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भीड़ भरे रास्तों को ब्लॉक कर वैकल्पिक रूट दिखाए, उज्जैन पुलिस ने ट्रैफिक जाम से राहत के लिए अपनाया नई तकनीक

उज्जैन  उज्जैन में 25 दिसंबर के बाद से महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. देश के अलग–अलग राज्यों से लाखों भक्त अपने निजी वाहनों से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं, लेकिन इस भारी भीड़ के बीच शहर की यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. अब इस चुनौती से निपटने के लिए उज्जैन पुलिस ने एक हाईटेक और अनोखा तरीका अपनाया है. महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. सामान्य दिनों में रोज़ाना 5 से 6 हजार चार पहिया वाहन उज्जैन आते हैं, जबकि छुट्टियों में यह संख्या 10 से 12 हजार तक पहुंच जाती है. गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के सहारे सीधे शहर के अंदरूनी और संकरे रास्तों में प्रवेश कर रहे थे, जिससे कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति बन रही थी. गूगल मैप से ट्रैफिक कंट्रोल महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सामान्य दिनों में 5-6 हजार चार पहिया वाहन आते हैं, जबकि छुट्टियों में यह संख्या बढ़कर 10–12 हजार तक हो जाती है. श्रद्धालु गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से आते हैं और गूगल मैप के जरिए संकरे रास्तों में प्रवेश करते हैं। इससे कई इलाकों में भीषण जाम बन जाता था. उज्जैन पुलिस ने इस समस्या का हाईटेक समाधान निकाला। पहली बार गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया गया। आईटी एक्सपर्ट्स और साइबर टीम के साथ मिलकर पुलिस ने गूगल मैप के रूट सिस्टम में बदलाव किया. अब जैसे ही किसी मार्ग पर जाम बनता है, वह सड़क गूगल मैप से तुरंत हटा दी जाती है और खाली वैकल्पिक मार्ग सक्रिय कर दिया जाता है। श्रद्धालुओं को दिखेंगे रास्ते इस व्यवस्था के तहत बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को गूगल मैप पर केवल वही रास्ते दिखाई देते हैं जो पुलिस द्वारा तय किए गए हैं. भीड़भाड़ वाले और संकरे रास्तों को मैप से ब्लॉक कर दिया गया, जबकि बाहरी रिंग रोड और डेडिकेटेड पार्किंग रूट को नेविगेशन में दिखाया जा रहा है। रियल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग 10 सदस्यीय पुलिस टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है. जिस मार्ग पर जाम बनता है, उसे तुरंत डायवर्ट किया जाता है. गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और केवल वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है. इस काम के लिए गुरुग्राम की आईटी कंपनी को हायर किया गया है, जो गूगल एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट ही दिखाती है। जनवरी तक VIP दर्शन बंद महाकाल मंदिर समिति ने नए साल की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की हैं. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद. श्रद्धालु केवल ऑफलाइन बुकिंग करा सकेंगे.1 जनवरी की भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की बुकिंग पूरी तरह बंद. 5 जनवरी तक VIP दर्शन व्यवस्था भी बंद, केवल VVIP श्रद्धालुओं को सुविधा. बीते तीन दिनों में 5.50 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.  उज्जैन पुलिस ने गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया इसी समस्या को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने पहली बार गूगल मैप को क्राउड मैनेजमेंट का हथियार बनाया है. पुलिस ने आईटी एक्सपर्ट्स और साइबर टीम के साथ मिलकर गूगल मैप के रूट सिस्टम में बदलाव किया है. अब जैसे ही किसी मार्ग पर जाम की स्थिति बनती है, उस सड़क को गूगल मैप से तुरंत हटा दिया जाता है और खाली वैकल्पिक मार्ग को सक्रिय कर दिया जाता है. मैप पर वही रूट दिखता है, जो पुलिस तय करती है सीएसपी राहुल देशमुख ने कहा- चार धाम स्मार्ट पार्किंग और हरसिद्धि मंदिर की पाल के पास बनी पार्किंग महाकाल मंदिर के सबसे नजदीक हैं। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों से शहर में प्रवेश कर जाते थे, जिससे जाम की स्थिति बनती थी। इससे बचने के लिए तकनीकी डेटा का उपयोग कर वाहनों को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर जाने से रोक दिया जाता है। गूगल मैप पर श्रद्धालुओं को वही डेडिकेटेड रूट दिखाया जाता है, जो उन्हें संकरे रास्तों और शहर के अंदरूनी क्षेत्रों से बचाते हुए सीधे बाहरी मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाता है। इस प्रक्रिया पर यातायात और साइबर टीम लगातार काम कर रही है। आईटी कंपनी के साथ रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी सीएसपी देशमुख ने बताया- पुलिस की 10 सदस्यीय टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है। जिस मार्ग पर यातायात बढ़ता है या जाम की स्थिति बनती है, उसे तुरंत डायवर्ट कर दिया जाता है। इसके बाद गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और श्रद्धालुओं को केवल वही वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है, जिससे वे सीधे पार्किंग तक पहुंच सकें। इसके लिए गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी को हायर किया है। यह कंपनी गूगल के एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट को ही दिखाती है। रियल टाइम में बदल रहे रूट, सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे वाहन सीएसपी देशमुख ने बताया कि डेडिकेटेड टीम द्वारा रियल टाइम में रूट बदले जा रहे हैं। गूगल मैप की सहायता से महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु पुलिस के बताए रास्तों से सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे हैं, वह भी बिना शहर में प्रवेश किए। मंदिर के आसपास के मुख्य क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहन और दुकानों को सड़कों पर लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। फिर भी श्रद्धालु बेगमबाग होते हुए स्मार्ट पार्किंग में वाहन खड़े कर रहे हैं। इसके चलते बेगमबाग, महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, हरसिद्धि मंदिर, जंतर-मंतर, जयसिंहपुरा, रेलवे क्रॉसिंग और शक्तिपथ की पार्किंग के मार्गों पर सबसे अधिक जाम की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंगों का उपयोग करने की अपील की है। भस्म आरती की बुकिंग और VIP दर्शन व्यवस्था 5 जनवरी तक बंद महाकाल मंदिर समिति ने नव वर्ष की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की … Read more

