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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी नई हाइड्रोजन निर्माण इकाई

चंबल के बीहड़ अब बन रहे विकास और प्रगति की नई पहचान मुरैना उभर रहा है औद्योगिक हब के रूप में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से किया संवाद और वितरित किए आशय-पत्र ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 औद्योगिक इकाइयों को भूमि हुई आवंटित, 21 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुरैना के पिपरसेवा में हो रहा हाईड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन नई औद्योगिक क्रांति, नई ऊर्जा क्रांति और नए मध्यप्रदेश की नींव है। मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनेगी। चंबल की भूमि उपजाऊ और कमाऊ होने के साथ ही टिकाऊ भी है। मुरैना जो कभी बीहड़ों के कारण जाना जाता था, आज विकास और प्रगति की नई पहचान बना रहा है। मुरैना अब सिर्फ कृषि प्रधान जिला नहीं रहा बल्कि औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। मुरैना की गजक ग्लोबली ट्रेंड हो रही है। देश की संसद के पुराने भवन का डिजाइन भी मुरैना के मितावली मंदिर से लिया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के पिपरसेवा में जीएचटू सोलर लिमिटेड की हाईड्रोजन निर्माण इकाई के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उद्योगपतियों से संवाद कर आशय-पत्र भी वितरित किए। देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी यह इकाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी किसानों, गरीबों और लघु उद्यमियों के लिए स्वदेशी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार और प्रदेशवासी पूरी प्रतिबद्धता से उनके साथ हैं। मुरैना में आरंभ हो रही हाईड्रोजन इकाई में कोरिया और ब्रिटेन की अग्रणी कम्पनियां तकनीकी सहयोग कर रही हैं। निकट भविष्य में इससे ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही रोजगार के कई अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। सात एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना पूरे देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया में एक नए आत्मविश्वास और क्षमता के साथ उभर रहा है। जी20 की सफल अध्यक्षता हो, इंडिया-मीडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमी कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक पहल हो या यूनाईटेड किंगडम के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, हर जगह भारत केवल सहभागी नहीं बल्कि मार्गदर्शक राष्ट्र के रूप में खड़ा है। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से तीसरे स्थान की ओर अग्रसर हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने भारत को 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना दिया। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के साथ निवेश-नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के प्रतीक होने के साथ निवेश, नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र हैं। यहां उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और तकनीक सभी का संगम है। हाल ही में ग्वालियर में हुई रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 इकाइयों को भूमि आवंटित हुई है। जिनमें 12 हजार 500 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा, जिससे 21 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। सीतापुर में फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर का विकास कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसमें लगभग 300 करोड़ रूपए का निवेश और 1200 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मालनपुर में एलेक्ज़र इंडस्ट्रीज ने 1500 करोड़ रूपए का निवेश किया है। गौतम सोलर प्रायवेट लिमिटेड 4 हजार करोड़ रूपए के निवेश से सोलर सेल निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने ग्वालियर-चंबल में औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों की श्रृंखला विकसित की है। राज्य सरकार कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने है प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि राज्य सरकार किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा आयोजन होने वाला है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग केलिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में गढ़ रहा है नए कीर्तिमान : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुरैना के विकास के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3500 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। चंबल क्षेत्र में लेदर पार्क की स्थापना हुई है, जिसके लिए उद्योग समूहों द्वारा रूचि प्रकट की जा रही है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, ग्रीन हाईड्रोजन फैक्ट्री के सूत्रधार श्री अनुराग जैन सहित अनेक उद्यमी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। शनिचरा मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का किया उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना स्थित असीम आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र शनिचरा मंदिर पहुंचकर मंदिर के नवनिर्मित तोरण द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने न्याय के देवता शनि महाराज की मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया और प्रदेश की उत्तरोत्तर तरक्की एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

