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मासूमों की मौतों का रहस्य उजागर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर विसरा रिपोर्ट में नया खुलासा

छिंदवाड़ा  साल 2025 में जहरीला कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौतें हुईं थी. इस मामले की विसरा रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई है कि बच्चों की मौत जहरीले केमिकल डाई एथिलीन ग्लाइकॉल की वजह से हुई है. इस मामले में पुलिस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था. सितंबर 2025 में कफ सिरफ से हुई बच्चों की मौतों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. 'डाई एथिलीन ग्लाइकॉल से खराब हुईं किडनी' छिंदवाड़ा और बैतूल के बच्चों को मामूली सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद परासिया के सरकारी डॉक्टर के निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया था. जांच के बाद डॉक्टर ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बच्चों को पिलाने के लिए लिखा था. इस दवा के इस्तेमाल से बच्चों की लगातार मौतें हो रहीं थीं. जांच में पाया गया था कि सिरप में जरूरत से ज्यादा मात्रा में डाई एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया था. जिसके बाद मृतक बच्चों की विसरा रिपोर्ट भी जांच के लिए भेजी गई थी. परासिया के एसडीओपी और SIT प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने  बताया कि "बच्चों के आंतरिक अंगों में भी डाई एथिलीन ग्लाइकॉल दवा पाई गई है. जिसकी वजह से किडनी खराब हुईं थी. कोल्ड्रिफ कफ सिरप में भी यह ज्यादा मात्रा में पाई गई है." 'सप्लीमेंट्री चार्जशीट फिर से की जाएगी पेश' एसआईटी प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया, "बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया है कि बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से हुई है. इसमें पाया जाने वाला केमिकल खतरनाक था. इस आधार पर सप्लीमेंट्री चार्ज शीट फिर से पेश की जाएगी, जिसमें इन तथ्यों को शामिल कर उन लोगों को आरोपी बनाया जाएगा जो इसमें शामिल हैं." 11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की धीरे-धीरे किडनी खराब हो रही थीं. इसके चलते छिंदवाड़ा और बैतूल के कुल 24 बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार और छिंदवाड़ा पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था. टीम ने कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन सहित कफ सिरप बच्चों को प्रिसक्राइब करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी, स्टॉकिस्ट और केमिकल एनालिस्ट सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. फिलहाल, सभी आरोपी जेल में हैं. प्रशासनिक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं परिजन पीड़ित परिजनों की पैरवी कर रहे एडवोकेट संजय पटेरिया का कहना है, "जिस तरीके से इस मामले की जांच की गई और कुछ लोगों को ही आरोपी बनाया गया है. इस कार्रवाई से पीड़ितों के परिजन नाखुश हैं. इससे नाराज परिजनों ने 17 फरवरी से प्रदर्शन करने की प्रशासन से अनुमति मांगी है." परिजनों का कहना है कि डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. अमित ठाकुर ने भी कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों का इलाज किया था. उन दोनों पर मामला दर्ज नहीं किया गया है, जबकि पुलिस का कहना है की जांच अभी जारी है, जो भी दोषी होंगे उनको सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल कर आरोपी बनाया जाएगा.

सरकार का बड़ा फैसला: नया नाम, नया पता—PMO अब ‘सेवा तीर्थ’ से करेगा काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का पता अब बदल गया है। कल 13 फरवरी 2026 को साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई, जहां एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भवन परिसर का उद्घाटन किया, जिसका नाम 'सेवा तीर्थ' रखा गया है। अब से कैबिनेट बैठकें और पीएमओ का काम इसी नए परिसर में होगा। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। ये भवन औपनिवेशिक शासन के प्रतीक थे, जिनके जरिए भारत को लंबे समय तक गुलामी में रखा गया। 1947 में आजादी मिलने के बाद भी प्रशासनिक ढांचा काफी हद तक उसी पुरानी व्यवस्था पर आधारित रहा। स्वतंत्रता के बाद से पीएमओ साउथ ब्लॉक से ही संचालित होता आया है। अब यह बदलाव एक ऐतिहासिक कदम है, जो औपनिवेशिक अतीत से मुक्ति और भारतीय मूल्यों पर आधारित नई शुरुआत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ के उद्घाटन के दौरान कहा कि सेवा भारत की आत्मा और असली पहचान है। इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी एक छत के नीचे आ गए हैं। इससे प्रशासनिक कामकाज अधिक कुशल, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित बनेगा। परिसर की दीवार पर 'नागरिक देवो भव' का आदर्श वाक्य अंकित है, जो सेवा की भावना को मजबूत करता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह बदलाव सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत कई अन्य नाम भी बदले गए हैं, जैसे केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन और राजपथ को कर्तव्य पथ। सरकार का मानना है कि ये कदम औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर हटकर आधुनिक, भारतीय जनभावना के अनुरूप शासन व्यवस्था को मजबूत करेंगे। सेवा तीर्थ में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल एकीकरण और बेहतर समन्वय की व्यवस्था है, जो देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी।