प्रदेश का नया हिल स्टेशन: खजुराहो में पारा 1.5°C, रीवा में घना कोहरा, ट्रेनें हुई लेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड का टॉर्चर और कोहरे का कहर जारी है. प्रदेश के अधिकांश जिलों में घना कोहरा छा रहा है और कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में सर्दी का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है. बुधवार को शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है. कल्याणपुर में बीते कई दिनों से तापमान गिर रहा है. ऐसे में लोग इसे प्रदेश का नया हिल सटेशन कह रहे हैं, जहां सर्दी का असर सबसे अधिक होता है.   पांच जिलों में पांच डिग्री से कम पारा  कल्याणपुर के अलावा प्रदेश के पांच अन्य जिलों में भी कड़ाके की सर्दी है. जहां, का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम है. इनमें छतरपुर 3, उमरिया 3.1, खजुराहो 4.4, राजगढ़ 4.6 और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. इसके अलावा राजधानी भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर-ग्वालियर में 6.6 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री पारा रहा. प्रदेश में पड़ रही सर्दी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम है.  कोहरे और ठंड का असर रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर स्थित सोहागी घाटी में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रही। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित रही। भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 किमी से अधिक। गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में विजिबिलिटी 2-4 किमी। कोहरे के कारण सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। यात्रियों को ट्रेन देरी के कारण स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रदेश के शहरों का तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) कैसा रहा मौसम भोपाल 27.0 9.0 दिन धूप, सुबह कोहरा इंदौर 27.2 7.2 ठंडी सुबह, विजिबिलिटी कम ग्वालियर 22.3 8.4 कोहरे का असर खजुराहो 25.0 4.2 सबसे ठंडी जगह मंडला 29.3 6.3 दिन का तापमान सामान्य से अधिक रीवा 24.2 5.4 सोहागी घाटी में विजिबिलिटी 20 मीटर सतना 25.9 7.6 कोहरे के साथ सर्दी नौगांव 23.5 4.4 रात का तापमान कम जबलपुर 27.5 8.2 दिन का तापमान अधिक, रात ठंडी नरसिंहपुर 23.0 9.0 दिन का तापमान सामान्य से नीचे उज्जैन 27.0 9.8 दिन और रात का अंतर कम नोट: पूरे प्रदेश में करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। ट्रेन और यातायात पर असर भोपाल आने वाली मालवा एक्सप्रेस सुबह 7.25 बजे से करीब 4.5 घंटे लेट। शताब्दी, सचखंड और कर्नाटक एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें भी प्रभावित। रीवा-सोहागी घाटी में विजिबिलिटी कम होने से यात्री व वाहन धीमे चल रहे। सड़क और रेलवे दोनों ही प्रभावित, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह। प्रदेश में क्यों पड़ रही कड़ाके की ठंड मौसम विज्ञान के अनुसार, मंगलवार को जेट स्ट्रीम की गति 259 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसके कारण रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाओं की वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इसके अलावा वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बार नवंबर और दिसंबर में शीतलहर के रिकॉर्ड टूट चुके हैं। भोपाल में नवंबर में लगातार 15 दिन शीतलहर का असर रहा, जो पिछले दशकों में सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है। रीवा, दतिया और ग्वालियर में आज सुबह घना कोहरा रहा। दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर, तो वहीं रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में सुबह 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर रही। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में भी कोहरा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को एमपी में जेट स्ट्रीम (ठंडी-गर्म हवा का नदी जैसा बहना) की रफ्तार 259 kmph पहुंची है। इस वजह से रात के तापमान में गिरावट आई है। बुधवार को भी जेट स्ट्रीम तेजी से बहेगी। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिलेगा। नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी के के साथ   मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी भारत से आ रही सर्द हवा के कारण रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है. अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत की उम्मीद नहीं है. यानी नई साल 2026 की सुबह भी कुछ ऐसा ही मौसम रहेगा. प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4.2 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 4.4 डिग्री, उमरिया में 5.2 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और जबलपुर में 8.2 डिग्री रहा। करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। इससे पहले शहडोल के कल्याणपुर में पारा रिकॉर्ड 1.7 डिग्री रह चुका है। कोहरे की वजह से मालवा, शताब्दी जैसी ट्रेनें भी लेट कोहरे की वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर की तरफ आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड, कर्नाटका एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें भी हर रोज लेट हो रही है। आज भी ये ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से है। छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत कई शहरों में आज सुबह भी कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। रीवा में 20 मीटर रही विजिबिलिटी रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर मौजूद सोहागी घाटी में धुंध की वजह से आवागमन मुश्किल हो गया है। सुबह साढ़े 9 बजे विजिबिलिटी 20 मीटर भी नहीं है। नए साल में सैकड़ों लोग खतरनाक और हादसों की घाटी माने जानी वाली सोहागी घाटी होकर प्रयाग स्नान के लिए और अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे हैं। लेकिन कोहरे ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। आज का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

चांदी की कीमतों में अचानक मंदी, New Rates के अनुसार हुई भारी गिरावट

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) लगातार हैरान कर रही हैं. खासतौर पर चांदी के भाव में इस हफ्ते की शुरुआत से ही उथल-पुथल देखने को मिल रही है. सोमवार को ये अचानक 21000 रुपये टूटी थी, तो मंगलवार को फिर तूफानी रफ्तार से भागती हुई नजर आई. साल के आखिरी कारोबारी दिन बुधवार 31 दिसंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खुलने के साथ ही चांदी का वायदा भाव 18000 रुपये तक टूट गया और चांदी सस्ती (Silver Price Crash) हो गई.   खुलते ही क्रैश हो गई Silver साल के आखिरी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में (Comex Silver Price) बुरी तरह फिसला, तो ऐसा ही हाल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी देखने को मिली MCX Gold Rate अपने बीते कारोबारी दिन के बंद वायदा भाव 2,51,012 रुपये प्रति किलो की तुलना में बुरी तरह टूटकर ओपन हुआ. ये शुरुआती कारोबार में 18000 रुपये से ज्यादा करीब 6.90% सस्ती होकर 2,32,228 रुपये प्रति किलो पर आ गई. हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा ये कीमती धातु रिकवरी करती हुई भी नजर आई, लेकिन खबर लिखे जाने तक Silver Price 10,812 रुपये (4.31%) की गिरावट के साथ 2,40,200 रुपये पर कारोबार कर रहा था.  तीन दिनों चांदी में तगड़ा उतार-चढ़ाव 2025 के आखिरी हफ्ते के महज तीन कारोबारी दिनों में ही चांदी के भाव (Silver Rates) में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत हुई थी, 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम तूफानी तेजी पकड़ते हुए 2.54 लाख के पार पहुंच गया था, जो इसका नया लाइफ टाइम हाई लेवल है. लेकिन आधे दिन का कारोबार होने के बाद अचानक ये भर-भराकर टूटने लगी और पलक झपकते ही 21,511 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई.  सोमवार को चांदी की कीमत में आई तेज गिरावट, मंगलवार को देखने को नहीं मिली. दूसरे कारोबारी दिन Silver Price फिर रॉकेट की रफ्तार से चढ़ता हुआ नजर आया और ये 17000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई. लेकिन तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को फिर बाजी पलटी और ये कीमती धातु झटके में 18000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई.  रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती है चांदी?  अगर बात चांदी के रिकॉर्ड हाई लेवल से आई गिरावट के बारे में करें, तो सोमवार को MCX Silver Price 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंचा था और बुधवार को शुरुआती कारोबार में ये 2,32,228 रुपये तक टूट गया था. ऐसे में लाइफ टाइम हाई से 1 किलो चांदी का वायदा भाव (1 Kg Silver Rate) फिलहाल 21,946 रुपये प्रति किलो तक कम चल रहा है. Gold का भाव भी झटके में टूटा सोना भी चांदी की चाल से चाल मिलाकर चलता हुआ नजर आ रहा है. Gold Rate अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 1,40,655 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में काफी कम हो गया है. बुधवार को MCX पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव (10 Gram 24 Karat Gold Rate) गिरावट के साथ 1,35,756 रुपये पर कारोबार कर रहा था. ऐसे में अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से सोना अब 4,899 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता है.  (नोट- Gold-Silver किसी भी धातु को खरीदने या बेचने से पहले अपने सलाहकार की मदद लेना जरूरी है.aajtak.in सिर्फ जानकारी दे रहा है, इसे निवेश की सलाह कतई न समझें.)

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल

रायपुर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल  जनजातीय गौरव और विकास की राह पर आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

नववर्ष पर नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प से कार्य करें—डीजीपी कैलाश मकवाणा

नववर्ष में नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प के साथ करें काम-डीजीपी कैलाश मकवाणा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम: विदेश यात्रा से लौटे अधिकारियों का डी-ब्रीफिंग सत्र संपन्न भोपाल  मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत विदेश यात्रा में गये राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का डी ब्रीफिंग सेशन आज पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। एमसीटीपी-5 बैच के 30 अधिकारियों का कार्यक्रम देश और विदेश में 27 नवंबर से प्रारम्भ हुआ था, जिसका आज समापन हुआ।  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस थानों को किस प्रकार अधिक उत्तरदायी बनाया जाए ताकि हमारे पुलिस कर्मी आम जन के प्रति अधिक संवेदनशील होकर सर्विस डिलीवरी को और प्रभावी बना सकें साथ ही विभाग की छवि में और बेहतरी ला सकें। उन्होंने बस्‍तर और मंदसौर जैसे जिलों में रहते हुए अपने अनेक अनुभव साझा किए। उन्‍होंने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा वे तत्व हैं जो जनता के मन में विश्वास उत्पन्न करते हैं और पुलिस को मजबूत बनाते हैं। जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उसका त्‍वरित निराकरण करायें। पुलिस महानिदेशक ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा किया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिसिंग में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में मजबूती आई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अनुकंपा नियुक्तियों, त्वरित क्रम पूर्व पदोन्नति एवं बेहतर स्थानांतरण नीति के माध्यम से पुलिस कर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों पर पुरस्कार देने की परंपरा को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत नागदा, उज्‍जैन में आत्महत्या कर रहे युवक की जान बचाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को त्‍वरित ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, CCTNS डैशबोर्ड के सफल संचालन तथा नशा मुक्ति अभियान ‘’नशे से दूरी है जरूरी’’ को पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मध्यप्रदेश पुलिस को Cyber Capacity Building में DSCI अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ महत्वपूर्ण MoU किया गया, जो भविष्य की आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का प्रमुख फोकस सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने पूरे प्रशिक्षण की रूपरेखा बताई। पुलिस महानिदेशक के प्रति उनके मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दी। समीक्षा में पांच पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में प्राप्त किए गये अनुभव साझा किए गए। आठ समूहों में बंटे अधिकारियो द्वारा भीड़ प्रबंधन एवं वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल (सिचुएशनल प्रिवेंशन तकनीक के साथ), संगठित अपराध पर नियंत्रण (तकनीक और मानवीय आसूचना का समन्वय), इंदौर और भोपाल शहर के लिए 'क्राइम हार्म इंडेक्स' (केम्ब्रिज मॉडल आधारित), रीवा जोन में नशीले पदार्थों (Drug Menace) की समस्या का सिस्टमैटिक विश्लेषण (मैरीलैंड स्केल), पश्चिमी मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों (Communal Hotspots) का विश्लेषण, महिला अपराधों की रोकथाम और डायल-112 की भूमिका (ट्रिपल टी हॉटस्पॉट मेथडोलॉजी), उज्जैन महाकाल और आगामी सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन (प्रेडिक्टिव क्राउड मैनेजमेंट) तथा बार-बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए 'ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग के बारे में प्रेजेन्‍टेशन दिया गया।   इस कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक पवन श्रीवास्‍तव, आदर्श कटियार, संजीव शमी, अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, आशुतोष रॉय, पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, स्टॉफ ऑफिसर मलय जैन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर हादसे में प्रभावित परिवारों को दो लाख की आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री ने इलाज के दिए निर्देश

इंदौर में प्रभावित नागरिकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि मुख्यमंत्री ने दिये अस्वस्थ व्यक्तियों के समुचित उपचार के निर्देश इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। परिवारों को दी जाएगी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। पेयजल के संक्रमित या दूषित होने के कारण नागरिकों का स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश यथा समय संबंधित अधिकारियों को दिए गए। भागीरथपुरा की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों के समुचित और गुणवत्तापूर्ण इलाज के दिये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावितों का समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा उपचार में कोई कमी न रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि उपचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न हो, इस संबंध में पूर्व में ही निर्देश दे दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पीड़ितों को आवश्यक दवाइयां, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और सभी जरूरी संसाधन तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं, जिससे किसी भी मरीज को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन द्वारा सतत निगरानी कलेक्टर इंदौर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को उपचार की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के बाद इंदौर प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तत्परता के साथ उपचार में जुटा हुआ है। घटना के कारण पता करने के लिए विस्तृत जांच करवाई जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये  राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा बहनों ने मुख्यमंत्री से साझा किये अपने अनुभव और विचार मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा  महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।   अनूठा आयोजन – सीधा संवाद प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों … Read more

भारत को मिलेगा फायदा, 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय उत्पाद होंगे ड्यूटी-फ्री

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के तीन साल पूरे होने पर बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार, 29 दिसंबर को घोषणा की कि 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यात के लिए अपनी सभी टैरिफ लाइनों को शून्य ड्यूटी (zero-duty) कर देगा. यानी भारत से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले किसी भी सामान पर कोई भी शुल्क नहीं लगेगा. ये समझौता 29 दिसंबर 2022 को लागू हुआ था और इसे 'अर्ली हार्वेस्ट' डील कहा जाता है. जिसमें शुरुआती चरण में कुछ प्रमुख व्यापारिक मुद्दों को शामिल किया गया था. अब तीन साल बाद ये डील अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय सामान के लिए पूरी तरह ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस देने का फैसला किया है. पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, पीयूष गोयल का पोस्ट. उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में इस समझौते ने निर्यात में लगातार वृद्धि की है. बेहतर बाजार तक पहुंच और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद की है. इससे भारतीय निर्यातक, MSME, किसान और काम करने वाले लोगों को खास फायदा हुआ है.  रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का ऑस्ट्रेलिया को निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन (trade balance) में सुधार हुआ है. विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है. मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और जेम्स एवं ज्वेलरी जैसे सेक्टर में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई. निर्यात में 8% की शानदार बढ़ोतरी वाणिज्य मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा है। इस वृद्धि में रसायन, कपड़ा, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम उत्पाद और रत्न व आभूषण (जेम्स एंड जूलरी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों का बड़ा योगदान रहा है। पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर कहा, "1 जनवरी, 2026 से भारतीय निर्यात के लिए 100 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई टैरिफ लाइन्स (उत्पाद श्रेणियां) जीरो-ड्यूटी होंगी। इससे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।" समझौते के 3 साल के दौरान क्या-क्या हुआ? भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह अंतरिम व्यापार समझौता 29 दिसंबर, 2022 को लागू हुआ था। आज इसके तीन साल पूरे हो गए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और शुल्क बाधाओं को कम करना था। मंत्री ने समझौते की सफलता के बारे में बताते हुए कहा, "पिछले तीन वर्षों में इस करार ने निरंतर निर्यात वृद्धि, बाजार तक गहरी पहुंच और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने का काम किया है। इसका सीधा लाभ भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई, किसानों और श्रमिकों को मिला है।" श्रम-प्रधान क्षेत्रों को सबसे ज्यादा फायदा विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देश में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलने से भारतीय उत्पाद वहां चीन और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा किफायती हो जाएंगे। चूंकि कपड़ा, चमड़ा और आभूषण उद्योग में बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होता है, इसलिए यह कदम भारत की रोजगार वृद्धि में भी सहायक होगा। भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते में क्या खास?     समझौता लागू हुआ: 29 दिसंबर, 2022     पूर्ण शुल्क माफी: 1 जनवरी, 2026 से (100% टैरिफ लाइन्स पर)     मौजूदा वित्त वर्ष में वृद्धि: निर्यात में 8% का इजाफा     लाभ लेने वाले सेक्टर: टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल्स, जेम्स एंड जूलरी नए साल में लागू होने वाली 100 प्रतिशत टैरिफ छूट के साथ, भारत सरकार को उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ द्विपक्षीय व्यापार के आंकड़ों में और तेजी देखने को मिलेगी।  कृषि निर्यात में भी व्यापक प्रगति हुई है. फल-सब्जियां, समुद्री उत्पाद, मसाले और खास तौर पर कॉफी में खासा उछाल देखा गया है. श्रम-प्रधान क्षेत्र जैसे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स-ज्वेलरी और प्रोसेस्ड फूड को इस नई व्यवस्था से सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि टैरिफ खत्म होने से इनके लिए ऑस्ट्रेलियाई बाजार में पहुंच आसान और सस्ती हो जाएगी. ये कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के चलते भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लग रहा है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित बाजार में ड्यूटी-फ्री एक्सेस भारत के लिए निर्यात की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा. दोनों देश फिलहाल व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (Comprehensive Economic Cooperation Agreement – CECA) पर बातचीत कर रहे हैं, जो और भी गहरा और व्यापक होने की उम्मीद है. पीयूष गोयल ने कहा कि Economic Cooperation and Trade Agreement (ECTA) इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की आर्थिक मौजूदगी को मजबूत करता है और 'मेक इन इंडिया' तथा 'विकसित भारत@2047' के विजन से जुड़ा है.

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा: जीवन रक्षा की पहल, अब तक 118 नागरिकों को मिली सहायता

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा : समय पर उपचार से जीवन रक्षा की प्रभावी पहल अब तक 118 नागरिक हो चुके हैं लाभान्वित भोपाल  पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा मध्य प्रदेश सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति का सशक्त उदाहरण है। गंभीर रूप से बीमार और आपातकालीन मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष रूप से उन परिस्थितियों में जहाँ हर मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को यह सुविधा निःशुल्क प्रदान कर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक स्थिति उपचार में बाधा न बने। पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह सेवा इस बात का सशक्त उदाहरण है कि आपात परिस्थितियों में समय पर उपलब्ध उन्नत चिकित्सा परिवहन कितने अनमोल जीवन बचा सकता है। नवजात से वरिष्ठ नागरिक तक, सभी के लिए जीवन रक्षक पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत भोपाल से पूरे प्रदेश के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपातकालीन चिकित्सा परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। यह व्यवस्था गंभीर रोगियों को कम से कम समय में उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है। सेवा प्रारंभ होने के कुछ ही महीनों में बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर उपचार उपलब्ध कराया गया है। इनमें नवजात शिशु, वरिष्ठ नागरिक, सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीज, हार्ट अटैक एवं न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियां, अंग प्रत्यारोपण जैसे अति संवेदनशील मामले शामिल हैं। इन सभी परिस्थितियों में हर मिनट निर्णायक रहा, जहां एयर एम्बुलेंस ने जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उपयोगिता में निरंतर वृद्धि पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा की उपयोगिता में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में उपयोगिता में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि पाई गई। फिक्स्ड विंग एयर एम्बुलेंस की औसत उपयोगिता में 30 प्रतिशत और हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस की उपयोगिता में 17 प्रतिशत वृद्धि हुई है। योजना प्रारंभ से अब तक कुल 118 लाभार्थियों को इस सेवा का सीधा लाभ प्राप्त हुआ है। संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया एयर एम्बुलेंस सेवा की उपयोगिता के विस्तार हेतु संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गयी है। संशोधित प्रस्ताव में स्वीकृति एवं पात्रता की प्रक्रिया को सरल किया गया है, आपातकालीन उपचार के अतिरिक्त अंगदान हेतु परिवहन, आपदा प्रबंधन, विशेष मेडिकल टीमों को सेवा में शामिल किया गया है। प्रशासनिक समन्वय और जन-जागरूकता सेवा के प्रभावी उपयोग हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों एवं जिला कलेक्टरों को राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। साथ ही, विभाग द्वारा आमजन में एयर एम्बुलेंस सुविधा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता भी की गई है।  

लॉकहीड मार्टिन का भारत को बड़ा प्रस्ताव: 80 C-130J विमान और अरबों डॉलर का दांव, ‘भारत में बनाएंगे, दुनिया पर होगा कब्जा’

नई दिल्ली भारत करीब 80 सैन्य परिवहन विमानों की खरीद की तैयारी में है. इस बीच अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने अपने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान को मजबूत दावेदार बताते हुए पेश किया है. कंपनी का कहना है कि यह विमान भारत को क्वाड देशों के बीच सामरिक एयरलिफ्ट में और मजबूत बनाएगा. कंपनी भारत में प्रोडक्शन हब लगाएगी लॉकहीड मार्टिन के  अधिकारियों ने कहा है कि अगर भारत C-130J का चयन करता है. तो कंपनी भारत में इस विमान के निर्माण के लिए एक बड़ा प्रोडक्शन हब लगाएगी. यह अमेरिका के बाहर दुनिया का पहला ऐसा फाइनल असेंबली सेंटर होगा. अब तक C-130J परिवार के 560 से ज्यादा विमान बन चुके हैं. जो 23 देशों की 28 वायु सेनाओं में सेवा दे रहे हैं. 30 लाख से ज्यादा फ्लाइट ऑवर्स पूरे कर चुके हैं. IAF के पास पहले से 12 C-130J विमान भारतीय वायुसेना (IAF) के पास पहले से 12 C-130J विमान हैं. यह विमान सिर्फ ट्रांसपोर्ट ही नहीं, बल्कि स्पेशल फोर्स ऑपरेशन, खुफिया मिशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सर्च एंड रेस्क्यू और कमांड रोल जैसे कई कामों में इस्तेमाल हो सकता है. भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान भी C-130J का संचालन कर रहे हैं. लॉकहीड मार्टिन की उपाध्यक्ष कहा कि C-130J ने हर मुश्किल माहौल में अपनी क्षमता साबित की है. यह भारत के लिए सबसे बेहतर विकल्प है. कंपनी का दावा है कि यह विमान 20 से ज्यादा अलग-अलग मिशन प्रोफाइल में इस्तेमाल हो सकता है. इसके नाम 54 वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं. IAF ने 2022 में पुराने AN-32 और IL-76 विमानों को बदलने के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी. करीब 80 विमानों की यह डील कई अरब डॉलर की है. आने वाले हफ्तों में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) से इसे मंजूरी मिलने की संभावना है. इस रेस में ब्राजील की एम्ब्राएर का KC-390 और एयरबस का A-400M भी शामिल हैं. C-130J में लगातार नए फीचर्स जोड़े जा रहे लॉकहीड मार्टिन इस प्रोजेक्ट के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ साझेदारी में बोली लगा रही है. कंपनी ने कहा कि C-130J में लगातार नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं. इनमें F-35 फाइटर जेट में इस्तेमाल होने वाला डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (DAS) भी शामिल है. यह सिस्टम छह इन्फ्रारेड कैमरों के जरिए पायलट को बेहतर सिचुएशनल अवेयरनेस और मिसाइल चेतावनी देता है. लॉकहीड मार्टिन के अधिकारियों का कहना है कि MTA प्रोग्राम भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई मजबूती देगा. भारत के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को भी मजबूत करेगा. कंपनी का दावा है कि उसके पास तेज डिलीवरी की क्षमता है. वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से पहले विमान सप्लाई कर सकती है. भारत में C-130J के टेल सेक्शन पहले से बनाए जा रहे कंपनी ने यह भी बताया कि हैदराबाद स्थित टाटा लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स लिमिटेड में C-130J के टेल सेक्शन पहले से बनाए जा रहे हैं. हाल ही में यहां 250वां C-130J टेल तैयार किया गया है. आगे चलकर भारत में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा भी स्थापित की जाएगी. इससे भारत इस विमान का क्षेत्रीय हब बन सकता है. अगर भारत C-130J को चुनता है. उसे न सिर्फ एक भरोसेमंद और बहुउपयोगी ट्रांसपोर्ट विमान मिलेगा. बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा निर्यात के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे.