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मुख्यमंत्री ने कहा कि PM मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 15 जुलाई के दौरान अपने दुबई प्रवास के दौरान विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने दुबई से एक विशेष संदेश जारी कर इस यात्रा को “विकास यात्रा की एक मजबूत नींव” बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मेरे दुबई प्रवास के दौरान अनेक व्यापारिक बैठकों का आयोजन हुआ। मैं यहां के निवेशकों, भारतीय समुदाय के नागरिकों, सरकार के अधिकारियों और भारत के महावाणिज्य दूत का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई की सामर्थ्य को पहचाना है और 2015 से ही उन्होंने इस शहर को वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया है,” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिज़ाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दौरे के दौरान दुबई स्थित डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री ज़ोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी।  

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने खत्म की EWS अभ्यर्थियों की आयु सीमा में छूट, बदलाव की ओर MPPSC

भोपाल मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने एक बड़ा और असरदार फैसला लेते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को मिलने वाली पांच साल की आयु छूट को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिससे अब ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को अन्य सामान्य वर्ग की तरह अधिकतम 40 वर्ष की आयु सीमा में ही आवेदन करना होगा। क्या था पुराना नियम? फरवरी 2022 में आयोग ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को SC, ST और OBC वर्ग के समान 45 वर्ष तक की आयु छूट का लाभ देना शुरू किया था। इसके बाद से आयोग की कई परीक्षाओं में EWS वर्ग के हजारों उम्मीदवारों को इस सुविधा का लाभ मिला। लेकिन अब, MPPSC द्वारा जारी नवीनतम नोटिफिकेशन के अनुसार, यह लाभ समाप्त कर दिया गया है। हाईकोर्ट का निर्देश क्यों आया? हाईकोर्ट में इस नियम को लेकर चुनौती दी गई थी कि आयु में छूट केवल आरक्षित वर्गों के लिए लागू होती है, जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग को संविधान में सिर्फ 10% आरक्षण का प्रावधान दिया गया है, न कि आयु छूट जैसी सुविधाएं। कोर्ट ने यह माना कि ईडब्ल्यूएस को सामाजिक रूप से पिछड़ा वर्ग नहीं माना गया है, इसलिए उन्हें आयु सीमा में छूट देना नियमों के विरुद्ध है। इससे बड़ा यह झटका, पहले की परीक्षा से भी बाहर होंगे     इसमें भी एक बड़ा झटका यह लगा है कि जिन भर्ती विज्ञापनों में यह छूट मिली थी वह सभी खत्म बैकडेट से खत्म हो गई है। क्योंकि यह छूट याचिका 2022 के अनुपालन में ही मिली थी, इसके बाद ही आयोग ने विविध भर्ती विज्ञापन में यह छूट के लिए लाइन डाली थी, लेकिन अंतिम आदेश के बाद इसे लागू कर दिया गया है। यानी जिन भी भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस पुरुष उम्मीदवारों ने यह छूट ली है, उन्हें बाहर किया जाएगा।     इसका असर पुरानी भर्ती परीक्षा में भी होगा। उन सभी में जिसमें आयु छूट सीमा के तहत आयोग ने 2108/22 की याचिका का हवाला देकर ईडब्ल्यूएस वालों को छूट दी थी। इस फैसले का असर किन पर होगा?     जिन ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों की उम्र 1 जनवरी 2025 तक 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है, वे आगामी परीक्षाओं में आवेदन नहीं कर सकेंगे। वर्तमान में प्रक्रियाधीन परीक्षाएं, जैसे कि राज्य सेवा परीक्षा, वन सेवा परीक्षा आदि में यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होगा। आयोग को 2022 से अब तक आयु छूट के आधार पर चयनित ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करनी पड़ सकती है। प्रभावित होंगे हजारों उम्मीदवार इस आदेश से बड़ी संख्या में ईडब्ल्यूएस वर्ग के युवाओं को झटका लगा है। वे जो आयु छूट के कारण परीक्षा में शामिल हुए थे, अब उनकी नियुक्तियां भी संकट में पड़ सकती हैं। कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का विरोध भी शुरू कर दिया है और इसे असमानता भरा निर्णय बताया है। यह सूचना जारी की है आयोग ने आयोग द्वारा भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा में उल्लेख था कि ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों द्वारा याचिका 2108/2022 में हाईकोर्ट द्वारा 8 फरवरी 2022 को जारी आदेश के अनुपालन में एसटी, एससी व ओबीसी के समान ईडब्ल्यूएस को भी आयु सीमा में छूट होगी। यानी जिन उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2025 को 45 साल से अधिक नहीं है वह आवेदन भर सकेंगे। लेकिन यह छूट याचिका 2108/22 के कोर्ट आदेश के अधीन होगी इस याचिका पर कोर्ट द्वारा 17 मार्च 2025 को अंतिम आदेश जारी करते हुए याचिका खारिज कर दी गई है। इसलिए आयोग विज्ञापनों में ईडब्ल्यूएस के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा अब अधिकतम 40 साल ही रहेगी। इसलिए जिन पुरुष उम्मीदवारों की सीमा 40 साल से अधिक है वह अपात्र माने जाएंगे। MPPSC का आधिकारिक नोटिफिकेशन आयोग की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया 'अब से ईडब्ल्यूएस वर्ग को आयु में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्हें सामान्य वर्ग के समान अधिकतम 40 वर्ष की सीमा में आवेदन करना होगा। यह आदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पारित किया गया है।' EWS पुरुषों को छूट खत्म का पूरा मामला 5 पॉइंट्स में     आयु सीमा छूट खत्म: MPPSC ने EWS पुरुष उम्मीदवारों के लिए 5 साल की उम्र छूट खत्म की, अब अधिकतम आयु 40 साल होगी।     हाईकोर्ट आदेश: 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने EWS की आयु सीमा छूट को खारिज कर दिया।     बैकडेट से लागू: पहले दी गई छूट अब बैकडेट से खत्म, उम्मीदवार अपात्र होंगे।     प्रभावित परीक्षाएं: राज्य सेवा, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंजीनियरिंग और मेडिकल ऑफिसर परीक्षाएं प्रभावित होंगी।     आधिकारिक निर्णय: हाईकोर्ट ने EWS को केवल आर्थिक आरक्षण दिया, उम्र छूट नहीं दी। यह सभी परीक्षाएं होंगी प्रभावित राज्य सेवा परीक्षा राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू शुरू हुए हैं। इसमें तो असर होगा ही, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2024 जिसके इंटरव्यू अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित हैं, साथ ही राज्य सेवा परीक्षा 2025 जिसकी प्री हो चुकी है और अब मेंस का इंतजार है, इसमें भी यह असर आएगा। इसमें कोई चयन सूची में आया है, वह अब अपात्र होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती अभी साल 2022 की भर्ती के रिजल्ट आए हैं और आगे भी कुछ इंटरव्यू होना है। वहीं भर्ती 2024 की भी प्रक्रिया जारी है। इन सभी पर असर होगा। वहीं अभी इसी भर्ती का अगला चरण 27 जुलाई को होना है। इन सभी से यह बाहर होंगे राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा और मेडिकल ऑफिसर भर्ती राज्य इंजीनियरिंग परीक्षा 23 पदों के लिए तो मेडिकल ऑफिसर भर्ती 890 पदों के लिए होना है। इन सभी पर इनका असर होगा। इसके साथ ही अन्य कई परीक्षाएं इसमें आएंगी जिनके लिए भी इस याचिका का हवाला देकर छूट की बात लिखी थी। हाईकोर्ट ने यह कहा था आदेश में जबलपुर में लगी रिट अपील में ईडब्ल्यूएस को भी एसटी, एससी और ओबीसी की तरह ही परीक्षा में बैठने के अधिक बार मिलने वाले अवसर और उम्र छूट सीमा का मुद्दा था। इसमें सभी पक्ष सुनने के बाद 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट ने आदेश दिए और कहा कि ईडब्ल्यूएस को 103वें संविधान संशोधन के तहत आर्थिक आधार पर यह आरक्षण … Read more

रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद

रायपुर : मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री साय से भूमि संसाधन सचिव की सौजन्य भेंट, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मिले भूमि संसाधन सचिव, भूमि सुधार और उपयोग पर संवाद भू-अभिलेख सुधार, डिजिटल सर्वे और राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें। केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है। जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट मंत्रिपरिषद द्वारा वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान दिए जाने के निर्णय हेतु व्यक्त किया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कीर्तन राठौर, अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।

