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लखनऊ RSS दफ्तर पर हमले की तैयारी, गुजरात में ISIS के आतंकियों पर कार्रवाई

अहमदाबाद गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान में बीते दिन अहमदाबाद से तीन ISIS से जुड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया था. ये आतंकी गुजरात और देशभर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे. अब पता चला है कि आतंकियों ने लखनऊ में आरएसएस दफ्तर और दिल्ली में आजादपुर मंडी की रेकी की थी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल और अहमद मोहियुद्दीन सैयद के रूप में हुई. सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय और दिल्ली की भीड़भाड़ वाली आज़ादपुर मंडी की रेकी कर रहे थे. दोनों जगहों को आतंकी हमले के संभावित निशाने के तौर पर चुना गया था. जांच में खुलासा हुआ है कि शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार जुटाए और उन्हें गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपाया. वहीं, हैदराबाद निवासी मोहियुद्दीन को ये हथियार लेकर वापस लौटना था लेकिन गुजरात ATS ने समय रहते कार्रवाई कर मोहियुद्दीन को शुक्रवार रात ही गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से चार विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुए. आतंकियों के मोबाइल रिकॉर्ड से खुलासा मोहियुद्दीन के मोबाइल की जांच में उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला. इसके बाद ATS ने दोनों अन्य आतंकियों को भी गिरफ्तार किया. गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, "डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जो चीन से MBBS की पढ़ाई कर चुका है. वह ISIS-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम से संपर्क में था, जिसने उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करने और भर्ती अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी थी." मोहियुद्दीन साइनाइड से बना रहा था जहरीला पदार्थ पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहियुद्दीन साइनाइड से जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था. फिलहाल ATS यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई कैसे हुई थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल कहां सक्रिय हैं.

कल्चुरी कलार समाज सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री, रतनपुर को मिला 100 बेड अस्पताल और 1 करोड़ का सामुदायिक भवन

रायपुर : कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अटल वास्तव, मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर मती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है। जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जल्द: एमपी कैबिनेट आज प्रस्ताव को दे सकती है मंजूरी

भोपाल  .  लाड़ली बहना को अगली किस्त 1500 रुपए देने पर सोमवार को कैबिनेट में मुहर लगेगी। साथ ही सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल की अनिवार्यता के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है। अभी मप्र में 1.26 करोड़ लाड़ली बहना को हर माह 1250 रुपए मिलते हैं। सीएम ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपए करने की घोषणा की है। एमपी सीएम सिवनी में राज्यस्तरीय मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हितलाभ वितरण कार्यक्रम से 12 नवंबर को बहनों के खाते में 30वीं किस्त के 1500 रुपए ट्रांसफर करेंगे। बता दें कि, बहनों केा बढ़ी हुई राशि इसी माह से दी जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव गुजरात के केवड़िया प्रवास पर रहेंगे। इसलिए सोमवार को कैबिनेट होगी। रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा का शुभारंभ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा संचालन का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। रीवा से दिल्ली के लिए यह नई हवाई सेवा शुरू होगी, जिससे विंध्यवासियों को सीधे दिल्ली यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रीवा से इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा जल्द शुरू होने जा रही है। कैबिनेट इस प्रस्ताव को हरी झंडी देने के साथ ही प्रदेश की लाभार्थी महिलाओं के खातों में हर महीने 250 रुपये अतिरिक्त आएंगे। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने अक्टूबर में महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त भेजी गई थी। योजना की 30वीं किस्त 12 नवंबर को जारी की जा सकती है। विंध्य को हवाई सेवा की सौगात आज विंध्यवासियों के लिए एक बड़ा दिन है, क्योंकि रीवा से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह करीब 11:35 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस 72-सीटर उड़ान सेवा का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। इस सेवा के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के लोगों को देश की राजधानी तक पहुंचने के लिए एक तेज और सुगम विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, भविष्य में रीवा से इंदौर के लिए भी 72-सीटर हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।

आतंकवादी साजिश में लिप्त डॉक्टर? आदिल के पास मिले हथियार और 300 किलो RDX की खबर ने मचाया हलचल

 फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने दो दिनों पहले गिरफ्तार किए गए डॉक्टर आदिल अहमद की निशानदेही पर हरियाणा के फरीदाबाद से 300 किलोग्राम आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है. कश्मीर टू फरीदाबाद साजिश का भंडाफोड़ दरअसल 8 नवंबर को श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग के पूर्व डॉक्टर आदिल अहमद के लॉकर से एके-47 राइफल बरामद की थी. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ शुरू की थी. जानकारी के अनुसार, आदिल अहमद अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत था लेकिन उसके लॉकर से एक एके-47 राइफल बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके आतंकी संगठन जैश से संबंध होने का शक और गहरा गया था. आतंकी संगठन से डॉक्टर का संबंध जैश से संबंधों को लेकर जब पूरे मामले की जांच की गई तो डॉक्टर के ठिकाने (फरीदाबाद) से इतनी भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद की गई है. सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर आदिल अहमद ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे.  उसकी निशानदेही पर ही पुलिस की टीम ने फरीदाबाद में छापेमारी की, जहां से करीब 300 किलो आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल, और कई राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि यह विस्फोटक सामग्री किसी बड़े आतंकी हमले में इस्तेमाल की जा सकती थी. आतंकियों की मदद कर रहा था डॉक्टर आदिल जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टर का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से था और वह लंबे समय से आतंकी गतिविधियों के लिए मददगार के रूप में काम कर रहा था. पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स हरियाणा तक कैसे पहुंचा और इनका अंतिम टारगेट क्या था.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति

रायपुर : शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री  साय बालोद जिले के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार है। इसलिए हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षित और ज्ञानवान बनाएं। मुख्यमंत्री  साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने सर्वप्रथम शाकंभरी माता, भगवान राम, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं मती सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कोसरिया मरार समाज को धरती माता की सेवा करने वाला मेहनतकश समाज बताते हुए समाज के कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव को समाज का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वजातीय जनों के बीच मेल-मिलाप और एकता को भी प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल अनावश्यक खर्च को रोकते हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबके को आर्थिक संबल भी प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने समाज एवं राष्ट्र के विकास में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल शासकीय सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने समाज के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की समुचित शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने नशा को समाज की अवनति का प्रमुख कारण बताते हुए समाज के लोगों से नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सभी समाजों की प्रगति ही छत्तीसगढ़ राज्य एवं देश की प्रगति का आधार है। मरार समाज की उन्नति में ही प्रदेश की उन्नति निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज का यह आयोजन निश्चित रूप से कोसरिया मरार समाज की एकता और प्रगति को नई दिशा देगा।  साय ने कहा कि मरार समाज खेती-किसानी और सब्ज़ी उत्पादन के माध्यम से न केवल समाज के सभी वर्गों की सेवा कर रहा है, बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी कर रही है। साथ ही राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।  इसके अतिरिक्त राज्य में पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि हेतु भी ठोस व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा प्रकाशित युवक-युवती परिचय माला पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने शाकंभरी महोत्सव के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में परिणय-सूत्र में बंधने वाले नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सुखी एवं सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं। समारोह में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक मती संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष  यज्ञदत्त शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख उपस्थित थे।

सर्द हवाओं का हमला: भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बढ़ी ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले 10 दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ने लगी है। मौसम विभाग की माने तो पिछले 25 साल में ऐसा पहली बार है, जब नवंबर की शुरुआत में ही यहां कई इलाकों में शीतलहर चलने लगी है। आलम ये है कि, प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा पहुंचा। राजगढ़ जिले में पमचढ़ी से भी ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा की वजह से अचानक ठंडक बढ़ गई है। उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश आ रही हैं, जिससे नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में पिछले 25 साल में पहली बार है कि, नवंबर माह के शुरुआत में ही शीतलहर चल गई हो। शनिवार रात को प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इनमें राजगढ़ में सबसे ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई शहरों में कोल्ड वेव इसके अलावा कई शहरों में कोल्ड वेव का भी असर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, सतना और रीवा में दिन में ठंडी हवाएं चली।   इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट जबकि, आज रविवार को भी इन जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पन्ना जिले में भी कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा। वहीं, कल सोमवार (10 नवंबर) को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, रीवा, पन्ना, सतना, छतरपुर और टीकमगढ़ में शीतलहर चलने का अलर्ट है।

