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मोहन यादव बोले—गाय का दूध बीमारियों से सुरक्षा कवच, फिर खुद को अंडे खाने पर क्यों मजबूर करते हो?

इंदौर  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंडों को पौष्टिक आहार के रूप में प्रचारित किए जाने पर तीखा सवाल उठाया और जनता को गाय का दूध पीने की सलाह दी. इस बयान से राज्य में स्कूली बच्चों के भोजन में अंडों को शामिल करने के पुराने राजनीतिक विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है.  CM यादव इंदौर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर हातोद स्थित गौशाला में 'गोवर्धन पूजा' कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और पौष्टिकता को लेकर गाय के महत्व पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, "जिसके घर में गाय होती है, उसके बच्चों समेत परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहते हैं. यह ईश्वर की लीला है."  इसके बाद मुख्यमंत्री ने देश में अंडों की खपत को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रसिद्ध विज्ञापन जिंगल "संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे" पर सीधे निशाना साधा. CM यादव ने कहा, "क्यों संडे हो या मंडे… ये बेकार की बातें हैं. खुद को अंडे खाने के लिए क्यों मजबूर करते हो? जो अंडे-डंडे खाना चाहते हैं, उन्हें अंडे खिलाते रहो." उन्होंने दृढ़ता से कहा, "गाय का दूध पियो और खुश रहो."  मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि  गाय का दूध अमृत है. उसमें सबसे अधिक पोषक तत्व होते हैं. गाय के दूध के सेवन से बीमारियां दूर होती हैं और व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ और आनंदित पाता है. गौ-माता दोहरा पोषण करती है. वह अपने बछड़े के पालन के साथ-साथ मानव जाति का भी पोषण करती हैं हर युग में हर आश्रम में गौ-माता पाली जाती थी और जगह-जगह गौ-पालन होता था. परम्परागत रूप से घरों में पहली रोटी गाय के लिये बनाई जाती है. स्कूली बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के रूप में अंडों को बढ़ावा देना मध्य प्रदेश में लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. साल 2019 में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडे परोसने के प्रस्ताव पर विचार किया था.  BJP के नेताओं ने उस समय इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था और सरकार पर लोगों की धार्मिक मान्यताओं की अवहेलना करने का आरोप लगाया था.   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान गौ-संरक्षण के लिए राज्य सरकार की योजनाओं पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बीमार और लावारिस गायों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में 10 हजार से ज्यादा पशुओं को रखने की क्षमता वाली गौशालाएं बनाई जा रही हैं.

सीएम निवास में भाई दूज के अवसर पर 250 रुपए का शगुन, सीएम ने श्रीकृष्ण-सुभद्रा के स्नेह को याद किया

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में भाई दूज के शगुन का पैसा आएगा? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त के तौर पर महिलाओं के खाते में 1250-1250 रुपये तो आ चुके हैं, लेकिन उन्हें रक्षाबंधन और भाई दूज के मौके पर मिलने वाले 250 रुपये के शगुन का इंतजार है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में भाई दूज का कार्यक्रम है, जिसमें लाडली बहनें शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहनों को दिए संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है , जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। हमारी सरकार इसी दृष्टि से सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिये बहनों की खुशी, उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास सर्वोपरि है। यह राशि ट्रांसफर करने के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है, जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले भाईदूज कार्यक्रम में सम्मलित होने वाली लाड़ली बहनों को यह संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का पर्व भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख-दुख, सुरक्षा और सम्मान का वचन निभाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही समाज की समृद्धि का आधार है। लाड़ली बहनों के खाते में जमा हुए 44917.92 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आत्मा हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 44,917.92 करोड़ रुपए सीधे बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री निवास पर आने वाली लाड़ली बहनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर और प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहेंगे।

प्रदेश के 23.81 लाख से अधिक किसानों को 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित

किसानों को राहत राशि देने में कोई कमी नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 23.81 लाख से अधिक किसानों को 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित अतिवृष्टि, बाढ़, पीला मोजैक, कीट व्याधि से फसल क्षति और प्राकृतिक आपदा प्रभावित किसानों को दी गई राहत राशि गत वर्ष की तुलना में तीन गुना राहत राशि का हुआ वितरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस साल अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण किसानों की फसल को नुकसान हुआ। पीला मोजैक और कीट प्रकोप ने भी किसानों को परेशानी में डाला। इसी तरह बारिश के कारण जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति से भी किसानों को पीड़ा हुई। ऐसे कठिन हालातों में सरकार ने किसानों को संबल देने में कोई कमी नहीं रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि, बाढ़, कीट प्रकोप से फसल/ मकान क्षति की परेशानियों से जूझ रहे प्रदेश के 23 लाख 81 हजार से अधिक प्रभावित किसानों को अब तक लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आरबीसी 6(4) के तहत दी गई इस राहत राशि से किसानों को फिर से खड़ा होने में बेहद मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह राशि गत वित्त वर्ष 2024-25 में बांटी गई 660.57 करोड़ रुपए राहत राशि से करीब तीन गुना अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के हर जरूरतमंद किसान को तत्परतापूर्वक सरकार का साथ, सहयोग और संबल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में 1590.74 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2022-23 में 726.15 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 में 758.62 करोड़ रुपए राहत राशि सरकार द्वारा वितरित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि /बाढ़ एवं पीला मोजैक/कीट व्याधि से फसल हानि के लिए 23 लाख 81 हजार 104 प्रभावित किसानों को 1623.51 करोड़ रुपए राहत राशि दी गई है। प्राकृतिक आपदा से हुई विभिन्न प्रकार की क्षतियों की पूर्ति के लिए राहत के रूप में 178.45 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। इस प्रकार प्रदेश में अतिवृष्टि/बाढ़, पीला मोजैक/ कीट व्याधि से फसल हानि और विभिन्न प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि सरकार द्वारा वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि हो या बाढ़, कीट व्याधि हो या कोई और प्राकृतिक आपदा, किसान हर मौसम में फसल नुकसानी का जोखिम उठाते हैं। फसल नुकसानी हुई, तो घर की साल भर की अर्थव्यवस्था बिगड़ जाती है। हमारी सरकार किसानों को ऐसे हालात में कभी अकेला नहीं रहने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की हर कठिनाई में सरकार उनके साथ है। हमारी सरकार किसानों की सरकार है। किसानों का दु:ख पूरे प्रदेश का दु:ख है और किसानों के सुख से ही प्रदेश का सुख है। किसानों को हर जरूरी मदद और राहत राशि देने में हम कभी कोई कमी नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए सभी कदम उठाए हैं। हमारी सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, फसलों पर समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि का समय पर अंतरण किया है। इससे प्रदेश के किसान भाइयों के मन में एक नया विश्वास, एक नई उम्मीद जागी है।  

मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ये सेटेलाइट ऑफिस देंगे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार

5 शहर, 5 रणनीतियां, एक लक्ष्य — यूपी में निवेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न पर 5 महानगरों में खुलेंगे ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट निवेश प्रोत्साहन ऑफिस मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ये सेटेलाइट ऑफिस देंगे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मुंबई से लेकर चेन्नई तक हर सैटेलाइट ऑफिस का होगा अपना इंडस्ट्री-फोकस हर सैटेलाइट ऑफिस में जीएम से लेकर उद्यमी मित्र तक की समर्पित टीम संभालेगी निवेश संवर्धन की कमान सीएम योगी दे चुके हैं ‘इन्वेस्ट यूपी’ के पुनर्गठन को मंजूरी, अब देशभर में पहुंचेगी यूपी की निवेश ताकत लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब देश के पांच प्रमुख महानगरों—मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली—में ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों से पूंजी निवेश को सीधे उत्तर प्रदेश तक लाना और निवेशकों को राज्य की नीतियों एवं संभावनाओं से जोड़ना है।  प्रत्येक ऑफिस में होगा समर्पित स्टॉफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुके हैं। इसी क्रम में इन सैटेलाइट ऑफिसों की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव है, जो राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देंगे। प्रत्येक ऑफिस में एक जनरल मैनेजर, एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर, दो उद्यमी मित्र, दो एग्जिक्यूटिव और दो ऑफिस असिस्टेंट की टीम कार्य करेगी। सभी पांचों कार्यालयों पर कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक धनराशि व्यय होने का अनुमान है। रणनीतिक क्षेत्रों पर होगा फोकस सरकार की योजना के अनुसार, प्रत्येक शहर का सैटेलाइट ऑफिस अपनी भौगोलिक और औद्योगिक विशेषता के अनुरूप रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। मुंबई ऑफिस वित्तीय सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और ईएसजी फंड पर ध्यान देगा। बेंगलुरु ऑफिस जीसीसी, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, ईवी और डीपटेक सेक्टर पर फोकस करेगा। हैदराबाद ऑफिस फार्मा, डेटा सेंटर, हेल्थटेक और एंटरप्राइज SaaS उद्योगों पर केंद्रित रहेगा। चेन्नई ऑफिस ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और हार्डवेयर निर्माण उद्योगों में निवेश आकर्षित करेगा। नई दिल्ली ऑफिस समर्पित इन्वेस्ट यूपी एवं एशिया-यूरोपीय संघ सुविधा कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की छवि होगी और मजबूत  योगी सरकार का यह कदम निवेशकों से नजदीकी संवाद बढ़ाने और राज्य की ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की छवि को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। सैटेलाइट ऑफिस इस दिशा में सेतु का काम करेंगे। इन सैटेलाइट ऑफिसों के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष औद्योगिक केंद्रों में अपनी स्थायी मौजूदगी दर्ज करेगा और वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर त्वरित समाधान का निर्देश दिया

जन समस्याओं के प्रति बनें संवेदनशील, कराएं त्वरित समाधान: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में 300 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बोले – चिंता मत करिए, होगी प्रभावी कार्रवाई गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सबकी समस्या सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। समस्या से जुड़ी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित कराएं। समस्या लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए। सरकार हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।  दीपावली के दिन से गोरखपुर प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान करीब 300 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। इत्मीनान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए। पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।  जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने पुलिस अधिकारियों को भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा यदि कोई दबंग, माफिया किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वाले कतई न बख्शे जाएं। जहां पैमाइश की जरूरत हो, वहां पैमाइश कराकर विवाद का निस्तारण कराया जाए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपूजन के बाद सीएम ने गायों-गोवंश को खिलाया गुड़-केला

गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में मुख्यमंत्री ने की गोवर्धन पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपूजन के बाद सीएम ने गायों-गोवंश को खिलाया गुड़-केला प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दीं सीएम ने, कहा- भारत की समृद्धि का आधार रहा है गोवंश गोरखपुर  दीपावली के पंच दिवसीय महापर्व की श्रृंखला के महत्वपूर्ण पर्व गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार प्रातः गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। गोपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गोसेवा की और प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोवंश भारत की समृद्धि का आधार रहा है। सरकार गो संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाओं के जरिये सतत प्रयास कर रही है।  दीपावली के दिन सोमवार से ही गोरखपुर प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन की प्रक्रिया पूर्ण की। गायों और गोवंश को माला पहनाई, तिलक लगाया और गोमाता का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। गो पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और केला खिलाया। इस दौरान वह गायों और गोवंश को उनका नाम लेकर पुकारते रहे और उनके पास जाकर उन्हें खूब दुलार भी किया।  गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए चल रहे अभिनव कार्यक्रम : मुख्यमंत्री गोवर्धन पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों, अन्नदाता किसानों और पशुपालकों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई अभिनव कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिर्फ गोपूजन ही नहीं हो रहा है बल्कि  गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।  सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 लाख गोवंश ऐसे हैं जिनका भरण पोषण प्रदेश सरकार अनुदानित कर रहे है। अन्नदाता किसानों की फसल को इनसे नुकसान न हो, इस दृष्टि से यह एक प्रयास प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गोवंश के लिए प्रदेश में तीन प्रकार की विशेष  योजनाएं हैं। एक योजना निराश्रित गोवंश स्थल की है जिसमें हर गोवंश के लिए सरकार के स्तर पर प्रतिमाह 1500 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे ही सहभागिता योजना है। इसमें कोई भी अन्नदाता किसान गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के साथ जुड़ता है तो उसे चार निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए प्रति गोवंश 1500 रुपये की दर से 6000 रुपये तक।दिए जाते हैं। तीसरी योजना कुपोषित परिवारों के लिए है। जो कुपोषित माताएं हैं, बच्चे हैं, उन परिवारों में उन्हें निराश्रित गो आश्रय स्थल से ब्याई हुई गाय दी जाती है। वह सेवा करें और गाय का दूध भी लें। साथ ही उन्हें 1500 रुपये प्रति महीना गाय की देखभाल के लिए दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है और कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़े हैं।  गोवर्धन योजना से समृद्धि की ओर बढ़े हैं अन्नदाता किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में संचालित गोवर्धन योजना से अन्नदाता किसान समृद्धि की ओर बढ़े हैं। प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बनाने से अन्नदाता किसानों को गोबर का भी दम प्राप्त हो रहा है। साथ जी ग्रीन ईंधन के माध्यम से प्रदेश के अंदर नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने और पेट्रोल डीजल में खर्च होने वाले भारत धन को बचाने में भी मदद मिल रही है।  गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवंश का महत्व क्या है, यह गोवर्धन पूजा जैसे आयोजन इसे बताते हैं। दीपावली जैसे महापर्व के साथ इस आयोजन को जोड़कर इसकी महत्ता को और भी प्रभावी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे गो पूजन और गोसेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

