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सीमा से आगे बढ़कर राष्ट्र की शान बना पूर्वोत्तर: प्रधानमंत्री का संबोधन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि अब यह देश का अग्रिम चेहरा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "इस आर्टिकल में केंद्रीय मंत्री जेएम सिंधिया ने उत्तर पूर्व की अपनी यात्रा का अनुभव शेयर किया और वहां की सुंदरता और लोगों की अटूट भावना के बारे में बताया है।" पीएम मोदी ने आगे लिखा, "केंद्रीय मंत्री ने उत्तर पूर्व को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए कहा कि कैसे यह दक्षिणपूर्व एशिया के लिए भारत का प्राकृतिक गेटवे बन रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की सीमा ही नहीं, बल्कि देश का अग्रिम चेहरा है।" आर्टिकल में सिंधिया ने कहा, "पूर्वोत्तर की मनमोहक सुंदरता की बराबरी केवल यहां के लोगों की गर्मजोशी, सादगी और अदम्य साहस से ही हो सकती है, जिन्होंने मुझ पर अमिट छाप छोड़ी है। मैं इस यात्रा से इस क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि के लिए और भी अधिक परिश्रम और लगन से काम करने के नए संकल्प के साथ घर लौट रहा हूं।" केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार पूर्वोत्तर को संपर्क, संस्कृति और वाणिज्य के एक जीवंत केंद्र में बदल रही है। अगर उनकी दूरदर्शी सोच और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता न होती, तो आशा और संभावनाओं का यह पुनरुत्थान शायद अभी भी एक दूर का सपना ही बना रहता।" उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र 'लैंडलॉक' से 'लैंडलिंक्ड' होता जा रहा है, परिवर्तन की रफ्तार को महसूस किया जा सकता है, जहां विकास समावेशिता और गरिमा के साथ-साथ चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अपर शिलांग स्थित मशरूम विकास केंद्र के अपने दौरे का जिक्र किया, जिसे ग्रामीण आजीविका में बदलाव लाने के लिए बनाया गया है। उत्तर पूर्वी परिषद के तहत 1982 में स्थापित, इस केंद्र में अब नव स्थापित शिटाके मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र है, जो हर साल लगभग 1.5 लाख लकड़ी के बुरादा के ब्लॉक का उत्पादन करता है, जिनमें से प्रत्येक से एक किलोग्राम शिटाके मशरूम प्राप्त होता है जिसकी बाजार में कीमत 1,000 रुपए तक होती है। सिंधिया ने कहा, "आंकड़ों से परे, जो बात मेरे दिमाग में रही, वह थी उन किसानों के चेहरे और कहानियां जिनसे मैं मिला, उनकी आंखें गर्व से चमक रही थीं, जब उन्होंने बताया कि कैसे यह पहल सम्मानजनक आजीविका बनाने, हरित उद्यमिता को पोषित करने और प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित एक सच्चे आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर को विकसित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।"

अमित शाह की तीखी टिप्पणी: सासाराम में कांग्रेस और आरजेडी नेतृत्व पर बोला हमला

सासाराम गृहमंत्री अमित शाह ने सासाराम में सभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठियों के मुद्दे को उछाला तथा विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों के समय आतंकवादियों पर कार्रवाई ढीली रहती थी, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अमित शाह ने कहा, “जब सोनिया, मनमोहन और लालू के समय था, तो आतंकवादी घुस आते थे, हमारे देश में हमला करते थे और भाग निकलते थे, कोई सवाल नहीं करता था। नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद उरी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक की गई और पुलवामा हमले के बाद हवाई कार्रवाई की गई। पाहलगाम में हमारे टूरिस्टों से उनके धर्म के बारे में पूछा गया और उन्हें मारा गया। 22 दिनों में हमने ऑपरेशन सिंदूर करके पाकिस्तान में घुसकर आतंकवाद को समाप्त करने का काम किया।” उन्होंने शस्त्राई स्वर में कहा, “यहां मां शाक्तिपीठ की पवित्र भूमि पर मैं कहता हूं, अगर आतंकवादी गोली चलाएंगे तो हम गोलाबारी से जवाब देंगे। क्या आप जानते हैं वह गोला कहां बनेगा? प्रधानमंत्री मोदी बिहार में डिफेंस कॉरिडोर बनाएंगे और एक आर्डनेंस फैक्ट्री स्थापित की जाएगी।” घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता विशेषकर राहुल और तेजस्वी घुसपैठियों के समर्थन में यात्रा निकालते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले राहुल और तेजस्वी ने एक यात्रा निकाली थी, ये यात्रा उन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली थी। हमारे देश में घुसपैठिये हमारे युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं, गरीबों के राशन में अपना हिस्सा ले रहे हैं और देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहे हैं।” अमित शाह ने स्पष्ट किया, “राहुल और तेजस्वी जो करना चाहें, करने दें,  मैं आज सासाराम की धरती से यह कहता हूं कि हम बिहार और देश से एक-एक घुसपैठिए को निकालने का काम करेंगे। उन्होंने (राहुल और तेजस्वी) घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बना लिया है। हमें घुसपैठियों के वोट नहीं चाहिए, हम सासाराम के युवाओं के वोट और मेहनती दीदियों के वोट से जीतने आए हैं।” सभा में अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं के उल्लंघन तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर जोर देते हुए सरकार की नीतियों का बचाव किया और जनता से बीजेपी का समर्थन मांगते हुए कहा कि वह बिहार और देश की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाते रहेंगे।

छिंदवाड़ा कफ सीरप विवाद: हाईकोर्ट ने खारिज की कटारिया फार्मा संचालक की याचिका

जबलपुर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सीरप के मामले में कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक राजपाल कटारिया को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दवा का लाइसेंस निरस्त किए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि अपील राज्य सरकार के समक्ष पेश की जाए। इस निर्देश के साथ अदालत ने याचिका का पटाक्षेप कर दिया। जबलपुर निवासी राजपाल कटारिया, कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक हैं। उनकी ओर से हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि वे बीते कई सालों से दवाओं का थोक व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीसन फार्मा द्वारा निर्मित कोल्डड्रिफ कफ सीरप की आपूर्ति वे छिंदवाड़ा जिले में लंबे समय से कर रहे थे। याचिकाकर्ता ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले में उक्त कफ सीरप पीने से 25 मासूम बच्चों की मौत के बाद जबलपुर ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी ने 11 अक्टूबर को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने यह याचिका दायर की थी।   न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस अपील को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाए। याचिकाकर्ता ने लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की थी। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुमित रघुवंशी ने अदालत को बताया कि ड्रग रूल्स, 1945 के नियम 66(2) के तहत लाइसेंस निरस्त होने की स्थिति में राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर करने का प्रविधान है।

भूकंप से कांपा जापान: 6.7 तीव्रता के झटकों के बाद इवाते में खतरे की घंटी

टोक्यो जापान के उत्तर-पूर्वी इलाके में शनिवार शाम 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद अधिकारियों ने इवाते प्रीफेक्चर के तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप शाम 5 बजे के बाद इवाते के तट से दूर समुद्र में आया। झटके इवाते और पड़ोसी मियागी प्रीफेक्चर में तेज़ी से महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता जापान के 0 से 7 के भूकंपीय पैमाने पर 4 दर्ज की गई।  अधिकारियों ने तटीय इलाकों के लोगों से समुद्र तट से दूर रहने और ऊँचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की है। अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन समुद्र के जलस्तर और आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) पर नजर बनाए हुए है। ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, और स्थानीय प्रशासन ने अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र  सक्रिय कर दिए हैं ताकि हालात का आकलन किया जा सके।  जापान, जो प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" क्षेत्र में स्थित है, अक्सर भूकंप और सुनामी का सामना करता है। इस भूकंप ने लोगों को 2011 के भयानक पूर्वी जापान भूकंप और सुनामी की याद दिला दी, जिसने भारी तबाही मचाई थी और फुकुशिमा परमाणु संकट को जन्म दिया था। फिलहाल, JMA इवाते के तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी रखते हुए भूकंप की गहराई और संभावित झटकों का विश्लेषण कर रही है।  

दूसरे चरण की वोटिंग कल, आज थमेगा चुनावी शोर— इन विधानसभा सीटों पर शाम 4 बजे तक होगा मतदान

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण का मतदान दो दिन बाद यानी 11 नवंबर को होगा। आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। शाम पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार थम जाएगा। दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इसके लिए 45339 मतदान केंद्र बनाएं गए हैं। इनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील बनाया गया है। इसमें 4003 अतिसंविदनशील बूथ घोषित हैं। यहां पर चार बजे तक मतदान होगा। इन विधानसभा में शाम चार बजे तक वोटिंग कटोरिया, बेलहर, चैनपुर, चेनारी, गोह, नवीनगर, कुटुंबा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी के (36 बूथ), बोधगया (200 बूथ), रजौली, गोविंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा, चकाई विधानसभा में बनाए गए बूथों पर शाम चार बजे मतदान होगा। वहीं बोधगया में 106 बूथों पर शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इन बूथों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। जानिए, दूसरे चरण में कितने मतदाता दूसरे चरण के मतदान में 1302 प्रत्याशी चुनावी मैदान हैं। इनमें 1165 पुरुष उम्मीदवार, 136 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंड हैं। वहीं तीन करोड़ 70 लाख मतदाता दूसरे चरण में मतदान करेंगे। एक करोड़ 95 लाख पुरुष वोटर हैं। एक करोड़ 74 लाख महिला वोटर हैं। चार लाख चार हजार दिव्यांग वोटर हैं। 63373 सर्विस वोटर हैं। 943 थर्ड जेंडर हैं। 43 एनआरआई हैं। वहीं 18 से 19 साल के मतदाताओं की संख्या सात लाख 69 हजार 356 है। 

PM मोदी उत्तराखंड दौरे पर: बच्चों से लिया गुलाब, लॉन्च किए विकास प्रोजेक्ट्स

देहरादून उत्तराखंड रजत जयंती मना रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनका भव्य और पारंपरिक ढोल-वाद्य यंत्रों से स्वागत किया। इस मौके पर पीएम मोदी बच्चों से मिले, उन्हें दुलार किया। बच्चों ने पीएम मोदी को गुलाब का फूल भेंट किया। पीएम मोदी ने एफआरआई में एक कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग और अन्य लाभार्थियों से संवाद किया। इसके बाद राज्य में 8140 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया।   उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रदेश को 8,260 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं। पीएम मोदी ने जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया, उनमें देहरादून शहर के 23 जोनों में पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए अमृत योजना के तहत जलापूर्ति परियोजना, पिथौरागढ़ जिले में इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, सरकारी भवनों में सोलर पावर प्लांट, और नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह दशक उत्तराखंड के तेज विकास का दशक साबित होगा। प्रधानमंत्री उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिए राज्य पहुंचे हैं। समारोह में उन्होंने बच्चों से मुलाकात की, बुजुर्गों से संवाद किया और जनता से जुड़ने वाले कई भावनात्मक पल साझा किए।

