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CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई  जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई,  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है। प्रथम दृश्टया आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं

यमुना एक्सप्रेसवे पर तेजी से आकार ले रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत, कुछ इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू, योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रगति पर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति का असर अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेज प्रगति दर्ज की गई है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। 76 निवेशकों को मिला पजेशन भूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य भी प्रगति पर निर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। 7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारी प्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना टॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़, 3 नक्सली मारे गए, एक जवान शहीद

बीजापुर  बीजापुर (Bijapur) और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र में पुलिस (Police) और नक्सलियों (Naxalite) के बीच पिछले दो दिनों से भीषण मुठभेड़ जारी है. यह मुठभेड़ एक बड़े एंटी नक्सली ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई, जिसे सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के निर्णायक सफाए के रूप में देखा है. मुठभेड़ के दौरान अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है. घटना स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR बरामद की गई है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक जारी नहीं की गई है और उनकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. अबुझमाड़ जंगल इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं।पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR राइफल बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।इस अभियान के दौरान C-60 यूनिट के कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। वहीं एक अन्य जवान कांस्टेबल जोगा मडावी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक जवान शहीद, एक घायल इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को भी नुकसान झेलना पड़ा है. C-60 कमांडो के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्‍ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शहादत प्राप्त की. पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि जंगलों में अभी भी नक्सलियों का समूह सक्रिय हो सकता है, इसलिए आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुठभेड़ जिस इलाके में चल रही है, वह घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के कारण नक्सलियों का पुराना ठिकाना माना जाता रहा है. महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों को गति दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहेंगे.

“आप 75 के हो गए,” पर पीएम मोदी ने जवाब दिया, “अभी तो 25 बाकी हैं”

