samacharsecretary.com

मणिपुर के उखरूल में हिंसा: 5 दिन के लिए इंटरनेट बंद, कर्फ्यू लागू

 इंफाल मणिपुर के उखरूल में हिंसा भड़कने की जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि कुछ सशस्त्र बदमाशों ने लिटन सारेइखोंग गांव में कई घरों को आग लगा दी. इस घटना के बाद स्थिति बिगड़ने की आशंका में प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लगा दिया और इंटरनेट सेवाओं को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया है, ताकि आगे की हिंसा और अफवाहों को रोका जा सके. अधिकारियों ने बताया कि सशस्त्र समूहों ने पहाड़ी गांव के पास हवा में कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. कई ग्रामीण आवश्यक सामान लेकर पड़ोसी कांगपोकपी जिले के सुरक्षित क्षेत्रों की ओर भाग गए, जबकि तांगखुल गांव के कई ग्रामीणों के भी इलाका छोड़ने की जानकारी मिली है. '5 दिन के लिए इंटरनेट सेव बंद' बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मणिपुर सरकार के गृह आयुक्त ने सार्वजनिक सुरक्षा और शांति को खतरा होने के कारण उखरूल जिले में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाओं को पांच दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश जारी किया है.  आदेश में कहा गया है कि हाल की घटनाओं से काफी अशांति फैली है और गलत सूचनाओं के प्रसार से तनाव बढ़ सकता है. इसलिए स्थिति को नियंत्रित करने और अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की जा रही हैं. वहीं, आगजनी की घटनाओं के बाद उखरुल जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया और आगे की हिंसा को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई. शनिवार को हुई हिंसा की शुरुआत प्रशासन का कहना है कि उखरूल में हिंसा की शुरुआत शनिवार रात को हुई जब लीटन गांव में सात-आठ लोगों ने तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट की. हालांकि, मामला सुलझने की उम्मीद थी, लेकिन रविवार की बैठक नहीं हो सकी. इसके बाद सोमवार आधी रात को कुछ हथियारधारी बदमाशों ने लीटन सारईखोंग में तांगखुल नागा समुदाय के घरों को आग लगा दी, जिसके बाद नाग समुदाय ने कुकी समुदाय के घरों को निशाना बनाया. पुलिस के अनुसार, के. लुंगविराम गांव में भी एक घर को आंशिक रूप से जलाया गया है. पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार को रात करीब 12:10 बजे के. लुंगविराम गांव में एक छोटी-सी आग लगने की घटना हुई, जिससे एक आवासीय घर को आंशिक नुकसान पहुंचा. सुरक्षाबलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया. पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारण की जांच की जा रही है और स्थिति सामान्य है.

कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए बनाई जाए कार्य योजना संभाग स्तर पर बनेंगे मछली घर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के सभी किसानों और मछुआरों की आर्थिक समृद्धि के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, इसके साथ हमें मत्स्य उत्पादन में भी सक्रियता से कार्य कर आने वाले वर्षों में इसे दोगुना करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रदेश में मछली पालन के साथ ही एक्वाकल्चर के क्षेत्र में भी कार्य किया जाए। प्रदेश में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे मछुआरों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण को समर्पित करते हुए यह वर्ष मना रही है। मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए कार्य योजना तैयार करें। मछुआ सम्मेलन आयोजित कर मत्स्य पालन में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। सीड प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। प्रदेश में संचालित मत्स्य महासंघ के सुव्यवस्थित उपयोग के लिए भी कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कम भू-जल स्तर वाले जिलों में फॉर्म पॉन्ड मॉडल के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एक जिले को मॉडल के रूप में तैयार किया जाए, जिसमें मत्स्य उत्पादन के साथ ही सिंघाड़ा, कमल गट्टा, मखाना सहित अन्य एक्वाकल्चर आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में मध्यप्रदेश केज कल्चर नीति पर कार्य किया जा रहा है। इसमें 10 हजार केज हितग्राही मूलक योजना में और 90 हजार केज उद्यमी मॉडल के अंतर्गत तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के विषय में भी अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भोपाल में प्रस्तावित विशेष प्रोजेक्ट इंटीग्रेडेट एक्वा पार्क एंड रिसर्च सेंटर की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभाग स्तर पर मछली घर तैयार करने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के विभागीय योजनाओं की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत विशेष प्रोजेक्ट, केज कल्चर इंदिरा सागर जलाशय, टेक्नोलॉजी डिफ्यूशन सेंटर, रिजर्वायर कलस्टर आधारित मत्स्य पालन और समन्वित मछली घर एवं अनुसंधान केंद्र का बैठक में रिव्यू किया। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई एवं अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से हुई घटकर 37