कुरुक्षेत्र की सड़कों पर उमड़ेगी भीड़, पीएम मोदी 25 नवंबर को करेंगे जनसभा

चंडीगढ़  हरियाणा की राजनीति में अब एक बार फिर बड़ा मंच सजने जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे की तारीख तय हो गई है। पीएम 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे, जहाँ वे राज्य में विकास की कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा बल्कि भाजपा के लिए जनसमर्थन की नब्ज़ टटोलने का भी मौका बनेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई में राज्य सरकार ने अपनी पहली वर्षगांठ पर एक भव्य जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई थी। शुरुआत में यह कार्यक्रम 17 अक्टूबर को सोनीपत में होना था और प्रधानमंत्री मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। लेकिन ठीक कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही आईपीएस अधिकारी पूरण कुमार की आत्महत्या के बाद राज्य का माहौल संवेदनशील हो गया। विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया, और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। इस बदलते माहौल को देखते हुए सरकार ने कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया। अब जब हालात सामान्य हो चुके हैं, तो प्रधानमंत्री का दौरा नए सिरे से तय किया गया है — और मंच कुरुक्षेत्र को चुना गया है, जो हरियाणा की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।   मोदी करेंगे कई परियोजनाओं का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान हरियाणा में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें कृषि, सड़क, शिक्षा, और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हरियाणा के लिए नई औद्योगिक नीतियाँ और किसानों से जुड़ी योजनाएँ पेश कर सकती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय या इसके आसपास किसी बड़े ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। यह रैली न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर भारत के कई इलाकों में भाजपा के लिए राजनीतिक संदेश देने का काम करेगी। नायब सैनी सरकार के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ नायब सिंह सैनी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की कमान एक साल पहले संभाली थी। उनका पहला कार्यकाल बहुत छोटा था। जब मनोहर लाल खट्टर ने सीएम पद से इस्तीफ़ा दिया था और पिछले साल 12 मार्च को नायब सैनी ने पहली बार सीएम पद की शपथ ली थी। तब से लेकर अब तक सैनी सरकार ने राज्य में कई लोककल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं हैं। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी की है। गत रोज़ ही गन्ने के दाम में वृद्धि की है और पंचायतों के लिए ग्राम सभा चाय-नाश्ता योजना, और युवाओं के लिए रोजगार मिशन जैसी पहलें शुरू की है। सरकार इस रैली को अपने ‘एक वर्ष के रिपोर्ट कार्ड’ के रूप में देख रही है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी से इसे राज्य सरकार के प्रदर्शन पर केंद्र की मुहर माना जा रहा है।   राजनीतिक मायने भी गहरे राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि नरेंद्र मोदी का यह दौरा हरियाणा में भाजपा की जन-संपर्क रणनीति को मजबूत करेगा। आने वाले महीनों में स्थानीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के बीच यह रैली एक राजनीतिक संकेत भी होगी कि भाजपा नेतृत्व राज्य की कमान को लेकर एकजुट है। इसके अलावा, नायब सैनी का ओबीसी समुदाय से संबंध और प्रधानमंत्री मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संदेश — दोनों मिलकर इस रैली को सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समर्थन की दृष्टि से अहम बनाते हैं। रैली की तैयारियां तेज राज्य सरकार और भाजपा संगठन ने कुरुक्षेत्र में रैली की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुमान है कि इस आयोजन में लाखों की भीड़ जुटाई जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल ली है। मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। रैली स्थल के आसपास विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए मंच तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा हरियाणा के विकास और राजनीति—दोनों के लिए ‘दिशा तय करने वाला क्षण’ साबित होगा। जनता को बड़ी उम्मीदें जनता की नजर इस बात पर होगी कि प्रधानमंत्री किन योजनाओं की सौगात देते हैं और हरियाणा को आने वाले वर्षों में कौन-सी नई परियोजनाएँ मिलती हैं। किसान, युवा और उद्योग जगत — सभी इस रैली से उम्मीद लगाए बैठे हैं। हरियाणा की धरती पर मोदी की यह यात्रा न केवल सरकार की पहली वर्षगांठ का उत्सव बनेगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि ‘विकास की रफ्तार अब रुकेगी नहीं।’

