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इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर एक बड़ी खुशखबरी, वन विभाग की NOC, दक्षिण भारत से सीधी कनेक्टिविटी

इंदौर इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए वन विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है, जिससे परियोजना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। अब इस रेल मार्ग के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। यह रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा मार्ग होगी, जो न केवल इंदौर के व्यापारिक और औद्योगिक विकास को नई गति देगी, बल्कि यात्रियों के लिए समय और दूरी की बचत भी करेगी। यह परियोजना मालवांचल के लिए एक नया युग शुरू करने वाली है, जो क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देगी।  यह रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा रेल मार्ग साबित होगी, जो न केवल इंदौर के व्यापारिक और औद्योगिक भविष्य को नई रफ्तार देगा, बल्कि यात्रियों को भी समय और दूरी दोनों में राहत देगी। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इस प्रोजेक्ट में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने रेलवे अधिकारियों और वन विभाग के बीच संयुक्त बैठक करवाई थी, जिससे आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुईं। इसके बाद हाल ही में सांसद लालवानी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस परियोजना की प्राथमिकता को रेखांकित किया और वन विभाग से अनुमति दिलवाने का अनुरोध किया था। इंदौर-खंडवा रेल लाइन के पूरा होने के बाद इंदौर का संपर्क सीधे खंडवा-भुसावल-नासिक-मुंबई की ओर तथा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से तेज़, किफायती और सुविधाजनक सफर हो जाएगा। इस रेल कॉरिडोर से मालवांचल के व्यापारियों, किसानों और यात्रियों सभी को लाभ मिलेगा। सांसद ने बताया कि यह रेल मार्ग मालवांचल और दक्षिण भारत के बीच सीधी व बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम है। बढ़कर 80 किमी हो जाएगी इंदौर-खंडवा की दूरी इंदौर से खंडवा की दूरी मीटरगेज में पहले 48 किमी थी, लेकिन अब बढ़कर 80 किमी हो जाएगी। ब्रॉडगेज का ट्रैक बनाने के लिए पातालपानी के पहले घूमकर ट्रेन बलवाड़ा पहुंचेगी, जिससे 32 किमी की दूरी बढ़ गई है। हालांकि इस ट्रैक के बनने से इंदौर की दक्षिण भारत के शहरों बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई व उत्तर भारत के जयपुर, अजमेर शहरों तक सीधी पहुंच होगी। अभी इन शहरों तक जाने के लिए घूमकर जाना पड़ता है। इंदौर खंडवा अकोला ब्रॉडगेज हो जाने से उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाला सबसे छोटा रूट होगा। इससे आम लोगों के समय की बचत होगी। रेलवे का मुनाफा बढ़ेगा। एक दशक से इंदौर से खंडवा रेल कनेक्टिविटी खत्म हो चुकी एक दशक से इंदौर से खंडवा के बीच रेल कनेक्टिविटी खत्म हो गई है। पूर्व में यहां पर मीटरगेज लाइन थी, जो महू से पातालपानी, कालाकुंड, बलवाड़ा, चौरल होकर खंडवा तक जाती थी। अब ब्रॉडगेज लाइन महू से पातालपानी के पहले घूमकर बलवाड़ा तक जा रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण 32 किमी का घुमाव है, जिसमें 454 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की आ रही है। ट्रैक में महू और बड़वाह तहसील की अधिकांश भूमि जमीन आ रही है। उस पर ट्रैक डालने के लिए रेलवे लंबे समय से अनुमति मांग रहा था। दक्षिण भारत से सीधी कनेक्टिविटी का सपना होगा साकार इंदौर-खंडवा रेल लाइन के पूरा होने के बाद इंदौर का सीधा संपर्क खंडवा, भुसावल, नासिक और मुंबई के साथ-साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से हो जाएगा। यह रेल कॉरिडोर मालवांचल के व्यापारियों, किसानों और यात्रियों के लिए तेज, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगा। सांसद लालवानी ने बताया कि यह रेल मार्ग मालवांचल और दक्षिण भारत के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एक दशक से बंद थी रेल कनेक्टिविटी   पिछले एक दशक से इंदौर और खंडवा के बीच रेल कनेक्टिविटी बंद थी। पहले यहां मीटरगेज लाइन थी, जो महू से पातालपानी, कालाकुंड, बलवाड़ा और चौरल होते हुए खंडवा तक जाती थी। अब ब्रॉडगेज लाइन के लिए महू से पातालपानी के पहले घूमकर बलवाड़ा तक ट्रैक बनाया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण 32 किमी का घुमाव है, जिसमें 454 हेक्टेयर वन विभाग की जमीन शामिल है। रेलवे लंबे समय से इस जमीन पर ट्रैक बिछाने की अनुमति मांग रहा था, जो अब मिल गई है।        