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 7 फरवरी से आरंभ हो गया है, यह 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपए अधिक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश मिला है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश देश के 5 शीर्ष राज्यों में शामिल है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए वंदे मातरम के सामूहिक गान के बाद, अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके तत्काल बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान आरंभ हो जाएगा जो 3 महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नक्सलियों से मुक्त करने के उपलक्ष में 9 फरवरी को बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की कृषि कैबिनेट बालाघाट में की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के संकल्प का प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को रेल के क्षेत्र में सिंगरौली जबलपुर ट्रेन की सौगात प्राप्त होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेस्क्यू सेंटर और जू एक साथ विकसित करने की योजना है, इसके अंतर्गत जबलपुर और उज्जैन में गतिविधियां आरंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां अभयारण्य हैं वहां रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिये पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग समन्वित रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के परिवार में वृद्धि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया मैं विलुप्त हो रही वन्य प्रजाति पुनर्जीवित हो रही है। प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही और भी खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जू से भी व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि का शुभ समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव से प्रदेश में वन्य जीवों के पुनर्स्थापना के संबंध में हुई चर्चा के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में जंगली भैंसा भी लाए जा रहे हैं। साथ ही बोत्सवाना से 8 चीते 28 फरवरी को प्रदेश में लाऐ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपए रखा गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ। प्रदेश में 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 7 लाख 89 हजार से अधिक किसानों ने स्पॉट बुकिंग कर धान उत्पादन में अपना योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास भंडारण की समुचित व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में वस्त्र उद्योग इकाई स्थापना की संभावनाओं को भी देखें तथा मूलभूत आवश्यकता वाले रोजगारपरक टेक्सटाइल यूनिटों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापना के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस हुई उनकी हरिद्वार यात्रा के संबंध में भी जानकारी दी।  

बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त)  मनीष रस्तोगी तथा वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्रि-परिषद के समक्ष भी आज ही बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को उप मुख्यंमत्री  देवड़ा द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा।  

शिवपुरी में हनीट्रैप का भंडाफोड़, पति-पत्नी की जोड़ी गिरफ्तार

 शिवपुरी.  देहात थाना क्षेत्र में बदरवास के गल्ला व्यवसायी को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर उसे ब्लैकमेल करने और उससे पैसे ऐंठने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल महिला का पति और उसके दोस्त पैसे वाला शिकार ढूंढते थे, जबकि महिला उनसे दोस्ती कर प्रेम संबंध स्थापित करने का प्रयास करती थी। जब शिकार जाल में फंस जाता तो महिला उसे मिलने के लिए अपने पास बुलाती थी। इसी दौरान उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जाता था। बदरवास रेलवे स्टेशन रोड निवासी गल्ला व्यवसायी 26 वर्षीय आदित्य जैन के पास गत 26 जनवरी को अंजली नाम की एक युवती का फोन आया और उसने मित्रता की पेशकश की। आदित्य उसकी बातों में आ गया और उससे बात करने लगा। इंदौर में वकील को हनीट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये मांगे, पहले खुद को पीड़‍ित बता मोबाइल पर भेजे थे अश्लील फोटो 31 जनवरी को युवती ने मिलने की इच्छा जाहिर की और उसे बड़ौदी स्थित पानी की टंकी पर बुलाया। आदित्य किराए की कार लेकर चालक विनोद राठौर के साथ टंकी पर पहुंचा, जहां उसे युवती मिली, वह उसकी कार में बैठ गई और शहर भर में घुमाती रही। कुछ घंटे बाद युवती ने अपने साथियों को फोन लगाया और कार से चार लोग बड़े गांव के पास आ गए। चारों ने आदित्य के साथ मारपीट की। इसके बाद चारों उसे कार में बिठाकर बांकड़े हनुमान मंदिर की तरफ ले गए, जहां उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करते हुए उससे एक लाख पांच हजार 640 रुपये फोन पे करवाए। आदित्य ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद हनीट्रैप गिरोह पकड़ा गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इससे पहले जिले के विभिन्न क्षेत्रों के कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। बदरवास में बैठे गैंग लीडर ने च़िह्नित किया था शिकार पुलिस के अनुसार, ग्राम ऐनवारा बदरवास निवासी इस गैंग के लीडर चंद्रपाल सिंह धाकड़ ने आदित्य जैन के बारे में जानकारी जुटाई। उसका फोन नंबर हासिल किया और माधव नगर निवासी राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजली को उपलब्ध करवाया। कल्पना को पूरी प्लानिंग समझाई। आदित्य इसके बाद कल्पना उर्फ अंजली के जाल में फंस गया तो तीनों ने अपने दो अन्य साथी पवन रावत निवासी ढकरोरा खोरघार थाना सिरसौद व विकास रावत निवासी बड़ौदी शिवपुरी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।  

इंदौर मामला: कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, गुस्साए परिजनों ने मैनेजर को पीटा

इंदौर. अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में कोचिंग सेंटर में छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना से हंगामा हो गया। रहवासी और स्वजन ने आरोपित को कोचिंग में ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धारा में केस दर्ज करवाया है। कोचिंग के डायरेक्टर को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मैनेजर पर अश्लील हरकत का आरोप डीसीपी ऋषिकेश मीणा (कृष्ण लालचंदानी) के अनुसार घटना नरेंद्र तिवारी मार्ग स्थित केटेलाइजर कोचिंग सेंटर की है। क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी कोचिंग में आती है। उसका आरोप है कि सोमवार को वह कोचिंग में ही थी। उसी वक्त ब्रांच मैनेजर आदेश जोशी आया और छात्रा को लाबी में ले गया। उसने अश्लील हरकत करने की कोशिश की। छात्रा के बैग से परफ्यूम निकाल कर लगा लिया।  

बाबरी ढांचे पर CM योगी का सख्त संदेश: ‘कयामत तक पुनर्निर्माण नहीं होगा’

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अयोध्या में जिस स्थान पर राम मंदिर बना है, वहां अब किसी और ढांचे की कल्पना करना भी व्यर्थ है. बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है. सीएम योगी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण अब कभी नहीं होगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा, "कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा." जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, “हम लोगों ने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. और मंदिर वहीं बन गया.” उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अपने निर्धारित स्थान पर बन चुका है और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. 'अवसरवादी लोग स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं' सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण के सपने देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का प्रतीक है. भगवान राम सबके हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन कुछ अवसरवादी लोग अपने स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है. सीएम ने कहा कि जो कयामत के दिन का सपना देख रहे हैं, वे सड़-गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है. भारत की विरासत, गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म का सम्मान करते हुए केसरिया ध्वज सदैव देश का मान बढ़ाता रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वजारोहण का उल्लेख करते हुए इसे सनातन का प्रतीक बताया. उन्होंने अवसरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट आने पर कुछ लोगों को राम याद आते हैं, बाकी समय वे राम को भूल जाते हैं, इसलिए भगवान राम भी उन्हें भूल चुके हैं.  कानून तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी सीएम योगी ने जनसभा में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे. कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है और कानून तोड़ने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी सात पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. जो कानून तोड़ेगा, उसे जहन्नुम का रास्ता दिखाएंगे." उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों और रामकाज में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है. भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता. देश और सनातन पर अंदर और बाहर से प्रहार हो रहे हैं, जिनसे सजग और सचेत रहने की जरूरत है. कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, कुछ साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ लोग साजिश के लिए बिककर काम कर रहे हैं. उन्होंने जनता से इन दुष्प्रवृत्तियों के खिलाफ तैयार रहने का आह्वान किया. 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि तब प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल रहता था. उन्होंने कहा कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न किसान, न नौजवान, मंदिर, विद्यालय और घर तक सुरक्षित नहीं थे. पहले हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जिले में कर्फ्यू लगता था और लोगों में भय का वातावरण बना रहता था. अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और सुरक्षा का माहौल स्थापित हुआ है.

सबक्लेवियन आर्टरी कटने के बावजूद अत्यंत जटिल सर्जरी से बचाया गया मरीज का हाथ

रायपुर. मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग की एक और बड़ी सफलता, चाकू से कटी मुख्य धमनी, सबक्लेवियन आर्टरी को जोड़कर बचाया युवक का हाथ पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के डॉक्टरों ने एक बार फिर जटिल और जानलेवा केस की जटिल एवं सफलतापूर्वक  सर्जरी कर घायल मरीज के हाथ को कटने से बचाया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि मरीज को समय पर इस प्रकार की जटिल शल्य- चिकित्सा की सुविधा नहीं मिलती तो मरीज के हाथ कटने की नौबत आ जाती और मरीज दिव्यांग हो जाता।  हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में एक युवक के कंधे पर चाकू से हुए हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त मुख्य रक्त नली (सबक्लेवियन आर्टरी) को जोड़कर डॉक्टरों की टीम ने न केवल मरीज की जान बचाई, बल्कि उसका हाथ कटने से भी बचा लिया। इस सर्जरी की एक और विशेष बात यह रही कि इसमें ऑर्थोपेडिक सर्जन भी शामिल रहे जिनकी मदद से कॉलर बोन को काटा गया एवं ऑपरेशन के बाद वापस प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया।   इस केस की विस्तृत जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष (हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी) डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि :- अम्बेडकर अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में 34 वर्षीय एक मरीज अत्यधिक रक्तस्राव और मरणासन्न अवस्था में लाया गया। मरीज  इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी में काम करता है और अमलेश्वर का निवासी है। परिजनों के अनुसार, मरीज अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी इलेक्ट्रिक रिक्शा से टक्कर हो गई। विवाद के दौरान रिक्शा चालक ने मरीज के बाएं कंधे पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। घाव इतना गहरा था कि कंधे की हड्डी (क्लेविकल बोन) के पीछे से गुजरने वाली मुख्य धमनी सबक्लेवियन आर्टरी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। चोट लगते ही धमनी से खून का तेज फव्वारा निकलने लगा और कुछ ही देर में मरीज बेहोश हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग पहुंचाया, जहां घाव में कॉटन गॉज भरकर रक्तस्राव को अस्थायी रूप से रोका गया। हालांकि रक्तस्राव रुकने के साथ ही बाएं हाथ में रक्त प्रवाह भी बंद हो गया, जिससे हाथ काला पड़ने लगा और ताकत खत्म होने लगी। समय पर ऑपरेशन न होने की स्थिति में हाथ काटने की नौबत आ सकती थी। प्रारंभिक उपचार के बाद मरीज के परिजन उसे अपनी इच्छा से अन्य अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन चोट की गंभीरता और धमनी के क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्य अस्पतालों ने इलाज से मना कर दिया। इसके बाद मरीज को पुनः अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में लाया गया, जहां मेरे (डॉ. कृष्णकांत साहू के) नेतृत्व में तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी सबक्लेवियन आर्टरी की सर्जरी विशेष रूप से उसके दूसरे भाग (सेकंड पार्ट) में बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि यह धमनी छाती के भीतर कॉलर बोन के पीछे स्थित रहती है। पट्टी हटाते ही अत्यधिक रक्तस्राव की आशंका बनी हुई थी, जिसके लिए वैस्कुलर कंट्रोल अत्यंत आवश्यक था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निर्णय लिया गया कि मरीज की कॉलर बोन को काटकर धमनी तक पहुंच बनाई जाए। कॉलर बोन को काटने के बाद पाया गया कि धमनी लगभग 3 सेमी तक पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुकी थी। इसे जोड़ने के लिए 7×30 मिमी. साइज का डेक्रॉन ग्राफ्ट (कृत्रिम नस) लगाया गया। सर्जरी के दौरान लगभग 5 यूनिट रक्त चढ़ाया गया और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथ में पुनः रक्त प्रवाह शुरू हो सका। इस दौरान ब्रैकियल प्लेक्सस (तंत्रिका तंत्र) को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया, क्योंकि इसमें क्षति होने पर हाथ में स्थायी लकवे की संभावना रहती है। ऑपरेशन के बाद कॉलर बोन को प्लेट लगाकर वापस जोड़ दिया गया अब पूरी तरह स्वस्थ, काम पर लौटा मरीज सफल ऑपरेशन और समय पर उपचार के चलते मरीज का हाथ बच गया और गैंगरीन की स्थिति टल गई। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने रोजमर्रा के कार्यों में वापस लौट चुका है। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रणय वास्तव, डॉ लोमेश साहू,  एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप साहू, जूनियर डॉक्टर – डॉ. आयुषी खरे, ख्याति, , आकांक्षा साहू, संजय त्रिपाठी, डॉ. ओमप्रकाश शामिल रहे। नर्सिंग स्टाफ में राजेन्द्र, नरेन्द्र, मुनेश, चोवा, दुष्यंत तथा एनेस्थेसिया तकनीशियन भूपेन्द्र और हरीश ने अहम भूमिका निभाई। यह सफलता न केवल अम्बेडकर अस्पताल बल्कि सभी के लिए गर्व का विषय है, जो यह साबित करती है कि समय पर सही निर्णय, समेकित प्रयास और विशेषज्ञ चिकित्सा से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। डॉ. विवेक चौधरी, डीन, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर यह सर्जरी अत्यंत जटिल और जोखिम भरी थी। सबक्लेवियन आर्टरी जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण धमनी की मरम्मत प्रत्येक अस्पताल में संभव नहीं होती। अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, ट्रॉमा यूनिट और एनेस्थेसिया टीम के समन्वित प्रयास से यह संभव हो सका। यह प्रयास यह दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय और जीवन रक्षक उपचार सुविधा उपलब्ध है। डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने 283 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहनीय पहल छत्तीसगढ़ की साय सरकार की संवेदनशील और कल्याणकारी सोच का प्रतीक बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को राजिम के नवीन मेला मैदान में 283 जोड़ों का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य अतिथि प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे, जिन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। अध्यक्षता राजिम विधायक  रोहित साहू ने की। राज्य सरकार की इस योजना ने जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाई है, जो समाज के हर वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में बेटी की शादी हर परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ की साय सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इसे सुलझा दिया है। इस योजना के तहत प्रति जोड़े 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये वधु के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित होते हैं। शेष 15 हजार रुपये श्रृंगार सामग्री, व्यवस्था और अन्य खर्चों पर व्यय किए जाते हैं।  अग्रवाल ने कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से बेटी का विवाह करने में सहारा देती है। पूरे रीति-रिवाजों के साथ एक साथ इतने जोड़ों का विवाह होना समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना की तथा नवदंपतियों को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस भव्य समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के 94, बिन्द्रनवागढ़ के 181 तथा कुरूद विधानसभा के 8 जोड़े शामिल हुए। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नई उम्मीद दी है। विधायक  रोहित साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सरकार की जनकल्याणकारी भावना का जीवंत उदाहरण है। विवाह का आर्थिक बोझ अब बोझ नहीं, बल्कि खुशी का अवसर बन गया है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार माना। कलेक्टर  बीएस उइके ने बताया कि यह आयोजन पूरे प्रदेश में एक साथ हो रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होगा। 4 आत्मसमर्पित नक्सली बंधे विवाह बंधन में, मुख्यधारा में लौटकर सराहा राज्य सरकार की योजना योजना की सबसे प्रेरणादायक कहानी रही चार आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों की। कांकेर, सुकमा और बीजापुर जिले से इन जोड़ों ने मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी अपनाई है। इनमें दिलीप उर्फ संतु, मंजुला उर्फ लखमी, दीपक उर्फ भीमा मंडावी, सुनीता उर्फ जुनकी, कैलाश उर्फ भीमा, रनीता उर्फ पायकी कारम तथा राजेंद्र उर्फ कोसा मुरिया, जैनी उर्फ देवे मड़कम शामिल हैं। विवाह मंत्रोचार के बीच विवाह बंधन में बंधे इन नवदंपतियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों की तारीफ की। नक्सली जोड़ों ने मीडिया से कहा कि मुख्यधारा में जुड़ने के बाद हमें नई जिंदगी मिली है। इस योजना से जीवनसाथी के साथ खुशहाल भविष्य का सपना साकार हो रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर  बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ  प्रखर चंद्राकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  अशोक पाण्डेय के अलावा पूर्व विधायक  संतोष उपध्याय, राजिम नगर पालिका अध्यक्ष  महेश यादव, विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्षगण मती इंद्राणी साहू, मती मीरा ठाकुर,  सोहन धु्रव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप ने भी संबोधित किया। राज्य सरकार की यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य भी कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री  साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है। कार्यक्रम में विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा,  मोतीलाल साहू,  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका वास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।