मध्यप्रदेश में जुलाई में बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है. जुलाई के महीने में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, अब तक प्रदेश में 18 इंच बारिश हो चुकी है. सोमवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को भी प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बारिश के कारण नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103% तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75% तक फुल हो गया है। अगले 4 दिन यानी 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा। शिवपुरी में अटल सागर डैम के 6 गेट खोले, श्योपुर में बाढ़ सोमवार को मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां कई लोगों के घरों में पानी भर गया। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। इससे 3 भैंसों की मौत हो गई। मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया। रायसेन में उफनते नालों के बीच मड रैली हुई। जिसमें गाड़ियां दौड़ाई गई। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश का दौर चला। लगातार बारिश का दौर जारी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में हफ्तेभर से बारिश का दौर जारी है. इन जिलों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं. लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.  17 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार को 17 जिलों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है. प्रदेश में हल्की बारिश वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बाकी बचे जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. इन जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है, या फिर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं.  अगले चार दिन होगी बारिश मौसम विभाग की माने तो एमपी से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी एक्टिव है. यही वजह है कि लगातार बारिश का दौरा जारी है. अगले चार दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है. कई जिलों में चार दिन का बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  सोमवार को हुई बारिश सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई.  अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ने से अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए. वहीं श्योपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया. मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया. भोपाल में तेज बारिस का दौर जारी रहा. 

सजा-ए-मौत टली, निमिषा प्रिया को भारत सरकार से मिला जीवनदान

नई दिल्ली यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार के प्रयासों के चलते फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने उनकी सजा को टाल दिया है। निमिषा प्रिया के वकील और परिजनों को वक्त दिया है कि वे मृतक तलाल अबदो मेहदी के परिवार से डील कर सकें। उन्हें ब्लड मनी लेने के लिए राजी कर सकें ताकि निमिषा प्रिया की सजा माफ हो जाए। आज सुबह 10:30 बजे मीटिंग थी, जिसके बाद यह फैसला हुआ है। इस मीटिंग में केरल के एक मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दोस्त शेख हबीब उमर भी मौजूद थे। अब तक यमन की अदालत पर तय था कि निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को सजा-ए-मौत दी जाएगी, लेकिन अब इसे टाल दिया गया है। इस मामले में भारत सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे थे कि किसी तरह निमिषा प्रिया की जान बचा ली जाए। अब तक इस मामले में कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब सरकार के प्रयासों से निमिषा प्रिया और मृतक तलाल आबदो मेहदी के परिवार को किसी डील तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय देने पर सहमति बनी है। तलाल आबदो मेहदी का परिवार अब तक ब्लड मनी लेने के लिए राजी नहीं हुआ है। भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि यह मामला संवेदनशील है और औपचारिक तौर पर कोई कदम उठाना थोड़ा मुश्किल था। इसके बाद भी वहां मौजूद दूतावास और विदेश मंत्रालय ने प्रयास किए और अब सजा को टालने में सफलता मिली है। बता दें कि सोमवार