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टिकाऊ और सुरक्षित करेंसी की ओर बढ़ रहा भारत, कागजी नोटों की जगह पॉलीमर नोट संभव

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक देश में फटे-पुराने नोटों की समस्या को समाप्त करने और बार-बार नोट छापने पर आने वाली भारी लागत को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय बैंक अब पारंपरिक कागजी मुद्रा के स्थान पर प्लास्टिक से बने नोट जारी करने की योजना पर विचार कर रहा है। वित्तीय बाजार और आम जनता के लिए इस बदलाव के फायदे और चुनौतियां दोनों ही काफी महत्वपूर्ण हैं। क्या हैं प्लास्टिक नोट? प्लास्टिक नोट विशेष प्रकार के सिंथेटिक पदार्थ से तैयार किए जाते हैं। पारंपरिक सूती धागे से बने कागजी नोटों की तुलना में ये बेहद लचीले, हल्के और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। मौजूदा समय में चलने वाले कागजी नोट बहुत जल्दी फट जाते हैं, गंदे हो जाते हैं और पानी या पसीने के संपर्क में आते ही खराब हो जाते हैं। इस वजह से केंद्रीय बैंक को हर साल पुराने नोटों को बदलने और नए नोटों की छपाई पर करोड़ों रुपये बर्बाद करने पड़ते हैं। प्लास्टिक नोट आने से इस बार-बार होने वाले खर्च में बहुत बड़ी बचत होगी। प्लास्टिक करेंसी के मुख्य लाभ इन नोटों का सबसे बड़ा गुण इनका टिकाऊपन है। पॉलीमर से बने ये नोट सामान्य कागजी नोटों के मुकाबले 3 से 4 गुना अधिक समय तक चलते हैं। ये पूरी तरह से वॉटरप्रूफ होते हैं, जिसके कारण ये पानी, गंदगी या पसीने से सुरक्षित रहते हैं और मुड़ने या फटने से बचे रहते हैं। इसके अलावा, इनकी सतह गैर-छिद्रपूर्ण होती है, जिसके कारण इन पर धूल, मिट्टी या बैक्टीरिया आसानी से नहीं चिपकते। इस वजह से ये नोट इस्तेमाल करने में कहीं अधिक स्वच्छ और हाइजीनिक रहते हैं। जाली नोटों के धंधे पर लगेगी लगाम प्लास्टिक नोटों को बाजार में उतारने का एक बड़ा फायदा नकली मुद्रा पर रोक लगाना भी है। इन नोटों में सुरक्षा के ऐसे आधुनिक उपाय शामिल किए जा सकते हैं, जिनकी हूबहू नकल करना जालसाजों के लिए लगभग असंभव होगा। इनमें ट्रांसपेरेंट विंडो, विशेष होलोग्राम और कई अन्य एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स शामिल होते हैं, जिससे जाली नोटों के कारोबार को पूरी तरह ठप किया जा सकता है। नई तकनीक के रास्ते में मौजूद चुनौतियां फायदों के बावजूद इस नई व्यवस्था को लागू करने में कुछ व्यावहारिक दिक्कतें भी हैं। शुरुआत में प्लास्टिक नोटों को छापने का खर्च सामान्य कागजी नोटों की तुलना में काफी ज्यादा होता है। इसके अतिरिक्त, ये नोट थोड़े चिकने होते हैं, जिससे हाथ से गिनते समय इनके फिसलने की समस्या हो सकती है। अत्यधिक तापमान या तेज गर्मी में इनके सिकुड़ने की आशंका भी बनी रहती है। सबसे बड़ी चुनौती देश भर के एटीएम नेटवर्क को लेकर है, क्योंकि इन नोटों के हिसाब से सभी मशीनों को अपग्रेड करना पड़ेगा। दुनिया भर में प्लास्टिक नोटों का चलन वैश्विक स्तर पर देखें तो प्लास्टिक करेंसी का प्रयोग कोई नया प्रयोग नहीं है। वर्तमान में दुनिया के 60 से भी अधिक देशों में आंशिक या पूर्ण रूप से प्लास्टिक नोटों का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक को सबसे पहले साल 1988 में ऑस्ट्रेलिया ने अपनाया था। इसके बाद ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और रोमानिया जैसे कई बड़े देशों ने भी अपनी अर्थव्यवस्था में इसे शामिल किया है।

