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यूज़र्स के लिए खुशखबरी! संचार साथी ऐप डिलीट कर सकते हैं, रखना जरूरी नहीं

नई दिल्ली  संचार साथी ऐप को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार ने कहा है कि इसे फोन में रखना जरूरी नहीं है। साथ ही यूजर इसे डिलीट भी कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। दूरसंचार विभाग ने नवंबर में निर्देश जारी किया था कि भारत में इस्तेमाल हो रहे फोन में संचार साथी ऐप अनिवार्य होगा। विपक्ष ने इस ऐप के जरिए जासूसी के आरोप लगाए हैं।   सिंधिया ने कहा, 'इसके आधार पर न कोई जासूसी है, न कोई कॉल मॉनीटरिंग है। अगर आप चाहते हैं, तो इसे एक्टिवेट करें। अगर आप नहीं चाहते, तो इसे एक्टिवेट मत करो। अगर आप इसे अपने फोन में रखना चाहते हैं, तो रखो। अगर आप इसको डिलीट करना चाहते हो, तो डिलीट करो…। अगर आपको संचार साथी इस्तेमाल नहीं करना है, तो डिलीट कर दो। इसे डिलीट कर सकते हैं, कोई परेशानी नहीं है।' उन्होंने कहा, 'यह उपभोक्ता की सुरक्षा की बात है…। आपको डिलीट करना है, तो डिलीट कर दोगे आप। कोई अनिवार्य नहीं है। अगर आप इस ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते, तो इस पर रजिस्टर मत करो। पर हर व्यक्ति को देश में नहीं मालूम कि चोरी से बचाने, फ्रॉड से बचाने के लिए यह ऐप है। हर व्यक्ति तक यह ऐप पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। अगर आपको डिलीट करना है, तो आप डिलीट कर दो। नहीं इस्तेमाल करना तो रजिस्टर मत करो। जब आप रजिस्टर नहीं करोगे, तो यह ऐक्टिवेट कैसे होगा।' विपक्ष पर साधा निशाना केंद्रीय मंत्री ने विरोध करने पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं होता है और विपक्ष मुद्दा ढूंढना चाहता है, तो विपक्ष की मदद हम नहीं कर सकते। हमारी जिम्मेदारी है, उपभोक्ताओं की मदद और सुरक्षा की। क्या है संचार साथी। संचार साथी एक ऐप है, एक पोर्टल है। जिसके आधार पर हर एक उपभोक्ता अपनी सुरक्षा अपने हाथों से कर पाता है। यह जान भागीदारी का एक कदम है। इसमें लोगों को आपत्ति नहीं, बल्कि स्वागत करना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'इसके आधार पर जब आप मोबाइल फोन खरीदते हो, उसके आधार पर आईएमईआई नंबर फेक है या असली है, इसका पता आप संचार साथी ऐप से कर सकते हैं। आज तक संचार साथी पोर्टल के 20 करोड़ डाउनलोड हुए हैं। ऐप के डेढ़ करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हैं। यह सफल इसलिए है, क्योंकि देश का हर नागरिक इस अभियान का साथी बनना चाहता है। वह स्वयं जन भागीदारी के आधार पर अपनी सुरक्षा नियमित रूप से कर पाए।' उन्होंने जानकारी दी, 'आज तक करीब पौने दो करोड़ फर्जी कनेक्शन इस जन भागीदारी के आधार पर ही डिसकनेक्ट हुए हैं। करीब 20 लाख फोन जो चोरी हुए थे, उन्हें ट्रेस किया गया। साढ़े सात लाख चोरी फोन को उपभोक्ता के हाथ में वापस पहुंचाया। करीब 21 लाख फोन उपभोक्ता के पहचानने और रिपोर्ट करने के आधार पर ही डिसकनेक्ट हुए हैं…।'  

सीएम यादव का निर्णय: नगरीय क्षेत्र विकास योजना के लिए 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की योजना के अंतर्गत अब तक 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 407 कार्य प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। इस योजना के तहत पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरा और खेल मैदान जैसे विकास कार्य किए जाते हैं। बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 12 करोड़ 32 लाख रुपये के अलावा अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय इसके अलावा राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इन उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में यह दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। 

ठंड बढ़ने वाली, तापमान 3 डिग्री तक गिरने के आसार—मध्यप्रदेश में 5-6 दिसंबर से मौसम सर्द

