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राज्यपाल पटेल ने गरीब, वंचितों के आवास निर्माण में समृद्ध वर्ग से सहयोग का किया आव्हान

समाज और सरकार मिलकर काम करें: राज्यपाल पटेल ने पीएम जनमन योजना में सहयोग की अपील राजभवन में पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक संपन्न भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आव्हान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। बैठक में राज्यपाल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है। समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

एमवाय अस्पताल में भयावह हादसा, नवजात बच्चियों पर चूहों का हमला – स्टाफ ने नहीं लिया कोई कदम

इंदौर  एमवाय अस्पताल में चूहों के कुतरने के बाद दो नवजात बच्चियों की मौत हो गई थी। अब प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुई लापरवाही पर एक और खुलासा हुआ है। अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एनआइसीयू में चूहे रातभर नवजातों की अंगुलियां और हथेली कुतरते रहे। छह घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान किसी ने उनकी सुध तक नहीं ली। वेटरनरी डॉक्टरों की मानें तो चूहे जैसा चंचल प्राणी के लिए संभव नहीं कि वह एक स्थान पर बैठकर पूरी अंगुली कुतर दें। उसने चार अंगुलियों को कुतरने में कम से कम छह से आठ घंटे लगाए होंगे। इस दौरान वह दर्जनों बार इंक्यूबेटर में आया-गया होगा, हलचल हुई होगी। अगर नर्सिंग स्टाफ या डॉक्टर मौके पर होते तो निश्चित ही उनकी नजर नवजातों पर पड़ती और चूहे नवजातों की अंगुलियां नहीं कुतर पाते। पहले दिन कुतरने के बाद भी अगले दिन नहीं दिया ध्यान दरअसल, 30 और 31 अगस्त को धार जिले के रूपापाड़ा और देवास जिले के कमलापुर निवासी माता-पिता की दो नवजात बच्चियों को चूहे ने कुतरा। पहले दिन धार जिले के नवजात की पूरी चार अंगुलियां चूहे खा गए, लेकिन इस संबंध में किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसे लावारिस बताकर सिर्फ पट्टी बांधकर घाव को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद स्टाफ ने घटना के बाद भी वहां की सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया, ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और नर्स दूसरे दिन भी लापरवाह बनकर ड्यूटी करते रहे। इसका नतीजा यह निकला कि देवास जिले की नवजात की हथेली और एक अंगुली चूहा खा गया। दोनों नवजातों को रातभर में चूहों ने शिकार बनाया, लेकिन कोई वार्ड के अंदर तक राउंड लेने भी नहीं गया। एक साथ अंगुलियां नहीं कुतर सकता चूहा, थोड़ी हलचल में ही भाग जाता महू वेटरनरी अस्पताल और निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि चूहा कभी भी एक साथ अंगुलियां नहीं कुतर सकता है। वह थोड़ी देर कुतरने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाता है और वापस उसी स्थान पर कुतरने के लिए आता है। चूहा अंगुलियों को कुतरने के साथ ही उन्हें खा भी सकता है। अगर थोड़ी हलचल भी होती तो चूहा वहां से भाग निकलता। यानी कुतरने के दौरान वार्ड में कोई हलचल नहीं हुई होगी, इसलिए उसे समय मिल गया और आसानी से अंगुलियां कुतर सका। इस दौरान नवजात दर्द के कारण रोएं भी होंगे। डॉ. कुलदीप कुमार ने बताया कि चूहा जब भी किसी चीज को लंबे समय तक नहीं कुतरता है। वह थोड़ी देर कुतरने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाता है।

स्किल्ड युवा और गांव बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश के ध्वजवाहक

‘विकसित यूपी @2047’ : युवा को ज्ञान, सबको घरबार स्किल्ड युवा और गांव बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश के ध्वजवाहक 2047 तक यूपी को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में जुटे योगी आदित्यनाथ – हर परिवार को पक्का घर, हर गांव को बुनियादी सुविधाएं देने का संकल्प  – यूपी बनेगा स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड युवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता – कृषि अनुसंधान और फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी किसानों की आय – पश्चिमांचल की तरह पूर्वांचल और बुंदेलखंड भी बनेगा विकास का मॉडल  – 2017 से पहले शिक्षा और गांवों में थी अव्यवस्था, अब बन रहा विकास का सेंटर – ग्रामीण आवास में आई क्रांति- 36.57 लाख घर स्वीकृत, 36.34 लाख हुए पूरे – 3310 आईटीआई और 2138 पॉलीटेक्निक से युवाओं को मिल रहे नए अवसर लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक ‘विकसित यूपी’ के रूप में स्थापित करने का विजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है। इस विजन के मुख्य आधार में से एक है ग्रामीण युवा को उच्च शिक्षा के साथ ही ग्राम स्वच्छता एवं ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना। सरकार का मानना है कि यदि अगले 22 वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन किए जाएं तो प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर भारत की विकास यात्रा में अहम योगदान देगा। 2017 से पहले की स्थिति साल 2017 से पहले प्रदेश उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई चुनौतियों से जूझ रहा था। शिक्षा व्यवस्था रोजगार उन्मुख नहीं थी और तकनीकी शिक्षा के संस्थान सीमित थे। प्रदेश में केवल 526 पॉलीटेक्निक और 2642 आईटीआई संचालित हो रहे थे। अनुसंधान और नवाचार का बुनियादी ढांचा भी कमजोर था। ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर भी उतनी ही चिंताजनक थी। लाखों परिवार पक्के मकानों से वंचित थे। गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी सुविधाओं का व्यापक अभाव था। ग्राम पंचायतें संसाधनों और क्षमता की कमी से जूझ रही थीं, जिससे योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख पाता था। 2017 से 2025 : विकास की नई दिशा योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ वर्षों में उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास दोनों क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए। "एक मंडल, एक विश्वविद्यालय" की दिशा में आगे बढ़ते हुए अब प्रदेश में 24 राज्य और 49 निजी विश्वविद्यालय हैं। इस दौरान 6 नए राज्य विश्वविद्यालय और 23 नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। तकनीकी शिक्षा में भी बड़ा विस्तार हुआ। आईटीआई की संख्या बढ़कर 3310 और पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या 2138 हो गई। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ करार कर 150 से अधिक सरकारी आईटीआई को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया। गुणवत्ता सुधार के लिए 95 से अधिक संस्थानों को एनएएसी की मान्यता मिली और 67 संस्थान राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल हुए। युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन भी वितरित किए गए। ग्रामीण विकास में ऐतिहासिक बदलाव ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में सरकार ने करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने वाला काम किया। अब तक 56.90 लाख परिवारों को पक्के घर मिले हैं। पीएम आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 36.57 लाख घर स्वीकृत हुए और इनमें से 36.34 लाख का निर्माण पूरा हो चुका है। गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। 165 ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़कों से जुड़े, 1385 किलोमीटर नई सड़कें बनीं और 25 हजार किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण किया गया। जल सुरक्षा के लिए अमृत सरोवर बनाए गए और 550 ग्राम पंचायतों को अटल भूजल योजना से जोड़ा गया। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 24,489 पंचायत भवन बनाए गए। हर ग्राम पंचायत को सचिवालय मिला और पंचायत सहायकों की नियुक्ति हुई। अब हर गांव में शासन की योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था है। मुख्यमंत्री का मिशन 'विकसित यूपी 2047' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकसित भारत @2047' को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश को ग्रोथ इंजन बनकर इसमें पूरा सहयोग देना होगा। पीएम मोदी के विजन को मिशन मोड में पूरा करने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। उन्होंने आगामी 22 वर्षों में यूपी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का रोडमैप स्पष्ट किया है। 2030 तक लक्ष्य है कि प्रदेश के गांव केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि उत्पादकता और निर्यात में भी अग्रणी बनें। इसके लिए सीड पार्क, उन्नत बीज, फसल विविधिकरण और फूड प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार होगा। दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत 2047 तक अनाज, फल और सब्जियों की उत्पादकता को विश्वस्तरीय स्तर पर ले जाया जाएगा। आधुनिक कृषि अनुसंधान और नवाचार केंद्र स्थापित होंगे। दुग्ध और अंडा उत्पादन में यूपी को विश्व में शीर्ष पर पहुंचाया जाएगा और पशुधन विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही हर परिवार को पक्का मकान, अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक प्रणाली, गरीबी का उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को पश्चिमांचल के बराबर लाकर क्षेत्रीय असमानता समाप्त करने का लक्ष्य है। 6 ट्रिलियन डॉलर की ओर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। यह भारत की अनुमानित जीडीपी का 20 प्रतिशत होगा। इसके लिए 2025 से 2047 तक लगातार 16 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखना जरूरी है। उच्च शिक्षा और कौशल विकास से तैयार कार्यबल घरेलू व वैश्विक उद्योगों को गति देगा। ग्रामीण अवसंरचना और कृषि उत्पादकता बढ़ने से आय और खपत में वृद्धि होगी। इन दोनों क्षेत्रों का संयुक्त योगदान ही यूपी को 26 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय के स्तर तक ले जाएगा।    

सरकार का कर्ज 4.53 लाख करोड़ पार, आज फिर 4 हजार करोड़ उधार लेगी मोहन सरकार

भोपाल  मोहन सरकार आज एक बार फिर 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज तीन हिस्सों में लिया जाएगा, जिसमें 1,500-1,500 करोड़ रुपए के दो और 1,000 करोड़ रुपए का एक लोन शामिल है। इससे पहले सरकार ने 26 अगस्त को भी 4,800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया।  सरकार इस धनराशि का उपयोग लाड़ली बहना योजना की किस्त, सितंबर में मनाए जाने वाले सेवा पर्व और अलग-अलग बड़ी परियोजनाओं के भुगतान में करेगी। कुल कर्ज पहुंचा ₹4.53 लाख करोड़ के पार चालू वित्त वर्ष में मोहन सरकार अब तक मई, जून, जुलाई, अगस्त में कई बार कर्ज ले चुकी है। आज के ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में अब तक उठाया गया कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य पर कुल बकाया कर्ज की राशि बढ़कर ₹4,53,640.27 करोड़ हो जाएगी। 31 मार्च 2025 तक की स्थिति में सरकार पर कुल कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था। सरकार ने दिया राजस्व सरप्लस का हवाला सरकार का कहना है कि वह कर्ज लोन लिमिट के भीतर ही ले रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12,487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (सरप्लस) में थी। उस साल सरकार की कुल आमदनी ₹2,34,026.05 करोड़ और खर्च ₹2,21,538.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार, प्रदेश की आमदनी ₹2,62,009.01 करोड़ और खर्च ₹2,60,983.10 करोड़ रहने की संभावना है। इस प्रकार ₹1,025.91 करोड़ का अनुमानित राजस्व अधिशेष है।

बम की अफवाह से हड़कंप: गोल्डन स्कूल इंदौर में स्कूल खाली, पुलिस को तीन घंटे बाद दी सूचना

इंदौर  गोल्डन इंटरनेशनल स्कूल को देर रात बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन को रात 3:17 बजे ईमेल के माध्यम से धमकी मिली थी. जैसे ही इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची, तुरंत मौके पर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीम भेजी गई. सुबह स्कूल को एहतियातन खाली कराया गया और पुलिस ने पूरे परिसर की सघन सर्चिंग करवाई. बम डिस्पोजल टीम ने हर कोने की बारीकी से जांच की. हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी पूरी तरह फर्जी निकली. सर्चिंग पूरी होने के बाद पुलिस टीम स्कूल से बाहर निकल आई. फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है. मेल में लिखा- कभी भी फट सकता है जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन को मेल रात 3 बजे करीब आया था। सुबह 7 बजे स्कूल प्रबंधन ने मेल चेक किया तो उसमें लिखा था कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है। जो कि कभी भी फट सकता है। धमकी भरा ये ईमेल स्कूल प्रबंधन को नयनतारा आउटलुक नाम से रात के 3.18 बजे प्राप्त हुई थी। जिसे उन्होंने सुबह 7 बजे देखा। इसके लगभग तीन घंटे बाद तकरीबन 10 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी के मुताबिक, इमेल में लिखा है कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है, जो कि कभी भी फट सकता है। जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने परिसर को खाली करवाया और सभी बच्चों को बस से उनके घर भेजा। ये पहली बार नहीं है जब शहर के किसी स्कूल को ऐसी धमकी प्राप्त हुई हो। इसी साल तकरीबन सात महीनें पहले फरवरी में इंदौर के दो स्कूलों को ऐसा ही धमकी भरा ईमेल मिला था। उस दौरान स्कूल प्रबंधन को ये ईमेल तमिलनाडु से आया था। वहीं, इसके करीब चार महीने पहले इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद एयरपोर्ट की सिक्योरिटी को बढ़ा दी गई थी।

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: डायरेक्ट नगर निगम चुनाव और स्क्रैप पॉलिसी की हरी झंडी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रहा। अब नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया पार्षदों के माध्यम से होती थी। अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तीन-चौथाई पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ चुनाव कराएगा। इसमें जनता ही यह निर्णय करेगी कि अध्यक्ष पद पर रहेंगे या हटेंगे। वाहन स्क्रैप पॉलिसी को मंजूरी कैबिनेट ने वाहन स्क्रैप पॉलिसी को भी स्वीकृति दी। अब वाहन स्क्रैप करने वाली संस्थाओं को उद्योग का दर्जा मिलेगा। इन्हें वही प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जो अन्य उद्योगों को मिलते हैं। वाहन स्क्रैप कराने वाले व्यक्तियों को नया वाहन खरीदते समय मोटरयान कर में 50% की छूट प्रदान की जाएगी। सेवा सप्ताह और पीएम मोदी का दौरा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और आमजन से मिलकर कार्य करें। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा का भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।  कब से लागू होगी नई व्यवस्था अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी। तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और अविश्वास प्रस्तावों के कारण बार-बार पैदा होने वाली अस्थिरता समाप्त होगी। स्क्रैप नीति में विशेष छूट कैबिनेट बैठक में वाहनों से प्रदूषण घटाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। जो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि आम लोगों को नई गाड़ी खरीदने में आर्थिक राहत भी मिलेगी। सेवा पखवाड़े की तैयारी बैठक में यह भी तय हुआ कि 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं की समीक्षा करेंगे।  मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर     कैबिनेट के फैसलों की नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए कहा कि अब महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष का सीधा चुनाव होगा।अब वर्ष 2027 में नगर निगम के महापौर की तरह ही नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का भी सीधे जनता द्वारा चुनाव होगा।अब तक नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद महापौर को चुनते थे, लेकिन अब संशोधन के बाद से ऐसा नहीं होगा।     राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलेगा।17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी।  पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा।     BS-1 और BS-2 गाड़ियां काफी प्रदूषण पैदा करती हैं।इसके लिए स्क्रैब करने वाली संस्था को भी इंडस्ट्री में दी जाने वाली सुविधा का लाभ दिया जाएगा। जो व्यक्ति स्क्रैब करेगा,उसको नई गाड़ी खरीदने पर मोटर कर यान 50% की छूट दी जाएगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे एमपी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को धार में मित्र पार्क का शुभारंभ करने मध्य प्रदेश आएंगे। राज्य सरकार का फोकस मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण, स्वदेशी, पर्यावरण और स्वच्छता पर है । इसके लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले स्वच्छता पखवाड़े में भी अन्य बातों पर फोकस किया जाएगा>

योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से जन शिकायतों के निस्तारण में आई तेजी, पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय

जनशिकायतों के निस्तारण में योगी सरकार का देवीपाटन मंडल अव्वल, मीरजापुर मंडल ने हासिल किया दूसरा स्थान    योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से जन शिकायतों के निस्तारण में आई तेजी, पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मॉनीटरिंग से शिकायतों का समयबद्ध हो रहा निस्तारण  – आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल ने पहले स्थान पर  – रिपोर्ट में मीरजापुर दूसरे तो अलीगढ़ मंडल है तीसरे स्थान पर, शिकायतों के निस्तारण के बाद मंडलायुक्त ले रहे फीडबैक  – मंडलायुक्तों की मॉनीटरिंग, विभागीय आख्या की जांच और शिकायकर्ता के फीडबैक से समस्या के समाधान में आ रही तेजी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी से जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आई है। योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से शिकायतों के समाधान में न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि पीड़ितों को त्वरित न्याय भी मिल रहा है। योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी उपायों को अपनाकर शिकायतों के निस्तारण को सुनिश्चित किया है। वहीं, आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में देवीपाटन मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में बाजी मारी है और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह प्रदेशभर में मीरजापुर मंडल ने दूसरा और अलीगढ़ मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  हर माह रेंडम पांच शिकायतकर्ता से दवीपाटन मंडलायुक्त खुद लेते हैं निस्तारण का फीडबैक देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए देवीपाटन मंडल के जिलों क्रमश: श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर में जनशिकायतों के पारदर्शी और त्वरित समाधान के लिए कई बिंदुओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिलों में जनशिकायतों की निस्तारण की रिपोर्ट की लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। मंडलायुक्त ने बताया कि वह खुद मंडल के सभी जिलों के जनशिकायतों के निस्तारण के पहलुओं की मॉनीटरिंग करते हैं। इसके साथ ही रेंडम पांच शिकायतकर्ता से मंडलायुक्त कार्यालय से फीडबैक लिया जाता है ताकि यह पता चल सके कि पीड़ित की शिकायत पर वास्तविकता में एक्शन लिया गया है या फिर रिपोर्ट ही लगायी गयी है। इसके साथ ही हर माह जनशिकायतों के मामलों की विभागीय आख्या की जांच की जाती है। यही वजह है कि देवीपाटन मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। मंडलायुक्त ने बताया कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में दवीपाटन मंडल को पूर्णांक 120 में से 105 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 87.50 प्रतिशत है।    मीरजापुर मंडल ने दूसरा तो अलीगढ़ मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया योगी सरकार द्वारा लांच आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कई सुधारों के बाद यह अत्यधिक प्रभावी साबित हुआ है। आईजीआरएस की अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेशभर में दूसरा प्राप्त किया है। मीरजापुर मंडलायुक्त ने बताया कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में मीरजापुर मंडल को पूर्णांक 120 में से 96 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 80 प्रतिशत है। इसी तरह अलीगढ़ मंडल ने जनशिकायतों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अलीगढ़ मंडलायुक्त संगीता सिंह ने बताया कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में अलीगढ़ मंडल को पूर्णांक 120 में से 93 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 77.50 प्रतिशत है। इसके साथ ही टॉप फाइव मंडल में बस्ती मंडल ने चौथा और प्रयागराज मंडल ने पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इन मंडलों ने शिकायतों के निस्तारण में समय की बचत और पीड़ितों से फीडबैक लेकर सुधार की प्रक्रिया को तेज किया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि कोई भी शिकायत अनसुलझी न रहे और समाधान की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध हो। साथ ही अधिकारियों के फील्ड विज़िट्स ने इस प्रक्रिया को और भी प्रभावी बना दिया है।  

योगी सरकार के आमंत्रण पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस डेलिगेशन और सांस्कृतिक कलाकार होंगे शामिल

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार रूस बनेगा पार्टनर कंट्री योगी सरकार के आमंत्रण पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस डेलिगेशन और सांस्कृतिक कलाकार होंगे शामिल योगी सरकार के आमंत्रण पर रूस ने दी पार्टनर कंट्री बनने की औपचारिक स्वीकृति बिजनेस डेलिगेशन बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस क्षेत्रों में करेगा सहभागिता 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल भी प्रस्तुत करेगा रूसी कला-संस्कृति ‘डूइंग बिजनेस इन रूस’ पर नॉलेज सेशन की होगी खास प्रस्तुति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ  मेगा इवेंट में योगी सरकार की पहल से बढ़ेगा वैश्विक सहयोग लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में लगातार तीसरे वर्ष होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में इस बार रूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने रूस को इस मेगा इवेंट में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। रूस की ओर से भी इस आमंत्रण को स्वीकृत कर लिया गया है और इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को दे दी गई है। इस मेगा इवेंट में रूस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, उद्योग जगत के प्रमुख प्रदर्शक और सांस्कृतिक कलाकार शो का हिस्सा बनेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ करेंगे, जो 29 सितंबर तक चलेगा।  2024 में वियतनाम बना था पार्टनर कंट्री  इससे पहले 2024 में भी योगी सरकार की पहल पर वियतनाम को बतौर पार्टनर कंट्री यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सम्मिलित किया गया था। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वियतनाम-इंडिया फोरम और यूपी-वियतनाम टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों देशों के बीच व्यापार एवं पर्यटन संबंधों पर जोर दिया था। उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश न केवल भारत का ग्रोथ इंजन है बल्कि वैश्विक निवेश का हब भी बन रहा है। ऐसे में रूस के यूपीआईटीएस 2025 में पार्टनर कंट्री बनने से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। रूस ने दी पार्टनर कंट्री बनने की स्वीकृति  27 मई 2025 को भारत के मास्को स्थित दूतावास ने रूस के प्रमुख मंत्रालयों—मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड, मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट, मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड हायर एजुकेशन तथा मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर—को औपचारिक निमंत्रण भेजा था। इसके अलावा, रूस के प्रमुख व्यापारिक संगठनों जैसे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ रशिया, बिजनेस रशिया, ओपोरा रशिया और विभिन्न सेक्टर-विशेष ट्रेड बॉडीज़ से भी सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। इसके जवाब में रूस की ओर से आमंत्रण को स्वीकार करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस संबंध में रूस की स्वीकृति पत्र भी प्रदेश सरकार को मिल चुका है।  बिजनेस और कल्चरल डेलिगेशन होगा आकर्षण का केंद्र रूस की ओर से आने वाले डेलिगेशन में बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्तर के अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही रूस का 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुति देगा, जिससे ट्रेड शो में भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी। नॉलेज सेशन और बिजनेस अवसर ट्रेड शो में एक विशेष ‘डूइंग बिजनेस इन रूस’ नॉलेज सेशन भी आयोजित होगा। इसमें भारतीय और उत्तर प्रदेश के उद्योगपतियों को रूस के व्यापारिक अवसरों और निवेश संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।  

हर हाथ को हुनर, हर युवा को रोजगार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक साबित हो रहा कौशल विकास कार्यक्रम- मुख्यमंत्री योगी हर हाथ को हुनर, हर युवा को रोजगार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा व्यावसायिक व कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क ग्रामीण और शहरी युवाओं को जोड़ने के लिए चलाई जा रही हैं कई योजनाएं आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डीडीयू-जीकेवाई जैसे संस्थान और योजनाएं बनीं युवाओं की ताकत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण कुशल युवाओं से मजबूत होगा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी है और योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक युवा को उसकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाए। “हर हाथ को हुनर और हर युवा को रोजगार” इसी दृष्टिकोण के तहत प्रदेश में कई कौशल विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 2015 में राष्ट्रीय कौशल विकास और उद्यमिता नीति लागू की थी। योगी सरकार ने इस नीति को जमीनी स्तर तक ले जाकर प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का कार्य किया है। प्रदेश के सभी जिलों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, जन शिक्षण संस्थान और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना जैसे कार्यक्रम युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार की राह पर अग्रसर कर रहे हैं। NEP 2020 और योगी सरकार की पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 6 से ही व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करने की पहल को उत्तर प्रदेश में तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों को केवल डिग्री नहीं बल्कि रोजगार योग्य शिक्षा और हुनर मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत स्कूलों और कॉलेजों में व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अवसर योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं— ▪️आईटीआई व पॉलिटेक्निक: इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण ▪️डीडीयू-जीकेवाई: ग्रामीण युवाओं को 250 से अधिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण और रोजगार ▪️एनआरएलएम: गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण ▪️एनएपीएस: एमएसएमई इकाइयों में युवाओं को शिक्षुता और वजीफे की सुविधा ▪️जन शिक्षण संस्थान: अशिक्षित और कम शिक्षित वर्गों के लिए प्रशिक्षण रोजगार और स्वरोजगार दोनों पर फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि कौशल विकास न केवल नौकरी के अवसर बढ़ाता है बल्कि स्वरोजगार की राह भी खोलता है। पर्यटन, आईटी, बैंकिंग, रिटेल और पारंपरिक शिल्प जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी कम करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को तेज गति से लागू किया जा रहा है। उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवाओं को उसी तरह का प्रशिक्षण मिले जिसकी बाजार में मांग है।  

मध्यप्रदेश पुलिस में हड़कंप: 15 जिलों के SP बदले, 24 घंटे में 50 अधिकारियों का तबादला

भोपाल  मध्य प्रदेश में सोमवार की देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली। गृह विभाग ने दूसरी लिस्ट जारी करते हुए 30 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें 13 जिलों के एसपी को बदला गया है। इसके पहले सोमवार की शाम को जारी हुई लिस्ट में 20 आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया था। इसमें 2 एसपी भी शामिल थे। इस तरह कुल 50 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किय गया है। इस तबादले में इस बार एक और चौंकाने वाला फैसला रहा। नौकरशाहों के ट्रांसफर में जिस तरह मुख्य सचिव अनुराग जैन की खास भूमिका रहती है। उसी तरह इस बार सीनियर आईपीएस अधिकारियों के तबादले को लेकर एमपी पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) को भी महत्व दिया गया है। सीएम ने डीजीपी कैलाश मकवाना की सहमति से तबादला आदेश जारी किया है। देर रात गृह विभाग ने जारी किए आदेश गृह विभाग ने आधी रात के बाद 30 आइपीएस अफसरों के तबादला आदेश जारी किए। शाम को जारी 20 अफसरों के आदेश के बाद यह दूसरी सूची जारी हुई। इसमें 15 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए। इससे पूर्व शाम के आदेश में भी दो एसपी बदले थे। मोहन सरकार ने देर रात गृह विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। बताया जा रहा है कि यह प्रशासनिक सर्जरी लंबे समय से प्रतीक्षित थी। सूत्रों की मानें तो अभी कुछ और जिलों में भी फेरबदल संभावित है। पीएम मोदी के दौरे से 9 दिन पहले इस बदलाव ने कड़ी प्रशासनिक जमावट के संकेत दिए हैं। इन जिलों के एसपी बदले गए इंदौर पुलिस उपायुक्त में पदस्थ हंसराज सिंह को सतना जिले का एसपी बनाया गया है। बालाघाट 36वीं बटालियन के कमांडेंट अवधेश प्रताप सिंह को मैहर जिले का एसपी बनाया गया है। ग्वालियर 13वीं बटालियन के कमांडेंट शैलेंद्र सिंह चौहान को रीवा जिले का एसपी बनाया। एसपी रेल इंदौर के संतोष कोरी को सीधी जिले का एसपी बनाया गया। निवेदिता नायडू, एसपी उमरिया को पन्ना जिले का एसपी बनाया गया। सुधीर कुमार अग्रवाल, एसपी मैहर को श्योपुर जिले का एसपी बनाया। रवीन्द्र वर्मा, एसपी सीधी को खरगोन जिले का एसपी बनाया। शशांक, पुलिस उपायुक्त भोपाल को हरदा जिले का एसपी शिवदयाल 14वीं बटालियन ग्वालियर को झाबुआ जिले का एसपी बनाया। घुवंश कुमार सिंह 5वीं बटालियन मुरैना को आलीराजपुर जिले का एसपी बनाया। विजय भागवानी, एआईजी पीएचक्यू को उमरिया जिले का एसपी बनाया। सांईं कृष्ण एस थोटा, एसपी पन्ना को नर्मदापुरम जिले का एसपी बनाया। आईपीएस वीरेंद्र जैन, एसपी श्योपुर को बैतूल जिले का एसपी बनाया। आईपीएस संतोष कोरी को एसपी रेल इंदौर से सीधी जिले का एसपी बनाया गया। इंदौर भोपाल के डेप्युटी कमिश्नर में भी बदलाव सतना में एसपी रहे अशुतोष को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-1) बनाया गया है रीवा के एसपी विवेक सिंह को भोपाल जोन-2 का पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। हरदा एसपी अभिनव चौकसे को भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन- 3 ) बनाया गया है। भोपाल पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रियाद इकबाल को एससपी रेडियो नियुक्त किया गया है। भोपाल 23वीं बटालियन कमाडेंट कुमार प्रतीक को इंदौर पुलिस उपायुक्त ( जोन-2) नियुक्त किया गया है। लंबे समय से था तबादले का इंतजार एमपी पुलिस विभाग में लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार किया जा रहा था। सोमवार की रात जारी हुई लिस्ट से यह इंतजार खत्म हो गया। प्रदेश में काफी समय बाद 50 अधिकारियों के तबादले की लिस्ट जारी की गई है। इसमें मंत्री विजय शाह के मामले की एसआईटी के सदस्य कल्याण चक्रवर्ती तीन माह में डीआईजी रेंज छिंदवाड़ा से पुलिस हेकक्वार्टर वापस बुला लिया गया है। वह 2010 बैच के अधिकारी हैं। इससे पहले सोमवार शाम को गृह विभाग से जारी आदेश में 20 आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए। इस लिस्ट में डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। अशोकनगर और धार जिले के एसपी बदले गए हैं। अशोकनगर में राजीव कुमार मिश्रा और धार में मयंक अवस्थी नए पुलिस अधीक्षक होंगे। छतरपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, इंदौर ग्रामीण, भोपाल ग्रामीण, रतलाम और सागर रेंज में नए डीआईजी पदस्थ किए गए हैं। इसके साथ ही इंदौर और भोपाल में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) को भी बदला गया है। विजय कुमार खत्री को डीआईजी छतरपुर रेंज, विनीत कुमार जैन को डीआईजी बालाघाट, मनोज कुमार सिंह को डीआईजी इंदौर ग्रामीण, राकेश कुमार सिंह को डीआईजी छिंदवाड़ा, राजेश सिंह को डीआईजी भोपाल ग्रामीण और शशीन्द्र चौहान को डीआईजी सागर रेंज पदस्थ किया गया है। छतरपुर डीआईजी ललित शाक्यवार और सागर डीआईजी सुनील कुमार पांडे को पीएचक्यू में पदस्थ किया गया है। बालाघाट डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव को मानव अधिकार आयोग भेजा गया है। भोपाल ग्रामीण डीआईजी ओमप्रकाश त्रिपाठी को डीआईजी एसएएफ मध्य क्षेत्र बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह डीआईजी रतलाम की पदस्थापना लोकायुक्त संगठन में डीआईजी के तौर पर की गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय) नगरीय पुलिस इंदौर मनोज कुमार श्रीवास्तव को डीआईजी पुलिस रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर इंदौर भेजा गया है। मोनिका शुक्ला डीआईजी रेल, पीएचक्यू को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल बनाया गया है। निमिष अग्रवाल डीआईजी इंदौर ग्रामीण को डीआईजी रतलाम रेंज, डी कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा को डीआईजी पीएचक्यू, हेमंत चौहान डीआईजी एससीआरबी पीएचक्यू को डीआईजी रीवा रेंज बनाया गया है।