samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री शहडोल पहुंचेंगे आज, दौरे की तैयारियों के लिए कमिश्नर और कलेक्टर ने लिया जायजा

शहडोल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 8 फरवरी को शहडोल जिले के धनपुरी और गधिया क्षेत्र का दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में संभागायुक्त शहडोल सुरभि गुप्ता ने लालपुर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लालपुर हवाई पट्टी पर उतरेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से धनपुरी के लिए रवाना होंगे। संभागायुक्त ने हवाई पट्टी पर सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और आपात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जयसिंहनगर के गधिया पहुंचकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, बिजली, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले धनपुरी पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे गधिया के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस विभाग भी सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति, एसडीएम सोहागपुर अमृता गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और सभी विभाग निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने में जुटे हुए हैं।   

सिंहस्थ में फूलों की खेती के लिए 4200 हेक्टेयर जमीन, विशेष क्लस्टर के लिए केंद्र से मंजूरी की अपील

उज्जैन  उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण धार्मिक दृष्टि से अहम इंदौर जिले में अब फूलों की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी है। राज्य सरकार ने इंदौर सहित कुछ जिलों को चिह्नित करते हुए पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना बनाई है। इस योजना के तहत इंदौर जिले में 110 हेक्टेयर भूमि पर फूलों की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। 110 हेक्टेयर में सिर्फ गुलाब की खेती का लक्ष्य योजना के पहले चरण में 83.87 हेक्टेयर भूमि पर 142 हितग्राही किसानों को चयनित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक पूरे 110 हेक्टेयर क्षेत्र में केवल गुलाब की खेती की जाए। इससे धार्मिक आयोजनों में फूलों की बढ़ती मांग को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सकेगा। मुख्य सचिव करेंगे प्रोजेक्ट की निगरानी इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव अनुराग जैन करेंगे। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में इस योजना पर चर्चा के बाद उद्यानिकी विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप संचालक उद्यान को योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन के लिए बड़ा प्लान सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले के लिए भी बड़ी योजना बनाई गई है। यहां 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती के क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भारत सरकार से विशेष प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ मेले के दौरान बड़ी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होगी। इंदौर में रोज 8 से 12 टन फूलों की आवक इंदौर फूल बाजार एसोसिएशन के अनुसार शहर में प्रतिदिन 8 से 12 टन फूलों की आवक होती है। त्योहारी और पीक सीजन में यह मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। नवरात्रि, दीपावली और विवाह आयोजनों के दौरान आवक 30 से 70 टन तक पहुंच जाती है। बाजार में मुख्य रूप से गेंदा, गुलाब और सेवंती की आपूर्ति होती है। प्रदेश में तेजी से बढ़ रही फूलों की खेती प्रदेश में फूलों की खेती लगातार बढ़ रही है और मध्यप्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। गेंदा सबसे अधिक क्षेत्र में उगाया जाता है, इसके बाद गुलाब, क्रिसैंथेमम, ग्लैडियोलस, ट्यूबरोज और अन्य मौसमी फूलों की खेती होती है। राज्य में लगभग 43 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 5.12 लाख टन से अधिक फूलों का उत्पादन हुआ। धार्मिक स्थलों के कारण बढ़ी मांग उज्जैन, ओंकारेश्वर के अलावा देवास, सलकनपुर, नीमच, मंदसौर, महेश्वर, नलखेड़ा, परशुराम लोक सहित कई धार्मिक और तीर्थ स्थल इस क्षेत्र में स्थित हैं। इसी वजह से यहां फूलों की खेती पर विशेष फोकस किया जा रहा है। मंत्री बोले, बाहर से फूल मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने हाल ही में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि उज्जैन और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर साल भर फूलों की भारी मांग रहती है। सिंहस्थ मेले के दौरान यह मांग कई गुना बढ़ जाती है। सरकार की योजना है कि स्थानीय किसानों से ही फूलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे परिवहन लागत घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।   

उज्जैन में शुरू होगा ‘विक्रमोत्सव’, 12 फरवरी से 139 दिनों तक चलेगा, महानाट्य और विज्ञान का अनोखा मिलन

