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स्वास्थ्य भवन बना आशा और उम्मीदों का केंद्र, मातृ-शिशु सेवा को मिलेगा नया आयाम : मंत्री राकेश सिंह

मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी की शीघ्र होगी पूर्ति : उप मुख्यमंत्री देवड़ा स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती स्वास्थ्य भवन बना आशा और उम्मीदों का केंद्र, मातृ-शिशु सेवा को मिलेगा नया आयाम : मंत्री राकेश सिंह मंदसौर जिला अस्पताल में 29 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन  मंदसौर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने शुक्रवार को मंदसौर जिले के स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास को नई गति देते हुए इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में कुल 29 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने 7 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित 100 बिस्तरीय नवनिर्मित वार्ड तथा 17 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) भवन का लोकार्पण किया। साथ ही 4 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से चांदाखेड़ी फंटा से खजुरिया मार्ग निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को धीरे-धीरे दूर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन संस्थानों से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले विद्यार्थी प्रदेश में ही सेवाएं देंगे, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जिला चिकित्सालय मंदसौर में आज जो सुविधाएं जोड़ी गई हैं, वे क्षेत्र के नागरिकों के लिए बड़ी सौगात हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य भवन केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आशाओं का केंद्र है। यह विशेष रूप से माताओं और बहनों की सेवा के लिए समर्पित रहेगा तथा समाज के लिए प्रेरणादायक केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर किया जा रहा है। बदलते हुए भारत में परिवर्तन को महसूस किया जा रहा है। सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। विकास को नए पंख लगे हैं। विकास की धारा बह रही हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सरकार निरंतर विकास कार्यों को गति दे रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नई सौगातें प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर बजट आवंटन किया गया। जिसके परिणामस्वरूप सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है। सांसद बंशीलाल गुर्जर ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने एक नई कार्य संस्कृति विकसित की है, जिसमें गुणवत्ता के साथ कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।  

पीएम मोदी ने हुगली नदी में नाव की सवारी की, नाविक को ₹1000 और गले लगाया; 5 दिन पहले खाई थी झालमुड़ी

