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NCB की चेतावनी: म्यांमार से ड्रग तस्करी का नया रूट भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचा

नई दिल्ली  भारत का पड़ोसी देश म्यांमार अब गैर कानूनी अफीम के उत्पादन के मामले में अफगानिस्तान को पीछे छोड़ दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आर्थिक संकट और गृहयुद्ध जैसी स्थिति के कारण म्यांमार में अफीम का उत्पादन पिछले 10 वर्षों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की शुक्रवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में दी गई। एनसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार का शान राज्य अवैध अफीम की खेती का सबसे ब़ड़ा केंद्र बन गया है। NCB ने चेतावनी दी है कि 'म्यांमार से अफीम की तस्करी का नया रास्ता सीधे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से होकर गुजरता है, जिससे भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है। यह रास्ता आतंकवाद को फंडिंग और हथियारों की तस्करी से भी जुड़ा है। खुली सीमा बनी समस्या     रिपोर्ट में कहा गया है कि खुली सीमा और 'फ्री मूवमेंट रिजीम' (आवाजाही की खुली व्यवस्था) तस्करी को आसान बनाते हैं, जिससे न केवल स्थानीय स्तर पर नशे की लत बढ़ती है, बल्कि विद्रोही समूहों को फंडिंग मिलती है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान-ईरान कॉरिडोर सबसे बड़ा तस्करी मार्ग     NCB के मुताबिक, अफगानिस्तान-पाकिस्तान-ईरान कॉरिडोर अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा अफीम तस्करी मार्ग बना हुआ है, लेकिन भारत को सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय तस्करी मार्गों से रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।     रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि कोकीन की तस्करी वाले देशों में तस्करी से जुड़ी हिंसा में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि ड्रग मार्केट में प्रतिस्पर्धा कैसे सुरक्षा का एक बड़ा संकट पैदा कर सकती है। इसमें आगे कहा गया है कि भारत के समुद्री पड़ोस पर करीबी नज़र रखने की जरूरत है। दुनियाभर में बढ़ रही नशे का लत NCB ने पाया है कि डार्कनेट मार्केट, सिंथेटिक ड्रग्स और इंटरनेशनल पोस्टल सिस्टम के आपस में जुड़ने से दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दुनिया भर में ड्रग्स के इस्तेमाल पर रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2023 में दुनिया भर में लगभग 31.6 करोड़ लोगों (15 से 64 वर्ष आयु वर्ग) ने कम से कम एक बार किसी नशीले पदार्थ का सेवन किया। वर्ष 2013 में यह संख्या 24.6 करोड़ थी। यानी पिछले एक दशक में वैश्विक ड्रग्स उपयोग में लगभग 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सिंथेटिक ड्रग्स सबसे बड़ा खतरा रिपोर्ट में निटाजेन्स नामक सिंथेटिक ओपिओइड को उभरता हुआ वैश्विक खतरा बताया गया है। यह ड्रग हेरोइन से लगभग 500 गुना अधिक शक्तिशाली है। इसके अलावा एक साथ कई तरह के नशीले पदार्थों का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मौत और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की आशंका बढ़ गई है। एनसीबी ने कहा है कि इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। ड्रग्स से बढ़ रही हिंसा NCB ने चेतावनी दी है कि ड्रग्स तस्करी केवल नशे तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इससे हिंसा और संगठित अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, इक्वाडोर में कोकीन तस्करी को लेकर गैंगवार के कारण वर्ष 2020 से 2023 के बीच हत्या की दर लगभग छह गुना बढ़ गई। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही ड्रग्स की सप्लाई NCB के अनुसार, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भारत समेत दुनिया भर में ड्रग्स की सप्लाई के लिए अहम माध्यम बनकर उभरे हैं। इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने नई तकनीकी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।  