उज्जैन की प्यास बुझाने वाला गंभीर डैम लबालब, एक गेट खोला गया

उज्जैन उज्जैन शहर में पेयजल का प्रमुख स्त्रोत गंभीर डैम पानी से लबालब हो गया है। पानी कम करने के लिए इसका एक गेट खोला गया है। इंदौर के यशवंत सागर बांध के गेट खोले जाने के बाद गंभीर बांध में लगातार पानी बढ़ता जा रहा था। इसके बाद यह पूर्ण जल संग्रहण क्षमता 2250 एमसीएफटी भर गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुताबिक गंभीर नदी पर इंदौर-देपालपुर रोड पर हातोद गांव के पास बने ‘यशवंत सागर बांध’ का एक गेट 29 अगस्त की रात 11 बजे खोला गया था। ये गेट 30 अगस्त की दोपहर सवा तीन बजे तक खुला रहा। शाम साढ़े 5 बजे दो गेट खोल दिए गए। आवक जारी है और अंचल में मानसून भी सक्रिय है। ऐसे में उज्जैन शहर की जल आपूर्ति के मुख्य केंद्र गंभीर बांध पूरा भर गया। बांध भराने पर कम से कम छह माह तक तो शहरवासियों को नियमित जल प्रदाय निश्चित होगा ही, जैसा कि बीते दो दशक से नगर निगम ने परंपरा बना रखी है। भविष्य में नर्मदा का साथ मिला तो सालभर भी निमित जल प्रदाय हो सकता है। इस स्थिति के पीछे वजह स्पष्ट है कि शहर की सात लाख आबादी की आवश्यकता के अनुरूप उज्जैन में जलभंडारण क्षमता उपलब्ध नहीं है। भारत सरकार के मानकों के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक पानी की जरूरत 135 लीटर है। शहर की आबादी सात लाख है, इस हिसाब से सालभर के लिए 12180 एमसीएफटी पानी चाहिए, जबकि नगर निगम के पास जल प्रदाय को केवल 2361 एमसीएफटी जल संग्रहित करने की ही क्षमता है। वर्षाजल संग्रहण क्षमता का सबसे बड़ा स्रोत 2250 एमसीएफटी का गंभीर बांध, 96 एमसीएफटी का गऊघाट प्लांट और 15.43 एमसीएफटी के दो तालाब- साहिबखेड़ी और उंडासा है। इन्हीं सरंचनाओं का जल खींचकर 44 उच्च स्तरीय टंकियों को भरा जाता है और पाइपलाइन के जरिये पूरे शहर में जल प्रदाय किया जाता है। 95 कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन तक नहीं खास बात ये भी है कि शहर की 450 में से 95 कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन तक नहीं बिछी है। लगभग आधा शहर पानी के लिए निजी बोरिंग और सार्वजनिक कुएं-हैंडपंप पर निर्भर है। इस वर्ष 15 अप्रैल से शहर में एक दिन छोड़कर जल प्रदाय हो रहा है। जल संकट का स्थायी समाधान दो बड़ी परियोजनाओं से मुमकीन है। पहली, 614 करोड़ रुपये की सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध योजना, जो शिप्रा को सालभर प्रवाहित रखेगी और गंभीर पर निर्भरता घटाएगी। दूसरी, 939 करोड़ रुपये की वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना, जिससे उज्जैन की जल शोधन क्षमता 151 एमएलडी से बढ़कर 400 एमएलडी तक पहुंचेगी। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध परियोजना का काम शुरू हो चुका है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना का काम वर्षाकाल बाद शुरू होने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाएं वर्ष 2027 में पूर्ण कराने का लक्ष्य है। जिले में अब तक 588 मिली बारिश, तराना में सर्वाधिक उज्जैन जिले में इस सीजन में अब तक 588 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। ये औसत 906 मिलीमीटर से अभी कम है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार तराना तहसील में सर्वाधिक 777 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं उज्जैन में 620, खाचरौद में 668, नागदा में 654, झार्डा में 667, बड़नगर में 565, महिदपुर में 518, घट्टिया में 426 और माकड़ौन में 398 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान जिले में औसत 6.8 मिमी बारिश हुई है।

‘मन की बात’ हर माह देती है नई प्रेरणा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी करें योगदान : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सीधा प्रसारण आज नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखन देवांगन, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक इंद्र कुमार साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण और नागरिक उपस्थित थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की घड़ी में देशवासियों द्वारा एक-दूसरे की सहायता करना भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय जो सहयोग और एकजुटता दिखाई देती है, वही भारत की संस्कृति और सामूहिक चेतना को परिभाषित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में खेलों को न केवल स्वास्थ्य बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी आधार बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेलकूद में सक्रिय भागीदारी कर अपने जीवन और देश दोनों को ऊर्जावान बनाएं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ हर माह प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को प्रबल करता है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े क्षेत्रों में हुए सहयोग और निवेश से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ में कौशल विकास और रोजगार का नया अध्याय शुरू होगा। राज्य की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के साझा प्रयासों से राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें सामूहिक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर एक समृद्ध और स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

