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रेल यात्रियों को बड़ी राहत: जनरल कोच की घंटे-घंटे सफाई, AI पकड़ेगा गंदगी

 नई दिल्ली रेल मंत्री ने रेलवे रिफॉर्म प्लान 2026 के तहत 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने बताया पहले चरण में ट्रेनों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके लिए सभी कोच में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा रेल मंत्री के मुताबिक, इस योजना की शुरुआती चरण में हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की करीब 80 ट्रेनों के एसी कोचों के साथ साथ जनरल कोचों में भी सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान टॉयलेट, डस्टबिन और कोच की सफाई के साथ किसी भी तकनीकी या मैकेनिकल समस्या की भी जांच की जाएगी। एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी पीक आवर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाएगी। साथ ही सफाई की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल होगा। रेल मंत्री ने बताया कि एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। सफाई मानकों में कमी मिलने पर संबंधित वेंडर पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडरों को ही आगे कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे। यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं रेल मंत्री ने कहा कि,इस व्यवस्था के लागू होने से रेलवे पर अतिरिक्त खर्च आएगा, लेकिन यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। जरूरत के मुताबिक रेलवे अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी करेगा। लंबी दूरी गाड़ियों के सभी कोच में हर घंटे साफ सफाई होगी। स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा इस अभियान के तहत एक इंटीग्रेटेड सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिससे कोच की सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा। अगर जनरल कोच कनेक्ट नहीं होगा तो स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा। इसके लिए रूट आधारित टीमें तैनात की जाएगी, जो तय रूट पर लगातार काम करेंगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का फैसला, 82 लाख परिवारों को मिलेगा 2 माह का राशन अग्रिम

रायपुर  छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के राशन कार्ड धारकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत प्रदेश के लगभग 82 लाख परिवारों को फरवरी 2026 में ही दो महीने (फरवरी और मार्च) का चावल एकमुश्त प्रदान किया जाएगा। खाद्य विभाग (CG News) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य वितरण प्रणाली को सुचारू बनाना और कार्ड धारकों को अग्रिम राहत पहुँचाना है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को समय पर भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं। किसे मिलेगा कौन सा राशन? इस विशेष वितरण योजना (CG News) के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल (पोषण युक्त चावल) दिया जाएगा। वहीं, राज्य योजना के सामान्य एपीएल कार्ड धारकों को उनकी मासिक पात्रता के अनुसार चावल का वितरण होगा। चावल के अतिरिक्त, फरवरी माह के लिए नमक, शक्कर और गुड़ का आबंटन भी जारी किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड वालों को प्राथमिकता राज्य योजना के दायरे में आने वाले अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और दिव्यांग राशनकार्ड धारकों को फरवरी में ही दो माह की पात्रता का चावल मिलेगा। इन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित मात्रा के अनुसार सामान्य (नॉन-फोर्टिफाइड) चावल का वितरण किया जाएगा। सरकार ने इस आबंटन को एकमुश्त जारी किया है और राशन दुकानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने गोदामों में पर्याप्त स्टॉक जमा कर लें ताकि किसी भी कार्ड धारक को खाली हाथ न लौटना पड़े। फोर्टिफाइड राइस का भी होगा वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड धारकों को उनकी नियमित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। खाद्य विभाग के मुताबिक, इन परिवारों के लिए फरवरी का नियमित कोटा जारी कर दिया गया है। फोर्टिफाइड चावल पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसे सरकार कुपोषण से लड़ने के लिए वितरित कर रही है। वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्थानीय स्तर पर टीमें भी गठित की गई हैं। चावल के साथ नमक और शक्कर की भी व्यवस्था केवल चावल ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी खाद्य सामग्री का आबंटन भी जारी कर दिया गया है। सामान्य एपीएल (APL) कार्ड धारकों के लिए फरवरी का मासिक कोटा दुकानों तक भेज दिया गया है। इसके अलावा फरवरी महीने के लिए नमक, शक्कर और गुड़ की मात्रा भी तय कर दी गई है। उचित मूल्य की दुकानों को साफ तौर पर कहा गया है कि वे आबंटन के अनुसार ही सामग्रियों का वितरण करें और पारदर्शिता बनाए रखें। ई-पॉस मशीन से होगा सत्यापन राशन लेने के लिए हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। चूंकि इस बार दो महीने का चावल एक साथ मिल रहा है, इसलिए ई-पॉस मशीन में फरवरी और मार्च के लिए अलग-अलग अंगूठा लगाना (बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण) अनिवार्य होगा। खाद्य विभाग के सॉफ्टवेयर में इसके लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे उपभोक्ताओं को पहले से इसकी जानकारी दे दें ताकि सत्यापन के दौरान समय कम लगे। भंडारण और स्टॉक की स्थिति मजबूत खाद्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के गोदामों और उचित मूल्य की दुकानों में अनाज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने वितरण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विशेष टीम तैनात की है जो रोजाना स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट चेक करेगी। यदि किसी दुकान पर राशन की कमी पाई जाती है, तो वहां तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस फैसले से गरीब परिवारों को अग्रिम राशन मिलने से काफी मदद मिलेगी। बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य राशन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ई-पास (e-PoS) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य रखा है। चूंकि इस बार दो महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है, इसलिए हितग्राहियों को मशीन पर दो बार (पृथक-पृथक) अंगूठा लगाकर प्रमाणीकरण करना होगा। एईपीडीएस (AePDS) सॉफ्टवेयर में इसके लिए आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। दुकानदारों को भी निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया के बारे में पहले से जानकारी दें ताकि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। भंडारण और निगरानी के कड़े निर्देश सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो महीने का राशन एकमुश्त (CG News) देने के कारण उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त स्टॉक होना अनिवार्य है। खाद्य विभाग के नियंत्रकों ने पुष्टि की है कि गोदामों से चावल का उठाव तेजी से किया जा रहा है और वितरण की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, मिलिंग की धीमी गति के कारण कुछ क्षेत्रों में स्टॉक की चुनौतियों की चर्चा थी, लेकिन विभाग ने दावा किया है कि वितरण में कोई बाधा नहीं आएगी और प्रत्येक पात्र परिवार को उनका हक समय पर मिलेगा।