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय पंचायतें होंगी पुरस्कृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में भी मातृ वंदना योजना, सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने और बच्चों को खसरा सहित अन्य रोगों से बचाने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्चतम मापदंड स्थापित करने का कार्य किया है। कोविड जैसे बड़े संकट से निपटने के लिए उन्होंने प्रबल इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आज पूरे देश में मातृ और शिशु दर कम करने और रोगों को जागरूकता से नियंत्रित करने की दिशा में सार्थक कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में अनेक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अच्छे परिणाम दिए हैं। जनकल्याण का यह अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, जनभागीदारी आधारित अभिनव नवाचारी पहल "सुमन पंचायत" योजना का शुभारंभ और स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। साथ ही स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख और दिया गया उपचार रोगी को स्वस्थ बनाता है। इस नाते चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया था। मध्यप्रदेश में जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में रविवार की सुबह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रशासन अकादमी में हुए विशेष कार्यक्रम में इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में प्रतीक स्वरूप पांच बच्चों को दवा ‍पिलाई। अभियान के अंतर्गत 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के कार्य में पूरे देश में अव्वल है। यह नतीजे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भूमिका से प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। इन जिलों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरे स्थान पर रहे हैं। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों में बालाघाट को प्रथम, छिंदवाड़ा को द्वितीय और शाजापुर को तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया। उप-मुख्यमंत्रीराजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए मार्गदर्शन दिया है। हमारे देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के पश्चात् सर्वाधिक ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिया गया है। नागरिकों को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश आगे है। सिर्फ दो माह की अवधि में आठ लाख से अधिक बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करने में सफलता मिली है। ऐसी ही सफलता स्वस्थ यकृत मिशन के कार्य में प्राप्त हुई है। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर की जांच एक वर्ष से कम समय में कर ली गई। प्रदेश में करीब ढाई हजार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोगी चिन्हित किए गए हैं। मातृ और शिशु दर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश सुधार की गति बढ़ाने में सफल हुआ है। रोग की शीघ्र पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। सुमन पंचायत योजना के माध्यम से प्रत्येक पंचायत को जागरूक कर हेल्थ सेक्टर में अच्छे नतीजे हासिल किए जाएंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्रीनरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सुमन पंचायत अर्थात (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं। स्वस्थ यकृत का महत्व समझाने के लिए मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है, जिससे ऐसे रोगी सामने आए जो शराब आदि का सेवन नहीं करते लेकिन लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाने की समस्या से प्रभावित हैं। दोषपूर्ण जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले इस लक्षण को पहचान कर सुधार की ओर बढ़ने के लिए यह स्क्रीनिंग कार्य उपयोगी सिद्ध होगा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। आगामी 29 और 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम को दायित्व दिया गया। ‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल प्रदेश में प्रारंभ की गई "सुमन पंचायत" (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी। एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। कार्यक्रम में जानकारी दी … Read more

प्रधानमंत्री ने ब्यावरा की बहनों द्वारा किए जा रहे अनुकरणीय प्रयासों का किया उल्लेख

भोपाल प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्रीमोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायकमहेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्रीमोदी ने 'मन की बात' में ब्यावरा में चल रहे 'प्लास्टिक मुक्त अभियान' का उल्लेख किया। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्रीमोदी ने अभियान को 'जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन' और 'वेस्ट टू वेल्थ' का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया। प्रधानमंत्रीमोदी ने 'मन की बात' में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा 'मन की बात' जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो। आखिर क्या है यह अभियान ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजकअनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर इको ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल 'वेस्ट टू वैल्यू' की अवधारणा को साकार कर 'प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन' में बदल रही है। उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संस्था के सदस्यतरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है। नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में इको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।  

अपनी संस्कृति और मूल्यों से समाज को जोड़कर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है भारत :इंद्रेश कुमार

रायपुर मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।             कार्यक्रम के मुख्य वक्ताइंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।                   मुख्य वक्ताकुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा।               मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया।साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                          मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीयनरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था।साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।           विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।           कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्रीतोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघकैलाश सोनी, विधायकमोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैनदीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वरअजय रामदास,अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्षदिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्षसच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।                 कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर "आपातकाल कभी विस्मृत न हो" विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा केसूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग केअंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर "25 जून : संविधान हत्या दिवस" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को मिलाकर बनेगा एकीकृत टूरिज्म सर्किट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा। ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी। जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। 'कुकरू नेचुरल' के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से "कुकरू नेचुर" के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानसहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं … Read more

प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का फायदा, रायपुर नगर निगम ने 27 दिन में वसूले 22 करोड़ रुपये

