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एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में मध्यप्रदेश ने दिखाया बेहतरीन प्रदर्शन

एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग नीति आयोग के EPI-2024 में म.प्र. टॉप 10 में  ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शीर्ष पर पहुंचा प्रदेश भोपाल  नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तत्परता सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के 17 बड़े राज्यों में 9वां स्थान प्राप्त किया है। 57 अंकों के साथ प्रदेश न केवल ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शामिल हुआ है, बल्कि इस श्रेणी के सभी राज्यों में शीर्ष स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य की निर्यात-संवर्धन नीतियों, बेहतर व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र और निरंतर सुधार की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता प्रदेश की निर्यात-अनुकूल नीतियों, व्यापार सुगमता सुधारों और उद्यम प्रोत्साहन पहलों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निर्यात को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। चैलेंजर श्रेणी में मध्यप्रदेश अव्वल नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शामिल मध्यप्रदेश, हरियाणा, केरल और पश्चिम बंगाल में मध्यप्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश ने हरियाणा (55.01 अंक), केरल (53.76 अंक) और पश्चिम बंगाल (53.03 अंक) जैसे स्थापित औद्योगिक एवं निर्यातक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। 70 संकेतकों पर हुआ समग्र मूल्यांकन EPI-2024 में निर्यात अवसंरचना, व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र, नीति एवं शासन तथा निर्यात प्रदर्शन, चार प्रमुख स्तंभों के अंतर्गत 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का आकलन किया गया। इन सभी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी निर्यात क्षमता को मजबूती प्रदान की है। निर्यात में सतत वृद्धि मध्यप्रदेश ने हाल के वर्षों में निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जहां प्रदेश का निर्यात 47,959 करोड़ रुपये था, वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 66,218 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य सरकार की निर्यात-संवर्धन रणनीतियों और उद्योग-अनुकूल वातावरण का परिणाम है।  एक जिला-एक उत्पाद और निर्यात का सशक्त एकीकरण राज्य सरकार ‘एक जिला–एक उत्पाद (ODOP)’ को निर्यात से जोड़ने के लिए व्यापक रणनीति पर कार्य कर रही है। निर्यात-ODOP कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा रहा है। एक्सपोर्ट एवं ODOP एक्सेलरेटर कार्यक्रम के तहत नए उत्पादों और उद्यमियों को तकनीकी, विपणन और नीतिगत सहयोग प्रदान किया जा रहा है। अप्रत्यक्ष निर्यात को प्रत्यक्ष अवसर में बदलने की पहल प्रदेश सरकार अन्य राज्यों के माध्यम से होने वाले अप्रत्यक्ष निर्यात की पहचान कर संबंधित इकाइयों को स्वतंत्र निर्यातक के रूप में विकसित करने के लिए हैंडहोल्डिंग और समर्थन उपलब्ध कराएगी। इससे राज्य के कुल वस्तु निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। निर्यात हेल्पलाइन बनी सहारा राज्य शासन द्वारा संचालित निर्यात हेल्पलाइन (0755-257-7145) निर्यातकों, उद्यमियों और किसानों के लिए मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। यह हेल्पलाइन तकनीकी सहायता, बाजार जानकारी और नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान कर निर्यात प्रक्रिया को सरल और सुलभ बना रही है। भविष्य की दिशा प्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, MSME निर्यात एकीकरण, जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन और ओडीओपी कार्यक्रम के विस्तार पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निर्यात मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाया जा सके।  

सोने की कीमत में गिरावट, चांदी 2 लाख 82 हजार से अधिक महंगी, यहां देखें आज का रेट

मुंबई      16 जनवरी 2026 को सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक बुधवार शाम 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹130086 था, जो आज शुक्रवार सुबह घटकर ₹129813 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति 1 किलो) के रेट में 5 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. बता दें, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं. सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता बुधवार शाम का रेट शुक्रवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 142015 141717 ₹298 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 141446 141150 ₹296 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 130086 129813 ₹273 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 106511 106288 ₹223 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 83079 82904 ₹175 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999  277512 282720 ₹5208 महंगी IBJA रेट (बुधवार, 14 जनवरी 2026) बुधवार को सोने का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹142152 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹142015 प्रति 10 ग्राम बुधवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹277175 प्रति किलो शाम का रेट: ₹277512 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता, अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण अभियान – CM साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम’ के अंतर्गत साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो से जुड़े 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा और हथियारों का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विकास की मुख्यधारा को अपनाया है। इन पर कुल ₹1.41 करोड़ का इनाम घोषित था, जिससे यह आत्मसमर्पण अभियान अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धियों में शामिल हो गया है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे हिंसा की विचारधारा पर विश्वास की निर्णायक विजय बताया और कहा कि पिछले 48 घंटों में कुल 81 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि माओवाद अब केवल कमजोर नहीं पड़ रहा, बल्कि पूरी तरह बिखर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब माओवादी संगठन के साथ-साथ उसकी विकृत विचारधारा और उसका पूरा सपोर्ट सिस्टम भी ध्वस्त हो चुका है। जहाँ कभी भय, भ्रम और दबाव का माहौल था, वहाँ अब शासन की सशक्त उपस्थिति, सुरक्षा बलों की सक्रियता और विकास योजनाओं की प्रभावी पहुँच ने लोगों में भरोसा पैदा किया है।  ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत सरकार उन सभी भटके युवाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है, जो हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, और यह व्यापक आत्मसमर्पण उसी भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को इस सफलता का आधार बताते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प अब तेज़ी से निर्णायक लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब भय की जगह भविष्य आकार ले रहा है, जहाँ सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ, आजीविका और शासन की पहुँच लगातार मजबूत हो रही है।

साफ मौसम से त्रिवेणी में दो दिनों में स्नान करने वालों की संख्या 2 करोड़ के पास पहुंची

माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान पर्व पर उठी आस्था की लहर, 1 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई पुण्य की डुबकी साफ मौसम से त्रिवेणी में दो दिनों में स्नान करने वालों की संख्या 2 करोड़ के पास पहुंची साधु-संतों और कल्पवासियों के साथ किन्नर अखाड़े ने भी किया भव्य स्नान, हर-हर महादेव की हर तरफ गूंज मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर रही चौकसी, सक्रिय और सतर्क प्रशासनिक मशीनरी से स्नान पर्व सकुशल संपन्न प्रयागराज में मकर संक्रांति स्नान पर्व में माघ मेला में 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान – ऋषिराज, मेला अधिकारी प्रयागराज प्रयागराज में मकर संक्रांति पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ा। त्रिवेणी तट पर आयोजित माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन की तरफ से की गई चाक चौबंद व्यवस्था के चलते माघ मेले का दूसरा स्नान पर्व सकुशल संपन्न हो गया। माघ मेला क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पुण्य स्नान करने का सिलसिला शुरू हो गया। कल्पवासियों ने त्रिवेणी तट पहुंच कर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और खिचड़ी, गुड़ का दान कर संक्रांति की परम्परा को पूरा किया। दंडी साधुओं और आचार्य सम्प्रदाय के संतों ने नजदीकी गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और उत्तरायण भगवान भास्कर की पूजा अर्चना की। माघ मेले में अखाड़ों के स्नान की परम्परा नहीं है, लेकिन अखाड़ों से जुड़े कई नागा संन्यासी भी संक्रांति स्नान के लिए संगम पहुंचे और व्यक्तिगत रूप से मोक्ष की डुबकी लगाई। इसी दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पूजन कर अपनी 'गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा' का विधिवत शुभारंभ किया। मौसम खुला होने की वजह से त्रिवेणी में संक्रांति स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मकर संक्रांति पर बृहस्पतिवार शाम 4 बजे तक 91 लाख से अधिक लोग पुण्य की डुबकी लगा चुके थे और सूर्यास्त तक त्रिवेणी में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1.03 करोड़ पहुंच गई। सनातनी किन्नर अखाड़े ने किया गंगा स्नान, बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर संकल्प का आवाहन मकर संक्रांति स्नान पर्व पर सभी समान भाव से पुण्य की डुबकी लगाते दिखाई दिए। माघ मेला क्षेत्र में प्रयागवाल नगर में कल्पवास कर रहा सनातनी किन्नर अखाड़ा पूरे उत्साह के साथ सुबह गंगा तट के लिए निकला । इस दौरान रास्ते में किन्नर अखाड़े के शिष्यों द्वारा तांडव नृत्य की प्रस्तुति की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय व अलौकिक बना दिया। अखाड़े के सदस्यों ने गंगा तट पहुंचकर सबसे पहले अपनी कुलदेवी बउचरा माता को गंगा स्नान कराया और फिर सामूहिक स्नान किया।  इस दौरान अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है, उसे देखते यूपी के सीएम योगी जी के सभी सनातनियों के एकजुट होने के आह्वान को संकल्प में बदलने का समय आ गया है। सभी सनातनी एकजुट होंगे तभी सुरक्षित रहेंगे।

इंदौर में भारतीय-न्यूजीलैंड की प्रैक्टिस, एक्सपर्ट बोले – पहले फील्डिंग से मिलेगी बढ़त, फैन्स की भारी भीड़

इंदौर भारत और न्यूजीलैंड की टीमें वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले के लिए गुरुवार की देर शाम इंदौर पहुंच गई हैं. यहां 18 जनवरी को होलकर स्टेडियम में दोनों टीमों के बीच खिताबी मुकाबला होगा. एयरपोर्ट पर टीम के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंचे. रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर फैन्स में भारी उत्साह देखा गया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों टीमों के खिलाड़ी एयरपोर्ट से होटल के लिए रवाना हो गए. भारत और न्यूजीलैंड की टीम पहुंची इंदौर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का अंतिम मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले इस रोमांचक मुकाबले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इंदौर में हो रहे मैच के चलते क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. गुरुवार को जैसे ही दोनों टीम इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंची तो यहां पहुंचे प्रशंसकों में भारी उत्साह देखा गया. खिलाड़ियों को देखने पहुंचे फैन्स एयरपोर्ट पर टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, केएल राहुल और मोहम्मद सिराज की एक झलक पाने के लिए फैन्स बेताब दिखे. प्रशंसकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया. कोच गौतम गंभीर भी टीम के साथ जैसी ही बाहर पहुंचे लोगों ने जमकर उत्साह दिखाया. एयरपोर्ट से सभी खिलाड़ियों को सीधे होटल ले जाया गया. इस दौरान एयरपोर्ट से लेकर होटल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. होलकर स्टेडियम का विजयी इतिहास इंदौर का होलकर स्टेडियम भारतीय टीम के लिए बेहद भाग्यशाली रहा है। अब तक यहां कुल सात एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं और खास बात यह है कि भारत ने इन सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यहां पिछला मुकाबला साल 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम ने शानदार जीत हासिल की थी। इस बार भी क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि टीम इंडिया अपने विजय रथ को बरकरार रखेगी और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के आखिरी मैच में जीत का परचम लहराएगी। मौसम का मिजाज और पिच का हाल मैच के दिन इंदौर का मौसम क्रिकेट के अनुकूल रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर धूप खिली रहेगी और तापमान 13 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। ओस की भूमिका को लेकर पिच क्यूरेटर ने स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य पिच क्यूरेटर मनोहर जामले ने जानकारी दी कि पिच तैयार करने के लिए काली मिट्टी का प्रयोग किया गया है। चूंकि मौसम ठंडा है, इसलिए पिच में थोड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। इंदौर की पिच हमेशा से बल्लेबाजों की मददगार रही है, जिससे इस बार भी एक हाई-स्कोरिंग मैच की पूरी उम्मीद है। ओस निभा सकती है निर्णायक भूमिका पिच क्यूरेटर के अनुसार मैच के दौरान ओस एक बड़ा फैक्टर साबित हो सकती है। शाम के समय गिरने वाली ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम को गेंद पर पकड़ बनाने में कठिनाई हो सकती है, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को इसका सीधा फायदा मिलेगा। ओस के कारण गेंद बल्ले पर बेहतर तरीके से आती है, जिससे स्ट्रोक खेलना आसान हो जाता है। टॉस जीतने वाली टीम इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकती है ताकि ओस का लाभ उठाया जा सके।  पेंटिंग लेकर पहुंचा प्रशंसक रोहित और विराट का एक प्रशंसक उनकी बड़ी तस्वीर बनाकर इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचा. हाथों में पकड़े पेटिंग्स को यह प्रशंसक विराट कोहली को देना चाहता था लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते वह नहीं पहुंच सका. पेटिंग लेकर पहुंचे इस फैन्स ने यह पेंटिंग खुद बनाई है. दोनों टीमों के खिलाड़ी करेंगे अभ्यास भारत और न्यूजीलैंड की टीम इंदौर पहुंच चुकी हैं और दोनों टीमों के खिलाड़ी होल्कर स्टेडियम में 2 दिन तक प्रेक्टिस करेंगे. इस दौरान सुबह और शाम को अभ्यास सत्र में दोनों टीमें शामिल होंगी. 3 मैचों की वनडे सीरीज में भारत और न्यूजीलैंड 1-1 मैच जीत चुकी हैं. होल्कर स्टेडियम में नहीं हारी एक भी मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में भारतीय टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है. यहां कुल 7 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच हुए हैं और इन सभी मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है. यहा आखिरी बार 2023 में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच मैच खेला गया था. जिसमें भारत की शानदार जीत हुई थी. इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सीरीज का आखिरी मैच भारत ही जीतेगी. लाइव प्रसारण और समय मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा. वहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी. मैच की शुरुआत दोपहर 1:30 बजे (स्थानीय समय) से होगी. इंदौर में पाटा पिच, रन बहुत बनते हैं पद्मश्री सुशील दोषी ने बताया कि इंदौर की पाटा पिच है। यहां पर रन बहुत बनते हैं। टॉस चुनकर अगर आपने फील्डिंग चुनी है तो फास्ट बॉलर का यह कर्तव्य हो जाता है कि कप्तान के फैसले को सही ठहराएं। यह बात जरूर है कि तेज गेंदबाज ने शुरू में विकेट गिरा लिए तो प्रेशर सामने वाली टीम पर बन जाता है। पहले पावर प्ले में कम से कम तेज गेंदबाज को दो विकेट जरूर लेना चाहिए। 250 रन के अंदर रोकना चाहिए न्यूजीलैंड को सुशील दोषी ने बताया कि अगर न्यूजीलैंड पहले बैटिंग करती है तो भारत को उसे 250 से 275 के अंदर रोकना चाहिए। वहीं, अगर भारत पहले बैटिंग करती है तो उसे 300 से ज्यादा रन बनाना चाहिए। भारत की स्ट्रेंथ ही बैटिंग की है। इंदौर का पहला तो ग्राउंड बहुत छोटा है। दूसरा यह है कि यहां का आउटफील्ड भी बहुत तेज है। मतलब आपने जरा सा पुश किया तो वह चौका चला जाता है। छोटे ग्राउंड पर सिक्सर बहुत पड़ते हैं। वहीं, दोषी ने रोहित शर्मा के दोहरा शतक लगाने के सवाल पर कहा कि रोहित शर्मा में वह बात नहीं रह गई है कि वह अब दोहरा शतक लगा पाएं। हालांकि, वह इंदौर में बड़ा स्कोर बना सकते हैं। वह टीम को अच्छा स्टार्ट दे सकते हैं। हालांकि उनका कॉन्फिडेंस अभी लो है। इंदौर में वीरेंद्र सहवाग दोहरा शतक लगा चुके हैं। कैसा रहने … Read more

लाड़ली बहनों की संख्या 30 महीने में 5.70 लाख कमी, 1.25 करोड़ महिलाओं को मिलेंगे 1836 करोड़ रुपये

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। एक साल के अंतराल में इस योजना में एक लाख से अधिक नाम कम हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव योजना के लिए पात्र बचीं महिलाओं के खातों में आज 1500 रुपए के मान से 1836 करोड़ से अधिक की रकम ट्रांसफर करेंगे। लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त आज नर्मदापुरम के माखननगर में होने वाले आयोजन के दौरान ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना में पहले 1250 रुपए दिए जाते थे, लेकिन नवंबर 2025 से 250 रुपए बढ़ाकर 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार पर हर माह 300 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय भार बढ़ा है। अक्टूबर 2025 तक 1500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि योजना में एक साथ ट्रांसफर होती थी, जो दिसंबर 2025 में 1850 करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंच गई थी। इस तरह काटे गए लाड़ली बहना योजना में नाम लाड़ली बहना योजना में नए नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं, इसके उलट योजना में पात्र महिलाओं के नाम उम्र और अन्य शर्तों के आधार पर कटते जा रहे हैं। इसी कारण इनकी संख्या 2023, 2024 और 2025 में बढ़ने की बजाय घटी है। जब योजना शुरू हुई थी तो कुल 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 आवेदन आए थे। इसके बाद 2 लाख 18 हजार 858 नाम आपत्तियों को आधार बनाकर काटे गए थे, जिसके बाद यह संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी। अब यह संख्या एक करोड़ 25 लाख से अधिक तक पहुंचने वाली है। योजना अंतर्गत अब तक जून 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपए हितग्राही महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। मोहन यादव के सीएम बनने के बाद जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के दौरान 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। ऐसे दिमाग में आई लाड़ली बहना तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 मार्च 2023 को भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहना योजना बनाने का खुलासा किया था। उन्होंने सभा में सार्वजनिक रूप से कहा कि मैं रात भर जागा। सुबह 4 बजे मैंने पत्नी को जगाया। कहा- एक योजना मेरे दिमाग में आई है। सभी बहनें मुझे भाई मानती हैं। मैं भी तो अपनी बहनों को कुछ दूं। साल में एक बार पैसा देने से काम नहीं चलेगा। हर महीने पैसा देंगे, तो बहनों की समस्या का समाधान होगा। वे इज्जत से जी सकेंगी। इसी विचार से बनी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना। यह योजना नहीं, बहनों की जिंदगी बचाने का महा अभियान है।

मध्यप्रदेश में ठंड का कहर, पारा 4.6 डिग्री तक गिरा, कोल्ड वेव और कोहरे का असर: 20 बाद मावठा गिरने की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस वक्त ठंड अपने चरम पर है. उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. सुबह और रात के समय ठंड इतनी तेज है कि लोग घरों से निकलने में भी हिचक रहे हैं. शाजापुर में चला कोल्ड वेव का जोर शाजापुर में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला. यहां कोल्ड वेव की स्थिति बनी रही. तेज ठंडी हवाओं के चलते लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा. सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा और गलियों में कोहरा साफ नजर आया. सुबह होते ही छा गया घना कोहरा आज सुबह मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. खासतौर पर ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी. गुरुवार की रात शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर, कटनी के करौंदी और मंदसौर में तापमान 4.7 से 4.8 डिग्री के बीच रहा। राजगढ़ में 5.5 डिग्री, रीवा में 6.2 डिग्री, दतिया में 6.6 डिग्री और पचमढ़ी में 6.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उमरिया, नौगांव, मंडला, खजुराहो, सतना, दमोह, सीधी, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मलाजखंड और रतलाम में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी पारा फिर 10 डिग्री से नीचे आ गया। भोपाल में 8 डिग्री, ग्वालियर में 7.4 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कोहरे से जनजीवन प्रभावित शुक्रवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में विजिबिलिटी घटकर करीब 1000 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे से जनजीवन प्रभावित शुक्रवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। इसके अलावा भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, सागर, शाजापुर, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में विजिबिलिटी घटकर करीब 1000 मीटर रह गई थी। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड का असर शाजापुर में भी देखने को मिल रहा है. यहां पर भी सर्द हवाओं ने जनजीवन को खासा प्रभावित कर रखा है. बीते कुछ दिनों में राहत के बाद एक बार फिर से ठंड अपना असर दिख रही है. बीती रात भी यहां पर तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं सुबह घना कोहरा देखने को मिला, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी तो होगी, लेकिन घने कोहरे की मार अभी और झेलना होगी. टीकमगढ़ जिले में भी अब सुखी ठंड ने लोगों को परेशानियों में डाल दिया, जिससे लोग बेहद परेशान है. हाड़ कपाने वाली सुखी ठंड कुहरा, बर्फवारी और शीतलहर वाली ठण्ड से कही ज्यादा खतरनाक होती है. इससे शरीर मे अकड़न होती हाथ पैर सुन्न होते और पूरा शरीर अकड़ने लगता है. जिससे किसानों और ग्रामीणों को खेतो पर जाने में दिक्क़त होती है. हालांकि  बुंदेलखंड में ठंडक और शीतलहर मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण होती है.मखासकर जब पहाड़ों पर बर्फबारी होती है; साथ ही, क्षेत्र की ग्रेनाइट चट्टानों और पथरीली मिट्टी के कारण गर्मी और सर्दी दोनों का असर तीव्र होता है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस होता है और रात-सुबह घना कोहरा छा जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के क्षमता विस्तार के भूमि-पूजन के लिये किया आमंत्रित प्रदेश की उपलब्धियों और नवाचारों की दी जानकारी भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट कर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमि-पूजन के लिये अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के आयोजन, प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड-साँची सहकारिता अनुबंध की प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रदेश में एनटी नक्सल अभियान की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी  लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट (स्टेज II, 2×800 MW) क्षमता के विस्तार की अनुमति प्रदान की गई है। इसकी कुल लागत 20 हजार 446 करोड़ रूपये है। परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है। वर्ष 2026 कृषक कल्याण वर्ष प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन के लिये जनवरी, 2026 से नवम्बर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है। सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी। इसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी। कृषक कल्याण वर्ष-2026 में सरकार के 10 संकल्प प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाये जाना, कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये सब्सिडी उपलब्ध कराना, कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी को बढ़ाना के लिये कार्य करेगी। प्रदेश सरकार अगले 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप की स्थापना के लक्ष्य प्राप्ति के लिये कार्य करेगी। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवगत कराया कि 25 दिसम्बर, 2025 को ग्वालियर में भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के विशेष अवसर पर "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन किया गया। समिट का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत से औद्योगिक/निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमि-पूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदेश की 860 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से वितरित की गई। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड एवं सांची के मध्य सहकार्यता अनुबंध के पश्चात दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में  2.50रुपये से 8.50 रुपये. प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। प्रदेश में 1394 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन तथा 661 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील बनाया गया है। इसमें लगभग 150 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन भी सम्मिलित है। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर, 2025 को दुग्ध संघों द्वारा 12 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त किया गया, जो कि गत वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। हमारा लक्ष्य 50 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त करना तथा प्रदेश के 26 हजार ग्रामों को दुग्ध सहकारी समितियों के कार्य क्षेत्र में लाना है, जिसके लिए हम दृढ़ संकल्पित होकर कार्यरत हैं। नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आपके द्वारा मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के खात्मे के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए प्रदेश ने 'नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। अब न सिर्फ मध्यप्रदेश में बल्कि मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन में भी कोई भी सशस्त्र और सक्रिय नक्सली नहीं बचा है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 10 सशस्त्र नक्सलियों को धराशायी किया है, जिन पर 1.46 करोड़ रुपए का ईनाम थाऔर 13 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्म-समर्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आत्म-समर्पित नक्सलियों से सघन पूछताछ कर समर्थक व्यक्तियों, संगठनों व वित्त पोषण के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। उनके द्वारा जंगल में छुपाई गई नगद राशि, हथियारों आदि को बरामद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे पुनः नक्सली विचारधारा की तरफ न लौट पायें। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में त्वरित विकास के लिए चिन्हित 100 अत्यंत नक्सल प्रभावित गाँवों का माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इसमें गाँवों के सर्वांगीण विकास, आजीविका वृद्धि, मूलभूत सुविधाओं में सुधार आदि को शामिल किया गया है। नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 'बस्तर ओलम्पिक' की तरह बालाघाट में वृहद स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जा रहा है।  

CM यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से की मुलाकात, मध्यप्रदेश आने का किया निमंत्रण

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश आने का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से नई दिल्ली में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नड्डा को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया है। इसके साथ ही उनसे अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 23 जनवरी को मध्यप्रदेश आएंगे और 24 जनवरी को कटनी में मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री नड्डा के पास रसायन और उर्वरक मंत्रालय भी है। उन्होंने मध्यप्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में यूरिया सहित सभी प्रकार की खादों की उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग दिया है। इसके लिए उनको धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष उन्होंने निरंतर सहयोग किया जिसके फलस्वरुप किसानों को खाद पहुंचाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लगातार नए-नए मेडिकल कॉलेज खोलते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। इस कार्य में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने में मध्यप्रदेश देश में नम्बर वन राज्य है। शासकीय अस्पतालों को जोड़कर प्राईवेट कॉलेज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा हे। ऐसे में हमारे दो मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से भेंट कर उन्हें आमंत्रित किया गया। इन मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन से राज्य में 41 जिलों में मेडिकल कॉलेजों की सुविधा मिलेगी।  

मोदी सरकार ने शुरू किया AI चैलेंज, वित्तीय रिपोर्टिंग को AI द्वारा परखने का ऐलान

नई दिल्ली. भारत सरकार और National Financial Reporting Authority (NFRA) ने वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है, जिसका नाम IndiaAI Financial Reporting Compliance Challenge रखा गया है। यह चुनौती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-संचालित समाधानों के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई है, ताकि वित्तीय दस्तावेजों की गुणवत्ता, डेटा सत्यापन और जोखिम संकेतकों के ऑटोमेटेड विश्लेषण में सुधार किया जा सके। विजेता टीम को मेलगा ₹1.5 करोड़ का पुरस्कार इस पहल के तहत सरकार ने कुल ₹1.5 करोड़ का पुरस्कार पूल रखा है; प्रारंभिक वर्चुअल परिष्करण चरण में 10 टीमों को ₹5 लाख तक का समर्थन मिलेगा, और विजेता टीम के लिए दो साल की NFRA के साथ अनुबंध का अवसर हो सकता है, जिसकी मूल्य लगभग ₹1 करोड़ तक हो सकती है। इस अनुबंध के माध्यम से जीतने वाली टीम राष्ट्रीय स्तर पर AI समाधान लागू करने का मौका पाएगी। चैलेंज में भाग लेने के लिए भारतीय कंपनियों और DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स को आमंत्रित किया गया है। इन प्रतिभागियों से अपेक्षा है कि वे ऐसे एडवांस्ड AI इंजन विकसित करें जो बहु-फॉर्मेट दस्तावेजों से डेटा निकाल सके, उसे निर्धारित मानकों और नियामक ढांचे के खिलाफ स्वचालित रूप से मान्य कर सके तथा जोखिम विश्लेषण और अनुपालन सत्यापन जैसे कार्य कर सके। प्रशासनिक ढांचे को मिलेगी मजबूती आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस पहल का लक्ष्य न केवल वित्तीय रिपोर्टों की मानकीकरण प्रक्रिया को बेहतर बनाना है, बल्कि निवेशकों के भरोसे, सार्वजनिक विश्वास और कॉर्पोरेट प्रशासनिक ढांचे की मजबूती को भी बढ़ावा देना है। AI आधारित प्रणाली रिपोर्टों में टेक्स्ट, तालिकाएँ, हाइपरलिंक और एम्बेडेड डेटा को अलग-अलग पहचान सकती है, दस्तावेज़ को तार्किक भागों में विभाजित कर पूर्णता, अखंडता और अनुपालन का मूल्यांकन कर सकती है। प्रतियोगिता में चुने गए कुछ प्रतिभागी AIKosh प्लेटफॉर्म पर दिए गए सैंपल डाटा सेट का उपयोग कर समाधान को विकसित और परिष्कृत करेंगे। चुनौतियों के अगले चरण में करीब तीन टीमों को पांच दिन के ऑन-प्रिमाइज़ डेवेलपमेंट राउंड के लिए चयनित किया जाएगा, जहां वे अपने सिस्टम को और उन्नत कर सकेंगे। वित्तीय पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों के अनुसार, वित्तीय क्षेत्र में AI के इस तरह के प्रयोग से डेटा सत्यापन की गति, सटीकता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार संभव है, जिससे समय-समय पर वित्तीय अनियमितताओं की पहचान और जोखिम प्रबंधन में तेजी आएगी। इस तरह की पहल से भारत AI-आधारित नियामक तकनीकी ढांचे को मजबूत करते हुए वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस चुनौती में आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है, और इच्छुक भागीदार AIKosh पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं।