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सर्द हवाओं का असर: राजस्थान में सर्दी ने दी जोरदार दस्तक

जयपुर उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से राजस्थान में सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं सहित 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं में सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जबकि बारां और करौली में पहली बार तापमान 10 डिग्री से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा। सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। फतेहपुर में 7.4, दौसा में 7.7, अजमेर में 8.1, अलवर में 8.5, सिरोही में 8.1, उदयपुर में 9.5 और करौली में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शेखावाटी और आसपास के जिलों में उत्तरी हवाओं का असर सबसे ज्यादा है, जिससे तापमान सामान्य से 3 से 9 डिग्री तक नीचे आ गया है। अजमेर में तापमान सामान्य से 9.2 डिग्री, सीकर में 7.1 और जोधपुर में 4.4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। दिन में आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। सिरोही में दिन का तापमान 31.5 डिग्री, जालोर में 31.8, जैसलमेर में 32.4 और बाड़मेर में 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में रात का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा।  वहीं पिलानी, उदयपुर और वंशस्थली में तापमान 9.5 से 10.2 डिग्री के बीच रहा। बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां दिन का तापमान 33.8 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 32.4, बीकानेर और जोधपुर में 31.3, चूरू में 30.8, गंगानगर में 30.1 और चित्तौड़गढ़ में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप के कारण हल्की राहत रहेगी, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर और तेज होगा। मौसम केंद्र जयपुर ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि सुबह और रात में ठंड का असर और बढ़ेगा।

उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड! 21 से 25 नवंबर तक नया पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक

कन्नौज   मौसम विभाग के अनुसार कानपुर मंडल में अगले कुछ दिनों तक आसमान बिल्कुल साफ रहेगा। दिन में तेज धूप निकलेगी। जिससे दिन का तापमान औसत के आसपास रहेगा। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में उत्तर और पश्चिमी दिशाओं से आने वाली दवाओं का असर दिखाई पड़ेगा। रात के तापमान में लगातार गिरावट आएगी। 21 से 25 नवंबर के बीच उत्तर भारत के मौसम को नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि फिलहाल देश में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली मौजूद नहीं है। न्यूनतम तापमान में उत्तर पश्चिम हवाओं के कारण गिरावट बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार आज रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। इस हफ्ते तापमान 11 डिग्री नीचे तक पहुंच सकता है। इस बीच बारिश की कोई संभावना नहीं है। कैसा रहेगा आज रात और कल का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार आज रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहने का अनुमान है। पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम को प्रभावित करेंगी। सोमवार, 10 नवंबर का तापमान 12 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम को प्रभावित करेंगी। 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। रात में मौसम साफ रहेगा। 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। बारिश की कोई संभावना नहीं है।   कैसा रहेगा 16 नवंबर तक का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 11 नवंबर मंगलवार का तापमान 12 से 28 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। आसमान साफ रहेगा। जबकि 12 और 13 नवंबर का तापमान 12 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। 14, 15 और 16 नवंबर का तापमान 11 से 26 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान उत्तर और पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं मौसम पर अपना प्रभाव डालेंगी। रात का तापमान 11 डिग्री तक पहुंच रहा है।

मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर, तापमान में भारी गिरावट की संभावना

रायपुर राज्य में ठंडी हवा का असर होने लगा है. उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में तापमान में खासी गिरावट के बाद शीतलहर चलने की संभावना है. इधर पिछले चौबीस घंटे में शहर के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की कमी आई है. अगले दो से तीन दिन तक शहर में ठंड बढ़ने की संभावना बनी हुई है. पिछले चौबीस घंटे में राजद्य में सबसे कम तापमान 11 डिग्री के करीब अंबिकापुर का दर्ज किया गया. नवंबर के दूसरे सप्ताह में राज्य में ठंड की शुरुआत हो चुकी है. इस बार उत्तर-पूर्व से आने वाली शुष्क हवा के असर से  तापमान में गिरावट होने लगा है. इसके साथ वातावरण में मौजूद नमी में हुई गिरावट से मौसम रूखा होने लगा है. हवा की दिशा में बदलाव होने की वजह से न्यूनतम तापमान में आने वाली कमी से पिछले दो तीन दिन से बढ़ती ठंड महसूस हो रही है. पिछले चौबीस घंटे में तो राज्य के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आई है. अंबिकापुर का पारा जो 13 डिग्री से अधिक था वह गिरकर 11 डिग्री से नीचे चला गया. रायपुर का न्यूनतम तापमान 20 से 18 डिग्री के करीब पहुंचा गया. मौसम विभाग ने तापमान में आ रही गिरावट को ध्यान में रखते हुए अगले दो से तीन दिनों में राज्य की उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की संभावना जताई गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज मौसम विभाग ने आसमान मुख्यत: साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