विराट कोहली के अर्धशतक के दम पर RCB ने लगातार दूसरी बार जीता IPL खिताब

नई दिल्ली गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद विराट कोहली के अर्धशतक के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। बेंगलुरु ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 5 विकेट से जीत हासिल की। इसी के साथ बेंगलुरु आईपीएल इतिहास की तीसरी टीम बन गई है, जिन्होंने लगातार दो बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। आरसीबी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने 2010 और 2011 में ये कारनामा किया था। मुंबई इंडियंस ने 2019 और 2020 में अपनी ट्रॉफी को डिफेंड किया था। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाए थे। 156 रनों के लक्ष्य को रजत पाटीदार की अगुवाई वाली टीम ने 18 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने फाइनल मैच को 5 विकेट से अपने नाम किया। बेंगलुरु ने की गुजरात के खिलाफ धारदार गेंदबाजी बेंगलुरु ने फाइनल में धारदार गेंदबाजी करते हुए शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस को 20 ओवर में आठ विकेट पर महज 155 रन पर रोक दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की धीमी पिच पर आरसीबी के गेंदबाजों ने ऐसी सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की कि गुजरात के बल्लेबाज कभी भी लय हासिल नहीं कर सके। कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय किया और आरसीबी के गेंदबाजों ने उनकी रणनीति को एकदम सही साबित किया। जोश हेजलवुड (2/29) और भुवनेश्वर कुमार (2/37) की अगुवाई में तेज गेंदबाजों ने लगातार छोटी और शरीर की तरफ आती गेंदों का इस्तेमाल किया, जिससे गुजरात के बल्लेबाज खुलकर शॉट नहीं खेल सके। काली और लाल मिट्टी के मिश्रण वाली पिच बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं थी। गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आ रही थी और यही गुजरात की बल्लेबाजी में भी साफ दिखाई दिया। पूरी पारी के दौरान केवल वॉशिंगटन सुंदर ही ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने संघर्ष करते हुए अविजिति अर्धशतक लगाया। उन्होंने 37 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 50 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। फाइनल में फेल गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम को अपने दो सबसे सफल बल्लेबाजों कप्तान शुभमन गिल (10) और साई सुदर्शन (12) से बड़ी पारी की उम्मीद थी। दोनों खिलाड़ियों ने इस सीजन 700 से अधिक रन बनाए हैं, लेकिन फाइनल में वे प्रभाव छोड़ने में विफल रहे। गिल ने संभलकर शुरुआत की, लेकिन हेजलवुड की गेंद पर उनका शॉट बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर सीधा कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चला गया। इसके बाद साई सुदर्शन भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। उन्हें पहले डीआरएस के जरिए जीवनदान मिला, लेकिन भुवनेश्वर की उछाल लेती गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में वे विकेटकीपर जितेश शर्मा को कैच थमा बैठे। दोनों सलामी बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद गुजरात की पारी लड़खड़ा गई। पावरप्ले समाप्त होने तक टीम का स्कोर दो विकेट पर सिर्फ 45 रन था। इसके बाद जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन रन गति बढ़ाने में असफल रहे। गुजरात ने सुंदर के दम पर 155 रनों का स्कोर खड़ा किया। बेंगलुरु की ताबड़तोड़ शुरुआत 156 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की टीम ने ताबड़तोड़ शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज के रूप में आरसीबी के लिए विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर क्रीज पर आए। दोनों ने टीम को तेज तर्रार शुरुआत दिलाई और टीम ने 3.3 ओवरों में ही 50 रन पूरे कर लिए। पहले विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों ने 62 रनों की साझेदारी की। गुजरात को मिले लगातार दो विकेट मोहम्मद सिराज ने वेंकटेश अय्यर को आउट कर गुजरात को पहली सफलता दिलाई। हालांकि, उस वक्त तक बेंगलुरु ने मुकाबले में पकड़ बना ली थी। सिराज ने अय्यर को 32 रनों के स्कोर पर मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद उसके अगले ही ओवर में कगिसो रबाडा ने देवदत्त पडिक्कल को 1 रन के स्कोर पर अपना शिकार बना लिया। गुजरात ने लगातार दो विकेट से वापसी की लेकिन उन्होंने बल्ले से अधिक रन नहीं बनाए थे। राशिद खान ने दिया दोहरा झटका राशिद खान मुकाबले में 9वां ओवर डालने के लिए आए और उन्होंने कमाल की गेंदबाजी की। राशिद ने मात्र 3 रन खर्चे और 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद क्रुणाल पांड्या को भी अपना शिकार बनाया और गुजरात की मुकाबले में कुछ हद तक वापसी कराई। विराट कोहली ने जड़ा अर्धशतक बेंगलुरु ने शानदार शुरुआत के बाद भले ही लगातार विकेट गंवाए लेकिन विराट कोहली एक छोर पर क्रीज पर जमे रहे। उन्होंने 25 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया और गुजरात को मुकाबले में हावी होने का मौका नहीं दिया। उन्होंने 42 गेंदों पर नाबाद 75 रनों की पारी खेली। RCB ने लगातार दूसरी बार जीती ट्रॉफी बेंगलुरु ने 156 रनों के लक्ष्य को 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया है। बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने फाइनल में कमाल की बल्लेबाजी की और अपने आईपीएल करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाई। इसी के साथ उन्होंने बेंगलुरु को दूसरा खिताब भी दिलाया।  

