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कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर लाभकारी व्यवसाय बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष-2026 कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव म.प्र.को देश के कृषि पॉवर-हाउस के रूप में किया स्थापित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने पिछले दशक में कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक विकास दर हासिल कर स्वयं को देश के 'कृषि पॉवर-हाउस' के रूप में स्थापित किया है। फसल उत्पादन, उत्पादकता, दुग्ध और मत्स्य पालन में हुई। इस अभूतपूर्व प्रगति के बाद अब राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर एक 'लाभकारी व्यवसाय' के रूप में परिवर्तित करना है। इस संकल्प के केंद्र में कृषि के उत्पादन और उत्पादकता को तकनीक के माध्यम से बढ़ाते हुए, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोड़ना है। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश के लिए वर्ष-2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि और किसानों पर केन्द्रित पूरे वर्ष संचालित होने वाली गतिविधियों से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि को 'लाभकारी व्यवसाय' बनाने के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सरकार कृषि अनुसंधान और मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन को एक नई दिशा देने जा रही है। इस संकल्प के अंतर्गत राज्य की विशिष्ट फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जा रही है, इसी क्रम में डिंडौरी में स्थापित होने जा रहे 'मध्यप्रदेश राज्य अन्न अनुसंधान केंद्र' के माध्यम से मिलेट्स के उत्पादन एवं पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। इसी कड़ी में, ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना कर इन प्रमुख फसलों की गुणवत्ता और पैदावार को बढ़ाने पर विशेष बल दिया जायेगा। 'विदेश अध्ययन भ्रमण योजना' कृषि क्षेत्र में वैश्विक नवाचारों को आत्मसात करने के लिए किसानों और अधिकारियों के लिए 'विदेश अध्ययन भ्रमण योजना' को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, जिससे विश्व की उन्नत तकनीकों को स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सके। इसके साथ ही, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जो किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त और मजबूत स्रोत बनेगी। खेती की मौसम पर निर्भरता और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं को कम करने के लिए सरकार तकनीक-आधारित जोखिम प्रबंधन पर विशेष निवेश कर रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 'विंडस' (Weather Information Network Data System) विकसित किया जा रहा है, जो किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान और तात्कालिक कृषि सलाह (एग्री-एडवाइजरी) सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। यह प्रणाली न केवल प्राकृतिक आपदाओं से फसल को बचाने में मदद करेगी, बल्कि बुवाई और कटाई के समय को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी। किसानों को दिया जायेगा पूर्ण सुरक्षा कवच किसानों को पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से अब मौसम आधारित बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर उसमें उद्यानिकी फसलों को भी शामिल किया जा रहा है। अनुसंधान, विविधीकरण और डिजिटल वेदर मैनेजमेंट का यह एकीकृत संगम न केवल कृषि को जोखिम मुक्त बनाएगा, बल्कि 'समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश' के संकल्प को वास्तविकता में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भरता के नए सोपान पर खड़ा करेगा। 10-दिशात्मक रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने व्यापक '10-दिशात्मक रणनीति' तैयार की है। इसके प्रथम आयाम के तहत -अन्न (मिलेट्स), चना और सरसों जैसी फसलों पर गहन शोध और उर्वरकों के अग्रिम भंडारण पर जोर दिया गया है। साथ ही तिलहन भावान्तर व्यापीकरण, उड़द/मूंगफली, गन्ना क्षेत्र विस्तारण, ई-विकास व्यापीकरण, उर्वरक अग्रिम भंडारण, पराली से उर्जा प्रबंधन इत्यादि कार्य सम्मिलित हैं। द्वितीय आयाम फसल विविधीकरण और प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन (मूल्य स्थिरीकरण)' पर केंद्रित है, जिससे आलू-प्याज-टमाटर जैसी फसलों के दाम गिरने पर भी किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें। तृतीय आयाम पूरी तरह से "प्राकृतिक मध्यप्रदेश" मिशन को समर्पित है, जहाँ रसायन मुक्त खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। चतुर्थ और पंचम आयाम में संसाधनों के इष्टतम उपयोग, जैसे 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0' और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को शामिल किया गया है। कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए 10 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना इस अभियान का एक मुख्य आकर्षण है। छठे से आठवें आयाम तक का ध्यान कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, "MP ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग" और 'एग्री-हैकाथॉन' जैसे नवाचारों पर है। अंतिम दो आयाम डिजिटल गवर्नेस और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जिसमें एआई (AI)-आधारित कृषि परामर्श और क्यूआर कोड (QR Code) आधारित फार्म ट्रेसेबिलिटी शामिल है। संस्थागत सुधार और शैक्षिक पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष 2026 केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करने की पहल है। अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना एवं कृषकों का क्षमता संवर्धन इस वर्ष का महत्वपूर्ण घटक होगा। इसी अनुक्रम में सरकार द्वारा कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में रिक्त पदों की सीधी भर्ती भी की जाएगी।  