आर्यमन ने कसा सबका पसीना, पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया का रिकॉर्ड टूटने के कगार पर

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के क्रिकेट की राजनीति में सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी की आमद अब तय हो चुकी है। महानआर्यमन सिंधिया मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के आगामी चुनाव में अध्यक्ष पद के अकेले दावेदार हैं, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। इसके साथ ही मात्र 29 साल की उम्र में वे एमपीसीए के 68 साल के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष होंगे। इस मामले में वे अपने ही पिता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कीर्तिमान तोड़ने जा रहे हैं। अब तक एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम था, जो 35 वर्ष की आयु में अध्यक्ष बने थे। एमपीसीए की चुनावी वार्षिक साधारण सभा की बैठक दो सितंबर को होना है। नामांकन शनिवार को जमा हुए। महानआर्यमन के खिलाफ किसी ने भी नामांकन नहीं भरा है। वे वर्ष 2022 से ग्वालियर संभागीय क्रिकेट संगठन के उपाध्यक्ष भी हैं। बीते दो साल से मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग के माध्यम से महानआर्यमन ने अपनी प्रशासनिक क्षमताओं को साबित करने का प्रयास किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्ष 2006 में पहली बार अध्यक्ष बने थे, तब उनकी उम्र 35 वर्ष थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया से पहले उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया ने 37 वर्ष की उम्र में पहली बार एमपीसीए के अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। एमपीसीए के पहले अध्यक्ष मनोहर सिंह मेहता थे, जिन्होंने 1957 में पद संभाला था। कनमड़ीकर परिवार की भी तीसरी पीढ़ी सिंधिया परिवार की तरह कनमड़ीकर परिवार की भी तीसरी पीढ़ी क्रिकेट की राजनीति में आ रही है। कानूनविद प्रसून कनमड़ीकर के खिलाफ भी प्रबंधकारिणी में कोई विरोधी नहीं है। उनके पिता स्व. मिलिंद कनमड़ीकर एमपीसीए के सचिव रहे हैं जबकि दादा स्व. अनंतवागेश कनमड़ीकर बीसीसीआई के सचिव के साथ एमपीसीए के वरिष्ठ पदों पर रहे हैं। जो अब तक सदस्य नहीं वे भी बनेंगे पदाधिकारी कोषाध्यक्ष पद के लिए संजीव दुआ का चयन भी तय है क्योंकि वे अकेले दावेदार हैं। उनके पिता नरेंद्र दुआ और भाई राजीव दुआ दोनों सदस्य हैं, लेकिन संजीव अब तक संगठन के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने सीसीआई के प्रतिनिधि के रूप में नामांकन दाखिल किया है।  

