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ग्रीन स्टील तकनीक पर झारखंड सरकार और टाटा के बीच करार

रांची. वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए झारखंड सरकार और टाटा स्टील लिमिटेड ने विश्व आर्थिक मंच में एक ऐतिहासिक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी न्यू एज ग्रीन स्टील प्रौद्योगिकियों में 11,000 करोड़ से अधिक के भारी निवेश की रूपरेखा तैयार करती है, जो एक स्थायी और कार्बन न्यूट्रल भविष्य और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की ओर एक ऊंची और लम्बी छलांग है। नीदरलैंड और जर्मनी के अत्याधुनिक नवाचारों को राज्य में लाकर यह पहल सुनिश्चित करती है कि झारखंड प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य बनाए रखते हुए हरित विनिर्माण के वैश्विक बदलाव में अग्रणी बना रहे। इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन एवं प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। इस निवेश का मुख्य आधार हिसारना और ईजीमेल्ट जैसी क्रांतिकारी आयरनमेकिंग तकनीकियों की उपयोगिता है, जिसमें कुल 7,000 करोड़ का निवेश शामिल है। क्या है हिसारना परियोजना? हिसारना परियोजना एक ऐसी सफल तकनीक है, जिसमें स्वदेशी कोयले और निम्न श्रेणी के अयस्क का उपयोग करने की क्षमता है, जिससे महंगे आयात पर निर्भरता कम होगी और स्टील उत्पादन अधिक किफायती बनेगा। यह तकनीक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक गेमचेंजर है, जिसमें कार्बन कैप्चर और स्टोरेज के साथ कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन में 80 प्रतिशत तक की कमी लाने की क्षमता है। नीदरलैंड में सफल पायलट परीक्षणों के बाद, टाटा स्टील 2030 तक जमशेदपुर में लगभग एक मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला एक वाणिज्यिक संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, ईजीमेल्ट (इलेक्ट्रिकली असिस्टेड सिनगैस मेल्टर) तकनीक पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस प्रक्रिया की स्थिरता को बढ़ाएगी। यह अपनी तरह का दुनिया का पहला समाधान है, जो सिनगैस का उपयोग करके कोक की खपत को कम करता है और कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है। औद्योगिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण आयरनमेकिंग के इन नवाचारों के अलावा इस निवेश पैकेज में एक अत्याधुनिक काम्बी मिल के लिए 1,500 करोड़ और टिनप्लेट विस्तार के लिए 2,600 करोड़ का प्रविधान किया गया है। यह व्यापक औद्योगिक खाका आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने, उच्च तकनीकी रोजगार के अवसर पैदा करने और डी-कार्बोनाइजिंग दुनिया में दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। ये पहल टाटा स्टील और झारखंड को बड़े पैमाने पर हरित आयरनमेकिंग तकनीक में फर्स्ट मूवर के रूप में स्थापित करती हैं, जिससे घरेलू प्रतिस्पर्धा और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। युवा झारखंड औद्योगिक विरासत से हरित नवाचार तक राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह ऐतिहासिक समझौता झारखंड के परिवर्तनशील औद्योगिक सफर का प्रतीक है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड एक पारंपरिक खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से निकलकर हरित नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में झारखंड में टाटा समूह से जुड़े खनन एवं विनिर्माण स्थलों पर औद्योगिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार और टाटा स्टील के बीच एक अलग एमओयू पर भी सहमति बनी है। बैठक के दौरान टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन ने मुख्यमंत्री की दावोस में सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड शिक्षा, विनिर्माण और खनन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा राज्य को ऐसे वैश्विक बिजनेस मंचों पर नियमित रूप से भाग लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राज्य की आइटीआइ संस्थाओं को रोजगार और बाजार उन्मुख बनाने के लिए टाटा स्टील द्वारा उन्हें गोद लेने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें कंपनी ने अपने सहमति जताई। इस अवसर पर टाटा समूह द्वारा मुख्यमंत्री को दावोस स्थित टाटा डोम में रात्रिभोज का आमंत्रण भी दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

