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भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया अहम बयान

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े   मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित रायपुर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है। निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें। इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई  से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई में कोताही नहीं सहेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर का सख्त बयान

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री शहर की सीवर, सफाई व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार सुबह 6 बजे उप नगर  के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति तथा सफाई व्यवस्था, सीवर व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सुबह 6 बजे वाटर सीवरेज पंपिंग स्टेशन पीएचई कॉलोनी में पहुंचकर नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ सीवरेज सफाई व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए । ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड 4 के चद्र नगर, ठाकुर मोहल्ला, बार्ड 1 के रामाजी का पुरा, आरआर टॉवर पहुंचकर सीवर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क और विद्युत व्यवस्था तथा वार्ड 36 के गेंडे वाली सड़क और शिंदे की छावनी में पहले किये गये निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर हुई कार्यवाही को देखा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सफाई व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। सुपर सकर मशीन से सफाई कार्य का निरीक्षण ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर जनकल्याण समिति द्वारा नगर निगम के सहयोग से उप नगर ग्वालियर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के निरंतर 7 वें दिवस शुक्रवार को हजीरा चौराहे पर पहुंचकर सुपर सकर मशीन से चल रही सीवर लाइनों की सफाई के काम का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि हमने सीवर सफाई के कार्य को अपने हाथ में लिया है और हम इसमें बदलाव लाकर दिखाएंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।  

दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को एक लाख रुपये का पुरस्कार, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान

दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 10वीं बोर्ड में 500 में 499 अंक लाने पर पन्ना की प्रतिभा सिंह को दी बधाई मुख्यमंत्री निवास पर किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्रा पन्ना की कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी को माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा को सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर माँ की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट तथा आशीर्वाद प्राप्त करने प्रतिभा, परिजन सहित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) आईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 'प्रतिभा जैसी बेटियां प्रदेश की शान हैं। प्रतिभा की सफलता लाखों बेटियों और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। बिटिया की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है।' मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कु. प्रतिभा और उनके परिजन ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।  

पंजाब में आज 15 मिनट का ब्लैकआउट, सभी जिलों में चुनिंदा जगहों पर होगी युद्ध के वक्त बचाव की मॉक ड्रिल

चंडीगढ़  पंजाब में आज रात 8 बजे मॉकड्रिल के तहत 15 मिनट के लिए पूर्ण ब्लैकआउट होगा। इसका उद्देश्य लोगों को किसी भी अप्रिय घटना के समय पूरी सतर्कता के साथ बचाव करना और सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में जागरूक करना है। ब्लैकआउट से दो मिनट पहले सायरन बजाया जाएगा, जिसके बाद ब्लैकआउट प्रक्रिया शुरू होगी और किसी भी प्रकार की रोशनी नहीं की जाएगी। अस्पतालों और औद्योगिक संस्थानों में ब्लैकआउट नहीं होगा, जबकि बाजारों, दुकानों और घरों में लाइटें पूरी तरह बंद रहेंगी।   यह केवल एक अभ्यास प्रक्रिया है और लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। होशियारपुर में सिविल डिफेंस के वालंटियर्स संबंधित विभागों के सहयोग से डी.ए.वी. कॉलेज में मॉकड्रिल करेंगे। इस मॉक ड्रिल के तहत रात 8:00 बजे से 8:10 बजे तक (कुल 10 मिनट) रंजीत एवेन्यू क्षेत्र में पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान बिजली विभाग द्वारा केवल रंजीत एवेन्यू के संबंधित क्षेत्र की लाइटें अस्थायी रूप से बंद की जाएंगी, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जा सके। ब्लैकआउट के दौरान जनरेटर-इनवर्टर और टॉर्च के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पावरकॉम की तरफ से प्रमुख बाजारों, सरकारी भवनों और आवासीय कॉलोनियों में कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई रोकी जाएगी। मॉक ड्रिल के लास्ट में 2 मिनट तक लगातार सायरन बजेगा, जो “ऑल क्लियर” का संकेत होगा, जिसके बाद सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि लोग घबराएं नहीं। यह सिर्फ मॉक ड्रिल है, इसमें अपना पूरा सहयोग करें। इससे पहले पिछले साल मई महीने में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने हमला करने की कोशिश की थी। उस दौरान इसी तरह से ब्लैकआउट को लागू कराया गया था। आज किस जिले के किस एरिया में ब्लैकआउट होगा     लुधियाना – लुधियाना में ब्लैकआउट शाम 8 से 8:15 बजे तक रहेगा। 7:55 बजे सायरन बजेगा। पीएयू, किचलू नगर और अग्रनगर डिवीजन के अधीन आने वाले इलाकों में ब्लैकआउट रहेगा। जिले में 12 जगहों पर मॉक ड्रिल होगी।     अमृतसर – आज रात 8 बजे अमृतसर के रंजीत एवेन्यू स्थित पायटेक्स ग्राउंड में सिविल डिफेंस की ओर से एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। इस दौरान रात 8 से 8:10 बजे तक (10 मिनट) रंजीत एवेन्यू में ब्लैकआउट रहेगा।     मोहाली – डीसी कोमल मित्तल के मुताबिक सेक्टर 76 स्थित जिला प्रशासनिक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल कराई जाएगी। रात 8 से सवा 8 बजे के बीच ब्लैकआउट होगा।     पठानकोट – यहां रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। इससे पहले 7:58 बजे 2 मिनट का सायरन बजेगा। 15 मिनट तक ब्लैकआउट रहेगा। इसके बाद 8:15 बजे फिर 2 मिनट का सायरन बजेगा, जिससे अभ्यास समाप्त होने का संकेत मिलेगा। ब्लैकआउट केवल नगर निगम के 50 वार्डों में लागू होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य रहेगी।     जालंधर – जालंधर के खालसा कॉलेज फॉर वुमेन में 23 अप्रैल को मॉक ड्रिल होगी। रात 8:00 बजे कॉलेज कैंपस में ब्लैकआउट किया जाएगा। डीसी वरजीत वालिया के अनुसार, यह ड्रिल इमरजेंसी तैयारियों को जांचने के लिए है। पूरे जिले में ब्लैकआउट नहीं होगा।     तरनतारन – डीसी राहुल के अनुसार आज रात 8:00 बजे जिले में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा। अभ्यास के दौरान कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई बंद की जा सकती है। लोगों से घबराने की बजाय सहयोग करने की अपील की गई है।     फाजिल्का – फाजिल्का में भी रात 8 बजे ब्लैकआउट होगा। फाजिल्का पाकिस्तान से सटा हुआ जिला है, इसलिए यहां ज्यादा एहतियात बरती जाएगी। लोगों को गैर जरूरी लाइटें बंद करने को कहा गया है।     बठिंडा – डीसी राजेश धीमान के अनुसार, बठिंडा में रात 8 बजे सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल शुरू होगी। सायरन के साथ ही पुडा मार्केट और 100 फीट रोड जैसे चिन्हित क्षेत्रों में ब्लैकआउट किया जाएगा। करीब 15 मिनट की इस ड्रिल में सर्च एंड रेस्क्यू, राहत कार्य और चिकित्सा सहायता का अभ्यास होगा। जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी।     फिरोजपुर – रात 8:00 बजे फिरोजपुर शहर, छावनी (कैंट) और सीमावर्ती संवेदनशील इलाकों में मॉक ड्रिल शुरू होगी। शुरुआत में 2 मिनट तक उतार-चढ़ाव वाला सायरन बजेगा, जो एयर रेड वार्निंग का संकेत होगा। इसके बाद लोगों को लाइटें बंद करनी होंगी और ब्लैकआउट लागू किया जाएगा। एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी अभ्यास की शुरुआत सहायक कमिश्नर (जनरल) प्रगति सेठी तथा अतिरिक्त नियंत्रक सिविल डिफेंस एवं जिला कमांडर मनप्रीत सिंह रंधावा द्वारा दी गई जानकारी अनुसार अभ्यास की शुरुआत एयर रेड चेतावनी सिग्नल के साथ होगी, जो सायरनों के माध्यम से दिया जाएगा। यह संकेत किसी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति की चेतावनी का प्रतीक होगा। घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें अमृतसर के ADC रोहित गुप्ता ने आम जनता से अपील की है कि वे इस दौरान घबराएं नहीं और केवल अनावश्यक लाइटें बंद रखें। अस्पताल, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। मॉक ड्रिल के समापन पर ऑल क्लियर सिग्नल के रूप में लगभग दो मिनट तक लगातार तेज सायरन बजाया जाएगा, जो अभ्यास समाप्त होने का संकेत होगा। इस दौरान आग बुझाने, खोज एवं बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा, घायलों की ढुलाई, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास इस अभ्यास में एनसीसी कैडेट्स, सिविल डिफेंस कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

