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मेडिकल छात्रा की मौत को लेकर परिजनों ने किया थाने पर प्रदर्शन

भोपाल एमबीबीएस फस्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश की मौत के मामले में धीमी कार्रवाई से नाराज छात्रा के परिजन और ग्रामीण आज अलीराजपुर से भोपाल पहुंचे और कोहेफिजा थाने के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में अलीराजपुर के अलावा भोपाल में पढ़ने वाले समाज के कई अन्य छात्र-छात्राएं एवं नाते-रिश्तेदार भी शामिल हुए। थाने के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह बड़े अधिकारी को बुलाने पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बात की उनके समझाने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि छात्रा खुदकुशी नहीं कर सकती है, इसलिए हर एंगल पर जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों ने परिजनों को ठोस जांच का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही छात्रा के परिजनों और गांव से आए लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार बीती 10 फरवरी को गांधी मेडिकल कॉलेज की मेडिकल छात्रा रोशनी का शव हॉस्टल में संदिग्ध हालत में मिला था। इस मामले में कहा जा रहा था कि छात्रा ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया था। रोशनी के शव के पास ही एसिड की बॉटल भी मिली थी। जब वह सुबह कॉलेज के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स उसे बुलाने के लिए पहुंचे थे, तब मामले का खुलाास हुआ था। परिजनों ने हॉस्टल पर लगाए गंभीर आरोप। छात्रा के परिजनों का कहना है कि वह हॉस्टल में नीचे रहती थी, जबकि उसका शव ऊपरी मंजिल वाले बाथरूम में मिला था। परिजनों ने जब सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो छात्रा ऊपर-नीचे आते-जाते नहीं दिखाई दी। इसके अलावा परिजनों का यह भी आरोप है कि छात्रा की मौत के बाद न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही परिजनों को बताया गया। बल्कि उसे उठाकर सीधे अस्पताल पहुंचा दिया गया।हॉस्टल  द्वारा दिखाए गए फुटेज से परिजन संतुष्ट नहीं हैं, वह छात्रा की मौत को लेकर साजिश बता रहे हैं।परिजनों का कहना है कि पुलिस उनके बयान दर्ज कर रही है, लेकिन जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, वह वापस गांव नहीं लौटेंगे।

बेटे-बेटियों को स्व-रोजगार से जोड़ने में मदद करेगी सरकार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बेटे-बेटियों का विवाह करने के लिए सामूहिक विवाह सबसे उत्तम माध्यम है। समाज में ख़र्चीले विवाहों का प्रचलन चिंतनीय है। मितव्ययिता जरूरी है। हमारा समाज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बदलते वक्त के साथ हमें अपनी सोच भी बदलने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया हैं। शादियों में अनावश्यक खर्च से हमें बचना ही चाहिए। सामूहिक विवाहों से हुई बचत परिवार के लिए अन्य सुविधा जुटाने के लिए उपयोगी हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विवाह और मृत्यु भोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची और दिखावे को बंद करने की आवश्यकता है। बागेश्वर धाम में हो रहे सामूहिक विवाह एक यज्ञ के समान हैं। अच्छाइयां ही हमेशा याद रहती हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भारतीय संस्कृति की भावना को मजबूत करने के लिए छतरपुर को कैंसर अस्पताल की सौगात दी है। हमारे देवस्थान चमत्कारिक होते हैं। मंदिर के आसपास अस्पताल भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को बागेश्वर धाम सरकार में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जितने भी बेटे-बेटियों का विवाह हुआ है, इन्हें किसी भी रोजगार या काम-धंधे की आवश्यकता है, तो सरकार सभी को हर जरूरी सहायता उपलब्ध करायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे जीवनकाल के 16 संस्कारों में विवाह सबसे बड़ा संस्कार है। यह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की राह दिखाता है। उन्होंने सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए 300 नव दंपतियों को शुभकामनाएं दी। भारतीय सनातन संस्कृति को आघात पहुंचाने के लिए दुनियाभर के आक्रांताओं ने भारत भूमि पर आक्रमण किए। गुजरात के देवधाम सोमनाथ मंदिर पर भी आक्रमण किया, लेकिन पिछले 75 साल से सोमनाथ मंदिर की भव्यता दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में भी रामलला भव्य मंदिर में विराजे हैं। उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम ने सनातन संस्कृति को नई दिशा दी है। राज्य सरकार बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के जरिए 51 हजार रुपए की राशि प्रदान कर रही है। सनातन संस्कृति में हर साल तीन ऐसी तिथियां हैं, जब बगैर मुहूर्त के विवाह किए जा सकते हैं। देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया। इन तीनों तिथियों पर पर कन्याओं के सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएं। सामूहिक विवाह से शादियों में होने वाले बेहिसाब खर्चों में कमी आ रही है। समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों को सभी को अपनाना चाहिए। बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्ण के वंशज हैं। वे गौशाला, गौ-मंदिर और गौमाता के लिए न्यास बनाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में उज्जैन में बाबा महाकाल का भव्य महाकाल लोक निर्मित हुआ है। स्थानीय विधायक  अरविंद पटेरिया ने कहा कि बागेश्वर धाम में आयोजित यह 7वां सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन है। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम सहित संपूर्ण बुंदेलखंड के विकास का संकल्प लिया है। वे क्षेत्र के गरीब परिवारों की बेटियों के पिता बनकर शिक्षा, चिकित्सा एवं विवाह में हर संभव सहायता कर रहे हैं। सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार, खजुराहो सांसद  विष्णुदत्त शर्मा, विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक मती ललिता यादव, पूर्व विधायक  प्रद्युम्न सिंह, मती अर्चना सिंह सहित जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