PM मोदी को बुलाया जा सकता है बांग्लादेश के तारिक रहमान शपथ ग्रहण समारोह में, BNP दे सकती है न्योता

नई दिल्ली बांग्लादेश में फरवरी 2026 के चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने के बाद तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर BNP ने भारत के साथ संबंधों में एक 'नई शुरुआत' करने का संकेत दिया है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा बीएनपी सभी क्षेत्रीय राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित कर सकती है. तारिक रहमान के विदेशी मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने पीटीआई से बात करते हुए स्पष्ट किया है कि यह समय दोनों देशों के लिए अपनी पुरानी धारणाओं को बदलने का है. उन्होंने कहा, 'भारत को यह समझना होगा कि आज के बांग्लादेश में शेख हसीना और अवामी लीग का अस्तित्व नहीं बचा है. BNP ने भारत से अपील की है कि वह शेख हसीना जैसी "आतंकवादी" को अपनी जमीन पर पनाह न दे, जिन्होंने बांग्लादेश को अस्थिर करने का प्रयास किया. हुमायूं कबीर के अनुसार, यदि भारत 'पड़ोसी प्रथम' की नीति के तहत सम्मानजनक व्यवहार करता है, तो दोनों देश विकास के नए आयाम छू सकते हैं. पीएम मोदी और तारिक रहमान की बातचीत चुनाव परिणामों के तुरंत बाद, 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान से फोन पर बात की और उन्हें इस शानदार जीत की बधाई दी. बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण रही, जिसमें पीएम मोदी ने एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया. पीएम मोदी ने तारिक रहमान को अपनी सुविधानुसार भारत आने का निमंत्रण भी दिया है.  

मध्यप्रदेश पुलिस की पिछले तीन दिनों की प्रमुख कार्यवाहियाँ

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विगत तीन दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने डकैती, नकबजनी एवं लूट जैसे संगीन अपराधों का सफल खुलासा कर  79 लाख रूपए से अधिक का चोरी व लूट की संपत्ति जब्‍त की है। विदिशा: अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड में बड़ी सफलता, 15 लाख रूपए की चांदी बरामद थाना कोतवाली, जिला विदिशा क्षेत्रांतर्गत अरिहंत ज्वैलर्स, खरीफाटक रोड पर घटित डकैती के प्रकरण में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी को थाना बजरंगगढ़ जिला गुना क्षेत्रांतर्गत ग्राम गड़ला गिर्द के जंगल से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी गया लगभग सवा 5 किलो चांदी का सामान बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रूपए है, साथ ही घटना में प्रयुक्त औजार भी जप्त किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि दिनांक 03.01.2026 को फरियादी द्वारा इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में गठित 08 विशेष टीमों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज एवं सतत पतारसी के आधार पर अब तक कुल 03 आरोपी एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों की गिरफ्तारी कर लगभग 13 लाख रूपए की संपत्ति बरामद किया था। अलीराजपुर: नकबजनी का खुलासा 10 लाख के सोने के हार एवं औजार जप्त, आरोपी गिरफ्तार थाना जोबट, जिला अलीराजपुर क्षेत्र में घटित नकबजनी की वारदात का सफल पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी के दो सोने के हार, अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपए तथा घटना में प्रयुक्त लोहा काटने का कटर जप्त किया है। मुरैना: अम्बाह डकैती कांड का खुलासा, 05 इनामी आरोपी गिरफ्तार, 16 लाख 77 हजार रुपए की संपत्ति जब्त थाना अम्बाह क्षेत्रांतर्गत हुई सनसनीखेज डकैती की घटना का सफल खुलासा करते हुए पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण एवं तकनीकी जांच के आधार पर 10-10 हजार रुपए के इनामी 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नगदी, सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन एवं घटना में प्रयुक्त कार सहित कुल 16 लाख 77 हजार की संपत्ति जब्त की है। सतना: चित्रकूट पुलिस की बड़ी सफलता, 14 लाख रूपये की चोरी का पर्दाफाश थाना चित्रकूट, जिला सतना पुलिस द्वारा घर में घुसकर चोरी करने वाले 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 लाख 26 हजार रुपए नगद एवं लगभग 4 लाख रुपए के सोने के आभूषण सहित कुल 14 लाख 26 हजार की सामग्री जब्त की  है। दतिया: 12 घंटे में चोरी का खुलासा थाना कोतवाली पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर चोरी की घटना का खुलासा करते हुए फरियादी के घर कार्यरत महिला आरोपिया को गिरफ्तार किया। आरोपिया के कब्जे से लगभग 17 लाख रुपए मूल्य के सोने के जेवरात जब्त किए हैं। उज्जैन: लूट गिरोह का भंडाफोड़, 6 लाख रुपए की सामग्री जब्त थाना बिरलाग्राम, नागदा क्षेत्रांतर्गत उज्जैन पुलिस ने चाकू एवं लोहे के पाइप से लूट की वारदात को अंजाम देने वाले 03 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 6 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, हथियार एवं मोटरसाइकिल जप्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण सुदृढ़ कर रही है। पुलिस की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय में भी प्रदेश को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अपराधमुक्त बनाए रखने की दिशा में निरंतर जारी रहेगी।

