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भोपाल में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान–दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के मध्य समझौता ज्ञापन

भोपाल. भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System – IKS) के संरक्षण, संवर्धन एवं शैक्षणिक अनुसंधान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। उक्त समझौता ज्ञापन पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक श्री मुकेश कुमार मिश्रा तथा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल द्वारा विधिवत हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के मध्य भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित अनुसंधान, अकादमिक गतिविधियों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, व्याख्यानों एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन हेतु परस्पर सहयोग स्थापित किया जाएगा। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत भारतीय दर्शन, संस्कृति, साहित्य, परंपरागत विज्ञान एवं ज्ञान-विरासत से जुड़े विषयों पर अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को भारतीय ज्ञान प्रणाली के विविध आयामों से परिचित कराने हेतु संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा में समाहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल से प्रोफेसर एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंघई, भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) प्रभारी एवं ग्रंथपाल डॉ. प्रज्ञा नायक, तथा सहायक प्राध्यापक अमर प्रकाश पांडेय उपस्थित रहे। वहीं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल की सह सचिव डॉ. अल्पना त्रिवेदी एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रभाकर पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों ने इस सहयोग को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं अकादमिक उन्नयन की दिशा में मील का पत्थर बताया तथा यह आशा व्यक्त की कि यह समझौता भविष्य में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करेगा।  

कास्ट सेंसस को लेकर सरकार ने खोले पत्ते, संसद में बताया कब और कैसे होंगे सवाल जारी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के तहत जाति गणना पर उपजे गतिरोध को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि जनगणना के दूसरे चरण में जाति से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। जनगणना के साथ-साथ जाति गणना कराने के अपने इरादे को जताते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत में जनगणना की प्रक्रिया परंपरागत रूप से दो चरणों में पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO)का काम संपन्न होगा। इसके तहत इस चरण में हर घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति, सुविधाएं और बुनियादी ढांचा जैसी जानकारियां जुटाई जाएंगी।। राय ने बताया कि सरकार ने मतगणना के इस चरण से जुड़े प्रश्नों को 22 जनवरी 2026 को अधिसूचित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस चरण के बाद दूसरा चरण- जनसंख्या गणना (Population Enumeration – PE) का होगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां ली जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी चरण में जाति की गणना भी की जाएगी। जाति गणना पर राज्यों की मांग गृह राज्य मंत्री ने बताया कि जाति गणना को लेकर कई राज्यों और संगठनों से सुझाव और मांगें मिली हैं, जिनमें तमिलनाडु राज्य की ओर से भेजे गए अभ्यावेदन भी शामिल हैं। उन्होंने उन मांगों और जाति गणना पर उपजे गतिरोध को दूर करते हुए कहा कि दूसरे चरण के लिए प्रश्नावली, जिसमें जाति से जुड़े प्रश्न भी शामिल होंगे, जनगणना शुरू होने से पहले तय कर अधिसूचित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और स्थापित प्रक्रिया के तहत होगी। क्या है खास बात? दरअसल, लंबे समय से जाति आधारित जनगणना को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है क्योंकि जाति जनगणना को लेकर नीति और तकनीकी मैकेनिज़्म अभी तक अंतिम रूप में सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों और न्यायालय ने भी कहा है कि डेटा की सत्यता और भरोसेमंद रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जांच-प्रक्रियाएँ बनानी होंगी। बहरहाल, जनगणना 2027 में जाति को शामिल करने की पुष्टि को एक अहम नीतिगत कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक नीतियों को दिशा मिल सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि दूसरे चरण की प्रश्नावली में जाति से जुड़े सवाल किस स्वरूप में रखे जाते हैं। 2027 की जनगणना 16वें राष्ट्रीय सर्वेक्षण के रूप में होगी। हिमालयी और बर्फ़ीले इलाकों में पहले चरण की गिनती 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी, जबकि बाकी देश में मुख्य गणना 1 मार्च 2027 से रेफरेंस डाटा के साथ शुरू होगी। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की जाएगी, जिसमें मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए लोगों को अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प मिलेगा।  

