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भर्ती परीक्षा पर सख्ती: CCTV की नजर में परीक्षा, अब एक दिन ज्यादा चलेगी प्रक्रिया

ग्वालियर पुलिस की आरक्षक भर्ती की फिजिकल परीक्षा सोमवार से होगी। उसके लिए एसएएफ ग्राउंड और भर्ती कमेटी तैयार है। परीक्षा में अभ्याथियों का हर मूवमेंट कैमरे की नजर में रहेगा। इसलिए मैदान पर 60 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा अभ्याथियों को आरएफआइडी टैग की जैकेट पहनाई जाएगी। परीक्षा सोमवार से शुरू होगी और 14 मार्च तक चलेगी। भर्ती परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसलिए पहले और दूसरे दिन अभ्याथियों के दस्तावेजों के साथ उनका केवायसी किया जाएगा। इसमें अभ्याथियों के फिंगर प्रिंट, आंखों की स्कैनिंग होगी। इस दौरान दो-दो अभ्यार्थियों को परीक्षा स्थल पर बुलाया जाएगा। 25 फरवरी से फिजिकल टेस्ट की शुरुआत होगी उसमें 400 अभ्यार्थियों को मैदान में एंट्री दी जाएगी। इस तरह होगी निगरानी डीआइजी अमित सांघी ने बताया भर्ती परीक्षा में 5200 अभ्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए तीन कमेटियां बनाई गई हैं। मैदान में केवल अभ्यार्थियों को ही एंट्री दी जाएगी। 800 मीटर की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा। इसमें अभ्यार्थियों को गोला फेंक और लंबी कूद के लिए तीन मौके दिए जाएंगे। तीनों प्रयास में अंकों के आधार पर अभ्यार्थियों का नतीजा तय होगा। मैदान का हर कोना सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इसके साथ अभ्यार्थियों को आरएफआइडी टैग भी लगाया जाएगा। इससे सेंसर उनके हर स्टैप का बारीक ब्यौरा रखेगा परीक्षा सुबह 6 बजे से शुरु होगी। होली का अवकाश, एक दिन बढ़ाया भर्ती परीक्षा का शेड्यूल 13 मार्च तक तय किया गया था, लेकिन 4 मार्च को होली का अवकाश होने की वजह से 4 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा 14 मार्च को होगी।

राज्य सरकार औद्योगिक एवं उभरते क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में मालवा का अपना विशिष्ट महत्व है। मालवा क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक 8-लेन एक्सप्रेस-वे से दूरी कम होने से यातायात और लॉजिस्टिक्स की सुविधाएं सुदृढ़ हुई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स के माध्यम से परिवहन और आधारभूत संरचना को और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा पीथमपुर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव एवं पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग, महिला, किसान और गरीब—हर वर्ग के विकास की बयार देश में बह रही है। विभिन्न वैश्विक संगठनों के साथ व्यापारिक समझौते और नई ट्रेड डील्स के माध्यम से भारत निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होकर विश्व पटल पर अपना परचम लहरा रहा है। देश व्यापार और वाणिज्य के स्वर्णिम काल की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योगों का दायरा निरंतर विस्तारित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक विकास की अवधारणा केवल पीथमपुर तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश और देश में नए आयाम स्थापित करे। हमारी सरकार प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने तथा अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में भी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल बेल्ट के समग्र विकास के प्रयास प्रदेश को नई उपलब्धियां प्रदान करेंगे। ये प्रयास मध्यप्रदेश को औद्योगिक रूप से फ्रेंडली प्रदेश बनाने में कारगर सिद्ध होंगे और उद्यमशीलता के विकास को नई दिशा देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. गौतम कोठारी ने साहित्य की साधना के माध्यम से पीथमपुर की 40 वर्षों की भावपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है। वर्ष 1983-84 के दशक में जब मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, तब भी पीथमपुर की औद्योगिक बेल्ट ने संघर्ष, परिश्रम, धैर्य और नवाचार के बल पर अपनी पहचान स्थापित की। आज फार्मास्युटिकल से लेकर ऑटोमोबाइल तक हर क्षेत्र में पीथमपुर ने देश और प्रदेश में विशिष्ट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में समर्पित Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) भवन की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और पेशेवर उत्कृष्टता को नई मजबूती प्रदान कर रहा हैं । 40 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित स्मारक ग्रंथ का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की 40 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी द्वारा लिखित स्मारक ग्रंथ “Pithampur: Zero to Zenith – A Journey of 40 Years” का विमोचन किया। यह ग्रंथ पीथमपुर की औद्योगिक उत्कर्ष गाथा, उपलब्धियों एवं क्रमिक विकास का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने एवं निवेश संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रदेश के औद्योगिक विकास में उनके नेतृत्व एवं प्रतिबद्धता के लिए साधुवाद दिया गया। ‘एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस’ सम्मान प्रदान प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने एवं निवेश प्रोत्साहन हेतु किए गए प्रभावी प्रयासों के लिए “एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस” सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से पीथमपुर औद्योगिक संगठन (PAS) के संस्थापक सदस्यों—वर्ष 1980 के मध्य से 1990 के मध्य तक—के 40 अग्रणी उद्योगपतियों को उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक नगरी की सुदृढ़ नींव रखने में योगदान हेतु सम्मानित किया गया। ‘मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास गान प्रदर्शित कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का गान का औपचारिक प्रदर्शन किया गया। यह प्रेरक गान पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी द्वारा निर्मित है, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास की प्रेरणादायी तस्वीर प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद इंदौर शंकर लालवानी, महापौर इंदौर नगर निगम पुष्यमित्र भार्गव एवं प्रदेश के उद्योग जगत, निवेशकों, नीति-निर्माताओं एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।  

श्रद्धेय नानाजी देशमुख ने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित किया भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चहुँओर तेज गति से विकास हो रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास से ही हम मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमने विकास को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया है, हम उसी संकल्प को लेकर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश में हो रहे विकास कार्य आने वाले समय में शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का नया केंद्र बनाएंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मध्यप्रदेश सरकार विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में क्षेत्र में और तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने जनजातीय नायक टंट्या मामा के सम्मान में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया और भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने महूगांव को सौगात देते हुए यहां 100 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाने और महूगांव नगर परिषद को नगर पालिका का दर्जा दिया जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण करते हुए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित नानाजी देशमुख पर्यटक स्थल का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महू और एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रशेखर आजाद सरोवर (काकड़पुरा तालाब) पार्क एवं घाट का लोकार्पण कर सम्पूर्ण क्षेत्र का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया। नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, और जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। उनके द्वारा स्थापित किए गए विकास मॉडल आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू क्षेत्र ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली है, वहीं निकट ही जानापाव पर्वत भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। महू क्षेत्र क्रांतिसूर्य टट्या मामा की कर्मभूमि भी रहा है। इस कारण यह पूरा क्षेत्र एक प्रकार से तीर्थ नगरी का स्वरूप लिए हुए है। आज महू और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। चारों ओर उद्योग, कॉलेज, स्कूल और विकास कार्यों को देखकर गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को विकास में सहभागिता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान हमारी प्राचीन परंपरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे इन वर्गों के जीवन में तेजी से सकारात्मक बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इस योजना में 1000 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए हो चुकी है और आगे भी महिलाओं के हित में निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने आयुष्मान योजना, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए उपचार सहायता, एयर एम्बुलेंस सुविधा और अंगदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर देने जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। सांदीपनि विद्यालयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन स्कूलों के माध्यम से बच्चों को आधुनिक सुविधाओं सहित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें खेल, पढ़ाई और कौशल विकास के सभी आयाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आगामी सत्र से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को दूध उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू-खंडवा रेल लाइन का कार्य भी शीघ्र पूर्ण होगा और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेल सेवाओं का विस्तार भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। इनमें 14.44 करोड़ रुपये की लागत से अमृत 2.0 योजना अंतर्गत नवीन पेयजल लाइन, 7.52 करोड़ रुपये की लागत से स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत उपयोगित जल प्रबंधन योजना, 10.40 करोड़ रुपये की लागत से महू-नीमच रोड निर्माण, 2 करोड़ रुपये की लागत से महूगांव मुक्तिधाम पर घाट निर्माण, 1.03 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, 2.50 करोड़ रुपये की लागत से गायकवाड़ चौराहे से महूगांव स्कूल तक सड़क निर्माण तथा 1.51 करोड़ रुपये की लागत से गौशाला रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में कन्या-पूजन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है। हर वर्ग के कल्याण के कार्य हो रहे है। किसानों की आमदनी में वृद्धि की जा रही है। वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्रदेश का औद्योगिक विकास भी तेज गति से रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना कारगर हो रही है। विधायक सु उषा ठाकुर ने महू विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और कहा कि महू क्षेत्र में विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। महू क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। इस क्षेत्र में तेजी से पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अम्बेड़कर, भगवान  परशुराम तथा जननायक टट्या मामा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि इन महान विभूतियों से धन्य है। इन्हें आदर्श मानते हुए क्षेत्र के विकास को नयी दिशा दी जा रही है। उन्होंने महूगांव क्षेत्र में लोकार्पित तथा भूमिपूजन हुए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्य क्षेत्र के विकास के आमूलचूल बदलाव में … Read more