सरकार का बड़ा फैसला: अब नए भवनों में होंगे मंत्रालय, स्थानांतरण प्रस्ताव पास

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से 'सेवा तीर्थ' व 'कर्तव्य भवनों' में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक में अंतिम बार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। ये सिर्फ स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, यह इतिहास और भविष्य के संगम के भी पल हैं। इस परिसर ने गुलामी से आजादी और फिर स्वतंत्र भारत की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है, गढ़ा है। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नया प्रधानमंत्री कार्यालय, जिसे अब 'सेवा तीर्थ' के नाम से जाना जाएगा, राष्ट्र को समर्पित किया गया है। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों ने भारत को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखने के लिए किया था। 1947 में भारत को गुलामी से तो मुक्ति मिली, लेकिन इन भवनों को तत्कालीन सरकार की ओर से अपने कार्यों के निष्पादन के लिए बनाए रखा गया। स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक के इस भवन से कार्य करता रहा है।" उन्होंने कहा कि इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में बनी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले होते देखे हैं। इसकी सीढ़ियों पर जवाहरलाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के पदचिन्ह हैं। इस भवन की सीढ़ियों पर चढ़ते कदमों ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा, "बीते दशकों में यहां कैबिनेट की बैठकों में, संविधान के आदर्शों, जनता से मिले जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यहां भारत की सफलताओं का उत्सव भी मनाया गया, असफलताओं का आंकलन भी हुआ और साथ ही संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े और बड़े फैसले भी लिए गए।" मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के इन कमरों ने विभाजन की विभीषिका भी देखी, युद्ध और आपातकाल की चुनौतियों को भी देखा और शांतिकाल की नीतियों पर भी चिंतन और मनन किया। इन्होंने टाइपराइटर से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, तकनीक की लंबी छलांग को महसूस किया है। यहां बैठकर अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत को आजादी के तुरंत बाद की अनिश्चितता से निकालकर स्थिरता की राह पर आगे बढ़ाया। सबके प्रयासों का परिणाम है कि आर्थिक चुनौतियों और संकटों से निकलकर, आज भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र बनकर खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "बीते एक दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में साउथ ब्लॉक राष्ट्र के अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। ये स्थान मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की प्रेरणा स्थली बना। यहां से रिफॉर्म एक्सप्रेस को पूरे देश में प्रोत्साहन मिला है। यहीं से डीबीटी, 'स्वच्छ भारत अभियान', गरीब कल्याण से जुड़े अभियान, 'डिजिटल इंडिया' और जीएसटी जैसे व्यापक सुधारों को आकार मिला। यहां से ही आर्टिकल-370 की दीवार गिराने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे सामाजिक न्याय के साहसिक और संवेदनशील निर्णय लिए गए। यहीं लिए गए 'सर्जिकल स्ट्राइक', 'एयर स्ट्राइक' और 'ऑपरेशन सिंदूर' के निर्णयों के माध्यम से भारत ने अपनी दृढ़ और आत्मविश्वासी सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश विश्व को दिया।" प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "आज का भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत आज एक सुरक्षित और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है और वैश्विक मंचों पर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली आवाज रख रहा है। आज देश विकसित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए एक आधुनिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति अनुकूल कार्यालय की आवश्यकता थी। एक ऐसा कार्यक्षेत्र, जो यहां काम करने वाले हर कर्मयोगी की उत्पादकता को बढ़ाए, सेवाभाव के उसके संकल्प को प्रोत्साहित करे।" अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के उ‌द्घाटन के करीब 95 साल के बाद शुक्रवार को भारत सरकार ने इन भवनों को खाली किया है और 'सेवा तीर्थ' व 'कर्तव्य भवनों' में स्थानांतरित हुई है। यह प्रतीकात्मक रूप से गुलामी के अतीत से 'विकसित भारत' के भविष्य की ओर बढ़ने की ओर देश का एक और कदम है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश में 'सत्ता भाव' के बजाय 'सेवा भाव' की संस्कृति सशक्त हुई है। आज का ये स्थानांतरण, इन संस्कारों को और मजबूती देगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "शनिवार को कैबिनेट ने यह संकल्प भी लिया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' का हिस्सा बनाया जाए, जो हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता से पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ये संग्रहालय, हमारी कालातीत और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा और हमारे गौरवशाली अतीत को समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा।"

