60-60 बेड स्पोर्ट्स और पीडियाट्रिक आर्थो, 24 HDU बेड, 8 ऑपरेशन थिएटर, और 24 प्राइवेट रूम होंगे। नए कार्डियोलॉजी ब्लॉक से लारी कार्डियोलॉजी ICU की क्षमता 84 से बढ़कर 180 बेड हो जाएगी। इसमें दो कैथ लैब, 6 ईको मशीन, 96 बेड साइड मॉनिटर, 120 सिरिंज पंप और एडवांस कार्डियोलॉजी उपकरण शामिल होंगे। हड्डी का एक छत के नीचे पूरा इलाज केजीएमयू के आठ मंजिला सेंटर फॉर आर्थोपैडिक्स एवं सुपर स्पेशिलयालिटी भवन में एक छत के नीचे डॉक्टर की सलाह, जांच व भर्ती होगी। लगभग 86 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस भवन में कुल 340 बेड होंगे। जिसमें 24 प्राइवेट रूम शामिल हैं। 24 आईसीयू बेड हैं। आठ ऑपरेशन थिएटर हैं। आठ ओपीडी रूम हैं। आर्थोपैडिक्स सर्जरी, पीडियाट्रिक आर्थोपैडिक्स, स्पोर्ट मेडिसिन विभाग हैं। बोन बैंक के लिए भी स्थान तय है। रेडियोडायग्नोसिस व पैथोलॉजी सेंटर भी है। सिटी स्कैन, एक्सरे मशीन लग गई है। सस्ती दवाओं के लिए एचआरएफ काउंटर है। यहां आर्थोप्लास्ट, नी-हिप रिप्लेसमेंट आधुनिक सुविधा है। 500 बेड ट्रॉमा टू का शिलान्यास मुख्यमंत्री गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए ट्रॉमा टू का शिलान्यास करेंगे। इसमें 500 बेड होंगे। इसमें घायलों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जाएगा। जबकि पुराने ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पेसेन्ट यूटिलिटी काम्पेक्स भी बनेगा। इन पर करीब 296 करोड़ रुपए की लागत से ट्रॉमा-2 तैयार किया जाएगा। मौजूदा समय में ट्रॉमा सेंटर में करीब 466 बेड हैं। प्रदेश भर से मरीज आ रहे हैं। बेड फुल होने की दशा में मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। 300 बेड होंगे जनरल सर्जरी विभाग में मुख्यमंत्री जनरल सर्जरी विभाग का नवीन भवन का शिलान्यास करेंगे। 9.62 एकड़ में तैयार होने वाली बिल्डिंग में 300 बेड होंगे। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा होगी। 315 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। 11 मंजिला भवन बनेगा। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। जिसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। 48 करोड़ रुपए की लागत से नवीन प्रशासनिक भवन बनेगा। डायग्नोस्टिक सेन्टर एवं पीआरए फैसेलिटी ब्लॉक बनेगा। इस पर करीब 48 करोड रुपए खर्च होंगे। न्यू गेस्ट हाउस का विस्तार का भी शिलान्यास करेंगे। किरकिरी के बाद बदला फैसला लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार जनरल सर्जरी विभाग की नई बिल्डिंग शताब्दी भवन के पास बनेगी। केजीएमयू प्रशासन इस भवन को दूसरी जगह शिफ्ट कराना चाह रहा था। इसको लेकर काफी पत्राचार भी किया। इससे शासन प्रशासन की काफी किरकिरी भी हुई। अधिकारियों का कहना है कि भवन की डिजाइन, नक्शा, निर्माण एजेंसी व बजट पास होने के बाद स्थान बदलने की कवायद उचित नहीं थी। इसमें समय की बर्बादी थी। नए स्थान पर भवन बनाने के लिए फिर से मिट्टी की जांच, नक्शा आदि पास कराना पड़ता। इससे निर्माण में देरी होती। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता। दो बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास मुख्यमंत्री 500 बेड वाले ट्रॉमा-2 सेंटर और 300 बेड की क्षमता वाले जनरल सर्जरी विभाग का शिलान्यास भी करेंगे। ट्रॉमा सेंटर पर 296 करोड़, जबकि जनरल सर्जरी भवन पर 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जनरल सर्जरी भवन में 12 ऑपरेशन थिएटर, जिनमें एक एडवांस रोबोटिक ओटी शामिल है, और दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग भी होगी।

आज होगा शुभांशु का पुनर्जन्म सा आगमन, माता-पिता ने भोलेनाथ को कहा धन्यवाद

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 18 दिन बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से वापसी करेंगे। शुभांशु  Axiom-4 मिशन के तहत तीन अन्य साथियों के साथ अंतरिक्ष यात्रा पर हैं। कुछ ही घंटे में उनका सफर वापस पृथ्वी के लिए शुरू होने वाला है। इधर, लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला और मां आशा शुक्ला बेसब्री से बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में पिता ने कहा कि हम काफी उत्साहित हैं। बेटे के स्वागत के लिए तैयार हैं। आज शाम को अनडॉकिंग होगी। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि उनका मिशन पूरा हो गया है। सभी को उनके लौटने का इंतजार है। उन्होंने आगे कहा कि हम सुबह मंदिर गए। घर पर भी पूजा-अर्चना की। हमने भोलेनाथ से प्रार्थना की है कि वे हमें आशीर्वाद दें कि बेटा और उसके साथ पृथ्वी पर सुरक्षित उतरें। हमें उन पर बहुत गर्व है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा बेटा इतनी ऊंचाइयों को छुएगा। हमें लगता है कि हम भाग्यशाली हैं कि हमारे घर ऐसा बेटा पैदा हुआ। जिसके नाम से हम लोग जाने जाते हैं। शुभांशु की मां आशा कहती हैं कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करें। जल्द से जल्द धरती पर वापस आकर हमसे मिलें। हम उनका भव्य स्वागत करेंगे।  हमारा बच्चा सकुशल वापस आ जाए: शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि हम बहुत उत्साहित हैं। हमें यह जानकर बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारा बच्चा 17-18 दिनों बाद वापस आ रहा है… अगर हमारा बस चलता, तो हम उससे मिलने वहां दौड़ पड़ते। लेकिन यह संभव नहीं है। बहुत उत्साह है… आज भगवान शिव के लिए एक खास दिन है। हम सुबह जल्दी उठे और मंदिर गए। हमने भगवान शिव का अभिषेक किया। हमने भगवान से प्रार्थना की कि हमारा बच्चा सकुशल वापस आ जाए और धरती पर उतरने के बाद उसे कोई नुकसान न पहुंचे। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की बहन शुचि मिश्रा ने कहा कि आज फिर से हम वही भावनाएं महसूस कर रहे हैं जो उस दिन थीं जब वह मिशन पर गए थे। जब वह वापस आएंगे तो हम खूब जश्न मनाएंगे। हर दिन हम प्रार्थना करते थे और ईश्वर का धन्यवाद करते थे। जब हमने उनसे बात की, तो वह बहुत खुश लग रहे थे… एक पायलट और अब एक अंतरिक्ष यात्री होने के नाते, उन्होंने हमारे देश की अलग ही खूबसूरती देखी होगी और इसमें कोई शक नहीं कि 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा'। बता दें, चालक दल 14 जुलाई को भारतीय समयानुसार सायं 4:35 बजे आईएसएस से अनडॉक होगा और 15 जुलाई, मंगलवार को भारतीय समयानुसार सायं 3 बजे कैलिफोर्निया के तट के निकट प्रशांत महासागर में उतरेगा। रविवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर चालक दल के सदस्यों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहां शुभांशु शुक्ला ने एक भावपूर्ण भाषण दिया जिसमें उन्होंने अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के प्रसिद्ध शब्दों को दोहराया और कहा कि आज का भारत अभी भी सारे जहां से अच्छा दिखता है। उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब चालक दल के सदस्यों ने अंग्रेजी और अपनी मूल भाषाओं में विदाई भाषण दिया। शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि घर पर उनके स्वागत की जोरदार तैयारी की जाने वाली है। उन्होंने कहा, "हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करें और जल्द से जल्द धरती पर वापस आएं और हमसे मिलें। हम उनका भव्य स्वागत करेंगे।" इससे पहले शुभांशु शुक्ला अपने क्रू मेंबर्स के साथ दावत करते हुए दिखाई दिए थे, जिसकी तस्वीरें आईएसएस से देखने को मिली थी। 14 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक का सारा शेड्यूल जानकारी के लिए बता दें कि शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम 14 जुलाई के दिन 4:35 बजेIST पर ISS से अलग हो जाएगी। 15 जुलाई के दिन कैलिफोर्निया के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडान होने की उम्मीद की जा रही है। 18 दिनों के बाद वो वापस धारती पर लौटेंगे। Ax-4 चालक दल में कमांडर पैगी व्हिटसन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पायलट शुभांशु शुक्ला, पोलैंड के यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री स्लावोस्ज़ "सुवे" उज़नांस्की-विस्न्यूस्की और HUNOR (हंगेरियन टू ऑर्बिट) अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपु शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के वक्त शुभांशु शुक्ला ने पेट्री डिश में मूंग और मेथी उगाई। इसकी तस्वीरें उन्होंने शेयर भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा MP में एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई में शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम से भेंट मध्यप्रदेश बनेगा एविएशन और लॉजिस्टिक हब, क्षेत्रीय कार्गो हब के प्रस्ताव पर बनी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा MP में एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना भोपाल  दुबई यात्रा का दूसरा दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के दौरान एमिरेट्स एयरलाइंस और दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक मध्यप्रदेश और यूएई के बीच उड्डयन संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है उसमें भी दुबई सहयोग देने को तैयार है। क्षेत्रीय कार्गो हब के प्रस्ताव पर बनी सहमति बैठक में मुख्य रूप से इंदौर और भोपाल शहरों से दुबई के लिए सीधी विमान सेवाएं शुरू करने पर चर्चा हुई। मध्य भारत में एक क्षेत्रीय कार्गो हब स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। एविएशन ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) इन्फ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश में इनबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा देने और एमिरेट्स एविएशन अकादमी के कैंपस की स्थापना की संभावना पर भी गंभीर चर्चा की हुई। मध्यप्रदेश को भारत का एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास में नई उड़ान भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मीडिया से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के बाद दुबई में मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि आज सुबह से निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ अलग-अलग चर्चाओं का दौर शुरू हुआ है। सबसे पहले हमारे महावाणिज्यदूत और एंबेसी के लोगों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभानाएँ है। मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है दुबई उसमें सहयोग करने के लिए तैयार है। हमारी सरकार विदेश में कैसे आसानी से व्यापार करे, सरकार किन-किन क्षेत्रों में व्यापार कर सकती है, उस पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश में खदानें भी हैं, उद्योग भी हैं, फूड पार्क भी हैं। निवेशकों से अलग-अलग सेक्टर को लेकर चर्चा की। वन-टू-वन बैठक में भी निवेशकों से अच्छी और सकारात्मक बात की है। बैठकों के दौरान वेलनेस, हेल्थ, एनर्जी, सर्विस सेक्टर में अच्छे सुझाव मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में गोल्ड एवं डायमंड माइनिंग सहित कई सेक्टर में निवेश करने की रुचि दिखाई।  

महाकाल सवारी उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन, सुरक्षा में ड्रोन लगाए

उज्जैन महाकाल की सवारी को लेकर पुलिस खासी सतर्क है। सवारी में सुरक्षा के लिए 1400 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस व स्मार्ट सिटी के अलावा 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी मार्ग डायवर्ट किए हैं। श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली सवारी की सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सतर्क है। इस बार पुलिस ने सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगा दिए हैं। सुरक्षा के लिए 1400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सवारी मार्ग पर सभी ऊंचे भवनों जवानों को तैनात किया जा रहा है। यहां से संदिग्धों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पांच ड्रोन कैमरों से सवारी मार्ग व आसपास की गलियों से छतों की भी जांच कर सतत निगरानी की जा रही है। पुलिस तथा स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों के अलावा सवारी मार्ग पर 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन उज्जैन में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की शाही सवारी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 14 जुलाई से शुरू होने वाली इस सवारी में थ्री लेयर सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई है। 1300 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चेकिंग तेज कर दी है। इस बार कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें भव्य थीम और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। सवारी की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की सवारी का आयोजन भव्यता के साथ किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग पर तीन ड्रोन तैनात होंगे, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सभी ऊंची इमारतों की छतों की जांच की जा रही है। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी से 15 दिन पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सवारी मार्ग पर नजर रख रहे 3 ड्रोन आज श्रावण माह का प्रथम सोमवार है। भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश के रूप में पालकी में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके बाद भगवान श्री मनमहेश रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के सशस्त्र जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी के लिए 3 ड्रोन और थ्री लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ड्रोन कैमरे से शहर के संवेदनशील इलाकों महाकाल लोक, मंदिर परिसर और सवारी मार्ग पर नजर रखी जा रही है। शहर में चेकिंग अभियान तेज किया है। सवारी मार्ग पर 3 ड्र्रोन लगाए हैं, जो चप्पे-चप्पे पर लगातार नजर रखेंगे। ड्रोन से ही सभी बिल्डिंग की छत की चेकिंग की जा रही है। ये भी देखा जा रहा है कि छत पर किसी ने ईंट पत्थर तो जमा नहीं कर रखे हैं। सवारी मार्ग की वीडियोग्राफी के साथ महाकाल मंदिर परिसर में लगातार ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। सवारी का शेड्यूल और थीम इस बार बाबा महाकाल की कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें चार सावन माह (14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त) और दो भादौ माह (11 और 18 अगस्त) में होंगी। पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी, जबकि पांचवीं सवारी धार्मिक थीम पर आधारित होगी, जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों की झांकियां शामिल होंगी। अंतिम राजसी सवारी 18 अगस्त को भव्य रूप में निकाली जाएगी, जिसमें 70 से अधिक भजन मंडलियां प्रस्तुति देंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और नियम पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सवारी के दौरान सेल्फी लेने पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि अव्यवस्था और हादसों को रोका जा सके। सवारी मार्ग पर मोबाइल डिटेक्शन टीम तैनात होगी, जो नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, सवारी के दिन स्कूलों की छुट्टी रहेगी, ताकि भीड़ और यातायात की समस्या कम हो। बड़नगर, रतलाम, नागदा मंदसौर एवं नीमच जाने वाले वाहन शांति पैलेस चौराहे से डायवर्ट रहेंगे। देवास गेट बस स्टैंड से भारी वाहन एवं बसें हरिफाटक टी एवं हरिफाटक चौराहे तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन हरिफाटक टी से बेगमबाग, कोट मोहल्ला एवं गोपाल मंदिर तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन दौलतगंज चौराहे से कोट मोहल्ला, तेलीवाड़ा चौराहे से दानीगेट तरफ, कार्तिक चौक से हरसिद्धि पाल तरफ नहीं जा सकेंगे। इन मार्गों को किया गया प्रतिबंधित     देवासगेट चौराहे से दौलतगंज चौराहा की ओर।     इंदौरगेट से दौलतगंज की ओर।     यादव धर्मशाला, बेगमबाग से महाकाल घाटी की ओर।     हरसिद्धि की पाल से गुदरी चौराहा की ओर।     दानीगेट से ढाबा रोड, कमरी मार्ग की ओर।     जूना सोमवारिया से केडी गेट की ओर। यहां इतने वाहनों की रहेगी पार्किंग व्यवस्था     मन्नत गार्डन पार्किंग में 450 वाहनों की क्षमता है।     वाकणकर ब्रिज के नीचे 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था।     कर्कराज पार्किंग में 1000 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     भील समाज पार्किंग में 700 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     कलोता समाज धर्मशाला में 2000 दो पहिया वाहनों की क्षमता।     नृसिंहघाट पार्किंग में 250 चार पहिया वाहन रखे जा सकेंगे। यहां भी रख सकेंगे वाहन     उपरोक्त पार्किंग भर जाने के बाद उजड़खेडा चौराहा से मुरलीपुरा, शंकराचार्य चौराहा से वाहनों को कार्तिक मेला मैदान पार्किंग में भेजे जाएंगे।     बड़नगर, रतलाम, नागदा की ओर से आने वाले दर्शनार्थी अपने चार पहिया वाहन कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क कर सकेंगे। इसके अलावा छोटी रपट से गणगौर दरवाजा होते हुए रामानुज कोट से हरसिद्धि की पाल पार्किंग में वाहन रख सकेंगे।     आगर रोड से आने वाले दर्शनार्थी अपने वाहन मकोडिया आम चौराहा, खाक चौक, जाट धर्मशाला, पिपलीनाका, जूना सोमवारिया से होते हुए … Read more

पहले सावन सोमवार को महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़, उमड़ा जनसैलाब

उज्जैन सावन मास की शुरुआत होते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सावन माह के पहले सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), मुंबई, मेरठ और देहरादून सहित कई शहरों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। भक्त भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतार में लग गए थे। वहीं पुसिल-प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था कर रही है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से बराबार निगरानी भी की जा रही है। दरअसल, श्रावण मास के पहले सोमवार पर उज्जैन में रात 2:30 बजे महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए।  इसके बाद सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। फिर भगवान से आज्ञा लेकर चांदी का पट खोला गया। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषण के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया। इसके बाद भस्म चढ़ाई गई। महाकाल ने शेषनाग का मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ सुगंधित पुष्प से बनी फूलों की माला धारण की। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया। ओंकारेश्वर में मंगला आरती खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए। वहीं ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सुबह 4 बजे से ही भक्त यहां भोले को अभिषेक करने पहुंच गए। छतरपुर के जटाशंकर धाम को फूलों से सजाया गया है। यहां आसपास से आए श्रद्धालुओं की भीड़ कुंड में स्नान के बाद भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच गई। शिवलिंग का किया जलाभिषेक राजस्थान के जयपुर में झारखंड महादेव मंदिर बहुत प्रशिद्ध है। यहां पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ उम पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करते नजर आए। वहीं दिल्ली के छतरपुर मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचे। यहां सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। काशी में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सावन माह के पहले सोमवार को नागेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर जिला प्रशासन ने पुष्प वर्षा की। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा, विशेष कार्यपालक अधिकारी पवन प्रकाश पाठक, नायब तहसीलदार मिनी एल शेखर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं की सेवा की। हरिद्वार में उमड़ी भारी भीड़ उत्तराखंड के हरिद्वार में सावन माह के पहले सोमवार को दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर किए। इस दौरान पूर अंचल भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।

यामाहि ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिये हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद यामाहि को दिया मध्यप्रदेश आने का न्यौता मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से मुलाकात यामाहि ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिये हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया द्विपक्षीय साझेदारियों में मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण भागीदार बनने की जताई आशा मध्‍यप्रदेश में औद्योगिक पार्क-फार्मास्यूटिकल्स-पर्यटन में निवेश के उत्कृष्ट अवसर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दुबई में अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की उद्योग हितैषी, सरल एवं सुगम नीतियों और निवेश को प्रोत्साहन देने वाली सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने अल यामाहि को प्रदेश में आयोजित होने वाली एनर्जी समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रण भी दिया। संयुक्त अरब अमीरात के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका का उल्लेख करते हुए ऊर्जा, खनिज, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और हरित निवेश के क्षेत्र में सहयोग की मंशा दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की सराहना करते हुए आशा जताई कि प्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बनेगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि का अभिनंदन किया और हाल ही में अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अरब के 22 खाड़ी देशों की लोकतांत्रिक संस्था का नेतृत्व करना बड़ी उपलब्धि है और नए अध्यक्ष के नेतृत्व में यह संस्था निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को छुएगी। अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मुलाकात मैत्रीपूर्ण रही। उन्होंने भारत, विशेष रूप से मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक संबंधों को लेकर अपनी गहरी रुचि और प्रतिबद्धता व्यक्त की। यामाहि ने कहा कि वे मध्यप्रदेश को निवेश के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे एवं अरब के 22 देशों में मध्यप्रदेश की मदद करेंगे। उन्होंने राज्य के साथ व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने की इच्छा भी जताई। यामाहि ने मुख्यमंत्री को “उम्म-ए-अली” दिया आत्मीय संबोधन यामाहि ने यूएई में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा देश के निर्माण में सहयोग के बारे में चर्चा की और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया। इस विशेष मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आत्मीयता से “उम्म-ए-अली” कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मीय संबोधन से अभिभूत हुए। उन्होंने डॉ. यादव और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से अपने घर आमंत्रित भी किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों और उत्पादों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सहमति दी, जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद अल यामाहि को बताया कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय है, इसकी जनसंख्या 8 करोड़ से अधिक है। मध्यप्रदेश अपने समृद्ध वन क्षेत्र के लिए जाना जाता है। यह वन क्षेत्र वन्यजीवों का आदर्श घर भी है। हमें गर्व है कि मध्यप्रदेश "विश्व की टाइगर राजधानी" है और राज्य बाघों के संरक्षण में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हमने टाइगर रिजर्व की संख्या में वृ‌द्धि भी की है। मध्यप्रदेश भारत और एशिया का एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां अब चीता पाए जाते हैं। विभिन्न देशों से लाए गए चीतों का राष्ट्रीय उ‌द्यान में सफल पुनर्वास किया गया है। हर संभव सहयोग के लिए तैयार : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को 'मोस्ट वेलकमिंग स्टेट' के रूप में जाना जाता है, जो हमारे आतिथ्य सत्कार को दर्शाता है। हमारे राज्य में खजुराहो, सांची और भीमबेठका जैसे तीन यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं। ये हमारी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। भौगोलिक रूप से "भारत का हृदय" होने से यह निवेश-व्यापार के लिए एक रणनीतिक केंद्र है। साथ ही, यह कृषि समृद्धि में भी अग्रणी है, विशेषकर दालों, सोयाबीन और गेहूं के उत्पादन में कई कीर्तिमान स्थापित किए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की हृदय से सराहना करते हैं। हमारी यह आकांक्षा है कि मध्यप्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बने। हम हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं। खनिज संसाधनों की खान है मध्यप्रदेश मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विज्ञान, प्रौ‌द्योगिकी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात ने अभूतपूर्व प्रगति की है। हम आपके अनुभवों से सीखने और इन क्षेत्रों में संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट्स में सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। मध्यप्रदेश में सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में बड़ी क्षमता है। प्रदेश को भारत का अन्न भंडार भी कहा जाता है। हम सोयाबीन, गेहूं और बाजरा सहित कई फसलों के सबसे बड़े उत्पादक हैं। यहां खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशाल अवसर मौजूद हैं। हमारे पास प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध हैं, जो विभिन्न उद्योगों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। मध्यप्रदेश में कई क्षेत्रों में निवेश के बेहतर अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश और सहयोग के लिए तत्पर हैं। हमारे पास गहरे कोयला भंडार हैं और हम कोल बेस्ड मीथेन के निष्कर्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम खोलता है। मध्यप्रदेश की हस्तशिल्प, कला और कारीगर परंपरा हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। हम इन कुशल कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करना चाहते हैं और उनके शिल्प को दुनिया भर में पहुंचाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश में औ‌द्योगिक पार्क, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के उत्कृष्ट अवसर हैं।