8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव, फैमिली यूनिट बढ़ने से 66% तक बढ़ सकती है सैलरी, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली  आठवें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66% तक उछाल आ सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर परिवार की गणना 3 की जगह 5 यूनिट पर की जाए, तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन (8th Pay Commission salary and pension hike) तीनों में बड़ा बदलाव संभव है। दरअसल, नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए एक साझा मांग पत्र तैयार करने को राष्ट्रीय राजधानी में हफ्ते भर की बैठक बुलाई है। यह मांग देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ी है। चर्चा का सबसे अहम मुद्दा है- फैमिली यूनिट (8th Pay Commission family unit) का विस्तार। सातवें वेतन आयोग में कैसे काउंट हुआ था वेतन? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 कंजम्प्शन यूनिट के आधार पर की गई थी। इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल किया गया। यह गणना डॉ. वालेस एक्रोयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें 2,700 कैलोरी प्रति वयस्क, सालाना 72 गज कपड़ा और मकान का खर्च जैसे मानक तय किए गए थे। मकसद था- एक परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए कितनी आय चाहिए, इसका अंदाजा लगाना। फैमिली यूनिट में माता-पिता भी हों शामिल! ऑल इंडिया एनपीएस एप्लॉईज फेजरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Dr Manjeet Singh Patel) का कहना है कि असल में कई कर्मचारी अपने आश्रित माता-पिता का खर्च भी उठाते हैं। इसलिए फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए। चूंकि न्यूनतम वेतन सीधा-सीधा यूनिट की संख्या से जुड़ा होता है, इसलिए 3 से 5 यूनिट होने पर बेस कैलकुलेशन वैल्यू में गणितीय रूप से 66.67% की बढ़ोतरी हो सकती है। यूनियनों का दावा है कि इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में करीब 66% तक उछाल आ सकता है। फैमिली यूनिट फॉर्मूला क्या है? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 यूनिट के आधार पर हुई थी. कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चे. यह गणना डॉ. वॉलेस अयक्रॉयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें परिवार की बुनियादी जरूरतें शामिल थीं.     रोजाना 2700 कैलोरी भोजन     सालाना कपड़ों की जरूरत     रहने का खर्च     इसका मकसद था सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी न्यूनतम आय तय करना.     अब क्या मांग की जा रही है?     कर्मचारी यूनियन चाहती हैं कि फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए. सीधे शब्दों में     पहले गणना = 3 यूनिट     नया प्रस्ताव = 5 यूनिट गणित के हिसाब से     5 ÷ 3 = 1.66     यानी बेसिक गणना में लगभग 66.67% बढ़ोतरी.     न्यूनतम वेतन पर असर     अभी 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं.     फिटमेंट फैक्टर 3.25 तक (पहले 2.57)     हर साल 7% वेतन वृद्धि     पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली     अगर बेस सैलरी बढ़ती है, तो पूरी सैलरी स्ट्रक्चर ऊपर चला जाएगा. फिटमेंट फैक्टर क्यों बढ़ सकता है? फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक है जिससे पुरानी सैलरी नई सैलरी में बदली जाती है. फैमिली यूनिट बढ़ने से न्यूनतम वेतन की गणना बड़ी हो जाएगी, जिससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग मजबूत हो जाती है. पेंशनर्स पर क्या असर? पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है. इसलिए अगर नई बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी. यही वजह है कि पेंशनर्स संगठन भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. कर्मचारी संगठन क्यों जरूरी बता रहे बदलाव?     यूनियनों का कहना है:     महंगाई तेजी से बढ़ी है     कई कर्मचारी माता-पिता की जिम्मेदारी उठाते हैं     3 यूनिट मॉडल आज के परिवार की हकीकत नहीं दिखाता     उनका मानना है कि सिर्फ छोटी बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सैलरी ढांचे में बड़ा बदलाव जरूरी है. अभी स्थिति क्या है? NC-JCM अलग-अलग विभागों की मांगों को जोड़कर सरकार को अंतिम प्रस्ताव देगा. इसमें फैमिली यूनिट विस्तार, न्यूनतम वेतन, पेंशन समानता और भत्तों से जुड़े सुझाव शामिल होंगे. सरकार 5-यूनिट प्रस्ताव मानती है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. लेकिन अगर मंजूरी मिलती है, तो सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात 66% बढ़ोतरी का आंकड़ा कोई अनुमान नहीं, बल्कि वेतन गणना के फॉर्मूले में बदलाव से जुड़ा गणित है.अगर फैमिली यूनिट 3 से 5 हुई तो बेस सैलरी लगभग 66.67% बढ़ेगी. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का आधार मजबूत होगा. न्यूनतम वेतन ₹54,000 तक मांग की जा सकती है. पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या सरकार फैमिली यूनिट फॉर्मूला बदलने को मंजूरी देगी? तो ऊपर खिसक जाएगी सैलरी मैट्रिक्स? फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपए है। अगर बेसिक पे बढ़ता है, तो पूरी सैलरी मैट्रिक्स ऊपर खिसक जाएगी। यूनियनें 3.25 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की भी मांग कर रही हैं। साथ ही सालाना इंक्रीमेंट दर 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी बहाली, NPS और UPS को खत्म करने की मांग भी उठ रही है। यह मांग पेंशनर्स के लिए भी अहम है, क्योंकि बेसिक पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है। अगर 5 यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी। अब नजर सरकार के फैसले पर है कि क्या आठवां वेतन आयोग सिर्फ इंक्रीमेंट देगा या ढांचा बदलकर बड़ी सैलरी हाइक? खैर, ये आने वाले दिनों में क्लियर हो सकता है।  

भोपाल के बड़ा तालाब पर VIP निर्माणों का कब्जा, कांग्रेस विधायक के संस्थान पर भी लगा लाल निशान