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों से संवाद में अहम बात कही। उन्होंने कहा कि किसी को भी बीते वक्त का हिसाब लगाने की बजाय भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के एक वाकये का जिक्र किया और कहा, 'एक नेता ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया था। 17 सितंबर को फोन करके मुझसे कहा कि आपके 75 हो गए हैं। इस पर मैंने कहा कि अभी 25 बाकी हैं। मैं बीते हुए को गिनता नहीं हूं, जो बचा है, उसकी गिनती करता हूं।' इसी को लेकर उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इसलिए मैं आप लोगों से भी कहता हूं कि बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद मत कीजिए। जो बचा है, उसे जीने के बारे में सोचिए। यह बात प्रधानमंत्री ने तब कही, जब पूर्वोत्तर की एक छात्रा ने उनसे कहा कि मेरा जन्मदिन भी 17 सितंबर को ही होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार अखबारों में छपता है कि इस बार परीक्षा काफी कठिन रही। आखिर इसका क्या कारण होता है? पेपर तो सिलेबस से बाहर का नहीं होता है। फिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि परीक्षा कठिन थी। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को शॉर्ट में पढ़ने की आदत होती जा रही है। पहले स्योर सजेशन दिए जाते थे। फिर मॉडल पेपर बढ़े जाने लगे और अंत में यह हुआ कि बीते 10 सालों के प्रश्न पत्र आने लगे। परीक्षा में चर्चा में स्टूडेंट को पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कहा? परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल एग्जाम के मुद्दे पर बात की बल्कि छात्रों के साथ हंसी-मजाक भी की. उन्होंने स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने के साथ ही कई विषयों पर टिप्स दिए हैं. लेकिन इस दौरान एक वाक्या को लोग बार-बार देख रहे हैं और खूब हंस रहे हैं.  वहां पर मौजूद बच्चों ने पीएम मोदी को अपने-अपने देश की यूनिक चीजें गिफ्ट की. इस दौरान वहां पर मौजूद एक छात्रा ने उन्हें चाय की पत्ति गिफ्ट किया.  इसे देखकर पीएम ने कहा कि चाय वाले को चाय… यह सुनते वहां का माहौल पूरा बदल गया और सारे छात्र हंसने लगे. फिर छात्रा उन्हें बताती है कि ये आर्गेनिक चाय है. पीएम ने उस छात्रा को ये भी कहा कि तुम कविता अच्छा लिखती हो, लिखना जारी रखना. अब जो छात्र बीते 10 साल के पेपर ही पढ़कर पहुंचे हैं और यदि उनसे अलग सिलेबस की कोई और चीज पूछ ली गई तो उन्हें परीक्षा कठिन लगती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बीमारी तब भी थी, जब मैं पढ़ता था। इस बीमारी को फैलाने का कम कुछ टीचर भी फैलाते हैं। उन्हें लगता है कि मेरी क्लास का रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहे। इसलिए वही चीज पढ़ाते हैं, जिससे नंबर मिलें। लेकिन अच्छे अध्यापक सर्वांगीण विकास की बात करते हैं और पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं। इस दौरान उन्होंने एक गेंदबाज का उदाहरण दिया और कहा कि यदि वह अपने कंधे को ही मजबूत करता रहे तो क्या अच्छा खिलाड़ी बन पाएगा। पीएम ने लाइट किया छात्रों का मूड  प्रधानमंत्री का यह भाव हल्के‑फुल्के अंदाज में छात्रों को जोड़ने और माहौल को सहज बनाने का तरीका था. पीएम मोदी अक्सर अपनी निजी यात्रा और जीवन की शुरुआत का जिक्र करते हैं, जब वे रोज रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले “चाय वाले” की भूमिका भी निभा रहे थे. यह उदाहरण उन्होंने साधारण जीवन के अनुभव और मेहनत का संदेश देने के लिए कई बार इस्तेमाल किया है.  इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से उनके पढ़ाई, मार्क्स, AI, टीचर्स समेत कई विषयों पर संवाद किया है.  जो पढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं… कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पूछा गया कि अक्सर ही ऐसा होता है कि हम जो भी पढ़ते हैं, वह बहुत जल्दी भूल जाते हैं. इसके जवाब में पीएम ने छात्रों से कहा कि आपको हमेशा आज का दिन याद रहेगा क्योंकि आप इसमें पूरी तरह से इनवॉल्व हैं. ऐसे में आप खुद को कम होशियार बताएं और ज्यादा होशियारी से बात करें या राय लें.   मार्क्स बन गई है बीमारी  इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें ये भी बताया कि उन्हें केवल मार्क्स के पीछे नहीं भागना चाहिए. उन्होंने मार्क्स को बीमारी बताया है. ऐसे में अपने मन को नंबर से जोड़ने के बजाय जीवन में कहां जाएं, इसपर ध्यान देने की जरूरत है.  PM मोदी बोले- पढ़ाई एक माध्यम है, उसके लिए जिंदगी नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके लिए यह जरूरी है कि पूरा शरीर मजबूत हो। मानसिक रूप से सक्षम हो। इसी तरह परीक्षा के लिए पूरी जिंदगी नहीं है। यह जिंदगी को संवारने का एक माध्यम है, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अंतिम लक्ष्य यह है कि संपूर्ण जिंदगी बेहतर बने। हमें 10 सालों के पेपर पढ़ने जैसी सोच के साथ खुद को सीमित नहीं करना चाहिए। जिंदगी सबसे उत्तम बने, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम, 10 महीने में बनाए 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में नंबर एक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।"- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय "प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

मुंबई मेयर चुनाव की रेस में बीजेपी के 3 नाम, शिंदे की रणनीति क्या होगी?चौंका सकता है उद्धव गुट