भारत-पाक मुकाबले से पहले कोलंबो में टीम इंडिया की परफॉर्मेंस, प्रेमदासा स्टेडियम से जुड़े तथ्य

कोलंबो ऑफ-फील्ड ड्रामा और राजनीतिक शोर-शराबे के बाद आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बहुप्रतीक्षित मैच आखिरकार तय कार्यक्रम के अनुसार होने जा रहा है. भारत और पाकिस्तान रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगे. क्रिकेटीय कारणों से इस प्रतिद्वंद्विता को लेकर उत्साह अब भी बरकरार है. इस मुकाबले में कई लोग भारत को प्रबल दावेदार मान रहे हैं, क्योंकि इस भिड़ंत में उनका दबदबा रहा है. मौजूदा टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन भी इस दलील को मजबूत करता है. भारत ने अपने अभियान की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका पर जीत के साथ की. सूर्यकुमार यादव ने कठिन परिस्थिति में अहम पारी खेलकर टीम को संभाला और जीत दिलाई. इसके बाद भारत ने नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया को 93 रन से हराया. यह टी20 विश्व कप इतिहास में रन के अंतर से भारत की सबसे बड़ी जीत भी रही.  पाकिस्तान का ऐसा रहा है प्रदर्शन दूसरी ओर, पाकिस्तान को नीदरलैंड्स के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जहां फहीम अशरफ की उपयोगी कैमियो पारी ने उन्हें रोमांचक मुकाबले में जीत दिलाई. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के खिलाफ अधिक पेशेवर प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की. रविवार का मुकाबला हाई-वोल्टेज थ्रिलर होने की उम्मीद है. लगातार जीत के साथ भारत लय में है और मानसिक बढ़त भी रखता है. पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान पर उनका दबदबा उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है. हालांकि, इस बड़े मुकाबले से पहले यह समझना जरूरी है कि भारत को जीत के लिए क्या करना होगा. प्रेमदासा स्टेडियम भारत के लिए अनजाना नहीं है. यहां की परिस्थितियां उन्हें भली-भांति मालूम हैं. कोलंबो में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है? भारत ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में शानदार सफलता हासिल की है. 2009 से अब तक यहां खेले गए 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने 11 जीते और सिर्फ 4 हारे हैं. आईसीसी टी20 विश्व कप 2012 में भारत ने इस मैदान पर पांच में से चार मैच जीते थे, जबकि एकमात्र हार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी. मेजबान श्रीलंका के अलावा केवल ऑस्ट्रेलिया ही इस मैदान पर भारत को हरा सका है. भारत का टी20I रिकॉर्ड (आरपीएस, कोलंबो): मैच – 15 जीत – 11 हार – 4 कोलंबो में कितना स्कोर चाहिए? आर प्रेमदासा स्टेडियम में अक्सर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फायदा मिला है. यहां खेले गए 51 टी20I मैचों में औसत स्कोर 152 रहा है, जबकि 28 बार लक्ष्य का सफल पीछा किया गया है. हालांकि मौजूदा टूर्नामेंट में पीछा करना कठिन साबित हुआ है. वर्तमान टूर्नामेंट में औसत स्कोर 158 रहा है. भारत ने जब-जब यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए 150 से अधिक रन बनाए हैं, तब छह में से पांच मैच जीते हैं. ऐसे में 165 या उससे थोड़ा अधिक का स्कोर रविवार को जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है. **कोलंबो में भारत का सर्वोच्च स्कोर:** 176/3 बनाम बांग्लादेश (मार्च 2018) **न्यूनतम स्कोर:** 81/8 बनाम श्रीलंका (जुलाई 2021) **औसत स्कोर:** 157 (15 मैचों में) स्पिन से मिलेगी जीत? कोलंबो में टी20I में तेज और स्पिन गेंदबाजों दोनों को सफलता मिली है. पेसरों ने 323 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनरों के नाम 282 विकेट हैं. हाल ही में वनींदु हसरंगा और माहेश थीक्षाना ने आयरलैंड के बल्लेबाजों को रोका, जबकि एडम जाम्पा ने शानदार चार विकेट लिए. तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारत के लिए बड़ी मजबूती है. वहीं पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक को भी भारत के खिलाफ बड़ा हथियार माना जा रहा है. रविवार को मुकाबले का फैसला केवल स्पिन से नहीं होगा. तेज गेंदबाज भी नतीजे में अहम भूमिका निभा सकते हैं.  