उज्जैन  उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून तक 139 दिन का विक्रमोत्सव होगा। इसमें कलश यात्रा, नाटक मंचन, वैचारिक समागम, शोध संगोष्ठी, फिल्मों के प्रदर्शन, वेद अंताक्षरी और सूर्योपासना के आयोजन होंगे। प्रदेश के नगरों में विक्रमादित्य महानाट्य मंचन व शिक्षण संस्थाओं में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता की जाएंगी। 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के वैज्ञानिक पक्ष को भी प्रचारित किया जाएगा। विज्ञान सम्मत कार्यों के संबंध में विज्ञान महाविद्यालयों, अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और पालिटेक्निक को जोड़कर अभिनव कार्यक्रम किए जाएंगे। 15 फरवरी को प्रदेश में महादेव की कलाओं के शिवार्चन, कलश यात्रा, बैंड प्रस्तुति, शिवनाद और विक्रम व्यापार मेले का आयोजन होगा। 16 से 20 फरवरी तक शिव पुराण, 16 से 25 फरवरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियां और 26 से 28 फरवरी तक इतिहास समागम, पुतुल समारोह और अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी जैसी गतिविधियां होंगी। कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन, गुड़ी पड़वा पर कार्यक्रम वैचारिक समागम, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, विभिन्न भाषाओं और बोलियों में लोकरंजन के तहत कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन, गुड़ी पड़वा पर उज्जैन के रामघाट (दत्त अखाड़ा) पर सूर्य उपासना का कार्यक्रम होगा। उज्जयिनी गौरव दिवस अंतर्गत शिप्रा तट पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण होगा। महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य और पार्श्व गायकों द्वाराT सांगीतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। 15 फरवरी को शुभारंभ, 25 फरवरी तक नाट्य प्रस्तुतियां सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, विक्रमोत्सव का शुभारंभ 15 फरवरी को शिवरात्रि मेलों, भव्य कलश यात्रा और कलाकारों के समूह द्वारा प्रस्तुत 'शिवोहम' संगीतमय प्रस्तुति के उद्घाटन के साथ किया जाएगा. इसके बाद विक्रम थिएटर महोत्सव के अंतर्गत 16 से 25 फरवरी के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित नाट्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नाटक होंगे. कठपुतली महोत्सव, बौद्धिक सम्मेलन और फिर कवि सम्मेलन 26 से 28 फरवरी के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय इतिहास सम्मेलन, कठपुतली महोत्सव और अनुसंधान संगोष्ठी का आयोजन प्रस्तावित है. वहीं, सम्राट विक्रमादित्य के युग में न्याय व्यवस्था और शासन प्रणाली पर केंद्रित एक बौद्धिक सम्मेलन 28 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. इसके पश्चात 7 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध कवि भाग लेंगे. पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव विक्रमोत्सव के तहत अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में 20 से अधिक देशों की प्रविष्टियों के साथ पौराणिक फिल्मों का एक अंतरराष्ट्रीय महोत्सव, वेद अंताक्षरी तथा गुड़ी पड़वा के अवसर पर रामघाट और दत्त अखाड़ा में सूर्योदय पूजा शामिल हैं. यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक विमर्श का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा. कार्यक्रम के अंतिम दिन, 19 मार्च को, वर्ष प्रतिपदा और सृष्टि आरंभ दिवस के अवसर पर 'उज्जयिनी गौरव दिवस' के रूप में मनाया जाएगा. सरकार के अनुसार, इस दिन शिप्रा नदी के तट पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पुरस्कार का वितरण, विक्रम पंचांग 2082-83 का विमोचन, 'अर्शा भारत' के दूसरे संस्करण का लोकार्पण तथा नृत्य-नाट्य प्रस्तुति 'महादेव की नदी कथा' प्रमुख आकर्षण होंगे. CM मोहन यादव का अधिकारियों को निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विक्रमोत्सव में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और कृतित्व के सभी आयामों की प्रभावी और व्यापक प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक निरंतरता को सशक्त बनाए रखने के लिए नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक योगदान से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है. सीएम मोहन यादव ने यह भी निर्देश दिए कि विज्ञान महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को विक्रमोत्सव से जोड़ा जाए, ताकि सम्राट विक्रमादित्य के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कालगणना, खगोल विज्ञान तथा प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को उजागर करने वाले विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें.   

छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिलेगी तेजी, ₹7,470 करोड़ का बजट और ₹51,080 करोड़ की परियोजनाओं पर काम जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य में रेल अधोसंरचना के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को निरंतर गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदान प्रदान किया गया है। इस अनुदान के माध्यम से राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने तथा सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में ₹51,080 करोड़ की लागत की रेल परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई रेल लाइनों का निर्माण, अतिरिक्त लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास, रेल संरक्षा कार्य तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिससे राज्य के औद्योगिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को निरंतर बल मिल रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित प्रमुख रेल परियोजनाओं में  बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर तथा लागत ₹2,135.34 करोड़ है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  बिलासपुर–नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।  दल्लीराझरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर एवं लागत ₹16,275.56 करोड़ है, के अंतर्गत 77.35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत ₹7,854 करोड़ है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।  सरदेगा–भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर एवं लागत ₹1,282 करोड़ है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।  रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर तथा लागत ₹3,513 करोड़ है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यात्री सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है।  राज्य में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएँ ( बिलासपुर नागपुर बिलासपुर एवं दुर्ग विशाखापट्टनम दुर्ग ) तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार करते हुए पिछले 10-11 वर्षों में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण तथा 170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे रेल एवं सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।  वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 845 कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुरक्षित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित रेल नेटवर्क प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अग्नि-3 मिसाइल की शक्तिशाली दहाड़, पूरी बंगाल की खाड़ी में हलचल, चीन-पाक के पास नहीं है कोई सशक्त प्रतिद्वंदी

भुवनेश्वर  भारत ने  सुबह ओडिशा के तट से एक ऐसा धमाका किया है, जिसकी गूंज ने सीमा पार बैठे दुश्मनों के बंकरों को हिला कर रख दिया है. भारत ने अपनी घातक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ‘अग्नि-3’ का सफल परीक्षण किया. इसकी सफलता ने चीन और पाकिस्तान को सीधा मैसेज भेजा है कि अगर आंख दिखाई, तो घर में घुसकर मारेंगे. इस मिसाइल को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से जब स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने दागा. रक्षा सूत्रों ने बताया कि लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स 100% सटीक पाए गए. DRDO द्वारा तैयार किया गया यह ‘ब्रह्मास्त्र’ अब पूरी तरह से अपने शिकार को तबाह करने के लिए तैयार है. बीजिंग और रावलपिंडी की ‘डेथ रेंज’ में एंट्री- इस परीक्षण ने पड़ोसी मुल्कों में खलबली मचा दी है. यह मिसाइल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसकी रेंज इतनी भयानक है कि पाकिस्तान का कोना-कोना इसकी जद में है. वहीं, अपनी विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन भी अब सुरक्षित नहीं है. अग्नि-3 की मारक क्षमता चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों तक तबाही मचाने का दम रखती है. मध्यम दूरी की मिसाइल स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफलतापूर्वक टेस्ट फायर किया. रक्षा सूत्रों की ओर से बताया गया कि लॉन्च में सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स सही पाए गए. बताते चलें कि भारत की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM – Intermediate Range Ballistic Missile) है. इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. अग्नि रेंज की मिसाइलों का लगातार परीक्षण हाल के दिनों में अग्नि सीरीज़ की दूसरी मिसाइलों का परीक्षण किया गया है. इसमें इसके अपग्रेडेड वेरिएंट भी शामिल हैं, का टेस्ट-फायर किया गया है. बता दें कि इन सब परीक्षण के बावजूद अग्नि-3 भारत की रक्षा ताकत में एक स्ट्रेटेजिक महत्व रखती है. यह मिसाइल दो-स्टेज वाला सिस्टम है जो सॉलिड फ्यूल से चलता है. पहला स्टेज जलने के बाद, दूसरा स्टेज जलता है ताकि मिसाइल अपने रास्ते पर आगे टारगेट की ओर बढ़े, जिससे स्टेबिलिटी और एक्यूरेसी पक्की होती है. अग्नि-3 का रेंज कितनी है अग्नि-3 दो-चरण की ठोस ईंधन वाली मिसाइल है. इसमें 1.5 टन तक का परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड ले जाने की क्षमता है. साथ ही बताया गया कि इसकी अधिकतम रेंज 3,500 किलोमीटर होती है. हालांकि, अभी तक इसकी 3,000 से 3,200 किलोमीटर तक की रेंज में सफल परीक्षण हुआ है. इसकी विशेषताओं के बारे में बात करें तो-     लंबाई: इसकी लंबाई लगभग 17 मीटर तक है.     वजन: अग्नि-3 का वजन लगभग 48-50 टन है.     गति: यह मैक 7-8 यानी कि ध्वनि की गति से 7 से 8 गुना उड़ान भरने की क्षमता रखती है.     लक्ष्य सटीकता:  इसकी Circular Error Probable 40 मीटर से कम बताया जाता रहा है. पड़ोसी देश के कई शहर जद में मिसाइल पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों और चीन के कई महत्वपूर्ण शहरों जैसे बीजिंग तक नहीं, लेकिन शंघाई, चोंगकिंग आदि तक को कवर कर सकती है. वहीं, इसके जद में पाकिस्तान के अधिकांश शहर हैं. बताते चलें कि अग्नि-3 को 2006 के बाद कई बार सफलतापूर्वक परीक्षिण किया गया है. हालांकि, यह अग्नि-4 और अग्नि-5 की तुलना में छोटी लेकिन बहुत प्रभावी मिसाइल है.

उज्जैन में वनतारा मॉडल पर 500 हेक्टेयर में बनेगा वन्य जीव केंद्र और रेस्क्यू सेंटर

 उज्जैन   उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाइल्ड लाइफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर पूरा अनुभव दें। इस वाइल्ड लाइफ सेंटर को करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हेक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केंद्र में शामिल कर लिया जाए। यह एक अनोखा वन्य जीव केंद्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केंद्रों से भिन्न हो। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  वन विभाग की समीक्षा में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कंसल्टेंट भी नियुक्त किए डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में दो नए वन्य जीव केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष में उज्जैन के वन्य जीव केंद्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केंद्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फारेस्ट टूरिज्म स्पाट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। केंद्र ऐसे करें तैयार कि देशी और विदेशी सभी प्रजाति का दिन और रात कर विजिटर्स ले सकें आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केंद्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केंद्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव केंद्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केंद्र के रूप में तैयार किया जाए। देश-दुनिया के 11 जंगलों का कराया जाएगा अनुभव नियुक्त कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने बताया कि वन्य जीव केंद्र में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। वन्य जीव केंद्र का निर्माण कुल छह चरणों में किया जाएगा। इसमें दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केंद्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में कराया जाएगा।

‘गजवा-ए-हिंद’ के नारे का खुलासा, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जैश आतंकी ने किया बड़ा कबूल

 नई दिल्ली / इस्लामबाद  जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है. आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है. पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया. कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है.  कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया. फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए. तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है. ये बुनयान अल मरसूस है.  ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी. इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया. इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा Motto जिहाद (आतंकवाद) है. उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है. हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे. बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था. मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी. 

BCCI ने अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया को 7.5 करोड़ का इनाम देने का किया ऐलान

 नई दिल्ली भारत अपनी छठी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत का जश्न मना रहा है. इसी बीच बीसीसीआई (BCCI) ने चैंपियन बनी भारतीय टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद इनाम का ऐलान किया है. यह इनाम भारत की शानदार जीत के बाद घोषित किया गया. भारत ने 6 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराया. खास बात यह रही कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी. आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम की जीत के तुरंत बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस इनाम की पुष्टि की और टीम के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की. देवजीत सैकिया ने कहा, पूरा देश और बीसीसीआई हमारी अंडर-19 टीम की इस जीत पर गर्व महसूस कर रहा है. फाइनल में इंग्लैंड को जिस तरह हराया गया और पूरे टूर्नामेंट में टीम का अपराजित रहना, हम सभी के लिए गर्व की बात है. बीसीसीआई टीम को 7.5 करोड़ रुपये का नकद इनाम देगा. U19 वर्ल्ड कप 2026 में कैसा रहा भारत का सफर फाइनल में भारत की जीत की नींव शानदार बल्लेबाजी पर टिकी थी, जिसका नेतृत्व वैभव सूर्यवंशी ने किया. कप्तान अयुष म्हात्रे की अगुवाई में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रन बनाए. यह स्कोर इतना बड़ा था कि इंग्लैंड पर शुरुआत से ही दबाव बन गया. वैभव सूर्यवंशी इस मैच के सबसे बड़े सितारे रहे. उन्होंने 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिससे फाइनल एकतरफा हो गया. * सूर्यवंशी ने सिर्फ 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है * इससे पहले उन्होंने 32 गेंदों में अर्धशतक लगाया * इसके बाद अगली फिफ्टी उन्होंने महज 23 गेंदों में पूरी कर दी इंग्लैंड की कोशिश नाकाम 412 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम कभी भी लय में नहीं आ सकी. हालांकि कालेब फाल्कनर ने संघर्ष करते हुए शतक लगाया, लेकिन बाकी बल्लेबाजों से उन्हें खास साथ नहीं मिला. भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाए और इंग्लैंड को कभी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया. आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 100 रन से फाइनल जीत लिया.

बिजली दरों में 20% बढ़ोतरी का प्रस्ताव, यूपी में महंगी होने लगी बिजली

लखनऊ उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ महीने काफी हलचल भरे रहने वाले हैं. राज्य की बिजली कंपनियों ने घाटे की दुहाई देते हुए बिजली दरों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. बिजली नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी दे दी है, जिस पर अब मार्च के महीने में अंतिम सुनवाई होगी. जनता के पास 21 दिन का समय नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को सख्त आदेश दिया है कि वे अगले 3 दिनों के भीतर अपना पूरा प्रस्ताव अखबारों में छपवाएं. इसके बाद आम उपभोक्ताओं को 21 दिन का समय दिया गया है ताकि वे इस प्रस्ताव को पढ़ सकें और अपनी आपत्तियां या सुझाव आयोग को भेज सकें. कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट में करीब 12,453 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है और इसी की भरपाई के लिए रेट बढ़ाने की मांग की है. स्मार्ट मीटर का खर्च भी ग्राहकों की जेब पर? इस प्रस्ताव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनियों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और उनके संचालन पर होने वाले 3,837 करोड़ रुपये के खर्च का बोझ भी जनता पर डालने की तैयारी की है. कंपनियों का कहना है कि इस रकम को बिजली दरों में ही जोड़ दिया जाए. हालांकि, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इन आंकड़ों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत करार दिया है. चोरी-छिपे वसूले गए 1400 करोड़ रुपये, अब होगी जांच गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 6 सालों से बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं, लेकिन पर्दे के पीछे का खेल कुछ और ही है. खबर है कि पिछले 11 महीनों में अलग-अलग शुल्कों के नाम पर उपभोक्ताओं से करीब 1400 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूल लिए गए हैं. ताज़ा मामला फरवरी के बिल में 10% की अतिरिक्त वसूली का है, जिससे नियामक आयोग भी हैरान है. आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से इसकी पूरी गणना के कागजात मांगे हैं. माना जा रहा है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब तक हुई पूरी वसूली की बड़ी जांच हो सकती है. 12 फरवरी को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान इसके बाद बिजली दरों के साथ-साथ ‘निजीकरण’ का मुद्दा भी फिर से गरमा गया है. विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है. अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी 12 फरवरी को बड़ा प्रदर्शन करेंगे. बिजली कर्मचारियों के इस आंदोलन को किसान संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन मिला है. कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा.

सुरखी विधानसभा के अंतिम छोर के गांव तक पहुंचेगी शिक्षा : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल . सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में विकास की एक और नई इबारत लिखी गई, जहां 38 करोड़ की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं परिहवन मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह द्वारा किया गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह का आत्मीय स्वागत किया। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  सिंह ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय निजी स्कूलों से ज्यादा अच्छे बन रहे हैं, यह सब जनता जनार्दन के आर्शीवाद से ही संभव हुआ है।  सिंह ने कहा कि देश का नेतृत्व आज एक ऐसा राष्ट्र भक्त व्यक्ति के हाथों में है जिनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्पों से भारत विश्व में एक अलग पहचान बना चुका है। हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हर व्यक्ति के सर पर छत हो, जिसको लेकर उनका अभियान चल रहा है। उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार म.प्र. को उंचाईयों की ओर ले जा रहे हैं।  सिंह ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को मसीहा बताते हुए कहा कि सुरखी की जनता ने एक मजबूत जनप्रतिनिधि को चुना है, जिसने जनता की आवाज को मजबूती से सरकार के सामने रखा और सुरखी विधानसभा में विकास के नये आयाम बनाये हैं। उन्होंने कहा कि सुरखी के पास एक नहीं दो-दो जनप्रतिनिधि है यदि मंत्री  राजपूत भोपाल में होते हैं तो सुरखी के पास  हीरा सिंह राजपूत हमेशा उपस्थित रहते हैं। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मांग पर जल्द ही बिलहरा और सुरखी में करोड़ो के नये सांदीपनि विद्यालय खोले जायेंगें। अभी राहतगढ़ और जैसीनगर में आपके यहां यह विद्यालय खोले जा चुके हैं जिनमें प्राईवेट स्कूलों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं मिलेगी। जिसमें अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास, लैब, आने जाने के लिए बसें, डिजीटल लाजनिंग हब, पुस्तकालय, खेल परिसर, कोरीडोर, निःशुल्क कोचिंग, कैरियर काउंसिलिंग, इन्डोर, आउटडोर खेल की सुविधा, बाउंड्रीवाल, आधुनिक तकनीकि और सुरक्षा मानको से लैस यह सांदीपनि वि़द्यालय ग्रामीण क्षेत्र के लिए शिक्षा की संजीवनी होगा। प्रधानमंत्री की सोच को दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं मुख्यमंत्री:  राजपूत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री  राजपूत ने मंत्री उदय प्रताप सिंह का अभिनंदन करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का विशेष स्नेह है कि उनसे जो भी मांग की जाती है वह पूरी होती है, उनकी कार्य कुशलता के चलते शिक्षा एवं परिवहन विभाग में कई नवाचार हो रहे हैं, जिनका फायदा जनता को मिल रहा है।  राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जनकल्याणकारी सोच और सपनों को हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में सुरखी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में चहुंओर विकास हो रहा है।  राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतिम गांव तक विकास योजनाएं पहुंच रही है, जिन गांव की आबादी भले ही पचास परिवारों की है वह भी पक्की सड़कों से जोड़े जायेंगें। यह डबल इंजन की सरकार ही है जो हर व्यक्ति की छोटी-बड़ी समस्याओं का ध्यान रखकर जनहितैषी योजनाओं से लांभावित कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में हर मांग पूरी करना मेरा कर्तव्य सुरखी विधानसभा क्षेत्र में भवनविहीन शास. माध्यमिक शाला जेरा, विशनपुर, बरखेरा महंत, धाउ, हड़ा एवं भवन निर्माण हेतु शास. हाईस्कूल विदवास, बरोदा सागर, मिडवासा, मसुरहाई, गेहूंरास बुजुर्ग, पड़रई, आदि के लिए मांग की गई थी। मंत्री  राजपूत द्वारा की गई मांग को पूरा करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जो भी मांग मंत्री  राजपूत द्वारा की जायेगी वह पूरी होगी और शिक्षा के लिए हर मांग पूरी करना मेरा दायित्व है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि विकास करने वाली सरकार है जिसमें 80 प्रतिशत बजट केवल गांव के लिए आवंटित किया है, जिससे पता चलता है कि सरकार जमीनी स्तर से काम कर ही है।