विशेष आर्टिकल- उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास क्रांति: UP-AGREES प्रोजेक्ट से नई संभावनाएँ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 जनवरी 2025 को विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा की उपस्थिति में लॉन्च किया। यह 6 वर्षीय (2025-2031) प्रोजेक्ट ₹4,000 करोड़ के बजट से संचालित है, जिसमें विश्व बैंक से ₹2,737 करोड़ ऋण (35 वर्ष चुकौती, 7 वर्ष मोरेटोरियम, 1.23% ब्याज) और राज्य सरकार से ₹1,166 करोड़ का योगदान है। प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 21 जिलों (जैसे वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (जैसे झांसी, बांदा, चित्रकूट) में लागू होगा, जो जलवायु परिवर्तन से सबसे प्रभावित 28 जिलों को कवर करता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादकता 30-35% सुधारना (10 क्विंटल से 14-15 क्विंटल/एकड़), डिजिटल तकनीक अपनाना और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। 10 लाख किसान (30% महिलाएं), मछली पालक और कृषि-आधारित MSME सीधे लाभान्वित होंगे। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 विजन को साकार करेगा, जहां UP 23% राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन करता है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य: कृषि से आत्मनिर्भरता तक UP-AGREES कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत, वित्तीय पहुंच सुधार और मूल्य वर्धन अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। प्रमुख लक्ष्य: •    उत्पादकता वृद्धि: जलवायु-स्मार्ट कृषि (CSA) से फसल उत्पादन 30-35% बढ़ाना। •    डिजिटल क्रांति: UP AGRIVERSE – AI, IoT, GIS, ड्रोन, बिग डेटा से Agriculture 3.0। •    ग्रामीण उद्यमिता: एग्रो क्लस्टर स्थापित, मछली पालन में क्षमता वृद्धि। •    समावेशी विकास: महिलाओं, SC/ST/OBC को प्राथमिकता; 10,000 महिला उत्पादक समूह लिंकेज। •    परिणाम: किसान क्रेडिट कार्ड (eKCC) को समयबद्ध, किफायती बनाना; 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। प्रोजेक्ट की संरचना: 4 प्रमुख घटक प्रोजेक्ट 4 घटकों में विभाजित है, जो राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़े हैं: घटक    विवरण    प्रभाव (2025-31) 1. कृषि उत्पादकता वृद्धि    जलवायु-स्मार्ट इनपुट (बीज, उर्वरक), मशीनरी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन।    10 लाख किसानों को CSA अपनाने में सहायता; उत्पादन 30%+। 2. एग्रो क्लस्टर स्थापना    प्रतिस्पर्धी वस्तुओं (फल-सब्जी, अनाज) पर क्लस्टर; मछली पालन में ICAR सहयोग।    मछली उत्पादकता दोगुनी; बाजार पहुंच सुधार। 3. डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी मजबूती    UP AGRIVERSE – AI/IoT/GIS से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग; डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल।    डिजिटल कृषि इकोसिस्टम; eKCC से वित्तीय समावेश। 4. प्रोजेक्ट प्रबंधन, ज्ञान और सीख    क्षमता निर्माण, मॉनिटरिंग, 500 किसानों का विदेश प्रशिक्षण।    10,000 महिला समूह लिंक; ज्ञान साझा। कार्यान्वयन: दो चरणों में – पहला चरण 28 जिलों में (2024-25 से शुरू), दूसरा विस्तार। बजट आवंटन: घटक-वार, ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर। प्रेरक उदाहरण: प्रोजेक्ट से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड लाभार्थी):  o    सहायता: CSA इनपुट + ड्रोन मॉनिटरिंग। o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "UP-AGREES ने सूखे को अवसर बनाया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG (पूर्वांचल):  o    सहायता: एग्रो क्लस्टर + डिजिटल मार्केटिंग। o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, सब्जी निर्यात। 3.    गोरखपुर मछली पालक (ICAR सहयोग):  o    सहायता: जलाशय क्षमता वृद्धि। o    अब: उत्पादकता दोगुनी, 100+ परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: प्रोजेक्ट पर दृष्टि CM योगी ने UP-AGREES को 'कृषि क्रांति का मील का पत्थर' बताया: •    लॉन्च समारोह (28 जनवरी 2025):  "UP-AGREES पूर्वांचल-बुंदेलखंड को कृषि हब बनाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार। विश्व बैंक का सहयोग सराहनीय।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "प्रोजेक्ट से किसानों की आय दोगुनी, जलवायु चुनौतियां अवसर बनेंगी। डिजिटल AGRIVERSE से Agriculture 3.0!" •    X पर योगी जी:  #UPAGREES – "कृषि से आत्मनिर्भर UP – AGREES हर किसान का साथी!" निष्कर्ष: UP-AGREES – UP कृषि का नया क्षितिज UP-AGREES ₹4,000 करोड़ से 28 जिलों में डिजिटल-जलवायु स्मार्ट कृषि लाएगा, जहां 10 लाख किसान सशक्त होंगे। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, जुड़ें – नया UP आपका इंतजार कर रहा है! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल :ODOP के साथ PMMY की शक्ति: उत्तर प्रदेश के छोटे व्यवसायियों की आर्थिक उड़ान

लखनऊ  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY), जिसे 8 अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था, आज भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की रीढ़ है। उत्तर प्रदेश में यह योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और मिशन शक्ति के साथ मिलकर लाखों कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बिना गारंटी ऋण प्रदान कर रही है। अब तक उत्तर प्रदेश में 12 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक है। योजना ने 40 लाख+ रोजगार सृजित किए हैं, और 60% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। आइए, जानें कैसे PMMY उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने में योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: तीन श्रेणियां, अनगिनत सपने PMMY के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे/सूक्ष्म उद्यम (उद्योग, सेवा, व्यापार) को बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं, और ब्याज दर बैंक के अनुसार (आमतौर पर 8-12%)। तीन श्रेणियां हैं: श्रेणी    ऋण राशि    उद्देश्य    उत्तर प्रदेश में वितरण (2025 तक) शिशु (Shishu)    ₹50,000 तक    नई इकाई शुरू करना    8.5 करोड़+ ऋण, कुल ₹45,000 करोड़ किशोर (Kishor)    ₹50,001 – ₹5 लाख    मौजूदा इकाई विस्तार    2.8 करोड़+ ऋण, कुल ₹65,000 करोड़ तरुण (Tarun)    ₹5,00,001 – ₹10 लाख    बड़े विस्तार, मशीनरी    1.2 करोड़+ ऋण, कुल ₹40,000 करोड़ •    पात्रता: 18 वर्ष से अधिक उम्र, आधार कार्ड, बैंक खाता। SC/ST/OBC/महिलाओं को प्राथमिकता। •    आवेदन: बैंक शाखा, ऑनलाइन (mudra.org.in), या UDYAM पोर्टल। •    विशेष: महिलाओं के लिए 0.25% ब्याज छूट, मुद्रा कार्ड से कार्यशील पूंजी। उत्तर प्रदेश में ODOP उत्पादों (जैसे चिकनकारी, पीतल, गुड़) के लिए मुद्रा ऋण प्राथमिकता पर दिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में PMMY का प्रभाव: आंकड़े और कहानियां •    कुल ऋण: 12.5 करोड़+ (राष्ट्रीय कुल का 20%)। •    महिला लाभार्थी: 7.5 करोड़+ (60% से अधिक)। •    ODOP से जुड़ाव: 3 लाख+ ODOP उद्यमियों को मुद्रा ऋण। •    रोजगार: 40 लाख+ नई नौकरियां, पलायन में 70% कमी। •    डिजिटल वितरण: 98% आवेदन 7 दिन में स्वीकृत (PSB59 पोर्टल)। प्रेरक कहानी: लखनऊ की रुखसार बानो – चिकनकारी से 'लाखपति दीदी' लखनऊ की रुखसार बानो (32 वर्ष) एक गृहिणी थीं, जिनके पति की दुकान बंद हो गई। मुद्रा योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी: चरण    लाभ शिशु ऋण (2020)    ₹50,000 – सिलाई मशीन, कच्चा माल किशोर ऋण (2022)    ₹3 लाख – 5 महिलाओं को प्रशिक्षण, दुकान तरुण ऋण (2024)    ₹8 लाख – ऑनलाइन स्टोर, निर्यात वर्तमान आय    मासिक ₹1.2 लाख, 25 महिलाओं को रोजगार रुखसार कहती हैं: “मुद्रा ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, सम्मान दिया। आज मेरी चिकनकारी दुबई तक पहुंच रही है। ODOP ने ब्रांड बनाया, मुद्रा ने पूंजी दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: मुद्रा को ODOP का सहयात्री योगी जी ने मुद्रा योजना को ODOP और मिशन शक्ति के साथ जोड़कर उत्तर प्रदेश मॉडल बनाया। उनके प्रमुख बयान: •    20 सितंबर 2025 (मिशन शक्ति 5.0 लॉन्च):  “मुद्रा योजना ने 12 करोड़ उत्तर प्रदेशियों को ऋण दिया। ODOP के साथ मिलकर यह लाखपति दीदी बना रही है।” •    24 जनवरी 2025 (उत्तर प्रदेश दिवस):  “2017 से पहले बैंक गरीबों के दरवाजे बंद थे। मुद्रा ने बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ दिए – यह भाजपा का गरीब कल्याण है।” •    8 फरवरी 2024 (ODOP CFC उद्घाटन):  “मुद्रा + ODOP = आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश। हमारा लक्ष्य 20 लाख मुद्रा उद्यमी 2027 तक।” योगी जी का डिजिटल और पारदर्शी शासन मुद्रा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाता है। भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: मुद्रा – आत्मनिर्भर भारत का इंजन भाजपा सरकार ने मुद्रा योजना को राष्ट्रीय क्रांति बनाया: •    राष्ट्रीय कुल: 45 करोड़+ ऋण, ₹28 लाख करोड़। •    उत्तर प्रदेश में: 20% हिस्सा, 60% महिला लाभार्थी। •    ODOP एकीकरण: 3 लाख+ ODOP इकाइयां मुद्रा से वित्तपोषित। •    महिला सशक्तिकरण: मिशन शक्ति के तहत लाखपति दीदी लक्ष्य। •    डिजिटल क्रांति: PSB Loans in 59 Minutes – 7 दिन में ऋण। यह कदम 'गरीब से उद्यमी' की यात्रा है – भाजपा की समावेशी विकास नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: मुद्रा योजना – उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्वतंत्रता का आधार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उत्तर प्रदेश को उद्यमिता का हब बनाया। रुखसार बानो जैसी लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भर हैं। योगी सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: •    2017 से पहले बैंक दरवाजे बंद – आज 12 करोड़ ऋण। •    बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ – भ्रष्टाचार मुक्त। •    60% महिला लाभार्थी – नारी शक्ति का सशक्तिकरण। •    ODOP + मुद्रा = निर्यात क्रांति – $1 ट्रिलियन लक्ष्य की ओर। •    डिजिटल, पारदर्शी, समावेशी – विश्व मॉडल। योगी सरकार ने साबित कर दिया – जब अवसर मिले, तो गरीब भी उद्यमी बनता है। मुद्रा कोई ऋण नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों का ईंधन है। आवेदन करें: mudra.org.in | निकटतम बैंक शाखा 📞 हेल्पलाइन: 1800-180-1111 🎯 #PradhanMantriMudraYojana #ODOP #YogiHaiToRojgarHai

विशेष आर्टिकल-UP AGRIVERSE: AI, IoT और GIS के जरिए उत्तर प्रदेश में कृषि क्रांति और किसानों का सशक्तिकरण

लखनऊ  UP AGRIVERSE, उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) का एक प्रमुख घटक, राज्य को कृषि 3.0 की ओर ले जा रहा है। 28 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया, यह डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र AI, IoT, GIS, ड्रोन और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे उपकरणों से लैस है, जो 10 लाख किसानों (30% महिलाएं) को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, निर्णय लेने और बाजार लिंकेज प्रदान करता है। विश्व बैंक समर्थित (₹4,000 करोड़ बजट) यह प्लेटफॉर्म पूर्वांचल के 21 जिलों (वाराणसी, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (झांसी, बांदा) में लागू है। UPFR AgriStack के साथ एकीकृत, यह डिजिटल किसान रजिस्ट्री से eKCC (किसान क्रेडिट कार्ड) को समयबद्ध और किफायती बनाता है। PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन में UP AGRIVERSE उत्पादकता 30-35% बढ़ाने और जलवायु-स्मार्ट कृषि को साकार कर रहा है। UP AGRIVERSE का उद्देश्य: डिजिटल कृषि से आत्मनिर्भरता UP AGRIVERSE डेटा-ड्रिवन निर्णय पर फोकस करता है, जहां राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़कर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल विकसित करता है। प्रमुख लक्ष्य: •    रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, फसल स्वास्थ्य। •    वित्तीय समावेश: eKCC से त्वरित ऋण, 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। •    महिला सशक्तिकरण: 10,000 महिला उत्पादक समूह को डिजिटल लिंकेज। •    परिणाम: कृषि GSDP 28%, खाद्यान्न उत्पादन 23% राष्ट्रीय योगदान। UP AGRIVERSE के प्रमुख डिजिटल उपकरण: विस्तृत विवरण UP AGRIVERSE इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को एकीकृत करता है, जो किसानों को मोबाइल ऐप, डैशबोर्ड और API के माध्यम उपलब्ध हैं। यहां मुख्य उपकरण: उपकरण    विवरण    लाभ (किसानों के लिए) AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)    – फसल रोग निदान (मोबाइल ऐप से फोटो अपलोड)। – उर्वरक/कीटनाशक सिफारिशें। – मौसम पूर्वानुमान और जलवायु जोखिम विश्लेषण।    – रोग पहचान 90% सटीक, फसल हानि 20% कम। – आय वृद्धि: सटीक सलाह से उत्पादन 15%+। IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स)    – सेंसर-आधारित मिट्टी नमी, तापमान मॉनिटरिंग। – स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम। – फसल स्वास्थ्य ट्रैकिंग।    – जल संरक्षण 30%, सूखे में सहायता। – रीयल-टाइम अलर्ट: मोबाइल नोटिफिकेशन। GIS (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम)    – भूमि मैपिंग, फसल सर्वे (डिजिटल क्रॉप सर्वे)। – संसाधन आवंटन (बीज/उर्वरक वितरण)। – क्लस्टर-आधारित योजना।    – भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन: UPFR से एकीकृत। – सब्सिडी वितरण: पारदर्शी, 98% निस्तारण। ड्रोन टेक्नोलॉजी    – हवाई सर्वे, कीटनाशक स्प्रे। – फसल स्वास्थ्य इमेजिंग (NDVI इंडेक्स)। – बाढ़/सूखा मैपिंग।    – स्प्रे कवरेज 95%, श्रम 50% कम। – बुंदेलखंड में उपयोग: जलवायु अनुकूलन। बिग डेटा एनालिटिक्स    – डेटा एनालिसिस से बाजार पूर्वानुमान। – MSP/बाजार मूल्य ट्रेंड। – eKCC क्रेडिट स्कोरिंग।    – बाजार लिंकेज: UP Mart से निर्यात। – वित्तीय पहुंच: ऋण स्वीकृति 70% तेज। अन्य विशेषताएं: •    UPFR AgriStack पोर्टल (upfr.agristack.gov.in): फार्मर ID जेनरेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे। •    मोबाइल ऐप: रीयल-टाइम मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, ब्लॉकचेन से ट्रेसिबिलिटी। •    एग्रो क्लस्टर: 15 एग्रो पार्क में एकीकृत, मछली पालन के लिए ICAR सहयोग। प्रेरक उदाहरण: उपकरणों से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड):  o    उपकरण: AI ऐप + IoT सेंसर। o    प्रभाव: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "ड्रोन ने सूखे को हराया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG:  o    उपकरण: GIS + बिग डेटा। o    प्रभाव: 41 महिलाएं, सब्जी निर्यात से ₹1 करोड़ टर्नओवर। 3.    गोरखपुर मछली पालक:  o    उपकरण: ड्रोन + IoT। o    प्रभाव: उत्पादकता दोगुनी, 100 परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: UP AGRIVERSE पर दृष्टि •    लॉन्च (28 जनवरी 2025):  "UP AGRIVERSE AI-IoT से Agriculture 3.0 लाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "डिजिटल उपकरण जलवायु चुनौतियां अवसर बनाएंगे। GIS-ड्रोन से सटीक कृषि!" निष्कर्ष: UP AGRIVERSE – डिजिटल कृषि का नया युग UP AGRIVERSE के AI, IoT, GIS जैसे उपकरण 10 लाख किसानों को सशक्त कर उत्पादकता 35% बढ़ा रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, डिजिटल जुड़ें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का रोमांच रायपुर में : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बढ़ाया युवाओं का हौसला जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में युवाओं के जोश और ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन रायपुर राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में आज रोमांच, ऊर्जा और साहस से भरपूर राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित  करते हुए कहा कि यह आयोजन खेल  युवा शक्ति, अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी का उत्सव है। देशभर से आए 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बना दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि जैसे रजत जयंती महोत्सव के दौरान एयरोबेटिक शो ने आसमान में देशभक्ति का जोश जगाया, वैसे ही यह सुपरक्रॉस चैंपियनशिप ज़मीन पर युवाओं के जुनून को नई उड़ान दे रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पाठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स टूरिज़्म और मोटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे सुरक्षित रेस करें, अपने कौशल का प्रदर्शन करें और दर्शक जिम्मेदारी के साथ इस खेल का आनंद लें। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु  खुशवंत साहेब, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्ज्वल दीपक, अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।