 भोपाल  राजधानी भोपाल वासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले। नायब तहसीलदार के.के पंडोले के नेतृत्व में आरआई और पटवारियों ने शुक्रवार की दोपहर 02 बजे से सीमांकन कार्रवाई शुरू की, जो शाम 05 बजे तक चली। बता दें कि, बुधवार से शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कैचमेंट दायरे 50 मीटर में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के हाउस, गुलबाग लॉन, आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा समेत 25 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए थे। चार घंटे चला सीमांकन बताया जा रहा है कि, राजस्व अमला सीमांकन करते हुए खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंचा, जहां तालाब के फुल टैंक लेवल से सीमांकन करते हुए 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर सामने आया कि, शैक्षणिक संस्थान कैचमेंट क्षेत्र के पास ही बना है। यहां पटवारी अरविंद गिरी ने नायब तहसीलदार के.के पंडोले की निगरानी ने लाल निशान लगाकर तालाब की सीमा निर्धारित की। आर्मी वाटर स्पोर्ट केंद्र के बाद मिले अवैध निर्माण राजस्व अमले ने बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे जब सीमांकन किया तो कैचमेंट में पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री आदि का निर्माण होना मिला। इतना ही नहीं, कुछ दूर चलने के बाद पता चला कि एक बड़े फार्म हाउस की तरह निर्माण कैचमेंट में किया जा रहा था। इसके पास ही भैंस भी बंधी हुई थीं। यहां मजदूर दीवार उठाने का काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य किया जाना बताया। यह निर्माण करीब दो एकड़ से अधिक जमीन में किया जा रहा था, जिसे नायब तहसीलदार ने चिह्नित करवाया है। उन्होंने मौके पर बताया कि अब तक का यह सबसे बड़ा अतिक्रमण कैचमेंट क्षेत्र में मिला है, जिसे जल्द से जल्द जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी। कैचमेंट में झुग्गी सहित धार्मिक स्थल खानूगांव में बड़ा तालाब के कैचमेंट में एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जन से अधिक अवैध मकान मिले हैं। सीमांकन के दौरान एक परिवार तालाब के अंदर ही झुग्गी बनाकर रहता हुआ मिला। पटवारी ने मौके पर ही बच्चों से जानकारी ली। इसके आगे कुछ लोगों ने तालाब किनारे स्थित जमीन पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा रखा था। यहां आगे ही राजस्व अमले ने कैचमेंट में बने एक धार्मिक स्थल के कुछ हिस्से को भी चिह्नित किया है। पहले भी जारी हुए हैं आदेश NGT की सेंट्रल बेंच ने 15 फरवरी को आर्या श्रीवास्तव की पिटीशन पर अपने ऑर्डर में भोपाल म्युनिसिपल कमीशन (BMC) के वकील से सख्ती से कहा था कि वह जमीन पर टाइटल या हक तय करने के लिए नहीं है, बल्कि अतिक्रमण हटाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भदभदा की तरफ अपर लेक के किनारे 35 अतिक्रमण पहचाने गए थे, लेकिन लोकल लोगों के विरोध के कारण सिर्फ 9 ही हटाए जा सके। कुछ मामलों में, पार्टियों के अधिकार, टाइटल और हित को लेकर कोर्ट में केस पेंडिंग है। कांग्रेस नेता की जमीन भी कैचमेंट में इसी के पास स्थित स्कूल के मैदान से होते हुए अमला आगे बढ़ा तो कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा कैचमेंट में पाया गया, जिसमें खेती चल रही है। बता दें कि, 04 महीने पहले खानूगांव में जब राजस्व अमले ने सीमांकन किया था, तब कांग्रेस विधायक के शैक्षणिक संस्थान के पीछे कीचड़-दलदल होने की वजह से निशान लगाया था, लेकिन तब तक कैचमेंट की सीमा तय नहीं हुई थी। कहां मिले कब्जे     टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद, बरखेड़ी खुर्द में कुल 108 निर्माण मिले हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान शामिल हैं, जबकि कुछ झुग्गियां भी हैं। भदभदा इलाके में दो दिन पहले कार्रवाई भी हुई है, जबकि आगे बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।     खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7, कोहेफिजा में 35 मकान दायरे में आ रहे हैं।     खानूगांव में 15 सरकारी जमीन पर कब्जे सामने आए हैं। शुक्रवार को विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के पास भी राजस्व अमले ने लाल निशान लगाए हैं।     वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए जा चुके हैं।     हुजूर के मुगालिया छाप, खजूरी में सीमांकन चल रहा है। यहां भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण मिला है। होली से पहले पूरा होगा सीमांकन कलेक्टर सिंह ने बड़ा तालाब के आसपास के हिस्से के अधिकार क्षेत्र वाले सभी एसडीएम को होली से पहले हर हाल में सीमांकन पूरा करने को कहा है। साथ ही एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों का पता लगाने की बात कही गई है। पानी को दूषित करने वाले सभी सोर्स का पता लगाया जाएगा। ऐसे दो स्तर पर होगी कार्रवाई बता दें कि वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। ऐसे में इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। चाहे इसे लेकर निगम या पंचायत स्तर से कोई भी अनुमति दी ही क्यों न गई हो। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे। साथ ही परमिशन देने वालों की जानकारी भी ली जाएगी। अब तक 3 बार सर्वे, ठोस कार्रवाई नहीं बता दें कि बड़ा तालाब का बीते दस साल में 3 बार सर्वे हो चुका है। इनमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन सर्वे रिपोर्ट का आज तक पता नहीं है। इस वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी समेत कई जगहों पर अतिक्रमण हुए। कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज, घरों की सीमाएं बड़ा तालाब में हैं। 5 प्वॉइंट में पढ़िए पूरी खबर का सार 1. रामसर साइट और वेटलैंड नियमों के तहत तालाब के FTL (Full Tank Level) से 50 मीटर … Read more

1 मार्च से शुरू होने वाले 5 अहम बदलाव, जानिए क्या-क्या होगा बदलने वाला

नई दिल्ली 1 मार्च 2026 से भारत में कई नियम बदलने जा रहे हैं, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर सीधा असर डालेंगे. ये बदलाव ट्रेन टिकट बुकिंग से लेकर एलपीजी सिलेंडर की कीमत, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट, यूपीआई और मैसेजिंग ऐप्स तक फैले हुए हैं. ज़ी बिजनेस और दूसरे सोर्सेज से मिली जानकारी के मुताबिक, ये नियम सुरक्षा बढ़ाने, फ्रॉड रोकने और सर्विस बेहतर बनाने के लिए लाए जा रहे हैं. भारतीय पढ़ने वालों के लिए आसान भाषा में बताता हूं कि क्या-क्या बदलाव आ रहे हैं.  रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव भारतीय रेलवे 1 मार्च से अपनी डिजिटल सर्विस को और भी हाईटेक बना रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार पुराने यूटीएस ऐप की जगह अब नया RailOne ऐप जगह ले लेगा. इसके साथ ही जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन को जरूरी किया जा सकता है, जिससे टिकट बुकिंग में क्लियरिटी आएगी. इसके अलावा सीनियर सीटीजन के लिए लोअर बर्थ प्रायोरिटी को लेकर भी नई गाइडलाइंस आ सकती हैं. सबसे बड़ा बदलाव ट्रेन टिकट बुकिंग में है. भारतीय रेलवे अब पुराना यूटीएस ऐप बंद कर रहा है. 1 मार्च से अनारक्षित टिकट, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए नया रेलवन ऐप इस्तेमाल करना होगा. ये ऐप पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा और आईआरसीटीसी के अलावा ये नया विकल्प होगा. अब स्टेशन पर काउंटर से या पुराने तरीके से टिकट लेना मुश्किल हो सकता है, इसलिए यात्रा करने वाले लोग पहले से ऐप डाउनलोड कर लें. एलपीजी सिलेंडर की कीमत एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हर महीने की तरह बदलाव हो सकता है. 1 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट घोषित हो सकते हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर ये बढ़ या घट सकते हैं, जिससे रसोई गैस का खर्च सीधा प्रभावित होगा. आम परिवारों के लिए ये बहुत जरूरी है क्योंकि गैस की कीमतें रोज के बजट पर असर डालती हैं. सिम बाइंडिंग जरूरी सिम कार्ड और मैसेजिंग ऐप्स में बड़ा नियम आ रहा है. 1 मार्च से सिम बाइंडिंग अनिवार्य हो जाएगी. मतलब व्हाट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स को एक्टिव सिम से लिंक करना जरूरी होगा. अगर सिम नहीं जुड़ा तो ऐप इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. ये नियम डिजिटल फ्रॉड और फेक अकाउंट रोकने के लिए है. व्हाट्सऐप यूजर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि मल्टी-डिवाइस यूज और वेब वर्जन पर नई पाबंदियां आ सकती हैं. दूरसंचार विभाग ने कहा है कि ये सुरक्षा के लिए है और कोई ढील नहीं मिलेगी. मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव बैंक और फाइनेंस में भी बदलाव हैं. कुछ बैंक मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव कर सकते हैं या सेविंग अकाउंट के रूल अपडेट हो सकते हैं. साथ ही क्रेडिट स्कोर की साप्ताहिक चेकिंग या यूपीआई ट्रांजैक्शन में ज्यादा सुरक्षा फीचर्स जैसे ओटीपी या लिमिट चेंज आ सकते हैं. ये सब फ्रॉड रोकने और यूजर को सुरक्षित रखने के लिए हैं. इसके अलावा कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े बदलाव भी कर सकते हैं, जिनमें रिवॉर्ड प्वाइंट्स या फिर चार्जेसेस शामिल हो सकते हैं. सीएनजी और पीएनजी के रेट्स रसोई गैस के साथ-साथ सीएनजी और पीएनजी के रेट्स भी हर महीने की शुरुआत में रिव्यू किए जाते हैं. 1 मार्च की सुबह ही नेचुरल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है, जिसका सीधा असर आपकी कार के फ्यूल के खर्च पर पड़ेगा और घरेलू बजट पर भी बोझ बढ़ सकता है. अगर कीमतें बढ़ती हैं तो सीएनजी से चलने वाली कार या ऑटो रिक्शा चलाने वालों को ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, वहीं पीएनजी से कनेक्शन वाले घरों में खाना पकाने का खर्च भी ऊपर जा सकता है. ये बदलाव आम आदमी की डिजिटल लाइफ, यात्रा और घरेलू खर्च को प्रभावित करेंगे.