को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान अदालत ने सरकार से पूछा था कि आखिर आप निमिषा को लेकर क्या कदम उठा रहे हैं। इस पर केंद्र सरकार ने कहा था कि यमन थोड़ा अलग देश है। वहां के नियम और कानून भी अलग हैं। हमारी ओर से प्रयास जारी हैं, लेकिन बहुत ज्यादा कुछ करने की स्थिति में हम नहीं हैं। कैसे केरल के सुन्नी नेता के दखल से फूटी उम्मीद की किरण फिर आज खबर मिली कि यमन में सुन्नी मुस्लिम लीडर अबू बकर मुसलियार के दखल से एक मीटिंग हो रही है। केरल के ही रहने वाले मुसलियार ने यमन में अपने मित्र और वहां की शूरा काउंसिल के मेंबर शेख हबीब उमर से संपर्क साधा और उन्होंने मध्यस्थता की मीटिंग में जाने का फैसला लिया। बता दें कि निमिषा प्रिया ने तलाल आबदो मेहदी के उत्पीड़न से तंग आकर उसे ड्रग्स दी थी ताकि उससे अपना पासपोर्ट हासिल कर सकें। लेकिन ड्रग्स की ओवरडोज के चलते उसकी मौत हो गई। इसी मामले में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई है।  

समंदर में लैंडिंग के बाद क्या है अगला स्टेप? शुभांशु शुक्ला की नॉर्मल लाइफ में वापसी का टाइमलाइन

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से पृथ्वी वापसी के सफर पर हैं. उनके साथ Axiom-4 मिशन (Ax-4) पर गया चार सदस्यीय दल ने सोमवार शाम करीब 4:50 बजे (भारतीय समय) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से विदाई ली. स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ‘ग्रेस’ अब साढ़े 22 घंटे की यात्रा के बाद मंगलवार 15 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे अमेरिका के कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में स्प्लैशडाउन करेगा. यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए ऐतिहासिक था, क्योंकि चार दशकों बाद इन देशों के अंतरिक्ष यात्रियों ने किसी मानवयुक्त मिशन में भाग लिया. मिशन का नेतृत्व अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और Axiom की कमांडर पेगी व्हिटसन ने किया. पृथ्वी पर धमाके के साथ होगी एंट्री स्पेसएक्स ने मंगलवार सुबह एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट और Axiom Space के Ax-4 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी के वायुमंडल में 2:31 AM PT (भारतीय समय 3:01 बजे) पर प्रवेश करेंगे और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन करेंगे. स्पेसएक्स ने जानकारी दी है कि ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट एक तेज सॉनिक बूम (sonic boom) के साथ अपने आने का ऐलान करेगा, जो वायुमंडल में उच्च गति से प्रवेश करने पर उत्पन्न होता है. 15 जुलाई 2025 को स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान और एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) का चालक दल पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. यह टीम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से 14 जुलाई को अलग होकर अब सैन डिएगो, कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में उतरने (splashdown) की तैयारी कर रही है. ड्रैगन एक जोरदार आवाज (सोनिक बूम) के साथ अपने आगमन की घोषणा करेगा. वापसी की योजना और टाइम टेबल ड्रैगन यान और Ax-4 क्रू की पृथ्वी पर वापसी एक सटीक प्रक्रिया होगी, जिसमें कई चरण शामिल हैं. एक्सिओम स्पेस और नासा की टीम ने इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए समय सारणी तैयार की है…     2:07 PM IST: डीऑर्बिट बर्न – यान अपनी कक्षा से बाहर निकलने के लिए इंजन जला कर गति कम करेगा.     2:26 PM IST: ट्रंक जेटिसन – यान का अतिरिक्त हिस्सा (ट्रंक) अलग हो जाएगा.     2:30 PM IST: नोजकोन बंद – यान का अगला हिस्सा बंद होगा ताकि उतरने के लिए तैयार हो सके.     2:57 PM IST: ड्रोग्यू पैराशूट्स तैनात – छोटे पैराशूट खुलेंगे, जो यान की गति को धीमा करेंगे.     2:58 PM IST: मुख्य पैराशूट्स तैनात – बड़े पैराशूट खुलेंगे, जो यान को सुरक्षित उतारने में मदद करेंगे.     