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रायपुर में रोजगार, कौशल और स्वास्थ्य में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर

रायपुर : रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हेल्थ केयर में कौशल विकास हेतु सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू  रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव जैन का संदेश: “ईज ऑफ लिविंग” और “ईज ऑफ डूईंग बिजनेस” से प्रदेश को बनाएं अग्रणी

मुख्य सचिव जैन ने किया विभागीय कार्ययोजना और लक्ष्यों पर विमर्श "ईज ऑफ लिविंग" और "ईज ऑफ डूईंग बिजनेस" से प्रदेश को अग्रणी बनाएं : मुख्य सचिव जैन विकसित भारत 2047 के दृष्टिगत नई ऊर्जा से कार्य करने की अपेक्षा भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार 'विजन 2047 विकसित भारत' में मध्यप्रदेश के योगदान के दृष्टिगत कार्य-योजना बनाकर योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने "ईज आफॅ लिविंग" और "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के सूत्र को अपनाते हुए आम आदमी के जीवन तथा रोजगार व्यवसाय को आसान, सुगम और सरल बनाने के लिए नियम कानून में आवश्यक सुधार और बदलाव करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जैन वर्ष 2026 के पहले दिन गुरूवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय लक्ष्यों के निर्धारण एवं कार्ययोजना पर हुई बैठक में विचार-विमर्श कर रहे थे। इस अवसर अधिकारियों ने नव-वर्ष पर मुख्य सचिव जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को पुष्प-गुच्छ भेंट कर शुभकानाएं दी। मुख्य सचिव ने भी सभी अधिकारियों को नव-वर्ष पर शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए नई ऊर्जा से काम करने के लिए कहा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय अवधि में पूरा करें और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल यानि 2028 तक केलिए अब रोलिंग बजट होगा और सभी विभाग से अपेक्षा की जाती है कि वे अगले तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार के गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सशक्तिकरण के विजन को ध्यान में रखते हुए कार्यं योजना तैयार करेंगे और उस पर अमल करेंगे। अग्रणी पाँच राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश अग्रणी श्रेष्ठ पाँच राज्यों की श्रेणी में शामिल हुआ है। उन्होंने पिछली सप्ताह हुई कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातों की जानकारी देते हुए मानव संसाधन का विकसित भारत से सरोकार के नेशनल एजेंडा पर मध्यप्रदेश राज्य को भी कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में निर्धारित किए गए एजेंडा बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार आम आदमी का जीवन और रोजगार व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए 1947 और 1950 के पूर्व के नियम कानूनों का रिव्यू किया जाये और उन्हें आम आदमी की सुगमता के दृष्टिगत रि-डिजाइन किया जाये। बडे प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा हो मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए चल रहे बड़े प्रोजेक्ट और आगामी परियोजनाओं के लिए समय अवधि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट समय अवधि में पूरे होने के लिए प्रोजेक्ट टाइम मेनेजमेंट प्लान पर अमल किया जाये। आवश्यकता अनुसार साप्तहिक, मासिक, त्रैमासिक और जरूरत पडने पर प्रति-दिन समीक्षा की जाये। कार्यरत एजेंसी के साथ अधिकारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित किये जाये। उन्होंने अन्य विभागों के साथ समन्वय आदि में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण के लिए उनके संज्ञान में जानकारी लाने के लिए कहा है। घटनाओं से सीख लेकर स्थायी समाधान खोजें मुख्य सचिव जैन ने इंदौर में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस तरह की घटनाओं की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग सक्रिय होकर राहत और बचाव कार्य अभिलंब शुरू करें। आम आदमी को कैसे तुरंत राहत प्रदान की जा सकती है इस पर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए है कि इस तरह की घटनाओं का समग्र परीक्षण और अध्ययन करें तथा ऐसी घटनाओं को भविष्य में होने से रोकने के लिए स्थानीय समाधान खोजें। एम.पी.ई सेवा ऐप को प्रभावी बनाए मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागों से कहा है कि वे प्रदेश में आमजन की बेहतरी के लिए योजनाओं के दृष्टिगत नवम्बर माह में शुरू किये गए एम.पी.ई सेवा ऐप को और भी जनहित कारी बनाने के लिए समन्वय करें। बैठक में बताया गया कि विभिन्न विभागों की अब तक इस ऐप पर 500 से अधिक सेवाएं उपलब्ध है। जनवरी माह तक नागरिकों से जुड़ी 1200 और मार्च अंत तक 1800 सेवाएं इस ऐप के माध्यम से आमजनों को दिये जाने का प्लान है। अच्छे कार्यों को अपनाएं मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि वे अन्य राज्यों में चल रही अच्छी योजनाओं और कार्यक्रमों का भी अध्ययन करें और उन्हें मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से सतत् संवाद रखें और आवश्यक होने पर उनके संज्ञान में लाने वाले विषय भी सूचित करें। उन्होंने मंत्रीगणों, केंद्र सरकार के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के संगठनों आदि के पदाधिकारियों के पत्रों और बिंदुओं का समय से जबाव दें। उन्होंने सी.एम हेल्पलाइन के प्रकरणों को समय से निराकृत करने के निेर्देश दिये। साथ ही विभागों की सकारात्मक योजनाओं और कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। बैठक में बताया गया कि जलसंसाधन विभाग द्वारा नदी जोड़ो परियोजनाओं के तीव्र क्रियान्वयन पर फोकस है और 10 लाख हेक्यटेयर कृषि भूमि में अतिरिक्त सिंचाई किये जाने की योजनाओं पर कार्य किया जाना है। राज्यस्तरीय विभागीय भवनों के अलावा जिले के शासकीय भवनों पर सोलर पैनल लगाने के कार्य को अभियान के रूप में लिया गया है। बैठक को डीजीपी मकवाना ने भी संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा दिये गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। बैठक में विभिन्न विभगों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश में लगातार समृद्धि, खंडवा में की पूजा अर्चना

माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश लगातार हो रहा है समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने खंडवा में राजराजेश्वरी मंदिर में की पूजा अर्चना भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। मध्यप्रदेश में कृषि विकास की दर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है। मां नर्मदा की कृपा से हमारा प्रदेश लगातार समृद्ध हो रहा है और यहां का कृषि उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को खंडवा जिले के मोरटक्का में नर्मदा नदी के तट पर स्थित राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में नव वर्ष के अवसर पर सपरिवार दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोरटक्का में स्थित राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में की जा रही गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा प्रारंभ "कुपोषण मुक्त भारत अभियान" के तहत संचालित मातृ एवं शिशु आरोग्य केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण आहार सामग्री वितरित की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर आरोग्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा निर्मित कराए जा रहे वेद विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में कन्या-पूजन कर बालिकाओं को उपहार प्रदान किये। इस अवसर पर खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

हरियाणा की सैनी सरकार में 8 साल बाद बेटियों का लिंगानुपात हुआ 923

चंडीगढ़. हरियाणा ने लिंगानुपात में एक लंबी छलांग लगाई है। 30 दिसंबर 2025 तक जन्म के समय लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है, जो पिछले साल 2024 के मुकाबले 13 अंकों की बढ़त है। साल 2024 में लिंगानुपात 910 दर्ज किया गया था। संकेत इस बात का भी है कि 31 दिसंबर तक लिंगानुपात 923 से पार भी कर जाए। यदि ऐसा होता है तो यह हरियाणा का अब तक का सर्वाधिक लिंगानुपात होगा। साल 2019 में जन्म के समय लिंगानुपात 923 रिकॉर्ड हुआ था। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग इस बारे में जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। 2024 में जन्म के समय लिंगानुपात आठ वर्षों में सबसे कम दर्ज किया गया था। पिछले साल प्रति एक हजार लड़कों के जन्म पर 910 लड़कियों का जन्म हुआ था। हालांकि यह गिरावट 2020 से शुरू हो गई थी। 2020 में 922, 2021 में 914, 2022 में 917, 2023 में 916 और 2024 में 910 रिकॉर्ड किया गया था। लिंगानुपात में लगातार गिरावट से हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को काफी बड़ा झटका लगा। विपक्ष ने भी हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया और सरकार की कार्यप्रणाली को निशाने पर लिया। उसके बाद सरकार ने मार्च महीने में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया और लिंगानुपात में गिरावट के लिए जिम्मेदार कारकों पर कड़ा संज्ञान लिया। एसटीएफ ने पाया है कि बेटों की चाह में अवैध गर्भपात ज्यादा किए जा रहे हैं। ऐसे क्लीनिकों व दलालों पर कड़ी नजर रखी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने क्या कदम उठाए? 1.अवैध गर्भपात सेंटरों पर शिकंजा कसा। 600 से ज्यादा अवैध गर्भपात सेंटर बंद कर दिए गए या खुद से लाइसेंस सरेंडर कर दिया। 2.धड़ल्ले से बिकने वाली गर्भपात किट (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की बिक्री पर रोक लगाई गई। कड़े कानून की वजह से अब कोई आम व्यक्ति इस किट को नहीं खरीद सकता। 3.एसटीएफ ने माइक्रोलेवल पर निगरानी की। उन गांवों की भी सूची बनाई, जिनका लिंगानुपात 600 से भी कम था। ऐसे गांव की संख्या 450 से ज्यादा थी। एसटीएफ टीम ने इन गांवों में जागरूकता अभियान के साथ दलालों पर भी नजर रखी। 4.जिन गांव व जिलों के लिंगानुपात में सुधार नहीं मिला तो वहां के सिविल सर्जन व एसएमओ को नोटिस जारी कर कड़ा संज्ञान लिया गया।   5. जांच में यह भी पता चला है कि सख्ती होने की वजह से लोग पड़ोसी राज्यों में गर्भपात के लिए जाने लगे। इस पर एसटीएफ ने पड़ोसी राज्यों से संपर्क कर छापे भी मारे और कई संचालकों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का भंडाफोड़ किया। 6. जिन महिलाओं की पहले से ही एक से ज्यादा बेटियां थी और वे गर्भवती भी थी, उन पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को नियुक्त किया गया। ऐसी 62 हजार महिलाओं की निगरानी की गई। 7. एसटीएफ ने 12 हफ्ते से ऊपर गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग भी की। इससे 40 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए, जहां बेटियां होने पर गर्भपात कराया गया था, उन पर एफआईआर भी दर्ज की गई। किस साल कितना रहा लिंगानुपात साल              लिंगानुपात 2012             832 2013             868 2014             871 2015             876 2016             900 2017             914 2018             914 2019             923 2020             922 2021            914 2022            917 2023            916 2024            910

आईपीएस प्रमोट अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैच पहनाकर किया सम्मानित

रांची. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के कई अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इनमें राम समद, रोशन गुड़िया, अविनाश कुमार, राजेश कुमार, मजरूल होदा तथा दीपक कुमार शामिल थे। उल्लेखनीय है कि इन सभी अधिकारियों को हाल ही में भारतीय पुलिस सेवा IPS रैंक में पदोन्नति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को आईपीएस की बैच पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा भी उपस्थित थीं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नव.प्रोन्नत अधिकारियों को बैच पहनाकर सम्मानित किया।

स्विट्जरलैंड में नए साल के जश्न के दौरान ब्लास्ट, 40 की मौत, मचा हड़कंप

वालिस कैंटन नए साल के जश्न के बीच गुरुवार को स्विट्जरलैंड में बड़ा हादसा हो गया है। यहां एक स्की रिजॉर्ट में धमाके के बाद कई लोगों के मौत की आशंका जताई गई है। स्विस पुलिस ने गुरुवार सुबह बताया कि यह धमाका लक्जरी अल्पाइन स्की रिजॉर्ट सिटी क्रैंस मोंटाना में एक बार में हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाके में 40 लोगों की जलकर मौत हो गई है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि धमाके के समय बार में 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। दक्षिण-पश्चिमी स्विट्जरलैंड के वालिस कैंटन में एक पुलिस प्रवक्ता गैटन लैथियन ने एएफपी को बताया, "अज्ञात कारण से धमाका हुआ है। कई लोग घायल हुए हैं और कई लोगों की मौत हुई है।" उन्होंने बताया कि धमाका सुबह करीब 1:30 बजे ले कॉन्स्टेलेशन नाम के एक बार में हुआ, जो पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। उस वक्त लोग यहां नए साल का जश्न मना रहे थे। धमाके के तुरंत बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेराबंदी में लेकर जांच जारी है. पुलिस के मुताबिक धमाका उस वक्त हुआ, जब रिजॉर्ट में नए साल की पार्टियां चल रही थीं. धमाका देर रात करीब डेढ़ बजे हुए था, जब लोग जश्न में डूबे हुए थे. स्थानीय मीडिया के मुताबिक जिस बिल्डिंग में बार है, वो आग की लपटों में घरी हुई थी और चीख-पुकार सुनी जा सकती थी. पूरा इलाका पुलिस ने कर दिया सील इस घटना के बाद इस पूरे इलाके को पुलिस ने सील कर दिया है और वो इस जांच में जुटी हुई है कि आखिर रिसॉर्ट में आग लगी कैसे? चूंकि यहां के बार में आग लगती हुई देखी गई है, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि वहीं कुछ हुआ होगा. वो बात अलग है कि अब तक घटना की वजह के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है. फायरफाइटर्स लोगों को वहां से निकालने में लगे हुए हैं. क्या है क्रांस मोंटाना और क्यों है मशहूर? जहां ये घटना हुई है, वो क्रांस मोंटाना इलाका स्विट्जरलैंड का एक मशहूर और बेहद लग्जरी हिल स्टेशन है. यह देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में वालेस कैंटन में स्थित है और खास तौर पर अपने स्की रिसॉर्ट्स, खूबसूरत नजारों और हाई-एंड लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है. क्रांस मोंटाना समुद्र तल से लगभग 1,500 मीटर की ऊंचाई पर बसा है और यहां से ऐल्प्स माउंटेन रेंज के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं. सर्दियों में यह जगह स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और विंटर स्पोर्ट्स के लिए दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है, जबकि गर्मियों में हाइकिंग, गोल्फ और हेल्थ रिसॉर्ट्स के लिए मशहूर रहती है. यह शहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गोल्फ टूर्नामेंट्स, लग्जरी होटल्स, स्पा और फाइन डाइनिंग के लिए भी जाना जाता है. यहां हर साल बड़ी संख्या में अमीर पर्यटक, सेलिब्रिटी और बिजनेस लीडर्स छुट्टियां मनाने आते हैं. स्विस मीडिया के हवाले से सामने आई तस्वीरों में एक इमारत में आग लगी हुई देखी जा सकती है। वहीं पास ही कई इमरजेंसी गाड़ियां दिखाई दे रही थीं। पुलिस ने बताया है कि बचाव अभियान जारी है। इस बीच स्काई न्यूज ने पुलिस के हवाले से बताया कि इस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कुछ स्थानीय मीडिया का कहना है कि यह आंकड़ा बहुत ज्यादा हो सकता है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। कहा जा रहा है कि कई लोगों के जलने के बाद उनका इलाज जारी है। पुलिस ने एक बयान में कहा है कि इलाके को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और क्रैन्स-मोंटाना के ऊपर नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान, रूट, किराया और हरी झंडी मिलने की तारीख जानें

नई दिल्ली नए साल के मौके पर मोदी सरकार ने देशवासियों को बड़ा तोहफा दिया है. रेल मंत्रालय ने देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के रूट की घोषणा कर दी है. देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता तक चलेगी. खुद पीएम मोदी इसका जल्द ऐलान करने वाले हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी. हाल ही में स्वदेशी तकनीक से बनी वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया था. यह ट्रायल कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की. यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में हुआ था. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि अगले 6 महीने में 8 वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती दिखेंगी. साल के आखिरी तक 12 ट्रेनें चलने लगेंगी. उन्होंने आगे बताया कि असम से निकलने वाली ट्रेन में असमी भोजन मिलेगा, जबकि कोलकाता से निकलने वाली ट्रेन में बंगाली भोजन मिलेगा. चलिए जानते हैं देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का रूट और किराया क्या होगा, क्या-क्या फैसिलिटी होंगी. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया कितना होगा?  आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी से कोलकाता का थर्ड एसी का किराया 2300 रुपये जबकि सेकंड AC का किराया 3000 रुपये होगा. वहीं, फर्स्ट AC का किराया 3600 रुपये होगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कितने कोच हैं और कितने यात्री सफर कर सकेंगे? वंदे भारत स्लीपर एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जो कुल 16 कोच की होगी. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं. जिसमें थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ हैं. ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे. इसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है. स्लीपर ट्रेन, PM मोदी करेंगे उद्घाटन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की क्या खासियत है? > आरामदायक बर्थ: विशेष डिजाइन वाली बर्थें, जिनमें बेहतर कुशन और मुलायम गद्दे लगे हैं. लंबा सफर करने में थकान नहीं होगी. > ऑटोमैटिक दरवाजे: कोचों के बीच आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल (जुड़े हुए गलियारे) की सुविधा है. जिससे चलते समय भी आसानी से घूमा जा सकता है. > बेहतर सस्पेंशन और कम शोर: ट्रेन में उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगा है, जिससे सफर शांत और आरामदायक रहेगा. शोर भी बहुत कम होगा. > सुरक्षा सुविधाएं: कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम है, जिससे आपातकाल में यात्रियों की आसानी से मदद होगी. > साफ-सफाई: डिसइन्फेक्टेंट तकनीक से कोच हमेशा साफ और कीटाणुमुक्त रहेंगे. > ड्राइवर केबिन: लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल पैनल और सुरक्षा सिस्टम वाला एडवांस केबिन. > बाहरी डिजाइन: एरोडायनामिक लुक, जो ट्रेन को तेज रफ्तार में भी स्थिर रखता है. साथ ही ऑटोमैटिक बाहरी यात्री दरवाजे भी हैं. वंदेभारत ट्रेन स्लीपर ट्रेन के बारे में जानिए     रूट: कोलकाता से गुवाहाटी. यह ट्रेन पूरे बंगाल और असम को कवर करेगी.     कितने कोच होंगे– यह ट्रेन कुल 16 कोच की होगी.     इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं.     ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे. वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के फीचर जानिए     यह एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है.     इसमें यात्रियों के लिए आरामदायक और मुलायम बर्थ लगाए गए हैं, जिससे लंबा सफर आसान होगा.     कोचों के बीच आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टीब्यूल की सुविधा है.     बेहतर सस्पेंशन और कम शोर के कारण ट्रेन का सफर ज्यादा शांत और आरामदायक होगा.     ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम मौजूद है, जिससे सुरक्षा और बढ़ जाती है.     साफ-सफाई के लिए डिसइन्फेक्टेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.     लोको पायलट के लिए आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम वाला एडवांस ड्राइवर केबिन दिया गया है.     ट्रेन का बाहरी डिजाइन आकर्षक और एरोडायनामिक है और इसमें ऑटोमैटिक बाहरी दरवाजे भी. कब से चलेगी यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?     जनवरी में ही वंदेभारत स्लीपर का उद्घाटन     15 से 20 दिन में उद्घाटन होगा.     17 या 18 जनवरी को हो सकता है उद्घाटन     पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी. वंदेभारत स्लीपर का किराया कितना होगा?     थर्ड एसी का किराया 2300 रुपए गुवाहाटी से कोलकाता का.     सेकंड AC का किराया 3000     फर्स्ट एसी का किराया 3600 रुपए होगा.  

ईरानी डेरा में अपराध का ‘कॉर्पोरेट’ ऑफिस, पंचायत तय करती है लूट का हिस्सा, सरदार राजू का दबदबा

भोपाल  भोपाल की अमन कॉलोनी में स्थित ईरानी डेरा केवल एक रिहायशी बस्ती नहीं, बल्कि संगठित अपराध से जुड़े लोगों का ठिकाना बन चुका है. यहां रहने वाले परिवारों के तार देश के कई राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस का दावा है कि डेरे में रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े जैसे मामलों में इनके नाम मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों की एफआईआर में भी दर्ज हैं. ईरानी डेरे से जुड़े गिरोहों की गतिविधियां महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक समेत करीब एक दर्जन राज्यों तक फैली हुई बताई जाती हैं. पुलिस के अनुसार, ये लोग अक्सर समूह बनाकर दूसरे राज्यों में जाते हैं और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं. पहचान बदलकर करते हैं ठगी गिरोह की सबसे खास रणनीति है फर्जी पहचान. जांच में सामने आया है कि आरोपी कभी खुद को CBI या पुलिस अधिकारी तो कभी सेल टैक्स, कस्टम अफसर कुछ मामलों में पत्रकार बताकर लोगों को डराते हैं और जांच या छापेमारी के नाम पर पैसे ऐंठ लेते हैं. पुलिस की कार्रवाई में उनके ठिकानों से नकली पहचान पत्र और दस्तावेज भी बरामद होने की बात कही गई है. पुलिस दबिश और विरोध हाल ही में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे में बड़ी कार्रवाई की. भारी पुलिस बल के साथ की गई इस दबिश के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए. शुरुआती विरोध के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी और 32 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई फरार आरोपियों की तलाश में की गई थी. ईरानी डेरे की दबिश में पुलिस ने 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक्स, नकली नोट और अवैध हथियार भी बरामद किए. कबीलाई ढांचे में चलता है गिरोह ईरानी डेरे की कार्यप्रणाली पारंपरिक अपराध गिरोहों से अलग बताई जाती है. यहां अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है. वही तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा. किसी सदस्य की गिरफ्तारी पर उसके परिवार की जिम्मेदारी भी कबीला संभालता है. सरदार का चयन कबीलाई पंचायत में होता है, जहां पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को अहम माना जाता है. ईरानी डेरे का सरदार राजू ईरानी फिलहाल ईरानी डेरे की अगुवाई राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर ईरानी कर रहे हैं. वैसे तो राजू ईरानी की उम्र करीब 47 वर्ष है. रहता तो वह भोपाल में है लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर संगीन वारदातों को अंजाम देता है. मध्य प्रदेश में ही 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. राजू इतना शातिर है कि वो कभी CBI अधिकारी तो कभी पत्रकार बनकर लोगो के साथ ठगी करता है. महाराष्ट्र और राजस्थान पुलिस को भी उसकी तलाश है. हाल ही में उस पर मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक व्यापारी से ठगी करने का मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने डेरे में दबिश दी थी, हालांकि वह फरार होने में कामयाब हो गया. राजू का भाई जाकिर ईरानी राजू का भाई जाकिर ईरानी भी खुद बड़े गिरोह का संचालन करता है. जाकिर पर प्रॉपर्टी पर कब्जा करना, विवादित मामलों को निपटाना, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज है. जाकिर लग्जरी गाड़ियों और महंगे वाहनों का शौक रखता है. अपराध के लिए सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी डेरे के कई युवक महीनों तक कबीले से दूर रहते है. वारदात के लिए लंबे समय तक बाहर रहते हैं, जिसे वे ‘सफर’ कहते हैं. इस दौरान कुछ सदस्य सीधे अपराध में शामिल होते हैं. कुछ केवल लूट का माल सुरक्षित वापस लाने की जिम्मेदारी निभाते हैं. कुछ युवक अपराध का पैसा लेकर कबीले तक पहुंचते हैं. तो कुछ चोरी या अपराध से हथियाया हुआ समाना बाजार में बेचते हैं. सबसे खास बात ये है कि कुछ कुछ दिनों में अपना हुलिया बदल लेते है. रिश्तों से मजबूत हुआ जाल गिरोह के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं. महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे रिश्तों के कारण वहां इनका नेटवर्क और मजबूत हुआ. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में इनके नाम लगातार सामने आते रहे हैं. 2014 की घटना से भोपाल में बढ़ी पहचान ईरानी डेरा वर्ष 2014 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब अमन कॉलोनी क्षेत्र में विवाद के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. इसके बाद से यह इलाका लगातार पुलिस निगरानी में रहा. अमन कॉलोनी में सिया सुन्नी विवाद के बाद कई घरों में आगजनी की घटनाएं हुई थी. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई इसी साल दिल्ली पुलिस ने ईरानी डेरे से जुड़े दो आरोपियों मुर्तुजा अली ओर शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था. जांच में उनके खिलाफ कई राज्यों में गंभीर लुट, चेनस्नेचिंग ओर ठगी के संगीन अपराध सामने आए थे. इनकी हुई गिरफ्तारी सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद , मिसम खान हैदर उर्फ मो. अली, रकीब कुबरा, नूरजहां, अफसरा, अली जिशान, खान रिजवान, हसन सब्बीर अली उर्फ जुबैर, यासिम फातिमा उर्फ सलमा, शादिक हुसैन उर्फ जफर अली, अली आबिद उर्फ अरबाज, मो. शादिक अली उर्फ इशान, हसीब अली उर्फ मरीना, साबिर खान, तोफिक हुसैन, जाफरी हजरत अली वनी, अली रजा उर्फ तालिब पुलिस गिरफ्त में है. पुलिस अन्यों की तलाश में जुटी है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: दिल्ली से बिहार समेत 4 राज्यों को मिलेगा फायदा इस महीने से

नई दिल्ली आरामदायक सफर और तेज रफ्तार की पहचान बन चुकी ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ने वाली है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलने वाली है। दिल्ली से कोलकाता के बीच नई ट्रेन इसी महीने के अंत तक सफर की शुरुआत कर सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार यानी कुल 4 राज्यों के यात्रियों को सुविधा होगी। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा सकता है। हालांकि, इस ट्रेन को पहले दिसंबर 2025 में ही शुरू किए जाने की बात कही गई थी। हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले ही अभी कुछ कम होगी पर आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है और इसमें यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। वंदे भारत 4 राज्यों को होगा फायदा, इस रूट पर यात्री भी बहुत दिल्ली-कोलकाता के बीच चलने वाली इस ट्रेन से दिल्ली के अलावा यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा यह अभी साफ नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या भी इतनी अधिक है कि वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है। ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं। 180 की स्पीड में फाइनल ट्रायल हाल ही में कोटा-नागदा रूट पर स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि 180 की स्पीड में भी पानी भरे गिलास स्थर रहे। पानी भी नहीं छलका।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव से पर्यटन विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।