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भविष्य की नौकरियों पर AI का कहर, 2027 तक ज्यादातर जॉब्स खत्म; केवल पांच क्षेत्र में रहेंगी अवसर

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक प्रमुख विशेषज्ञ ने ऐसी चेतावनी दी है जिसने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है. लैटवियन मूल के कंप्यूटर साइंटिस्ट और लुइसविल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. रोमन याम्पोलस्की ने ‘द डायरी ऑफ ए सीईओ’ पॉडकास्ट में स्टीवन बार्टलेट से बातचीत में कहा कि 2027 तक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) आ सकता है, जो इंसानों से बेहतर हर संज्ञानात्मक काम कर सकेगा. इसके साथ ही अगले पांच सालों में 99 प्रतिशत नौकरियां गायब हो जाएंगी. डॉ. याम्पोलस्की, जिन्होंने AI सेफ्टी और रिस्क पर 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, ने कहा, “कोई भी जॉब ऐसी नहीं जो ऑटोमेटेड ना हो सके. पहले की सभी तकनीकें इंसानों की मदद करती थीं, लेकिन AI सब कुछ खुद कर लेगा.” इसका नतीजा होगा कि लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ जाएगा. इन जॉब्स पर सबसे अधिक खतरा एक्सपर्ट ने बताया कि सबसे पहले कंप्यूटर पर होने वाले काम ऑटोमेट हो जाएंगे, फिर ह्यूमनॉइड रोबोट्स के आने से फिजिकल लेबर भी 5 साल पीछे रह जाएगा. 2030 तक रोबोट्स इतने प्रभावी हो जाएंगे कि सभी फिजिकल काम भी AI संभाल लेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे पहले कभी नहीं देखी गई स्तर की बेरोजगारी आएगी. “10 प्र.तिशत बेरोजगारी भी डरावनी है, लेकिन एआई की वजह से 99 प्रतिशत तक बेरोजगारी हो जाएगी.” उन्होंने कहा कि आज के मॉडल्स से ही 60 प्रतिशत जॉब्स रिप्लेस हो सकती हैं और कई जॉब्स तो ‘बुलशिट जॉब्स’ हैं जो बिना ऑटोमेशन के ही खत्म हो जाएंगे. रिट्रेनिंग का कोई फायदा नहीं, क्योंकि “प्लान बी नहीं है.” आएगा आइआइ का बाप डॉ. याम्पोलस्की ने AGI के आने को 2027 तक संभावित बताया, जो प्रेडिक्शन मार्केट्स और लीडिंग AI लैब्स के सीईओज की भविष्यवाणियों पर आधारित है. इसके बाद सुपरइंटेलिजेंस आ सकती है, जो इंसानों से कहीं ज्यादा स्मार्ट होगी. लेकिन उनका मुख्य फोकस जॉब्स पर है. उन्होंने कहा कि क्रिएटिव काम, मीडिया, पॉडकास्टिंग सब AI से बेहतर हो सकता है क्योंकि AI तेज, सटीक और डेटा-ड्रिवन है. फिर भी, कुछ जॉब्स बचे रह सकते हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है. उन्होंने सिर्फ 5 तरह के काम बताए जहां लोग इंसान को प्राथमिकता देंगे: पर्सनल सर्विसेज फॉर द रिच – जैसे अमीर लोग अपने अकाउंटेंट, पर्सनल असिस्टेंट या अन्य सर्विसेज में इंसान चाहेंगे, जैसे वॉरेन बफेट AI की बजाय ह्यूमन अकाउंटेंट चुनते हैं. इमोशनल या पर्सनल टच वाली जॉब्स – जहां इंसानी भावनाएं, एम्पैथी या ट्रस्ट जरूरी हो, जैसे कुछ थेरेपी या पर्सनल रिलेशनशिप रोल्स, लेकिन ये भी सीमित होंगे. AI ओवरसाइट एंड रेगुलेशन – AI सिस्टम्स को कंट्रोल, मॉनिटर और रेगुलेट करने वाले एक्सपर्ट्स, क्योंकि सेफ्टी इश्यूज रहेंगे. इंटरमीडियरीज या AI एक्सप्लेनर्स – जो AI को समझकर कंपनियों या लोगों के लिए इसे डिप्लॉय और एक्सप्लेन करेंगे. प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स या स्पेशलाइज्ड AI हैंडलर्स – शुरुआत में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसी जॉब्स, लेकिन लंबे समय में ये भी कम हो सकती हैं. ये जॉब्स सिर्फ छोटे सेक्शन के लिए होंगी, ज्यादातर लोगों के लिए नहीं होगी. उन्होंने कहा कि समाज को यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) जैसी व्यवस्था अपनानी पड़ेगी, क्योंकि AI से इतनी अबंडेंस आएगी कि काम की जरूरत नहीं रहेगी. लेकिन खतरा ये है कि सिस्टम तैयार नहीं हैं. यह चेतावनी भारत जैसे देशों के लिए और भी गंभीर है, जहां युवा बेरोजगारी पहले से समस्या है. अगर AI इतनी तेजी से जॉब्स छीन लेगा, तो लाखों-करोड़ों लोग प्रभावित होंगे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारों को अभी से पॉलिसी बनानी चाहिए, स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करना चाहिए, लेकिन डॉ. याम्पोलस्की मानते हैं कि रिट्रेनिंग काफी नहीं होगी.  

