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26 करोड़ की लागत से हरियाणा को मिलेंगे 30 आयुष्मान हेल्थ सेंटर, ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों को बड़ा फायदा

चंडीगढ़ हरियाणा के गुरुग्राम में 30 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनेंगे। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण पर 26.20 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अलावा प्रदेश के सभी सभी सिविल अस्पतालों के लिए 4.64 करोड़ रुपए की लागत से 87 डिफाइब्रिलेटर, 1.01 करोड़ की लागत से 40 मोबाइल एक्स-रे मशीनें, 4 करोड़ की लागत से 11 वीडियो ब्रोंकोस्कोप, और 7.19 करोड़ रुपए की लागत से जीआई वीडियो एंडोस्कोपी सिस्टम की खरीद को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय गत दिवस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में उच्च अधिकारियों के साथ हुई एसएचपीपीएच बैठक में लिए गए। समिति ने हिस्टोपैथोलॉजी विभागों के लिए 1.60 करोड़ रुपए में 9 स्वचालित स्लाइड स्टेनर, दंत विभागों के लिए 2.20 करोड़ में 4 मोबाइल डेंटल वैन की मंजूरी दी। लैब विभागों के लिए 1.47 करोड़ में 70 एबीजी बेंचटॉप मशीनें, नेत्र विभागों के लिए 3.94 करोड़ में 15 हाई-एंड आॅपरेटिंग माइक्रोस्कोप (आंख) और टीबी रोगियों के परीक्षण हेतु 6 करोड़ की लागत से 40 ट्रूनेट मशीनें खरीदने की भी स्वीकृति दी। जीवनरक्षक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 60 करोड़ रुपए की 44 आवश्यक दवाओं को भी दो वर्ष की अवधि के दर एग्रीमेंट के तहत मंजूरी प्रदान की गई।   बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल सुधार होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों और तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों तक मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  

सोने की कीमतों का उछाल: अगले 3 वर्षों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.62–1.82 लाख तक पहुँच सकता है

मुंबई  अगर आप भी निवेश के मकसद से गोल्ड खरीदने का सोच रहे हैं, तो ये जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है. फेस्टिव सीजन में सोने (Gold) और चांदी (Silver) की डिमांड सबसे अधिक रहती है. जैसे ही फेस्टिव सीजन खत्म होता है अक्सर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है. हालांकि, पिछले दो दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली है. लेकिन सवाल ये है कि क्या अगले साल तक सोने की कीमतें इतनी ही रहेंगी या कम होंगी? आइए जानते हैं कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने अगले साल की सोने की कीमतों को लेकर क्या भविष्यवाणी की है. 25%–40%​ बढ़ सकती है सोने की कीमत गोल्डमैन सैक्स रिसर्च के मुताबिक, सोने की कीमत अगले साल के मध्य तक 25% बढ़ सकती है. 2025 में गोल्ड की कीमतें 40% से अधिक बढ़ चुकी है और ये लगातार तीसरे साल डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज करने की राह पर है. गोल्डमैन सैक्स रिसर्च की विश्लेषक लीना थॉमस की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत अगले साल के मध्य तक $4,000 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंचने की संभावना है.  हाल ही में, दिवाली 2025 के दौरान, 24 कैरेट सोने की कीमत 17 अक्टूबर 2025 को ₹13,277 प्रति ग्राम तक पहुँच गई थी. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगली वित्तीय मंदी के दौरान यह धातु फिर से तेजी दिखा सकती है, ठीक वैसे ही जैसे पिछली मंदी में सोने की कीमत में लगभग 50% की छलांग देखी गई थी. बाबा वेंगा का प्रेडिक्शन  विश्लेषकों के मुताबिक, दिवाली 2026 तक सोने की कीमत 25%–40% तक बढ़ सकती है, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.62 लाख से ₹1.82 लाख के बीच पहुंच सकती है. इसके पीछे वैश्विक व्यापार तनाव, महंगाई और बैंकिंग अस्थिरता को मुख्य कारण माना जा रहा है. बुल्गारिया की मशहूर बाबा वेंगा ने कथित तौर पर 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट की चेतावनी दी है. उनकी भविष्यवाणी के अनुसार इस संकट के चलते सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है. 

ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी

श्रीमद भगवद गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिक से अधिक हिस्सेदारी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी गीता जयंती पर प्रदेश में श्रीमद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कुरूक्षेत्र में मध्यप्रदेश की कला होगी प्रदर्शित, व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, श्री शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। श्रीमद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।  

2026 से MP में कैंसर इलाज होगा आधुनिक: गामा नाइफ और पीईटी-सीटी स्कैन से सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए एम्स भोपाल में प्रदेश का पहला सेंट्रलाइज्ड कैंसर ब्लॉक विकसित किया जा रहा है, जिसे 2026 तक शुरू करने की तैयारी है। इस आधुनिक ब्लॉक में मरीजों को गामा नाइफ और पीईटी-सीटी स्कैन जैसी उन्नत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। वर्तमान में एम्स में जांच और उपचार के लिए मरीजों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों के लिए छह माह से एक वर्ष तक का इंतजार शामिल है। नई सुविधा का उद्देश्य मरीजों को सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित कैंसर ब्लॉक में जांच से लेकर छह प्रकार के उपचार तक की व्यवस्थाएं होंगी, जिनमें कीमोथेरेपी, सर्जरी, टारगेट थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और स्टेम सेल ट्रीटमेंट शामिल हैं। वर्तमान में कैंसर मरीजों को जांच, सर्जरी और रेडिएशन के लिए अलग-अलग विभागों में जाना पड़ता है, जबकि नया ब्लॉक शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार संयुक्त निर्णय लेंगे। जांच से लेकर 6 तरह के इलाज तक की सुविधा नए कैंसर ब्लॉक में मरीजों को जांच से लेकर ट्रीटमेंट तक की सभी सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इसमें कीमोथेरेपी, सर्जरी, टारगेट थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और स्टेम सेल ट्रीटमेंट की व्यवस्था होगी। एम्स प्रशासन का कहना है कि फिलहाल कैंसर मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकना पड़ता है। जांच एक जगह, सर्जरी दूसरी जगह और रेडिएशन तीसरी जगह होती है। लेकिन इस ब्लॉक के शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार संयुक्त फैसले लेंगे। गंभीर मरीजों के लिए ‘प्रेफरेंस सिस्टम’ तैयार होगा एम्स के इस नए ब्लॉक में स्मार्ट स्क्रीनिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को पहले एक स्क्रीनिंग यूनिट से गुजरना होगा। यहां डॉक्टर उनकी जांच करेंगे और यह तय करेंगे कि मरीज को कैंसर है या नहीं। जिन मरीजों में कैंसर की पुष्टि होगी, उन्हें गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। इससे जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें कम वेटिंग में प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिलेगा। वहीं, जिन मरीजों में सिर्फ कैंसर का संदेह होगा, उन्हें आवश्यक जांच के लिए अन्य संबंधित विभागों में भेजा जाएगा। एमपी के इन जिलों से सबसे ज्यादा मरीज एम्स भोपाल के आंकड़ों के अनुसार, हर साल 36 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 60% मरीज भोपाल के बाहर के हैं। सबसे ज्यादा केस आगर मालवा (3664), रायसेन (1776), विदिशा (1536), नर्मदापुरम (1216), सागर (1072), रीवा (944) जैसे जिले टॉप पर हैं। हालांकि, इसका बड़ा कारण भोपाल से भौगोलिक नजदीकी है। यह भी सवाल उठता है कि इन जिलों के सिविल अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में कैंसर इलाज की व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं है?। निदेशक बोले- रिसर्च-क्लिनिकल ट्रायल पर भी फोकस एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने बताया कि यह कैंसर ब्लॉक प्रदेश में कैंसर ट्रीटमेंट की दिशा बदल देगा। कैंसर के हर मरीज को समग्र इलाज की जरूरत होती है। अभी मरीजों को अलग-अलग विभागों में भागदौड़ करनी पड़ती है। इस ब्लॉक के शुरू होने से सर्जरी, कीमो और रेडिएशन सब एक ही छत के नीचे संभव हो जाएगा। डॉ. माधवानंद ने यह भी कहा कि यहां रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल्स पर भी फोकस किया जाएगा, ताकि कैंसर के शुरुआती लक्षणों में ही सटीक इलाज शुरू किया जा सके। गंभीर मरीजों के लिए प्रेफरेंस सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज की पहले स्क्रीनिंग यूनिट में जांच होगी, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि वह कैंसर रोगी है या नहीं। जिनमें बीमारी की पुष्टि होगी, उन्हें गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत कर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा। वहीं जिन मरीजों में सिर्फ कैंसर का संदेह होगा, उन्हें संबंधित विभागों में आगे की जांच के लिए भेजा जाएगा।

