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ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का होगा शुभारंभ ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल, ‘दीदी के गोठ’ से अब हर गांव तक पहुँचेगी सशक्तिकरण की आवाज ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई दिशा और पहचान 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित होगा कार्यक्रम बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी,आकाशवाणी के बिलासपुर केंद्र से इस प्रसारण को 103.2 मेगा हर्ट्ज सुना जा सकेगा साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-Bilaspur के जरिए भी लोग कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेश कार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।      दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी  बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।      इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी

शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र बनेगा शक्तिशाली- सीएम योगी ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी  रक्षा मंत्री और सीएम योगी ने गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई किया लोकार्पण  यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षा उपकरणों के लिए पहले हमे दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, अब ऐसा नहीं होगा- मुख्यमंत्री – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है- मुख्यमंत्री – लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक नहीं पहुंची- सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर   रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र मजबूत होता है और यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नोएडा को डिफेंस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की बढ़ती हुई चुनौतियों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का सामना करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन निर्माण के साथ एयरक्राफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी विकसित की गई है। पहले हमें दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, डाटा कैप्चर कर दुश्मन हमें पंगु बनाने की कोशिश करता था। अब ऐसा नहीं होगा।  ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी उन्होंने कहा कि 1947 से भारत विभिन्न युद्धों का सामना करता रहा है। प्रत्येक युद्ध का पैटर्न बदलता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने युद्ध के एक नए दौर में प्रवेश किया, जिसने भारत के सामर्थ्य का एहसास दुनिया को कराया। लेकिन इसने हमें भविष्य की चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा भी दी। हम सभी जानते हैं कि ताकत हो तो दुनिया नतमस्तक होती है। सीएम योगी ने गुरु द्रोणाचार्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनसे पूछा गया कि आप शस्त्र क्यों धारण कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा- 'अग्रत: चतुरो वेदा: पृष्‍ठत: सशरं धनु:'। शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्र चिंता प्रवर्तते। शस्त्र और शास्त्र के बेहतर समन्वय से राष्ट्र शक्तिशाली होता है। शांति मांगने से नहीं, ऐसी स्थिति में अगला व्यक्ति शांति की अपील करता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने भी कहा था- वीर भोग्या वसुंधरा। रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा यूपी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले से समृद्ध रहा है। यहां 9 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री पहले से कार्यरत हैं, जो रक्षा उत्पादन में योगदान दे रही हैं। डिफेंस पीएसयूज़ उत्तर प्रदेश में पहले से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की चुनौतियों को देखते हुए दो नए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्र दिए, जिसमें एक यूपी को मिला। हम 6 नोड्स- अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में विकास कर रहे हैं। अब तक 12.5 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध कराई गई है। जितनी भी सुविधा चाहिए, यूपी सरकार उपलब्ध कराएगी। सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है। अब लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल के रूप में भी जाना जाता है। लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक न पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने अपनी क्षमता दिखाई। इसी तरह DDL का केंद्र झांसी में, AK 203 अमेठी में और एस्कॉर्ट हरदोई में कार्यरत हैं। रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का हुआ उद्घाटन  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया, जहां अत्याधुनिक ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण हुआ, जो रक्षा क्षेत्र में परीक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों ने ड्रोन प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां विभिन्न प्रकार के ड्रोन के मॉडल और उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।  इस दौरन सीडीएस जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, सांसद महेश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार , लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस लखनऊ  योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश 

खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर खेल विषयों पर आयोजित हुआ सेमिनार खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने खिलाड़ियों को दिए टिप्स, कहा– टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से ही तय होगा करियर स्पोर्ट्स इंजरी, मनोविज्ञान और एंटी-डोपिंग जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दिए उद्बोधन भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि क्रिकेट निस्संदेह देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन खेलों का आकर्षण केवल ग्लैमर से नहीं, बल्कि जीत से आता है। यह बात उन्होंने शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित खेल विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान से खेल दिवस का महत्व और बढ़ गया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस गतिविधियों का उद्देश्य देश में खेलों को सकारात्मक सोच और फिटनेस की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता। “देश की 140 करोड़ जनता भारत की आत्मा है और जब तक देश स्वस्थ नहीं होगा, उसकी आत्मा भी स्वस्थ नहीं रह सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले अभिभावक मानते थे कि खेलों में बच्चों का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता, लेकिन प्रधानमंत्री जी की पहल ने यह सोच बदल दी है। आज खिलाड़ी मैदान के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सारंग ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कभी ग्लैमर के पीछे नहीं भागे और सादगी के साथ जीवन जीते हुए सफलता हासिल की। टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से तय होगा करियर सेमिनार में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि समय बर्बाद न करें। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के डोप कंट्रोल ऑफिसर शशिकांत भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को बड़ा बनना है तो उसे डोप टेस्ट से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को डोप एजुकेशन, टेस्टिंग प्रक्रिया, उल्लंघन और चिकित्सीय उपयोग छूट की जानकारी दी। हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन ने कहा कि खिलाड़ी यह सोचें कि वे क्या बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवसर और सुविधाओं का आभार व्यक्त करें और उनका पूरा लाभ उठाएं। स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज नागर ने खेल गतिविधियों के दौरान होने वाली चोटों, उनके उपचार और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने वार्मअप, स्ट्रेचिंग और उचित आहार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चोट लगने पर उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक राकेश गुप्ता, स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया सीआरसी भोपाल के रिजनल डायरेक्टर अभिषेक चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

सिर्फ व्यापार ही नहीं, कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है यूपीआईटीएस

सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 सिर्फ व्यापार ही नहीं, कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है यूपीआईटीएस  रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर होगी इस मेगा आयोजन की हर शाम  भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू जैसी लोक परंपराओं का होगा प्रदर्शन  ‘निरहुआ’से लेकर पद्मश्री मालिनी अवस्थी देंगी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देश और प्रदेश की चर्चित हस्तियां इस आयोजन को बनाएंगी यादगार UP International Trade Show 2025: सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम संगीत तक का देखने को मिलेगा संगम  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच देने के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 सिर्फ व्यापार का नहीं बल्कि कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस मेगा आयोजन की हर शाम रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर होगी, जिसमें भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू जैसी लोक परंपराओं से लेकर सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम संगीत तक का संगम देखने को मिलेगा। शो में देश और प्रदेश के दिग्गज कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, सूफी गायिका प्रतिभा सिंह बघेल, कथक नृत्यांगना अनुराधा शर्मा, तथा बैंड प्रस्तुति देने वाली संस्कृति गाथा ग्रुप जैसी हस्तियां इस आयोजन को यादगार बनाएंगी।  पहला दिन: भोजपुरी और कथक का संगम 25 सितंबर की शाम का आरंभ भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ की गायकी से होगा, जो अपने लोकगीतों से दर्शकों का दिल जीतेंगे। इसी दिन वाराणसी की सोनी सेठ "राम रामेति रामायाः" शीर्षक कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही संस्कृति गाथा गर्ल्स बैण्ड की मोहिनी, सोनल और अनन्या लोकधुनों की मधुरता बिखेरेंगी, जबकि मेरठ के पवन धानक अपनी शहनाई की धुन से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देंगे। दूसरा दिन: सूफी और रसिया की जुगलबंदी 26 सितंबर को मंच होगा सूफी और ब्रज संस्कृति के नाम। रीवा की गायिका प्रतिभा सिंह बघेल अपने सूफी गायन से समां बांधेंगी, वहीं मथुरा के मुरारी लाल शर्मा चरकुला नृत्य के जरिए ब्रज की अनूठी परंपरा दिखाएंगे। गजेन्द्र सिंह रसिया गायन से श्रोताओं को बांधेंगे और नोएडा की नीलाक्षी राय सूफी नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। तीसरा दिन: अवधी लोकगायन और थारू नृत्य का आकर्षण 27 सितंबर की शाम लखनऊ की पद्मश्री मालिनी अवस्थी के अवधी लोकगायन से सराबोर होगी। साथ ही महाराजगंज के अमित अंजन लोकगायन प्रस्तुत करेंगे। अयोध्या की संगम लता बधावा नृत्य से दर्शकों को लुभाएंगी, जबकि पीलीभीत की रिंकू देवी थारू नृत्य के जरिए आदिवासी परंपरा का जादू बिखेरेंगी। चौथा दिन: बुंदेली और राई-सैरा की झलक 28 सितंबर को मंच पर आएंगे बुंदेलखंड और उसकी सांस्कृतिक धरोहर। बस्ती के ब्रजेश साण्डिल्य भजन गायन से भक्तिभाव का माहौल बनाएंगे। अंबेडकर नगर की मानसी सिंह रघुवंशी लोकगायन करेंगी। ललितपुर के जितेन्द्र कुमार बुंदेली गायन से मन मोह लेंगे और मोहिनी राई-सैरा लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगी। पांचवा दिन: सुगम संगीत और कबीर गायन का समापन 29 सितंबर की अंतिम शाम को आधुनिक और आध्यात्मिक संगीत का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ की लोकप्रिय जोड़ी सचेत-परम्परा सुगम संगीत से समां बांधेंगे। सोनभद्र के संतोष मादल सिंहा नृत्य से लोकजीवन की ऊर्जा दिखाएंगे। प्रयागराज के जलज श्रीवास्तव कबीर गायन से संत परंपरा को जीवंत करेंगे और नोएडा की अनुराधा शर्मा कथक नृत्य से कार्यक्रम का भव्य समापन करेंगी। सांस्कृतिक महाकुंभ का संदेश योगी सरकार ने इंटरनेशनल ट्रेड शो को सिर्फ व्यापारिक आदान-प्रदान का मंच ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोककलाओं और सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करने का भी अवसर बनाया है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दुनिया के सामने पेश करेगा। पांच दिनों का यह कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत दस्तावेज होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि व्यापार और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। योगी सरकार ने इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो को एक ऐसा मंच बनाने का प्रयास किया है, जहां उद्यमिता और निवेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला और संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार हो। थारू, बुंदेली, अवधी और भोजपुरी लोकधरोहरों की झलक दुनिया के सामने पेश होगी, जिससे न सिर्फ कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार  लखनऊ, योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश 

CM डॉ. यादव 1 सितंबर को लॉन्च करेंगे अनोखी वैदिक घड़ी और मोबाइल ऐप

भोपाल  विक्रमादित्य वैदिक घडी का अनावरण एवं ऐप का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 सिंतबर 2025 को मुख्यमंत्री निवास से करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे शौर्य स्मारक पर कॉलेज, विश्वविद्यालय के युवा एवं छात्र-छात्राएं एकत्रित होंगे। शौर्य स्मारक से बाइक रैली आरंभ होगी जो रवींद्र भवन तक जायेगी। रवींद्र भवन से बाइक रैली पैदल मार्च में बदलकर मुख्यमंत्री निवास के द्वार तक पहुंचेगी। इस अवसर पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी: भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम भी होगा। जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं से संवाद करेंगे।  संस्कृति सलाहकार तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घडी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है। भारतीय काल गणना सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति का पुनरस्थापन विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में उज्जैन में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 फरवरी 2024 को किया गया था। जिसे देश और दुनिया में अच्छा प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत संगम है। भारतवर्ष वह पावन भूमि है जिसने संपूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने ज्ञान से आलोकित किया है। यहां की संस्कृति का प्रत्येक पहलू प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है। यह प्रयास विरासत और विकास, प्रकृति और तकनीक का संतुलन होगा। यह स्वदेशी जागरण की महत्वपूर्ण कोशिश है, जो भारत को विश्व मंच पर मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक धुरी बनकर वैश्विक भाषाओं और परंपराओं, आस्थाओं व धार्मिक कार्यों को जोड़ने वाली कड़ी बनेगी। श्रीराम तिवारी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि भारत दुनिया का पहला और अकेला ऐसा देश है जो पूरी मानवता को, विरासत, प्रकृति और तकनीक के संतुलन के साथ जीना सिखाता रहा है। 

ऐतिहासिक चीन यात्रा पर PM मोदी, SCO शिखर सम्मेलन में रखेंगे भारत का पक्ष

तियानजिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक यात्रा पर चीन पहुंच चुके हैं। वे 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद उनकी पहली चीन यात्रा है और इसे भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह दौरा 1 सितंबर तक चलेगा और इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यात्रा का महत्व है बेहद खास प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन यात्रा पर पहुंचे हैं। 2018 में उन्होंने उनकी आखिरी बार चीन की यात्रा की थी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन, 2020 के गलवान घाटी में हुए सैन्य टकराव के बाद तनाव कम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात ने दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की नींव रखी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे जिनमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात भी होगी। SCO शिखर सम्मेलन का एजेंडा SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और इसके 10 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। इस साल का शिखर सम्मेलन तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित हो रहा है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा SCO सम्मेलन माना जा रहा है। इसमें 20 से अधिक देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। भारत ने विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के सचिव तन्मय लाल ने कहा कि SCO का उद्देश्य आतंकवाद, उग्रवाद, और अलगाववाद से लड़ना है, और भारत चाहता है कि सभी सदस्य देश इस मुद्दे पर एक साझा बयान जारी करें। अमेरिकी टैरिफ का असर यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल और हथियारों की खरीद के कारण 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर भी निशाना साधा है, जिनमें भारत और चीन दोनों शामिल हैं। इस पृष्ठभूमि में SCO समिट को वैश्विक मंच पर अमेरिकी नीतियों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत, चीन, और रूस को एकजुट होकर वैश्विक दक्षिण के हितों को बढ़ावा देने का अवसर देगा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन पीएम मोदी का इस सम्मेलन में स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि यह समिट दोस्ती, एकता, और सहयोग की मिसाल बनेगा।  