QUAD में भारत की सबसे बड़ी ताकत, US के पूर्व मंत्री ने बताया कैसे प्रभावित हुए थे पीएम मोदी से

नई दिल्ली QUAD यानी चार देशों के समूह में मुख्य भूमिका निभाने का श्रेय भारत को दिया जा रहा है। अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री ने बताया है कि इस समूह के पीछे सबसे बड़ी ताकत भारत था। साथ ही उन्होंने चार देशों के बीच साझेदारी बनाने में भारत की भूमिका के बारे में बताया है। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ अमेरिका के मौजूदा रिश्तों को लेकर चिंता भी जाहिर की है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। जब बाइडेन ने पीएम मोदी को मनाया हडसन इंस्टीट्यूट पहुंचे अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट एम कैम्पबेल ने कहा, 'मैंने जो भी रिपोर्टें देखीं उनके बावजूद, मैं वहां मौजूद था और राष्ट्रपति बाइडन ने एक घंटे से अधिक समय तक काफी हिचकिचा रहे प्रधानमंत्री मोदी को क्वाड के नेता स्तर पर शामिल होने के लिए मनाया। उन्होंने सचमुच उन्हें एक समझौते के लिए इस हद तक राजी किया कि मोदी ने कहा, 'मैं वादा करता हूं कि मैं यह करूंगा, बस आप मुझे बार-बार टोकना बंद करें'…।' उन्होंने कहा, 'QUAD में पर्दे के पीछे सबसे ज्यादा काम करने वाला देश अमेरिका नहीं था। वह जापान नहीं था। वह ऑस्ट्रेलिया नहीं था। वह भारत था।' रिश्तों पर जताई चिंता कैम्पबेल ने भारत के साथ अमेरिका के मौजूदा रिश्तों पर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, 'यह थोड़ी चिंता की बात है कि आज हमें एक-दूसरे का सम्मान करने जैसी बुनियादी बात याद दिलानी पड़ रही है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत और अमेरिका के रिश्ते इस मोड़ पर आ जाएंगे जहां सम्मान की बात करनी पड़े। लेकिन मैं मानता हूं कि आज हालात ऐसे ही हैं, और मेरा मानना है कि किसी भी रिश्ते को टिकाए रखने के लिए एक-दूसरे का सम्मान करना सबसे जरूरी है।' ताजा टकराव रूसी तेल, टैरिफ समेत कई मुद्दों के बाद एक बार फिर भारत और अमेरिका में तनाव देखा जा रहा है। इसकी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पोस्ट है, जिसमें भारत और चीन को नरक जैसी जगह बताया गया है। भारत ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि, अमेरिका ने भी इस मामले में डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की और भारत को महान देश करार दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने टिप्पणियां देखी हैं, साथ ही इसके जवाब में अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया बयान भी देखा है।' उन्होंने कहा, 'ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र हैं। ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दिखाती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।'