 हुगली  पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हुगली नदी में नाव की सवारी की है। इस दौरान पीएम ने खुद से फोटोग्राफी भी की। तस्वीरों में वे हाथ में कैमरा लिए नजर आ रहे हैं। उन्होंने नाविकों से बातचीत भी की। हुगली में नाव की सवारी कराने वाले नाविक को एक हजार रुपए भी दिए। पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नाव की सवारी वाली तस्वीरें शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘हर बंगाली के लिए गंगा का एक बहुत ही खास स्थान है। यह कहना गलत नहीं होगा कि गंगा बंगाल की आत्मा में बहती है।’ इससे पहले पीएम 19 अप्रैल को चुनाव प्रचार के दौरान झाड़ग्राम में रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। नाविकों से पीएम मोदी ने की मुलाकात इस दौरान उन्होंने हुगली के किनारे नाविकों और सुबह टहलने वाले लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'मुझे नाव चलाने वालों से मिलने का भी अवसर मिला, जिनकी कड़ी मेहनत की प्रवृत्ति सराहनीय है। और सुबह सैर करने वालों से भी मुलाकात हुई। हुगली नदी के तट पर, मैंने पश्चिम बंगाल के विकास और महान बंगाली लोगों की समृद्धि के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।'     हुगली नदी के भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ में कैमरा थामे हुए नाव की सवारी कर रहे थे। उन्होंने हुगली के तट से भी कुछ और शेयर कीं, जहां वे लोगों से मिलते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने नदी के तट पर घूमने वाले लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।     इस दौरान उन्होंने नदी की फोटोग्राफी करने का भी प्रयास किया और विद्यासागर सेतु व हावड़ा ब्रिज का करीब से नजारा देखा। पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "मैंने इस नदी की तस्वीरें खींचने की भी कोशिश की। साथ ही मुझे विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज की भी करीब से झलक देखने को मिली।' महुआ मोइत्रा को समझ आई होगी 'गलती'! हाल में बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह सिर में तिलक लगाए हुए मछली खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके इस वीडियो पर चुटकी लेते हुए टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने तंज भरे लहजे में कहा था। 'आपको बंगाल में मछली का आनंद लेते हुए देखकर खुशी हुई। चिंता मत कीजिए- यह कोई काल्पनिक दुनिया नहीं है। आप हुगली नदी पर क्रूज का आनंद ले सकते हैं और बिना गिरफ्तार हुए मछली खा सकते हैं। मोदी की हुगली यह सवारी महुआ को टेंशन दे सकती है। क्योंकि हुगली नदी से बड़ी संख्या में नाविक जुड़े हुए है, पीएम मोदी ने इन नाविकों और इनके परिवार को साधने की कोशिश की है। नाविक को दिए 1000 रुपए पीएम मोदी ने कोलकाता के हुगली घाट पर नाव की सवारी के बाद नाविक गौरांगो बिस्वास को गले लगाया और 1000 रुपए दिए। पीएम ने x पर एक वीडियो शेयर कर लिखा- कल शाम हावड़ा से कोलकाता तक लंबे रोड शो के दौरान हावड़ा ब्रिज पर था। आज सुबह उसे हुगली नदी से देखा। पीएम मोदी रविवार 19 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने झाड़ग्राम में एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। झालमुड़ी बनाते हुए दुकानदार ने पूछा, ‘आप प्याज खाते हैं। पीएम ने जवाब दिया- हां प्याज खाता हूं बस दिमाग नहीं। यह सुनकर दुकानदार हंसने लगा।’ मालूम हो कि बंगाल में पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ 92.66 फीसदी वोटिंग हुई है. अब राज्य में दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है. जिसके लिए चुनाव प्रचार तेज है. इस बीच पीएम मोदी ने शुक्रवार को हुगली में नाव की सवारी की. इससे पहले PM मोदी ने बंगाल में झालमुढ़ी का स्वाद चखा था. झाड़ग्राम में चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी अचानक झालमुड़ी की दुकान पर पहुंचे थे। 

