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दिसंबर के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली में खाद्यान्न आवंटित

भोपाल     राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली से माह दिसम्बर में वितरण के लिये खाद्यान्न, फोर्टिफाइड नमक और शक्कर का आवंटन जारी कर दिया गया है। जारी आवंटन में गेहूं 18 लाख 14 हजार 464 क्विंटल, फोर्टिफाइड चावल 6 लाख 2 हजार 957 क्विंटल, शक्कर 11 हजार 966 क्विंटल, डबल फोर्टिफाइड नमक 26 हजार 881 क्विंटल और नमक 76 हजार 731 क्विंटल जिलों को आवंटित किया गया है। उचित मूल्य दुकानवार/जिलेवारआवंटन ehttp://epos.mp.gov.inpos.mp.gov.in पर अलॉटमेंट लिंक पर प्रदर्शित है। 

रूस-भारत रिश्तों में नई मजबूती: राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को करेंगे भारत यात्रा

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आएंगे। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पुतिन भारत की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। दोनों नेता व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान रूस-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में यह बताया गया।   यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के बाद से रूस से रियायती कीमतों पर तेल खरीदने के कारण भारत और पश्चिमी देशों के संबंधों में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारत से आने वाले अधिकांश सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस के युद्ध प्रयासों को फंडिंग दे रहा है। रूसी सरकारी टीवी पर क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से अहम जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी भारत यात्रा बहुत भव्य और सार्थक होगी। पुतिन की यात्रा को लेकर मॉस्को ने क्या कहा यूरी उशाकोव ने कहा, ‘हम और भारतीय पक्ष इस यात्रा की सक्रियता से तैयारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह हर लिहाज से सार्थक होगी। यह एक बेहद भव्य यात्रा होगी क्योंकि इसे राजकीय यात्रा भी कहा जा रहा है। यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का मौका प्रदान करती है कि वे द्विपक्षीय मामलों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए प्रतिवर्ष मिलेंगे।’ पिछले सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि पुतिन की नई दिल्ली यात्रा तीन सप्ताह में होगी।

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंडी हवाएं, मौसम विशेषज्ञों ने चेताया: 48 घंटे ठंड बढ़ेगी

भोपाल उत्तर भारत के साथ मध्य भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में बने चार सिस्टम ग्वालियर-चंबल के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रभावी सिस्टम जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे का असर भी ग्वालियर तक पहुंच रहा है।  अगले 48 घंटे में कोहरा देगा दस्तक, बढ़ेगी ठंड अगले 48 घंटे में शहर में हल्के से मध्यम कोहरे की दस्तक होने की संभावना जताई है। इसके चलते रात के तापमान में से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज (cold wave) की जा सकती है। गुरुवार को शहर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे आ सकता है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस होगा। चार मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में चार प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं, जो ग्वालियर के मौसम को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसमें पहला अंडमान-निकोबार के पास कम दबाव का क्षेत्र, इससे दक्षिण-पूर्वी दिशा में हवाओं का दबाव बढ़ा है। दूसरा श्रीलंका के पास कम दबाव क्षेत्र, इससे दक्षिणी हवाओं की विशा बदल दी है, जिससे ठंडक में इजाफा हो रहा है। तीसरा जम्मू-कश्मीर में नया पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ यह विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है, जिससे कोहरे की संभावना बढ़ गई है। चौथा राजस्थान में चक्रवातीय घेरा ये अरब सागर से नमी खींच रहा है, इससे कोहरे की परत बनेगी। 

वैश्विक शक्ति रैंकिंग: भारत टॉप-3 में, पाकिस्तान बाहर—जानिए पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने लोवी इंस्टीट्यूट ने अपना सालाना एशिया पावर इंडेक्स 2025 जारी किया है, जो 27 एशियाई देशों के मिलिट्री, इकोनॉमिक, डिप्लोमैटिक और कल्चरल असर का डिटेल्ड असेसमेंट देता है। रिपोर्ट में रीजनल पावर में बड़े बदलावों पर रोशनी डाली गई है, जिसमें चीन एशिया की बड़ी पावर के तौर पर उभरा है। भारत लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि पिछले सालों के मुकाबले यूनाइटेड स्टेट्स का असर कम हुआ है। रिपोर्ट में देशों को आठ एरिया (मिलिट्री कैपेबिलिटी, डिफेंस नेटवर्क, इकोनॉमिक ताकत, डिप्लोमैटिक असर, कल्चरल पहुंच, रेजिलिएंस और फ्यूचर रिसोर्स पोटेंशियल) के आधार पर रैंक किया गया है। पाकिस्तान टॉप 10 से बाहर है, 16वें नंबर पर है। दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश 1. यूनाइटेड स्टेट्स (US) 80.5 सुपर पावर 2. चीन 73.7 सुपर पावर 3. इंडिया 40.0 मेजर पावर 4. जापान 38.8 मिडिल पावर 5. रूस 32.1 मिडिल पावर 6. ऑस्ट्रेलिया 31.8 मिडिल पावर 7. साउथ कोरिया 31.5 मिडिल पावर 8. सिंगापुर 26.8 मिडिल पावर 9. इंडोनेशिया 22.5 मिडिल पावर 10. मलेशिया 20.6 मिडिल पावर इंडिया की उभरती हुई पावर रिपोर्ट एशिया में इंडिया के बढ़ते असर को दिखाती है। उम्मीद है कि इंडिया 2025 में 40.0 स्कोर के साथ 'मेजर पावर' का दर्जा हासिल कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया की बढ़त उसकी मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ और बढ़ती मिलिट्री कैपेबिलिटी की वजह से है। हालांकि इंडिया की मिलिट्री और रिसोर्स ग्रोथ काफी रही है, लेकिन उसका डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक असर अभी तक उसकी कैपेबिलिटी में बढ़ोतरी के बराबर नहीं हुआ है, जो आगे बढ़ने की बहुत ज़्यादा संभावना दिखाता है। सिर्फ़ यूनाइटेड स्टेट्स और चीन ही 'सुपरपावर' कैटेगरी में लिस्टेड हैं। यूनाइटेड स्टेट्स टॉप पर बना हुआ है, लेकिन 2018 में एशिया पावर इंडेक्स लॉन्च होने के बाद से यह अपना सबसे कम इन्फ्लुएंस स्कोर दिखा रहा है। एनालिस्ट इसका कारण ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान लिए गए पॉलिसी डिसीजन को मानते हैं, जिन्हें एशिया में US के इन्फ्लुएंस के लिए नेट नेगेटिव बताया गया है। चीन लगातार यूनाइटेड स्टेट्स के साथ गैप कम कर रहा है, जिससे गैप का अंतर 2020 के बाद से अपने सबसे निचले पॉइंट पर आ गया है। रूस की पोजीशन मज़बूत हुई रूस ने 2019 के बाद पहली बार एशिया में अपनी पोजीशन मज़बूत की है। यूक्रेन वॉर के बाद लगाए गए बैन की वजह से खोए हुए इन्फ्लुएंस को उसने वापस पा लिया है। मॉस्को की बढ़ती रीजनल प्रेजेंस का क्रेडिट काफी हद तक चीन और नॉर्थ कोरिया के साथ उसकी स्ट्रेटेजिक डिफेंस और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को जाता है। रूस 2024 में ऑस्ट्रेलिया से हारे अपने पांचवें स्थान पर वापस आ जाएगा। दूसरी मिडिल पावर्स के मुकाबले जापान का इन्फ्लुएंस बढ़ा है। यह मज़बूत इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव को दिखाता है, जो टोक्यो को एशिया के बदलते पावर डायनामिक्स में एक ज़्यादा काबिल प्लेयर के तौर पर पोज़िशन करता है। साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश मिडिल पावर के तौर पर तेज़ी से ज़रूरी भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन

अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता हैः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में इलाज के लिए दिए गए 1300 करोड़ः मुख्यमंत्री  पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की गारंटी, गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का हकदारः सीएम योगी  नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। सीएम ने निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जाना और इसे क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज का बेहतरीन सेंटर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुपर स्पेशियिलिटी हॉस्पिटल ही नहीं, बल्कि एक छत के नीचे ढेर सारा रोजगार व यूपी को बड़ा निवेश भी दे रहा है। सीएम ने मेदांता की तारीफ करते हुए कहा कि नाम ही काफी है। जब भी हम अपने परिश्रम, प्रयास से सही दिशा को चुनते हैं तो उसके परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता है और बेहतरीन-क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज में मेदांता देश में ब्रांड बना है।  बेहतरीन सेवा से मेदांता ने लखनऊ में भी बनाई पहचान सीएम योगी ने कहा कि गुड़गांव के बाद जब लखनऊ में मेदांता का शुभारंभ होना था तो लोग पूछते थे कि क्या यह चल पाएगा, हमें तब भी संदेह नहीं था। मेदांता ने लखनऊ में भी बेहतरीन सेवा से पहचान बनाई है। कोविड के दौरान वह हॉस्पिटल यूपी वासियों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ। सीएम ने कहा कि पश्चिम यूपी में बहुत दिनों से और भी अच्छे हॉस्पिटल की मांग होती थी। सीएम ने यहां की सर्विसेज की तारीफ की।  8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना होता था कठिन सीएम योगी ने कहा कि दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी है, इसलिए बेहतरीन हेल्थ सर्विसेज में भी पीछे नहीं रह सकते। 8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना कठिन होता था। किडनी, कैंसर, लीवर सिरोसिस, बाईपास सर्जरी आदि के लिए गरीब के पास सामर्थ्य नहीं होता था। वह जमीन बेचता या महिलाओं के जेवर गिरवी रखता था। फिर हमारे पास भी हॉस्पिटल को पत्र लिखने और डॉक्टर से बात करने की सिफारिश आती थी। सीएम ने बताया कि पिछले छह-सात वर्ष में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के अंदर 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य की फ्री सेवा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। यूपी में हमने उसके दायरे को बढ़ाया है। यूपी में जो तबका इसके दायरे में नहीं आ पा रहा था, लेकिन जरूरतमंद था। उसे भी राज्य की ओर से इस सुविधा से जोड़ने का कार्य किया गया।  मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में दिए गए 1300 करोड़  सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि देना शुरू किया। यह सुविधा हर वर्ष उपलब्ध करा रहे हैं। इस कोष से एक वर्ष में 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवा के लिए गरीबों को उपलब्ध कराए गए। प्रदेश के इन्पैन्ल्ड हॉस्पिटल, जहां उसका उपचार हो रहा है, वहां धनराशि उपलब्ध कराई गई। सीएम योगी ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने का हकदार है। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यह गारंटी दी है।  उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं। इससे पहले यूपी की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया थी। हमने उस पहचान को हटाकर यूपी को वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज से जोड़ा है। हर जनपद में अच्छे हॉस्पिटल खुलें, इसके लिए पॉलिसी के दायरे में लाकर उन्हें सुविधा देना प्रारंभ किया। हाउसिंग के रूल में संशोधन किया। पहले हॉस्पिटल बनाने के लिए 18 मीटर की सड़क आवश्यक थी। हमने कहा कि 7 मीटर की सड़क में भी हॉस्पिटल बनाइए, हम नक्शा पास करेंगे और कनेक्टिविटी समेत सभी सुविधा देंगे। आज बड़े पैमाने पर लोग यूपी में आ रहे हैं।   तकनीक का उपयोग कर आमजन को उपलब्ध करा सकते अच्छी सर्विस  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में आज 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के जरिए सुविधाओं से जोड़ रहे हैं। आज यूपी सरकार द्वारा आईआईटी कानपुर के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (मेडटेक) का कार्य हो रहा है। तकनीक का उपयोग करते हुए अच्छी सर्विस आमजन को उपलब्ध करा सकते हैं। एआई का बेहतर उपयोग करके कैथलेक को बेहतर बना सकते हैं। एक छत के नीचे सुविधाएं प्राप्त होना बड़ी बात है।  डॉक्टर पर मरीज का बहुत बड़ा विश्वास होता है सीएम योगी ने मेदांता गुड़गांव से जुड़ा संस्मरण सुनाते हुए कहाकि मरीज का डॉक्टर पर बहुत बड़ा विश्वास होता है। बताया कि मेरे गुरु की आयु लगभग 94 वर्ष थी। अस्वस्थ होने पर भी वे कहते थे कि हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा, तब मैं डॉ. प्रवीण चंद्रा को फोन करता था कि आप फोन करके गुरु जी को बुलवा लीजिए। इस पर गुरु जी हॉस्पिटल जाने को तैयार हो जाते थे। वहां एडमिट थे पर जब डॉ. नरेश त्रेहन व उनकी टीम, फिर डॉ. चंद्रा कहते थे कि आप स्वस्थ हैं तो गुरु जी छड़ी उठाकर कहते थे कि चलो, अब चला जाए। डॉक्टर ने कह दिया, अब मैं स्वस्थ हूं। 96 वर्ष में उनका शरीर शांत हुआ था। चिकित्सक ने कह दिया कि आप स्वस्थ हैं तो उस आयु में भी बेड से खड़े होकर छड़ी लेकर चल देते थे।  दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर  सीएम ने दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। बताया कि कोविड के समय हब एंड स्पोक मॉडल पर वर्चुअल आईसीयू शुरू किया था। इस समय एसजीपीजीआई लखनऊ व मेदांता लखनऊ ने भी इस प्रक्रिया को दूरदराज के क्षेत्रों में अपनाया है। पहले चरण में वर्चुअल आईसीयू के माध्यम से टीम के प्रशिक्षण देने के साथ ही सर्विसेज दी जा रही है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 10-12 हजार लोग ओपीडी में आते हैं। सीएम ने कहा कि सर्दी-जुकाम, सामान्य वायरल फीवर वाले को टेलीकन्सलटेशन की सुविधा देकर उसके खर्चे को भी रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि 11 … Read more

भारत के तेजस विमान में कोई समस्या नहीं, HAL ने दिया भरोसा

बेंगलुरु  हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने दुबई एयर शो में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के क्रैश होने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से तेजस कार्यक्रम के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एएनआई के नेशनल सिक्योरिटी समिट में रक्षा निर्यात पर बोलते हुए डीके सुनील ने कहा- तेजस में बिल्कुल कोई समस्या नहीं है। मैं इस मंच से ये घोषणा करता हूं। यह एक बहुत शानदार एयरक्राफ्ट है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया में सबसे बेहतरीन है। दुबई में जो हुआ, वह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इसका तेजस के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि यह पहला मौका था जब तेजस विदेशी धरती पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं जब से तेजस बना है तब से केवल दो बार ही क्रैश हुआ है। वहीं 1993 से 2013 तक दुनिया की सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका में 174 एयरशो क्रैश हुए, जिनमें 91 लोग मारे गए। एचएएल चेयरमैन ने कहा- जब कोई देश आगे बढ़ता है और अपनी खुद की टेक्नोलॉजी विकसित करता है तो उसे कई चरणों से गुजरना होता है। आज हमने नई क्षमता के साथ इस 4.5 जेनरेशन के एयरक्राफ्ट को बनाया है। यह एक बहुत बड़ी सफलता है और हम इस पर गर्व करते हैं। लोग तो बातें करेंगे ही और सवाल उठाएंगे लेकिन इससे हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूरी तरह से सुरक्षित एयरक्राफ्ट है। इसके भविष्य को लेकर कोई सवाल ही नहीं है। हमारे पास करीब 180 तेजस हैं और यह संख्या आगे बढ़ेगी। हम पास इस विमान के लिए एक्सपोर्ट मार्कट भी होगी।" HAL के फ्यूचर प्रोजेक्ट HAL के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि हम U-CAV – 'CATS वॉरियर' बना रहे हैं। यह अगले साल तक तैयार हो जाएगा, और हमें उम्मीद है कि यह 2027 तक उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि हम UHM (यूटिलिटी हेलीकॉप्टर मैरीटाइम)- डेक-बेस्ड वर्जन के लिए यूटिलिटी हेलीकॉप्टर पर भी काम कर रहे हैं। यह इस साल उड़ान भरना शुरू कर देगा, और दो साल में डिलीवरी होगी… उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि भारत वैश्विक स्तर पर उभरे और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। डीके सुनील ने कहा- यह सरकार की नीति है कि हम ग्लोबल बनें। निर्यात भारत सरकार और कंपनी के आउटरीच का परिणाम हैं। हम जो क्षमता विकसित कर रहे हैं, उसका यह तार्किक विस्तार है। गौरतलब है कि दुबई एयर शो-2025 के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान प्रदर्शन के समय क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर नमांश स्याल मारे गए। वर्तमान में मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र, फिलीपींस सहित कई देश तेजस में रुचि दिखा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है।

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू

विकसित उत्तर प्रदेश – 2047’: मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकताओं में इंडस्ट्रियल व इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार मुख्य रूप से शामिल 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ते प्रदेश में परामर्श आधारित विकास मॉडल प्रभावी रूप से हो रहा लागू  औद्योगिक तथा अवसंरचनात्मक परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार दीर्घकालिक रणनीति पर कर रही कार्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक देश के विकसित राज्यों की अग्रिम श्रेणी में लाने के लिए योगी सरकार अवसंरचना तथा औद्योगिक विस्तार पर केंद्रित व्यापक रणनीति लागू करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट का निर्माण कार्य निरंतर जारी है और सरकार अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव प्राप्त कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक सुझाव कृषि, ग्रामीण विकास और शिक्षा से संबंधित हैं। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की विकास यात्रा में जनता की सक्रिय भागीदारी का सकारात्मक संकेत बताया है। औद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारी राज्य एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है, जबकि वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 15 से 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक मानी गई है। औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र इकाइयों को 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से यह सीमा 45 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। स्टांप ड्यूटी में छूट ने निवेशकों का बढ़ाया विश्वास भूमि क्रय को सरल और सुलभ बनाने के लिए लागू की गई स्टांप ड्यूटी छूट निवेशकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन बनी है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में 100 प्रतिशत, मध्यांचल और पश्चिमांचल में 75 प्रतिशत तथा नोएडा–गाजियाबाद में 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। सरकार का मानना है कि यह कदम नए औद्योगिक निवेशों को आकर्षित करेगा और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार को गति देगा। सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही विकास की राह पिछले वर्षों में योगी सरकार ने अवसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए इसका व्यापक स्तर पर विस्तार किया है। आज उत्तर प्रदेश 13 एक्सप्रेस-वे और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ देश का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी नेटवर्क प्रदान करने वाला राज्य बन चुका है। यह सुदृढ़ नेटवर्क प्रदेश को तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर रहा है और उद्योगों को विश्वस्तरीय संपर्क सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में होगी वृद्धि, बढ़ेंगे रोजगार सृजन के अवसर वित्तीय वर्ष 2025–26 में घोषित 8,08,736 करोड़ रुपये के बजट में से लगभग 22 प्रतिशत राशि अवस्थापना विकास के लिए आवंटित की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउसिंग, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब और नई औद्योगिक नगरियों के विस्तार में गति लायी जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी और रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित होंगे। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ का विजन अब ऐसी प्रक्रिया के रूप में आकार ले रहा है जिसमें नीति, विकास और जनता की सहभागिता मिलकर एक समृद्ध भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।

राम माधव ने दिल्ली ब्लास्ट पर जताई चिंता, आतंकवाद को लेकर धारणाओं पर रखा जोर

नईदिल्ली  फरीदाबाद से सामने आया आतंक का डॉक्टर वाला रूप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी मॉड्यूल के तहत दिल्ली के लाल किले के सामने हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने कहा कि इस घटना ने आतंक से जुड़े बहुत सारे मिथकों को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह धारणा बनी हुई है कि शिक्षा का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह गरीबी का परिणाम है। इस घटना ने साबित कर दिया कि आतंकवाद का शिक्षा या गरीबी से कोई लेना देना नहीं है, यह एक धारणा, एक सोच का परिणाम है। एएनआई से बातचीत करते हुए संघ के नेता ने कहा कि किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन एक यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवादी का धर्म होता है। उन्होंने कहा, "दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के मामले का मुख्य आतंकी अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए कुरआन की आयतों का हवाला दे रहा है… हम मानें या न मानें आतंकवादियों की धार्मिक प्रेरणा होती है। इस बात को अब और नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए हमें इस बात को अब नकार देना चाहिए कि पढ़े लिखे लोग आतंकवादी नहीं हो सकते। दुनिया ने देखा है कि ओसामा बिन लादेन इंजीनियर था, अल जवाहिरी डॉक्टर था और आतंकवादी भी था।" उन्होंने कहा, "दूसरी बात हमें इस बात को भी खारिज कर देना चाहिए की आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता… हां, हम किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद के साथ नहीं जोड़ सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि एक आतंकवादी का अपना धर्म होता है। लोग धार्मिक आधार पर आतंक की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। हमें इस मुद्दे को लेकर अब तार्किक तरीके से सोचना होगा।" संघ नेता ने आतंकवादियों को भटका हुआ नौजवान बताकर बचाने वाले लोगों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अगर आप इसे (आतंकवाद को) यूं ही नकारते रहेंगे, तो आप फिर वही पुराना बचाव वाला और माफी मांगने वाला प्रचार कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसे बुद्धिजीवियों की कमी नहीं है। अब समय आ गया है कि हम सभी को इसका खड़े होकर मुकाबला करना चाहिए। हमारे लिबरल बुद्धिजीवी और मुस्लिम बुद्धिजीवियों को भी इन बातों पर खुलकर सामने आना चाहिए।” आपको बता दें, यह पूरी बात फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। इसमें इन आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। लाल किले के पास कार में आत्मघाती हमला करने वाला भी आतंकी उमर भी एक डॉक्टर था। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अभी तक कई गिरफ्तारियाँ भीदिल हो चुकी हैं।

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर-   सीएम योगी  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

कनाडा फायरिंग केस: संदिग्ध हमलावर दिल्ली में गिरफ्तार, भारत लौटने की जानकारी मिली

नई दिल्ली कनाडा में कपिल शर्मा के KAP's कैफे पर फायरिंग करने के मुख्य षड्यंत्र में शामिल शूटर बंधु मान सिंह सेखों को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. बंधु मान सिंह सेखों गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़ा हुआ है. फायरिंग की घटना के बाद यह गैंगस्टर भारत आया था. सेखों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन के भी संपर्क में था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. गिरफ्तार किया गया आरोपी बंधु मान सिंह सेखों कनाडा में हुई गोलीबारी की घटना का मुख्य शूटर बताया जा रहा है. कैप्स कैफे में फायरिंग के मुख्य षड्यंत्र को समझने के लिए उसकी गिरफ्तारी अहम है. सेखों के गोल्डी बराड़ से जुड़े होने की वजह से दिल्ली पुलिस आगे की जांच कर रही है. कनाडा में फायरिंग के बाद भारत भागा गिरफ्तार शूटर बंधु मान सिंह सेखों ने कनाडा में कपिल शर्मा के 'कैप्स कैफे' पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. फायरिंग करने के बाद यह गैंगस्टर तुरंत भारत भाग आया था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उसे दिल्ली में गिरफ्तार किया है. गोल्डी बराड़ और ढिल्लन से संबंध जांच में पता चला है कि बंधु मान सिंह सेखों गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का सहयोगी है. इसके अलावा, वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन के भी संपर्क में था. पुलिस अब इन गैंगस्टर कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है.