रायपुर. जून माह में संपत्तिकर का भुगतान करने वालों को नगर निगम 6.25 फीसदी छूट का लाभ दे रही है। इसी के तहत इस महीने अब तक 2732 रहवासियों (संपत्तियों) से 22 करोड़ 19 लाख रुपए की वसूली की गई है। इस छूट का लाभ लेने के लिए अब महज दो दिन ही शेष है. निगम ने इस वित्तीय वर्ष में 425 करोड़ रुपए राजस्व की वसूली का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हर महीने बड़ी वसूली की जा रही है। निगम क्षेत्र में 3.60 हजार प्रापर्टी है, जिसमें से 3.46 लाख प्रापर्टी टैक्सेबल हैं। इन संपत्तियों का इस वित्तीय वर्ष के राजस्व के साथ हजारों संपत्तियों का सालों से टैक्स भुगतान नहीं किया गया। इसलिए हर दिन सभी 10 जोन से मिलाकर 1 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट सेट किया गया है। छूट का लाभ लेने बचे सिर्फ 2 दिन बता दें कि संपत्तिकर में 6.25 फीसदी का छूट सिर्फ जून माह में ही मिलेगा। यदि इसका लाभ लेना है तो करदाताओं के पास सिर्फ 2 दिन हैं। सोमवार और मंगलवार को संपत्तिकर के भुगतान में ही यह छूट लागू होगा। इसके बाद 1 जुलाई से संपत्ति कर शत-प्रतिशत लगाया जाएगा। इसलिए लोग ऑनलाइन व जोन कार्यालयों में जाकर संपत्तिकर अदा कर सकते हैं। लोग आ रहे हैं सामने नगर निगम राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने मीडिया को बताया कि जून माह में बड़ी संख्या में प्रापर्टी होल्डर्स ने छूट का लाभ लिया है। इस महीने 2732 संपत्तियों का करीब 22 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। साथ ही कई जोन क्षेत्र में 20 से अधिक बड़े बकाएदारों की संपत्तियों को भी सील किया गया है। छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने से भी लोग सामने आ रहे हैं. जोनवार राजस्व की स्थिति जोन    प्रॉपर्टी    राशि जोन 1    1156    1.70 करोड़ जोन 2    1246    3.15 करोड़ जोन 3    1020    1.41 करोड़ जोन 4    1182    2.22 करोड़ जोन 5    1303    2.02 करोड़ जोन 6    1360    1.45 करोड़ जोन 7    880    1.85 करोड़ जोन 8    1739    2.03 करोड़ जोन 9    2555    2.75 करोड़ जोन 10    2421    3 करोड़ कुल    14862    21.63 करोड़

भाजपा नेता पर हमले के बाद रज्जाक पर चला बुलडोजर, कोरबा में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

कोरबा. भाजपा नेता पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रज्जाक अली के कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पिछले दिनों पर भाजपा नेता शिव बालक तोमर पर जिला पंचायत सदस्य राजकली एवं उसके साथियों ने हमला कर दिया था घटना में शिव बालक एवं रूप से घायल हो गया था। मामले में पुलिस ने पहले ही रज्जाक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अब पुलिस एवं प्रशासन ने उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच के दौरान रज्जाक अली के नाम से दर्ज निर्माण के दस्तावेजों और वैधानिक अनुमतियों की भी पड़ताल की गई। जांच में निर्माण में कथित तौर पर कई अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन सामने आया। इसके बाद जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने का निर्णय लिया। एसडीएम, तहसीलदार, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर सीतामणी पहुंची और तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। भारी पुलिस बल तैनात, भीड़ जुटी कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र मैं बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। बुलडोजर कार्रवाई देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। प्रशासन ने अवैध रूप से बने हिस्से को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही कदम उठाए जा रहे हैं। तरह-तरह की हो रही चर्चाएं इस कार्रवाई के बाद शहर का सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीतिक गलियारों में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्ष ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही है। कई मामले दर्ज है रज्जाक के विरुद्ध जिला पंचायत सदस्य राजा के विरुद्ध मारपीट सुमित के मामले दर्ज हैं । पुलिस ने पिछले दिनों रासुका के तहत कार्यवाही करने की प्रक्रिया शुरू की थी , हालांकि मामला अभी प्रक्रिया में है।