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा।  कोल्ड वेव और शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है। मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:     ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना     रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी     इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं। दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है। दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है। दिन में ठंडक घुली…पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। कहां कितना रहा तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) बैतूल 24.8 11.5 भोपाल 25.6 8.4 दतिया 26.2 12.6 धार 25.6 13.3 गुना 27.4 13.0 ग्वालियर 27.7 11.7 नरसिंहपुर 29.8 14.4 इंदौर 26.6 8.6 खंडवा 28.5 12.0 खरगोन 28.0 12.2 पचमढ़ी 24.2 7.2 रायसेन 26.0 — राजगढ़ — 8.5 रतलाम 27.5 13.2 शाजापुर — — श्योपुर 26.0 14.0 शिवपुरी 24.2 12.0 उज्जैन 28.5 11.8 शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) छिंदवाड़ा 26.4 11.2 दमोह 26.2 11.5 जबलपुर 26.6 11.2 खजुराहो 27.4 13.0 मंडला 29.0 11.6 नरसिंहपुर 25.0 12.6 नौगांव 27.0 8.6 रीवा 25.8 9.6 सागर 26.7 13.8 सतना 27.5 11.7 सिवनी 24.6 13.6 सिधी 26.6 11.4 टीकमगढ़ 25.2 13.2 उमरिया 26.5 9.3 मलाजखंड 23.7 11.1 नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे। पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा। पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों … Read more

अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन

कैबिनेट का फैसला : हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, योगी सरकार का बड़ा फैसला कैबिनेट का फैसला :अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन कैबिनेट का फैसला : राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया   कैबिनेट का फैसला :अमृत 2.0 के तहत बरेली और कानपुर में 580 करोड़ से ज्यादा की दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिव्यांगजनों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने राज्य के सभी 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) खोलने को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में प्रदेश के 38 जिलों में ऐसे केंद्र चल रहे हैं, लेकिन कतिपय समस्याओं के कारण कई जगह संचालन प्रभावित हो रहा था। अब सरकार पूरे ढांचे को नए सिरे से संसाधनों से लैस करते हुए संचालित करने जा रही है, ताकि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सेवाओं में कोई बाधा न आए। कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नए डीडीआरसी खुलने से प्रदेश में दिव्यांगजनों को एक ही जगह पर सर्वे, पहचान, शिविर, सहायक उपकरण, कृत्रिम अंग फिटमेंट और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी जैसी नैदानिक सेवाएं भी इन केंद्रों पर दी जाएंगी। यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में भी अब लोगों को ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ समय पर और सुगमता से मिल सकेगा तथा उनके पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया मजबूत होगी। अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन योगी सरकार ने अयोध्या को विश्व स्तर पर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने टाटा सन्स के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ का दायरा और बड़ा कर दिया है।  कैबिनेट में हुई चर्चा और उसके आधार पर लिए गये निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने अपने सीएसआर फंड से एक अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसका संचालन करने की इच्छा व्यक्त की है। इसके लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा, जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। परियोजना हेतु भूमि आवंटन के लिए भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एम्ओयू बीते 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित हो चुका है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पूर्व में प्रदेश सरकार ने अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि टाटा सन्स को 90 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा संस ने संग्रहालय की भव्यता के दृष्टिगत अधिक भूमि की अपेक्षा की थी। ऐसे में अब इस भूमि के अतिरिक्त 27.102 एकड़ और मिलाकर कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में किया जाएगा, ताकि परियोजना का दायरा और बड़ा किया जा सके। वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय तैयार होने के बाद अयोध्या को न सिर्फ एक नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे। साथ ही, बढ़ते पर्यटन से सरकार को राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी होगी। बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में पर्यटकों का प्रवाह कई गुना बढ़ चुका हैअब रोजाना लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्याधाम पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी सैलानियों और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले आगंतुकों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में सांस्कृतिक आकर्षणों को बढाने की दिशा में यह संग्रहालय महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की पूरी अवधि, आवागमन के समय सहित ‘ड्यूटी’ मानी जाएगी। योगी कैबिनेट के इस फैसले से खिलाड़ियों को अनुमति लेने में होने वाली मुश्किलें खत्म होंगी। कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक ‘अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022’ में ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। सेवा नियमावली में अवकाश संबंधी प्रावधान न होने के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के लिए अनुमति प्रक्रिया में दिक्कतें आती थीं।  उन्होंने कहा कि अब सरकार नई प्रणाली लागू कर रही है, जिसमें साफ व्यवस्था होगी कि नियुक्त खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, कैंप या प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें, वह अवधि सेवा अवधि (ड्यूटी) मानी जाएगी। इसमें आने-जाने का पूरा समय भी शामिल होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों को अपने खेल करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि राज्य का प्रतिनिधित्व भी और मजबूत होगा, क्योंकि अब उन्हें अनुमति लेने में कोई बाधा नहीं आएगी। वाराणसी के सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का संचालन अब साई को, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी बनेगा योगी कैबिनेट ने वाराणसी में निर्माणाधीन डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव तथा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए ‘भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के साथ हुए एमओयू को मंजूरी दे दी है। यह वही स्टेडियम है, जहां ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। एमओयू के तहत स्टेडियम परिसर में मौजूद खेल सुविधाओं; जैसे, भवन, ढांचे, मैदान और अन्य अवसंरचनाओं को साई को सौंपा जाएगा, ताकि यहां नेशनल सेंटर ऑfफ  एक्सीलेंस की स्थापना और संचालन सुचारु रूप से हो सके।  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनने के बाद प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा। विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की … Read more

दुनिया के इकलौते प्लेयर: वैभव सूर्यवंशी ने तीसरा T20 शतक ठोककर उड़ाया पर्दा

 कोलकाता  14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने फ‍िर गर्दा उड़ा दिया है. वैभव ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में महाराष्ट्र के खिलाफ मुकाबले में शतक ठोक दिया. उन्होंने 58 गेंद में करियर का तीसरा टी20 शतक पूरा किया. वैभव ने 61 गेंद में सात छक्कों और 7 चौकों की मदद से 108 रन बनाकर नाबाद रहे. उनकी पारी से बिहार ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में  पृथ्वी शॉ की कप्तानी वाली महाराष्ट्र टीम के सामने तीन विकेट पर 176 का स्कोर बनाया. सूर्यवंशी इस शतक के साथ दुनिया के पहले टीनेजर (किशोर) बन गए, जिन्होंने 14 की उम्र में तीन टी20 शतक जड़े हों. उन्होंने अभी महज 16 ही टी20 मैच खेले हैं. वैभव ने पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शतक लगाया. इसके साथ ही वैभव ने अपने करियर में एक और उपलब्धि जोड़ दी है. वह सिर्फ 14 साल 250 दिन की उम्र में SMAT में शतक लगाने वाले सबसे युवा बैटर भी बन गए.  इस फॉर्मेट मे बिहार के लिए यह उनका पांचवां ही मैच था. वैभव ने इससे पहले आईपीएल 2025 में शतक लगाकर कमाल किया था. फिर एशिया कप राइजिंग स्टार्स में यूएई के खिलाफ भी शतक बनाया था. इस मुकाबले में 144 रन उनके बल्ले से आए थे जो टी20 फॉर्मेट में उनका हाइएस्ट स्कोर है.  वैभव का सबसे स्लो टी20 शतक कौन सा है?  वैसे यह वैभव का यह सबसे धीमी शतक रहा. उन्होंने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 में यूएई के खिलाफ 32 गेंद में ही सैकड़ा पूरा कर लिया. यह संयुक्त रूप से भारतीय बल्लेबाजों में तीसरा सबसे तेज शतक रहा. तब कतर में आयोजित राइजिंग स्टार्स एशिया कप के दौरान वैभव को पहली बार इंडिया A कैप मिली थी. उस पारी में वैभव क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को चुनौती देने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन वो अंततः 42 गेंदों पर 144 रन बनाकर 13वें ओवर में आउट हुएः उनकी पारी में 15 छक्के और 11 चौके शामिल थे़ यानी 42 में से 26 गेंदों पर बाउंड्री लगी, जिनमें से कई तो स्टेडियम से बाहर तक गईंः  दरअसल, उनके 144 में से 134 रन (93.05%) बाउंड्री से आए, और T20 मैच में चौकों-छक्कों से इतने रन बनाना इतिहास में सिर्फ तीन खिलाड़ियों ने इससे बेहतर किया हैः इसी दौरान 14 वर्षीय सूर्यवंशी दुनिया के ऐसे इकलौते बल्लेबाज बने, जिन्होंने 35 गेंदों या उससे कम में दो T20 शतक लगाए हों, वैभव ने इससे पहले आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 35 गेंद में सेंचुरी कंपलीट की थी.  पूरे 20 ओवर रही वैभव की बल्लेबाजी  महाराष्ट्र के खिलाफ मुकाबले में सूर्यवंशी ने ओपनिंग करते हुए पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी की. उनके अलावा बाकी बल्लेबाज तेजी से रन नहीं जुटा पाए जिससे बिहार की टीम 200 रन तक नहीं पहुंच सकी. सूर्यवंशी के बाद आकाश राज 26 रन के साथ हाइएस्ट स्कोरर रहे. वैभव ने राजवर्धन हंगरगेकर, जलज सक्सेना, अर्शिन कुलकर्णी जैसे गेंदबाजों के सामने यह शतक ठोका.  रोचक बात यह है कि वैभव के कर‍ियर की 16 पारियों में सूर्यवंशी के तीनों T20 शतक तीन अलग-अलग टीमों के लिए आए हैं. उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत को तब चौंका दिया, जब उन्होंने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में तूफा शतक जड़ दिया था. इस पारी के साथ वह लीग के इतिहास में सबसे तेज भारतीय शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए थे.  किशोरावस्था में सबसे अधिक T20 शतक 3 – वैभव सूर्यवंशी (16 पारियां)* 2 – गुस्ताव मैकियॉन (11 पारियां) 2 – आयुष म्हात्रे (10 पारियां) वैभव के नाम हैं ये भी कीर्तिमान      वैभव ने IPL 2025 ऑक्शन में इतिहास रचा, जब 13 साल की उम्र में वे IPL कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने. राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था.      इससे पहले वह भारत अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके थे, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ चार दिवसीय मैच में 58 गेंदों पर शतक लगाया था, वह ACC अंडर-19 एशिया कप 2024 के फाइनल तक पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे, जिसमें उन्होंने 44 की औसत से 176 रन बनाए थे.      सूर्यवंशी के नाम एक ट्रिपल सेंचुरी (नाबाद 332 रन) भी दर्ज है, जो उन्होंने बिहार के अंडर-19 रंधीर वर्मा टूर्नामेंट में बनाई थी.   

सीएम मोहन यादव मंत्रियों प्रहलाद, उदय प्रताप, तुलसी और तोमर के प्रदर्शन की करेंगे जांच, अफसरों से वर्किंग प्लान भी लेंगे

भोपाल  मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।  वर्ष 2026 में मोहन सरकार की प्रशासनिक कसावट में इसका असर भी दिखेगा और माना जा रहा है कि 15 दिसम्बर के बाद होने वाली सीनियर अफसरों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों के बदलाव के रूप में भी यह सामने आएगा। 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ लेने के बाद दो साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सभी विभागों के साथ यह बैठकें करेंगे। इस दौरान दो सालों में जनता के हित में लिए गए फैसलों का रिव्यू करने के साथ शासन में कमियों और समस्याओं के बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी और उसके निराकरण के उपायों पर विचार विमर्श कर लागू किया जाएगा। साथ ही अगले तीन साल के टारगेट तय करने को लेकर कार्ययोजना मांगी गई है, जिसे अधिकारी सीएम के सामने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताएंगे। मंत्रियों, मुख्य सचिव, सीनियर विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग का यह दौर विभागों की यह समीक्षा के रूप में मंगलवार से शुरू होगा और बुधवार को भी दिन भर बैठकें चलेंगी। इसके बाद 8 और 9 दिसम्बर को खजुराहो में भी दो दिन तक रिव्यू किया जाएगा। इन कामों का होगा रिव्यू, मंत्रालय में विभागों के कामकाज की समीक्षा     दो साल के काम बताएंगे अधिकारी     हर मंत्री अपने दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा देगा और विभागों की उपलब्धियां बताएगा।     अगले तीन साल के लिए विभागों के लिए क्या टारगेट और प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     दो साल में जो कमियां सामने आई हैं उसे बताएंगे और निराकरण के उपाय भी बताएंगे।     मंत्रियों की खुद के विभाग को आगे बढ़ाने और नम्बर वन बनाने क्या प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     जो वर्किंग प्लान बताया जाएगा उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी, इस पर भी बैठक में डिस्कशन होगा। आज मंत्री प्रहलाद, उदय, तुलसी और तोमर के विभागों की समीक्षा विधानसभा भवन में 2 दिसम्बर को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की बैठक विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में दोपहर बाद दो बजे से शुरू होगी। यह बैठक आधे घंटे चलेगी। दोपहर बाद तीन बजे से 3.30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की मीटिंग मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में होगी। दोपहर बाद 4 से 4.30 बजे के बीच नर्मदा घाटी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट के मौजूदगी में विभागीय बैठक सीएम लेंगे। इसके बाद 4.30 से 5 बजे के बीच ऊर्जा और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की मीटिंग सीएम विधानसभा परिसर में लेंगे। 3 दिसम्बर को इन विभागों का रिव्यू     मंत्रालय में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और विभागीय अफसर रिपोर्ट देंगे।     दोपहर 12 से एक बजे तक सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और विभाग का रिव्यू होगा।      दोपहर बाद एक बजे से पौने दो बजे तक महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया और विभाग के अफसर प्रजेंटेशन देंगे।     दोपहर बाद पौने दो बजे से 2.30 बजे तक ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री कृष्णा गौर के विभाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 3.30 बजे से 4.15 बजे तक सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण विभाग के मंत्री नारायण कुशवाहा और वि‌भाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.15 बजे से 5 बजे तक कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और विभाग के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगे सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     8 दिसम्बर को खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     9 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।

के.के. मुहम्मद का विवादित बयान—ज्ञानवापी पर मुस्लिम दावा खत्म करने और हिंदू पक्ष से नई मांग न करने की अपील

नई दिल्ली आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व रीजनल डायरेक्टर केके मुहम्मद ने मंदिर-मस्जिद विवादों में संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि चर्चा के सेंटर में अब सिर्फ तीन जगहें- राम जन्मभूमि, मथुरा और ज्ञानवापी होनी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि मुसलमानों को अपनी मर्जी से ये जगहें सौंप देनी चाहिए. केके मुहम्मद ने हिन्दुओं से कहा कि वे अब नया दावा न करें. ​​उन्होंने जोर देकर कहा कि दावों को बढ़ाने से सिर्फ और अधिक दिक्कतें पैदा होंगी. केके मुहम्मद की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़ी कई याचिकाएं देश भर की अदालतों में पेंडिंग हैं.  मुहम्मद ने बताया कि राम जन्मभूमि के अलावा मथुरा और ज्ञानवापी दो और जगहें हैं जो "हिंदू समुदाय के लिए उतनी ही ज़रूरी हैं जितनी मुसलमानों के लिए मक्का और मदीना हैं." अयोध्या विवाद लेफ्ट प्रोपेगैंडा की वजह से पैदा हुआ: केके मुहम्मद अयोध्या विवाद पर बात करते हुए केके मुहम्मद ने 1976 में बीबी लाल की अगुआई में बाबरी मस्जिद की खुदाई में खुद के शामिल होने के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि यह विवाद एक कम्युनिस्ट इतिहासकार के असर की वजह से बढ़ा. उनके मुताबिक कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने मुस्लिम कम्युनिटी को इस बात के लिए मनाया कि वे मस्जिद के नीचे मंदिर होने के सबूत को खारिज कर दें.  मुहम्मद के मुताबिक ज्यादातर मुसलमान शुरू में विवादित जगह पर मंदिर बनाने की इजाजत देकर मामले को सुलझाने के पक्ष में थे.  मुहम्मद ने कहा कि इतिहासकार आर्कियोलॉजिस्ट नहीं थे और खुदाई के किसी भी स्टेज पर वह उस जगह पर नहीं गया थे. उन्होंने झूठी बातें फैलाने की आलोचना की और उस समय लोगों की राय पर असर डालने वालों के बीच सीधी जानकारी की कमी की ओर इशारा किया.   "उस बहुत जरूरी समय में एक कम्युनिस्ट इतिहासकार ने इन सब चीजों में दखल दिया और फिर मुस्लिम समुदाय को यकीन दिलाया कि प्रोफेसर लाल ने उस जगह की खुदाई की थी और उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे मंदिर के पहले से होने का पता चले. तो यह उनकी बनाई हुई चीज थी. इसलिए मुसलमानों के पास कोई और रास्ता नहीं था." उन्होंने कहा, "वे कभी उस जगह पर नहीं गए थे, न खुदाई से पहले, न खुदाई के दौरान और न ही खुदाई के बाद. इसलिए बिना सब्जेक्ट जाने, वे इस तरह की झूठी कहानियां फैला रहे थे. इसलिए किसी को तो इसका जवाब देना ही था. इसलिए पहली बार प्रोफेसर बीबी लाल जिन्होंने टीम को लीड किया था, ने इसका करारा जवाब दिया." मंदिर-मस्जिद बहस के बड़े मुद्दे पर केके मुहम्मद ने सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा, "हमें बहुत सावधान रहना चाहिए." उन्होंने राम जन्मभूमि के साथ-साथ मथुरा और ज्ञानवापी को हिंदू समुदाय के लिए खास महत्व वाली जगहों के तौर पर पहचाना और मुसलमानों के लिए उनकी अहमियत मक्का और मदीना जितनी बताई.  उन्होंने आगे कहा, "इसलिए मुसलमानों को अपनी मर्जी से ये तीन जगहें सौंप देनी चाहिए." धार्मिक जगहों से जुड़ी दूसरी याचिकाओं के बारे में सवालों के जवाब में केके मुहम्मद ने कहा, "इन तीनों के अलावा हिंदू समुदाय की तरफ से कोई और मांग नहीं आनी चाहिए." उन्होंने चेतावनी दी कि और दावे करने से समस्या हल नहीं होगी और आगे टकराव का खतरा रहेगा.  केके मुहम्मद ने कहा, "देश में एकता लाने का एकमात्र हल यह होना चाहिए कि ये तीनों जगहें हिंदू समुदाय को दे दी जाएं और हिंदू आगे से जगहों की लंबी लिस्ट लेकर आना बंद कर दें. इससे समस्या हल नहीं होगी." उन्होंने दोनों समुदायों से संयम और समझौते की जरूरत पर जोर दिया.  उन्होंने ऐसी मांगों को लेकर अंदरूनी कंट्रोल की कमी पर भी कमेंट किया और कहा, "हिंदू समुदाय के अंदर की समस्या को कंट्रोल करने वाला कोई नहीं है." उन्होंने ताजमहल के बारे में कुछ हिंदू ग्रुप्स के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और उन्हें "पूरी तरह से झूठा" बताया. मुहम्मद ने जगह के ऐतिहासिक ट्रांसफर के बारे में विस्तार से बताया, यह देखते हुए कि यह असल में राजा मान सिंह का महल था, जिसे बाद में जय सिंह और फिर शाहजहां को ट्रांसफर कर दिया गया और इसके सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स बीकानेर और जयपुर म्यूज़ियम में सुरक्षित रखे गए हैं. उन्होंने ऐसे दावों को कट्टर हिंदू ग्रुप्स की यह दावा करने की एक और कोशिश बताया कि सब कुछ उनका है.  'BJP के 11 साल ASI के लिए एक काला युग' सांस्कृतिक विरासत के बचाव पर केके मुहम्मद ने कहा कि सरकार से जो उम्मीदें थीं खासकर जगहों की सुरक्षा को लेकर, वे "पूरी नहीं हुईं." उन्होंने मौजूदा समय को "आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया का काला युग" बताया, और खास तरक्की न होने की आलोचना की. उन्होंने आगे कहा कि चंबल में बटेश्वर मंदिर कॉम्प्लेक्स में उनका अपना रेस्टोरेशन का काम हाल के सालों में काफी धीमा हो गया है, काफी कोशिशों के बावजूद पिछले ग्यारह सालों में सिर्फ दस मंदिरों का ही रिस्टोरेशन किया जा सका है.   

मंत्री कंसाना विधानसभा में चक्कर खाकर गिर पड़े, कांग्रेस ने प्रदर्शन के लिए फसल तख्तियां लायीं

भोपाल  मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना की अचानक तबीयत खराब हो गई। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में मंत्री को चक्कर आ गया। आनन फानन में उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया। मंत्री को 108 एंबुलेंस को लेने पहुंची थी लेकिन कंसाना की तबीयत को देखते हुए इससे पहले ही उनको निजी गाड़ी से अस्पताल रवाना किया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री सारंग और मीडिया विभाग अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और अस्पताल रवाना किया। मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा- भाजपा की किसान किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। कर्जा माफ नहीं किया, बिजली नहीं दी, 1 रुपए का कर्जा माफ नहीं किया, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा के नाम पर दो सौ चार सो रुपए दिए जाते हैं, ये मध्य प्रदेश का दुर्भाग्य है। हमारी मांग है कि किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि दो हजार 68 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है। प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम है। सत्र की अवधि छोटी होने से कांग्रेस विधायक नाराज इस बार का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से 5 दिसंबर तक बुलाया गया है। इसमें से 3 दिसंबर की छुट्‌टी होने के चलते सिर्फ चार ही बैठकें हो रही हैं। इसके चलते कांग्रेस के विधायक नाराज हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने किसानों के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में "चिड़िया चुग गई खेत" की झांकी साथ लेकर आये और भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया और जमकर हंगामा किया।

उत्तर–दक्षिण की सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ने वाला एक अभिनव सेतु बन रहा तमिल संगमम

काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर–दक्षिण की सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ने वाला एक अभिनव सेतु बन रहा तमिल संगमम वाराणसी के नमो घाट पर होगा कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि सहित अनेक विशिष्ट अतिथि होंगे उपस्थित “तमिल करकलाम” (तमिल सीखें) थीम पर आधारित है इस वर्ष का आयोजन वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल होने हेतु 2 दिसंबर को वाराणसी पहुंचेंगे। उत्तर और दक्षिण भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने वाला यह महत्त्वपूर्ण आयोजन अब अपने चौथे संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को नमो घाट पर होगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि, पुडुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाश नाथ सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थिति दर्ज कराएंगे। “तमिल करकलाम” यानी “तमिल सीखें” की थीम पर आधारित इस आयोजन में तमिलनाडु से 1400 से अधिक प्रतिनिधि काशी पहुंच रहे हैं। काशी और तमिलनाडु के पारंपरिक कलाकार संयुक्त प्रस्तुति देते हुए भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन समारोह के अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तथा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने भी जा सकते हैं। कन्याकुमारी से रवाना हुआ छात्रों का दल, 2 दिसंबर को पहुंचेगा काशी काशी तमिल संगमम् में शामिल होने हेतु छात्रों का पहला दल शनिवार सुबह कन्याकुमारी से विशेष ट्रेन द्वारा रवाना हुआ। कन्याकुमारी से 43, तिरुचिरापल्ली से 86 तथा चेन्नई से 87 छात्र इस यात्रा में सम्मिलित हुए हैं। यह दल मंगलवार को काशी पहुंचकर भ्रमण के बाद शाम को नमो घाट पर आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करेगा। डेलीगेट्स का काशी भ्रमण कार्यक्रम तमिल संगमम् 4.0 के डेलीगेट्स सर्वप्रथम हनुमान घाट पहुंचेंगे, जहाँ वे गंगा स्नान, दक्षिण भारतीय परंपरा से जुड़े मंदिरों में दर्शन-पूजन तथा इतिहास से संबंधित जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके उपरांत प्रतिनिधि श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे और मां अन्नपूर्णा रसोई में प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद सभी प्रतिनिधियों को बीएचयू ले जाया जाएगा, जहाँ वे एकेडमिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे और विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे।

सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना

सहकारिता विभाग मध्यप्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका : मंत्री  सारंग सहकारिता विभाग को सफल व प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना सहकारिता आंदोलन को मजबूत करेगा राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन : मंत्री  सारंग भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय में मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में विभाग में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री  सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी से विभागीय कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल मील का पत्थर साबित होगी। विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) ने मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सबसे अधिक और प्रभावी कार्य मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सफल मॉड्यूल को अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे। मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियाँ सहकारिता विभाग ने अपने सभी 1122 अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड कर लिया है। विभागीय कर्मचारियों ने 11337 से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं, जो सीखने की संस्कृति और सतत कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इन प्रशिक्षणों से विभागीय कार्यक्षमता, सेवा वितरण और प्रशासनिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख प्रशासनिक क्षमताओं से लैस करना, शासन प्रणाली को कुशल, पारदर्शी और जन-केन्द्रित बनाना, प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। कर्मयोगी पोर्टल इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान को निरंतर अपडेट कर सकते हैं।