भारत-पाक मुकाबले में ये 3 खिलाड़ी बन सकते हैं गेमचेंजर, कोलंबो में दिखेगा SKY का कमाल

कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) का 27वां मुकाबला रविवार, 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं टीम इंडिया के उन तीन खिलाड़ियों के बारे में जो कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में इंडियन कैप्टन सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते हैं। हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya): हमने अपनी इस लिस्ट में सबसे पहले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का नाम रखा है। ये 32 साल का खिलाड़ी अपनी बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों के दम पर ही पाकिस्तानी टीम की धज्जियां उड़ाने की काबिलियत रखता है। टी20 इंटरनेशनल में हार्दिक के नाम 131 मैचों में लगभग 145 की स्ट्राइक रेट से 2,128 रन और 107 विकेट दर्ज हैं। बता दें कि उन्होंने T20I में पाकिस्तान के 9 मैचों में 15 विकेट निकाले हैं और 98 रन बनाए हैं। तिलक वर्मा (Tilak Varma): इस खास लिस्ट में हमने दूसरे नंबर पर 23 साल के युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा को जगह दी है। याद दिला दें कि पिछली बार जब एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत-पाक की टक्कर हुई थी तब तिलक ही संकटमोचन साबित हुए थे। उन्होंने दुबई के मैदान पर 53 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी। खास बात ये है कि तिलक पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 130 की औसत से 130 रन ठोक चुके हैं। उनके नाम T20I में 42 मैचों में 48 की औसत से 1233 रन दर्ज हैं। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav): कोलंबो के मैदान पर स्पिन गेंदबाज़ों के लिए जरूर मदद रहेगी, यही वज़ह है हमारी लिस्ट में शामिल तीसरे और आखिरी खिलाड़ी टीम इंडिया के सबसे अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव हैं। 31 साल के कुलदीप देश के लिए 53 टी20 इंटरनेशनल में 94 विकेट चटका चुके हैं। सबसे जरूरी बात उन्होंने पाकिस्तान के सामने 3 मैचों में 8 विकेट निकाले हैं। एशिया कप 2025 के फाइनल में तो उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर पाकिस्तान के 4 खिलाड़ियों को समेट दिया था। चामिंडा वास ने बताया, फाइनल को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी  श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास ने साफ कहा, भारत-पाक मैच का नतीजा स्किल से ज्यादा प्रेशर हैंडलिंग तय करेगी. वास के मुताबिक, “जो टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, वही बाजी मारेगी.” पाकिस्तान के किन खिलाड़ियों से भारत को खतरा? चामिंडा वास ने पाकिस्तान की ओर से दो नाम खास तौर पर लिए जो बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी का रहा. उन्होंने कहा कि भारत को जीत के लिए इन दोनों के असर को सीमित करना होगा. भारत के मैच-विनर कौन? भारतीय टीम पर बात करते हुए वास ने कई खिलाड़ियों को गेम-चेंजर बताया जिसमे अभिषेक शर्मा जो तेज शुरुआत से विपक्ष पर दबाव डालते हैं और जसप्रीत बुमराह जो डेथ ओवरों के सबसे भरोसेमंद हथियार हैं. इसके साथ ही वास ने सूर्यकुमार यादव का नाम भी लिया, सूर्या 360-डिग्री शॉट्स से किसी भी अटैक को तोड़ने की क्षमता रखते है और USA के खिलाफ इसकी झलक भी दिखाई. इस कड़ी में उन्होंने हार्दिक पांड्या का भी नाम शामिल किया जो बैट-बॉल दोनों से संतुलन बनाने में माहिर हैं और संजू सैमसन को भी मैच विनर कि लिस्ट में शामिल किया जो मिडिल ऑर्डर में एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं. वास का मानना है कि भारत की ताकत उसकी गहराई और हरफनमौला खिलाड़ी हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में मैच जीता सकते हैं. इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें अभिषेक शर्मा भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। अभिषेक अगर फिट होकर पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलते हैं, तो ये पाक टीम के लिए बुरी खबर होगी। शर्मा ने एशिया कप में पाकिस्तानी गेंदबाजों को खूब परेशान किया था और उन्होंने शाहीन अफरीदी को पहली गेंद पर छक्का लगाया था। अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाज दबाव में आ जाते हैं और इसी वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज पर सभी निगाहें रहने वाली हैं। वरुण चक्रवर्ती भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती अपनी स्पिन के जाल से बल्लेबाजों को फंसाने में माहिर है। वे इस समय टी20 के दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं और उनकी विविधता के कारण बल्लेबाजों को पढ़ने में आसानी नहीं होती। कोलंबो की पिच आमतौर पर स्पिनर्स को मदद करती है और ऐसे में वरुण और भी घातक हो सकते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ होने इस मुकाबले में वरुण पर भी सभी की नजरें टिकी होंगी।  