छत्तीसगढ़ का शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय अद्वितीय

रायपुर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नवा रायपुर में बने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय का किया अवलोकन देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति  सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति  सूर्यकांत ने आज राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए।  चीफ जस्टिस ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।  आदिमजाति विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा ने जनजातीय संग्रहालय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस  सूर्यकांत, जस्टिस  पी.एस.नरसिम्हा, जस्टिस  प्रशांत कुमार और हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस  रमेश सिन्हा, राजस्थान के चीफ जस्टिस  कल्पथी राजेंद्रन राम सहित अन्य न्यायाधीश गण का बीरनमाला से आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें स्मृति स्वरूप जनजातीय जीवन पर आधारित भित्ती चित्र भेंट किया।  प्रमुख सचिव  बोरा ने जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के दौरान चीफ जस्टिस  सूर्यकांत सहित अन्य न्यायधीश गणों को जनजातीय विद्रोहों की पृष्ठिभूमि और जनजातीय नायकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  बोरा ने संग्रहालय के अलग-अलग गैलरियों में प्रदर्शित विद्रोहों को साल, साजा और महुआ के प्रतिकात्मक वृक्ष के पत्तों के जरिये समझाने का प्रयास किया गया है। संग्रहालय में बने यह वृक्ष उसी तरह से है जिस तरह से मोशन फिल्मों में एक वृद्ध व्यक्ति फिल्म की कहानी बताते है।  चीफ जस्टिस  सूर्यकांत ने जनजातीय संग्रहालय में प्रदर्शित भूमकाल विद्रोह के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए। यह विद्रोह बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट के आस-पास वर्ष 1910 में हुआ था। यह विद्रोह 20 वर्षीय जननायक गुंडाधुर के नेतृत्व में, औपनिवेशिक वन नीतियों, जमींदारों के शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरूद्ध था, जिसमें आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों के खिलाफ किया था। चीफ जस्टिस ने संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की तलवार सहित अन्य जनजातीय नायकों द्वारा विद्रोह के दौरान उपयोग में लाए गए अस्त्र-शस्त्र का भी अवलोकन किया।  चीफ जस्टिस ने गैलरी में स्थापित मां दंतेश्वरी का प्रतिकात्मक डिजिटल मंदिर से काफी प्रभावित हुए उन्होंने दो बार घंटी बजाकर मां दंतेश्वरी के दर्शन किया। उन्होंने आगामी समय बस्तर (दंतेवाड़ा) जाकर मां दंतेश्वरी की साक्षात दर्शन करने की इच्छा जाहिर की।  उल्लेखीनय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा 01 नवबंर 2025 को इस भव्य डिजिटल संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया था। तब से आगुन्तकों के लिए यह संग्रहालय आर्कषण एवं उत्साह का केंद्र बना हुआ है। जनसमुदाय में इस संग्रहालय के प्रति आकर्षण और लोकप्रियता को  देखते हुए इसके द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणी के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा सहित वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। मुख्य मंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर निर्माण से उद्घाटन तक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी  बोरा के नेतृत्व में बारीकी से एक-एक पहलुओं को परखा तब जाकर संग्रहालय का बुनियाद बनकर तैयार हुआ है। संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस का याद दिलाता रहेगा। यह न केवल जनजातीय वर्गो के बल्कि सभी लोगों के प्रेरणापद है। 

जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों का अंत

किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, किश्तवाड़ इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के तहत एक सोचा-समझा जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि इलाके में एक्टिव आतंकवादियों को ट्रैक और न्यूट्रलाइज किया जा सके। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक दूर-दराज के इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ एनकाउंटर में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े दो आतंकवादी मारे गए। सेना ने कहा कि आतंकवादी चटरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में 'त्राशी-I' ऑपरेशन के दौरान मारे गए और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जिसमें दो एके-47 राइफलें भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, किश्तवाड़ इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के तहत एक सोचा-समझा जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि इलाके में एक्टिव आतंकवादियों को ट्रैक और न्यूट्रलाइज किया जा सके। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पहले हुए सफल कॉन्टैक्ट के बाद, CIF (काउंटर-इंटेलिजेंस फोर्स) डेल्टा की टुकड़ियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आज सुबह लगभग 11 बजे मुश्किल इलाके में आतंकवादियों से फिर से भिड़ंत हुई।" सेना ने कहा कि टैक्टिकल सटीकता, बिना रुकावट तालमेल और पक्के इरादे का परिचय देते हुए, टुकड़ियों ने एनकाउंटर साइट पर कब्ज़ा कर लिया, जहाँ दो आतंकवादियों को सफलतापूर्वक न्यूट्रलाइज़ कर दिया गया है। इसमें कहा गया, "शिकार जारी है – जो लोग शांति भंग करना चाहते हैं, उन्हें कोई पनाह नहीं मिलेगी।" शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने कहा कि मारे गए दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक हैं और प्रतिबंधित जैश के सदस्य हैं। आतंकवादी पहाड़ियों की तलहटी में एक मिट्टी के घर के अंदर छिपे हुए पाए गए। उन्होंने बताया कि एक पहाड़ी पर हमला किया और पास आ रही सर्च पार्टी पर गोलियां चला दीं, जिससे जोरदार गोलीबारी हुई। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। पिछले महीने चटरू जंगल इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच करीब आधा दर्जन बार गोलीबारी हुई, जिसमें एक सैनिक और एक आतंकवादी मारा गया। रविवार को दो आतंकवादियों के मारे जाने के साथ, इस साल जम्मू इलाके में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने कुल छह JeM आतंकवादियों को मार गिराया है। इससे पहले, उधमपुर में दो और कठुआ जिले में एक आतंकवादी मारा गया था।  

पाली में 4 साल के बेटे-मां सहित एक साथ उठीं 5 अर्थियां

पाली. राजस्थान के पाली जिले के भावनगर (गुड़ा एंदला) गांव में रविवार को ऐसा मंजर दिखा, जिसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों की अर्थियां जब एक साथ उठीं, तो पूरा गांव सिसक उठा। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब मां और उसके चार साल के मासूम बेटे को एक ही अर्थी पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। एक ही परिवार की 5 अर्थियां एक साथ गांव की गलियों से निकली तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजन बिलख रहे थे, ग्रामीण ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। बता दें कि गुजरात में ऊंझा-मेहसाणा हाइवे पर शनिवार सुबह उस वक्त भीषण हादसा हुआ था, जब भावनगर (गुड़ा एंदला) हाल निवासी अहमदाबाद रामलाल कुमावत का परिवार भांजे विकास की शादी में शामिल होने के बाद मणिहारी गांव से वापस लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार वैन डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि रामलाल लाखाजी कुमावत, कोमल मदनलाल कुमावत, कैलाश रामलाल कुमावत और चार वर्षीय आयुष कुमावत की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात के अस्पताल में 6 घायल भर्ती हादसे में घायल हुए छह लोगों का इलाज गुजरात के अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर्स के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर ट्रैफिक भी बाधित रहा। शादी की खुशियों के बाद घर लौट रहा परिवार इस भीषण दुर्घटना से शोक में डूब गया है।

कार के ट्रक में घुसने से चार की मौके पर मौत

कोटा. कोटा जिले के चेचट क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी मृतक उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी थे और मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लौट रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार कार पीछे से आगे चल रहे एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही चेचट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। चेचट पुलिस मृतकों की पहचान के प्रयास में जुटी हुई है तथा परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।

नमो भारत की तेज रफ्तार शुरू, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, मेरठ मेट्रो का उद्घाटन

मेरठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेरठ के शताब्दी नगर स्टेशन पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में नमो भारत और बहुप्रतीक्षित मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर इन ट्रेनों को रवाना किया। इसके साथ ही भारत अब उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जहां एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड रीजनल ट्रेन और स्थानीय मेट्रो दोनों का सफल संचालन शुरू हो गया है। नमो भारत ट्रेन से मेरठ से दिल्ली तक का 88 किलोमीटर का सफर अब 55 मिनट में पूरी हो जाएगी। इस दौरान 13 स्टेशनों से गुजरेगी। इनमें दो स्टेशन अंडरग्राउंड बनाए गए हैं। पीएम मोदी के मेरठ पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने दोनों ट्रेनों का शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने मेट्रो में सफर भी किया। इस दौरान मेट्रो में पहले से मौजूद छात्रों से बातचीत भी की। नमो भारत ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों को मेरठ से दिल्ली-गाजियाबाद तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगी। जबकि मेरठ मेट्रो शहर के भीतर के यात्रियों के लिए स्थानीय स्तर पर आवाजाही का आसान साधन बनेगी। दोनों ट्रेनों के लिए एक ही ट्रैक और स्टेशनों का उपयोग किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर एक क्रांतिकारी कदम है। मेरठ के लिए ऐतिहासिक दिन आज का दिन मेरठ और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन बन गया है। नमो भारत और मेरठ मेट्रो की एक साथ शुरूआत से क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अब मेरठ से दिल्ली पढ़ने और नौकरी के लिए जाने वालों को बड़ी सुविधा मिल गई है। इसी तरह दिल्ली वालों को मेरठ आकर काम करने में आसानी हो जाएगी। इसी तरह मेट्रो चलने से जाम के झाम से राहत मिल सकेगी। ट्रायल रन में 160 की रफ्तार से दौड़ी शुक्रवार को नमो भारत और मेरठ मेट्रो का विशेष ट्रायल रन आयोजित किया। नमो भारत से मेरठ साउथ से सराय काले खां तक का सफर 40 मिनट में पूरा हुआ। इस दौरान नमो भारत प्रत्येक स्टेशन पर एक-एक मिनट के लिए रुकी। उसके बाद सराय काले खां से दोपहर ठीक 12 बजे नमो भारत नॉन स्टॉप बेगमपुल के लिए रवाना हुई। नमो भारत 160 किमी/घंटा की रफ्तार से फर्राटा भरते हुए 39 मिनट में ही बेगमपुल नमो भारत-मेरठ मेट्रो स्टेशन पर आकर ठहर गई। बीच में बिना स्टेशन पर रुके सराय काले खां से गाजियाबाद करीब 15 मिनट में पार कर गई। इसी तरह गाजियाबाद से मेरठ साउथ स्टेशन पहुंचने में करीब 15 मिनट का ही समय लगा। उसके बाद तो अगले चार मिनट में शताब्दीनगर स्टेशन को नमो भारत क्रास कर गई। अगले पांच मिनट में नमो भारत बेगमपुल स्टेशन पहुंच गई। इस तरह दोपहर 12 बजे सराय काले खां से चली नमो भारत नॉन स्टॉप 12.39 बजे बेगमपुल पहुंच गई। जब लोग नमो भारत से यात्रा करेंगे तो करीब एक-एक मिनट के स्टॉपेज के साथ करीब 55 मिनट में यह सफर होगा। इससे मेरठ शहर के लोगों को दिल्ली-गाजियाबाद आना काफी आसान हो जाएगा। पहले लोग घंटों में मेरठ से दिल्ली और गाजियाबाद का सफर करते थे।  

वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का असर: नौ राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ मतदाताओं की कमी