किसानों को उद्यानिकी से जोड़ने के निर्देश, मंत्री कुशवाह बोले– अधिकारी निभाएं मित्र की भूमिका

भोपाल. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने शुक्रवार को सतना जिले में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने किसानों को अधिकारी नहीं, बल्कि उनके मित्र बनकर प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि जिले में उत्पादित प्रमुख उद्यानिकी फसलों के किसानों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करायी जा सकती है। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि कृषि वर्ष 2026 में उद्यानिकी विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को उद्यानिकी की योजनाओं से जोड़कर उद्यानिकी के रकबे का विस्तार करना है। उद्यानिकी अमला किसानों को फूड प्रोसेसिंग, मसालों की खेती और औषधीय खेती की ओर प्रोत्साहित करे। उन्होंने निर्देश दिये कि कृषि आदानों की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि सतना जिले में प्याज और टमाटर के बहुतायत में उत्पादन को देखते हुए टमाटर, प्याज के शैम्पू, पेस्ट, पावडर एवं अन्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने जिला स्तर पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित करें। सतना और मैहर जिले में लगभग 2 लाख हितग्राहियों को मिल रही है सामाजिक सुरक्षा पेंशन सामाजिक न्याय मंत्री  कुशवाह ने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराई जाये। वर्तमान में सतना जिले में एक लाख 23 हजार और मैहर जिले में 69 हजार से अधिक हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को समय-सीमा में और उनकी आवश्यकता के अनुसार सुविधाएँ मुहैया कराना राज्य सरकार का लक्ष्य है। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड अभियान चलाकर बनाये जायें तथा कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का वितरण शिविर लगाकर किया जाये। बैठक में सीईओ जिला पंचायत  शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर  विकास सिंह सहित उद्यानिकी एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। स्व. दयानंद कुशवाह की विचारधारा को आगे बढ़ाने की जरूरत : मंत्री  कुशवाह सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री  कुशवाह ने सतना प्रवास के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य तथा समाज सेवी स्व. दयानंद कुशवाह की प्रथम पुण्य तिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने कहा कि स्व. दयानंद कुशवाह ने शोषित, दलित और पीड़ित वर्ग के लिये संघर्ष किया। उनके द्वारा किये गये कार्यों को सदैव याद रखा जायेगा। श्रद्धांजलि सभा में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, सांसद  गणेश सिंह, विधायक  सिद्धार्थ कुशवाह,  सुरेन्द्र सिंह गहरवार, डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उन्होंने भी स्व. दयानंद कुशवाह के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को किया संबोधित