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, देशी शराब होगी महंगी; जानें नई दरें कब से लागू

लखनऊ  यूपी कैबिनेट ने प्रदेश की नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. 1 अप्रैल से यूपी में देसी शराब के दाम बढ़ जाएंगे. देसी शराब के दाम में लगभग 5 रुपए बढ़ेंगे. 36% अल्कोहल वाली देसी शराब 165 से बढ़कर 173 रुपए की हो जाएगी. अन्य किस्म की शराब के दामों में कोई संशोधन नहीं हुआ. यूपी सरकार ने 2026-27 के लिए आबकारी को 71,278 करोड़ का राजस्व लक्ष्य दिया है. वहीं शहरी क्षेत्र में दुकानों का देसी शराब का कोटा घटेगा. शराब की फुटकर दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से होगा. अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस 7.5% बढ़ाई गई है. नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में लो अल्कोहलिक स्ट्रैंथ बेवरेज बियर, वाइन और आरटीडी के बाहर लाइसेंस मिल सकेंगे. यूपी में निर्मित शराब और आबकारी के अन्य उत्पादों को विदेश में भी निर्यात होगा. इसके अलावा यूपी में एक अप्रैल से नई नीति लागू होने के बाद अंग्रेजी शराब 10 से 30 रुपये तक महंगी हो जाएगी. देशी शराब के यह दाम प्रति बोतल के हिसाब से बढ़े हैं, इसी आधार पर हाफ क्वॉर्टर और बच्चा की रेट में भी बढ़ोत्तरी हुई है. यानी कोटा 7.5 फीसदी बढ़ा है और 7.5 फीसदी ही लाइसेंस शुल्क भी बढ़ा है. 7.5 फीसदी की यही बढ़ोतरी अंग्रेजी शराब की तरह बीयर पर भी लागू होगी. एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में कई नए प्रावधान किए गए है. कोटेदारों (अनुज्ञापी) को राहत देने वाली इस नीति में पहली बार देसी शराब में 100 एमएल का मिनिएचर ‘बच्चा’ उतारा गया. 42.8 डिग्री तीव्रता वाला यह ‘बच्चा’ बाजार में 50 रुपये का बिकेगा.  

वेटलैंड संरक्षण पर मंथन, राज्य प्राधिकरण की चौथी बैठक संपन्न

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक आयोजित वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण  केदार कश्यप की अध्यक्षता में प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक का आयोजन अरण्य भवन,अटल नगर में किया गया। बैठक में मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विकासशील, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण कुमार पाण्डेय, सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग, सदस्य सचिव तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।            यह प्राधिकरण राज्य के आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण, प्रबंधन, उनके पारिस्थितिक स्वरूप को बनाए रखने और उन पर होने वाली गतिविधियों के नियमन के लिए उत्तरदायी है। यह प्राधिकरण गिधवा-परसदा और कोपरा जैसे जलाशयों के संरक्षण, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा, और जिला स्तर पर बनी समितियों के माध्यम से प्रबंधन की निगरानी करता है।          बैठक में रामसर सचिवालय से प्राप्त कोपरा जलाशय के रामसर प्रमाणपत्र का विमोचन किया गया। इसके साथ ही कोपरा जलाशय तथा गिधवा-परसदा वेटलैण्ड काम्प्लेक्स के लोगों का भी अनावरण किया गया। बैठक में राज्य के वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण, संवर्धन और विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

अमरकंटकताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 नाट आउट 500 दिन

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की दो ताप विद्युत यूनिट ने शुक्रवार को बिना रूके लगातार विद्युत उत्पादन करने का नया रिकार्ड बनाया। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS)की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने 500 दिन और सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 ने 100 दिन बिना रूके लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 देश के सार्वजनिक क्षेत्र की तीसरी व स्टेट सेक्टर की प्रथम विद्युत यूनिट है जिसने लगातार 500 दिन विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से सतत् विद्युत उत्पादन कर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र में एनटीपीसी की दो यूनिट क्रमश: 644 व 559 दिन तक संचालित रही हैं। पेशेवर रूख, प्रतिबद्धता और तकनीकी काबिलियत का उदाहरण है चचाई यूनिट ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह गर्व की बात है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में किसी भी बिजली बनाने वाली यूनिट द्वारा हासिल किया गया लगातार चलने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि बिना किसी बड़े आउटेज के इतने लंबे समय (500 दिन) तक बिना रुके विद्युत ऑपरेशन जारी रखना अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के पेशेवर रूख, प्रतिबद्धता व तकनीकी काबिलियत का उदाहरण है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 हासिल किए उच्च मापदंड अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने 500 दिन बिना रूके शानदार प्रदर्शन में इंडेक्स प्लांट टीम द्वारा लगातार बनाई गई क्षमता, विश्वसनीयता और तकनीकी उत्कृष्टता के उच्च मापदंड स्पष्ट रूप से दिखते हैं। यूनिट नंबर 5 ने 98.64 फीसदी प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ), 95.30 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व 9.28 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन हासिल किया है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 ने किया 100 दिन सतत् विद्युत उत्पादन सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 ने 100 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया। यह यूनिट 5 नवम्बर 2025 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। यूनिट ने इस दौरान 100.16 फीसदी प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ), 92.85 फीसदी प्लांट यूटिलाइजेशन फेक्टर (पीएलएफ) व 8.23 प्रतिशत ऑक्जलरी खपत को हासिल कर ऑपरेशनल विश्वसनीयता व दक्षता का प्रदर्शन किया। सारनी की यूनिट नंबर 10 इससे पूर्व इसी वित्तीय वर्ष में 200 दिन से अधिक तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बना चुकी है।  

DGCA का बड़ा एक्शन: सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर एयर इंडिया पर एक करोड़ का फाइन

नई दिल्ली  एयर इंडिया पर डीजीसीए ने एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया की एयरबस ने बिना जरूरी परमिशन के उड़ान भरी। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि आठ बार हुआ। सुरक्षा में लापरवाही को लेकर एयर इंडिया पर चला डंडा, DGCA ने ठोका एक करोड़ रुपए का जुर्माना एयर इंडिया पर डीजीसीए ने एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया की एयरबस ने बिना जरूरी परमिशन के उड़ान भरी। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि आठ बार हुआ। डीजीसीए ने इसको बहुत गंभीर किस्म का उल्लंघन माना है। साथ ही लापरवाही के लिए टॉप लेवल मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। डीजीसीए ने जुर्माना लगाते हुए अपने आदेश में लिखा है कि एयरबस ए320 विमान ने कई सेक्टर्स में उड़ान भरी। इसमें नई दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी शामिल हैं। ऐसा पिछले साल 24 से 25 नवंबर के बीच हुआ। इन उड़ानों के लिए एयर इंडिया ने अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं लिया था। एआरसी एक बेहद अहम सर्टिफिकेट है जो सालाना तौर पर डीजीसीए द्वारा जारी किया जाता है। इसके लिए विमान को सभी जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करना होता है। बिना एआरसी के उड़ान भरना उड़ान के सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। डीजीसीए ने माना बेहद गंभीर डीजीसीए ने एयर इंडिया के इस उल्लंघन को बेहद गंभीर माना है। एनडीटीवी के मुताबिक इसे एयरलाइन की कैजुअल अप्रोच बताया गया है। जानकारी के मुताबिक डीजीसीए ने कहाकि इस तरह के उल्लंघन को लेकर हम बहुत कड़ी कार्रवाई करते हैं। इसलिए जितनी ज्यादा संभव हो सकती थी, उतनी पेनाल्टी लगाई गई है। जब किसी संस्था पर जुर्माना लगाया जाता है तो जिम्मेदार मैनेजर को नोटिस दी जाती है। डीजीसीए ने शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय की है, और एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया है। एयर इंडिया ने क्या कहा डीजीसीए के आदेश का जवाब देते हुए, एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहाकि एयर इंडिया ने 2025 में स्वेच्छा से रिपोर्ट किए गए एक घटना से संबंधित डीजीसीए आदेश की प्राप्ति को स्वीकार किया है। सभी पहचाने गए गैप्स को तब से संतोषजनक रूप से संबोधित किया गया है, साथ ही प्राधिकरण के साथ साझा किया गया है। एयर इंडिया अपने संचालन की निष्पक्षता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता में अडिग है।  