 नई दिल्ली भारत के छह राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम पूरा हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिन्हें अयोग्य पाया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या मिलाकर 1 करोड़ 70 लाख से ज्यादा घट गई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह हटाए गए मतदाताओं और नए जोड़े गए योग्य मतदाताओं के अंतर के आधार पर नेट बदलाव है। कितने घटे मतदाता? मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप, गोवा और केरल समेत कुल नौ राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर शुरू होने से पहले मतदाताओं की संख्या लगभग 21.45 करोड़ थी। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद यह घटकर करीब 19.75 करोड़ रह गई, यानी कुल मिलाकर 1.70 करोड़ से अधिक मतदाता कम हो गए। गुजरात में 68 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे सबसे ज्यादा नाम गुजरात में हटाए गए हैं। यहां कुल 68 लाख 12 हजार 711 मतदाताओं के नाम सूची से हटे, जिससे कुल मतदाता संख्या लगभग 5.08 करोड़ से घटकर 4.40 करोड़ रह गई, यानी करीब 13.40% की कमी दर्ज हुई। इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर रहा, जहां करीब 34.25 लाख नाम हटाए गए और मतदाता संख्या 5.74 करोड़ से घटकर 5.39 करोड़ हो गई। राजस्थान में 31 लाख तो छत्तीसगढ में 25 लाख मतदाता के नाम हटे अन्य राज्यों में भी बड़ी कटौती देखी गई। राजस्थान में लगभग 31.36 लाख मतदाताओं के नाम हटे, छत्तीसगढ़ में करीब 24.99 लाख, जबकि केरल में करीब 8.97 लाख नाम कम हुए। छोटे राज्यों में गोवा में लगभग 1.27 लाख नाम हटे। केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान-निकोबार, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई। किस वजह से हटाए गए मतदाताओं के नाम? चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटाने के मुख्य कारणों में मौत, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना, एक से अधिक जगह पंजीकरण होना या पात्रता से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और पात्र नागरिक अब भी नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। यूपी, बंगाल और तमिलनाडु में SIR जारी आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के आंकड़े इस महीने के अंत तक जारी किए जाएंगे। देशभर में 12 राज्यों में चल रहे इस अभियान का अगला चरण अप्रैल से शुरू होगा, जिसके तहत पूरे देश में मतदाता सूचियों का सत्यापन जारी रहेगा। विवाद और कानूनी चुनौती,  असम में अलग प्रक्रिया इस पूरे अभियान के दौरान कई जगह शेड्यूल में बदलाव भी किए गए। बिहार की तरह ही तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखने के लिए किया जा रहा है। असम में एसआईआर की जगह स्पेशल रिविजन प्रक्रिया अपनाई गई थी, जो 10 फरवरी को पूरी हो चुकी है। देशभर में चल रहा है अभियान चुनाव आयोग का यह विशेष पुनरीक्षण अभियान देश के कई हिस्सों में जारी है। बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह काम चल रहा है, जहां लगभग 60 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इसके बाद अगले चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 40 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जाएगा।

हरियाणा में डाक्टरों ने पेशेंट के एक साथ डाले 4 स्टेंट

अंबाला. अंबाला कैंट में बना हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के ड्रीम प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं से भरा नागरिक अस्पताल अंबाला कैंट अपने अच्छे इलाज और नई नई सर्जरी के लिए जाना जाता है। वही अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में बना हार्ट सेंटर ने एक और बड़ा कमाल कर दिखाया है जहां एक साथ एक पेशेंट के 4 स्टेंट डाले गए है, ये पेशेंट खुद हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भाई यानी राजिंदर विज है।  इस सर्जरी को करने वाले डॉक्टर डॉक्टर प्रताप कुमार ने बताया कि यू तो वो केरला में काम करते है लेकिन कई साल पहले अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में कार्यकर्ता थे । अब उन्होंने एक विशेष उबलब्धी हासिल की है जिसमें राजिंदर विज के दिल के आस पास कैल्शियम भरा हुआ था जिसके लिए लगभग 3.5 घंटे की सर्जरी में 4 स्टेंट डाले गए ,जबकि हरियाणा में ऐसा कभी नहीं हुआ और अच्छी बात तो ये रही कि सर्जरी के कुछ ही घंटों के बाद राजिंदर विज ठीक हो गए और रात के समय ही डिस्चार्ज होकर अपने घर चले गए। इस बारे में बताते हुए राजिंदर विज ने बताया कि उनके दिल के आस पास कैल्शियम चला गया था जो बहुत खतरनाक होता है। डॉक्टर ने उन्हें बायपास की सलाह दी थी लेकिन वे बायपास सर्जरी नहीं करवाना चाहते थे और जब उन्होंने इस बारे में डॉक्टर प्रताप से बात की तो उन्होंने एंजियोग्राफी की बात कही और एक समय निर्धारित करके इलाज की बात कही। जिसके बाद कल उन्होंने अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में बने हार्ट सेंटर में अपने एंजियोग्राफी कारवाई और डॉक्टर ने 4 स्टेंट डाले जिसके बाद वे कुछ ही घंटों में पहले की तरह नॉर्मल हो गए।