कोविड-19 प्रभावित TET का हवाला देकर अनुकंपा नियुक्ति पर रोक नहीं, हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

बिलासपुर. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एन के चन्द्रवंशी की एकलपीठ ने कहा है, कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) समय पर आयोजित नहीं होने का नुकसान अनुकंपा नियुक्ति के आवेदक को नहीं भुगतना पड़ेगा. कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है. दरअसल, धमतरी निवासी वासुदेव साहू के पिता, जो सहायक शिक्षक थे, का वर्ष 2017 में सेवा के दौरान निधन हो गया था. इसके बाद वासुदेव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया. आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के लिए उन्हें तीन वर्ष का समय दिया गया था. उन्होंने डी.एल.एड. की परीक्षा समय पर उत्तीर्ण कर ली, लेकिन मार्च 2020 में होने वाली टेट परीक्षा कोविड-19 के कारण निरस्त हो गई. बाद में जनवरी 2022 में आयोजित परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त की. इसके बावजूद पंचायत विभाग ने निर्धारित समय में योग्यता प्राप्त न करने का हवाला देकर उनकी अनुकंपा नियुक्ति का दावा अस्वीकार कर दिया. जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि, टेट परीक्षा समय पर आयोजित न होना अभ्यर्थी के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी. इसलिए उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता. कोर्ट ने यह भी कहा, कि कोविड अवधि में समय-सीमा संबंधी राहत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस मामले में भी लागू होंगे. हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2022 का अयोग्यता आदेश निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को वासुदेव साहू के अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर विधि अनुसार पुनर्विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने कहा है.

रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति पर खुशखबरी, पात्र कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

भोपाल. रेलवे बोर्ड ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार अब मृतक रेल कर्मचारी के आश्रित द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए पहली बार आवेदन जमा करने की तारीख को ही भर्ती की मुख्य तिथि यानी क्रूशियल डेट माना जाएगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनका आवेदन 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले जमा किया गया था, लेकिन उनकी वास्तविक नियुक्ति एक जनवरी 2004 के बाद हुई। ऐसे कर्मचारियों को भी अब पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा। आवेदन की तारीख होगी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में पहले कोई सीधा विज्ञापन या अधिसूचना जारी नहीं होती थी। इसी वजह से इन नियुक्तियों की कट-ऑफ तारीख तय करने में परेशानी आती थी। प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत किस तारीख से मानी जाए। रेलवे बोर्ड के नए आदेश के बाद अब यह तय कर दिया गया है कि जिस दिन अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन जमा किया गया था, वही तारीख भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तारीख मानी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को दिए निर्देश रेलवे बोर्ड के उप निदेशक वित्त रमेश चंद्र पांडेय ने 24 जून को इस संबंध में नया आदेश जारी किया है। आदेश में उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोन, उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों और मुख्य वित्तीय सलाहकारों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अब उन सभी लंबित मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा, जिनमें तकनीकी तारीखों के कारण आश्रित कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। पहले क्या था नियम? अब तक पुरानी पेंशन का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलता था, जिनकी भर्ती प्रक्रिया एक जनवरी 2004 से पहले शुरू हो गई थी या जिन्हें उस तारीख से पहले नियुक्ति मिल गई थी। अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में प्रक्रिया शुरू होने की तारीख को लेकर असमंजस बना रहता था। नए आदेश से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है और कई कर्मचारियों को पेंशन संबंधी लाभ मिल सकेगा। यूनियनों ने फैसले का किया स्वागत मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव और इंप्लाइज संघ के महामंत्री आरपी सिंह ने रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इसे रेलकर्मियों के परिवारों के हित में ऐतिहासिक और न्यायसंगत कदम बताया। CPRO शशिकांत त्रिपाठी ने जानकारी दी कि इन सभी कर्मचारियों को रेलवे सेवा पेंशन नियम 2026 के तहत कवर किया जाएगा।

CM विष्णु देव साय बोले- ‘मन की बात’ ने जनभागीदारी को दी नई ताकत, बना जनप्रेरणा का मंच

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 'मन की बात' आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' की अनेक कड़ियों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी' के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना' के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।