IND vs PAK से पहले रणनीति तैयार, पाकिस्तान बदल सकता है अपनी प्लेइंग XI

कोलंबो. पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों ( दो स्पिनर और दो तेज गेंदबाज) के साथ उतर सकता है। टीम के करीबी एक सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच माइक हेसन और कप्तान सलमान अली आगा इस मैच में दोनों विशेषज्ञ स्पिनरों अबरार अहमद और उस्मान तारिक के साथ-साथ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी और सलमान मिर्जा को खिलाने के इच्छुक हैं। टीम प्रबंधन शादाब खान, मोहम्मद नवाज और फहीम अशरफ में से एक ऑलराउंडर को बाहर करने पर भी विचार कर सकता है। सूत्र ने कहा, ''टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र समस्या यह है कि यदि वे चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ जाते हैं तो फहीम, शादाब और नवाज में से किसे बाहर बिठाना है, इस पर फैसला लेना होगा। '' उन्होंने बताया कि सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा, बाबर आजम और उस्मान खान बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पांच स्थान पर हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को छठे और सातवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा जिसके बाद चार गेंदबाज होंगे। सूत्र ने कहा कि नवाज के बाहर बैठने की संभावना है क्योंकि वह बाएं हाथ के स्पिनर हैं और भारत के पास अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दूबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सूत्र ने कहा, ''माहौल यह है कि फहीम को खिलाना बेहतर होगा क्योंकि वह अच्छी फॉर्म में हैं और जरूरत पड़ने पर तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही शादाब की लेग स्पिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी होगी। '' उन्होंने कहा कि अबरार, उस्मान, शादाब और सईम अयूब स्पिन विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं इसलिए टीम प्रबंधन को भरोसा है कि इस 'हाई-प्रोफाइल' मैच में नवाज के बिना भी काम चलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच का अंतिम मुआयने और मौसम की स्थिति देखने के बाद अंतिम फैसला बदल भी सकता है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहली बार प्रेमदासा स्टेडियम में खेलेगा। पिछले महीने पाकिस्तान ने श्रीलंका में टी20 सीरीज जीती थी लेकिन सभी मैच दांबुला में खेले गए थे जबकि टीम ने अपने दोनों टी20 विश्व कप मुकाबले नीदरलैंड और अमेरिका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले हैं। पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन: सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान, शादाब खान, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।

जनगणना 2026: डिजिटल तरीके से खुद भरें डेटा, एक मई के बाद 33 प्रश्नों का जवाब तैयार रखें

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया। अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है। लैपटाप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन, घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और मोबाइल नंबर।

EU-US समझौतों से खुलेगा 60 ट्रिलियन डॉलर का मौका, पीयूष गोयल का बड़ा बयान

 नई दिल्‍ली कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के लिए एक बड़ा मार्केट खुलने जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि भारत के लिए अमेरिका और यूरोपीय यूनियन मिलकर एक्सपोर्टर्स के लिए लगभग 55-60 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोल रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि इन देशों से डील के साथ ही हमने किसानों और 95% से ज्‍यादा खेती की उपज के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है.  शुक्रवार को एक बिजनेस समिट में बोलते हुए गोयल ने कहा कि AI से नौकरियां जाने के डर को भी खत्‍म किया है. यह इंसानों की जगह नहीं लेगा, सिर्फ काम का तरीका बदल जाएगा और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा. उन्‍होंने कई रिफॉर्म और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया.    गोयल ने कहा कि आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन मोड में रिफॉर्म एक्सप्रेस को आगे बढ़ाया है. भारत ने पिछले कुछ महीनों में न्यूज़ीलैंड, UK, ओमान, EU के साथ FTA डील किया है और अमेरिका के साथ एक अंतरिक ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल किया है. सिर्फ अमेरिका में 20 ट्रिलियन का मार्केट  कुछ दिन पहले ही पीयूष गोयल ने कहा था कि अमेरिका के साथ डील के बाद भारत को एक बड़ा मार्केट मिलने जा रहा है. अब भारत के छोटे-मध्‍यम उद्योग से लेकर एग्री और टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री की अमेरिका में कीफायती दाम पर एंट्री होगी. इस डील से अमेरिका के 20 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुल चुका है.  वहीं इससे पहले अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्‍मक टैरिफ को हटाते हुए, रेसिप्रोकल टैरिफ को 18% पर कर दिया. अमेरिकी  राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी थी. गौरतलब है कि भारत पर अमेरिका ने रूस तेल खरीदारी को लेकर 25 फीसदी एक्स्‍ट्रा टैरिफ लगा दिया था, जो बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. इसके बाद से ही दोनों देशों के साथ डील पर चर्चा चल रही थी और अब इस डील पर मोहर लगने जा रहा है.  27 देशों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट  अमेरिका से अंतरिक व्‍यापार समझौता से पहले भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया था. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत 27 देशों के समूह यूरोपीय यूनियन और भारत ने दोनों देशों की ज्‍यादातर चीजों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जाहिर की है. इन डील्‍स के जरिए 99 फीसदी भारतीय उत्‍पादों पर टैरिफ कम होगा. संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखा गया है.