खुद को IAS बताकर मंत्रालय पहुंचा युवक, पूछताछ में फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

भोपाल मंत्रालय में शुक्रवार को एक व्यक्ति स्वयं को 2019 बैच का अधिकारी बताकर पहुंच गया। योगेंद्र सिंह चौहान नाम का यह व्यक्ति मूल रूप से इंदौर का रहने वाला है और स्वयं को अपर कलेक्टर बताकर कर सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव अजय कटेसरिया के पास स्वयं का तबादला कराने के लिए पहुंचा था। बातचीत में संदेह हुआ तो उन्होंने सुरक्षाकर्मी बुला लिए। पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है। हालांकि, युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई स्वजन को सौंप दिया। योगेंद्र सिंह चौहान स्वयं को आइएएस अधिकारी बताकर सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव के पास पहुंचा था। वह अपना तबादला करने की बात कर रहा था। इससे अजय कटेसरिया को संदेह हुआ। उन्होंने सिलेक्शन बैच पूछा तो वह 2019 बताने लगा। सिलेक्शन बैच वह होता है जिसमें व्यक्ति परीक्षा देता है। संवर्ग का बैच उसके एक साल बाद का होता है। उसे जब और पूछा गया तो बताया कि इंदौर में अपर कलेक्टर पदस्थ हूं लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग मुझे भूल गया है। जब पूछा कि आपका सुरक्षा कर्मी कहां है, तो कहने लगा कि कलेक्टर ने ले लिया है। इस पर संदेह पुख्ता हो गया और फिर उन्होंने मंत्रालय के सुरक्षाकर्मी बुलाकर उन्हें सौंप दिया। मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा ने पूछताछ की। उसे 2019 बैच की सूची दिखाई, जिसमें उसका नाम नहीं था। यह भी पढ़ें- बीएनएस में बदली धारा से खुला रास्ता, कोर्ट ने सुधरने के वादे पर लूट के आरोपियों का राजीनामा किया स्वीकार मानसिक अस्थिर है, हिदायत देकर छोड़ा सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि पूछताछ में ही यह लगा कि वह मानसिक तौर पर अस्थिर लगा। एकटक सुरक्षाकर्मियों को देखता रहा। चेहरे पर कोई चिंता नहीं। उसके पास फर्जी आईडी या अन्य कोई चीज नहीं मिली। स्वजन का नंबर लिया और फिर उन्हें मंत्रालय बुलाया। उन्होंने बताया कि इसका उपचार चल रहा है, जिसके बाद बिना कोई कार्रवाई किए स्वजन के हवाले इस हिदायत के साथ कर दिया कि जब तक उपचार चल रहा है, तब तक ऐसे कहीं जाने न दें।  

खेत-खेत पहुंचा कृषि रथ, किसानों को मिला जैविक खेती का ज्ञान

भोपाल कृषक कल्याण वर्ष 2026 राज्य शासन द्वारा घोषित कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों को खेती की नई पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में हरदा जिले की ग्राम पंचायतों में कृषि रथ का संचालन किया गया। कृषि रथ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कृषकों से सीधा संपर्क कर ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिये जागरूक किया गया। साथ ही नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के स्थान पर उडद, मूंगफली, तिल आदि फसलों को प्रोत्साहन के साथ प्राकृतिक और जैविक कृषि करने के लिए प्रेरित किया गया। मृदा स्वास्थ कार्ड के आधार पर उर्वरकों की संतुलित मात्रा का उपयोग करने और भूमि पर बोई गई फसल अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग करने सहित समसामयिक सलाह भी प्रदान की गई। किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से अनेक जानलेवा बीमारियां बढ़ रही हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती से बीमारियां होने का खतरा नहीं रहता है। प्राकृतिक और जैविक खेती एक ऐसी खेती है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैविक पदार्थों का उपयोग करके फसलें उगाई जाती हैं। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जल संरक्षण होता है, जैव विविधता बढ़ने के साथ किसानों की आय बढ़ती है और फसलों की गुणवत्ता भी अच्छी होती है। किसानों को मिल रही सोलर पम्प की सौगात प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत हरदा जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा सुलभ कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा योजना के तहत हरदा जिले में 361 किसानों का ऑफ ग्रिड सोलर पम्प प्रदाय करने के लिए चयन किया गया है। इस योजना से किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई, कम लागत में खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता का लाभ मिल रहा है।  