3:00 PM IST: ड्रैगन स्प्लैशडाउन – यान प्रशांत महासागर में पानी पर उतरेगा. इस प्रक्रिया के दौरान, ड्रैगन एक संक्षिप्त सोनिक बूम पैदा करेगा, जो ध्वनि की गति से तेज गति के कारण होगा. यह आवाज सैन डिएगो तट पर सुनाई दे सकती है और स्थानीय लोगों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा. चालक दल और मिशन का सफर Ax-4 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जो 25 जून 2025 को लॉन्च होने के बाद 26 जून को ISS से जुड़े थे. इनमें शामिल हैं…     पैगी व्हिटसन (कमांडर): नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री.     शुभांशु शुक्ला (पायलट): भारत के ISRO अंतरिक्ष यात्री, जो भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं.     स्लावोश उज़नांस्की-विस्निव्स्की: पोलैंड से ESA प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री.     टिबोर कपु: हंगरी के HUNOR प्रोग्राम से अंतरिक्ष यात्री. इन अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS पर 18 दिन बिताए और 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जैसे मांसपेशियों की हानि, मानसिक स्वास्थ्य और अंतरिक्ष में फसल उगाने पर शोध. शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिए यह गर्व का पल बनाया.  अंतरिक्ष में ग्रुप फोटो का मजेदार तरीका अंतरिक्ष में ग्रुप फोटो लेना आसान नहीं है, क्योंकि वहां कोई राहगीर नहीं होता जो फोटो खींच सके. Ax-4 क्रू ने इस समस्या का अनोखा हल निकाला. उन्होंने एक कैमरा सेट किया, जो हर 5 सेकंड में फोटो लेता है. फिर वे अपनी पोजीशन में आते हैं और कैमरे की ओर मुस्कुराते हैं. अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने फोटो सेशन को मजेदार बनाया, और ये तस्वीरें उनके मिशन की यादगार बन गईं. सात दिन आइसोलेशन में रहेंगे शुभांशु  शुभांशु शुक्ला के 15 जुलाई 2025 को पृथ्वी पर लौटने के बाद, उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के प्रभावों से उबरने के लिए 7 दिनों तक पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) में रहना होगा. यह अवधि चिकित्सा निगरानी में होगी ताकि वे पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण में फिर से सामंजस्य बिठा सकें.

मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की दुबई के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश है निवेश के लिए श्रेष्ठ गंतव्य मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई निवेश यात्रा के दौरान सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और औद्योगिक समूहों से वन-टू-वन चर्चा हुई, जिसमें मध्यप्रदेश में बहु-क्षेत्रीय निवेश की संभावनाओं पर व्यापक और सकारात्मक संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स (GII) के सह-संस्थापक एवं सह-सीईओ श्री पंकज गुप्ता से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक रियल एस्टेट, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्माण क्षेत्र में संभावित निवेश पर चर्चा की। जीआईआई एक शरिया-संगत वैकल्पिक निवेश फर्म है जो वैश्विक स्तर पर विविध क्षेत्रों में निवेश करती है और अब मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटा समूह के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं ग्रोथ (MENA रीजन) प्रमुख श्री अंकुर गुप्ता से भी मुलाकात की। चर्चा में आईटी, ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोबाइल, एयरलाइंस, उपभोक्ता उत्पाद और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश केंद्र स्थापित करने हेतु आमंत्रित करते हुए राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और त्वरित अनुमतियों की जानकारी दी। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम (GMBF) के अध्यक्ष डॉ. सुनील मांजरेकर के साथ बैठक में GMBF द्वारा मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से सीधे संवाद के लिए मंच प्रदान करने सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने GMBF की ग्लोबल कनेक्ट सीरीज़ के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीडीओ एज के हेड ऑफ एडवायजरी श्री शिवेंद्र झा ने भेंट कर भोपाल में 150-सीटर ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर की स्थापना और इंदौर में प्रस्तावित दूसरा डिजिटल सेंटर की जानकारी साझा की। यह केंद्र डिजिटल व परामर्श सेवाओं में रोजगार सृजन करेगा। साथ ही अगले तीन वर्षों में 800-1000 उच्च-कुशल नौकरियों के सृजन का लक्ष्य है। शराफ डीजी ग्रुप के चेयरमैन श्री इब्राहिम शराफ के साथ हुई बैठक में मध्यप्रदेश में 30-50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से रेल साइडिंग लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिससे राज्य में 300 से 600 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एस्सार अल घुरैर इन्वेस्टमेंट के प्रतिनिधि श्री योसेफ अल गुरैर से मुलाकात कर खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य तेल शोधन इकाई और कोल्ड चेन वेयरहाउस परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। समूह ने राज्य के किसानों से दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की इच्छा जताई। कोनेरिस ग्रुप के सीईओ श्री भरत भाटिया ने मध्यप्रदेश में USD 75 मिलियन लागत से स्टील प्लांट की स्थापना की योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखी। कंपनी पहले से ही 26 देशों में स्टील उत्पाद भेजती है और भारत में अपनी उपस्थिति राज्य के माध्यम से बढ़ाना चाहती है। एतिसालात ग्रुप के सीईओ श्री खालिद मुर्शिद से स्मार्ट सिटी, 5G नेटवर्क, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल स्किल डवलपमेंट के क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव रखें। कंपनी 16 से अधिक देशों में कार्यरत है और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में रुचि रखती है। ब्रावो फार्मास्युटिकल्स के निदेशक श्री राकेश पांडेय ने फार्मा निर्माण और निर्यात को लेकर निवेश रुचि दिखाई, वहीं स्मार्ट स्टार्ट फंड के श्री प्रशांत गुलाटी ने आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को मध्यप्रदेश में प्रोत्साहित करने की बात कही। अनलाह वेंचर पार्टनर्स के हितेश धनकानी ने म्यूचुअल फंड, बीमा और इक्विटी सेवाओं में निवेश की योजना साझा की और स्पैन कम्युनिकेशन्स के सीईओ श्री नरेश खेतरपाल ने राज्य में पर्यटन, नेचुरोपैथी रिसॉर्ट और क्रूज़ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने हेतु 500 करोड़ रूपये निवेश के साथ 100-150 रोजगार सृजन की संभावना जताई। वहीं, ब्लूवर्स इंडिया के श्री रुशांग शाह ने पर्यावरण-अनुकूल वाहन धुलाई तकनीक और जल संरक्षण आधारित समाधान लाने की योजना साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहायता, नीति समर्थन और त्वरित अनुमतियाँ प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीतियाँ, प्रशिक्षित कार्यबल, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यह यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश नक्शे पर और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम के विशेष सत्र को किया संबोधित

एमपी के दरवाजे सभी के लिये खुले है, हर सेक्टर में निवेशकों का स्वागत है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में आने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहनकारी नीतियों के अतिरिक्त भी देंगे विशेष सुविधाएं दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम के विशेष सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गरीब से गरीब आदमी को सम्पन्न बनाने का संकल्प है। बदलते दौर का भारत प्रधानमंत्री मोदी के गत 11 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प की पूर्ति के लिए उद्योग और अर्थ-व्यवस्था के क्षेत्र में भारत के निरंतर सशक्त होने में पूरी तरह सहभागी है। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहनकारी नीतियों का लाभ देने के साथ ही नीतियों से हटकर भी अतिरिक्त सुविधाएं देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस- फोरम के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पर्यटन,टेक्सटाइल और एमएसएमई सहित अन्य सेक्टर्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता यह है कि उद्यमी न करे धनसंग्रहित बल्कि उस धन को उद्यम में लगाकर अपने व्यवसाय को और बढ़ाएं। इससे व्यापार कई गुना बढ़ जाता है। व्यापार की यह समझ दुबई के उन उद्योगपतियों में है जो भारतीय हैं और इस देश के विकास में विशेष सहयोगी हैं। टेक्समास टेक्सटाइल क्षेत्र देखकर सुखद अनुभव हुआ है, यहां योजना पक्ष की श्रेष्ठता देखने को मिली है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों का स्वागत कर रहा है। हम इसी उद्देश्य से दुबई आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीब से गरीब की जिंदगी बेहतर