खुशखबरी: लाड़ली योजना के तहत बढ़े हुए पैसे सीधे खाते में, जानिए कब और कैसे मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) एक वरदान साबित हो रही है। हर महीने लाखों बहनों के खातों में सीधे 1500 रुपये की सहायता राशि पहुंच रही है, जो उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। अब तक योजना की 29 किश्तें सफलतापूर्वक वितरित हो चुकी हैं, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई मंचों से घोषणा की है कि यह राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक पहुंचाई जाएगी। नवंबर में इस बार राशि बढ़कर आएगी!  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी लाड़ली बहनों से किया वादा पूरा करने जा रहे हैं। राज्य की प्रमुख लाडली बहना योजना के 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अब हर महीने ₹1500 मिलेंगे। यह राशि पहले ₹1250 प्रति माह थी। यह बढ़ोतरी भाई दूज के बाद से लागू होनी थी, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार, 12 नवंबर को नर्मदापुरम जिले के बाबई में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं लाभार्थियों के खातों में ₹1500 की राशि ट्रांसफर करेंगे। मंत्री ने भी की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि नवंबर से यह बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। यह पिछले दो सालों में इस योजना के तहत पहली वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर 2025 को घोषणा की थी कि लाड़ली बहना लाभार्थियों को हर महीने ₹1500 मिलेंगे, जिसे धीरे-धीरे ₹3000 प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। 12 अक्टूबर 2025 को, 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹1541 करोड़ की 29वीं किस्त भेजी गई थी। दीवाली बोनस का किया था ऐलान सरकार ने दिवाली बोनस के तौर पर 'भाई दूज' से ₹1500 देने का वादा किया था। 18 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 'भाई दूज' पर ₹250 अतिरिक्त जमा करने और अगले महीने से ₹1500 देने की घोषणा की थी। हालांकि, 23 अक्टूबर 2025 को लाभार्थियों को भाई दूज पर वादा किया गया ₹250 अतिरिक्त नहीं मिला, लेकिन सरकार ने नवंबर से ₹1500 प्रति माह की राशि बढ़ाने का अपना वादा दोहराया। योजना के 1.26 करोड़ लाभार्थी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत पिछली भाजपा सरकार ने मार्च 2023 में, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की थी। शुरुआत में, महिला लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह देने की घोषणा की गई थी। अगस्त 2023 में, सरकार ने अक्टूबर 2023 से राशि बढ़ाकर ₹1250 प्रति माह करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दिवाली से मौजूदा ₹1250 प्रति माह से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1.26 करोड़ है। अगस्त 2023 से नए रजिस्ट्रेशन बंद 20 अगस्त 2023 के बाद से योजना के तहत कोई नया पंजीकरण शुरू नहीं किया गया है। पिछले महीने तक, लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य सरकार ने 29 किस्तों में ₹45,000 करोड़ हस्तांतरित किए हैं।  

सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट: स्टेट हाईवे फोरलेन में तब्दील, कृषि मंत्री ने सीएम से उठाई मांग

  रायसेन रायसेन जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है। विदिशा बायपास से रायसेन होते हुए भोपाल पहुंचने के लिए फोरलेन बनाया जाएगा। 30 अक्टूबर को सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में विदिशा आए केंद्रीय कृषि मंत्री और क्षेत्रीय सांसद शिवराज सिंह चौहान ने मंच पर मौजूद सीएम डॉ मोहन यादव से भोपाल से सलामतपुर, सांची होते हुए विदिशा तक स्टेट हाइवे 18 को फोरलेन बनाने की मांग की थी। इस पर सीएम ने फोरलेन की घोषणा करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई शुरु करने के निर्देश दिए थे, जिस पर अब तेजी से काम शुरु हो गया है।  सड़क चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार एमपीआरडीसी द्वारा सड़क चौड़ीकरण की डीपीआर तैयार की जा चुकी है, जिसे स्वीकृति के लिए चीफ सेक्रेटरी कमेटी को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। डीपीआर के अनुसार 44.5 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1467.42 करोड़ रुपए है। हालांकि परियोजना के अंतिम रूप तक कुछ बदलाव संभव हैं। सड़क निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर किया जाएगा। मंत्रियों ने सड़क की खराब स्थिति दरअसल, इस बार केंद्रीय मंत्री के साथ दिल्ली से आए विशेष अतिथियों ने भी सड़क की खराब स्थिति देखी थी। इसी के बाद उन्होंने मंच से सड़क को फोरलेन बनाने की मांग कर दी। हालांकि इसका प्रस्ताव दो साल पहले ही रायसेन कलेक्टर द्वारा शासन को भेजा गया था, जिस पर प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद कार्य रुक गया था। अब परियोजना को गति मिली है। इस सड़क के निर्माण से लगभग 100 गांवों को लाभ मिलेगा, साथ ही भोपाल और विदिशा के बीच यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी। विशेष रूप से सांची आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यह फोर लेन सड़क सुविधा और सुरक्षा दोनों का बड़ा माध्यम बनेगी। कई अंधे मोड़ हैं खत्म होंगे अंधे मोड़ इस मार्ग पर भोपाल से सलामतपुर तिराहे तक कई अंधे मोड़ हैं। बालमपुर घाट लंबा व ऊंचा होने के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण है। इन मोड़ों और घाट पर लगभग हर दिन वाहन दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई बार बड़े हादसे भी शामिल होते हैं। औसतन हर माह 20 से 25 दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं। इसी कारण लोग लंबे समय से इस सड़क को फोर लेन करने की मांग कर रहे हैं। मोड़ों और घाटों के साथ सड़क की स्थिति भी बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, जर्जर पुल-पुलियाएं और बार-बार की मरमत के बावजूद खराब हालत लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। प्रक्रिया शुरू की जाएगी विदिशा बायपास से लेकर अयोध्या बायपास तक फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अभी शासन स्तर से स्वीकृति लेने की प्रक्रिया चल रही है। उमीद है जल्द ही प्रस्ताव पर स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। –सोनल सिन्हा, डिवीजनल मैनेजर, एमपीआरडीसी।

सेना की तैयारी में खुलासा: भारत का डिफेंस स्ट्रैटेजी चीन-पाक और तुर्की के लिए चुनौतीपूर्ण

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपने डिफेंस सिस्‍टम को अपग्रेड और मजबूत करने में जुटा है. दुनिया के तमाम देश अब ऐसे वेपन सिस्‍टम डेवलप करने लगे हैं, जिससे घर बैठे हजारों किलोमीटर दूर स्थित टार्गेट को तबाह किया जा सके. इसके तहत लंबी दूरी की मिसाइल्‍स डेवलप किए जा रहे हैं. इसे आमतौर पर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) भारत भी इसमें पीछे नहीं है. अग्नि सीरीज के तहत कई मिसाइलें विकसित की गई हैं, जिनका रेंज 2000 किलोमीटर से 5500 किलोमीटर तक है. अभी तक अग्नि-5 तक मिसाइल बनाई गई हैं. अग्नि-5 को आईसीबीएम का दर्जा हासिल है. अब इसी सीरीज में एक और महाबली तैयार किया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के फ्यूचर डिफेंस प्‍लान को डिकोड किया है. उन्‍होंने अग्नि-VI को डेवलप करने की बात कही है. अग्नि-VI की जद में चीन, पाकिस्‍तान के साथ तुर्की जैसे देश भी होंगे. एक्‍सपर्ट का तो यह भी मानना है कि अग्नि-VI की रेंज में अमेरिका भी होगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्नि-VI मिसाइल को लेकर बड़ी बात कही है. उन्‍होंने अग्नि-VI के डेवलपमेंट पर काम चलने की बात कही है. अग्नि-V के रेंज को देखते हुए डिफेंस एक्‍सपर्ट का मानना है कि अग्नि-VI की मारक क्षमता 10000 से 12000 किलोमीटर तक हो सकती है. यदि ऐसा है तो अग्नि-VI की जद में पूरा चीन, पाकिस्‍तान और तुर्की जैसे देश आ जाएंगे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने सीधे तौर पर पाकिस्‍तान का साथ दिया था. यह वही तुर्की है, जिसकी मदद करने में भारत ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी. बता दें कि कुछ साल पहले तुर्की में विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें व्‍यापक पैमाने पर तबाही मची थी. अग्नि-VI के डेवलप होने के बाद पाकिस्‍तान के दोनों जिगरी यार इसकी जद में आ जाएंगे. अग्नि-VI है बहुत खास DRDO के पूर्व प्रमुख वीके सारस्वत ने कहा था कि अग्नि-VI एक फ़ोर्स मल्टीप्लायर साबित होगी. रिपाोर्ट की मानें तो अग्नि-VI का वजन 65–70 टन हो सकता है. यह अग्नि-V से भारी होगी. अग्नि-V का पहला परीक्षण अप्रैल 2012 में किया गया था. डॉ. सारस्वत ने एयरो इंडिया-2013 में कहा था कि अग्नि-VI की मारक क्षमता (रेंज) बताई नहीं जा सकती है. उन्होंने कहा था कि DRDO ने इसके डिज़ाइन का काम पूरा कर लिया है और अब हार्डवेयर बनाने पर काम चल रहा है. अग्नि-V की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्‍यादा है. उन्होंने यह भी बताया था कि विमान से लॉन्च की जाने वाली एंटी-रेडिएशन मिसाइल (शत्रु के राडार सिस्टम को नष्ट करने वाली) भी एक महत्वाकांक्षी परियोजना है और हाल ही में प्रदर्शित की गई पानी के नीचे से लॉन्च होने वाली मिसाइल BO5/K-15 भी इसी सीरीज का हिस्सा है. डिफेंस मिनिस्‍टर राजनाथ सिंह ने S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम और पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट खरीद पर भी भारत की रणनीति का खुलासा किया है.  S-400 और Su-57 की खरीद पर क्‍या बोले राजनाथ दरअसल, केंद्र सरकार ने रक्षा सशक्तीकरण और स्वदेशी उत्पादन को लेकर कई अहम संकेत दिए हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम की जरूरत बनी हुई है. उन्‍होंने कहा कि रूस की तरफ से यदि इसे उपलब्ध कराया गया तो भारत भविष्‍य में इसकी और यूनिट्स खरीद सकता है. इस बीच, रूसी उन्नत लड़ाकू विमान Su-57 के भारत में उत्पादन पर बातचीत अभी भी चल रही है. बता दें कि सुखोई-57 पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. दूसरी तरफ, डीआरडीओ भी एडवांस्‍ड वेपन सिस्‍टम को तेजी से डेवलप करने में जुटा है. अग्नि-VI बैलिस्टिक मिसाइल के साथ ही न्यूक्लियर कैपेबल सैन्य पनडुब्बी का विकास और सेनाओं के थिएटर स्तरीय कमान स्‍ट्रक्‍चर (theaterization) पर काम जारी है. रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो न्यूक्लियर सबमरीन से देश की मैरीटाइम सिक्‍योरिटी को अत्‍यधिक मजबूती मिलेगी. ड्रोन और फाइटर जेट इंजन ड्रोन तकनीक पर भारत ने पिछले कुछ वर्षों में भारी निवेश और विकास देखा है. डिफेंस मिनिस्‍टर कहते हैं कि स्वदेशी ड्रोन प्लेटफ़ॉर्म पर तेज काम चल रहा है जो दोनों भूमिकाओं (निगरानी (surveillance) और स्‍ट्राइक) को अंजाम दे सकेंगे. ये आधुनिक यूएवी (Unmanned Aerial Vehicles) सीमापार खतरों का पता लगाने के लिए आईटीसी (intelligence, targeting, and connectivity) और तात्कालिक कार्रवाई में सहायक होंगे. विशेषज्ञ यह भी जोड़ते हैं कि स्वदेशी विकास से निर्भरता कम होगी और सप्‍लाई चेन पर नियंत्रण बढ़ेगा. राजनाथ सिंह ने फाइटर जेट को देश में ही डेवलप करने को लेकर भी बड़ी बात कही है. उन्‍होंने बताया कि अगले एक साल के भीतर देश में प्रयोग में आने वाले सभी फाइटर जेट इंजनों का उत्पादन भारत में ही होगा. इसके लिए आवश्यक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को एक्‍वीसीजन कॉन्‍ट्रैक्‍ट को अनिवार्य शर्त बनाया जा रहा है, ताकि विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षमताएं घरेलू उद्योग में सुदृढ़ हों. इससे आत्मनिर्भरता के साथ-साथ रोजगार और स्पेयर-पार्ट्स की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी.

‘ईज ऑफ डूइंग’ से पहले जरूरी ‘ईज ऑफ जस्टिस’ : प्रधानमंत्री का बड़ा बयान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में कानूनी सहायता वितरण तंत्र को मजबूत करने पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कानूनी सहायता वितरण तंत्र की मजबूती और कानूनी प्रक्रिया देश से जुड़ा ये कार्यक्रम हमारी न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती देगा। मैं 20वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस की आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि अब न्याय सबके लिए पहुंच योग्य हो गया है। अब समय से न्याय होता है और किसी भी तरह की सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि देखे बिना हर व्यक्ति तक पहुंचता है। तभी वह सामाजिक न्याय की नींव बनता है। कानूनी सहायता इस बात में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है कि न्याय सभी के लिए पहुंच योग्य हो। पीएम मोदी ने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग' और 'ईज ऑफ लिविंग' तभी संभव है जब 'ईज ऑफ जस्टिस' भी सुनिश्चित हो। पिछले कुछ सालों में 'ईज ऑफ जस्टिस' को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी हम इस दिशा में तेजी लाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता (मीडिएशन) हमेशा हमारी सभ्यता का हिस्सा रही है। नया मीडिएशन एक्ट इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, उसे आधुनिक स्वरूप दे रहा है। मुझे विश्वास है कि इस प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से सामुदायिक मध्यस्थता के लिए ऐसे रिसोर्स तैयार होंगे, जो विवादों को सुलझाने, सद्भाव बनाए रखने और मुकदमेबाजी को कम करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आज समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बन रही है। न्याय वितरण में ई-कोर्ट परियोजना भी इसका एक शानदार उदाहरण है। जब लोग कानून को अपनी भाषा में समझते हैं तो इससे बेहतर अनुपालन होता है और मुकदमेबाजी कम होती है। इसके साथ ही ये भी आवश्यक है कि निर्णय और कानूनी दस्तावेज को स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराया जाए। पीएम मोदी ने कहा कि यह वाकई बहुत सराहनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 80 हजार से अधिक जजमेंट्स को 18 भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की पहल की है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह प्रयास आगे हाईकोर्ट और जिला स्तर पर भी जारी रहेगा।

MP में तनाव: पुतला फूंकने को लेकर दो गुट भिड़े, पथराव और मारपीट में तीन लोग जख्मी

दतिया हिन्दू समाज को एकजुट करने के लिए सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा निकाल रहे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने को लेकर मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार शाम को बवाल हो गया। पुतला दहन को लेकर भीम आर्मी और हिंदू संगठनों के बीच पथराव और झड़पें हुईं। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। झड़प में 3 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें इंदरगढ़ के अस्पताल में लाया गया है। कस्बे में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। बताया जाता है कि शनिवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के लगभग 200 कार्यकर्ता ग्वालियर संभागीय अध्यक्ष केशव यादव के नेतृत्व में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने के लिए अंबेडकर पार्क से रैली निकाल रहे थे। यह जुलूस जब ग्वालियर चौराहे के पास पहुंचा तो तय जगह से करीब 25 फुट पहले कार्यकर्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री का पुतला फूंक दिया। पहले हुआ विवाद शांत कराया पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला दहन करने के दौरान वहां मौके पर मौजूद हिंदू संगठनों के 70 से 80 कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव का पुतला जला दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों में तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। बवाल बढ़ता उससे पहले ही पुलिस ने फौरन ऐक्शन लेते हुए शुरुआत में ही दोनों पक्षों को शांत करा दिया। दोबारा झड़प फिर पथराव हालांकि पुलिस के समझाने के बाद भी तनाव कायम रहा। कुछ देर बाद भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता इंदरगढ़ थाने पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों के सदस्यों ने जातिगत गालियां दीं और कार्यक्रम में बाधा डाली। बताया जाता है कि थाने से लौटते समय दोनों गुटों का फिर आमना सामना हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इसमें कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। झड़प में तीन लोगों के घायल होने की खबर है। इलाके में पुलिस फोर्स तैनात सनातन हिंदू संगठन के नगर अध्यक्ष शिरोमणि सिंह राठौर ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री जात पात मिटाने और सनातन एकता की बात करते हैं। हम संतों का पुतला नहीं जलाने देंगे। विरोध करना है तो नेताओं का करें। संतों का विरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके जवाब में कार्यकर्ताओं ने दामोदर यादव का पुतला जला दिया। पुलिस का कहना है कि हंगामा करने वाले दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली गई है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। हर सूरत में शांति व्यवस्था कायम रखी जाएगी।

गीता जयंती पर प्रदेश में श्रीमद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ

ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कुरूक्षेत्र में मध्यप्रदेश की कला होगी प्रदर्शित, व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, श्री शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। श्रीमद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।