सोने और चांदी को छोड़े, यह मेटल बन सकता है दोगुना, एक्‍सपर्ट का खुलासा

नई दिल्‍ली पिछले कुछ सालों में सोना और चांदी ने निवेशकों को कमाल का रिटर्न दिया है, लेकिन अब एक नए मेटल का उदय हो रहा है. एक जानकार का कहना है कि इसकी कीमत आने वाले समय में डबल होने वाली हैं. एक्‍सपर्ट का कहना है कि AI और विद्युतीकरण की असीमित डिमांड के कारण दुनिया एक विशाल कमोडिटी सुपरसाइकिल के कगार पर खड़ी है, जिस कारण कॉपर मेटल की कीमतों में तगड़ी उछाल आ सकती है.   इवानहो माइंस के संस्थापक और सह-अध्यक्ष रॉबर्ट फ्रीडलैंड के अनुसार, उत्पादन लागत में वृद्धि और अभूतपूर्व मांग के चलते तांबे की कीमतें और भी बढ़ने वाली हैं. जनवरी 2026 में सऊदी अरब में आयोजित फ्यूचर मिनरल्स फोरम 2026 में बोलते हुए, खनन क्षेत्र के दिग्गज ने लाल धातु (तांबे) के लिए बेहद आशावादी तस्वीर पेश की है. जहां पिछले पांच वर्षों में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 53 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रही हैं, वहीं फ्रीडलैंड ने बताया कि इसी अवधि के दौरान तांबे की कीमत अभी कम तेजी के बाद भी सर्वकालिक उच्च स्तर 13,400 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, लेकिन आगे और भी तेजी की संभावना है.  क्‍यों आएगी कॉपर में तेजी?  कमोडिटी की कीमतों में इस उछाल का एक बड़ा कारण AI डेटा सेंटर्स का तेजी से विस्तार है. उन्होंने बताया कि 2026 के अंत तक, ग्‍लोबल डेटा सेंटर्स उतनी ही बिजली की खपत करेंगे जितनी जापान, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. फ्रीडलैंड ने शिकागो में माइक्रोसॉफ्ट के एक हालिया 'बेबी डेटा सेंटर' का उदाहरण दिया, जिसके लिए अकेले 20 लाख किलोग्राम तांबे की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि टेस्ला के हर सर्वर को सोना, लोहा, गैलियम, एंटीमनी, टंगस्टन, चांदी, कई रेयर अर्थ मिनरल्‍स, इंडियम, टैंटलम, पैलेडियम, बेरियम, नाइओबियम और टाइटेनियम की आवश्यकता होती है. उन्‍होंने कहा कि अगर ग्रीन एनर्जी चेंजेज या एआई सेंटर्स के सपनों को इग्‍नोर करें तो भी कॉपर जैसे मेटल की भारी कमी है.  बहुत बड़े लेवल पर तांबे की आवश्‍यकता फ्रीडलैंड ने कहा कि अपनी वर्तमान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए, दुनिया को ठीक उसी तरह चलाने के लिए, जैसा वह चलती आ रही है, हमें अगले 18 वर्षों में 70 करोड़ मीट्रिक टन तांबा और निकालना होगा. इस विशाल आंकड़े को समझने के लिए, यह ठीक उतनी ही मात्रा है, जितना तांबा मानव जाति ने गुफाओं से बाहर आने के बाद से 10,000 वर्षों में निकाला है. 40 फीसदी हिसा तो यहां खत्‍म हो जाएगा फ्रीडलैंड ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की इस विशाल मांग को पूरा करने के लिए 2050 तक हर साल छह नए टॉप कैटेगरी की तांबा खदानों को चालू करना होगा. उस नए उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से ग्रिड अपग्रेड, इलेक्ट्रिकसिटी और डेटा केंद्रों द्वारा उपयोग किया जाएगा. क्‍यों डबल हो सकती है कॉपर की कीमत?  उन्होंने कहा कि 1900 से लेकर अब तक, तांबे की एक यूनिट के उत्पादन के लिए आवश्यक ऊर्जा 16 गुना बढ़ गई है और तांबे की एक यूनिट बनाने के लिए आवश्यक पानी की मात्रा दोगुनी हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भविष्य की खनन जरूरतों को पूरा करने के लिए तांबे की कीमत दोगुनी होनी चाहिए.