दुनिया की दिग्गज कंपनियों का भारत रुख: Google और Nvidia के CEO की यात्रा के मायने

 नई दिल्ली भारत में इस बार दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण AI सम्मेलन होने वाला है. हम बात कर रहे हैं India AI Impact Summit 2026 की, जो अगले हफ्ते शुरू होने वाला है. ये इवेंट 16 फरवरी को शुरू होगा और 20 फरवरी तक चलेगा. इसका आयोजन भारत मंडपम में होगा.  इस इवेंट में 100 से ज्यादा देशों के डेलिगेशन के हिस्सा लेंगे. इसमें 15 से 20 सरकारों के प्रमुख, 50 से ज्यादा मंत्री और 50 से ज्यादा दुनिया भर की प्रमुख कंपनी के CEO शामिल होंगे. इसमें भारतीय कंपनियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. समिट में AI इकोसिस्टम से जुड़े लगभग 500 प्रमुख व्यक्ति भी शामिल होंगे. इसमें इनोवेटर्स, रिसर्चर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं. अगर चर्चित नामों की बात करें, तो गूगल CEO सुंदर पिचाई से लेकर एंथ्रॉपिक के डारियो अमोडेई तक इसका हिस्सा होने वाले हैं.  भारत इस बार AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन कर रहा है. इस कार्यक्रम में ना सिर्फ टेक और AI सेक्टर के दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. बल्कि 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति भी शामिल होंगे. कौन-कौन लेगा हिस्सा?      गूगल CEO सुंदर पिचाई     DeepMind के सीईओ डेमिस हसाबिस     OpenAI CEO सैम अल्टमैन     एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई     Nvidia सीईओ जेन्सेन हुआंग     माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ     मेटा के चीफ AI साइंटिस्ट यान लेकुन      क्वालकॉम CEO क्रिस्टियानो एमोन और कई नाम शामिल होंगे.  कैसे रजिस्टर कर सकते हैं आप?  India AI Impact Summit 2026 के लिए रजिस्टर करना बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट impact.indiaai.gov.in पर जाना होगा. यहां आपको रजिस्टर नाउ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आपको रजिस्टर ऐज डेलिगेट पर जाना होगा. यहां आपको पर्सनल डिटेल्स देनी होंगी. इसमें नाम और कई दूसरी जानकारियां शामिल हैं. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आप 5 दिनों तक चलने वाले इस इवेंट में हिस्सा ले सकेंगे. इस इवेंट में 700 से ज्यादा सेसन होंगे, जिसमें AI सेफ्टी, गवर्नेंस, एथिकल फ्रेमवर्क, डेटा प्रोटेक्शन और भारत के संप्रभु AI रणनीति पर बात होगी.   