अमेरिका डील की उम्मीद से उछला बाजार, ये स्टॉक बने निवेशकों के रॉकेट

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी आई है, क्‍योंकि कल अमेरिका से भारत के लिए एक गुड न्‍यू आई. निफ्टी 26000 के ऊपर खुला है, जबकि सेंसेक्‍स 85000 के ऊपर ओपेन हुआ. हालांकि अभी 720 चढ़कर 85,148 पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 200 अंक चढ़कर 26070 के ऊपर कारोबार करता हुआ दिख रहा है. आईटी सेक्‍टर ने शानदार प्रदर्शन किया है. यह करीब 2 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है.  BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 29 शेंयरों में शानदार तेजी आई है, जबकि 1 शेयर गिरावट पर हैं. इंफोसिस के शेयर में शानदार तेजी आई है. यह 3 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहा है. सिर्फ जोमैटो के शेयर में ही मामूली गिरावट देखी जा रही है.  आईटी शेयरों में शानदार तेजी IT शेयरों में आज गजब की तेजी देखी जा रही है. इंफोसिस में 3 फीसदी की तेजी, HCL TEch के शेयर में 2.50 फीसदी की तेजी आई है. इसके अलावा, टीसीएस के शेयर में 1 फीसदी से ज्‍यादा का उछाल देखा जा रहा है.  इन शेयरों में शानदार तेजी Kitex Garments के शेयर 12 फीसदी चढ़कर 209 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है. गारवेयर हाय टेक के शेयर 11 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे हैं. Vardhaman Textiles के शेयर 11 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. रिलायंस पावर के शेयर में 3 प्रतिशत की तेजी आई है. एसबीआई कार्ड के शेयर में 3 प्रतिशत की तेजी देखी जा रही है. टेक महिंद्रा के शेयर में भी 3 प्रतिशत की तेजी आई है.  अमेरिका से गुड सिग्‍नल  खबर है कि अमेरिका से भारत की ट्रेड डील होने जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका भारत पर 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 15 फीसदी तक लगाने वाला है. अगर ऐसा होता है तो शेयर बाजार में और भी तेजी आ सकती है. खैर आज इसी सेंटीमेंट को लेकर बाजार में तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, खबर यह भी है कि रूस और यूक्रेन में युद्ध खत्‍म होने वाला है.  सेक्‍टर की बात करें तो आज IT सेक्‍टर में 2.32 फीसदी की तेजी है. वहीं प्राइवेट बैंक सेक्‍टर 1 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा, एफएमसीजी भी 1.50 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहा है. सभी सेक्‍टर्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे हैं.  96 शेयरों में अपर सर्किट बीएसई पर 3,606 शेयरों में से 1,975 शेयर तेजी पर हैं और 1,435 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 196 शेयर अनचेंज हैं. 126 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 27 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं. 96 शेयरों में अपर सर्किट और 58 शेयर लोअर सर्किट पर हैं. 

मध्यप्रदेश में महिला नेतृत्व के स्टार्टअप 47 प्रतिशत तक बढ़े

विशेष समाचार विनिर्माण इकाइयों की संख्या 4 लाख 26 हजार पहुंची महिला नेतृत्व के स्टार्टअप 47 प्रतिशत तक बढ़े एमएसएमई सेक्टर जीडीपी में दे रहा 30% का योगदान भोपाल मध्यप्रदेश में निवेश मित्र नीतियों और उद्योग समर्थित प्रावधानों के परिणाम स्वरूप पिछले तीन वर्षों में विनिर्माण इकाइयों की संख्या बढ़कर 4,26,230 तक पहुंच गई है। वर्ष 2022-23 में 67332 विनिर्माण एमएसएमई पंजीकृत हुई थी 2023-24 में 89,317 और 2024-25 में 1,13,696 हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में विनिर्माण क्षेत्र में नई इकाइयों की स्थापना को हर प्रकार से प्रोत्साहित कर रहे है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की संख्या भी बढ़ रही है। वर्तमान में प्रदेश में 20.43 लाख एमएसएमई इकाइयाँ है। इसमें 20.22 लाख सूक्ष्म उद्यम है, 19508 लघु उद्योग और 1178 मध्यम उद्यम हैं। एमएसएमई सेक्टर में 21% विनिर्माण श्रेणी की, 29% सेवा श्रेणी और 50% व्यवसाय श्रेणी की इकाइयां हैं। इस प्रकार एमएसएमई सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 30% का योगदान दे रहा है। इस क्षेत्र में लगभग 66 हजार करोड रुपए से अधिक का निवेश वर्तमान में है। इनमें एक करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। बढ़ते स्टार्टअप मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति के परिणामस्वरूप अब अधिमान्य स्टार्टअप की संख्या 6000 से अधिक हो गई है। इनमें से लगभग 2900 यानी 47% स्टार्टअप महिला उद्यमियों के हैं। इसके अलावा कुल इनक्यूबेटर की संख्या 100 से ज्यादा है। स्पष्ट है कि प्रदेश में स्टार्टअप परिस्थिति तंत्र में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है। प्रदेश में स्मार्ट सिटी इनक्यूबेटर 7, अटल इनक्यूबेटर सेंटर 4, टेक्नोलॉजी बिजनेस इंटर इनक्यूबेटर दो, एक एपेरल इनक्यूबेटर ग्वालियर में, दो एग्री इनक्यूबेटर सेंटर ग्वालियर और जबलपुर में, तीन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में स्थापित है। RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजनांतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में इन्‍क्‍यूबेशन सेंटर स्‍थापित करने की योजना है। इनमें से 7 जिलों नर्मदापुरम्, विदिशा, हरदा, राजगढ़, रायसेन, अशोकनगर एवं भोपाल में एमएसएमई इन्‍नोवेशन-सह-इन्‍क्‍यूबेशन सेंटर की स्‍थापना की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि स्टार्ट-अप को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दें जिससे भारत के युवा नौकरी देने वाले बनें। मध्यप्रदेश में इस सोच को मूर्त रूप देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्टार्टअप अधोसंरचना को मजबूत बनाकर कार्य कर रहे हैं। नई स्टार्ट-अप नीति बन जाने से प्रदेश ग्लोबल स्टार्ट-अप हब बनने की ओर बढ़ रहा है। भविष्य में युवा उद्यमियों को ग्लोबल मंच मिलेगा और लाखों रोजगार सृजित होंगे। स्टार्टअप ईको सिस्टम राज्य की आर्थिक प्रगति और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश स्टार्टअप सीड फंड सहायता तथा 100 करोड़ रुपए का कैपिटल फंड स्टार्टअप्स के युवा उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रारंभिक पूंजी की व्यवस्था करना होती है। इस बाधा को दूर करने के लिए प्रदेश के नए स्टार्टअप्स के लिये 30 लाख रुपये तक का सीड फंड अनुदान तथा 100 करोड़ रुपए के कैपिटल फंड का मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 में प्रावधान किया गया है। यह कोष उभरते स्टार्ट-अप्स को उनके शुरुआती चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान करेगा तथा उन्हें अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में सहायता प्रदान करेगा। इससे वे अपने स्टार्टअप का विस्तार कर सकेंगे साथ ही विस्तार की चुनौतियों का सामना कर सकेंगे। मेगा इनक्यूबेशन सेंटर और नवाचार को बढ़ावा राज्य में मेगा इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके सेटेलाइट सेंटर प्रदेश के अन्य उपयुक्त स्थानों में स्थापित किए जायेंगे। इनसे स्टार्टअप्स को आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और ग्लोबल बाजार तक पहुंचने में मदद मिलेगी। बौद्धिक संपदा सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिये घरेलू पेटेंट के लिए 5 लाख रुपये और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए 20 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टार्टअप्स को नवाचार करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने में मदद मिलेगी। महिला उद्यमिता को बढ़ावा नई नीति के अनुसार राज्य में 47% महिला-नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप्स है तथा प्रदेश के स्टार्टअप ईकोसिस्टसम में महिलाओं का योगदान बढ़-चढ़ कर आ रहा है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को विशेष सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। स्टार्टअप परिचालन हेतु वित्तीय सहायता स्टार्ट-अप्स संचालन के खर्चों को कम करने के लिए किराया सहायता योजना भी लागू की गई है। स्टार्ट-अप्स को 50 प्रतिशत तक किराया भत्ता अधिकतम 10 हजार रुपए प्रति माह दिया जाएगा। साथ ही प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, ऑनलाइन विज्ञापन आदि हेतु भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। नये क्षेत्रों में स्टार्ट-अप्स को प्राथमिकता नीति में कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डीप टेक, बॉयोटेक और नवीनतम तकनीकों के क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इससे राज्य में विविध और सशक्त स्टार्ट-अप ईको सिस्टम विकसित होगा, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी। एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस ईआईआर प्रोग्राम और कौशल विकास सहायता राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस ईआईआर प्रोग्राम लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत नए स्टार्टअप्स को 10 हजार रुपए प्रति माह (अधिकतम एक वर्ष के लिए) की वित्तीय सहायता दी जाती है। स्टार्ट-अप एडवाइजरी कॉउंसिल और ऑन लाइन पोर्टल नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग के लिए "स्टार्ट-अप एडवाइजरी काउंसिल" का गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके साथ ही स्टार्ट-अप्स के लिए एक समर्पित ऑन लाइन पोर्टल और हेल्प लाइन भी बनाई गई है। इससे उन्हें वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं और अन्य संसाधनों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति में उत्पाद आधारित स्टार्टअप के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था है। इसके अलावा वित्तीय सहायता, पेटेंट, लीज रेंट, ईआईआर और आयोजनों में सहभागिता के लिए भी सहायता का प्रावधान है। मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर में एक समर्पित टीम कार्य कर रही है। राज्य स्टार्टअप पोर्टल को स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है और वित्तीय सहायता के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई है।  

लाड़ली बहनों के खातों में जल्द आएंगे ₹1500, सीएम मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात

भोपाल  मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योजना की राशि में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब लाड़ली बहना योजना के तहत हर पात्र बहन को 1250 नहीं, बल्कि 1500 रुपए हर महीने मिलेंगे। हालांकि, इस बार भाईदूज पर 250 रुपए अलग से ट्रांसफर नहीं किए जाएंगे। दरअसल, सरकार ने तय किया है कि अब से यह पूरी बढ़ी हुई राशि नवंबर माह से एकमुश्त दी जाएगी। यानी आने वाले महीने में ही सीएम मोहन यादव करोड़ों बहनों के खातों में 1500 रुपए ट्रांसफर करेंगे। 250 रुपये की बढ़ोतरी, नया पड़ाव पहले लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये मिलते थे। अब भाईदूज से यह राशि बढ़कर 1500 रुपये हो गई है। सीएम ने कहा, "यह हमारी बहनों के लिए सम्मान और सशक्तिकरण का कदम है।" यह बढ़ोतरी लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा मजबूत करेगी। भाईदूज की विशेष किस्त त्योहार को और खास बनाने के लिए सीएम ने लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपये की अतिरिक्त राशि ट्रांसफर करने का ऐलान किया। यह राशि तत्काल प्रभाव से लाभार्थियों तक पहुंचेगी। सीएम ने भाईदूज की शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह योजना बहनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का हमारा वादा है।" भविष्य की योजना मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि सरकार का लक्ष्य इस राशि को भविष्य में 3000 रुपये तक ले जाना है। यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा। सूत्रों के मुताबिक, पहले की तरह यह भुगतान 10 से 15 नवंबर के बीच होगा। वहीं, 60 साल से अधिक आयु की महिलाएं इस बढ़ी हुई राशि का लाभ नहीं ले सकेंगी।सीएम मोहन यादव गुरुवार को सीएम हाउस में लाड़ली बहनों के साथ भाईदूज मनाएंगे। कार्यक्रम की जिम्मेदारी मंत्री निर्मला भूरिया और कृष्णा गौर को दी गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री बहनों को बढ़ी हुई राशि को भाईदूज का विशेष तोहफा बताएंगे। नवंबर से खाते में एक साथ आएंगे 1500 रुपए बता दें कि सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने ऐलान किया था कि लाड़ली बहना योजना के तहत जल्द ही लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि दी जाएगी। अपना वादा निभाते हुए सीएम ने अकटूबर से ही इस बढ़ी हुई राशि को देना शुरू कर दिया है। हालांकि इस महीने ये राशि दो बार में लाड़ली बहनों के खातों में भेजी गई है। जिसका एक हिस्सा 1250 रुपए दिया जा चुका है।  वहीं दूसरा हिस्सा 23 अक्टूबर को प्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते (Ladli Behna Yojana 2025) में आएगा। वहीं नवंबर महीने से 1500 रुपए की राशि एक साथ लाड़ली बहना योजना के खातों में आएगी। 29वीं किस्त जारी करते हुए सीएम मोहन यादव ने घोषणा की थी कि अब धीरे-धीरे ये राशि बढ़ाई जाएगी। सिंहस्थ 2028 तक इस राशि को बढ़ाकर 3000 रुपए किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी Ladli Behna Yojana लाड़ली बहना योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी।  कहां से हुआ शुभारंभ –शुरुआत- 5 मार्च 2023, भोपाल से –क्यों शुरू की गई थी लाड़ली बहना योजना- महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना, परिवार में सम्मान दिलाना तथा पोषण सुधारना –पूर्व सीएम शिवराज की योजना को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मासिक आर्थिक सहायता — शुरुआत- 1000 रुपए –2023 अक्टूबर से – 1250 रुपए — 2025 नवंबर- 1500 रुपए का ऐलान — रक्षाबंधन पर बोनस- जुलाई 2025 की किस्त के साथ 250 रुपए का शगुन, पिछले साल भी मिला था बोनस, इस बोनस की शुरुआत भी शिवराज सिंह ने अपने शासनकाल में ही की थी। — दीपावली 2025 की भाईदूज पर भी 250 रुपए का शगुन: अब दीपावली की भाईदूज पर भी मोहन यादव ने लाड़ली बहनों (Ladli Behna Yojana 2025) को बोनस और शगुन के रूप में 250 रुपए भेजने की तैयारी कर ली है। — नवंबर 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़कर हुई 1500 रुपए- खाते में एक साथ आएगी ये राशि। लाड़ली बहना योजना की पात्र कौन? उम्र- 21-60 साल स्थिति- विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता निवास- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य आय सीमा- सालाना पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम परिवार में कोई आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनर नहीं होना चाहिए। परिवार के नाम पर पांच एकड़ जमीन से कम कृषि भूमि और निजी चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए। महिला का खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। कब आती है लाडली बहना योजना की किस्त? लाड़ली बहना योजना की किस्त हर महीने की 10-15 तारीख के बीच पात्र महिला के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर की जाती है।