मुंबई  महाराष्ट्र के नगर महापालिका चुनाव नतीजे आने के तीन हफ्ते के बाद अब मुंबई में बीएमसी के मेयर चुनाव काउंटडाउन शुरू हो गया है. मुंबई से सटे सभी शहरों में मेयर चुने जाने के बाद अब कहीं जाकर बीएमसी की बारी है. बीएमसी मेयर पद के लिए 11 फरवरी को चुनाव है, जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो रही है. ऐसे में सभी की निगाहे लगी है कि मुंबई का नया मेयर कौन होगा?  मुंबई का मेयर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है. ऐसे में मेयर के लिए 6 फरवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है और 7 फरवरी तक चलेगी.  इसके बाद 11 फरवरी को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है और उसी दिन मेयर और डिप्टीमेयर के लिए चुनाव होंगे.  बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन उसे अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है.  ऐसे में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिली हैं, जिसका समर्थन हासिल कर अपने मेयर बना सकती है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी कैसे शिंदे के साथ बैलेंस बनाकर अपना मेयर बनाती है?  बीएमसी का मेयर चुनाव बना रोचक मुंबई के 227 सीटों वाली बीएमसी में मेयर के लिए 114 नगर सेवकों की जरूरत होती है. बीएमसी में बीजेपी के पास सबसे अधिक 89 नगर सेवक हैं जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के पास 65 नगर सेवक हैं तो कांग्रेस के पास 24 सीटें है.  शरद पवार की पार्टी एनसीपी के पास महज एक पार्षद है तो अजित पवार की एनसीपी के 3 पार्षद हैं. राज ठाकरे की पार्टी मनसे के 6 पार्षद हैं तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के 8  और समाजवादी पार्टी के 2 पार्षद हैं.  मुंबई में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को कुल मिलाकर 118 नगर सेवक हो रहे हैं. इस तरह से महायुति को स्पष्ट बहुमत का नंबर होने के बावजूद मेयर पद के लिए दोनों की सहमति  नहीं बन पा रही है. वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी मेयर के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने का ऐलान करके मुकाबले को रोचक बना दिया है. शिंदे-बीजेपी में कैसा बनेगा फॉर्मूला बीएमसी चुनाव के नतीजे ऐसे आए हैं कि कोई भी पार्टी अपने दम पर अपना मेयर बनाने की स्थिति में नहीं है. मुंबई चुनाव में बीजेपी भले ही सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए एकनाथ शिंदे की बैसाखी की जरूरत होगी. शिदे बीएमसी में 29 पार्षद लेकर किंगमेकर के रोल में है, जिनके समर्थन के बिना बीजेपी के सियासी मंसूबे के कामयाब नहीं होंगे.  बीजेपी अजित पवार की एनसीपी के पार्षद को मिलाकर भी अपना मेयर नहीं बना सकती है. ऐसे में शिंदे के साथ ही सहमति का फॉर्मूला बनाना होगा. शिंदे भी मुंबई में अपना मेयर चाहते हैं, जिसके लिए सार्वजनिक रूप से मांग भी उठा चुके हैं. ऐसे में बीजेपी बीएमसी में कब्जा जमाने के लिए डिप्टीमेयर का पद शिंदे की शिवसेना को देने का ऑफर दे सकती है. इसके बाद ही बीजेपी अपना मेयर बना पाएगी, लेकिन उसके लिए शिंदे की रजामंदी जरूरी है.  उद्धव ठाकरे का क्या है सियासी गेम  मुंबई के मेयर पद लेकर उद्धव ठाकरे खेमा एक्टिव है.  शिवसेना (यूबीटी) मुंबई मेयर और उपमेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार उतारने का दांव चल सकती है. मेयर चुनाव को लेकर शुक्रवार दोपहर मातोश्री में पार्टी नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, शिवसेना (UBT) के मुंबई के विधायक और कुछ प्रमुख पार्षद मौजूद रहेंगे.  मेयर चुनाव को लेकर इसी बैठक में यह अंतिम फैसला लिया जाएगा कि पार्टी बीएमसी में अपना उम्मीदवार उतारेगी या नहीं. बीएमसी में शिवसेना(यूबीटी) के नेता किशोरी पेडणेकर ने व्हीप जारी कर सभी पार्षदों को 11 फरवरी तक मुंबई से बाहर नहीं जाने के आदेश दिए हैं. संजय राउत ने दावा किया है कि शिवसेना खेमे के कई पार्षद और एकनाथ शिंदे खुद भी नहीं चाहते हैं कि मुंबई में बीजेपी का मेयर बने?  BMC मेयर के लिए BJP से रेस में 3 नाम  बैठक होगी और नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा. बीजेपी की ओर से मेयर पद के लिए तीन नामों पर चर्चा हो रही है. इनमें राजश्री शिरवलकर, ऋतु तावड़े और शीतल गंभीर का नाम शामिल है.  वहीं, डिप्टी मेयर का पद शिंदे गुट की शिवसेना के खाते में जाएगा. शिवसेना को दिए जाने वाले डिप्टी मेयर के पद के लिए दो नामों पर चर्चा हो रही है. इसमें तृष्णा विश्वासराव और यामिनी जाधव का नाम शामिल है. वहीं स्थायी समिति के अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास रहेगा. मुंबई महानगरपालिका में सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षण की घोषणा की गई है. इसलिए, मुंबई की बागडोर एक महिला के हाथों में होगी. क्या मुंबई में मेयर चुनाव निर्विरोध होंगे?  एबीपी माझा के मुताबिक, मुंबई मेयर को लेकर चर्चा के बीच यह भी खबर है कि ठाकरे की शिवसेना मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार उतारेगी. इस संबंध में ठाकरे की शिवसेना के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि हमारे लोग काम कर रहे हैं. इसलिए, ठाकरे की शिवसेना की ओर से 7 फरवरी को महापौर पद के लिए आवेदन दाखिल करने की संभावना है.  बीएमसी चुनाव में बहुमत न मिलने के बावजूद, ठाकरे की शिवसेना (UBT) अपना उम्मीदवार उतारेगी. बीजेपी-शिंदे गठबंधन के 138 सदस्य हैं, जिनमें बीजेपी के 89 और शिंदे शिवसेना के 29 पार्षद शामिल हैं. इसलिए, बीजेपी के मेयर के चुनाव में कोई समस्या नहीं होगी. कैसे की जाती है स्थायी समिति की गणना? स्थायी समिति के नतीजों के बाद आए आंकड़ों के अनुसार, विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों को 13-13 सदस्य मिले. इसलिए, स्थायी समिति में अपनी ताकत बढ़ाने के उद्देश्य से शिंदे शिवसेना और बीजेपी ने एनसीपी के अजित पवार गुट की मदद लेने का फैसला किया है. शिंदे शिवसेना ने अपना गुट रजिस्टर्ड करा लिया है और अजित पवार गुट एनसीपी के साथ सहयोगी गुट के रूप में पंजीकरण कराने के लिए बातचीत चल रही है. हालांकि, … Read more

Silver Price Crash: चांदी में मचा हंगामा, 40% गिरावट, भारत में तेजी से हुआ क्रैश

  नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतें जिस तेजी से बीते कुछ समय में भागी थीं, अब उससे तेज रफ्तार से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. खासतौर पर चांदी की कीमतों में तो ग्लोबल कोहराम मचा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Silver Price हाई से 40 फीसदी तक टूट चुका है, तो भारत में भी ये लगातार क्रैश होती जा रही है. सिर्फ गुरुवार को ही कॉमेक्स में सिल्वर प्राइस में 20% की बड़ी गिरावट आ गई और ये सस्ती होकर 64 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.  चांदी में निवेश करने वालों का बुरा हाल चांदी जिस तेज रफ्तार से भाग रही थी, उसे देखकर इसे खरीदने में पीछे रह गए लोग चिंता में थे, लेकिन अब इसमें निवेश करने वाले दाम और बढ़ने की आस में बेहाल है, क्योंकि ये हाई पर पहुंचने के बाद हर रोज क्रैश (Silver Price Crash) हो रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को स्पॉट सिल्वर एक झटके में करीब 20 फीसदी के आसपास डाउन हो गई और इस तरह से ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से करीब 40 फीसदी की गिरावट के साथ 64 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गई. इसका भाव बीते महीने 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था.  भारत में चांदी का क्या होगा?  Silver Price  में मचे इस ग्लोबल कोहराम का असर भारत में इस कीमती धातु के दाम में और तेज गिरावट के रूप में दिखने की आशंका जताई जा रही है, जबकि पहले से ही ये दनादन क्रैश हो रही है. बता दें कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बीते 29 जनवरी को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 4,30,048 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंच गया था और अब तक इस स्तर से ये 1,76,233 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है.  कल इतना टूटी थी भारत में चांदी  एमसीएक्स पर सिल्वर प्राइस में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को आई गिरावट पर गौर करें, तो शुरुआती कारोबार में ही 1 Kg Silver Price गिरकर 2,30,499 रुपये पर आ गया था. हालांकि, कारोबार के अंत में इसकी कीमत में कुछ सुधार भी देखने को मिला, लेकिन फिर भी ये अपने हाई से काफी नीचे 2,43,815 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई.  इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी एक ही दिन में 25,035 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.  इसके बीते 4 फरवरी का बंद भाव 2,68,850 रुपये था.  सोना भी संभल नहीं पा रहा चांदी के अलावा अगर Gold Rate Crash पर नजर डालें, तो बीते कुछ दिनों में ही ये भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है. बीते 29 जनवरी को चांदी की तरह ही तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold का रेट भी 1,93,096 रुपये पर पहुंच गया था और इस हाई लेवल से एमसीएक्स पर सोना अब तक 41,025 रुपये सस्ता है, बीते कारोबारी दिन गुरुवार को ये 1,52,071 रुपये पर क्लोज हुआ था. 

भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत, कई दिन से बीमार बुजुर्ग की मौत से मचा हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में देर रात एक और मौत हो गई। मृतक का नाम अलगूराम यादव (70) है। उन्हें 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। इनके सहित अब तक इस हादसे में 33 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी।  अभी हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। दरअसल, भागीरथपुरा में एक और मौत का मामला सामने आया है। हलकूप्रसाद यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले उनकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है, जिससे शोक का माहौल है।   लोगों में डर का माहौल लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोगों में अब भी डर का माहौल है। उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के बाद बीमारी बढ़ती है और फिर धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर असर होना शुरू हो जाता है। पिछले दिनों हुई मौतों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है। इसके पहले अलगूराम यादव की पत्नी की भी दूषित पानी से मौत हो चुकी है। उर्मिला यादव को भी उल्टी-दस्त की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उर्मिला यादव ने दम तोड़ा था। उनकी मौत को महीनेभर हो गए हैं। अगलूराम यादव के बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी-दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। बेटे नीलेश ने बताया था कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। चैंबर में ही जोड़ दी निजी ड्रेनेज लाइन वार्ड 80 के रहवासी कुछ दिनों से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो चौंक गए। कुछ रहवासियों ने नर्मदा के चैंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया। लोगों ने की गंदगी की शिकायत निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत रंगवासा सिंदौड़ा स्थित ताप्ती परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने फेस-दो के ब्लाकों में बचे हुए काम और विद्युतीकरण के कार्य को शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिए। फेस-एक और तीन आवासीय इकाइयों का काम पूरा हो चुका है। यहां 1500 से ज्यादा परिवार रहते हैं। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने रहवासियों से चर्चा भी की। रहवासियों ने सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हाल) के निर्माण में देरी, साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर असंतोष जताया।  हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का दिया था आदेश 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौतों के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शासन और नगर निगम की रिपोर्ट को ‘आई-वॉश’ करार दिया था। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का आदेश दिया था। हाईकोर्ट में ढाई घंटे सुनवाई भागीरथपुरा मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनवाई चली। सरकार की ओर से कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 16 मौतें दूषित पानी से होनी बताई गई। वहीं 4 मौतों को लेकर असमंजस और 3 मौतें दूषित पानी से नहीं होना बताई गईं। मौतों के आंकड़ों पर भारी विरोधाभास हाईकोर्ट ने मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर असहमति दर्ज की। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतें जलजनित बीमारी से मानी गईं। वहीं याचिकाकर्ताओं ने करीब 30 मौतों का दावा किया। कोर्ट ने कहा था कि रिपोर्ट में मौतों के स्पष्ट कारण दर्ज नहीं हैं। पर्याप्त वैज्ञानिक और दस्तावेजी आधार का अभाव है।

एमपी में ठंड ने पकड़ी रफ्तार, तापमान 10 डिग्री से कम, इंदौर-मुरैना में धूप, 8 फरवरी से नया मौसम सिस्टम

भोपाल  वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सिस्टम का असर खत्म होते ही मध्य प्रदेश में सर्दी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। उत्तरी हवाओं के तेज होने से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं रात का तापमान कई इलाकों में 10 डिग्री से नीचे चला गया। ओले-बारिश से मिली राहत के बाद अब ठंड और कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, बीते एक हफ्ते से सक्रिय सिस्टम के कमजोर पड़ते ही गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि 30 से ज्यादा जिलों में हलके से घने कोहरे ने सुबह की रफ्तार थाम दी।  एमपी में अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने 7 फरवरी को प्रदेश में हल्का कोहरा रहने का अनुमान जताया है लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. इस बीच तेज ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के ऊपर बना रहेगा. इसके साथ ही 8 फरवरी को कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है. इस दिन भी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 8 फरवरी से नया मौसम सिस्टम होगा सक्रिय, फिर गिरेगा मावठा मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा. इसके असर से प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना जताई गई है. राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार शुक्रवार को राजगढ़ में सबसे कम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसके बाद रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है. वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री रहा है. बड़े शहरों में भी ठंड का असर, गिरा न्यूनतम तापमान भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा इंदौर में 13.2 डिग्री, जबलपुर में 13.5 डिग्री और ग्वालियर में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ. न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा में 7.2, खजुराहो में 8.2, दतिया में 8.4, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तथा पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और उज्जैन में 13 डिग्री, इंदौर में 13.2 और जबलपुर में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर में पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया। सुबह-सुबह कोहरे की चादर शुक्रवार सुबह ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में हलका से मध्यम कोहरा छाया रहा। कोहरे का असर परिवहन पर भी दिखा। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई है। मालवा, सचखंड और शताब्दी जैसी ट्रेनों के यात्री देरी से परेशान नजर आए। अगले दो दिन का मिजाज 7 फरवरी: हलका कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं, ठंड बनी रहेगी। 8 फरवरी: कई जिलों में हलका से मध्यम कोहरा, फिलहाल बारिश नहीं। फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा और 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है। यानी ठंड के साथ बारिश का दौर एक बार फिर लौट सकता है। 

U19 World Cup Final: ‘यंग’ टीम इंडिया का खिताबी मिशन, इंग्लैंड को ध्वस्त करने के लिए वैभव का तूफानी बल्ला

 हरारे आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 6 फरवरी (शुक्रवार) को भारतीय टीम का सामना इंग्लैंड से होगा. हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला खेला जाना है. रिकॉर्ड छठा अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ भारत इस मुकाबले में उतरेगा. वहीं इंग्लिश टीम की निगाहें दूसरी बार खिताबी जीत हासिल करने पर हैं. भारतीय समयानुसार इस मुकाबले में टॉस दोपहर 12.30 बजे होगा और पहली गेंद दोपहर 1 बजे फेंकी जाएगी. यह भारत की 10वीं बार U19 वर्ल्ड कप फाइनल में एंट्री है. साथ ही भारत लगातार छठा फाइनल खेलने जा रहा है. ये सिलसिला 2016 में शुरू हुआ था. भारत अब तक 5 बार चैम्पियन रह चुका है. उसने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब जीता था. इंग्लैंड ने अब तक सिर्फ 1 बार U19 वर्ल्ड कप जीता है, जब साल 1998 में उसने न्यूजीलैंड को हराया था. खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी धमाल मचाना चाहेंगे. वैभव ने अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार 68 रन बनाए थे. उस मुकाबले में एरॉन जॉर्ज ने तो शतक ठोक दिया था. कप्तान आयुष म्हात्रे, अभिज्ञान कुंडू, उप-कप्तान विहान मल्होत्रा भी फॉर्म में चल रहे हैं. गेंदबाजी में आरएस अम्बरीश, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल, खिलान पटेल और कनिष्क चौहान ने दमदार प्रदर्शन किया है. फाइनल में भारत की संभावित प्लेइंग-11: एरॉन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), आरएस अम्बरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल और दीपेश देवेंद्रन. फाइनल में इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग-11: बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूर्स, बेन मेस, थॉमस रेव (कप्तान/विकेटकीपर), कालेब फाल्कनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लम्सडेन और एलेक्स फ्रेंच. इंडिया U19 vs इंग्लैंड U19 (H2H) कुल मैच: 55 भारत ने जीते: 41 इंग्लैंड ने जीते: 13 टाई: 1 बेनतीजा: 0 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत का फुल स्क्वॉड: आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा (उप-कप्ताान), वैभव सूर्यवंशी, एरॉन जॉर्ज, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन, खिलान पटेल, मोहम्मद एनान, हरवंश पंगालिया, आरएस अम्बरीश, कनिष्क चौहान, किशन कुमार सिंह और उधव मोहन. अंडर-19 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का फुल स्क्वॉड:  बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूर्स, बेन मेस, थॉमस रेव (विकेटकीपर/कप्तान), कालेब फाल्कनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लम्सडेन, एलेक्स फ्रेंच, एलेक्स ग्रीन, इसक मोहम्मद, ल्यूक हैंड्स, विल बेनिसन और अली फारूक.