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्मी का कहर, बठिंडा रहा सबसे गर्म: 10 जिलों में पारा 40°C के पार, हीट वेव का खतरा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के अंत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को बठिंडा में 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है और इस सीजन का अब तक का सबसे उच्च स्तर है। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 और 25 अप्रैल के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बठिंडा बना सबसे गर्म जिला पंजाब में सबसे ज्यादा गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.0 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री और रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 41.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। अमृतसर और चंडीगढ़ शहर में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। हीट वेव का असर और स्वास्थ्य चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है। बिजली की मांग बढ़ी, कटौती शुरू गर्मी बढ़ने के साथ ही पंजाब में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। इस कारण बिजली विभाग ने कई जगहों पर मरम्मत के नाम पर शटडाउन शुरू कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर चलाने की जरूरत बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ दिख रहा है। अस्पतालों के समय में बदलाव तेज गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है और यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खोल दिए जाते हैं ताकि भीड़ कम हो और इंतजार न करना पड़े। यह फैसला गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। बठिंडा गर्मी के मामले में टॉप पर पंजाब में 40 डिग्री से अधिक तापमान 10 जिलों में दर्ज किया गया, जबकि 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 7 जिलों में रहा। सबसे गर्म जिला बठिंडा (एयरपोर्ट) रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.0 डिग्री, पटियाला 41.6 डिग्री, भाखड़ा डैम (रूपनगर) 41.1 डिग्री, लुधियाना 40.6 डिग्री, गुरदासपुर 40.5 डिग्री, फिरोजपुर 40.2 डिग्री, फाजिल्का 40.2 डिग्री, अमृतसर 40.1 डिग्री, चंडीगढ़ (सिटी) 40.0 डिग्री, एसबीएस नगर 39.5 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 39.2 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.0 डिग्री, पठानकोट 38.8 डिग्री, मोगा 38.7 डिग्री और रूपनगर (रोपड़) 38.5 डिग्री। बिजली की खपत बढ़ी, कट शुरू गर्मी बढ़ने की वजह से पंजाब में बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। इस वजह से बिजली विभाग की तरफ से रिपेयर के नाम पर शटडाउन किया जा रहा है। दिन में शहरी से लेकर ग्रामीण एरिया में कट लग रहे हैं। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है। अस्पतालों का समय बदला पंजाब में गर्मी के मौसम को देखते हुए 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों की OPD टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब OPD सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चल रही। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे ही खोल दिए जा रहे हैं, ताकि भीड़ कम हो और लोगों को इंतजार न करना पड़े। यह फैसला बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए लिया गया है, ताकि मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों को राहत मिल सके। आगे मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव चल सकती है। 25 से 29 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले चार दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। बारिश और आंधी का अलर्ट जारी 26, 27 और 28 अप्रैल को पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 25 अप्रैल को फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में लू चलने का अनुमान है। वहीं 26 अप्रैल को पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और पटियाला समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।

मंत्रियों की सैलरी में कटौती, इस राज्य में रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगी बकाया पेंशन

 हैदराबाद तेलंगाना सरकार ने  एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मंत्रियों के वेतन में 50% की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से पेंडिंग बकाये को चुकाने के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। यह फैसला हिमाचल प्रदेश सरकार के उस हालिया कदम के बाद आया है, जिसमें वित्तीय संकट के कारण मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में कटौती की गई थी। स्वेच्छा से लिया गया फैसला मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद, तेलंगाना के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मंत्रियों ने अपनी मर्जी से यानी स्वेच्छा से अपने वेतन में 50% की कटौती करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो रिटायर्ड कर्मचारियों का पैसा चुकाने के लिए राज्य के सभी जनप्रतिनिधि भी अपनी सैलरी का आधा हिस्सा छोड़ देंगे। 100 दिनों का लक्ष्य और नई समिति का गठन सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए एक समय सीमा तय की है। कैबिनेट ने अगले 100 दिनों के भीतर सेवानिवृत्ति बकाये को चुकाने की व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने एक खास समिति बनाने की घोषणा की है, जो कर्मचारी संघों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के साथ मिलकर बातचीत करेगी और संसाधन जुटाने के तरीके तलाशेगी। कितने करोड़ का है बकाया? कैबिनेट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार के ऊपर कर्मचारियों का एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है।     सेवारत (वर्तमान) कर्मचारियों का बकाया: लगभग 6,200 करोड़ रुपये     रिटायर्ड कर्मचारियों का बकाया: लगभग 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों के प्रति सरकार की चिंता सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों को हो रही परेशानियों पर गहरी चिंता जताई। मंत्री पोंगुलेटी ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ने और पैसा मिलने में हो रही देरी के कारण पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट का स्पष्ट मानना था कि रिटायर्ड कर्मचारियों को अपने ही हक के पैसों के लिए दफ्तर-दर-दफ्तर भटकने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। पिछली सरकार पर निशाना और भविष्य की योजना कैबिनेट ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि यह भारी-भरकम बकाया पिछले एक दशक (लगभग 10 वर्षों) में जमा हुआ है। सरकार ने याद दिलाया कि जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था, तब राज्य पर ऐसा कोई बकाया नहीं था। वेतन कटौती के साथ-साथ, तेलंगाना सरकार अब इस वित्तीय बोझ से निपटने और कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए संसाधन जुटाने के अन्य संभावित उपायों पर भी विचार करेगी।

पंजाब में 30 अप्रैल से जनगणना की शुरुआत, 15 मई से 67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर करेंगे सर्वे

चंडीगढ़  जनगणना का पहला चरण 15 मई से 13 जून के बीच आयोजित किया जाएगा। इस कार्य के लिए तरनतारन जिला प्रशासन द्वारा लगभग 2500 गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। डिप्टी कमिश्नर सह-प्रधान जनगणना अधिकारी राहुल ने बताया कि जनगणना कार्य में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण विभिन्न स्तरों पर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, “जनगणना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”उन्होंने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया को ‘डिजिटल मोड’ के जरिए हाई-टेक तरीके से पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत, स्वयं-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के लिए ऑनलाइन पोर्टल 30 अप्रैल से 14 मई तक खुला रहेगा, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके बाद 15 मई से 13 जून तक गणनाकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। वास्तविक जनसंख्या की गिनती का दूसरा चरण नौ फरवरी 2027 में होगा, जिसमें हर व्यक्ति का डेटा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से कुल 67 हजार मुलाजिम तैनात किए जाएंगे। लोकल बॉडी विभाग के सचिव मनजीत सिंह बराड़ व निदेशक जनगणना नवजोत खोसा ने यह जानकारी शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी। मोबाइल ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें डेटा जुटाने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनेगी। कर्मचारी घर की स्थिति, दीवार और छत के मटेरियल, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं के साथ-साथ टीवी, वाहन जैसे संसाधनों की जानकारी भी जुटाएंगे। कुल 33 सवालों का जवाब देना होगा। 67000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त राज्य में जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत लगभग 51,561 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए जा चुके हैं। इस कार्य के लिए करीब 67,000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें लगभग 56,544 एन्यूमरेटर और 10,368 सुपरवाइजर शामिल हैं। इन नियुक्तियों में स्कूल शिक्षक, क्लर्क तथा राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के अधिकारी भी शामिल हैं। प्रत्येक एन्यूमरेटर को लगभग 700 से 800 लोगों का डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, एक सुपरवाइजर के अधीन करीब 6 एन्यूमरेटर काम करेंगे और उनकी निगरानी करेंगे। स्वगणना के लिए केंद्र सरकार के पोर्टल पर जाना है। जिसमें लॉगिन कर 16 भाषाओं में जवाब दे पाएंगे। पोर्टल सुबह छह से 12 बजे तक एक्टिव रहेगा स्व गणना के लिए किसी ऐसे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें जो पहले से किसी अन्य परिवार द्वारा इस्तेमाल किया गया हो। परिवार के मुखिया के लिए नकली या अस्थायी नाम न डालें, क्योंकि बाद में इसे बदला नहीं जा सकता। अपना लॉगिन OTP किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को सेंसस अफसर ही क्यों न बताए। आधार, पैन या बैंक डिटेल जैसे संवेदनशील दस्तावेज अपलोड या साझा न करें (इनकी आवश्यकता नहीं है)। उन परिवार के सदस्यों को शामिल न करें जो स्थायी रूप से कहीं और जा चुके हैं या काम/पढ़ाई के लिए बाहर रह रहे हैं। मैप पर अपनी लोकेशन गलत तरीके से न चुनें; यह आपकी असली रहने की जगह होनी चाहिए। कोई भी सवाल खाली न छोड़ें; सिस्टम आमतौर पर आगे बढ़ने नहीं देता। यह न मानें कि प्रक्रिया पूरी हो गई है, जब तक आपको SE ID के साथ सफलता स्क्रीन न दिख जाए। रात 12 बजे के बाद पोर्टल का उपयोग न करें, क्योंकि यह केवल सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक ही सक्रिय रहता है। जानकारी भरते हुए पब्लिक आईडी का प्रयोग न करे फाइनल सबमिशन के बाद डेटा एडिट करने की कोशिश न करें। सुरक्षा के लिए यह लॉक हो जाता है। ऑनलाइन सबमिट करने के बाद आने वाले एन्यूमरेटर (गणनाकर्मी) को नजरअंदाज न करें, उनकी विजिट सत्यापन के लिए होती है। अगर आपका SE ID खो जाए तो घबराएं नहीं। आप इसे अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे मेहमानों की जानकारी न दें जो केवल कुछ दिनों के लिए आए हुए हैं। निजी जानकारी भरते समय पब्लिक या असुरक्षित Wi-Fi (जैसे कैफे में) का उपयोग न करें। घर में रहने वाले सभी विवाहित जोड़ों का अलग-अलग उल्लेख करना न भूलें। आखिरी दिन (14 मई) तक सबमिट करने का इंतजार न करें, क्योंकि उस समय सर्वर पर ज्यादा लोड हो सकता है। डॉटा भरने के बाद एक 21 अंकों का नंबर आएगा। इसे संभाल कर रखना है। पंजाब में 30 अप्रैल से शुरू होगी हेल्पलाइन जनगणना 2027 के लिए हेल्पलाइन लोगों की मदद के लिए 30 अप्रैल से शुरू होगी। अगर आपको खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) या घर की जानकारी देने (हाउस लिस्टिंग) में कोई दिक्कत हो, तो आप यहां सवाल पूछ सकते हैं। शिकायत कर सकते हैं या अधिकारी से बात भी कर सकते हैं। इसे लिए 1855 नंबर पर कॉल करनी होगी। यह सेवा 24 घंटे चालू रहेगी और 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर आपकी कॉल सीधे जनगणना विभाग के अधिकारी तक पहुंचाई जा सकती है। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक सोमवार से शनिवार उपलब्ध रहेगी। एन्यूमरेटर और लोगों की यह जिम्मेदारी तय एन्यूमरेटर जो व्यक्ति घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करता है। लोगों से आराम से और साफ तरीके से सवाल पूछेगा। फॉर्म जमा करने से पहले सब कुछ चेक करेगा कि सही है या नहीं। आपकी दी गई जानकारी को गोपनीय रखेगा। दूसरा जिसके घर जनगणना वाले उसकी जिम्मेदारी है उसे दूसरा सही और पूरी जानकारी देनी है। अगर कोई बात समझ न आए तो पूछ लेना है। पंजाब में पहली ड्रग जनगणना भी पंजाब सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से भारत की पहली व्यापक 'ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना' शुरू की है, जिसका उद्देश्य 65 लाख परिवारों का सर्वेक्षण कर नशे के खिलाफ 'डेटा-आधारित' पुनर्वास नीतियां बनाना है। लगभग 28,000 सरकारी कर्मचारियों द्वारा तीन महीने में पूरी की जाने वाली इस ₹150 करोड़ की पहल का लक्ष्य नशा मुक्ति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना है। अलग-अलग नगर निगमों में HLBs (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स) की संख्या पठानकोट – 344 बटाला – 285 अमृतसर – 2324 कपूरथला – 142 फगवाड़ा – 225 जालंधर – 1689 होशियारपुर – 263 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) – 674 … Read more

योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम, प्रदेश में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम की शुरुआत होगी

योगी सरकार का बड़ा कदम: प्रदेश को जल्द मिलेंगे 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, सम्भल और शामली में जारी है स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण स्टेडियम निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच खेल व खिलाड़ियों को लगातार प्राथमिकता पर प्रोत्साहन दे रही है योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार खेल विभाग के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार विशेष जोर दे रही है। प्रदेश के 71 जिलों में इस समय 84 स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालित हो रहे हैं, जबकि 5 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। जिसमें गाजीपुर में नवीन स्टेडियम का निर्माण (द्वितीय), चंदौली में स्पोर्ट्स स्टेडियम, हापुड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम, संभल में स्पोर्ट्स स्टेडियम, और शामली में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकेगा।  हापुड़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम का कार्य 70% पूरा वहीं निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो गाजीपुर में नया स्टेडियम लगभग 99.9% पूरा हो चुका है, हालांकि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई कुछ कमियों का निस्तारण अभी शेष है। हापुड़ में स्टेडियम का निर्माण करीब 70% पूरा हो चुका है, जबकि संभल में यह कार्य 26% और शामली में कार्य शुरू हो चुका है। चंदौली में स्टेडियम निर्माण के लिए फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है। निर्माण कार्य पूर्ण होने और हैंडओवर के बाद ही इनका लोकार्पण किया जाएगा। गाजीपुर को छोड़कर बाकी चार जनपदों में स्टेडियम निर्माण को वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिली है। यह परियोजनाएं प्रदेश में खेल अवसंरचना को नई दिशा देने का काम करेंगी। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर योगी सरकार का फोकस योगी सरकार का फोकस सिर्फ स्टेडियम निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर भी है। खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के साथ-साथ मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम, हॉकी और फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। नए स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अपने ही जिले में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रहीं हैं। साथ ही प्रदेश में खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने से खिलाड़ियों को अपने ही जनपद में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज पर बैन, पंजाब पुलिस और परिवार ने किया विरोध, माहौल बिगड़ने का दिया था हवाला

चंडीगढ़  गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) की लाइफ पर बेस्ड सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। जी5 (Zee5) की इस सीरीज को लेकर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। अभी हाल ही में सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब का ट्रेलर रिलीज हुआ था। सीरीज का ट्रेलर रिलीज होते ही विवाद खड़ा हो गया। सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब को बैन करने की मांग उठने लगी। पंजाब पुलिस, कांग्रेस नेता और फिर लॉरेंस के घरवालों ने भी इस सीरीज को बैन करने के लिए कहा। लेकिन इसके बाद भी मेकर्स अपने कदम पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं थे। अब इन सब के बीच सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की रिलीज पर लगी रोक जी5 की सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब एक बार फिर से खबरों में आ गई है। सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब को बैन करने की मांग उठ रही थी। अब लॉरेंस ऑफ पंजाब वेब सीरिज अब OTT प्लेटफार्म Zee 5 पर रिलीज नहीं होगी, भारत सरकार ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है। आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भारत सरकार की तरफ से ये जानकारी दी गई। 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को प्रसारित न किए जाने के केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ही Zee 5 को निर्देश दिए है।  चचेरे भाई ने कही थी बात हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने भी इस सीरीज पर बैन लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस सीरीज के लिए परिवार से कोई अनुमति नहीं ली गई है। ANI से बात करते हुए रमेश बिश्नोई ने कहा 'न परिवार से अनुमति ली गई है, न सरकार से। ऐसे बनाकर वे क्या साबित करना चाहते हैं?' चर्चा में रहता है गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई खबरों में बना रहता है। अभी हाल ही में डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर हुई फायरिंग के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आया था। इससे पहले सलमान खान के घर पर भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गैंग ने हमला किया था। पंजाब पुलिस चाहती है डॉक्यू सीरीज पर रोक पंजाब पुलिस ने भी औपचारिक रूप से सूचना और प्रसारण मंत्रालय से आग्रह किया है। वह ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर रोक चाहते हैं। यह सीरीज 27 अप्रैल को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज होने वाली है। स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (साइबर क्राइम) वी. नीरजा द्वारा भेजे गए एक आधिकारिक संदेश में कहा गया, ‘स्टेट पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री के कंटेंट पर गंभीर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि यह डॉक्यूमेंट्री गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उसके आपराधिक सफर को दिखाती है। कहा जा रहा है कि इस सीरीज में हाई-प्रोफाइल अपराधों के नाटकीय चित्रण और असल जिंदगी के संदर्भ शामिल हैं। इसमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या और अन्य हिंसक घटनाएं भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार डॉक्यू सीरीज अपराध का महिमामंडन करती है  पंजाब पुलिस के अनुसार यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज संगठित अपराध का महिमामंडन और उसे आसान बनाकर पेश कर सकती है। जिससे युवा दर्शकों पर बुरा असर पड़ सकता है और वे आपराधिक गतिविधियों को सामान्य समझने लगेंगे। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह का कंटेंट अपराध कम करने प्रयासों को कमजोर करता है।  पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से ओटीटी प्लेटफॉर्म को कहा है कि वे इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज को स्ट्रीम न करें। इसके ट्रेलर को भी लोगों की पहुंच से हटा दें।  मेकर्स ने रखा अपना पक्ष  इस पूरे विवाद के बीच डॉक्यू सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ के मेकर्स ने कहा, ‘यह सीरीज दिखाती है कि कैसे महत्वाकांक्षा, सत्ता और लोगों की सोच मिलकर एक नए जमाने का डिजिटल सिंडिकेट तैयार करती है। इस पूरे माहौल में लॉरेंस बिश्नोई को एक केस स्टडी के तौर पर लिया गया है। लेकिन यह कहानी एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर, उससे आगे बढ़कर बड़े सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों की पड़ताल करती है। उनके नतीजों पर रोशनी डालती है।’