शहरों को मिलेगी स्वच्छ हवा: सरकार ने मंज़ूर की 972 नई इलेक्ट्रिक बसें

केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने दी मंजूरी भोपाल  प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में डीजल ईंधन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये सार्वजनिक परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के 8 नगर निगमों में 972 पीएम ई-बस सेवा को मंजूरी दी है। यह बसें शीघ्र संचालित हों, इसके लिये नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो और चार्जिंग से जुड़े सभी अधोसंरचना कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। प्रदेश में बस डिपो अधोसंरचना निर्माण के लिये संबंधित नगरीय निकायों को केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि प्रदाय की जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में चार्जिंग पाइंट अधोसंरचना निर्माण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि प्रदाय की जा रही है। नगरीय निकायों में स्वीकृत पीएम ई-बसें केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने जिन नगर निगमों में ई-बसों की मंजूरी दी है, इनमें भोपाल में 195, इंदौर में 270, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 200, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें शामिल हैं। नगरीय निकायों में ई-बस सेवा का संचालन जल्द शुरू हो, इसके लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने संबंधित निकायों को बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से जुड़े अधोसंरचना के सभी कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं।  

हवाई सफर हुआ और आसान: विन्ध्य क्षेत्र को मिली एटीआर 72 उड़ान की सौगात

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं जब हमारे देश के 'हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे' तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ होता है। आज का दिन कई पीढ़ियों की परिकल्पना और सपने को यथार्थ में परिवर्तित होने का दिन है जब एटीआर 72 वायुयान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। उड्डयन विभाग के हमारे केन्द्रीय मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, विन्ध्य के सांसद, विधायक गण व नागरिक विन्ध्य के विकास के इस मंगलाचरण के साक्षी होंगे। हम यहीं रुकने वाले नहीं है शीघ्र ही इंदौर से वायुमार्ग से जुड़ने वाले हैं। अगले चरण में मुंबई, पुने, बेंगलुरु जैसे शहरों से सभी इसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। हमसे मीडिया के लोग पूछते हैं कि इसके आगे और क्या? मेरा जवाब है एयरबस, सिर्फ 500 मीटर का रनवे और बढ़ा देंगे। प्रधानमंत्री जी ने रीवा में हवाई सेवा के विस्तार के लिए जिस तरह से अपनी रुचि प्रदर्शित की है उसके लिए हम विन्ध्यवासी उनके प्रति चिर ऋणी रहेंगे। 9 सितंबर 2024 को डीजीसीए ने रीवा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के लिए लायसेंस जारी किया था। 20 अक्टूबर 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयर पोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया इसके साथ ही रीव- दिल्ली और रीवा -इंदौर के लिए हवाई उड़ान का पथ प्रशस्त हुआ। इस के लिये इंडिगो और एलायंस एयर को प्रस्ताव भेजा गया। आज का दिन इसी प्रयत्न का प्रतिफल है। हमारे तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान रीवा में 15 फरवरी 2023 को हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही रीवा भविष्य में उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा की यात्रा पर चल पड़ा। दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्वभर के उद्यमियों के बीच तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने सगर्व यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश का छठवे हवाईअड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की प्रक्रिया में है। पाँच साल के भीतर ही रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैय्यार रहेगा। देश में श्री मोदी जी और प्रदेश में श्री मोहन यादव जी के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर यह सब पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो रहा है। मैं जब कहता हूँ कि अब रीवा मध्यप्रदेश के ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में कदमताल मिलाकर चल पड़ा है तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी हैसियत भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में अटलजी और उसके बाद मोदीजी की नेतृत्व की व प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा। आज यह क्षेत्र कई मामलों देश में अग्रगण्य है। जब मैं कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर सामने आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या कि पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत जल प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा। बाणसागर का वृस्तित जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। 

भीषण ठंड की दस्तक: पंजाब के कई जिलों में पारा जाएगा नीचे

पंजाब  राज्य में इस साल ठंड का असर सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। नवंबर की शुरुआत से ही पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना की सक्रियता के कारण दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर तेज हो गया है और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल सर्दी में बढ़ोतरी के पीछे ला नीना प्रभाव एक प्रमुख कारण है। दिसंबर में इसके असर के चलते पंजाब में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं फिलहाल आने वाले दिनों में राज्य में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। इसके अलावा कुछ जिलों में कोहरा छाए रहने की संभावना है। राज्य में आमतौर पर मौसम शुष्क रहेगा। इस वजह से कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में रात का तापमान और नीचे जा सकता है। पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि बाकी इलाकों में यह 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर और पश्चिमी पंजाब में ठंड सामान्य से ज्यादा महसूस की जा सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में भी तापमान में गिरावट जारी रहेगी। 

PF निकासी में बदलाव: नए नियम जानें, कर्मचारियों को अब होंगे ये लाभ

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ निकासी और ब्याज से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार अब नौकरी छोड़ने के बाद 75% राशि तुरंत निकाली जा सकती है, जबकि शेष राशि निकालने के लिए एक साल का इंतजार करना होगा। इसके साथ ही EPF खाता नौकरी छोड़ने के बाद भी सक्रिय रहता है और तीन साल तक ब्याज मिलता रहेगा। क्या नौकरी छोड़ने के बाद EPF खाता बंद होता है? EPFO के नियमों के अनुसार, एक बार सदस्य बनने के बाद आपकी सदस्यता समाप्त नहीं होती। यानी नौकरी छोड़ने के बाद भी आपकी EPF सदस्यता जारी रहती है और आपका खाता निष्क्रिय नहीं होता। केवल योगदान बंद हो जाता है। तीन साल तक ब्याज यदि नौकरी छोड़ने के बाद खाते में कोई योगदान नहीं हो रहा है, तो खाते पर तीन साल तक ब्याज मिलता रहेगा। लगातार तीन साल तक कोई योगदान न होने पर खाता “निष्क्रिय” माना जाएगा और उसके बाद ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई कर्मचारी जून 2022 में नौकरी छोड़ देता है और उसके बाद कोई योगदान नहीं होता, तो जून 2025 तक खाते पर ब्याज मिलेगा। EPFO के नियमों के अनुसार, ब्याज मिलने पर रोक का मतलब यह नहीं कि आपका पैसा समाप्त हो गया है। आपका मूलधन और पूर्व में जमा ब्याज सुरक्षित रहेगा और आप जब चाहें ऑनलाइन दावा दायर करके इसे निकाल सकते हैं। नई नौकरी में जुड़ने पर क्या होगा? यदि आप नई नौकरी शुरू करते हैं और नया EPF खाता खोलते हैं, तो आपका पुराना PF खाता UAN के माध्यम से नए खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। ट्रांसफर के बाद आपकी सदस्यता और योगदान फिर से सक्रिय हो जाएंगे, जिससे न केवल आपकी सेवा अवधि निरंतर मानी जाएगी बल्कि खाते पर ब्याज भी मिलता रहेगा।

सरकारी टीचर बनने का सुनहरा मौका, RPSC ने निकाली बंपर भर्ती

जयपुर  राजस्थान में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB), जयपुर ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की भर्ती का बड़ा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 7000 से अधिक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 6 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। भर्ती का पूरा विवरण बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। पदों का विवरण प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5): संस्कृत और सामान्य शिक्षा विभाग के लिए भर्ती उच्च प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 6 से 8): संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान विषयों के लिए वैकेंसी शैक्षणिक योग्यता प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1–5): किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक परीक्षा या इसके समकक्ष उत्तीर्ण। साथ में प्रारंभिक शिक्षा में 2 वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed) अनिवार्य। संस्कृत शिक्षक के लिए वरिष्ठ उपाध्याय या समकक्ष पारंपरिक संस्कृत परीक्षा भी मान्य होगी। उच्च प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 6–8): विषयानुसार स्नातक (Graduation) के साथ 2 वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन, बीएड, बीएलएड, बीएससी एड या एमएड आवश्यक। संस्कृत अध्यापक के लिए पारंपरिक संस्कृत परीक्षा के साथ प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा जरूरी। सभी आवेदकों को राजस्थान पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदन शुल्क सामान्य / ओबीसी / बीसी वर्ग: ₹600 एससी / एसटी / पीएच / ओबीसी (नॉन-क्रीमीलेयर): ₹400 आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवार राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 दिसंबर तय की गई है।