धार्मिक पर्यटन में MP नंबर-1: CM डॉ. यादव बोले- सबसे ज्यादा श्रद्धालु यहां आए

CM डॉ. यादव का दावा- धार्मिक पर्यटन के लिए सबसे ज्यादा पर्यटक MP पहुंचे रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव से ग्वालियर क्षेत्र में पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत अभियान चल रहा है। राज्य सरकार भी इस अभियान में हरसंभव सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पर्यटन विकास को रोजगार से जोड़ा है। पर्यटन बढ़ता है, तो लोगों को रोजगार के नए-नए अवसर मिलते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि देश में पर्यटन क्षेत्र बहुत तेजी से विकास कर रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी पीछे नहीं है। गत वर्ष धार्मिक पर्यटन के लिए देश में सर्वाधिक पर्यटकों ने मध्यप्रदेश को ही चुना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को जारी संदेश में कहा कि हमारी सरकार सभी क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दे रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। इससे पहले रीवा और उज्जैन में टूरिज्म को लेकर ऐसी ही कॉन्क्लेव आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समृद्ध वन क्षेत्र और वन्य जीव पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। कूनो में देश का पहला राष्ट्रीय चीता अभ्यारण्य है। साथ ही चंबल नदी के आसपास घड़ियाल अभ्यारण्य भी है। कछुओं की लुप्त प्रजातियों का भी संरक्षण मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। माधव नेशनल टाइगर पार्क को इसी साल लोकार्पित किया गया है। पर्यटन विकास के जरिए प्रदेश का भविष्य और उज्ज्वल और समृद्ध हो, सभी युवाओं को रोजगार मिले, हमारी सरकार इसी भावना से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कई स्थान हैं। देश में कुल 66 स्थान विश्व धरोहर स्थल के रूप में चिन्हित किए गए हैं, इनमें से 27 मध्यप्रदेश में स्थित हैं। यह राज्य के लिए बेहद गौरव की बात है। इस कॉन्क्लेव के जरिए ग्वालियर एवं चंबल अंचल में पर्यटन विकास को एक नई गति मिलेगी।  

कुख्यात समंदर चाचा मारा गया, आतंकियों को सीमा पार कराता था ‘ह्यूमन GPS’

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की. एनकाउंटर में बागू खान उर्फ समंदर चाचा मारा गया है, जिसे आतंकियों की दुनिया में 'ह्यूमन जीपीएस' कहा जाता था. सूत्रों के मुताबिक, समंदर चाचा के साथ एक और पाकिस्तानी घुसपैठिया भी ढेर हुआ है. बागू खान उर्फ समंदर चाचा 1995 से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहा था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वो पिछले तीन दशकों से गुरेज सेक्टर और आसपास के इलाकों से 100 से ज्यादा घुसपैठी प्रयासों को अंजाम दिलाने में शामिल रहा, जिनमें से ज्यादातर सफल रहे. इलाके के कठिन पहाड़ी और गुप्त रास्तों की गहरी जानकारी उसे आतंकी संगठनों के लिए बेहद खास बनाती थी. आतंकी संगठनों की करता था मदद हालांकि, वो हिजबुल कमांडर था, लेकिन समंदर चाचा सिर्फ एक आतंकी संगठन तक सीमित नहीं था. उसने लगभग हर आतंकी संगठन को घुसपैठ की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद की. इसी वजह से आतंकी उसे 'ह्यूमन जीपीएस' कहकर बुलाते थे. एनकाउंटर में ढेर सूत्रों ने बताया कि 28 अगस्त की रात जब वो नौशेरा नार इलाके से एक और घुसपैठ की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया. मुठभेड़ में समंदर चाचा और उसके साथ मौजूद एक और आतंकी मारा गया. अगले दिन यानी 29 अगस्त की सुबह तक इलाके में गोलीबारी और तलाशी अभियान जारी रहा. आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, समंदर चाचा की मौत आतंकी संगठनों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को करारा झटका है. उसके मारे जाने से घुसपैठ की कई संभावित योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं. समंदर चाचा वर्षों तक सुरक्षा बलों की पकड़ से बचता रहा है.