शीघ्र भरे जाएंगे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद

भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी  राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में रहस मेले के समापन समारोह में कहा कि सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्य प्रदेश बनाने के लिए बेटियों को वैक्सीन अवश्य लगवाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद शीघ्र भरे जाएंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि पुरानी परंपराओं को जीवंत एवं क्रियान्वित रखना बड़ी बात है। ऐसे कार्य संस्कार को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि सागर के रहस मेले की गौरवशाली परंपरा को बनाये रखने का पुनीत कार्य विधायक एवं वरिष्ठ पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव के द्वारा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के द्वारा सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 14 एवं 15 वर्ष की देश एवं प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के लिए आज से सर्वाइकल मुक्त भारत एवं मध्य प्रदेश बनाने के लिए वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू किया गया है। जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अजमेर एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के भोपाल से की है और आज सागर जिले में गढ़ाकोटा से यह शुरुआत की जा रही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सभी नागरिक स्वस्थ जीवन शैली अपनायें स्वस्थ रहें और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि गौ माता को आवारा मत छोड़े उनकी सेवा करें। गौ माता यदि दूध नहीं दें फिर भी गोबर और गोमूत्र भी उपयोगी है। गौमाता भारत की समृद्धि की आधारशिला हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल और विधायक एवं पूर्व मंत्री  भार्गव ने रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को उनको नियुक्ति पत्र दिए साथ में शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किया। विधायक एवं पूर्व मंत्री  भार्गव ने कहा कि रहस मेला अंत्योदय मेला का विस्तृत रूप है। इसमें शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के साथ शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को माध्यम से लाभान्वित करने का कार्य किया जाता है उन्होंने कहा कि एक छत के नीचे शासन की सभी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। दिव्यांग प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य लाभ प्रदान करने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अत्याधुनिक संसाधन एवं उपकरण के साथा प्रदेश वासियों को अच्छी से अच्छी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वस्थ रहता है तभी विकास करता है इसलिए स्वस्थ रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष  अभिषेक दीपू भार्गव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जन समुदाय मौजूद था। एचपीए वैक्सीनेशन अभियान का सागर में किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर जिले के रहली विधानसभा क्षेत्र के गढ़ाकोटा में एचपीए वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। 14 वर्षी कक्षा नवमी की छात्रा सु गुनगुन दुबे पिता  सतीश दुबे के वैक्सीनेशन से सागर में एचपीए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के सभी से अपील की की अपने परिवार पड़ोस मोहल्ले में 14 एवं 15 वर्ष की बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य लगाए और मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव, अपर कलेक्टर  अविनाश रावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

2 मार्च को जनजातीय अंचल बड़वानी में होगी पहली कृषि केबिनेट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं। हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के 17 अलग-अलग विभागों पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, कृषि, उद्योग को साथ लेकर किसानों की समृद्धि के लिए बगीचे से लेकर बाजार तक विस्तृत योजना तैयार की गई है। राज्य में पहली बार कृषि केबिनेट जनजातीय अंचल बड़वानी में 2 मार्च को आयोजित की जा रही है। इसमें हम किसानों को होली की सौगात देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित इस वर्ष में हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाले सभी कार्यों और नवाचारों को प्रोत्साहन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री से सौजन्य भेंट के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह से भेंटकर उन्हें अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा विश्व के श्रेष्ठ शासकों में सर्वोच्च स्थान रखने वाले सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित कई आयोजन किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 40 साल पहले भीषण गैस त्रासदी हुई थी। जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। राज्य सरकार ने बीते साल यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन कराया है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की खाली पड़ी जमीन पर एक भव्य स्मारक बनाये जाने के लिये केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह से मार्गदर्शन प्राप्त किया है। यहां 87 एकड़ भूमि पर भोपाल गैस त्रासदी स्मारक, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समर्पित आधुनिक प्रयोगशाला, विकास आधारित राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नक्सलवादी अभियान से मुक्त हो गया है। लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है, यह हमारे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रदेश में हर तरह की नक्सल गतिविधियों पर नकेल कसी है। बालाघाट ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यहां बैगा महोत्सव आयोजित किया जाए, इस दिशा में गृह मंत्री  शाह से मार्गदर्शन लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में आज प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 8 लाख से अधिक बालिकाओं का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश की 14 से 15 साल की बालिकाओं के लिए एक वरदान साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़ी है। प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुई फसल क्षति के मुआवजे के लिए सर्वे के बाद सरकार मदद कर रही है। मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट है। प्रदेश में रबी, खरीफ, ग्रीष्मकालीन फसलों की अच्छी उत्पादकता है। मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गेहूं उत्पादन में भी हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। प्रदेश में उड़द, मसूर, तुअर पर्याप्त मात्रा में पैदा होती है। मध्यप्रदेश तिलहन में भी प्रथम स्थान रखता है। सोयाबीन और मूंगफली सबसे अधिक मध्यप्रदेश में ही होती है। प्राकृतिक खेती और बागवानी में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है। किसानों की समृद्धि के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के पारम्परिक त्यौहार भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में मना रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं शुक्रवार को आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में शामिल हुए और अमर शहीद चंद्रशेखर के बलिदान‍दिवस पर उनकी जन्मस्थली भाभरा में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि उन्होंने शनिवार को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन को राज्य में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी और उन्हें बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने का निमंत्रण भी दिया।  

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कांग्रेस का वार—‘पुराने मित्र देश पर हमला, मोदी क्यों चुप?’

