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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, ‘चेटीचंड पर्व भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जगाता है

चेटीचंड पर्व अखंड भारत की याद दिलाकर भारतीयों के हृदय में जागृत रखता है अखंड भारत का सपना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी से देश, प्रदेशवासियों को दी चेटीचंड महापर्व की मंगलकामनाएं भगवा ध्वज लहराकर चेटीचंड महापर्व पर सिंधी समाज के चल समरोह का किया शुभारंभ जनप्रतिनिधि और मशहूर हस्तियां भी शामिल हुई चल समारोह में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चेटीचंड का पर्व अखंड भारत की याद दिलाता है और भारतीयों के हृदय में अखंड भारत का सपना जागृत रखता है। सामाजिक उत्सवों से एक दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मीयता बढ़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को उनकी वीरता, न्यायप्रियता और दानशीलता के लिए याद किया उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य से प्रेरित होकर शासन उन गुणों को आत्मसात कर सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के टावर चौक पर चेटीचंड महापर्व पर आयोजित सिंधी समाज के चल समरोह का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 में बाबा महाकाल की नगरी से देश एवं प्रदेशवासियों को चेटीचंड के महापर्व की मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश विकास के नवीन आयाम स्थापित कर रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार नवीन विकास के कार्य कर रही है। सभी गणमान्य नागरिक भी विकास कार्यों में अपना योगदान दे रहे है। आगामी सिंहस्थ के दिव्य आयोजन से प्रदेश और उज्जैन की वैश्विक पटल पर नवीन पहचान स्थापित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवा ध्वज लहराकर चल समारोह का शुभारंभ किया। रैली में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद और एक्ट्रेस सुजयाप्रदा, मशहूर एक्टर आफताब शिवदासानी, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम गोली उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल, महेश पारियानी, डॉ. जितेंद्र जेठवानी और बड़ी संख्या में सिंधी समाजगण उपस्थित रहे।  

तेल बाजार में हलचल, ईरान संकट से पावर पेट्रोल के दाम उछले

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद बनी ईंधन संकट की स्थिति का पहली बार पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा है। देश में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल डीलरों ने इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह कीमतें सिर्फ पावर पेट्रोल की कीमतों पर लागू होंगी और रेगुलर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज़्यादा माइलेज के लिए किया जाता है। फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना ​​है कि ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च में बदलाव कीमत में बढ़ोतरी की मुख्य वजह हो सकती हैं।  

सीएम मोहन यादव शनिवार को जयपुर में उद्योगपतियों से संवाद करेंगे, मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर बताएंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश को देश का भरोसेमंद और तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। इसी कड़ी में वे विभिन्न राज्यों में रोड-शो और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद कर राज्य की औद्योगिक संभावनाओं को साझा कर रहे हैं। 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश में वे उद्योग जगत से सीधे संवाद करेंगे और राज्य में निवेश के अवसरों, नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के बारे में जानकारी देंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा। नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ राज्य निवेश को धरातल पर उतारने में अग्रणी बन गया है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। जयपुर सत्र में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, माइनिंग और पर्यटन क्षेत्रों के उद्योगपति और संगठन शामिल होंगे। वन-टू-वन बैठक और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से सेक्टर-विशेष अवसर, परियोजना स्तर के सहयोग और समयबद्ध निवेश क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश ने हाल ही में 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया और दो ‘जन विश्वास अधिनियमों’ के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया। राज्य में औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाने की योजना भी है। इसके तहत उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में पीएम मित्रा पार्क जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रीवा में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के नवाचार, कौशल और प्रतिभा विकास को गति दे रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और आसपास के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश के औद्योगिक अवसरों, निवेश प्रोत्साहनों और मजबूत अधोसंरचना से परिचित कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है। 

मोनालिसा की शादी पर बड़वानी सांसद का बड़ा बयान, लव जिहाद के आरोप और उच्चस्तरीय जांच की मांग