सड़क, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना को मिली नई मजबूती

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।  विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश के बावजूद विकास कार्यों का शुभारंभ नहीं रुका और मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न कराया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध सोच का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों का विस्तार है। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान, प्रत्येक महिला और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री  साय ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग का दो-लेन मजबूतीकरण, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग, सोढ़-रेवे-देवरबीजा-अकोला-खाती-सौरी मार्ग, मुड़पार खुर्द-जमघट पहुंच मार्ग, मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना प्रशासकीय भवन निर्माण, गुदेली-कंडरका मार्ग सहित विभिन्न ग्रामों में सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं लोगों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बेमेतरा जिले में स्वीकृत ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी तथा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे तथा कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में आज जिन विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है, वे विकसित बेमेतरा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार सिद्ध होंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा

रायपुर शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।  बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को मजबूत और भरोसेमंद मंच बनाने पर जोर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जवाबदेही पर सख्ती समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। सुशासन तिहार, पेयजल और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। ईंधन, खरीफ तैयारी और किसानों के हितों पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। ड्रोन दीदी, आवास, स्वास्थ्य और ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए। शिक्षा गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है। बैठक में उप मुख्यमंत्री  … Read more

अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर स्थित संभागायुक्त कार्यालय पहुंचकर शहर में उत्पन्न जल संकट की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 24×7 जल नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रतिदिन सुबह एवं शाम जलापूर्ति की समीक्षा की जाए। संकटग्रस्त वार्डों में विशेष जलापूर्ति योजना लागू कर प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि नल से जल सप्लाई के समय में असमानता और विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाये। साथ ही सभी क्षेत्रों में संतुलित जल वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासकीय महाविद्यालयों, छात्रावासों तथा अन्य आवासीय संस्थानों में जल उपलब्धता की विशेष चिंता करने के निर्देश दिए। साथ ही जल चोरी करने वालों एवं मोटरों के माध्यम से अवैध रूप से पानी खींचने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने को कहा। जल टंकियों का पूर्ण क्षमता से उपयोग सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शहर की बड़ी जल टंकियों का पूर्ण क्षमता से उपयोग सुनिश्चित किया जाए। निजी एवं नगर निगम के टैंकरों की मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग की जाए। पाइपलाइन लीकेज एवं वितरण हानि को तत्काल सुधारकर जल की बर्बादी रोकी जाए। इउन्होंने कहा कि भोपाल से वरिष्ठ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी पूर्व में भी इंदौर का दौरा कर चुके हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पुनः भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और नागरिक समितियों के साथ नियमित संवाद तथा समन्वय बनाए रखने तथा जल संकट की स्थिति से संबंधित जानकारी एवं प्रतिवेदन मुख्यमंत्री कार्यालय को निरंतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री गोलू शुक्ला, विधायक श्रीमती मालिनी गौर, विधायक श्री मधु वर्मा, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार और तकनीकी रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ी पहल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है।  उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक  ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