हर आदमी के लिए जरूरी: कल से ये 8 नियम होंगे बदलेंगे

 नई दिल्ली सितंबर महीने से कई बड़े पैसों से जुड़े नियमों में बदलाव होने वाले हैं, जो सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। इनमें आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग की आखिरी तारीख, आधार कार्ड अपडेट, UPS में बदलाव की अंतिम तिथि और क्रेडिट कार्ड समेत से जुड़े नए नियम शामिल हैं। इन बदलावों को समय पर जानना जरूरी है। अगर आपने समय रहते जरूरी काम पूरे नहीं किए, तो परेशानी उठानी पड़ सकती है। आइए जानते हैं डिटेल में…  ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख जो लोग आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने से चूक गए थे, उनके लिए सरकार ने लेट फाइलिंग की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2025 तय की है। अगर आप इस तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं तो आपको लेट फीस और ब्याज देना होगा। आधार कार्ड अपडेट UIDAI ने आधार कार्ड अपडेट कराने की सुविधा की आखिरी तारीख 14 सितंबर 2025 रखी है। इसके बाद आधार अपडेट कराने पर आपको फीस देनी होगी। अगर आपके आधार में नाम, जन्मतिथि, पता या मोबाइल नंबर गलत है तो समय रहते अपडेट करा लें। NPS से UPS में स्विच करने की अंतिम मौका सरकार ने कर्मचारियों को NPS से UPS में बदलने का विकल्प दिया है। इसकी डेडलाइन 30 सितंबर 2025 है। यानी अगर आप नई पेंशन योजना (UPS) चुनना चाहते हैं तो इस तारीख तक फॉर्म भरना होगा। चांदी पर नया नियम सितंबर 1 से चांदी के ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए नया नियम लागू हो जाएगा। अब ग्राहकों के पास दो विकल्प होंगे – वे चाहें तो हॉलमार्क्ड सिल्वर खरीद सकते हैं या फिर नॉन-हॉलमार्क्ड सिल्वर भी ले सकते हैं। BIS ने सिल्वर ज्वेलरी के लिए भी हॉलमार्किंग सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। लेकिन अभी यह नियम अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि स्वैच्छिक रहेगा। FD नियमों में बदलाव अभी कई बैंक स्पेशल फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) स्कीम चला रहे हैं, जिनकी आखिरी तारीख सितंबर 2025 है। यानी अगर आप FD में निवेश करना चाहते हैं और बेहतर ब्याज दर पाना चाहते हैं, तो इंडियन बैंक और IDBI बैंक की इन स्पेशल FD योजनाओं में 30 सितंबर से पहले निवेश करना जरूरी है। SBI के क्रेडिट कार्ड में बदलाव 1 सितंबर से SBI क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम में बदलाव हो गया है। अब ग्राहकों को हर तरह की खरीदारी पर पॉइंट्स नहीं मिलेंगे। डिजिटल गेमिंग, सरकारी वेबसाइट्स और कुछ चुने हुए मर्चेंट्स- इन पर किए गए लेन-देन पर रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे। इस बदलाव का असर लाखों SBI कार्डधारकों पर पड़ेगा क्योंकि पहले ये सभी खर्चे रिवॉर्ड पॉइंट्स में शामिल होते थे। इंडिया पोस्ट के नए नियम 1 सितंबर 2025 से इंडिया पोस्ट ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब रजिस्टर्ड पोस्ट को स्पीड पोस्ट में मिला दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब अलग से “रजिस्टर्ड पोस्ट” नाम की कोई सुविधा नहीं होगी। जो भी रजिस्टर्ड मेल भेजी जाएगी, वह अब स्पीड पोस्ट के जरिए ही डिलीवर होगी। इससे डिलीवरी पहले से तेज और आसान हो जाएगी। यानी अब ग्राहकों को अलग-अलग सेवा चुनने की जरूरत नहीं है, रजिस्टर्ड पोस्ट का काम भी अब स्पीड पोस्ट ही करेगा। LPG के दाम LPG सिलेंडर के दाम हर महीने की पहली तारीख को बदलते हैं। इस बार भी 1 सितंबर को दाम कम या ज्यादा हो सकते हैं। ये बदलाव तेल कंपनियों और ग्लोबल मार्केट के हिसाब से तय होते हैं।  

पुंछ में पकड़े गए दो आतंकवादी, सुरक्षा बलों ने हथियार और ग्रेनेड भी किया कब्जे में

पुंछ  जम्मू-कश्मीर में पुंछ के मंडी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक एके-47 और एक हैंड ग्रेनेड मिला है। पुंछ पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने छापेमारी भी की। इसमें आजमाबाद स्थित एक घर पर छापा मारा, यहां से इस घर के मालिक स्थानीय निवासी तारिक शेख और उसके साथी चैंबर गांव निवासी रियाज अहमद को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार करने के बाद दोनों से पूछताछ की गई, जिससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जलियां गांव स्थित शेख के एक और किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से यह हथियार बरामद किए गए।

शहडोल के खिलाड़ी हुए प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात में चर्चा का हिस्सा