जनगणना प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने का है अभियान प्रधानमंत्री मोदी ने लिया डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला कलेक्टर-कमिश्नर्स समय-सीमा में पूर्ण करें जनगणना कार्य जनगणना में मजरों-टोलों का भी किया जाए आंकलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, रजिस्ट्रॉर जनरल तथा जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में आखिरी बार वर्ष 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य कार्यों की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जाती हैं। जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की चुनौतियां भिन्न हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाते हुए समयबद्ध रूप से जनगणना की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता का केन्द्र मैदानी प्रशासनिक अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समय सीमा में पूर्ति करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्यौहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में जन भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से मिलावटी मिठाई, रंगों में मिलावट एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। होली के त्यौहार में सामाजिक समरसता सुनिश्चित हो। प्रदेश में जल संरचनाओं के निर्माण में मुआवजे के प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें विकास के साथ-साथ जनभावनाओं का ध्यान भी रखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यों के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। ग्रीष्मकालीन फसलों में राज्य सरकार उड़द और मूंगफली के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। मक्का की फसलों से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने में विभिन्न जिले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। प्रदेश में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज, पंजीयन, आबकारी के अंतर्गत राजस्व संग्रहण लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना को प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे कठिन कार्य माना जाता है। देश में हर 10 साल में जनगणना होती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनगणना, अपनी प्रबंधन दक्षता को सिद्ध करने और अपने अनुभवों का समृद्ध करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस बार तकनीक के बेहतर उपयोग से जनगणना के आंकड़े डिजिटल व्यवस्था के परिणामस्वरूप जल्दी आएंगे। मध्यप्रदेश विविधता से समृद्ध राज्य है। यहां करीब 1 लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं, अगर मकानों की गणना के पत्रक में एक कॉलम मजरे टोले का रखा जाए, तो इससे राज्य सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। अगर आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तो जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपनी सही जानकारियां फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। 

नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में पांचों स्तंभों को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी

रायपुर. बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री  शर्मा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई                  गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण   गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है।  उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में  शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है। अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं। गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है। राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई  शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है। अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य         गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी … Read more

‘PMO बने सेवा तीर्थ?’ AAP नेता का हमला, बोले– अब पूजा ही बाकी रह गई है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ करने पर आप नेता संजय सिंह ने तंज कसा है। कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 साल में कोई काम तो नहीं किया है, लेकिन अब अपने कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखकर बता दिया कि वह भगवान का अवतार हैं। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं और उनकी पूजा करें। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर उनकी पूजा करें, PM ऑफिस का नाम सेवा तीर्थ करने पर AAP नेता का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ करने पर आप नेता संजय सिंह ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 साल में कोई काम तो नहीं किया है, लेकिन अब अपने कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखकर उन्होंने बता दिया कि वह भगवान का अवतार हैं। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं और उनकी पूजा करें। आप सांसद ने कहा कि पिछले 12 साल में देश की जनता को ना महंगाई से राहत मिली और ना ही युवाओं को रोजगार मिला है। मोदी जी सिर्फ इमारतें बनवा रहे हैं, लेकिन उन इमारतों में कोई काम नहीं हो रहा है। वो जहां बैठेंगे वहां लोग तीर्थ के रूप में जाएंगे आप नेता ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि सेवा तीर्थ का मतलब है कि वे भगवान का अवतार हैं, आम इंसान तो हैं नहीं। वो जहां बैठेंगे वहां लोग तीर्थ के रूप में जाएंगे। काम-धाम तो कुछ होना नहीं है। 12 साल हो गया ना 24 करोड़ रोजगार मिला नौजवानों को, ना काला धन आया, ना 15 लाख मिला और ना 15 अगस्त 2022 तक सबको पक्का मकान मिला। आप सांसद ने कहा कि मोदी जी किस प्रकार से देश की सेवा कर रहे हैं, यह एक बड़ा सवालिया निशान है। बाकी वो अपने आप को अवतार मानते हैं। नॉन बाइलॉजिकल हैं। जहां वो बैठेंगे वह तीर्थ स्थान ही माना जाएगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मैं तो समझता हूं कि लोग नारियल लेकर जाएं उनके पास। 12 साल में तो हमें कुछ दिखता नहीं सारे मंत्रालयों के लिए एक ही कर्तव्य भवन बनाने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि कर्तव्य क्या हो रहा है। कर्तव्य भवन बना लीजिए, सेवा तीर्थ बना लीजिए, लोगों से कहिए कि नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं, लेकिन काम क्या हो रहा है। काम तो बताइए। आपने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने को कहा था, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी, काला धन आएगा और 15 लाख मिलेगा, आपने कहा था कि 15 अगस्त 2022 तक सबको पक्का मकान मिलेगा। आप नेता ने कहा कि काम क्या हो रहा है। सेवा क्या हो रहा है आपके माध्यम से। क्या कर रहे हैं आप। आप पूंजीपतियों की सेवा कर रहे हैं। बड़े-बड़े लोगों को, अंबानी और अडाणी को करोड़ों कमवा रहे हैं। इमारते बनवाने से थोड़े ही न काम होगा। 12 साल में तो हमें कुछ दिखता नहीं है कि काम हो रहा है। वंदे मातरम् से इनका कोई लेना-देना नहीं वंदे मातरम् पर उन्होंने कहा कि इससे उनका लेना-देना क्या है। क्या इनके पुरखों ने कभी वंदे मातरम् गाकर जेल काटी है। क्या अंग्रेजों ने कभी उन पर धारा लगाई है। मैंने आरएसएस के चार लोगों के नाम पूछे थे जो वंदे मातरम् गाकर जेल गए थे, आज तक वे नहीं बता सके। वंदे मातरम् से इनका कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, एक नई चीज परोसी जा रही है, ताकि लोग पुरानी चीजें भूल जाएं। वंदे मातरम् आप दिनभर गाते रहिए, हमें कोई परेशानी नहीं है। आप नेता ने सवाल किया कि वंदे मातरम् देश के कितने लोगों को आती है। उन्होंने कहा कि इस देश के 99 प्रतिशत लोगों को पूरा वंदे मातरम् नहीं आती, तो क्या वे देशभक्त नहीं हैं। जो हमारा मजदूर है, रिक्शे वाला है, ऑटो वाला है, क्या वो देशभक्त नहीं है। ये सब सिर्फ बंगाल के चुनाव के लिए हो रहा संजय सिंह ने कहा कि भाजपा का एक काला इतिहास है जो देश के लोगों को जानना चाहिए। भाजपा ने नागपुर के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा झंडा नहीं फहराया, जो इनकी मातृ संस्था है आरएसएस। दूसरा इनका काला इतिहास है कि 28 दिसंबर 1949 में पांचजन्य में एक लेख छपा है जिसमें राष्ट्र गान जन-मन-गण को मनोरंजन का एक चीज बताया गया है। तो क्या भाजपा अपने पूर्वजों के इन गुनाहों के लिए देश से माफी मांगेगी। आप नेता ने कहा कि ये सब सिर्फ बंगाल के चुनाव के लिए हो रहा है, जिसे देश की जनता को समझ जाना चाहिए।

MP में रेल विकास को रफ्तार, उज्जैन बाइपास सहित कई योजनाएं स्वीकृत

भोपाल मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने राज्य में कई महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं से न केवल ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई, क्षेत्रीय संपर्क और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। उज्जैन बाइपास रेलवे लाइन को मंजूरी भारतीय रेलवे के अंतर्गत पश्चिमी रेलवे ने नईखेरी-चिंतामन गणेश को जोड़ने वाली 8.60 किलोमीटर लंबी उज्जैन बाईपास रेलवे लाइन को 189.04 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी है। यह परियोजना विशेष रूप से उज्जैन जंक्शन पर ट्रेनों के रिवर्सल की समस्या को समाप्त करेगी। अभी कई ट्रेनों को दिशा बदलने के लिए उज्जैन स्टेशन पर रुककर रिवर्सल करना पड़ता है, जिससे समय और परिचालन क्षमता दोनों प्रभावित होते हैं। बाईपास लाइन बनने से यह प्रक्रिया खत्म होगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। सिंहस्थ 2028 और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा यह परियोजना वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान बेहतर रेल प्रबंधन और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होता है। बायपास लाइन बनने से तीर्थयात्रियों को सीधे और तेज रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच और सुगम होगी। पितृ पर्वत से उज्जैन बायपास तक नया फोरलेन, सिंहस्थ से पहले तैयार होगी इंदौर-उज्जैन की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से मालगाड़ियों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। यात्रा समय में कमी, समयपालन में सुधार और भीड़भाड़ में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।  इन स्वीकृतियों को मध्य प्रदेश के रेल ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है  बेहतर संपर्क और विश्वसनीय सेवा से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।  

रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को बनायेंगे अधिक सशक्त : मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के नए गायन संस्करण का पेन ड्राइव लॉन्च किया।         मुख्यमंत्री  साय ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आकाशवाणी रायपुर और यूनेस्को को इस खास आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘रेडियो और एआई’ अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। सूचना क्रांति के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक जनोपयोगी बनाने पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी नागरिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसमें रेडियो की भूमिका शुरू से ही अत्यंत प्रभावी रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे भरोसेमंद समाचार प्रसारक है। निजी चैनलों के बीच तेज़ी से खबरें देने की प्रतिस्पर्धा के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना परंपरा को बनाए रखा है।              मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने रेडियो से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जब दूरस्थ गांवों तक किसी अन्य माध्यम की पहुंच नहीं थी, तब रेडियो ही देश-दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम था। किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए आकाशवाणी आज भी विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन संचालित हैं तथा रायपुर से विविध भारती सेवा प्रसारित हो रही है।    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रेडियो और एआई’ संचार के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। एआई की मदद से कंटेंट को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाया जा सकता है। आपातकालीन सूचनाएं, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अधिक तेजी और सटीकता से प्रसारित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और डिजिटल तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय जुड़ाव मजबूत हुआ है और श्रोताओं की रुचि में वृद्धि हुई है।  अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को और अधिक सशक्त बनाएंगी और विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी के सहयोग से अवश्य साकार होगा।            कार्यक्रम में यूनेस्को के रीजनल एडवाइजर ऑफ कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन सु हज़्ज़ाज़ मा'अली ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो पूरी दुनिया में सबसे अधिक पहुंच रखता है और सबसे अधिक भरोसे वाला माध्यम है। रेडियो ने कठिन समय में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए दुनिया को सही सूचनाएं प्रदान की। सु अली ने कहा कि एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में पूरे प्रदेश विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं दे रहा है। सु अली ने कहा कि यूनेस्को रेडियो के विस्तार के लिए आकाशवाणी के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर लगातार सहयोग करेगा।              इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक  राजीव कुमार जैन, उप महानिदेशक  व्ही. राजेश्वर, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप हो सभी गतिविधियों का संचालन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।          बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।     बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।               कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव  विकास शील, अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)  अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Bhopal में विकास को रफ्तार, राज्यमंत्री गौर ने 5.5 करोड़ से अधिक के कार्यों का भूमिपूजन किया

भोपाल के विकास की नई उड़ान: राज्यमंत्री  गौर ने किया साढ़े 5 करोड़ से अधिक लागत के विकासकार्यों का भूमिपूजन साकेत नगर में 2 करोड़ 29 लाख, बाइपास से संपदा कॉलोनी तक 3 करोड़ 36 लाख की लागत से तक बनेगी सड़क भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शुक्रवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में करीब साढ़े 5 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाली दो मुख्य सड़कों का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधि महती भूमिका निभा रहे हैं। हर कार्य को उत्कृष्टता के साथ पूर्ण करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साकेत नगर में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं और ऐसे विकासकार्य निरंतर जारी रहेंगे। राज्यमंत्री गौर ने पंचवटी मार्केट से साकेत नगर एरिया में 1.7 किलोमीटर के रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया, इसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ 29 लाख रुपए है। उन्होंने वार्ड 62 में पिरिया मोहल्ला संपदा कॉलोनी में 60 मीटर चौड़ाई वाली 1.3 किलोमीटर की सड़क का भी भूमिपूजन किया, जिसकी अनुमानित लागत 3 करोड़ 36 लाख रुपए है। कार्यक्रम में पार्षद ममता विश्वकर्मा,  अर्चना परमार,  छाया ठाकुर,  नीरज सिंह,  संतोष ग्वाला,  मनोज विश्वकर्मा,  नरेंद्र ठाकुर, समाजसेवी  करनेल सिंह,  लीलाधर मालवीय,  सुरेंद्र द्विवेदी,  अनिल गुप्ता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और रहवासी मौजूद रहे।