धरती का चलता फिरता कल्प वृक्ष है गौमाता: जगदगुरू राजेन्द्रदास महाराज

भोपाल. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में  रेवासा धाम एवं  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौकथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का आज द्वितीय दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महाराज जी के प्रवचनों से क्षेत्र में गौसेवा की भावना निश्चित रूप से सुदृढ़ होगी। गौमाता के आशीर्वाद से यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से समृद्धि की ओर अग्रसर होगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में चल रही दिव्य कथा का देश के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने भी श्रवण किया। उन्होंने महाराज  से आशीर्वाद प्राप्त किया। जगदगुरू  राजेंद्रदास जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज की दुर्दशा का मूल कारण गौवंश की उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति असुरों के पास भी थी, किंतु वह आसुरी संपत्ति थी, दैवीय संपत्ति नहीं। आसुरी संपत्ति मनुष्य को संसार के मोहजाल में फँसाती है, जबकि दैवीय संपत्ति उसे मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है। महाराज जी ने गौ सेवा को सच्ची समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि गौ माता की सेवा से बुद्धि निर्मल होती है, जीवन में सुख-शांति आती है और व्यक्ति के समस्त अशुभ कर्म सहज ही क्षीण हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धरती का कल्याण गौ संरक्षण से ही संभव है तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती ही आने वाले समय का सतत और सात्विक समाधान है। गौमाता धरती का चलता फिरता कल्पवृक्ष है जो सबकी कामनाओं की पूर्ति करती हैं।  राजेंद्रदास जी महाराज ने कहा कि ऋग्वेद में वर्णित है जिस मनुष्य के पास कम से कम एक भी गौ होती है, वह धरती पर इंद्र के समान सौभाग्यशाली माना गया है। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में हजारों गायों का संरक्षण हो रहा है जिससे इसकी कीर्ति बढ़ रही है। रीवा जिले के ही हिनौती गौधाम में 25 हजार गायों के संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। यह गौधाम मध्यप्रदेश का प्रथम गौधाम होगा और मेरा सौभाग्य होगा कि मैं वहां गौमाता की कीर्ति यश का बखान कर सकूं। उन्होंने कहा कि गाय के दर्शन से राधा-कृष्ण का एक साथ दर्शन होता है। गाय संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति का पोषण करती हैं। महाराज  ने कहा कि देवी भागवत में कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को सुरभि माता के प्राकट की कथा है। आज के परिवेश में मनुष्यता खो गई है। मनुष्य के क्षमा, दया, करूणा एवं सेवा आदि के पवित्र गुण विलुप्त हो गये हैं। आदर पूर्वक गौमाता के संरक्षण, संवर्धन व सेवा से ही मानवता आयेगी। महाराज  ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 9 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित किये गये हैं जो सुखपूर्वक निवास करते हैं और पास के जंगल में विचरण करते हैं। उनकी गौशाला में पूरे मनोभाव से सेवा की जाती है। गौवंश वन्य विहार में प्राकृतिक खेती का कार्य किसानों के लिए प्रेरणादायी होगा। शुद्ध, सात्विक, कीटाणु रहित आहार प्राकृतिक खेती से ही प्राप्त हो सकता है। यह क्षेत्र गौसेवा से अपनी दिव्यता को प्रकट कर रहा है। उन्होंने गौसेवा में लगे सेवकों को इस पुनीत कार्य के लिए साधुवाद दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और वातावरण गौमय भक्ति, सेवा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।  