लोकमाता अहिल्याबाई ने राष्ट्रवासियों को आत्मसम्मान से जीना और लड़ना सिखाया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के गांधी हाल में पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्म जयंती उत्सव कार्यक्रम में सहभागिता की। भव्य जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई को सुशासन, लोकसेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अद्वितीय प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि लोकमाता का शासन-प्रशासन हम सबको राम राज्य की याद दिलाता है। उस समय की बड़ी-बड़ी राजसत्ताओं के सामने देवी अहिल्याबाई ने अपने राज कौशल से सुशासन के नए प्रतिमान गढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा भारत जिस नए सांस्कृतिक और धार्मिक जनजागरण का साक्षी बन रहा है, उसकी नींव लोकमाता ने लगभग तीन शताब्दी पहले ही रख दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने न केवल एक कुशल शासक के रूप में, वरन् धर्म, समाज और संस्कृति की ममतामयी संरक्षक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देशभर में अनेक मंदिरों और तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार कर भारतीय आस्था और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने आस्था और अर्चना के प्रतीक हमारे मंदिरों की पुनर्स्थापना कर धर्म की रक्षा की तथा लोककल्याण को शासन का मूल आधार बनाया। उन्होंने भारतीयों को आत्मसम्मान के साथ जीना और इसके लिए लड़ना भी सिखाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर की दो विभूतियों म.प्र. उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति  आनंद सिंह बहरावत और न्यायमूर्ति  हिमांशु जोशी को 'अहिल्या गौरव सम्मान' से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने यहां फोटो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता धर्म का मर्म समझती थीं। वे उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली दूरदर्शी शासक थीं। राजनीति, कूटनीति, वित्तीय प्रबंधन और अर्थव्यवस्था पर उनकी गहरी समझ थी। उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि महेश्वरी साड़ियां आज विश्वभर में भारत की समृद्ध एवं बेजोड़ परिधान कला और उद्यमिता का गौरव बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी लोकमाता द्वारा बताये गये लोकसेवा और जनकल्याण के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के समग्र सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इंदौर की पुलिस बटालियन नंबर-1 का नाम अहिल्याबाई बटालियन रखा है। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर इंदौर के राजबाड़ा में ही कैबिनेट बैठक की और भोपाल में वृहद महिला सम्मेलन भी आयोजित किया था। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में लोकमाता के योगदान का उल्लेख कर उन्हें कुशल प्रशासिका, सुशासन की अग्रदूत और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता की जन्म स्मृति में इस भव्य एवं सफल आयोजन के लिए नगर निगम इंदौर एवं सहयोगी संस्था अवोम भारत के पदाधिकारियों को बधाई दी। इंदौर के महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर लोकमाता की कर्मस्थली रहा है। उन्हीं के पुण्य प्रताप से इंदौर स्वच्छता के मामले में सुपर लीग में आ चुका है। क्लीन एयर इनीशियेटिव में भी इंदौर आगे है। इंदौर अब डिजिटल सिटी बनने जा रहा है। यहां हर दिशा में विकास कार्य हो रहे हैं। वर्ष 2029 तक इंदौर की जल क्षमता दुगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या उत्सव 2026 लोकमाता को सच्ची श्रद्धांजलि है। हम उन्हीं के बताए सद्मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। अहिल्या उत्सव 2026 कार्यक्रम के आरंभ में करीब 150 सदस्यों के एक आर्केस्ट्रा समूह द्वारा बांसुरी एवं अन्य वाद्य यंत्रों के सुमधुर वादन से राष्ट्रगीत वंदे मातरम की आकर्षक संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इसके बाद  ब्रजेश ब्रज ने अपने समूह के साथ गणेश वंदना प्रस्तुति दी। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद  शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायिका सु उषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक  महेन्द्र हार्डिया, विधायिका  मालिनी गौड़, विधायक  मधु वर्मा, विधायक  राकेश गोलु शुक्ला,  प्रताप करोसिया,  सावन सोनकर,  गौरव रणदिवे, डॉ. निशांत खरे,  श्रवण चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।  

सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा – जनता के बीच पहुंचकर सरकार दे रही अपने काम का रिपोर्ट कार्ड

रायपुर  सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास शामिल है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। मुख्यमंत्री  साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक  दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन…

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 8 संदिग्ध गिरफ्तार

नई दिल्ली  शहजाद भट्टी हाल के महीनों में ये नाम भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में बार-बार सामने आया है। इसका कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध है। कभी पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पहचाने जाने वाले भट्टी को अब एजेंसियां एक ऐसे डिजिटल नेटवर्क के पीछे का मुख्य चेहरा बता रही हैं, जिसका कथित तौर पर गैंगस्टर मॉड्यूल, युवाओं के कट्टरपंथीकरण, हथियारों की तस्करी और भारत में अशांति फैलाने की साजिश से जुड़ाव है। आरोपियों के पास से हथियार और चोरी की बाइक बरामद शनिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भट्टी के मॉड्यूल से जुड़े आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर पूरे देश में बड़े हमलों की योजना बना रहे थे। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों के पास से पाकिस्तान में बने चार हैंड ग्रेनेड, दो ग्लॉक पिस्तौल, 24 जिंदा कारतूस, एक चोरी की मोटरसाइकिल और एक चोरी का स्कूटर बरामद किया गया है। आरोपियों में उत्तर प्रदेश से विजय उर्फ शूटर (23), झारखंड से नीतीश पासवान (23), महाराष्ट्र से तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) और साजिद मेहबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27), पंजाब से हरविंदर सिंह (28), गगनदीप सिंह (28) और मंजीत सिंह (23) और नेपाली नागरिक अनग कामी लामा (66) शामिल हैं। यूपी एटीएस और एसटीएफ ने भी चार गुर्गों को किया गिरफ्तार इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भी एक संयुक्त अभियान चलाया और भट्टी-आबिद जट्ट मॉड्यूल से जुड़े चार गुर्गों को गिरफ्तार किया। भट्टी इस समय दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), उत्तर प्रदेश एटीएस, उत्तराखंड एसटीएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों सहित कई एजेंसियों के लिए टॉप टारगेटों में से एक है। इन्फ्लुएंसर से कैसे बना क्रिमिनल नेटवर्क का सरगना? शाहजाद भट्टी मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। जहां एक ओर वह सोशल मीडिया पर खुद को एक व्यवसायी, समाज-सेवक और धार्मिक मुद्दों पर टिप्पणीकार के तौर पर पेश करता है, वहीं दूसरी ओर एजेंसियों का कहना है कि उसका आपराधिक रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां करता है। पाकिस्तानी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2013 में उसके खिलाफ चोरी और डकैती सहित कई मामले दर्ज किए गए थे, जिसके बाद बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी लगे। लगभग 2015 में वह पाकिस्तान से भागकर दुबई चला गया, जहां उसने डेयरी के कारोबार शुरू किए। उस दौरान बताया जाता है कि वह बलूचिस्तान के फारूक खोखर गिरोह के संपर्क में आया और उसका एक प्रमुख सदस्य बन गया। भट्टी ने "333" नाम से अपनी ऑनलाइन पहचान बनाना भी शुरू कर दिया था, जिसके तहत वह भारत-पाकिस्तान संबंधों, धार्मिक मुद्दों और इन्फ्लुएंसर्स के बीच के विवादों पर वीडियो बनाता था। उसे बड़ी संख्या में फॉलोअर्स मिले, लेकिन एजेंसियों का मानना है कि यह लोकप्रियता असल में एक बड़े नेटवर्क को खड़ा करने के लिए एक आड़ का काम कर रही थी। आईएसआई से लिंक का आरोप भारतीय एजेंसियों का दावा है कि भट्टी अकेले काम नहीं कर रहा है, बल्कि उसका संबंध पाकिस्तान की आईएसआई से है और उसे आबिद जट्ट, अजमल गुर्जर और यावर खान जैसे हैंडलर्स का समर्थन मिला हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए काम करता है। आरोप है कि यह भारत में कमजोर युवाओं की पहचान करता है, प्राइवेट मैसेजिंग के जरिए उनसे बातचीत शुरू करता है और फिर वीडियो कॉल के जरिए उन्हें भट्टी से जोड़ता है। खबरों के अनुसार, इन लोगों को पैसों और सोशल मीडिया पर शोहरत दिलाने के वादों के जरिए, साथ ही हथियारों वाले वीडियो और विदेश में बसने के मौकों का लालच देकर फंसाया जाता है। शुरुआत में उन्हें छोटे-मोटे काम सौंपे जाते हैं जैसे कि किसी जगह की तस्वीरें या वीडियो शेयर करना और धीरे-धीरे उन्हें इस नेटवर्क के जाल में और भी गहराई तक खींच लिया जाता है। पूरे भारत में बड़ी कार्रवाई जारी नेटवर्क के सामने आने के बाद एजेंसियों ने मई के पहले हफ्ते में देशव्यापी स्तर पर एक बड़ा अभियान शुरू किया। 48 घंटे तक चले इस अभियान में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों को शामिल किया गया। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि एजेंसियां 500 से ज्यादा मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रैक कर रही हैं। पंजाब के सीमावर्ती जिलों से 40 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। हरियाणा एसटीएफ ने करीब 90 युवकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। दिल्ली में 20 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां उनमें से कुछ को समझाया-बुझाया गया और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स डिलीट करने को कहा गया। कुल मिलाकर, इस अभियान के तहत 481 संदिग्धों और अपराधियों को हिरासत में लिया गया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के लिंक्स जांच में भट्टी के 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) नामक एक समूह से कथित संबंधों का भी खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए लोगों ने दिल्ली पुलिस को बताया कि उन्हें दिल्ली और फरीदाबाद की दीवारों पर 'TTH' लिखने का निर्देश दिया गया था। उन्हें इसके नीचे "S" अक्षर लिखने का भी निर्देश दिया गया था, कथित तौर पर भट्टी की संलिप्तता का संकेत देने के लिए। एजेंसियों का कहना है कि इस गतिविधि को पाकिस्तान से मिली फंडिंग का समर्थन प्राप्त था। पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की साजिश    