शहडोल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह मन की बात रेडिया कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा एक पॉडकास्ट में कही बात से जर्मनी के खिलाड़ी ने शहडोल के फुटबॉल खिलाड़‍ियों को ट्रेनिंग देने की पेशकश की। अब यहां के बच्चे ट्रेनिंग के लिए जर्मनी जाएंगे। पीएम ने कहा कि बीते दिनों में कुछ पॉडकास्ट में शामिल हुआ था। ऐसा ही एक पॉडकास्ट दुनिया के बहुत फेमस पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ हुआ था। उस पॉडकास्ट में बहुत सारी बाते हुईं और दुनियाभर के लोगों ने उसे सुना भी और जब पॉडकास्ट पर बात हो रही है, तो बातों-बातों में मैंने एक विषय उठाया था। यूपी में होगी 44 हजार होमगार्डों की भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान पीएम ने कहा कि जर्मनी के एक खिलाड़ी ने उस पॉडकास्ट को सुना और उसका ध्यान मैंने उसमें जो बात बताई थी उस पर केंद्रित हो गया। उन्होंने उस टॉपिक पर इतना कनेक्ट किया कि पहले उन्होंने उस टॉपिक पर रिसर्च की और फिर जर्मनी के भारतीय दूतावास से संपर्क किया और उन्होंने चिट्ठी लिखकर यह बताया कि वो उस विषय को लेकर भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पॉडकास्ट के दौरान एक सवाल के जवाब में मैंने शहडोल के फुटबॉल खिलाड़‍ियों का जिक्र किया था। यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर ने भी सुनी। शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़‍ियों की लाइफ जर्नी ने उन्हें बहुत प्रभावित और प्रेरित किया। अब जर्मनी के इस कोच ने शहडोल के कुछ खिलाड़‍ियों को जर्मनी की एक एकेडमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है। इसके बाद मध्य प्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया। जल्द ही शहडोल के हमारे कुछ युवा साथी ट्रेनिंग कोर्स के लिए जर्मनी जाएंगे। दो बालक और दो बालिका जाएंगे जर्मनी मिनी ब्राजील के नाम से मशहूर हो रहे शहडोल जिले के विचारपुर गांव के चार फुटबॉल खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए जर्मनी भेजा जाएगा। इसमें दो बालक व दो बालिका तथा एक प्रशिक्षक शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार अपने खर्च पर प्रदेश की इन प्रतिभाओं को अक्टूबर में जर्मनी भेजना प्रस्तावित है। बालक वर्ग में वीरेंद्र बैगा व राज सइस शामिल है। दो बालिका व प्रशिक्षक का नाम अभी तय नहीं हुआ है। वीरेंद्र को रोनाल्डो और राज को सुनील छेत्री पसंद है।

कंवर समाज ने मुख्यमंत्री साय को दी बधाई, करमा तिहार में आने का न्योता

रायपुर, जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास से लौटने के उपरांत  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरवंश मिरी एवं महासचिव श्री नकुल चंद्रवंशी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या साय को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी भादो एकादशी पर्व पर आयोजित होने वाले करमा तिहार के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यह आयोजन दिनांक 03 सितम्बर 2025 को नवा रायपुर, अटल नगर स्थित नवीन मुख्यमंत्री निवास परिसर में संपन्न होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के उपाध्यक्ष थानसिंह दीवान, कोषाध्यक्ष बसंत दीवान, कार्यकारिणी सदस्य शिवकुमार कंवर, महानगर इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर पैंकरा, सचिव मनहरण चंद्रवंशी, सदस्य हेमलाल कंवर सहित युवा कंवर प्रभाग के युवा संरक्षक  तीरमेंद्रू सिंह कंवर एवं टुकेश कंवर भी उपस्थित थे।

मोदी सरकार का नया स्ट्रैटेजी मोड: ट्रंप टैरिफ के बीच लॉकडाउन जैसी योजनाओं पर नजर

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है। इस टैरिफ का सीधा असर भारतीय निर्यातकों और कामगारों पर पड़ने वाला है। वहीं टैरिफ से लाखों नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम से बचने का रास्ता मोदी सरकार ने निकाल लिया है। कोविड लॉकडाउन के दौरान जिस तरह की योजनाएं लागू की गई थीं, कुछ उसी स्टाइल में सरकार लोगों को राहत देने की योजना बना रही है। इसके अलावा अमेरिका से अलग बाजार तलाशने और ग्लोबल सप्लाई चेन के एकीकरण के लिए लंबी अवधि की रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सरकार सबसे पहले नकदी की समस्या का समाधान निकालने पर विचार कर रही है। वहीं निर्यात और रोजगार बचाने के लिए सरकार कोविड स्टाइल में योनजाएं चलाना चाहती है। ट्रंप के टैरिफ की वजह से कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि भुगतान में देरी, देर से सामान का पहुंचना, ऑर्डर रद्द होना। वहीं निर्यात को बरकरार रखने के लिए नई मार्केट की जरूरत है। जब तक नई मार्केट नहीं मिलती, निर्यातकों को ऑपरेशन जारी रखने के लिए राहत देना जरूरी है। सरकार कर सकती है राहत पैकेज का ऐलान अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान जिस तरह के राहत पैकेज का ऐलान किया था, उसी तरह के राहत पैकेज का एक बार फिर ऐलान हो सकता है। उद्योगों में नकदी की समस्या, खास तौर पर लघु और मध्यम उद्योगों के लिए इस तरह की योजनाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) जैसी योजनाओं पर फोकस करना चाहती है जो कि 100 फीसदी गारंटी के साथ बिना जमानत के लोन उपलब्ध करवा सकें। इससे लाखों छोटे और मध्यम उद्योग दीवालिया होने से बच जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान जब 68 दिनों के लिए औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, तब इसी योजना ने उद्योगों को बचा लिया था। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समस्या और उसके समाधान को देखते हुए इन योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ सरकार चरणबद्ध तरीके से भी योजानाएं लागू करेगी जिससे लंबी अवधि की रणणनीति तैयार हो सके। नकदी उपलब्ध करवाने के साथ ही मौजूदा व्यापार समझौतों को मजबूत करने और नई मार्केट में अवसरों की तलाश का काम भी तेज होगा। जीएसटी से भी राहत अधिकारियों ने कहा कि टैक्स से जुड़ी भी कई राहत देने पर सरकार विचार कर रही है। इसमें जीएसटी रिफॉर्म भी शामिल है। अगले सप्ताह होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स घटाने से संबंधित कई फैसले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर मजबूती की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को खतरा नहीं है। टैरिफ जैसे बाहरी फैक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे। जीडीपी में निर्यात का मामूली योगदान अधिकारियों ने कहा कि घरेलू उपभोग की वजह से अर्थव्यवस्ता लचीली है। निर्यात अर्थव्यवस्ता के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन यह भारत की जीडीपी 4.12 ट्रिलियन डॉलर का छोटा हिस्सा है। निर्यात का जीडीपी में योगदान केवल 10 फीसदी यानी 438 मिलियन डॉलर का ही है। ऐसे में जून में समाप्त होने वाली तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही।  

पीएम मोदी ने LAC पर शी जिनपिंग को दी अहम सलाह, मानवता के लिए जरूरी सहयोग पर जोर

तियांजिन चीन के तियांजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। अमेरिका से टैरिफ वॉर के बीच दोनों नेताओं की बीच इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से कहा कि दोनों देशों का आपसी सहोयग 2.8 अरब की आबादी और मानवता के लिए जरूरी हो गई है। एलओसी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के प्रयासों से सीमा पर शांति का माहौल बना है। शी जिनपिंग ने भी प्रधानमंत्री मोदी की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि अब दोनों देशों का साथ आना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा, सैनिकों के पीछे हटने के बाद सीमा पर शांति एवं स्थिरता कायम है। सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी थी जो कि कारगर साबित हुई है। हमारे द्विपक्षीय सहयोग से 2.8 अरब लोगों का कल्याण जुड़ा है। भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं जो कि बेहद खुशी की बात है। पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन की सफल अध्यक्षता के लिए शी जिनपिंग को बधाई देते हुए कहा, हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि चीन ने इसी महीने कहा है कि वह रेयर अर्थ, उर्वरक और टनल बोरिंग मशीन के निर्यात से बैन हटाने को तैयार है। वहीं टैरिफ वॉर के मामले में भी चीन भारत के ही साथ खड़ा है। हाल ही में दोनों देशों ने टूरिस्ट वीजा को लेकर प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है। इसके अलावा चीन ने तिब्बत में बौद्धों के धार्मिक स्थल पर भारतीयों को आने-जाने की इजाजत दे दी है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम से मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया को मजबूत करने की दिशा में यह सार्थक कदम है। अगर भारत और चीन के बीच संबंध सुधरते हैं तो यह अमेरिका के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। पीएम मोदी रविवार से शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से भाग लेने के लिए चीन में हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार और शुल्क संबंधी नीतियों के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में आए तनाव के मद्देनजर शी के साथ मोदी की बैठक अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तियानजिन की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा था कि विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। जापान के समाचार पत्र ‘द योमिउरी शिंबुन’ के साथ एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मोदी ने शुक्रवार को प्रकाशित इंटरव्यू में कहा, “विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन का विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।” मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय के बाद हुई है।