अब बिना नली के जांच: 2040 में पिल एंडोस्कोपी से हार्ट व फैटी लिवर मरीजों को राहत

इंदौर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल द्वारा राष्ट्रीय स्तर की इंदौर जीआई कान्क्लेव का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंट्रोलाजी में हो रहे आधुनिक शोध और इलाज की नई तकनीकों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि वर्ष 2040 तक आज की जटिल एंडोस्कोपी जांच एक साधारण पिल (कैप्सूल) से संभव हो जाएगी। यह कैप्सूल न सिर्फ पाचन तंत्र की जांच करेगा, बल्कि फैटी लिवर, हार्ट की बीमारी और लकवे जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान और इलाज में भी मददगार होगा। इसके अलावा शराब के बढ़ते सेवन और उससे जुड़ी लिवर बीमारियों पर विशेष चिंता जताई गई।   विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है। कान्क्लेव में पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित वरिष्ठ लिवर विशेषज्ञ शिव सरिन की पुस्तक ओन योर बाडी का विमोचन किया गया। साथ ही पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण से सम्मानित एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डी नागेश्वर रेड्डी का सम्मान किया गया। इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक सुनील जैन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। कांफ्रेंस के आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी अमित अग्रवाल ने बताया कि कांफ्रेंस के पहले दिन सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) पर आधारित 16 जटिल केस किए गए। इनमें गालब्लैडर कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर, पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट में प्लास्टिक और मेटैलिक स्टेंट डालना, गैस्ट्रिक वैरिक्स में ग्लू और काइल से इलाज जैसे मामले शामिल रहे। लंबे समय से खून की उल्टी से पीड़ित मरीजों का ईयूएस के माध्यम से सफल उपचार भी किया गया। लाइव डेमो के जरिए ईयूएस एनाटामी को समझाया गया और बायोप्सी व स्टेंट डालने की प्रक्रिया बताई गई। इसके अलावा कांफ्रेंस में एल्कोहालिक लिवर डिजीज, मेटाबालिक एल्कोहालिक लिवर डिजीज (मेट-एएलडी), फैटी लिवर और एसाइटिस यानी पेट में पानी भरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश लिवर रोग शराब, फैटी लिवर और गलत खानपान से होते हैं। इस दौरान नई दिल्ली के आदर्श चौधरी, अमित महदेव, मुंबई के अनिल अरोरा, हैदराबाद के प्रमोद गर्ग आदि को सम्मानित किया गया।

रांची के स्कूल में बच्चों ने बनाए 10000 सीड बॉल

रांची. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल करने के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय महावीर नगर ऊपर टोला के प्रधानाचार्य रंथु साहु के नेतृत्व में शून्य से सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को हरित विद्यालय की राह दिखाई जा रही है। बच्चों को सीड बॉल बनाने के गुर सिखाए जा रहे हैं ताकि उन्हें सामाजिक सरोकार से जोड़ा जा सके। यह आइडिया स्कूल के प्राचार्य का था तो बच्चों ने भी जमकर पसीना बहाया और सीड बाल बनाकर अपने आसपास के क्षेत्रों में उसे फेंककर हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया। इस बार अच्छी वर्षा होने के कारण अपेक्षित सफलता भी मिली। प्राचार्य ने उत्साहित होकर कहा कि जिन जिन जगहों पर सीड बाल बच्चों के द्वारा फेंके गए थे वहां नई पौध निकल आई है। 10 हजार सीड बॉल किए तैयार प्राचार्य ने बताया कि बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से सीड बाल तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया था। बीज विद्यालय के पोषक क्षेत्र से विभिन्न प्रकार के बीज जैसे कटहल, आम, जामुन, महुआ, बढ़हर, करंज, इमली, कुसुम, डोरी, खजूर, केंद, शरीफा के अलावे विभिन्न प्रकार के बीज बच्चों के द्वारा विद्यालय में इकट्ठा किया गया। दस हजार सीड बाल बनाने के लिए विद्यालय के चार हाउस, इको क्लब, बाल संसद अन्य बच्चे एवं शिक्षक के सहयोग से तैयार किया गया। बताया कि सीड बाल वहां फेका गया जहां जमीन खाली थी और जहां झाड़ियों का झुंड था ताकि नई पौध निकालने पर उसका कोई नुकसान न हो। स्कूल प्रबंधन ने खलारी सीसीएल कर्मी को दिए तीन हजार सीड बॉल स्कूल प्रबंधन ने खलारी सीसीएल कर्मी को भी लगभग तीन हजार सीड बाल दिए। जहां कोयला निकालकर मिट्टी भरी गई, जहां खाली जमीन पड़ी थी, वहां सीड बाल लगाने के लिए दिए ताकि पर्यावरण को हरा भरा बनाया जा सके। इस कार्य में अपेक्षित सफलता मिली है और क्षेत्र के लोग इस कार्य की सराहना भी कर रहे हैं।