महिला के लिवइन पार्टनर ने की थी गला घोंटकर हत्या

भोपाल निशातपुरा इलाके में हुए महिला के अंधे कत्ल का पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतका के लिविंग पार्टनर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने महिला से पीछा छुड़ाने के लिए उसका गला घोटकर हत्या कर दी और भाई-बहन तथा मां के साथ मिलकर लाश को ठिकाने लगाने के लिए लोहे की पेटी के अंदर भरकर सैप्टिक टैंक में फेंक दिया था। दोनों की पहचान डेटिंग एप के जरिए हुई थी। जानकारी के अनुसार निशातपुरा पुलिस ने गुरुवार को कमल नगर स्थित सेप्टिक टैंक से एक महिला की लाश बरामद की थी, जिसे लोहे की पेटी में भरकर फेंका गया था। शव का पोस्टमार्टम कराने और जांच के दौरान आए साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। आसपास के इलाके में पूछताछ पर शव की पहचान मिसबाह (22) निवासी गोंदिया महाराष्ट्र के रूप में हुई, जो पिछले कुछ समय से कमल नगर में रहने वाले समीर के साथ लिवइन में रह रही थी। पुलिस ने समीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने महिला की गला घोटंकर हत्या करने और एक दिन बाद भाई-बहन और मां के साथ मिलकर उसके शव को ठिकाने लगाने की बात स्वीकार कर ली।  डेंटिंग ऐप से हुई थी दोनों की पहचान  आरोपी समीर ने पुलिस को बताया कि डेटिंग ऐप की माध्यम से उसकी पहचान मिसबाह से हुई थी। उसके बाद अक्टूबर 2025 से वह उसके साथ लिवइन में रह रही थी। दोनों के बीच विवाद होने लगे तो समीर उससे पीछा छुड़ाना चाहता था, लेकिन मिसबाह उससे अलग होने के लिए पैसों की मांग कर रही थी। इसी बात को लेकर बीती सात-आठ फरवरी की रात उनके बीच विवाद हुआ तो समीर ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। एक दिन लाश को घर में रखने के बाद अगले दिन घरवालों के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगा दिया।  चारों आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी समीर, उसके भआई साहिल, बहन सायमा और मां शहनाज को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी कमल नगर के रहने वाले हैं। इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी मनोज पटवा, एसआई श्रीकांत द्विवेदी, अशोक शर्मा, सलीम खान, एएसआई गोपाल सिंह, हेड कांस्टेबल अभिषेक सिंह, राजेन्द्र, रवीश रावत, आरक्षक जितेन्द्र सिकरवार, मधुसूदन, धारा सिंह, शिवराज, राजकुमार, महिला आरक्षक हेमंतिका एवं सपना की सराहनीय भूमिका रही है। पहले पति से हो चुका है तलाक पुलिस ने बताया कि महिला मिसबाह का अपने पति से तलाक हो चुका है। उसका पहला पति गुजरात में रहता है। इधर समीर का अपनी पहली पत्नी से तलाक हो चुका है, जबकि दूसरी पत्नी जबलपुर में रह रही है। वह ऑटो चलाने का काम करता है।घटनास्थल से करीब 200 मीटर पर ही लाश के फेंक गया था, इसलिए मामले को सुलझाने में पुलिस को मदद मिली।

स्वास्थ्य सशक्तिकरण पर जोर: मितानिन सम्मेलन में पहुंचे मंत्री नेताम

रायपुर. उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों का किया गया सम्मान नगरपालिका परिषद रामानुजगंज के पंडित दीनदयाल सभागार में स्वस्थ्य पंचायत मितानिन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आदिमजाति विकास एवं किसान कल्याण, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम द्वारा मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ी महतारी की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने रामानुजगंज में महतारी सदन व विकासखंड अंतर्गत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मितानिनों की बैठक हेतु शेड निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, एएनएम एवं मितानिन दीदियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री  नेताम ने कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में भी मितानिन दीदी सभी निरंतर सेवा भाव से कार्य करती है। मितानिनों के सहयोग से ही स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होता है। साथ ही संस्थागत प्रसव हेतु लोगों को प्रेरित किया जाता है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। सम्मेलन के दौरान जन-संवाद आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 260 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें नए मितानिन नियुक्ति से संबंधित आवेदन, महतारी वंदन योजना, आंगनबाड़ी समस्या, सड़क निर्माण, मितानिन प्रोत्साहन राशि, हैंडपंप नाली निर्माण से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री  नेताम ने विभिन्न आवेदनों का तत्काल निराकरण करते हुए शेष प्रकरणों पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।  इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मती पुष्पा नेताम, नगर पालिका परिषद रामानुजगंज अध्यक्ष  रमन अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष  मुंद्रिका सिंह, उपाध्यक्ष  सुनील तिवारी, गणमान्य नागरिक  शैलेश गुप्ता, ’’ तारावती सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,जनपद सीईओ  रणवीर साय, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में मितानिन उपस्थित थे।