करने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिला पाएं, इसके लिए सरकार सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उद्योगपतियों के आगे बढ़ने के पीछे भारतीय संस्कृति और खान-पान की बड़ी भूमिका है। मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। राज्य सरकार दीर्घकालिक प्रगति के उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के जो लाभ हैं उनके बारे में मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। भारत के साथ दुबई के परस्पर प्रगाढ़ व्यापारिक संबंध हैं। दुबई का इतिहास देखें तो 19वीं सदी में यह मत्स्य पालन और मत्स्य आखेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1950 से 1970 के मध्य तेल की उपलब्धता ने इस क्षेत्र को बदल दिया। आज दुबई गगनचुम्बी अट्टालिकाओं के कारण जाना जाता है। यूएई की वर्तमान दशा में विश्व बंधुत्व का भाव भी शामिल है। वस्तुत: यह भारतीय दर्शन है। अरब के इस क्षेत्र ने हमारी भावना को अंगीकार किया है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो कहीं भी जाकर समरस हो जाते हैं। अधिकांश बड़े आईआईटी या आईआईएम से शिक्षित नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभव इन डिग्रियों से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुबई में भारत के मसालों की महक और व्यंजन का लाभ लेने का भी अवसर मिला इसकी कोई तुलना नहीं है। अब मेट्रो और बुलेट ट्रेन दुबई की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धन दौलत के साथ मन का प्रेम भी महत्वपूर्ण है। यहां बसे भारतीयों से ऐसा ही स्नेह मिला। दुबई पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद भी देखने को मिलता है। आपरेशन सिंदूर की सफलता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल युग से दुनिया छोटी हो गई है। बिना हिले -डुले करोड़ों का व्यवसाय किया जा सकता है। यही परिवर्तन युद्ध क्षेत्र में भी देखने को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संकल्प दुनिया को दिखा दिया कि हम शत्रु के घर जाकर उसे मार सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जीयो और जीने का संदेश भी दिया है। भारत का विरोध किसी देश से न होकर आतंकवादियों से है। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए चाहिए व्यापार की समझ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर वर्ष 2025 तक दुबई के साथ द्वि-पक्षीय संबंध विकसित किए हैं। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए व्यापार की समझ होना चाहिए। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने 90 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी फ्री करने का कार्य किया। दुबई से उन्होंने दुनिया के द्वार खोले जो एक उदाहरण है। आज अन्य देश भी दुबई मॉडल के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि फूड चैन सप्लाई से लेकर अन्य क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के दुबई से मजबूत संबंध रहेंगे। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले दस वर्ष में बदल गई है। भारत जहां 11वें स्थान पर था अब तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है। एविएशन सेक्टर में टाटा संस्थान ने मजबूती प्रदान की है। भारत में भी मेट्रो और वंदेभारत से आगे बढ़कर अहमदाबाद से मुम्बई के मध्य बुलेट ट्रेन शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का सोना जो अन्य देशों में था उसे वापस लाने का बड़ा कार्य भी किया है। इस तरह भारत की साख बढ़ाने का कार्य सक्षम प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे हैं। किसान कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं और अन्य फसलों पर‍किसानों को अच्छी कीमत देने के लिए रणनीति तैयार की गई। किसान का उत्पादन उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां बेहतर दाम मिल सकता है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी है। यहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी दुबई सहित अन्य देशों के उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं। इससे पहले अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से अग्रणी बन रहा है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में टेक्नोलॉजी की लहर चल रही है। इंदौर और भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में तकनीकी प्रतिभा और आधारभूत संरचना दोनों उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्वच्छ वातावरण, ट्रांसपोर्टेशन समय में कमी, तकनीकी दक्ष युवा सहित कई सुविधाएं मौजूद है, जो राज्य को देश में तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी … Read more

IRCTC का नया नियम: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले जारी होगा रिजर्वेशन चार्ट, जानें नया नियम

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे में अब यात्रियों के लिए आरक्षण सूची तैयार करने की समय-सीमा में बदलाव होने जा रहा है। इसके तहत ट्रेन के प्रस्थान समय से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी हो जाएगी। भोपाल मंडल के साथ पश्चिम मध्य रेलवे के अन्य मंडलों में भी इसे 15-16 जुलाई की मध्य रात्रि से लागू कर दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों को यात्रा से पहले टिकट कन्फर्मेशन की स्थिति जानने में बड़ी राहत देगी। रेल अधिकारियों ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह आठ बजे रवाना होने वाली ट्रेनों की आरक्षण सूची 15-16 जुलाई की रात 12 बजे जारी हो जाएगी। छिंदवाड़ा से इंदौर जाने वाली पंचवैली एक्सप्रेस पहली ट्रेन होगी, जिसकी आरक्षण सूची भोपाल में रात 12 बजे तैयार हो जाएगी। अभी तक की व्यवस्था में ट्रेन के प्रस्थान समय से चार घंटे पहले आरक्षण सूची जारी होती थी। स्टेशन जाने के बाद पता चलता है टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं इसकी वजह से प्रतीक्षा सूची में शामिल ऐसे लोगों को दिक्कत होती थी, जो दूर से आते थे। उन लोगों को पांच-छह घंटे पहले रेलवे स्टेशन के लिए निकलना पड़ता था, तब तक उन्हें यह पता नहीं रहता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। प्राय: ऐसे लोगों को स्टेशन जाने के बाद पता चलता कि उनका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ। इस स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को ट्रेन छूटने से आठ घंटे पहले से ही जानकारी मिल सकेगी कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इससे वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की योजना बना सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने टिकट आरक्षण व्यवस्था में यह बदलाव एक जुलाई से लागू किया था। ये किए गए बदलाव . जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय 05:00 बजे सुबह से 14:00 बजे दोपहर के बीच है, उनका पहला आरक्षण चार्ट पिछले दिन रात 9:00 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा. . जिन ट्रेनों का प्रस्थान 14:00 बजे दोपहर से 23:59 रात तथा 00:00 से 05:00 बजे सुबह के बीच है, उनका पहला चार्ट प्राथमिकता के अनुसार 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. . द्वितीय आरक्षण चार्ट की तैयारी की वर्तमान व्यवस्था यथावत बनी रहेगी। . ये निर्देश रिमोट लोकेशनों (Remote Locations) पर चार्टिंग के लिए भी लागू होंगे. यानी सभी ट्रेनों में यह नियम लागू रहेगा. इमरजेंसी कोटा के आवेदन में किए गए बदलाव चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव के अनुसार, EQ (आपातकालीन कोटा) के आवेदन समय में भी बदलाव किया गया है. .अगर ट्रेन छूटने का समय 13:00 से 15:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 10:00 बजे तक आवेदन देना होगा. .अगर ट्रेन छूटने का समय 15:00 से 18:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक आवेदन देना होगा. . अगर ट्रेन छूटने का समय 18:00 से 24:00 और 00:00 से 13:00 तक है तो ट्रेन प्रस्थान के एक दिन पूर्व 14:00 बजे तक आवेदन देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर एक दिन पूर्व 12 :00 बजे तक देना होगा.   रेल यात्रियों को मिलेगी सुविधा     रेल यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेन के रवाना होने से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी की जाएगी। भोपाल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे में यह व्यवस्था 15-16 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू की जा रही है। -नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल रेल मंडल