रीवा–भोपाल सुपरफास्ट ट्रेन का इंजन धधका, इटारसी स्टेशन पर अफरातफरी

इटारसी इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़ी 22146 रीवा-भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के इंजन में अचानक धुआं उठने से हड़कंप मच गया। इंजन के ड्राइवर कैब से धुआं उठने के बाद रेलकर्मियों ने आग भड़कने से पहले इसे काबू कर लिया। बताया गया है कि सुबह 6 बजे जब ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी, तभी इंजन से धुंआ उठने लगा। आग कैसे लगी इसे लेकर अभी अधिकारी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं, इसकी जांच कराई जा रही है। घटना के बाद प्लेटफार्म पर मौजूद रेल कर्मचारियों ने यात्रियों को इंजन से दूर रहने को कहा। घटना स्थल पर पहुंचे रेलकर्मियों और सुरक्षा जवानों ने इंजन में लगी आग बुझाई। ड्यूटी पर तैनात लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग भड़कने से पहले उसे काबू कर लिया। हादसे की वजह से ट्रेन अपने निर्धारित समय से आधा घंटा देरी से रवाना हो सकी। ट्रेन का इंजन हटाकर दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को यहां से रवाना किया गया। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह जांच के बाद सामने आएगी। अभी खराब इंजन को इटारसी डिपो में खड़ा कर लिया गया है।

मोहन भागवत का कांग्रेस पर निशाना: हिंदू धर्म का उदाहरण देते हुए दिया जवाब

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रजिस्ट्रेशन पर कांग्रेस के सवाल के बाद आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने जवाब दिया है कि आखिर उन्होने संगठन का रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं करवाया। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925में ही हो गई थी। ऐसे में क्या ब्रिटिश सरकार के साथ इसका रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए था? मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस की पहचान व्यक्तियों के संगठन के तौर पर है। भागवत बेंगलुरु के एक कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। मोहन भागवत ने कहा, आजादी के बाद भारत सरकार ने रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं किया था। हम विशेष पहचान रखने वाले संगठन हैं और यह जनता का निकाय है। इसे आयकर से भी छूट दी गई है। उन्होंने कहा, हमें तीन बार बैन किया गया। इसका मतलब सरकार ने हमें मान्यता दी है। अगर हमारी मान्यता ही ना होती तो फिर बैन कैसे किया जाता? उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और अदालतें भी आरएसएस को बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स के रूप में मान्यता देती हैं। बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। जैसे कि हिंदू धर्म का भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। केवल भगवा झंडे को सम्मान देने के आरोपों पर भागवत नेकहा कि भगवा को आरएसएस में गुरु के तौर पर सम्मान दिया जाता है। वहीं भारत के तिरंगे का सम्मान किसी मायने में कम नहीं है। हम हमेशा तिरंगे का सम्मान करते हैं और उसकी सुरक्षा का संकल्प लेते हैं। बतादें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि आरएसएस को बैन कर देना चाहिए। यहीं देश में फसाद की जड़ है। खरगे के बेटे और कर्टाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मांग की थी कि सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की शाखाओं को बैन कर दिया जाए। उन्होंने आरएसएस के रजिस्ट्रेशन नंबर को लेकर भी सवाल किया था। एक दिन पहले ही मोहन भागवत ने कहा था कि आरएसएस का लक्ष्य हिंदू समाज को सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव के लिए संगठित करना है और हिंदू भारत के लिए ‘‘जिम्मेदार’’ हैं। उन्होंने कहा कि भारत में कोई "अहिंदू" नहीं है, क्योंकि सभी एक ही पूर्वजों के वंशज हैं और देश की मूल संस्कृति हिंदू है। उन्होंने कहा, "शायद उन्हें यह बात पता नहीं है, या उन्होंने यह बात भुला दी है।" उन्होंने कहा, "जानबूझकर या अनजाने में, हर कोई भारतीय संस्कृति का पालन करता है, इसलिए कोई भी अहिंदू नहीं है, और प्रत्येक हिंदू को यह समझना चाहिए कि वह हिंदू है, क्योंकि हिंदू होने का मतलब भारत के लिए जिम्मेदार होना है।"  

जनजातीय गौरव दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को करेंगी छत्तीसगढ़ आगमन

रायपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस दौरान राष्ट्रपति अंबिकपुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगी. उनके दौरे की तैयारियों को लेकर मंत्रालय (महानदी भवन) में 11 नवंबर को शाम 4 बजे मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में बैठक होगी. बैठक में सभी प्रमुख मंत्रालय और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सरगुजा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी. मुख्यसचिव द्वारा राष्ट्रपति के निर्बाध और गरिमामय प्रवास के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, आवागमन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों को दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए जाएंगे.