महाशिवरात्रि पर आज शिव बारात में CM हेमंत सोरेन होंगे शामिल

रांची. महाशिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर पहाड़ी मंदिर से रविवार को दोपहर तीन बजे शिव बारात निकाली जाएगी। श्री शिव बारात आयोजन महासमिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दीप प्रज्वलित कर शिव बरात को रवाना करेंगे। उनके साथ सुबोधकांत सहाय, विधायक सीपी सिंह, कुणाल अजमानी, राजेश साहू एवं बादल सिंह मौजूद रहेंगे। प्रवक्ता बादल सिंह ने बताया कि इस वर्ष भगवान शिव कर्पूरगौरं करुणावतारं स्वरूप में अपने भूत-प्रेतों की टोली के साथ नजर आएंगे। 51 माताएं दूल्हे के रूप में सजे भोलेनाथ का परछन एवं दिव्य आरती करेंगी। शिव बरात में राम-लक्ष्मण-सीता, राधा-कृष्ण और मां दुर्गा की झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। भूत-प्रेतों की टोली तांडव नृत्य करते हुए बारात की शोभा बढ़ाएगी। इन मार्गों से गुजरेगी बारात बारात पहाड़ी मंदिर मुख्य द्वार से निकलकर शनि मंदिर अपर बाजार, शहीद चौक, फिरायालाल चौक, गांधी चौक, महावीर चौक और रातू रोड होते हुए पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां सनातन विधि-विधान से भगवान शिव का विवाह संपन्न होगा।  इको-फ्रेंडली झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के अनुसार इस बार बारात पूरी तरह इको-फ्रेंडली होगी। देशभर से कलाकार शामिल होंगे। शिव तांडव, 21 बालिकाओं द्वारा काली तांडव, अघोरियों का तांडव नृत्य, भजन संध्या, छऊ नृत्य, डीजे और झारखंड की प्रसिद्ध ताशा पार्टी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। राधा-कृष्ण का मनमोहक प्रेम नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। 20 से अधिक सजे-धजे वाहन होंगे शामिल बारात में पांच रथ घोड़ा सारथियों के साथ चलेंगे तथा कुल 20 से 21 वाहन फूलों से सजाए जाएंगे। आयोजन महासमिति द्वारा 'हर घर शिव' कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। संरक्षक जितेंद्र सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य के भागी बनें। रांची के पवित्र एवं ऐतिहासिक पहाड़ी स्थित महाकाल मंदिर परिसर में रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति द्वारा भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन  सुरेश्वर महादेव में हल्दी रस्म, गाए गए मंगल गीत सुरेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार को बाबा भोलेनाथ को पारंपरिक रीति-रिवाज से हल्दी चढ़ाई गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंगल गीत गाए और श्रद्धा के साथ बाबा को हल्दी अर्पित किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। बाबा भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया गया तथा विधिवत आरती संपन्न हुई। मड़वा (मंडप) का कार्यक्रम भी किया गया। शनिवार को मेहंदी की रस्म अदा की जाएगी। 15 को शिव बरात चुटिया स्थित श्री राम मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि में शुभ विवाह का आयोजन होगा। मंदिर के अध्यक्ष सुरेश साहू एवं महासचिव संतोष सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। दूरदर्शन केंद्र से प्रसारित होंगे नए धारावाहिक दूरदर्शन केंद्र रांची की ओर से धारावाहिकों का निर्माण किया गया है। यह केंद्र दर्शकों के लिए तीन नए धारावाहिक प्रस्तुत करने जा रहा है। इन धारावाहिकों में हास्य, रहस्य–रोमांच और पारिवारिक संवेदनाओं का समृद्ध समावेश किया गया है। तीनों धारावाहिक डीडी झारखंड पर निर्धारित समयानुसार प्रसारित किए जाएंगे। पारिवारिक हास्य धारावाहिक ‘तिकड़मबाज’ शीघ्र ही दर्शकों का सबसे पहले मनोरंजन करने आ रहा है। यह धारावाहिक प्रत्येक शनिवार रात्रि आठ बजे प्रसारित होगा। कार्यक्रम: सुरेश्वर महादेव मंदिर केतारी बगान में भगवान भोलेनाथ का मेहंदी कार्यक्रम, अपराह्न 3 बजे l कार्यक्रम: मातृ पितृ पूजन दिवस के अवसर पर सुविचार वाहन यात्रा का आयोजन, संध्या 5 बजे l पूजा अर्चना: श्री श्याम मंडल की ओर से श्री श्याम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, संध्या 5 बजे l पूजा अर्चना: पुंदाग के श्री राधा कृष्ण मंदिर में भंडारा सह पूजा का आयोजन, संध्या 5 बजे।

रूस-अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत को तेल बेचने में सबसे आगे, रोजाना 1.13 मिलियन बैरल क्रूड

नई दिल्ली फरवरी के पहले हिस्से में सऊदी अरब ने भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने में रूस को पीछे छोड़ दिया है. कीमतों में कटौती और कम भाड़ा लागत के चलते सऊदी अरब एक बार फिर भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बनकर उभरा है. वैश्विक शिप ट्रैकिंग फर्म केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के पहले 10 दिनों में सऊदी अरब ने भारत को औसतन 11.3 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) कच्चा तेल भेजा, जबकि रूस की ऑयल सप्लाई 10.9 लाख बीपीडी रही. करीब एक साल बाद सऊदी अरब की सप्लाई फिर 10 लाख बीपीडी के पार पहुंची है. एक महीने में बदल गई पूरी तस्वीर लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस वक्त भारत ने रूस से 11.4 लाख बीपीडी तेल आयात किया था. इसके बाद इराक से 10.3 लाख बीपीडी और सऊदी अरब से करीब 7.74 लाख बीपीडी तेल आया था. हालांकि फरवरी की शुरुआत में ही तस्वीर बदलती दिख रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बदलाव भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के बाद सामने आया है. अमेरिका ने भारत पर प्रस्तावित रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने और रूसी तेल खरीद को हतोत्साहित करने के लिए लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को हटाने की घोषणा की है. इसके बाद भारत ने रूस पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने के संकेत दिए हैं. 90 फीसदी तेल का आयात करता है भारत भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत आयात करता है और वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदार है. साथ ही भारत चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर भी है, जिसकी रिफाइनिंग क्षमता 258 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जो 2030 तक बढ़कर 309 मिलियन टन से ज्यादा होने की उम्मीद है. सऊदी अरब से सप्लाई बढ़ने की एक बड़ी वजह कम ट्रांसपोर्ट लागत भी है. सऊदी अरामको ने प्रति बैरल 30 सेंट का प्रीमियम हटाकर अपने तेल की कीमत को ओमान और दुबई ग्रेड के बराबर कर दिया है. इसके अलावा पश्चिम एशिया से भारत तक तेल पहुंचने में करीब तीन दिन लगते हैं, जबकि अमेरिका से यही समय 45 से 55 दिन तक का होता है. ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब के पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता है, जिससे वह जरूरत पड़ने पर तेजी से सप्लाई बढ़ा सकता है. यही वजह है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है. फिलहाल रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक दबावों के बीच भारत का झुकाव एक बार फिर सऊदी अरब की ओर बढ़ता दिख रहा है. शुरुआती संकेत यही बताते हैं कि आने वाले महीनों में भारत के तेल आयात मानचित्र में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

क्या लिव-इन पार्टनर पर दहेज का केस संभव? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट इस समय एक बेहद महत्वपूर्ण और जटिल कानूनी प्रश्न पर विचार कर रहा है, जिसमें क्या एक विवाहित पुरुष के खिलाफ उसकी लिव-इन पार्टनर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A (दहेज प्रताड़ना) के तहत मुकदमा दर्ज करा सकती है? मामले की पृष्ठभूमि यह मामला कर्नाटक के एक हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर लोकेश बीएच से जुड़ा है। लोकेश का विवाह साल 2000 में हुआ था, लेकिन एक अन्य महिला ने दावा किया कि उसका विवाह लोकेश से 2010 में हुआ और उसने उन पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा जलाने के प्रयास का आरोप लगाया। लोकेश ने इन आरोपों को नकारते हुए तर्क दिया कि उनके और महिला के बीच कभी कोई वैध विवाह नहीं हुआ, इसलिए धारा 498A लागू ही नहीं होती। हाई कोर्ट बनाम सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक हाई कोर्ट ने डॉक्टर की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि धारा 498A के प्रावधान लिव-इन रिलेशनशिप पर भी लागू हो सकते हैं। इस फैसले को चुनौती देते हुए डॉक्टर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनके वकील का तर्क है कि कानून के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, केवल 'वैध पत्नी' ही पति या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ यह शिकायत दर्ज करा सकती है। सुप्रीम कोर्ट का क्या है रुख? जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने इस सवाल को 'विचारणीय' माना है। न्यायालय ने केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा है और वरिष्ठ अधिवक्ता नीना नरिमन को 'एमिकस क्यूरी' (अदालती सलाहकार) नियुक्त किया है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या "विवाह के समान" (Marriage-like) लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पुरुष पर दहेज प्रताड़ना का मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं।