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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केंद्रों का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केन्द्र का किया शुभारंभ सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयना स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयनामुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीनों पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इनके शुभारंभ के साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6 हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके ईलाज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री इस मौके पर बच्चों के लिए पोषण कीट के साथ खिलौने भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का मुआयना किया। यह हॉस्पिटल मुख्यमंत्री साय के विशेष प्रयासों से बन रहा है, इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।     इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

बाल विवाह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर : बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को करेगा जागरूक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के रोकथाम में सहभागी बनें।  इस अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकें। सूचना प्राप्त होते ही  बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम  के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय पुलिस मंथन सम्मेलन का सफल समापन

"पुलिस मंथन" वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 का समापन          पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन, ‘पुलिस मंथन’ के अन्तिम दिन दिनांक 28-12-2025 को 04 अलग-अलग विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।  अयोध्या     सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।      सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।     सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों, सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal), अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, सुअंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।  मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित वर्ष 2022 1.    प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र  2.    विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश  3.    रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद  4.    दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग 5.    मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद वर्ष 2023 6.    शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र  7.    विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ 8.    विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर 9.    मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर  10.    सुशैलेष कुंतल- महिला आरक्षी वर्ष 2024 11.    अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली 12.    विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ 13.    अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ वर्ष 2025  14.    कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल  15.    प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ 16.    प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा     माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन आदरणीय प्रधानमंत्री जी के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।     अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।     उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।     मुख्यमंत्री जी ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया। … Read more

एमपी को मिली आधुनिक मेट्रो ट्रेन की सौगात, इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शुरू, सफर सिर्फ 40 मिनट

इंदौर सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ने लगेगी। यह ट्रेन वर्तमान पटरियों पर ही दौड़ेगी। इसके लिए अलग से ट्रेक बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी। वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा के रूप में चलेगी। रेलवे पहले ही इस ट्रैक पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल कर चुका है, इसलिए 160 किमी घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ाने में रेलवे को कोई दिक्कत नहीं होगी। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि उन्होंने इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा की है। रेल मंत्री ने सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने का आश्वासन दिया है। रेलवे ने इस पर काम शुरू कर भी दिया है। वंदे भारत मेट्रो में 12 कोच होंगे और ये पूरी तरह से एयर कंडिशनर (एसी) होंगे।   40 मिनट में हो सकेगा सफर लालवानी ने बताया कि इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो का सफर 40 मिनट का होगा। इस ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्री एक बार में सफर कर सकेंगे। इन कोच में 1100 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता रहेगी, जबकि दो हजार के लगभग यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे। चूंकि वंदे भारत मेट्रो के लिए अलग से ट्रैक नहीं बिछाना है इसलिए यह योजना आसानी से तय समय पर मूर्त रूप ले लेगी। इसके लिए कोच तैयार करने का काम शुरू हो भी गया है। यूपी, गुजरात में पहले से चल रही हैं वंदे भारत मेट्रो लालवानी ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में यात्रियों का दबाव बढ़ना तय है। यही वजह है कि हमने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंदौर, उज्जैन और आसपास के स्टेशनों से 300 से अधिक ट्रेनें संचालित की जाएंगी। इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा शुरू होने का फायदा सिंहस्थ में आने वालों को मिलेगा।

जनवरी से लागू नया नियम: कंफर्म टिकट की डेट बदलना अब बिना शुल्क

नई दिल्ली भारतीय रेलवे नए साल 2026 से यात्रियों को एक बड़ी सौगात देने जा रहा है। अब रेल यात्रियों को अपने कंफर्म टिकट की तारीख बदलने के लिए पुराने टिकट को कैंसिल करने की जरूरत नहीं होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, जनवरी 2026 से यात्री बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के अपने कंफर्म टिकट की यात्रा तिथि को ऑनलाइन बदल सकेंगे। क्या है नई व्यवस्था? वर्तमान नियम के अनुसार, यदि किसी यात्री को अपनी यात्रा की तारीख बदलनी होती है, तो उसे पहले टिकट कैंसिल करना पड़ता है, जिसमें भारी कैंसिलेशन या क्लर्केज चार्ज कटता है। इसके बाद नए सिरे से टिकट बुक करना होता है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत, IRCTC ऐप या वेबसाइट पर एक नया फीचर जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री सीधे अपनी यात्रा को आगे (Postpone) बढ़ा सकेंगे। इस प्रक्रिया में कोई कैंसिलेशन फीस नहीं ली जाएगी। सीट उपलब्धता और किराए का गणित इस सुविधा का लाभ लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा:     सीट की गारंटी नहीं: तारीख बदलने पर नई तिथि में बर्थ की उपलब्धता के आधार पर ही कंफर्म सीट मिलेगी।     किराये का अंतर: यदि नई तारीख का किराया पुरानी टिकट से अधिक है, तो यात्री को केवल अंतर की राशि का भुगतान करना होगा। यदि किराया कम हुआ, तो शेष राशि रिफंड कर दी जाएगी।     केवल कंफर्म टिकट: फिलहाल यह सुविधा सिर्फ कंफर्म ई-टिकट पर ही लागू होगी। वेटिंग टिकटों के लिए अभी पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। उदाहरण और प्रभाव मान लीजिए आपके पास 20 जनवरी का दिल्ली से इंदौर का कंफर्म टिकट है, लेकिन अब आप 25 जनवरी को जाना चाहते हैं। नए नियम के तहत, आप बिना टिकट कैंसिल किए सीधे तारीख बदल सकेंगे। इससे न केवल यात्रियों के पैसों की बचत होगी, बल्कि रिफंड के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी। रेल मंत्री के मुताबिक, यह सिस्टम अपडेट होने के बाद IRCTC के प्लेटफॉर्म पर 'री-बुकिंग' का विकल्प दिखाई देगा। रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे करोड़ों रेल यात्रियों को सीधा फायदा होगा।  

Holiday List 2026: साल भर छुट्टियों की सौगात, 15 लॉन्ग वीकेंड से घूमने का मिलेगा गोल्डन मौका

नई दिल्ली  नए साल की शुरुआत के साथ ही घुमक्कड़ों और छुट्टियों के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। साल 2026 कैलेंडर के लिहाज से बेहद खास होने वाला है। अगर आप भी दफ्तर की भागदौड़ से दूर ब्रेक की तलाश में रहते हैं, तो अपनी डायरी निकाल लीजिए। साल 2026 में कुल 15 लॉन्ग वीकेंड आ रहे हैं, जिन्हें स्मार्ट तरीके से प्लान करके आप करीब 50 दिनों तक की लंबी छुट्टियों का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां साल 2026 का 'हॉलिडे प्लानर' दिया गया है: साल की शुरुआत: जनवरी में जश्न की झड़ी जनवरी की शुरुआत ही छुट्टियों से हो रही है। 1 जनवरी (गुरुवार) को नया साल है, इसके बाद 3 और 4 जनवरी को वीकेंड की छुट्टी। वहीं, महीने के अंत में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) सोमवार को पड़ रहा है, जिससे 24-26 जनवरी तक का पहला बड़ा लॉन्ग वीकेंड मिलेगा। फरवरी में कोई बड़ा लॉन्ग वीकेंड नहीं है, लेकिन मार्च में कसर पूरी हो जाएगी।  मार्च और अप्रैल: ईस्टर और ईद की छुट्टी     मार्च: 20 मार्च (ईद-उल-फितर) शुक्रवार को है, जिसके साथ शनिवार-रविवार मिलकर 3 दिन का ब्रेक देंगे।     अप्रैल: 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के साथ 4-5 अप्रैल का वीकेंड छुट्टियां लेकर आ रहा है। मई और जून: गर्मी की छुट्टियों का डबल डोज     बुद्ध पूर्णिमा: 1 मई (शुक्रवार) से 3 मई तक का समय घूमने के लिए बेस्ट है।     ईद-उल-अजहा: 23-24 मई का वीकेंड और 26 मई की छुट्टी के बीच 25 तारीख को एक दिन की 'स्मार्ट लीव' लेकर आप 4 दिन का ब्रेक पा सकते हैं।     जून: 26 जून को मुहर्रम (शुक्रवार) और फिर वीकेंड, यानी तीन दिन की मौज। अगस्त और सितंबर: सबसे ज्यादा छुट्टियां     अगस्त: महीने के अंत में दो बार 3-3 दिनों के लंबे वीकेंड मिलेंगे (22-25 अगस्त और 28-30 अगस्त)।     सितंबर: 4 सितंबर (जन्माष्टमी) शुक्रवार को है, जिससे 3 दिन का ऑफ मिलेगा। वहीं गणेश चतुर्थी 14 सितंबर (सोमवार) को होने से 12-14 सितंबर तक का समय घूमने के लिए मुफीद है। अक्टूबर से दिसंबर: त्योहारों का सीजन     अक्टूबर: 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) शुक्रवार को है। इसके अलावा 20 अक्टूबर को दशहरा (मंगलवार) है, यदि आप 19 तारीख (सोमवार) की छुट्टी लेते हैं, तो शनिवार से मंगलवार तक 4 दिन का बड़ा वेकेशन मिल सकता है।     नवंबर: इस महीने में भी दो बार लॉन्ग वीकेंड का मौका मिलेगा (गुरु नानक जयंती के आसपास)।     दिसंबर: 25 दिसंबर (क्रिसमस) गुरुवार को है। शुक्रवार की एक छुट्टी लेकर आप रविवार तक 4 दिनों के लिए विंटर ट्रिप पर जा सकते हैं। अपने ट्रिप और होटल्स की बुकिंग अभी से कर लें, क्योंकि इन 'हॉलिडे गैप्स' के कारण साल भर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ रहने की उम्मीद है।

जश्न से पहले सख्ती: भोपाल में ‘सीक्रेट’ शराब ठिकानों पर पुलिस की दबिश, 36 लोग पकड़े गए

भोपाल नए साल की आहट के साथ ही राजधानी के गलियारों में सजी ''अवैध महफिलों'' पर पुलिस ने काल बनकर दस्तक दी है। पिपलानी , गोविंदपुरा, मिसरोद और निशातपुरा पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए शहर के उन गुप्त ठिकानों पर छापा मारा, जहां बिना लाइसेंस के जाम छलकाए जा रहे थे। पुलिस की इस 72 घंटे की ''क्लीनिंग ड्राइव'' ने उन संचालकों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, जो नए साल के जश्न के नाम पर अवैध शराब का कारोबार फैलाने की फिराक में थे। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई महज औचक निरीक्षण नहीं थी। पुलिस को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि रिहायशी और सुनसान इलाकों में गुपचुप तरीके से पार्टी आयोजित की जा रही हैं। दबिश के दौरान मौके का मंजर हैरान करने वाला था।   नए साल को लेकर आला अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस पिछले 72 घंटे से रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर खड़े होकर शराब पीते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने जब कार्रवाई की , तब अलग ही नजर देखने को मिला। शराब पीने वाले को ना नियमों का खौफ था और न ही प्रशासन की अनुमति। पुलिस ने घेराबंदी कर 100 से अधिक लोगों को रंगे हाथों शराब पीते पकड़ा, जिनमें से 36 लोगों को गिरफ्तार कर जेल की राह दिखाई गई। ''मास्टरमाइंड'' संचालकों पर सीधी कार्रवाई पुलिस ने केवल शराब पीने वालों पर ही नहीं, बल्कि इस अवैध खेल के असली खिलाड़ियों पर शिकंजा कसा है। अवैध रूप से पार्टी आयोजित करने वाले 3 मुख्य संचालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत सख्त मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से अवैध सप्लाई की चेन टूट जाएगी। हालांकि यह कार्रवाई सिर्फ नए साल आने के पहले की बताई जा रही है। 72 घंटे से यह थाना क्षेत्र कर रहे कार्रवाई पिछले 72 घंटों से गोविंदपुरा , पिपलानी, अवधपुरी,मिसरोद थाना क्षेत्र जोन 2 में डीसीपी विवेक राज के निर्देश पर लगातार कार्रवाई हो रही है। यह अभी तक सौ से ज्यादा लोग सावजर्निक स्थानों पर शराब पीते पकड़े जा चुके हैं, जबकि शहर के जोन 4 के निशातपुरा में कार्रवाई हो रही है। लेकिन जोन 1 टीटीनगर, कमला नगर, रातीबड़, हबीबगंज, शाहपुरा पुलिस ने लोग ज्यादा शराब की दुकानें यह थाने कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही हाल जोन 3 के मंगलवार, हनुमानगंज , टीलाजमापुरा और गौतम नगर में है, जहां रात के समय शराब पीने वालों कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है, इससे ऐसा ही हो सकता है कि लोग पिपलानी , गोविंदपुरा की तरह सार्वजानिक स्थानों पर शराब नहीं पी रहे हैं या पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

तकनीक की ताकत! चीन ने रचा इतिहास, सबसे लंबी टनल से यात्रा समय हुआ मिनटों में सिमटा

बीजिंग चीन ने इंजीनियरिंग और तकनीक के क्षेत्र में एक बार फिर वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का निर्माण पूरा कर लिया है। शिनजियांग प्रांत में स्थित इस 'तियानशान शेंगली टनल' की कुल लंबाई 22.13 किलोमीटर है। इस सुरंग के शुरू होने से दुर्गम पर्वतीय रास्तों पर होने वाला 4 घंटे का सफर अब मात्र 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। समय और दूरी में भारी कटौती यह विशाल टनल 324 किलोमीटर लंबे उरुमकी-युली एक्सप्रेस-वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार होने से उरुमकी और कोरला के बीच लगने वाला समय भी 7 घंटे से घटकर केवल 3 घंटे रह गया है। करीब 60 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट चीन की ढांचागत शक्ति का प्रमाण है।   अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा इस निर्माण के साथ चीन ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का खिताब चीन की ही 18.04 किलोमीटर लंबी सुरंग के नाम था। वर्ष 2020 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अपनी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चर्चा में रहा, लेकिन पाँच साल के कड़े परिश्रम के बाद अब यह यातायात के लिए तैयार है।

MP में शिक्षा का नया मॉडल: 4500 बाल वाटिकाएं, एलईडी-स्मार्ट टीवी से बदलेगी पढ़ाई

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सत्र 2026-27 में प्रदेश के लगभग 4500 प्राथमिक विद्यालयों में 'बाल वाटिका' (प्री-प्राइमरी कक्षाएं) शुरू करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से छह वर्ष के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से पहले खेल-खेल में सीखने का माहौल प्रदान करना है। इन वाटिकाओं में बच्चों के लिए रंग-बिरंगे क्लासरूम, खिलौने और विशेष रूप से तैयार किया गया पाठ्यक्रम होगा। यह निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक संख्या में बाल वाटिकाएं शुरू करने का सुझाव दिया था। अगले सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है। बता दें, कि शासन की ओर से करीब 24 हजार आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है। प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को मजबूती प्रदान करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह पहल की जा रही है। बाल वाटिकाओं को बनाया जाएगा आकर्षक अब तक सरकारी स्कूलों में सीधे पहली कक्षा से पढ़ाई शुरू होती थी, जिससे निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ जाते थे। अब बाल वाटिकाओं के माध्यम से तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इन वाटिकाओं में बच्चों के बैठने के लिए आकर्षक फर्नीचर, खिलौने और रंगीन दीवारें होंगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन स्कूलों का चयन उन परिसरों में किया गया है, जहां पहले से प्रायमरी स्कूल संचालित हैं, ताकि बच्चों को एक ही परिसर में निरंतरता मिल सके। खेल और गतिविधियों से होगी पढ़ाई बाल वाटिकाओं में बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं होगा। यहां बच्चों को एनसीईआरटी द्वारा तैयार विशेष पाठ्यक्रम 'विद्या प्रवेश' के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इन कक्षाओं में एलईडी स्मार्ट टेलीविजन लगाए जा रहे हैं। इनका उपयोग बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी वर्णमाला, गिनती और पूर्व प्राथमिक शिक्षा गतिविधियों के विजुअल टूल्स के माध्यम से सीखाया जाएगा। इसके अलावा पेंटिंग, मिट्टी के खिलौने बनाना, कविताएं और कहानी सुनाने के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा प्राथमिक शिक्षकों को विशेष तौर पर छोटे बच्चों को खेल-खेल में उन्हें आधुनिक तरीकों से सिखाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। अतिथि शिक्षकों को भी रखा जाएगा। निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर खुलेंगे निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी की महंगी फीस के कारण बच्चे गुणवत्तापूर्ण शुरुआती शिक्षा से वंचित रह जाते थे। बाल वाटिकाएं इस अंतर को खत्म करेंगी। इस योजना से न केवल सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ेगी, बल्कि बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है। 200 सांदीपनि विद्यालय बनेंगे डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र का कहना है कि "प्रदेश के 200 हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाकर सांदीपनि विद्यालय भी खुलेंगे, ताकि विद्यार्थी सर्वसुविधायुक्त भवन में पढ़ाई कर सकेंगे। सत्र 2026-27 से प्रदेश के 4500 सरकारी स्कूलों में प्री-प्रायमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन कक्षाओं में बच्चों का सर्वसुवगीण विकास होगा।"

जंगल में नए साल का रोमांच, एमपी के टाइगर रिज़र्व में 10 दिनों तक पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़

उमरिया पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को जश्न से यादगार बनाने के लिए प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में पर्यटक पहुंचने लगे हैं। न सिर्फ देसी बल्कि विदेशी पर्यटकों ने भी होटलों में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। कुछ लोग तो बिना सफारी बुक कराए ही आ गए हैं और उनका उद्देश्य सफारी करना है भी नहीं है। वह सिर्फ नए वर्ष के जश्न को यादगार बनाना चाहते हैं, इसलिए होटल में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। साठ हजार से ज्यादा पर्यटक मनाएंगे जश्न छह पुराने टाइगर रिजर्व में अगले पांच दिनों के अंदर सिर्फ कोर जोन में 17 हजार 640 पर्यटक बाघों का दीदार करेंगे, जबकि इससे ज्यादा संख्या में पर्यटक बफर जोन में प्रवेश करेंगे। लगभग इतने ही पर्यटक बिना सफारी किए रिसोर्ट में जश्न मनाएंगे। पांच दिनों में बांधवगढ़ के कोर जोन में 4410, कान्हा में 5340, संजय धुबरी में 600, पन्ना में 2550, पेंच में 2970, सतपुड़ा में 1740 पर्यटक बाघ का दीदार करेंगे।   लुभा रहा है आदिवासी डांस रिसोर्ट मैनेजर विजय पनवार ने बताया कि नव वर्ष के स्वागत के लिए पहुंचे पर्यटकों की वजह से उल्लास का माहौल है। कान्हा और बांधवगढ़ में आदिवासी लोक कला की थीम पर पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। कान्हा में डिंडौरी के कई आदिवासी नर्तक दल अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जबकि बांधवगढ़ में उमरिया के साथ अनूपपुर जिले के नर्तक दल समा बांध रहे हैं। पेंच के रिसोर्ट में सेलिब्रेशन के लिए सेलिब्रिटी को बुलाया जा रहा है। टाइगर रिजर्वों की स्थिति बांधवगढ़ – सुबह कोर में 75, बफर में 60 टिकट, शाम को कोर में 72, बफर में 60 टिकट ही उपलब्ध हैं। कान्हा – सुबह कोर 100, बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 78, बफर अनलिमिटेड टिकट की व्यवस्था। पन्ना – सुबह कोर 50, बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 35, बफर अनलिमिटेड टिकट। पेंच – सुबह कोर 50 बफर अनलिमिटेड, शाम कोर 49, बफर अनलिमिटेड। सीधी – कोर में कुल 20 टिकट प्रतिदिन है, जबकि बफर के लिए अनलिमिटेड। सतपुड़ा – कोर में 30, बफर में 28 टिकट ही उपलब्ध हैं, यहां पचमढ़ी के लिए अनलिमिटेड। दो जनवरी तक बुकिंग फुल संजय टाइगर रिजर्व साल के अंतिम दिनों में पर्यटकों से फुल है। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दिसंबर माह में पर्यटकों की संख्या 75 प्रतिशत अधिक है। दो जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। टाइगर रिजर्व में माह दिसंबर मे 475 बुकिंग हुई है। जिसमें 31 दिसंबर तक की एडवांस बुकिंग शामिल हैं, जबकि पिछले वर्ष 300 बुकिंग हुई थी। गत वर्ष दिसंबर माह में एक हजार पर्यटक आए थे, इस वर्ष 1800 पर्यटक आ चुके हैं। रिसोर्ट मैनेजर के मुताबिक प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में प्रतिदिन के हिसाब से टिकटों की संख्या निर्धारित है। जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।