बिहार में नक्सली साजिश? अमित शाह बोले- खतरे के संकेत साफ

अरवल बिहार विधानसभा के प्रचार के आखिरी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अरवल में चुनावी सभा को संबोधित किया और उन्होंने लोगों को सचेत किया कि बिहार में लाल झंडे की आड़ में नक्सलवाद लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में नक्सलवाद और जंगलराज को समाप्त कर दिया है। अब किसी की हिम्मत नहीं है कि बिहार में फिरौती, खून-खराबा, अपहरण और नक्सलवाद को फिर से फैलाए। अमित शाह ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार उद्योग-धंधे लाने को लेकर काम कर रही है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि इन लाल झंडे वाले ‘माले’ वालों को अरवल में ही रोक लें, ताकि यह पटना नहीं पहुंच पाए। यदि लाल झंडा आया तो ये उद्योग कभी नहीं आने देंगे।  अमित शाह ने एनडीए की फिर से सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि बिहार में पहले चरण का चुनाव समाप्त हो चुका है। पहले ही चरण में लालू की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। पहले चरण में तय हो चुका है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने वाली है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी 15 दिन तक शरीर पर धूल नहीं लगने देते, लेकिन फिर भी उन्होंने घुसपैठियों के लिए बिहार में यात्रा निकाली है। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए युवाओं की नौकरियां छीनते हैं, गरीबों के हिस्से में सेंध लगाते हैं और देश को भी असुरक्षित करते हैं। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या यहां घुसपैठिए रहने चाहिए? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जितनी यात्रा निकालनी है बिहार से लेकर इटली तक निकाल लें, लेकिन यहां से एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर बाबा साहेब का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा साहेब का नाम इनके लिए वोट बटोरने का नाम है जबकि हमारे लिए यह श्रद्धा है। बाबा साहेब जब तक जिंदा रहे, तब तक कांग्रेस ने उनका विरोध किया। उन्हें भारत रत्न तब मिला, जब कांग्रेस सत्ता से बाहर गई। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम का भी अपमान किया, उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं के खाते में अभी 10 हजार रुपए भेजे गए, लेकिन राजद वाले कहते हैं कि इसे वापस ले लिया जाएगा, जबकि वे जान लें, यह राशि कोई वापस नहीं ले सकता। अगले कुछ दिनों में इन्हें दो लाख रुपए और दिए जाएंगे। उन्होंने जहां अयोध्या में भव्य राम मंदिर की चर्चा की, वहीं उन्होंने सीतामढ़ी में मां जानकी की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनडीए जब आता है तो सड़कें और बिजली आती है, जबकि महागठबंधन वाले आते हैं तो नरसंहार और खून-खराबा लाते हैं।

20 जिलों में सियासी संग्राम: प्रचार थमा, अब जनता की बारी

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार का शोर रविवार शाम 6 बजे थम गया। अब पूरी बागडोर जनता के हाथों में है, जो सोमवार 11 नवंबर को मतदान करके यह तय करेगी कि सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा। बिहार चुनाव के दूसरे इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इनमें 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें शामिल हैं। कुल 3 करोड़ 70 लाख 13 हजार 556 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चरण में प्रत्येक बूथ पर औसतन 815 मतदाता दर्ज हैं, जो शांतिपूर्ण मतदान की उम्मीद को संतुलित रखते हैं। प्रचार के अंतिम दिन सियासत पूरी गरमी पर रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महागठबंधन की तरफ से सीएम का चेहरा तेजस्वी प्रसाद यादव, और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान समेत तमाम बड़े नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियां कर जनता का रुख अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की। मोदी की सभाओं में भीड़ उमड़ी तो नीतीश ने अपने विकास कार्य गिनाए। तेजस्वी ने रोजगार को मुद्दा बनाया और युवाओं से जुड़ने की कोशिश की, वहीं चिराग ने एनडीए के अंदर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया। प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप और वादों की बारिश ने चुनावी माहौल को गरमा दिया। किस सीट पर कितनी टक्कर दूसरे चरण में तीन सीटों पर सबसे ज्यादा 22-22 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें कैमूर का चैनपुर, रोहतास का सासाराम और गया शहर शामिल है। वहीं, लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, सुगौली, त्रिवेणीगंज और बनमनखी ऐसी सीटें हैं, जहां केवल 5-5 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कुछ सीटों पर सीधा मुकाबला तो कुछ पर बहुकोणीय लड़ाई देखी जा सकती है। क्या है वोटरों का पूरा गणित पुरुष मतदाता 1,95,44,041, महिला मतदाता 1,74,68,572, जबकि थर्ड जेंडर के 943 मतदाता भी लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेंगे। युवा निर्णायक भूमिका में दिख रहे हैं। 18-29 वर्ष के 84.84 लाख वोटर और 30-40 वर्ष के 1.04 करोड़ 97 हजार वोटर चुनाव का रुख बदले बिना नहीं रहेंगे। पहली बार वोट डालने वाले 7,69,356 फ्लोटिंग वोटर किसी भी सीट पर समीकरण बिगाड़ सकते हैं। इसके अलावा, 43 एनआरआई, 6,255 सौ वर्ष से अधिक उम्र, 4,87,219 (80+), 4,04,615 दिव्यांगजन और 63,373 सेवा मतदाता भी चुनाव प्रक्रिया को मजबूती देंगे। बूथों पर सख्त निगरानी वोटिंग के लिए 45,399 बूथ तैयार किए गए हैं। इनमें 595 महिला संचालित, 91 दिव्यांगजन संचालित और 316 मॉडल बूथ शामिल हैं। इस चरण में सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सके।