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच कई दिनों से चले आ रहे तनाव के बाद आखिरकार इजरायल के साथ मिलकर यूएस ने ईरान पर हमला बोल दिया है। तेहरान के साथ-साथ इजरायल में भी कई जगह पर विस्फोटों सुने जाने की खबर है। मध्य-पूर्व में चल रहे इस संघर्ष का असर भारत की राजनीति पर भी देखने को मिल रहा है। कुछ दिन पहले ही इजरायल की यात्रा करके लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या पीएम मोदी इजरायल और ईरान के बीच में जारी इस युद्ध का समर्थन करते हैं? कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया साइट पर एक पोस्ट करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने अब भारत के पुराने दोस्त ईरान पर हमला बोल दिया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से लौटने के बमुश्किल दो दिन के बाद हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के बारे में तमाम दिखावे के बाद, मोदी ने अपनी इजराइल यात्रा का उपयोग इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया? क्या वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?" गौरलतब है कि प्रधानमतंत्री मोदी 25 और 26 फरवरी के दिन इजरायल के दौरे पर थे। इस दौरे पर भारत और इजरायल के बीच में कई अहम समझौते हुए और पीएम मोदी ने इजरायली संसद को भी संबोधित किया था। हालांकि, पीएम मोदी के इस दौरे से ईरान पर किए जा रहे हमले को कोई लेना-देना नहीं था। क्योंकि अमेरिका और इजरायल के बीच पीएम के दौरे के बहुत पहले से ही ईरान के खिलाफ मोर्चाबंदी की जा रही थी। जिनेवा में चल रही बातचीत के बीच जब ईरान, अमेरिकी की शर्तों पर खड़ा नहीं उतरा, इसके बाद इजरायल और यूएस ने मिलकर तेहरान के ऊपर हमला बोल दिया। मध्य-पूर्व में इस संकट के बादल पिछले कई महीनों से मंडरा रहे थे। क्या चाहता है अमेरिका? पिछले महीनों ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के जरिए अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट को नष्ट करने की कोशिश की थी। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका उसमें आंशिक रूप से ही सफल हो पाया। हालांकि, इजरायल भी लगातार ईरानी न्यूक्लियर वैज्ञानिकों, सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाकर ईरान को कमजोर करता आ रहा है, लेकिन अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने सीधे युद्ध में उतरने की ठान ली है। ईरान पर किए गए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश के जरिए ईरानी लोगों से भी सड़कों पर उतरकर अपने बेहतर भविष्य के लिए खामेनेई को सत्ता से हटाने की अपील की है। उन्होंने कहा, "अमेरिका आज वह मदद लेकर आया है, जिसका इंतजार आप पिछले कई सालों से कर रहे हैं। पिछला कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति यह नहीं कर पाया है। ऐसे में अब हमारा प्रशासन यह लेकर आया है, अब देखना है कि आप इस पर कैसे रिएक्ट करते हैं।" आपको बता दें, इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान की तरफ से भी इजरायल को निशाना बनाना शुरू किया जा चुका है। वहीं, दूसरी तरफ ईरान के समर्थन में यमन के हूती विद्रोहियों ने ऐलान किया है कि वह फिर से लाल सागर से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाएंगे। इस युद्ध में अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान में सत्ता पलटना और न्यूक्लियर प्रोग्राम को नष्ट करना है। वहीं, दूसरी और खामेनेई के नेतृत्व में ईरान भी अपनी बात पर अड़ा हुआ है।  

विष्णु सरकार में खेती बन रही लाभ का व्यवसाय- कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर वर्चुअल माध्यम से 237 करोड़ से अधिक की राशि का किया अंतरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के अन्नदाताओं को होली पर्व से पूर्व बड़ी सौगात दी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सरगुजा जिले के 52 हजार 553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237,899.97 लाख रुपये का अंतरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप पाँच किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। किसानों के हित में समर्पित है विष्णु सरकार:  राजेश अग्रवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान की बंपर रिकॉर्ड खरीदी हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के 52,553 किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिला है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए विष्णु सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की है। होली के पावन पर्व से पहले यह अंतर राशि किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा है। कृषक उन्नति योजना के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्थाओं और गांव-गांव में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों की चिंता दूर की जा रही है। मेहनत का मिल रहा सही दामः  दिव्या सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष  दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ’धान का कटोरा’ है और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु सरकार में अब न केवल धान, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन रही है। कलेक्टर ने दी धान उपार्जन की जानकारी कलेक्टर  अजीत वसंत ने बताया कि जिले में 39 प्राथमिक समितियों और 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से धान खरीदी संपन्न हुई है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई, जिससे कोई भी किसान वंचित नहीं रहा। उन्होंने जानकारी दी कि धान उठाव का कार्य भी तेज गति से जारी है और आज मिली अंतर राशि से किसानों को आगामी खेती के कार्यों में बड़ी सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  पायल सिंह तोमर,  अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष  विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष  सतीश यादव, नगर सभापति  हरिमन्दर सिंह टिन्नी, पार्षद  आलोक दुबे,  भारत सिंह सिसौदिया,  अरूणा सिंह,  जन्मेजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच और बड़ी संख्या में किसान, जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, एवं कृषि विभाग उप  संचालक  पितांबर दिवान सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के अन्नदाताओं को होली पर्व से पूर्व बड़ी सौगात दी है। जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सरगुजा जिले के 52 हजार 553 किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि के रूप में 237,899.97 लाख रुपये का अंतरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप पाँच किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। किसानों के हित में समर्पित है विष्णु सरकार:  राजेश अग्रवाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान की बंपर रिकॉर्ड खरीदी हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के 52,553 किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिला है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए विष्णु सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी की है। होली के पावन पर्व से पहले यह अंतर राशि किसानों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा है। कृषक उन्नति योजना के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्थाओं और गांव-गांव में सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों की चिंता दूर की जा रही है। मेहनत का मिल रहा सही दामः  दिव्या सिंह जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष  दिव्या सिंह सिसौदिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ ’धान का कटोरा’ है और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु सरकार में अब न केवल धान, बल्कि दलहन, तिलहन, रागी, कोदो और कुटकी उगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन रही है। कलेक्टर ने दी धान उपार्जन की जानकारी कलेक्टर  अजीत वसंत ने बताया कि जिले में 39 प्राथमिक समितियों और 54 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से सुचारू रूप से धान खरीदी संपन्न हुई है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई, जिससे कोई भी किसान वंचित नहीं रहा। उन्होंने जानकारी दी कि धान उठाव का कार्य भी तेज गति से जारी है और आज मिली अंतर राशि से किसानों को आगामी खेती के कार्यों में बड़ी सुविधा होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  पायल सिंह तोमर,  अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत अध्यक्ष  विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष  सतीश यादव, नगर सभापति  हरिमन्दर सिंह टिन्नी, पार्षद  आलोक दुबे,  भारत सिंह सिसौदिया,  अरूणा सिंह,  जन्मेजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच और बड़ी संख्या में किसान, जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, एवं कृषि विभाग उप  संचालक  पितांबर दिवान सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।  

सीएम योगी बोले- अब यूपी में कानून का राज, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

लखनऊ होली पर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को यूपी सरकार की तरफ से गैस सिलिंडर रीफिल सब्सिडी दी गई। शनिवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सौगात दी। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 1,500 करोड़ की धनराशि वितरित की गई। इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि होली पर सब गिले शिकवे भुला देते हैं। हमारी मां चूल्हे पर रोटी बनाती थीं। पीएम मोदी का आभार, जो गैस कनेक्शन दिए। कांग्रेस राज में सिफारिश पर सिलिंडर मिलता था। अब केवल जमींदार के घर पर ही गैस नहीं है, बल्कि आमजन के घर पर भी है। पहले कोटेदार के यहां कार्ड रहते थे। अब झोला मिल रहा है। कोटेदार का भी ध्यान रखा गया है। कोरोना काल में तेल दिया गया। कहा कि, लोग भरमाएंगे लेकिन, चक्कर में न आना। यही नहीं अब तीन तलाक नहीं कह सकते हैं। अब बिना जुगाड़ के नौकरी लगती है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले जिसके यहां शौचालय बना होता था, उसे अमीर जिसके यहां नहीं हना होता था, उसे गरीब माना जाता था। इस तरह गरीब और अमीर की पहचान की जाती थी। लेकिन, अब हर घर में शौचालय बना है। आज आयुष्मान कार्ड से गर गरीब को निशुल्क इलाज मिल रहा है। बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत हुई थी। 10 करोड़ से अधिक लोगों को इस योजना का सिलिंडर मिला। अमीरी-गरीबी की खाई पाटने का काम किया। मुख्यमंत्री आवास भी मिल रहा है। विधवा दिव्यांग महिलाओं को भी आवास दे रहे हैं। कहा कि, दो करोड़ महिलाओं को और समूह से जोड़ेंगे। माताएं-बहनें कमल का बटन दबाती हैं। प्रचार की जिम्मेदारी संभालने है। समाजवादी पार्टी के गुंडे पहले परेशान करते थे। वोट न देने वालों की भी सेवा की है। होली या होली के बाद फ्री में ले सकेंगे भरा सिलिंडर- सीएम योगी  इस मौके पर सीएम योगी ने सबसे पहले प्रदेशवासियों को होली की बधाई दी। कहा कि होली पर्व समता का पर्व है, न कोई बड़ा न कोई छोटा। यूपी की डबल इंजन सरकार ने यह योजना 2022 में शुरू की थी। इसी कड़ी में आज 1500 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। लाभार्थी होली के पहले या होली के बाद अपने नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ सिलिंडर फ्री में ले सकते हैं। योजना का लाभ सबको देने का एक ही मंत्र है 'सबका साथ सबका विकास'। जिसको कभी सिलिंडर नहीं मिला, उसको मोदी ने दिया। सीएम ने आगे कहा कि आयुष्मान से पांच लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मियों को भी इससे जोड़ा गया है। जो सरकार के लिए काम करेगा, सरकार उसके बारे में सोचेगी। पहले माफिया शासन चलाते थे। पर्व के पहले उपद्रव हो जाते थे। कर्फ्यू लग जाता था। 2017 से पहले यूपी को टेढ़ी निगाहों से देखा जाता था। आज देश और दुनिया का हर बड़ा निवेशक यूपी आना चाहता है। 9 सिलिंडर पर पहले से मोदी दे रहे हैं। अब होली पर हम दे रहे हैं। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है- सीएम योगी उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तीकरण पर काम कर रही है। ब्रजेश पाठक ने सर्वाइकल कैंसर से लड़ रही बेटियों के लिए व्यवस्था की। 2100 रुपये का इंजेक्सन अब 300 में मिलेगा। पहले के लोगों के लिए उनका परिवार की प्रदेश था। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है। लखपति दीदी का कार्यक्रम हो या सीमार्ट। महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। महिला उद्यमी जो भी प्रोडक्ट बनाएंगी, उसे बाजार मिले, इसके लिए बजट में व्यवस्था की गई है। सीएम ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद में एक लाख की मदद दी जाती है। आज सरकार हर बेटी का कन्यादान करने के लिए तैयार है। आज 36 फीसदी महिला कार्य बल है। राशन की दुकानों में पहले ई-पॉश मशीनें नहीं थीं, आज ई-पॉश मशीनों से पारदर्शिता आई है। आज गांव की बेटी गांव में ही वीसी सखी के रूप में काम कर रही हैं।