‘वंदे मातरम्’ विवाद: उज्जैन के इमाम की मुस्लिम अभिभावकों से स्कूल बदलने की अपील

उज्जैन वंदे मातरम् वाले स्कूलों से निकाल ले बच्चे; मुसलमानों से उज्जैन ईमाम की अपील केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में वंदे मातरम के सभी 6 छंदों का गायन अनिवार्य करने का निर्णय किया है। इसको लेकर गृह मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों को खड़ा होना जरूरी होगा। इस फैसले का उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कड़ा विरोध किया है। उनकी दलील है कि वंदे मातरम् इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है क्योंकि इसमें मातृभूमि की पूजा की बात की गई है। उन्होंने मुस्लिमों से अपने बच्चों को उन स्कूलों से निकालने की अपील की है जहां वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है। इस्लाम नहीं देता इजाजत उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कहा कि भारत में हर धर्म और मजहब के लोग रहते हैं। हम किसी को यह नहीं कह सकते हैं कि आप किसी एक खुदा को मानें… हम यह भी किसी से नहीं कह सकते हैं कि आप कई खुदा को मानें। हिन्दुस्तान एक ऐसा चमन है जहां हर तरह के फूल को रखा गया है। यही इसकी ब्यूटी है। वंदे मातरम् में साफ लिखा गया है कि हम इस धरती की पूजा करते हैं। इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। इस्लाम का आधार ही एकेश्वरवाद है। हम तो पैगम्बर मोहम्मद साहब को भी नहीं पूजते मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने आगे कहा कि हम खुदा के साथ किसी को शामिल नहीं कर सकते हैं। हम ना तो हिन्दुस्तान की जमीन को पूज सकते हैं ना ही मक्का और मदीना की जमीन को पूज सकते हैं। हम पैगम्बर मोहम्मद साहब को भी पूजते नहीं हैं। हम उनकी तालीम पर चलते हैं। इस्लाम एक ही ईश्वर पर आधारित है। हम इसे छोड़ नहीं सकते हैं। हम हुकूमत से यह गुजारिश करते हैं कि आगे से इस तरह का कोई प्रोग्राम ना चलाए जो किसी धर्म को चोट पहुंचाते हों। जिन स्कूलों में वंदे मातरम् वहां से बच्चों को निकाल लें मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार इस फैसले को वापस ले। हम अपने बच्चों को ऐसी किसी भी संस्था में नहीं भेज सकते जहां उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ होता हो। हमारे यहां हिन्दुस्तान की पूजा का कोई जिक्र नहीं है। इस्लाम तो इसकी बिल्कुल इजाजत नहीं देता है। हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, मुसलमान वहां से सभी अपने बच्चों को निकाल लें। कानून नहीं मानने वालों को देश में रहने की कोई जरूरत नहीं मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी के बयान पर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। हिन्दू संगठनों ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। संतों ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। महामंडलेश्वर अतुलेशनन्द ने कहा कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना होगा। यह भारत भूमि है और कानून सबके लिए एक है। इस कानून को जो नहीं मानता या नहीं स्वीकार करता है उसको इस देश में रहने की कोई जरूरत नहीं है। इस देश में रहने वाले कुछ लोग हमारे संविधान को मानते नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए बांग्लादेश या पाकिस्तान के रास्ते खोल देने चाहिए।

बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गौ कथा का दिव्य समापन, धर्म व गौ संरक्षण का लिया संकल्प

भोपाल . बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में स्थित  रेवासा धाम एवं  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर परम पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का तीसरा एवं अंतिम दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ कथा श्रवण किया। महाराज  ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पृथ्वी सात स्तंभों पर आधारित है। प्रथम स्तंभ गौ माता हैं, द्वितीय ब्राह्मण, तृतीय वेद, चतुर्थ सती-सावित्री पतिवृता नारियां, पंचम सत्यवादी पुरुष, षष्ठम लोभरहित पुरुष और सप्तम दानशील पुरुष। इन सातों तत्वों के संरक्षण से ही समाज और सृष्टि का संतुलन बना रहता है। चित्रकूट के संत शिरोमणि संकादिक महाराज भी गोकथा में शामिल हुए। मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज की उपस्थिति में बसामन मामा गौधाम परिसर में ऋषिकुलम आवास गृह का भूमिपूजन किया एवं पीपल का पौधा रोपण किया। महाराज  ने कहा कि युग निर्माता ब्राह्मण होता है। जो संपूर्ण समाज की पीड़ा को अनुभव करे, वही सच्चा ब्राह्मण है। धर्माचरण से ही अर्थ और काम रूपी पुरुषार्थ की सिद्धि संभव है। जब अर्थ की प्राप्ति धर्म के अनुशासन और नियंत्रण में होती है, तब वह अर्थ अनर्थ का कारण नहीं बनता, बल्कि लोक कल्याण का साधन बनता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपवित्र धन कभी पवित्र कार्यों में नहीं लगता और जो धन धर्मकार्य में समर्पित होता है, वह स्वयं पवित्र हो जाता है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हम सबके लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज के मुखारविंद से अमृतवाणी श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ। एक ओर बसामन मामा की पुण्यभूमि, जहाँ दस हजार गौ माताओं के संरक्षण एवं संवर्धन का विशाल प्रकल्प संचालित है, और दूसरी ओर पूज्य महाराज  का दिव्य प्रवचन यह संगम सचमुच त्रिवेणी के समान है, जो दीर्घकाल तक समाज का कल्याण करता रहेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि गौ माता का सम्मान ही मानवता का सम्मान है। यदि गौ माता का अपमान होगा तो मानव जाति का कल्याण संभव नहीं। उन्होंने कहा कि महाराज  के प्रवचनों से उन्हें गौ संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में और अधिक ऊर्जा एवं संकल्प प्राप्त हुआ है। उन्होंने भावुकता से कहा कि कभी-कभी जब वे किसी कठिन कार्य का दायित्व लेते हैं और वह सहज ही पूर्ण हो जाता है, तो उन्हें अनुभव होता है कि यह सब गौ माता की कृपा और उनकी प्रसन्नता का ही परिणाम है। कार्यक्रम का समापन भक्ति, भाव और संकल्प के साथ हुआ, जिसमें गौ सेवा, धर्माचरण और समाज कल्याण के लिए कार्य करने का संदेश प्रमुख रहा। कथा समापन के बाद बसामन मामा में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा के समापन दिवस पर सांसद  जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक, पूर्व मंत्री  पुष्पराज सिंह, पूर्व विधायक  केपी त्रिपाठी और बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने शिव बाबा रथयात्रा का किया शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा रीवा में शिव बाबा रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रजापिता ब्राम्हकुमारी विश्वविद्यालय आश्रम से आरंभ हुई। शिव बाबा रथयात्रा को हरी झण्डी दिखाई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव संहार से साथ-साथ कल्याण के देवता हैं। भक्तों की भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान शिव कालों के महाकाल हैं। प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शिव चेतना को जगाने के लिए किये जाने वाले प्रयास सराहनीय हैं। इस संस्थान ने सामाजिक क्षेत्र में भी बढ़चढ़ कर योगदान दिया है। इस अवसर पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी संस्थान द्वारा उप मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।  

कमरे में बंद कर खौफनाक हमला, कोरबा में चापड़ से पत्नी पर वार; बीच-बचाव में आई परिजनों को भी नहीं छोड़ा

कोरबा. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सीतामणी वैष्णो दरबार बस्ती में घरेलू विवाद ने शनिवार को भयावह रूप ले लिया। एक युवक ने अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर धारदार चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पत्नी को बचाने पहुंची उसकी मां और बहन पर भी आरोपित ने वार कर दिया। तीनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना वैष्णो देवी मंदिर के पास स्थित बस्ती की है। पुलिस के अनुसार आरोपित रामेश्वर साहू का अपनी पत्नी सुकृता साहू से लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार को विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी को कमरे के भीतर बंद कर दिया और दौड़ा-दौड़ाकर चापड़ से हमला करने लगा। घर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग सतर्क हो गए। इसी दौरान आरोपित की मां सावन साहू और बहन निर्मला साहू मौके पर पहुंचीं। दरवाजा नहीं खुलने पर खिड़की तोड़कर अंदर घुसीं, लेकिन आरोपित ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 और कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने सुकृता साहू की स्थिति गंभीर बताई है। अन्य दोनों महिलाओं का भी इलाज जारी है। निर्मला साहू ने बताया कि वह घर के पास दुकान पर थी। शोर सुनकर पहुंची तो देखा कि उसका बड़ा भाई कमरे में बंद कर भाभी पर वार कर रहा था। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तब खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। बीच-बचाव के दौरान आरोपी ने उन पर भी चापड़ से हमला कर दिया। पहले भी जेल जा चुका है आरोपी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित पहले भी पत्नी से मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। उस पर पत्नी के चरित्र पर संदेह करने और पैसों की मांग को लेकर विवाद करने के आरोप हैं। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।  

सीएम ने दी बड़ी सौगात, लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर हुए 1500 रुपये

खंडवा सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त के 1500 रुपए उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए हैँ। ये राशि मोहन यादव ने एमपी के खंडवा की तहसील पंधाना से भेजे हैं। आपके मोबाइल पर मैसेज भी आया होगा। अगर नहीं तो ladli behna yojana portal पर जाकर आप खाते का अपडेट देख सकती हैं। इस बार इनके नहीं आएंगे 1500 रुपए हालांकि 14 फरवरी को उन लाड़ली बहनों के खाते में पैसे नहीं आएंगे, जिनके नाम से पूरे दस्तावेज नहीं हैं। उनके बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या समग्र आईडी डिलीट हो गई या फिर उनकी आयु 60 से पार हो चुकी है।   255 करोड़ का भूमिपूजन और 354 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया 255 करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का भूमि पूजन किया और 354 करोड़ के 11 पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 252 करोड़ की लागत से बनने वाले खंडवा नगर निगम के सीवरेज प्रोजेक्ट के साथ-साथ 2.90 करोड़ की लागत से बनने वाले पंधाना बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और 'रैन बसेरा' के निर्माण का भूमि पूजन किया। क्या है लाडली बहनों के लिए पात्रता?     मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों     विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी     आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो।     महिला का स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है, संयुक्त खाता मान्य नहीं होगा     महिला के स्वयं के बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी सक्रिय होना चाहिए     समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई होना चाहिए कैसे चेक करें खाता? लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की भुगतान स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प चुनें। फिर रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी भरने के बाद नवीनतम स्टेटस दिखाई देगा। लाड़ली बहना योजना के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स     समग्र पोर्टल द्वारा जारी परिवार आईडी अथवा सदस्य आईडी     UIDAI द्वारा जारी फोटो आईडी     समग्र पोर्टल में दर्ज मोबाइल नंबर लाडली बहना योजना के लिए अपात्र हैं ये महिलाएं     जिनके स्वयं/परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो।     जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्‍य आयकरदाता हो।     जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो। नए रजिस्ट्रेशन कब होंगे शुरू? महिलाओं के बीच यह सवाल बना हुआ है कि लाड़ली बहना योजना के नए रजिस्ट्रेशन (Ladli Behna Yojana) कब शुरू होंगे। यहां बता दें कि 2023 से नए फॉर्म भरने की प्रक्रिया बंद है और इस बार भी कोई अपडेट नहीं है। अधिकारियों के अनुसार नए रजिस्ट्रेशन की योजना फिलहाल शुरू नहीं होगी।