प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डेयरी गतिविधियों में 26 हजार गांवों को जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख कि.ग्रा. दुग्ध संकलन का लक्ष्य दुग्ध क्षेत्र में पारदर्शिता और ब्रांड सुदृढ़ीकरण पर होगा विशेष फोकस दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को किया जाए प्रोत्साहित मोबाइल ऐप से होगा दुग्ध संकलन जिला स्तर पर कार्यक्रमों में होगा आदर्श पशुपालकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई म.प्र. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने में प्रभावी रूप से सहायक है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार डेयरी गतिविधियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के दुग्ध संघों को दिए जा रहे सहयोग से दुग्ध संकलन में वृद्धि हुई है और किसानों को भी दूध के बेहतर दाम मिल रहे हैं। सहकार के भाव से डेयरी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी सहकारी कवरेज के विस्तार और सुदृढ़ीकरण, नई डेयरी प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और पशु चारा संयंत्र के आधुनिकीकरण, डेयरी वैल्यू चैन के डिजीट्लाइजेशन, पारदर्शिता और दुग्ध उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। डेयरी विकास योजना के अंतर्गत 26 हजार गांवो को जोड़ने, प्रतिदिन दुग्ध संकलन 52 लाख किलोग्राम तक करने का लक्ष्य रख, गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक में दिए। मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में हुई बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल, वरिष्ठ विधायक तथा वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अध्यक्ष नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड मीनेष शाह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के दुग्ध क्षेत्र में अनुभव का लाभ राजधानी से लेकर ग्राम स्तर तक सुनिश्चित किया जाए। दूध और दुग्ध उत्पादों के बिक्री में सुधार के लिए ब्राण्ड सुदृढ़ीकरण और नई पैकेजिंग डिजाइन कर उत्पादों की पहुंच का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुग्ध उत्पादन में वद्धि और विभिन्न दुग्ध उत्पादों के निर्माण के लिए किसानों को नवाचार करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों तथा प्रदेश के युवाओं को डेयरी टेक्नोलॉजी की नई तकनीकों से परिचित कराने की भी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श पशुपालकों को सम्मानित करने, दूधारू पशुओं की प्रदर्शनी आयोजित करने और डेयरी के संबंध में सूचना सम्प्रेषण के लिए जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और दुग्ध संघों का कार्यअनुबंध करने के बाद वर्ष 2025-26 में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया तथा 701 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील किया गया। प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार कि.ग्रा. दुग्ध संकलन किया जा रहा है, साथ ही 153 नवीन बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की गई है। दूध और दूध उत्पादों का क्रेडिट पर विक्रय बन्द कर दिया गया है। प्रदेश में दुग्ध संकलन मोबाइल ऐप से प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त हो सकेगी। क्षेत्र संचालन तथा विपणन कार्य में लगे मैदानी अमले की मॉनीटरिंग के लिए फील्ड फोर्स मॉनीटरिंग ऐप आरंभ किया गया है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दूध की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन में हानि को कम करने और एक समान उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है। इंदौर में स्थापित 30 मीट्रिक टन क्षमता का दुग्ध चूर्ण संयंत्र आरंभ किया जा चुका है। शिवपुरी में 20 हजार लीटर क्षमता के डेयरी संयंत्र और ग्वालियर डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। पशु आहार संयंत्रों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है। पीपीपी मोड पर भी प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव सहकारिता डी. पी. आहूजा, सहित राज्य सरकार और एनडीडीबी के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राघव चड्ढा समेत चार नेताओं ने बीजेपी जॉइन की, मिठाई खिलाकर स्वागत किया नितिन नवीन और अशोक मित्तल ने

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके आम आदमी पार्टी (AAP) से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. राघव ने भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।  राघव चड्ढा ने एक बेहद चुटीली और सीधी टिप्पणी करते हुए खुद को 'गलत पार्टी में सही आदमी' बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर अब वे घुटन महसूस कर रहे थे क्योंकि पार्टी का मौजूदा स्वरूप उसके शुरुआती सिद्धांतों से मेल नहीं खाता।  राघव चड्ढा ने बताया कि हमारे साथ दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसद हमारे साथ हैं. उन्होंने साइन भी कर दिया है. इसमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेताओं राघव चड्ढा के साथ शामिल हैं।  राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने पर अरविंद केजरीवाल का पहला रिएक्शन आ गया है. पूरी ख़बर को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं. राघव चड्ढा, संदीप सिंह और अशोक मित्तल बीजेपी दफ्तर पहुंच चुके हैं. वे पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करके औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेंगे।  राज्यसभा में AAP के पास राज्यसभा में 10 सांसद हैं. 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं. ताजा इस्तीफा होने के बाद अब AAP के पास राज्यसभा में सिर्फ तीन सांसद बचे हैं. इनमें संजय सिंह (दिल्ली), एनडी गुप्ता (दिल्ली) और जल कार्यकर्ता बलबीर सिंह सिच्चेवाल (पंजाब) हैं।  संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं। राघव चड्ढा के मुताबिक, सभी सांसदों ने इस संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि तीन सांसद उनके साथ मौजूद हैं, जबकि अन्य में हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।  1. स्वाति मालीवाल: जनवरी 2024 में निर्वाचित. 2. अशोक कुमार मित्तल: पंजाब. 3. संजीव अरोड़ा: पंजाब 4. संदीप पाठक: पंजाब 5. हरभजन सिंह: पंजाब 6. बलबीर सिंह सीचेवाल: पंजाब 7. विक्रमजीत सिंह साहनी: पंजाब

AAP के 50 विधायकों में टूट का डर, कांग्रेस ने किया बड़ा अलर्ट

चंडीगढ़   आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका दिया है। चड्ढा आम आदमी पार्टी के दो तिहाई राज्यसभा सांसदों को साथ लेकर भाजपा में शामिल होने वाले हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पंजाब से लेकर नई दिल्ली तक उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने आम आदमी पार्टी को सलाह दी है कि वह सचेत रहे, क्योंकि हो सकता है कि उसके 50 विधायक भी जल्दी ही भाजपा में शामिल हो जाएं। एएनआई से बात करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पैसा देखकर लोगों को राज्यसभा सीट दे दी। ऐसे में इन लोगों की कोई विचारधारा नहीं थी। ऐसे में ऐसा संभव था कि वह अलग होंगे, यह तो होना ही था। उन्होंने कहा, "पार्टी ने पैसा देखकर लोगों को राज्यसभा सांसद बना दिया। इनकी कोई विचारधारा तो थी नहीं। ऐसे में वह जैसे आए थे, वह वैसे ही चले गए। मुझे तो डर है कि ऐसे ही आम आदमी पार्टी के 50 विधायक भी न चले जाएं। यह तो केवल सांसद गए हैं। जब विचारधारा नहीं है, आप को लोग पैसा देखकर, इंडस्ट्री देखकर राज्यसभा सदस्य बनाओगे। और उनसे कई तरीके की मदद लोगे, तो यह होना ही था।" कार्यकर्ताओं को बनाना चाहिए था राज्यसभा सांसद: वारिंग कांग्रेस पंजाब सांसद ने कहा कि आम आदमी पार्टी को ऐसे लोगों को राज्यसभा भेजना चाहिए था, जिनकी विचारधारा पता थी। उन्हें कार्यकर्ताओं को यह सीट देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, "जब भी पार्टी विचारधारा का व्यक्ति नहीं चुनती हैं, तो ऐसा ही होता है। वैसे भी इन राज्यसभा सांसदों की पंजाब में कोई कीमत नहीं है। ऐसा माल चाहें आम आदमी पार्टी के पास रहे, चाहें वह भाजपा के पास चला जाए। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।" यह अन्य पार्टियों के लिए सबक: वारिंग कांग्रेस पंजाब अध्यक्ष वारिंग ने कहा कि इस घटनाक्रम से अन्य पार्टियों को भी सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी लोगों को बड़े पदों की जिम्मेदारियां दें, उसके पहले उनकी विचारधारा की जांच कर लें। अगर केवल पैसे वाले लोगों को ऐसे पद दिए जाएंगे, तो वह लोग छोड़कर भागेंगे ही। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने कभी भी ऐसे लोगों को राज्यसभा नहीं भेजा। कांग्रेस ने कार्यकर्ता को और विचारधारा से मेल खाने वाले व्यक्तियों को ही राज्यसभा भेजा है। इन राज्यसभा सांसदों को शामिल करके भाजपा यह न सोचे कि उन्होंने पंजाब फतह कर लिया है, क्योंकि इन सांसदों से वैसे भी पंजाब में नफरत ही थी।"

स्वगणना 30 अप्रैल तक जारी, 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण कार्य

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिलाई जनगणना शपथ नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान स्वगणना 30 अप्रैल तक जारी, 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण कार्य रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी को आग्रह करते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जो देश की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में आधार प्रदान करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वगणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।       अग्रवाल ने कहा कि जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत जिले में प्रथम चरण के अंतर्गत स्वगणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट अंबिकापुर सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जनगणना की शपथ दिलाई।       शपथ के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि वे 1 मई तक चलने वाली जनगणना प्रक्रिया को स्वयं पूर्ण करेंगे तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसमें भागीदारी के लिए जागरूक करेंगे। साथ ही यह भी शपथ ली गई कि जनगणना प्रारंभ होने पर प्रगणकों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों के सही एवं पूर्ण उत्तर प्रदान किए जाएंगे।         इस अवसर पर शपथ में यह भी संकल्प व्यक्त किया गया कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी जनगणना 2027 के दौरान अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन करेंगे और देश के समग्र विकास, सुदृढ़ीकरण एवं सशक्तिकरण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर कलेक्टरेट सभाकक्ष में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जनगणना के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई और इसे जनभागीदारी से सफल बनाने पर जोर दिया।

बिखरे बाजार और 2 बड़े कारण: सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट, भारी नुकसान

मुंबई  24 अप्रैल का दिन भारतीय शेयर बाजारों के लिए ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। लगातार तीसरे दिन गिरावट झेलते हुए बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 1000 अंकों की गिरावट के साथ 76,664.21 पर और निफ्टी 275.10 अंकों की गिरावट के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ। निफ्टी पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में हैं। सबसे ज्यादा 5 प्रतिशत निफ्टी आईटी टूटा है। फार्मा इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत और हेल्थकेयर व रियल्टी इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आए हैं। बाजार की गिरावट में निवेशकों के 4.90 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। गुरुवार, 23 अप्रैल को मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,66,39,864.88 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को बाजार बंद होने पर यह घटकर 4,61,49,758.18 करोड़ रुपये पर आ गया। यानि कि 4,90,106.7 करोड़ रुपये की कमी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 77,483.80 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से 1260.13 अंकों तक लुढ़ककर 76,403.87 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,100.55 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से लगभग 359.4 अंक गिरकर 23,813.65 के लो तक गया। क्यों फिसल रहा है बाजार अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने से कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 105.97 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से माहौल और अनिश्चित हो गया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में लगातार सेलर बने हुए हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को उन्होंने 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। रुपये में जारी गिरावट भी एक वजह है। शुक्रवार को घरेलू मुद्रा में लगातार पांचवें सत्र में गिरावट रही।रुपया 22 पैसे गिरकर 94.23 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव कायम है। वैश्विक बाजारों की कमजोरी भी भारतीय बाजारों को प्रभावित कर रही है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए। भारत के अलावा कई अन्य एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को गिरावट है। जकार्ता कंपोजिट 3 प्रतिशत गिरा है। शंघाई कंपोजिट, सेट कंपोजिट में भी गिरावट है। हालांकि निक्केई, हेंग सेंग और ताइवान वेटेड हरे निशान में हैं।

राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, BJP में दो तिहाई सांसदों के साथ विलय का किया ऐलान

चंडीगढ़  राघव चड्डा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है और  भाजपा का दामन थाम लिया है।  राघव चड्डा  ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में  आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस दौरान उन्होंने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। AAP से इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है। मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया था। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलें. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है। उनके मुताबिक, वे भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाएंगे।   राघव चड्ढा ने कहा, "राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और 2/3 से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं… हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालीवाल और अन्य नेता हमारे साथ हैं।" संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव रख रही है सरकार

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ – मुख्यमंत्री रायपुर डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट अजा के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। साथ ही प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात 9 बजे करेंगे प्रदेशवासियों को संबोधित, महत्वपूर्ण घोषणा की अटकलें तेज

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 24 अप्रैल की रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव रहेंगे। इस दौरान सीएम बेहद अहम विषय को लेकर प्रदेशवासियों से अपनी बात साझा करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़ने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए जिससे शासन और जनता के बीच परस्पर विश्वास को मजबूती मिले।   अहम विषय पर करेंगे चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने में एक अहम पायदान है। उन्होंने प्रदेशवासियों के विश्वास और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की भागीदारी से ही राज्य निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। सोशल मीडिया अकाउंट पर किया पोस्ट मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (एक्स) पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, “प्रिय प्रदेशवासियों, आज रात 9 बजे मैं सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर अपनी बात आप सभी से साझा करूंगा।” मुख्यमंत्री का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है। बड़ा ऐलान होने की अटकलें तेज राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस तरह से जनता के बीच लाइव आना उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।