विगत 10 दिनों में ग्‍वालियर एवं इंदौर में की गई बड़ी कार्यवाही

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेश के ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में वाहन किराये पर लेकर उन्हें गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। इस में पुलिस ने विगत 10 दिनों में 06 करोड़ 50 लाख रूपए से अधिक के 54 वाहन जब्‍त किए हैं। ग्वालियर में 15 वाहन जब्‍त क्राईम ब्रांच पुलिस ने किराए पर ली गई 4 पहिया गाड़ियों को फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा स्वयं को एक निजी कंपनी का मैनेजर बताकर ट्रेवल्स संचालकों से बड़ी संख्या में वाहन किराए पर लेता था तथा वाहनों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 15 चार पहिया वाहन कीमती लगभग 01 करोड़ 50 लाख रुपये को विधिवत जब्त किया। इंदौर- 39 चार पहिया वाहन जब्‍त इंदौर जिले में भी थाना अन्नपूर्णा पुलिस ने किराए पर ली गई कारों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहन मालिकों से 11 माह का लिखित एग्रीमेंट कर कारें किराए पर लेता था। प्रारंभ में 2–3 माह किराया देने के बाद वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देता था। आरोपी वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम हटाकर वाहन मालिकों को किराया देना बंद कर देता था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अन्नपूर्णा में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान थाना अन्नपूर्णा पर करीब 40 से अधिक वाहन मालिकों द्वारा आरोपी के विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिससे आरोपी द्वारा संगठित एवं बड़े स्तर पर वाहन धोखाधड़ी करना उजागर हुआ।विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 39 चार पहिया वाहन जप्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ से अधिक है। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा ग्वालियर एवं इंदौर जिलों में की गई इन संयुक्त कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप कुल 54 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 6 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक है। मध्यप्रदेश पुलिस की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही से न केवल संगठित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, बल्कि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को भी आर्थिक क्षति से राहत प्राप्त हुई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय वन मंत्री श्री यादव से की दिल्ली में भेंट

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्य जीव संरक्षण की असीम संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठा रही है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बसाहट के बाद अब असम का जंगली भैंसा भी मध्यप्रदेश के जंगलों में स्वछंद विचरण करता दिखाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम से जंगली भैंसा मध्यप्रदेश लाने की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री  यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण और जैव-विविधता संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के सहयोग के लिये आभार माना केंद्रीय मंत्री  यादव ने प्रदेश के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय खाद्य मंत्री  प्रह्लाद जोशी से की मुलाकात किसान कल्याण वर्ष और गेहूँ उपार्जन भंडारण की दी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है। इस वर्ष में हमारी सरकार किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य दिलाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन एवं भंडारण की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को नई दिल्‍ली में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  प्रह्लाद जोशी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  जोशी से मध्यप्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष और गेहूं उपार्जन एवं भंडारण व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं का उपार्जन सरलता से पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के साथ होता है। केंद्रीय मंत्री  जोशी ने मध्यप्रदेश को गेहूं उपार्जन में हरसंभव आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री वैष्णव से की सौजन्य भेंट

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से संसद भवन में बुधवार को सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में रेल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित एवं प्रगतिरत रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  

यात्रियों की सुविधा में नया आयाम : पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रयास से अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस अब रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 से चलेगी

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने यात्रियों की सुविधा संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। उनके प्रयासों के फलस्वरूप गाड़ी संख्या 18242 (अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस) अब रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 से प्रस्थान करेगी। यह व्यवस्था दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन के सहयोग से लागू कर दी गई है। राजधानी रायपुर की आम जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के कार्यालय ने मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर को पत्र लिखकर इस सुविधा की मांग की थी। पत्र में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की गई थी। मंडल रेल प्रबंधक द्वारा इस पत्र का शीघ्र संज्ञान लेते हुए गाड़ी को प्लेटफॉर्म-01 पर लेने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस जनहितैषी निर्णय से अंबिकापुर, दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आने वाले हजारों यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिए यह व्यवस्था वरदान साबित होगी।  मंडल रेल प्रबंधक एवं संबंधित रेल अधिकारियों के सहयोग के लिए पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समस्त यात्रियों को इस सुविधा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी श्रद्धालुओं को बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर. 850 श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए भारत गौरव स्पेशल ट्रेन से अयोध्या रवाना भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या धाम की यात्रा को सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से 850 भक्तों से भरी स्पेशल ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को वाराणसी में काशी विश्वनाथ जी के दर्शन का विशेष लाभ भी प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी पहल ने छत्तीसगढ़ वासियों की धार्मिक आस्थाओं को नई ऊंचाई प्रदान की है। श्रद्धालुओं को प्रेषित संदेश में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और आईआरसीटीसी के सहयोग से हम यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यह हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच का प्रतीक है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्तिमय वातावरण छाया रहा। ‘जय  राम‘ के उद्घोषों से स्टेशन गूंज रहा था। श्रद्धालुओं भजन-कीर्तन गा रहे थे। स्टेशन परिसर को फूलों, रंगोली और भगवा ध्वजों से सजाया गया था। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के कर्मचारियों ने यात्रियों का स्वागत चाय, नाश्ता और स्मृतिचिन्ह प्रदान कर किया। जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, मुंगेली जिला पंचायत अध्यक्ष  कांत पांडे, सभापति मती अंबालिका साहू सहित जिला प्रशासन के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे। ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं ने बताया कि वे बेहद अच्छा अनुभव कर रहे हैं। मुंगेली की रहने वाली सुनीता बाई ने कहा कि पहली बार अयोध्या जाने का सौभाग्य मिला। राज्य सरकार की इस योजना ने सब कुछ आसान कर दिया। ट्रेन में स्वादिष्ट भोजन और राज्य सरकार की सभी तरह की व्यवस्थाएं देखकर मन प्रसन्न हो गया। काशी विश्वनाथ दर्शन का अवसर मिलना तो जैसे स्वप्न साकार हो गया है। बिलासपुर के रामेश्वर साहू ने बताया कि रेलवे स्टेशन का माहौल देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे यह यात्रा जीवन भर याद रहेगी। यह योजना राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत श्रद्धालुओं को निःशुल्क यात्रा टिकट, शाकाहारी भोजन, चिकित्सा सुविधा प्रदान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल यात्रा का समग्र प्रबंधन कर रहा है, जबकि आईआरसीटीसी टिकटिंग, भोजन और दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। राज्य सरकार की यह पहल धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि को मजबूत करने वाली साबित हो रही है।

राज्य को मिला नया मुख्यमंत्री: युमनाम खेमचंद सिंह ने ली शपथ, डिप्टी सीएम और मंत्री भी शामिल

मणिपुर हिंसाग्रस्त मणिपुर को लंबे राष्ट्रपति शासन के बाद अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है। मार्शल आर्ट के धुरंधर मैतेई समुदाय के युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर आज शपथ ली। इससे पहले आज उन्होंने मणिपुर के राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।   वहीं, भाजपा विधायक नेमचा किपगेन ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। किपगेन कुकी समुदाय से हैं। इसके अलावा, नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल डिखो ने भी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी केके लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से डिजिटल माध्यम से शपथ ली। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री खेमचंद ने क्या कहा? मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद खेमचंद ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मणिपुर विकसित भारत 2047 में अहम भूमिका निभाएगा। मणिपुर में 36 समुदाय हैं और हम राज्य में शांतिपूर्ण माहौल लाने की उम्मीद करते हैं।  भाजपा विधायक दल की बैठक में क्या हुआ? विधायक दल की मंगलवार को बैठक हुई, जिसमें खेमचंद (62 वर्षीय) को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी मुख्यालय में भाजपा विधायक दल की डेढ़ घंटे बैठक चली, जिसमें खेमचंद के नाम पर सहमति बनी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, पर्यवेक्षक तरुण चुघ की उपस्थिति में भाजपा मुख्यालय में विस्तार से हुई विधायक दल की बैठक में कई नामों पर विचार हुआ था।    बीरेन सिंह की पसंद को नहीं मिली तवज्जो चर्चा थी कि कुकी बनाम मैतेई समुदाय के बीच संतुलन साधने के लिए नई सरकार में कुकी समुदाय को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री के मामले में लिए गए निर्णय से साफ था कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की पसंद को तवज्जो नहीं मिली। बीरेन सात बार के विधायक मैतेई समुदाय के ही गोविंद दास को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुकी बनाम मैतेई में खूनी संघर्ष के बीच बीरेन ने कई बार केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना की। हालांकि, बीरेन को राज्यसभा भेजने का आश्वासन दिया गया है। नए सीएम के सामने बड़ी चुनौती मणिपुर में अगले साल मार्च में ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नए सीएम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मैतेई बनाम कुकी संघर्ष के बीच ऐसा संतुलन साधना है, जिससे विधानसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान न हो। पार्टी चाहती है कि आगामी चुनाव से पहले मणिपुर में जमीनी स्तर पर शांति बहाली हो। उल्लेखनीय है कि मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा को संभालने को लेकर आलोचनाओं के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। मणिपुर विधानसभा का 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र 6 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। 

राजनीतिक, गैर राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी पर मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर. द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक – उपमुख्यमंत्री शर्मा आज मंत्रालय मे पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े  दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा को दिए। बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ  गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।  

खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन

रायपुर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।  मुख्यमंत्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये। बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई। बैठक में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग पी दयानंद, संचालक खनिज रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।