मद्यनिषेध विभाग के माध्यम से गांव-गांव और स्कूलों तक पहुंचा जागरूकता संदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे प्रयासों को लगातार गति मिल रही है। योगी सरकार ने नशे के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए जागरूकता को सबसे प्रभावी हथियार बनाते हुए व्यापक अभियान संचालित किया है। मद्यनिषेध विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश भर में युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के बीच नशा विरोधी कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया, जिससे लाखों लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचा। योगी सरकार की प्राथमिकता केवल नशे की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराकर उन्हें स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, भाषण, पोस्टर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 1352 प्रतियोगिताओं में शामिल हुए हजारों छात्र-छात्राएं मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कुल 1352 प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया गया। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5404 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। क्योंकि युवाओं को सही दिशा में प्रेरित कर नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाए गए, जहां खेलकूद प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। इन कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर पर भी सराहना मिली। प्रदेशभर में 1767 संगोष्ठियां, 356 प्रदर्शनियों का आयोजन योगी सरकार के निर्देश पर मद्यनिषेध विभाग ने राज्य स्तर से लेकर जनपद स्तर तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। वर्ष भर में 40 राज्य स्तरीय और 1727 जनपद स्तरीय संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इनमें शिक्षकों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्माचार्यों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इसके साथ ही प्रदेशभर में 356 प्रदर्शनियों की स्थापना कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और उसके सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। मेलों, त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रीय पर्वों पर विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाया गया। योगी सरकार में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जागरूकता को मिली नई ताकत यूपी के जनसामान्य तक सरल और प्रभावी तरीके से संदेश पहुंचाने के लिए विभाग ने 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए। नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो, जादू, गीत, कव्वाली और अन्य सांस्कृतिक माध्यमों के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।