पहल रंग लाई: बुरहानपुर के 25 सरकारी स्कूलों में लगे RO प्लांट

बुरहानपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के 25 बड़े सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों और शिक्षकों को आरओ का शुद्ध पेयजल मिलेगा। जिससे वे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बच सकेंगे। चयनित स्कूलों में आरओ यूनिटों की स्थापना की जा चुकी है। मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र पाटिल ने इनका शुभारंभ भी करा दिया। मशीन का शुद्ध पानी पीकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने स्कूलों को ये मशीनें उपलब्ध कराई हैं।   उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में अन्य स्कूलों में भी आरओ मशीनें लगवाई जाएंगी। इससे उन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकेगा। बता दें कि जिले के कई सरकारी स्कूलों की पानी की टंकियों की सालों तक सफाई नहीं होती। साथ ही पानी की गुणवत्ता भी नहीं परखी जाती है। इन स्कूलों में लगाई आरओ यूनिट पहले चरण में जिन सरकारी स्कूलों में आरओ यूनिटें लगाई गई हैं, उनमें हायर सेकंडरी स्कूल लोनी, माध्यमिक विद्यालय बोहरडा, माध्यमिक विद्यालय हतनूर, हायर सेकंडरी स्कूल बिरोदा, कन्या माध्यमिक शाला बहादरपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदरली, हायर सेकंडरी स्कूल जसौंदी, हायर सेकंडरी स्कूल बंभाडा, एकीकृत शाला बोरसल, सुभाष उत्कृष्ट स्कूल बुरहानपुर, कन्या शाला चौक बाजार, सावित्री बाई फूले कन्या शाला, कन्या उर्दू स्कूल हरीरपुरा, पुरुषार्थी हायर सेकंडरी स्कूल, माध्यमिक शाला लालबाग, माध्य स्कूल फोपनार, हायर सेकंडरी स्कूल इच्छापुर, हायर सेकंडरी स्कूल दापोरा, दर्यापुर, निम्बोला, कन्या हाईस्कूल धूलकोट, हायर सेकंडरी स्कूल जैनाबाद, हाईस्कुल अम्बा, सुक्ता नेपानगर और हायर सेकंडरी स्कूल खातला शामिल हैं। मेंटेनेंस के लिए करना होगा सचेत सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जन प्रतिनिधियों और सरकार के प्रयास तभी फलीभूत होते हैं, जब सुविधाओं का सुचारू संचालन होता है। सांसद द्वारा उपलब्ध कराई गईं आरओ मशीनों के मामले में स्कूल प्राचार्यों को सचेत करने की जरूरत होगी। अन्यथा मेंटेनेंस के अभाव में ये मशीनें अन्य स्कूलों की तरह चंद महीने बाद य तो बंद हो जाएंगे अथवा पानी को साफ करना बंद कर देंगी। जिससे लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।

विष्णुदेव साय सरकार की 21 जनवरी को महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक, अहम मुद्दों पर होगा फैसला

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक 21 जनवरी को आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय, महानदी भवन में होगी। बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतिगत निर्णयों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर मंत्रिपरिषद विचार-विमर्श कर सकती है। बजट से पहले होने वाली इस बैठक को खास माना जा रहा है, जिसमें विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।

‘होम डिलीवरी चालू है’ के पोस्टर संग शराब का ठेला, देवास में कांग्रेस ने किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

देवास शहर के नोवेल्टी चौराहे पर मंगलवार को युवा कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया। शहर में गली-गली बिक रही अवैध शराब को लेकर आबकारी विभाग को घेरा। ठेले पर शराब की खाली बोतलें सजाकर बाजार में निकले। इस पर लिखा कि शराब की होम डिलीवरी चालू है। आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठाए सवाल युकां पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि पिछले दिनों युवा कांग्रेस द्वारा आबकारी विभाग में ज्ञापन देकर शहर में चल रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। विभाग को स्पष्ट रूप से चेताया गया था कि शहर के कई इलाकों में डायरी सिस्टम के नाम पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और शराब दुकानों के आसपास अवैध अहाते संचालित हो रहे हैं, लेकिन 10–15 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।   अवैध अहातों और डायरी सिस्टम पर रोक की मांग आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण गली–मोहल्लों में खुलेआम शराब बिक रही है। इसी के विरोध में ठेले पर शराब की बोतलें रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया है। हमारी मांग है कि शराब दुकानों के पास बने अवैध अहाते तुरंत बंद किए जाएं। शहर में चल रहे डायरी सिस्टम पर रोक लगे। अवैध शराब बिक्री करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की हुंकार: आरक्षण पर बोले—यह हमारा हक है, एहसान नहीं

भोपाल राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में कई नेताओं ने शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस आम सभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिली। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों को वर्षों से अधर में रखा गया है, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर रिक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिखाती है, वहीं दूसरी ओर 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर देना ओबीसी समाज के साथ अन्याय है। डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "27 प्रतिशत आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। हम किसी का हक़ नहीं मार रहे बल्कि अपने हक़ की मांग कर रहे हैं। जब तक ओबीसी को उसका पूरा हक़ नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समानता की बात अधूरी रहेगी।" उन्होंने एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

पंजाब में 60 गैंगस्टर के खिलाफ 12000 पुलिसकर्मियों की दो हजार ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विस्तृत मैपिंग के बाद यह सामने आया है कि पंजाब से जुड़े करीब 2000 गैंगस्टर सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1940 गैंगस्टर देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि 60 कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में बैठकर ड्रग तस्करी, हथियार सप्लाई, हत्या और फिरौती के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे। ड्रग से अर्जित धन पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज़ की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन, संपत्तियां और अवैध व्यवसायों को प्रोसिड्स ऑफ क्राइम मानते हुए जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो युवा ड्रग के जाल में फंसकर गुमराह हो गए हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा। लेकिन ड्रग तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर: 93946 93946 24×7 सक्रिय डीजीपी द्वारा घोषित रिवॉर्ड पॉलिसी  ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी किसी भी सूचना का गुप्त रखा जाएगा ड्रग तस्करी और एनडीपीएस मामलों में सूचना देने पर कुल 10 करोड़ रुपये तक इनाम एसएसपी स्तर तक अधिकारी: 1 से 1.5 लाख रुपये तक इनाम देने के अधिकृत पुलिस कमिश्नर / डीआईजी रेंज: 2 लाख रुपये तक इनाम डीसीपी स्तर से ऊपर: 2 लाख से अधिक इनाम की स्वीकृति  ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो इनाम एनडीपीएस में दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित जांच अधिकारी को संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये इनाम पीआईटी-एनडीपीएस (Preventive Detention) प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये     यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) होगी

‘मल्टी लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम’ से बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

घरौंडा. वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब टोल प्लाजा पर रुककर टोल टैक्स देने की झंझट जल्द ही खत्म होने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत टोल प्लाजा और बैरियर हटाए जाएंगे। उनकी जगह मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें वाहन बिना रुके चलते-चलते ही टोल टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए 26 जनवरी से ट्रायल किया जाएगा। इस नई टोल कलेक्शन प्रणाली का ट्रायल फिलहाल हरियाणा और गुजरात में किया जा रहा है। हरियाणा में नेशनल हाईवे स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद वाहन चालकों को न तो टोल प्लाजा पर रुकना पड़ेगा और न ही लंबी कतारों में समय बर्बाद करना होगा। 100 फीसदी टोल वसूली का दावा अधिकारियों के अनुसार मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम के लागू होने से टोल टैक्स चोरी की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी और 100 प्रतिशत वाहनों से टोल वसूली सुनिश्चित की जा सकेगी। जहां सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं वाहन चालकों को समय की बचत, ईंधन की खपत में कमी और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। यह ट्रायल सफल रहता है तो इस प्रणाली को देशभर के राजमार्गों पर लागू किया जाएगा। एनएच-44 पर हो जान गंवा रहे लोग एनएच-44 पर लगातार हो रहे हादसों में पैदल पार करने वाले वाहनों की टक्कर से जान गंवा रहे हैं। दैनिक जागरण लगातार हाईवे के ब्लैक स्पाट पर हो रहे हादसों और उनमें हो रही मौतों को प्रमुखता से उठा रहा है। हाईवे पर रोजाना हो रही मौतों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अब आगे आया है। दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक 55 किलोमीटर के हिस्से में बीच के डिवाइडर पर आठ फुट ऊंची ग्रिल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि हाईवे को पैदल पार करने से रोका जा सके, और उनकी वाहनों से टकराकर मौत न हो। दिल्ली, सोनीपत या पानीपत के हिस्से में रोजाना हाईवे को पैदल पार करने वाले कई लोगों की वाहनों की टक्कर से मौत हो जाती है। 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में 418 हादसों में मौत हो चुकी है। चलती गाड़ियों से ऐसे कटेगा टोल टैक्स मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसके तहत सड़क के ऊपर ओवरहेड स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जिनमें फास्टैग सेंसर, नंबर प्लेट रीडर (एनपीआर) कैमरे, लेजर कैमरे और वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम शामिल हैं। हाईवे पर दोनों तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर ऐसे चार ओवरहेड सिस्टम लगाए गए हैं। स्पीड पर भी रहेगी नजर इस नई प्रणाली की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ टोल वसूली ही नहीं, बल्कि वाहन की गति (स्पीड) पर भी नजर रखी जाएगी। सिस्टम में लगे कैमरे वाहन की स्पीड रिकार्ड करेंगे। यदि कोई चालक तय सीमा से अधिक गति से वाहन चलाता है तो आगे लगे दूसरे ओवरहेड सिस्टम के जरिए उसकी पुष्टि की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टोल टैक्स कटेगा, बल्कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान भी सीधे वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा।

ब्रिटेन में तिलक लगाने पर 8 साल के हिन्दू छात्र को स्कूल छोड़ने को किया मजबूर

लंदन. ब्रिटेन की राजधानी लंदन से हाल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्राइमरी स्कूल में हिन्दू छात्र के साथ हुए भेदभाव के बाद उसे स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 साल के हिन्दू छात्र को माथे पर तिलक लगाने की वजह से यह सबकुछ झेलना पड़ा है। ब्रिटिश हिंदू और भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सामाजिक आंदोलन और एडवोकेसी संस्था इनसाइट यूके के मुताबिक मामला लंदन के विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल का है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के स्टाफ ने बच्चे से उसके धार्मिक रीति-रिवाज को समझाने और सही ठहराने के लिए कहा। इस व्यवहार को संगठन ने एक नाबालिग के लिए पूरी तरह से अनुचित बताया है। छात्र के माता-पिता ने अन्य हिंदू माता-पिता के साथ मिलकर, कथित तौर पर हेडटीचर और स्कूल के गवर्नरों को हिंदू रीति-रिवाजों के धार्मिक महत्व के बारे में समझाने की कोशिशें भी कीं लेकिन स्कूल ने इसे खारिज कर दिया। आरोप हैं कि स्कूल की हेडटीचर ने ब्रेक के समय भी बच्चे पर इस तरह से नजर रखी कि बच्चा डर गया, और दोस्तों से भी अलग थलग पड़ गया। यह आरोप भी लगाए गए हैं कि बच्चे को तिलक लगाने की वजह से स्कूल में कुछ पदों से भी हटा दिया। एडवोकेसी समूह ने बताया कि विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल में धार्मिक भेदभाव के कारण कम से कम चार बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। INSIGHT UK के एक प्रवक्ता ने कहा, "किसी भी बच्चे को अपने धर्म के कारण निगरानी में, अलग-थलग या अकेला महसूस नहीं करना चाहिए, खासकर किसी अधिकारी द्वारा नहीं। ऐसे अनुभवों का लंबे समय तक भावनात्मक प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठ सकते हैं।"