बड़वानी   मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली मोनालिसा द्वारा फरमान खान से विवाह करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाह को लेकर 'लव जिहाद' के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है. बड़वानी में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद गजेंद्र पटेल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सांसद बोले- मोनालिसा की शादी सुनियोजित साजिश बड़वानी सांसद ने कहा, '' प्रथम दृष्टया यह सामान्य विवाह नहीं प्रतीत होता, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका है.'' उन्होंने दावा किया कि युवती को कथित रूप से फिल्म शूटिंग के नाम पर केरल ले जाया गया, जहां उससे विवाह कराया गया. सांसद ने यह भी कहा कि इस मामले में अलग-अलग राज्यों की कड़ियां जुड़ी हुई हैं. लड़का उत्तर प्रदेश का, लड़की मध्य प्रदेश की और विवाह केरल में हुआ. ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकरण में संगठित स्तर पर कार्य किया गया हो सकता है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. माता-पिता भी पहुंचे थाने, प्रताड़ना के आरोप इधर, मोनालिसा के परिजनों ने भी इस विवाह को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं. परिवार का कहना है कि यह संबंध सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ, बल्कि युवती को बहला-फुसलाकर या दबाव में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें भी प्रताड़ित किया गया और मामले को दबाने का प्रयास हुआ है. बीते मंगलवार को मोनालिसा के माता-पिता फिल्ममेकर सनोज मिश्रा के साथ मंडलेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने डीएसपी श्वेता शुक्ला को लिखित शिकायत की है.शिकायत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सांसद ने सीएम मोहन यादव से की मुलाकात सांसद गजेंद्र पटेल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, '' यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.'' वहीं, सांसद ने मीडिया के माध्यम से मोनालिसा से अपने परिवार के बारे में सोचने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आने पर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.

शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेश

हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेश बस्तर की वादियों में गूँजेगी बदलाव की नई आहट, बस्तर हेरिटेज मैराथन को लेकर पुनर्वासित जनों में अभूतपूर्व उत्साह खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार की घोषणा  रायपुर बस्तर में आपका स्वागत है, जहाँ विरासत जीवंत है और प्रकृति साँस लेती है। बस्तर हेरिटेज मैराथन में प्राचीन वन, जीवंत आदिवासी संस्कृति और मनमोहक परिदृश्य समाहित हैं। धावक साल के पेड़ों से घिरे सुरम्य मार्गों और प्राचीन गाँवों से गुजरेंगे, और हर कदम पर बस्तर की सुंदरता का अनुभव करेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रोमांच और प्रकृति के बीच एक खास आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च 2026 को बस्तर हेरिटेज मैराथन  2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के धावक हिस्सा ले सकेंगे। इस मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के लाल बाग मैदान से होगी और फिनिश लाइन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगी। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।           बस्तर की शांत वादियों में इस बार केवल प्रकृति का संगीत नहीं, बल्कि बदलाव और विकास के संकल्प की एक अभूतपूर्व गूँज सुनाई देने वाली है।  इस मैराथन की सबसे गौरवशाली और मानवीय तस्वीर उन आत्म-समर्पित माओवादियों के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो कभी दुर्गम जंगलों के अंधेरों में भटकते थे, लेकिन अब समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनकर इस खेल महाकुंभ में अपनी शारीरिक शक्ति और जीवटता का परिचय देने को बेताब हैं। हिंसा का मार्ग त्याग कर शांति की राह चुनने वाले इन युवाओं का यह उत्साह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर अब पुराने संघर्षों के साये से बाहर निकलकर खेल, साहस और शौर्य के वैश्विक मंच पर अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है।              इस मैराथन में 42 कि.मी., 21 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. जैसी अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि हर स्तर के रनर्स इसमें भाग ले सकें। प्रतियोगिता में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी रखी गई है और बस्तर संभाग के धावकों के लिए अलग से पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और खेल भावना को एक साथ जोड़ने का खास मौका बनने जा रहा है।          बस्तर की फिजाओं में अब हिंसा के बारूद की नहीं, बल्कि उम्मीदों और सपनों की उड़ान की खुशबू तैर रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें हुआ करती थीं और जो पैर घने जंगलों की खाक छानते थे, वे अब बस्तर मैराथन के ट्रैक पर अपनी किस्मत आजमाने और एक नई पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार हैं। दंतेवाड़ा के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से दर्जनों पूर्व नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। शासन की कल्याणकारी पुनर्वास नीति के तहत ये युवा अब अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं और जंगल की संकरी पगडंडियों पर छिपने के बजाय मैराथन की फिनिशिंग लाइन को छूने का लक्ष्य लेकर कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।             स्थानीय खेल मैदानों में आयोजित अभ्यास सत्रों के दौरान इन युवाओं का जोश देखते ही बनता है, जहाँ पसीने से तर-बतर चेहरे और दृढ़ संकल्प वाली आँखें बस्तर के बदलते स्वरूप की गवाही दे रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इन युवाओं में अदम्य साहस और बेमिसाल स्टेमिना है, जिसे अब आधुनिक रनिंग तकनीकों के माध्यम से तराशा जा रहा है ताकि वे न केवल दौड़ें, बल्कि जीत का परचम भी लहरा सकें। इस बदलाव का मानवीय पक्ष तब और उभर कर आता है जब शिविर की महिला प्रतिभागी भावुक होकर बताती हैं कि डर के साये से निकलकर अब उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। यह अनूठी पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल की हिंसा और भटकाव को पीछे छोड़कर एथलेटिक्स में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर है। अनुभवी कोचों द्वारा दी जा रही प्रोफेशनल ट्रेनिंग इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, जिससे वे स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर एक नई पहचान तलाश रहे हैं।           अंततः यह प्रयास बस्तर में शांति, विश्वास और प्रगति का एक सशक्त संदेश दे रहा है, जहाँ पूरा दंतेवाड़ा इन युवाओं के हौसले को सलाम करते हुए मैराथन के ट्रैक पर उनकी ऐतिहासिक जीत की राह देख रहा है। इस मैराथन के माध्यम से ये पूर्व माओवादी न केवल अपनी दमखम का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो बस्तर का हर हाथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहभागी बन सकता है। ऐतिहासिक लालबाग मैदान की मिट्टी से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के कल-कल करते तटों पर समाप्त होने वाली यह 42 किलोमीटर की श्फुल मैराथनश् इन समर्पित युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित करेगी।         आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 5 किलोमीटर की श्फन रनश् जैसी श्रेणियां भी रखी गई हैं, जहाँ बस्तर के स्थानीय धावकों और मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है, जिसमें बस्तर कैटेगरी के विशेष प्रावधानों ने स्थानीय समुदायों के साथ-साथ इन युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर 10 किलोमीटर की श्रेणी में जूनियर और ओपन वर्ग के अलग-अलग प्रावधानों ने पहली बार दौड़ने वाले युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के बीच जबरदस्त आकर्षण पैदा किया है। स्थानीय सहभागिता को अधिकतम करने के लिए बस्तर जिले के सभी धावकों हेतु पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए।         … Read more

मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया नियुक्त हुए अध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें निगम-मंडल और आयोगों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी सूची जारी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी। ऐसे नेताओं को अब निगम-मंडल अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की रणनीति बनाई जा रही है। मध्य प्रदेश में मंडल आयोग में नियुक्तियों की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग  राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग में जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है।  इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा। मंत्रिमंडल के दावेदारों को मिलेगा नया मौका भाजपा संगठन उन नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, जो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए। इनमें कुछ कांग्रेस से आए विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं। चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में गोपाल भार्गव, मालिनी, लक्ष्मण सिंह गौड़, बृजेंद्र सिंह यादव, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। दिल्ली तक पहुंचा मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah  से मुलाकात कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर रणनीति पर विचार किया है।  2028 चुनाव की तैयारी भाजपा का फोकस अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्तियां पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और नेताओं को “एडजस्ट” करने के लिए की जा रही हैं। कई महत्वपूर्ण आयोगों में खाली पद राज्य में कई अहम आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन हैं— महिला आयोग अनुसूचित जाति आयोग अनुसूचित जनजाति आयोग पिछड़ा वर्ग आयोग अल्पसंख्यक आयोग इन सभी में अध्यक्ष और कई पद खाली हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कब आएगी सूची? पार्टी सूत्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के बाद कभी भी निगम-मंडल और आयोगों की नियुक्तियों की सूची जारी हो सकती है। इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें  आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा। 

मध्यप्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि, 34 जिलों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आज यहां ओले गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है।   इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मंडला में 3.8 मिमी बारिश मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई।   छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है।   शुजालपुर में रुक-रुक बारिश शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है।  अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है। 50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के … Read more

ईरानी ड्रोन अटैक से कुवैत की रिफाइनरी में लगी भीषण आग, तीन को फांसी की सजा

तेहरान  अमेरिका–ईरान युद्ध अपने 20वें दिन पूरे होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में हमले तेज हो गए हैं. हालांकि इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह “कहीं भी सेना तैनात करने” पर विचार नहीं कर रहे हैं. वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया है कि वो यह जंग जीत रहे हैं और ईरान युद्ध में पूरी तरह तबाह हो गया है. नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान “जब तक आवश्यक होगा” तब तक जारी रहेगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमला किया है जिससे उसे नुकसान पहुंचा है. जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेज रहा है। कुवैत की रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक कुवैत ने जानकारी दी है कि मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर रात में ड्रोन हमला हुआ, जिससे कुछ यूनिट्स में आग लग गई. KPC के अनुसार, दमकल टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई की और सुरक्षा के मद्देनजर कुछ यूनिट्स को बंद कर दिया गया। ईरान पर अचानक हमला करना सरप्राइज था- डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने 1941 के पर्ल हार्बर हमले का उल्लेख किया, जिस पर प्रधानमंत्री ताकाइची कुछ असहज दिखाई दीं। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हालिया हमलों से पहले किसी को जानकारी नहीं दी गई क्योंकि अमेरिका सरप्राइज देना चाहता था. उन्होंने आगे कहा कि सरप्राइज के महत्व को जापान से बेहतर कौन समझ सकता है, जैसे कि पर्ल हार्बर हमले से पहले भी कोई सूचना नहीं दी गई थी। ईरान ने मोजतबा खामेनेई का ‘रेयर वीडियो’ किया जारी अमेरिका-इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ही जंग जारी है, लेकिन अभी तक जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने मोजतबा खामेनेई का एक रेयर वीडियो जारी किया है। ट्रंप को कौन बता सकता है कि क्या करना है? – बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह दावा खारिज किया है कि उन्होंने अमेरिका को इजरायल-ईरान संघर्ष में शामिल किया है. नेतन्याहू ने कहा, “क्या सच में कोई सोचता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप को बता सकता है कि उन्हें क्या करना है?” ईरान पर किए गए हमले का आज 20वां दिन है. इस दौरान युद्ध में कोई कमी नहीं आई है. साथ ही युद्ध थमने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले जारी है. इसी क्रम में ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब के भी मारे जाने की ताजा खबर सामने आई है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसकी पुष्टि की है. इस तरह पिछले दो दिनों में ईरान के तीन ताकतवर लोग मारे गए. इससे पहले मंगलवार को इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे. इस बीच ईरान ने लारिजानी के मारे जाने के बदले में इजराइल और खाड़ी देशों में हमले तेज कर दिए. अबु धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि अबु धाबी में हबशान गैस प्लांट को हाल ही में रोकी गई मिसाइलों के मलबे से हुई एक घटना के बाद इसे बंद कर दिया गया है। ऑफिस ने आगे बताया कि अधिकारी बाब ऑयलफील्ड और गैस प्लांट में हुई घटनाओं पर भी कार्रवाई कर रहे हैं. मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की, गैस प्लांट में काम रोक दिया गया है, और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. कतर में बीती रात फारसी खाड़ी में अहम ऊर्जा इंफ़्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनियों के बाद कतर की एक बड़ी फैसिलिटी में आग लगने की खबरें आई और सऊदी अरब के ऊपर हवाई खतरों को रोका गया. कतर के गृह मंत्रालय ने बुधवार को पर एक पोस्ट में बताया कि सिविल डिफेंस की टीमें रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई। यह जगह प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक अहम केंद्र है और कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. सऊदी अरब, कुवैत और अन्य अरब देशों को भी बुधवार को ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार का सामना करना पड़ा, जिन्हें हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा बीच में ही रोक दिया गया. वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान का होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग पर अपनी कड़ी पकड़ छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. यह जलडमरूमध्य तेल परिवहन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। यूरोपियन देशों और जापान ने होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमलों की निंदा की लंदनः यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान के नेताओं ने गुरुवार को खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों और तेल और गैस प्लांट समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरानी हमलों की निंदा की, क्योंकि इस इलाके में संघर्ष बढ़ रहा है. एक जॉइंट स्टेटमेंट में, देशों ने ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने पर चिंता जताई और तेहरान से धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों, और स्ट्रेट को ब्लॉक करने वाली दूसरी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की अपील की, और यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन 2817 का पालन करने की अपील की। बयान में कहा गया, "नेविगेशन की आज़ादी इंटरनेशनल कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसमें यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी भी शामिल है." बयान में ईरान की कार्रवाइयों के दुनिया भर में असर पर ज़ोर दिया गया, खासकर सबसे कमज़ोर आबादी पर, और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले हमलों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई. देशों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पक्का करने की कोशिशों में मदद करने की तैयारी जताई और दूसरे देशों की तैयारी की प्लानिंग का स्वागत किया। बयान में आगे कहा गया, "UNSC रेज़ोल्यूशन 2817 के मुताबिक, हम इस बात पर ज़ोर देते हैं … Read more

वृंदावन आश्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रेमानंद महाराज से मुलाकात, राधे-राधे के साथ स्वागत

मथुरा ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की. राधा केली कुंज आश्रम में  दोनों के बीच करीब 27 मिनट तक बातचीत हुई. आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज ने राधे-राधे कहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद दोनों के बीच आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपरा को लेकर चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यही मनुष्य के जीवन के उद्धार का सरल मार्ग है। मुलाकात के दौरान आश्रम की ओर से राष्ट्रपति को प्रसाद स्वरूप दुपट्टा, माला और प्रसाद भेंट किया गया. इस दौरान राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ मौजूद रहीं. इससे पहले दौरे के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए थे. मंदिर में उनका प्रवेश भोग घर द्वार से हुआ, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से उनका स्वागत किया गया. गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं. उस समय संकीर्तन मंडली द्वारा भजन गाए जा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में डूबा हुआ था. राष्ट्रपति ने मंदिर में आयोजित लेजर शो भी देखा और दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया. इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा की। प्रथम तल पर भी किया पूजन प्रेम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल ने श्री सीता-राम सहित अन्य विग्रहों के दर्शन किए. वहां भी उन्होंने विधिपूर्वक पूजा की और परिक्रमा की. मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया. अपने कार्यक्रम के अगले चरण में राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) का दौरा किया. यहां मंदिर के संतों और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति ने मुख्य मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की. उन्होंने पूजा सामग्री अर्पित की और कुछ समय मंदिर में ध्यान भी लगाया. मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य को उन्होंने देखा और सराहा. इसके साथ ही उन्होंने कीर्तन भी सुना, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा और व्यवस्थाएं रहीं सुदृढ़ राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे वृंदावन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. मंदिर परिसरों में भी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी गईं. ब्रज प्रवास के दूसरे दिन की शुरुआत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के साथ हुई, जिसने इस दौरे को खास बना दिया. यह मुलाकात आस्था और संवाद का संतुलित उदाहरण रही, जहां देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद और संत परंपरा के बीच सहज बातचीत देखने को मिली।

CM साय ने कहा, ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से सामाजिक समरसता को मिलेगा नया बल

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 से अवैध धर्मांतरण पर सख्त नियंत्रण के साथ ही आस्था और सामाजिक समरसता को मिलेगा बल: CM साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माँ दुर्गा से प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को विधिसम्मत और पारदर्शी बनाना अनिवार्य होगा। इसके तहत संबंधित पक्षों को पूर्व में ही प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करना होगा, जिसके बाद आवेदन की सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के बिना ही किया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। नए प्रावधानों में कठोर दंडात्मक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिससे ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित धर्मांतरण से कई बार सामाजिक असंतुलन और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही इस दिशा में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक एकता को मजबूती देगा तथा छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करेगा।