जिलों में हो गरिमामय कार्यक्रम, कलेक्टरों को दिये निर्देश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय गौरव दिवस आदि संस्कृति के वैभव के गुणगान और प्रतिभा सम्मान का अवसर है। उन्होंने कलेक्टरों को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती जनजातीय गौरव दिवस को सम्मानपूर्वक पूरी गरिमा के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनजाति बहुत जिलों और विकासखण्डों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखलाओं का आयोजन शुरू किये जाये। वर्ष 2021 से जनजातीय समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का सम्मान करने और आदि संस्कृति के वैभव का यशोगन करने के लिए जनजातीय गौरव दिवस उत्साह पूर्वक मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2021 में मध्यप्रदेश से की थी। भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में उलगुलान क्रांति ने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दी थी। ऐसे आदिवासी आंदोलन न केवल ब्रिटिश अत्याचार को चुनौती देने के लिए महत्वपूर्ण थे बल्कि राष्ट्रीय जागृति को भी प्रेरित किया। अंग्रेज सरकार के खिलाफ बिरसा मुंडा ने उग्र आंदोलन का नेतृत्व किया जिसके चलते 15 नवंबर को उनकी जयंती जनजातीय नायकों का सम्मान करने का अवसर बन गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता के 75 वर्षों का जश्न मनाते हुए वर्ष 2021 में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया गया था। यह दिन जनजातीय समुदाय के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न है। इस अवसर पर सभी राज्यों में एकता, गौरव, भारत की स्वतंत्रता और प्रगति में जनजातीय समुदायों का योगदान रेखांकित करने के लिए राष्ट्रव्यापी आयोजन किया जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस को प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप पूरी गरिमा के साथ आयोजित किया जा रहा है। जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में जनजातीय समुदायों के उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को और जनजातीय समुदाय के प्रगतिशील किसानों का भी सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल जिलों में नई परियोजनाओं की शुरुआत की तैयारी हो रही है। आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन एवं धरती आबा अभियान के अंतर्गत गतिविधियों को तेज किया गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महानायकों के जीवन और योगदान पर निबंध प्रतियोगिताएं और जनजातीय समुदायों के व्यंजनों, लोक गीतों, लोक कलाओं के प्रदर्शन के विशेष आयोजन किया जा रहे हैं। विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह के हितग्राहियों और विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले सदस्यों से अतिथियों के साथ संवाद किया जाएगा। स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों, महिलाओं और कलाकारों के लिए अलग-अलग आयोजनो की योजना बनाई गई है। विद्यार्थियों के लिए निबंध, भाषण, पेंटिंग क्विज प्रतियोगिता, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह के माध्यम से हस्तशिल्प संबंधी आर्थिक गतिविधियों का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जनजातीय कलाकारों द्वारा लोक शिल्प, लोक नृत्य, लोक चित्र कला, लोक नाट्य , मांडना कला स्थानीय पाक कला का प्रदर्शन किया जाएगा। जबलपुर और अलीराजपुर में भव्य कार्यक्रम होंगे। जनजातीय समाज के सदस्य पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ यात्राओं और अन्य आयोजनों में भाग लेंगे। विभिन्न स्थानों से रथ यात्राएं निकालेंगे जो 14 नवंबर तक जिला मुख्यालय पर एकत्र होंगी। मंडला में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा सम्मेलन अलीराजपुर में भगोरिया महोत्सव, छिंदवाड़ा में भारिया सम्मेलन, पातालपानी में टंट्या मामा बलिदान दिवस और सतना में माता शबरी जयंती सम्मेलन जैसे आयोजनों की भी योजना बनाई गई है। सभी जिलों को आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया गया है। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा विभाग, संस्कृति , पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, वन, खाद्य नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, उद्यानिकी, खेल एवं युवा कल्याण, नगरीय प्रशासन, गृह, राजस्व, एवं परिवहन विभागों को जनजातीय गौरव दिवस के आयोजनों की जिम्मेदारी दी गई है।