एचडीएफसी बैंक पहली बार देने जा रहा बोनस शेयर, मिलेगा डबल गिफ्ट

नई दिल्ली  भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। बैंक ने कहा है कि उनका बोर्ड 19 जुलाई को एक मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में पहली बार बोनस शेयर जारी करने और फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार किया जाएगा। बैंक ने कहा है कि बोनस शेयर जारी करने का फैसला नियमों के अनुसार होगा। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी होगी। अभी तक बैंक ने बोनस शेयर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है। Trendlyne के डेटा के अनुसार अगर HDFC बैंक बोनस शेयर जारी करता है, तो यह पहली बार होगा। बोनस शेयर का मतलब है कि कंपनी अपने शेयरधारकों को मुफ्त में अतिरिक्त शेयर देगी। यह एक तरह से कंपनी की तरफ से शेयरधारकों को तोहफा होगा। बोनस शेयर के साथ-साथ बोर्ड 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए स्पेशल डिविडेंड पर भी विचार करेगा। डिविडेंड का मतलब है कि कंपनी अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयरधारकों को देगी। पहली बार बोनस शेयर देने की तैयारी! बैंक के इतिहास में यह पहली बार होगा जब वह अपने निवेशकों को बोनस शेयर देने की योजना बना रहा है. इस संभावित घोषणा की खबर आते ही शेयर बाजार में तेजी देखी गई. बुधवार के कारोबारी सत्र में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का शेयर करीब 1% बढ़कर ₹2,022 के स्तर पर पहुँच गया. बोनस के साथ विशेष लाभांश? एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की 19 जुलाई को होने वाली बोर्ड मीटिंग सिर्फ बोनस शेयरों तक ही सीमित नहीं है. बैंक विशेष अंतरिम लाभांश पर भी विचार करेगा. अगर दोनों प्रस्तावों को मंजूरी मिल जाती है, तो निवेशकों को एक साथ दोहरा तोहफा मिलने की संभावना है. शेयर में सकारात्मक तेजी, वॉल्यूम में उछाल बुधवार को शेयर का ट्रेडिंग वॉल्यूम 23,92,100 तक पहुंच गया, जिससे साफ जाहिर है कि बाजार में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है. बोनस शेयर और लाभांश की संभावना अल्पावधि में इस शेयर को और मजबूत बना सकती है. 2025 में अब तक 22% रिटर्न, भरोसा कायम एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयर ने साल 2025 में अब तक 22% से ज़्यादा रिटर्न दिया है. पिछले तीन महीनों में इस शेयर में लगभग 6% की वृद्धि और एक महीने में 3% का सकारात्मक रिटर्न देखने को मिला है. इससे पता चलता है कि मजबूत बुनियादी बातों के साथ यह शेयर लगातार निवेशकों को आकर्षित कर रहा है. मार्केट कैप में शीर्ष पर: बैंकिंग क्षेत्र की रानी ₹15.30 लाख करोड़ से ज्यादा के मार्केट कैप के साथ, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) न केवल भारत में बल्कि एशिया में भी सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक है. यह निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और स्थिर विकल्प बना हुआ है. शेयर की कीमत एचएफडीसी बैंक ने पहले ही बता दिया था कि उसके कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग 21 जुलाई, 2025 तक बंद रहेगी। यह नियम इसलिए है ताकि कोई भी अंदरूनी जानकारी का गलत इस्तेमाल न कर सके। बैंक के इस नियम को शेयर डीलिंग कोड कहा जाता है। बैंक की वेबसाइट के मुताबिक उसके निवेशकों की संख्या 41,21,815 है। बैंक में विदेशी निवेशकों की करीब 41 फीसदी हिस्सेदारी है। HDFC बैंक के शेयर की बात करें तो पिछले एक साल में इसके शेयर में 23.01% की बढ़ोतरी हुई है। इस साल की शुरुआत से अब तक इसमें 11.94% की तेजी आई है। पिछले छह महीनों में शेयर 21.46% बढ़ा है। पिछले तीन महीनों में 6.99% और पिछले एक महीने में 4.07% की बढ़ोतरी हुई है। HDFC बैंक ने पिछले 12 महीनों में 22 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है। बीएसई पर आज बैंक का शेयर कारोबार के दौरान करीब 1 फीसदी तेजी के साथ 2021.90 रुपये तक गया। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 2,027.40 रुपये है।  

पहली सवारी में संकरे पड़े गए मार्ग, प्रशासन के लिए यह है बड़ा अलर्ट, सवारी मार्ग का चौड़ीकरण जरूरी

उज्जैन  श्रावण के पहले सोमवार को राजाधिराज महाकाल की निकली भव्य सवारी के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि मौजूदा सवारी मार्ग इस विशाल जनसमूह के दबाव को सहने में सक्षम नहीं है। समय आ गया है कि अब बिना कोई देरी किए महाकाल सवारी मार्ग को मास्टर प्लान अनुसार 15 से 24 मीटर चौड़ा किया जाए। भीड़, अव्यवस्था और सीमित मार्ग की वजह से श्रद्धालुओं को जो कठिनाई हुई, वह प्रशासन के लिए चेतावनी से कम नहीं है। स्थितियों को देख शासन-प्रशासन ने इस मार्ग को चौड़ा करने का काम प्राथमिक सूची में शामिल कर लिया है। मालूम हो कि महाकाल सवारी मार्ग केवल एक रास्ता नहीं, यह आस्था की वह धारा है जिससे उज्जैन की सांस्कृतिक, धार्मिक और विकास की दिशा जुड़ी है। अब जबकि सिंहस्थ की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, तो इस मार्ग को उसकी गरिमा के अनुरूप बनाना समय की मांग है। प्रदेश सरकार, इसी वर्ष अप्रैल में इस कार्य के लिए 64 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुकी है, लेकिन अब तक ठेकेदार तय करने को निविदा प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सकी है। इस विषय पर पिछले सप्ताह महापौर मुकेश टटवाल ने योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए थे। उनका ‘नईदुनिया’ से कहना है कि महाकाल सवारी मार्ग को अब उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड नहीं, बल्कि नगर निगम खुद अपने स्तर पर विस्तृत कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित करेगा। यह काम उनकी प्राथमिकता में पहले भी था, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। 4.3 किलोमीटर लंबे महाकाल सवारी मार्ग को मास्टर प्लान-2035 में 15 से 24 मीटर चौड़ा करने का लेख है। चौड़ीकरण के लिए सरकार 64 करोड़ रुपये अप्रैल में मंजूर कर चुकी है। स्पष्ट किया है कि मार्ग में डिवाइडर नहीं बनाएंगे। मार्ग में आने वाली ऐतिहासिक धरोहरों को फसाड़ लाइट से आकर्षक स्वरुप दिया जाएगा। बिजली, पानी और सीवरेज की सभी लाइनें भूमिगत की जाएंगीं। चौराहों को त्रिशूल, डमरू, नंदी जैसी कलाकृतियों से सजाया जाएगा। 2023 में बनी थी 110 करोड़ की योजना, विरोध के कारण काम नहीं हुआ महाकाल सवारी मार्ग काे चौड़ा करने को 110 करोड़ रुपये की योजना वर्ष 2023 में उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बनाई थी। सर्वे में 2500 भवन प्रभाव में आना चिह्नित किए थे। एक हिस्से का काम शुरू भी हुआ था, लेकिन विरोध और न्यायालय में याचिका के चलते काम आगे न बढ़ा और बंद हो गया। अब जब महाकुंभ सिंहस्थ-2028 निकट है, तो शासन इस कार्य को पुनः पूर्ण करने को तत्पर है। जन सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से बेहतर जरूरी श्रावण और भादौ मास में हर सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी को देखने लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भविष्य में सिंहस्थ जैसे आयोजनों में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की आमद तय मानी जा रही है। ऐसे में सवारी मार्ग का चौड़ीकरण यातायात, सुरक्षा और सुविधा तीनों ही दृष्टि से बेहद आवश्यक हो गया है।

मंत्री पटेल ने कहा- मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन जल संकट की आहट को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पंचायत प्रतिनिधियों को नियत और न्याय की भावना से स्वीकार करना होगा। मंत्री श्री पटेल धार में आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि सांसद रहते हुए उन्होंने सदैव कृषि और ग्रामीण विकास विषयक संसदीय समितियों में रहकर देश भर में इन विषयों को गहराई से समझने का प्रयास किया। प्रदेश में मंत्री के रूप में उन्हें इन नीतियों को लागू करने का अवसर मिला है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, वृक्षारोपण और योजनाओं का रिकॉर्ड पारदर्शिता से रखें। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का आहवान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन जल संकट की आहट को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। जल संरक्षण के लिये वृक्षारोपण ही सबसे स्थायी उपाय है। उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण का आहवान किया और कहा कि “जो पौधा आप लगाते हैं, उसकी देखभाल भी आपकी व्यक्तिगत जवाबदेही है।” उन्होंने कहा कि “वृक्षारोपण अभियान 2025” में महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को भी बल मिलेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पुराने, जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवनों को तोड़कर 48 लाख और 37 लाख रुपये की लागत से नए भवनों की मंजूरी दी गई है। कोई भी पंचायत अब भवन विहीन नहीं रहेगी। धार जिले में इस वर्ष 81 पंचायत भवन और 85 पुलियों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। चौथे चरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत अब मजरे-टोले को भी जोड़ा जा सकेगा, जिसके लिए राजस्व ग्राम की शर्त हटा दी गई है। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सवित्री ठाकुर ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का कार्य करें और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में जुट जाएँ। सम्मेलन में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेढ़ा, विधायक नीना वर्मा और कालूसिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव,नीलेश भारती एवं चंचल पाटीदार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में अधिकारी सहित बड़ी संख्या में सरपंच व पंच उपस्थित रहे। 

पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर रोक, MP हाईकोर्ट करेगा व्यापक जांच और जवाबदेही तय

भोपाल /जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान एक अहम् फैसला सुनाते हुए पैरामेडिकल कॉलेजों को दी जा रही मान्यता प्रक्रिया पर रोक लगा दी है , इस आदेश के बाद कॉलेज संचालकों में हड़कंप मच गया है, बता दें मध्य प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों को लंबे इन्तजार के बाद मान्यता मिलने जा रही थी जिसे हाई कोर्ट ने रोक दिया है। नर्सिंग घोटाले के बाद अब पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता और एडमिशन में गड़बड़ियों को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर की डिवीज़नल बेंच ने एक महत्वपूर्ण स्थगन आदेश पारित किया है। लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा दाखिल की गई नर्सिंग मामले की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पिछले दिनों एक आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया गया था कि नर्सिंग की तरह पैरामेडिकल कॉलेजों के मान्यताओं में भी अनियमितताएँ की जा रही है। 2023-24 एवं 2024-25 सत्र के लिए मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल दे रहा मान्यता  याचिका में कहा गया कि एमपी पैरामेडिकल काउंसिल द्वारा निकल चुके एकेडमिक सत्रों (2023-24 एवं 2024-25) की मान्यता भूतलक्षी प्रभाव से दी जा रही है और बगैर मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त किए सरकारी तथा निजी पैरामेडिकल कॉलेजों के द्वारा अवैध रूप से छात्रों के प्रवेश दिए जा रहे हैं, नर्सिंग घोटाले की जांच में जिन कॉलेजों को सीबीआई ने अनसूटेबल बताया है उन्हीं बिल्डिंग में पैरामेडिकल काउंसिल अब पैरा मेडिकल कॉलेजों की मान्यता दे रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूरी मान्यता प्रक्रिया पर रोक लगाई   पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता के आवेदन पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने इसे अलग जनहित याचिका (PIL) के रूप में पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने इस गंभीर विषय पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल के चेयरमैन व रजिस्ट्रार को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए थे, आज की सुनवाई में हाई कोर्ट ने राज्य शासन के उस आदेश पर रोक लगा दी है जो पैरामेडिकल काउंसिल को एकेडमिक सत्रों (2023-24 एवं 2024-25) की मान्यता भूतलक्षी प्रभाव से देने की अनुमति देता था। 24 जुलाई को होगी अगली सुनवाई  मामले में पैरामेडिकल काउंसिल के चेयरमैन और रजिस्ट्रार को पक्षकार बनाया गया है बताते चलें कि मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ला, पैरामेडिकल काउंसिल के पदेन चेयरमैन हैं । इस मामले की अगली सुनवाई सभी नर्सिंग मामलों के साथ 24 जुलाई को होगी ।

म.प्र. में हर सेक्टर में हैं बड़ी संभावनाएं, स्पेन के निवेशकों को देंगे वर्ल्ड क्लास सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेहिचक म.प्र. से जुड़िए और हमारी 18 हाईटेक औद्योगिक नीतियों का लाभ लें निवेश के लिए बढ़ाया गया हर कदम व्यापार-व्यवसाय में होगा मील का पत्थर साबित मध्यप्रदेश निवेशकों को केपिटल रिटर्न देने में पीछे नहीं रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मैड्रिड में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट में संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और स्पेन दो प्राचीन सभ्यताओं के संवाहक हैं। दोनों देशों ने नैतिक मूल्यों के आधार पर अपनी पुरा संस्कृति को आगे बढ़ाया है। दोनों देश जुड़वा भाईयों की तरह हैं। अब विकास के मामले में भी हम मिलकर आगे बढ़ेंगे। संस्कृति के साथ-साथ तकनीक में भी स्पेन की एक अलग ही पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को संबो‍धित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से विकासशील प्रदेश है। यहां निवेश करना नि:संदेह फायदे का सौदा है। उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश की बेजोड़ खूबियां बताते हुए कहा कि यदि आप भारत में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो एक बार मध्यप्रदेश अवश्य आइये, मध्यप्रदेश को भूल नहीं पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज, पर्यटन, बड़े उद्योग, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री, तकनीकी विकास से जुड़े उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। भारत में एमपी टूरिज्म सबसे तेजी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर भू-संपदा उपलब्ध है, जिसमें नई तकनीक का इस्तेमाल करने से विकास की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, भारत के मध्य क्षेत्र में स्थित है, इसलिए हम लॉजिस्टिक सेक्टर में अग्रणी बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अगर आप भारत के किसी और राज्य में भी उद्योग स्थापित करते हैं, तब भी आपको मध्यप्रदेश की आवश्यकता जरूर पड़ेगी। मध्यप्रदेश आंतरिक सड़कों, नेशनल हाईवेज, रेल और हवाई मार्ग से देश-विदेश से जुड़ा है। मध्यप्रदेश सभी सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ने वाला भारत का राज्य बना है। हम अपने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री और टेक्सटाईल सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं। हम सभी सेक्टर्स में यहां आने वाले निवेशकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आग्रह किया कि सुरक्षित निवेश के लिए आप बेहिचक मध्यप्रदेश से जुड़िए। हमारी 18 प्रकार की हाईटेक औद्योगिक नीतियों का लाभ लें। मध्यप्रदेश निवेशकों को केपिटल रिटर्न देने में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की विकासशीलता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में निवेश करने पर भारत सरकार की ओर से भी देशी-विदेशी निवेशकों को कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजेस की संख्या भी तेजी से बढ़ाई जा रही है और नई मेडिकल डिवाईसेस के लिए देशी और विदेशी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। अब मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन की शांतिप्रियता, सामुदायिक विकास, तकनीक के इस्तेमाल और फुटबॉल प्रेम ने भी यहां की अर्थव्यवस्था को बेहद मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि स्पेन आर्थिक व्यापार के मामले में भारत का छठा सबसे बड़ा साझेदार है। वर्तमान में स्पेन के साथ 9.32 बिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्पेन के निवेशकों द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बढ़ाया गया हर एक कदम व्यापार-व्यवसाय के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं एमडी टूरिज्म डॉ. इलैया राजा टी., एमडी एमपीआइडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित फ्रेंड्स इन एमपी इन स्पेन के सदस्य एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति/निवेशक उपस्थित थे। म.प्र. में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश के अवसर : प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शुक्ला मध्यप्रदेश, इतिहास और विरासत की भूमि है। भारत में स्थित यूनेस्को की 62 विश्व धरोहर है जिसमें से 18 मध्यप्रदेश में है। संस्कृति और आध्यात्म की दृष्टि से मध्यप्रदेश अत्यंत समृद्ध है। प्रदेश में 2 ज्योतिर्लिंग के साथ विश्व की प्राचीनतम नदियों में से एक और प्रदेश में पूजनीय नदी माँ नर्मदा बहती है। आज के तनाव भरे जीवन में मां नर्मदा के किनारे स्थित सभी स्थल आपको अध्यात्म और सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन नीति 2025 की विशेषता बताते हुए प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के लिए प्रदेश में अपार संभावनाएं है। प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म आदि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर है। अपार संभावनाओं का भरोसेमंद स्थल मध्यप्रदेश : प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि म.प्र. अपार संभावनाओं का भरोसेमंद निवेश स्थल है। प्रदेश का भौगोलिक विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और स्थिर नेतृत्व इसे उद्योगों के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य बनाते हैं। स्पेन और भारत के बीच व्यापारिक संबंध लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं। वर्ष 2024 में भारत से स्पेन को 5.93 बिलियन यूरो का निर्यात हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश का योगदान 58.5 मिलियन यूरो का रहा।  

तीन साहसिक कदम: मोदी कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी के लिए 27K करोड़ तय किए, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा मजबूत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश की कृषि और ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने वाले तीन बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई. इनमें एक ओर जहां कृषि जिलों के समग्र विकास की योजना को स्वीकृति दी गई, वहीं दूसरी ओर रेन्वेबल एनर्जी में बड़े पैमाने पर निवेश का रास्ता साफ किया गया. कैबिनेट ने “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” को 2025-26 से शुरू कर छह वर्षों के लिए मंजूरी दी है. इसका टारगेट 100 कृषि जिलों का विकास करना है. यह योजना नीति आयोग के ‘आकांक्षी जिलों’ कार्यक्रम से प्रेरित है, लेकिन यह खासतौर से कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर केंद्रित है. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) योजना का मकसद कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल डाइवर्सिफिकेशन को प्रोत्साहित करना, टिकाऊ कृषि ऑप्शन को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण की सुविधा बढ़ाना, सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करना शामिल है. इस योजना को 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं के कोऑर्डिनेशन के जरिए लागू किया जाएगा, जिसमें राज्य सरकारों की योजनाएं और निजी क्षेत्र की साझेदारी भी शामिल होगी. 100 जिलों का चयन कम उत्पादकता, कम फसल साइकिल और कम लोन डिस्ट्रिब्यूशन जैसे तीन प्रमुख मानकों के आधार पर किया जाएगा. हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल किया जाएगा. एनटीपीसी को नवीकरणीय ऊर्जा निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपये कैबिनेट ने एनटीपीसी लिमिटेड को रेन्वेबल एनर्जी क्षेत्र में निवेश के लिए मौजूदा सीमा से ऊपर जाकर 20,000 करोड़ रुपये तक निवेश की अनुमति दी है. यह निवेश एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) और इसकी सहायक कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों के जरिए किया जाएगा, ताकि 2032 तक 60 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल की जा सके. एनएलसी इंडिया लिमिटेड को 7,000 करोड़ रुपये की मंजूरी एनएलसीआईएल को भी 7,000 करोड़ रुपये के निवेश की विशेष छूट दी गई है, जो वह अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) के जरिए रेन्वेबल एनर्जी प्रोजेक्ट में लगाएगी. इससे कंपनी को संचालन और वित्तीय लचीलापन मिलेगा. ग्रीन एनर्जी पर सरकार खर्च करेगी 27 हजार करोड़ एनटीपीसी को ग्रीन एनर्जी में निवेश के लिए 20000 करोड़ के निवेश को मंजूरी: मोदी कैबिनेट ने देश की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी NTPC को 20,000 करोड़ रुपये की मदद देने का फैसला किया है ताकि वो रिन्यूएबल एनर्जी (हरित ऊर्जा) में तेज़ी से निवेश कर सके. NLCIL को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विस्तार को मंजूरी: वहीं मोदी कैबिनेट ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) को 7,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विस्तार की मंजूरी दी है. 100 जिलों के लिए कृषि योजना को मंजूरी कैबिनेट ने 24 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च वाली प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंज़ूरी दी है. कैबिनेट ने बुधवार को 6 साल के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंज़ूरी दे दी, जिसमें 24,000 करोड़ रुपये के वार्षिक परिव्यय के साथ 100 ज़िले शामिल होंगे. केंद्रीय बजट में घोषित यह कार्यक्रम 36 मौजूदा योजनाओं को एकीकृत करेगा. वहीं, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने को बढ़ावा देगा. केंद्रीय कैबिनेट में लिए गए फैसले की जानकारी साझा करते हुए, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाएगी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करेगी और कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी करेगी. इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है.

मॉनटेन तूफान की तबाही: NY–NJ में फ्लैश फ्लड से दो मरे, शहर का आवागमन ठप

न्यूयॉर्क   न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में भारी बारिश और तूफान से दो लोगों की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश होने से पूरा इलाका पानी में डूब गया। न्यूयॉर्क का सबवे सिस्टम ठप हो गया और पूरे इलाके में बिजली गुल हो गई। प्लेनफील्ड में सोमवार को तेज बारिश के कारण एक गाड़ी सेडर ब्रूक में बह गई। इससे दो लोगों की मौत हो गई। गवर्नर फिल मर्फी ने बताया कि दोनों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने खराब मौसम के कारण आपातकाल की घोषणा की है। इस महीने शहर में तूफान से होने वाली यह तीसरी और चौथी मौतें थीं। न्यूयॉर्क डेली न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेयर एड्रियन मैप्प ने कहा, "पूरा प्लेनफील्ड इस नुकसान से दुखी है। इतने कम समय में चार लोगों को खोना अकल्पनीय है। हम परिवारों के साथ शोकाकुल हैं। हम अपने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने और अपने निवासियों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" नॉर्थ प्लेनफील्ड में बाढ़ का पानी भरने के बाद एक घर में आग लग गई। हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। गवर्नर मर्फी ने पत्रकारों से कहा, "मौसम से परेशानी में हम अकेले नहीं हैं, लेकिन हम अभी अधिक ह्यूमिडिटी, हाई टेंपरेचर और तेज तूफान वाले पैटर्न में हैं। सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।" कुछ ही घंटों में छह इंच तक बारिश फ्लोरिडा के पास बन रहे एक ट्रॉपिकल स्टॉर्म के कारण पूर्वी तट पर नमी बढ़ गई। इससे कई जगहों पर धीरे-धीरे तूफान आया और भारी तबाही हुई। गार्डन स्टेट में कुछ ही घंटों में छह इंच तक बारिश हुई। वहां कई लोगों को बचाया गया। शहरों में मंगलवार को भी लगभग 2900 घरों और व्यवसायों में बिजली नहीं थी। मर्फी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया, "ढाई घंटे से भी कम समय में छह इंच बारिश हुई। पहली बारिश ने कई समुदायों को थोड़ा परेशान किया। दूसरी बारिश ने पूरी तरह से तबाही मचा दी। हम सभी समुदायों और काउंटियों का आकलन कर रहे हैं।" न्यूयॉर्क में सोमवार को सेंट्रल पार्क में लगभग 2.64 इंच बारिश हुई। इसने उसी दिन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जो 1.47 इंच था। हार्लेम में बारिश के दौरान वेस्ट 149वीं स्ट्रीट और ब्रैडहर्स्ट एवेन्यू के पास एक 43 साल के न्यूयॉर्क वासी पेड़ की शाखा गिरने से घायल हो गया। सबवे स्टेशन में सीढ़ियों से पानी घुसा खराब मौसम के कारण कई सबवे लाइनें भी बंद हो गईं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में मैनहट्टन में एक स्टेशन के प्रवेश द्वार से पानी सीढ़ियों से नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। एक अन्य तस्वीर में यात्री बाढ़ के पानी से बचने के लिए अपनी सबवे सीटों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। मेट्रोपॉलिटन ट्रांजिट अथॉरिटी के अध्यक्ष और सीईओ जानो लाइबर ने एबीसी 7 को बताया कि शहर का सीवर सिस्टम बारिश से भर गया और सबवे सुरंगों व स्टेशनों में पानी आ गया। न्यू जर्सी के कुछ हिस्सों में कुछ सड़कें अभी भी बंद हैं और मंगलवार को इलाके के हवाई अड्डों पर दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी गईं या उनमें देरी हुई। फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, नेवार्क लिबर्टी हवाई अड्डे पर कुल 159 उड़ानें रद्द कर दी गईं। हालांकि ट्रिस्टेट इलाके के लिए अधिकांश चेतावनियां अब समाप्त हो गई हैं, लेकिन मौसम का पूर्वानुमान बताने वालों ने चेतावनी दी है कि वाशिंगटन डीसी से लेकर कैरोलिना तक बाढ़ की संभावना अभी भी है। आने वाले दिनों में भी बारिश होने की चेतावनी गवर्नर फिल मर्फी ने कहा कि प्लेनफील्ड में जो दो मौतें हुईं, वे बहुत दुखद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। मेयर एड्रियन मैप्प ने भी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शहर आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। न्यूयॉर्क में हुई बारिश ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सेंट्रल पार्क में इतनी बारिश पहले कभी नहीं हुई थी। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सबवे में पानी भर गया और कई सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी बारिश हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में हुई इस बारिश से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर पानी में डूब गए और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। सरकार लोगों को मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत  निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी। उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है। अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।

सेपरेट हॉस्टल फॉर फ्रेशर्स: RGPV ने सीनियर्स-जूनियर्स को अलग-अलग आवास में रखा

भोपाल  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थियों के बीच रैगिंग और मारपीट की बढ़ती घटनाओं को देखेते हुए इस सत्र से एक नई पहल की है। इस बार कनिष्ठ विद्यार्थियों को अलग छात्रावास में रखा जाएगा। इसके अलावा इस बार मेरिट के आधार पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास आवंटित किया जाएगा। अब किसी भी छात्र संगठन की सिफारिश पर छात्रावास आवंटित नहीं होंगे। इसके अलावा सख्त नियम भी बनाए गए हैं। विवि प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि छात्र राजनीति, संगठनात्मक दबाव या किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव से छात्रावास आवंटन नहीं होगा यह निर्णय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुशासित माहौल को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। बता दें, कि प्रदेश में सबसे अधिक आरजीपीवी में रैगिंग और मारपीट की घटनाएं यूजीसी की एंटी रैगिंग कमेटी में दर्ज हुई है। पुराने छात्रावास आवंटन को किया गया निरस्त विश्वविद्यालय ने सभी पुराने छात्रावास आवंटन को पूरी तरह निरस्त कर दिसंबर 2024 की परीक्षा में प्राप्त मेरिट और मध्यप्रदेश शासन की आरक्षण नीति के आधार पर नए सिरे से रूम आवंटन की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें लिए द्वितीय, तृतीय और अंतिम वर्ष के बालक छात्रावास के लिए 690 और कन्या छात्रावास के लिए 510 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विद्यार्थी भी इस नई व्यवस्था समर्थन कर रहे हैं। इस बार विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास उन्हीं को मिलेंगे जो वास्तव में अध्ययनरत और पात्र हैं।इसके लिए न केवल आवेदकों की कक्षा व मेरिट आधारित पात्रता तय की जा रही है, बल्कि आवंटन को अस्थायी (प्रोविजनल) रूप में रखा गया है। नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अलग छात्रावास विश्वविद्यालय परिसर में कुल पांच छात्रावासों में लगभग 1460 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है, जबकि नवप्रवेषित 1200 समेत चार वर्षों के कुल 4500 छात्र-छात्राएं हैं।इस कारण प्रबंधन ने इस बार आवंटन मेरिट के आधार पर करने का निर्णय लिया है। इसमें नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अलग छात्रावास में रखा जाएगा। छात्रों के लिए यह व्यवस्था इसमें लड़कों को चंद्रशेखर आजाद छात्रावास में करीब 270 और भास्कराचार्य में 135 छात्रों को कमरे आवंटित किए गए हैं। वहीं लगभग 450 लड़कियों के लिए रानी अहिल्याबाई छात्रावास आवंटित किया गया है। छात्राओं के लिए लक्ष्मीबाई छात्रावास नर्धारित वहीं द्वितीय, तृतीय और अंतिम वर्ष के 370 छात्रों के लिए एपीजे अब्दुल कलाम छात्रावास और 230 छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास निर्धारित किए गए हैं। इसे लेकर प्रो. एस.एस भदौरिया, संचालक, यूआईटी, आरजीपीवी यह ने बताया कि यह व्यवस्था विवि में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। 1200 आवेदन मिले है, नियमों और मेरिट के आधार पर रूम आवंटित किए जा रहे हैं।