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स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

स्वच्छताकर्मियों का कोई शोषण नहीं कर पाएगा, जल्द ही उनके अकाउंट में आएंगे 16 से 20 हजार रुपयेः मुख्यमंत्री  स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छाग्रहियों का किया सम्मान, स्वच्छता किट भी वितरित की  सफाई मित्रों पर की पुष्पवर्षा, स्कूली बच्ची संग खिंचवाई फोटो भाजपा का काम जोड़ना, सपा-कांग्रेस का काम है तोड़नाः योगी  भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाताः मुख्यमंत्री  सीएम ने किया कटाक्ष- बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः बोले- जो जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहेगा, जनता उसे आशीर्वाद देती रहेगी सीएम का आह्वान- इस दीपावली हर गरीब के घर पहुंचाएं मिठाई  वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाता हैं। वे हम सभी के रोम-रोम और श्वांस-श्वांस में भगवान राम का वास कराने वाले त्रिकालदर्शी ऋषि भी हैं। महर्षि वाल्मीकि दुनिया के पहले सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य को रचने वाले आदिकवि भी हैं। सीएम ने कहा कि ऑर्डर जारी होने वाला है, कुछ ही दिनों के अंदर स्वच्छताकर्मियों के अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये जाएंगे। कोई उनका शोषण नहीं कर पाएगा। सारी तैयारियां चल रही हैं, पोर्टल तैयार हो रहे हैं। स्वच्छता कर्मियों व स्वच्छता मित्रों को पांच लाख रुपये के आयुष्मान भारत के कार्ड की स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराने जा रहे हैं। जो सबके स्वास्थ्य की रक्षा करता है, हमारी कोशिश है कि उसके लिए भी सरकार के स्तर पर प्रयास हो।  सीएम योगी सोमवार को सरोजा पैलेस, पिपलानी कटरा में स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छता मित्रों का सम्मान और स्वच्छता किट का वितरण किया। सीएम ने सफाईमित्रों पर पुष्पवर्षा भी की। एक बच्ची ने सीएम के साथ फोटो भी खिंचवाई।  मौके पर जनता की सुनवाई करते हैं जनप्रतिनिधि तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है  सीएम योगी ने कहा कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चला। 17 को आधुनिक भारत के शिल्पी, प्रधानमंत्री और काशी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी,  25 को अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय और दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का पावन जन्मदिन रहा। इस दौरान भाजपा ने अखिल भारतीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम किए। इस श्रृंखला में तीन महीने पहले से 75 दिन के इस अभियान को लेकर डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इसे प्रारंभ किया और एक-एक मोहल्ले में जाकर स्वच्छता के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। हर जनप्रतिनिधि (पार्षद, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, चेयरमैन, महापौर, विधायक या सांसद) इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे। सीएम ने कहा कि जनता-जनार्दन से अक्सर यह शिकायत सुनने को मिलती है कि चुनाव आ गया तो दिखाई दे रहे हैं। बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः, लेकिन जहां जनप्रतिनिधि थोड़े भी जागरूक हैं। मौके पर जाकर जनता की सुनवाई करते हैं तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है।  समाधान की चर्चा करते हैं तो रास्ता निकलता है  मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सबके सामने कठिनाई आती है,  लेकिन जब हम समाधान की चर्चा करते हैं तो इसका रास्ता निकलता है। समस्या को समस्या की दृष्टि से देखते हैं तो वह समाधान की तरफ नहीं बढ़ पाती। आप समाधान की तरफ सोचेंगे तो समस्या को सदैव के लिए समाप्त कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए समय निकालकर मौके पर जाना पड़ेगा। 75 दिन की यात्रा के दौरान एक-एक मोहल्ले में जाना, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अभियान का हिस्सा बनना, चौपाल लगाना, स्वच्छता के कार्यक्रम को बढ़ाना अद्भुत कार्य है।  स्वच्छ भारत अभियान ने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की  सीएम ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री ने देश में स्वच्छ भारत अभियान का आगाज किया था। उनका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना था। प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने हाथ में झाड़ू लिया था। हम देश और मातृभूमि को गंदा नहीं होने देंगे। सबसे पहले स्वच्छता अभियान चला। 12 करोड़ घरों में एक-एक शौचालय बनाने से 60 करोड़ लोगों को लाभ मिला। यह बहुत बड़ा कार्य है। यह क्रम लगातार बढ़ता रहा। शौचालय बनाने का मतलब स्वच्छता के प्रति हर नागरिकों को आग्रही बनाना और नारी गरिमा की रक्षा करना भी था। इस सीजन में गांवों में पैदल नहीं जाया जा सकता था। रास्तों में बदबू आती थी, लेकिन 2014 के बाद परिवर्तन आया तो आज गांव और वार्ड भी साफ-सुथरे हैं। इसने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की। भारत के बारे में लोगों की सोच में परिवर्तन लाया गया। आज दुनिया भारत के बारे में अच्छा सोचती है।  स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला  सीएम योगी ने कहा कि गंदगी से होने वाली अनेक बीमारियों से लोगों को राहत मिली। प्रधानमंत्री ने उपचार के लिए आयुष्मान भारत की सुविधा दी। तमाम बीमारियां गंदगी के कारण पैदा होती थीं, लेकिन स्वच्छता से जुड़ने का परिणाम रहा कि उन बीमारियों से राहत मिली तो घर में बचत भी हुई। स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला है। पीएम ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों से कहा कि हमें भारत को विकसित बनाना है। इसके लिए शताब्दी संकल्प अभियान के साथ जोड़ा गया। देश जब आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस समय हमें विकसित,  समर्थ, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत चाहिए। दुनिया का कोई देश भारत की तरफ आंख टेढ़ी करके नहीं देख सकता। यह केवल पीएम का नहीं, सभी भारतवासियों का संकल्प है। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी काशीवासियों की ही है, क्योंकि संसद में मोदी जी काशी का ही प्रतिनिधित्व करते हैं।  स्वच्छता के आधार और मित्र हैं स्वच्छता कर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी दक्षिण के कार्यकर्ताओं व स्वच्छता मित्रों का अभिनंदन किया और 75 दिन तक चले इस कार्यक्रम को अद्भुत बताया। बोले- यह कार्य नई प्रेरणा व नया प्रयोग भी है। … Read more

मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का किया वितरण

शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगाः योगी मुख्यमंत्री ने  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का किया वितरण सीएम ने किया पौधरोपण व गोशाला में गायों को चारा, गुड़ व फल भी खिलाया  सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगाः मुख्यमंत्री बोले- आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही प्रदेश सरकार सीएम ने अन्नपूर्णा मठ के कार्यों की सराहना की, बोले-समाज निर्माण को मजबूती और बालिकाओं को स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर कर रहा मठ वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगा। सनातन धर्म ही लोकमंगल,  लोककल्याण के साथ सभी की सुरक्षा व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगा।  मुख्यमंत्री ने सोमवार को  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का वितरण किया। उन्होंने कुछ बच्चों को अपने हाथों से भी सम्मानित किया। सीएम योगी ने यहां पौधरोपण किया और गोशाला में गायों को चारा,  गुड़ व फल खिलाया। सीएम ने बच्चों को शुभकामना देते हुए कहा कि दीपावली के पूर्व मिला यह उपहार मां अन्नपूर्णा की कृपा है। उन्होंने बच्चों को हिदायत भी दी कि कंप्यूटर सुविधा का माध्यम है तो भटकाव भी है। हमें सकारात्मक रूप से ज्ञान को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जो जीवन को उज्ज्वल बनाने में योगदान दे सके।  आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र संस्कृत का अध्ययन करते हुए अनवरत भारतीय संस्कृति व परंपरा के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। कंप्यूटर का भी आधुनिक ज्ञान ले रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि विज्ञान, गणित व अंग्रेजी की भी जानकारी ले लें,  सेना, अर्धसेना व पुलिस बल में धर्मगुरुओं की बड़ी संख्या निकलती है। आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी। संस्कृत के बिना किसी का काम नहीं चलेगा।  आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही सरकार सीएम ने कहा कि संस्कृत के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति नहीं थी। यूपी में हमने प्रयास किया और संस्कृत पढ़ने वाले हर छात्र के लिए छात्रवृत्ति जारी की। आने वाले समय में व्यवस्था करने जा रहे हैं कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था में सरकार अनुदान देगी। संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए भी विशिष्ट छात्रवृत्ति जारी करने वाले हैं। हमारा उद्देश्य है कि संस्कृत में पढ़ने-पढ़ाने और शोध को बढ़ाने वाले छात्रों के साथ अच्छे विद्वान भी बढ़ा सकें। संस्कृत में वेद और व्याकरण भारत की विशिष्ट देन है। दुनिया का पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में स्थापित हुआ था। पाणिनी वहीं की देन हैं। पाणिनी के व्याकरण में उस समय के इतिहास, परंपरा व भारत के बारे में विस्तृत अध्ययन प्राप्त होता है।  भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को दिया सर्वोच्च स्थान  मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा कि जब मां अन्नपूर्णा, बाबा विश्वनाथ व मां गंगा की कृपा बरसती है तो ऐसे ही शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त प्राप्त हो जाते हैं। इस संस्थान की स्थापना के 108 वर्ष होने के साथ आज शरद पूर्णिमा से जुड़ रहे हैं। यह आयोजन यूपी सरकार के मिशन शक्ति (महिला सुरक्षा, सम्मान व नारी स्वावलंबन) को भी जोड़ रहा है। भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को सर्वोच्च स्थान दिया है। सनातन धर्म की परंपरा सदैव से मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करती रही है। भारत में हमने धऱती को भी मां के रूप में पूजा है। मां गंगा को सबसे पवित्र नदी मानकर आराधना की है। मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मानव व जीव-जंतु को खाने को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी गरिमा को दिया महत्व  सीएम योगी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नारी गरिमा को महत्व दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,  12 करोड़ घर में शौचालय, देश में चार करोड़ व यूपी में 60 लाख लोगों को छत दी गई। जब बरसात,  सर्दी में लोगों के सिर पर छत नहीं होती थी, तब घर की महिला परिवार की लाज बचाती थी। एलपीजी के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन फ्री में उपलब्ध हुए। अब तो काशी में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो गई है। यह काशी की प्रगति दिखती है। गांव में पहले यदि गरीब का घर टूट जाता था तो दोबारा मकान बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे। दबंग मकान नहीं बनने देता था। सीएम ने घरौनी की चर्चा की और कहा कि तीन करोड़ परिवारों को जहां पर उसका आवास है, वहीं उसका मालिकाना अधिकार दे दिया गया। यह अधिकार घर की महिला सदस्य को दिया गया।  हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का हो रहा कार्यक्रम  मुख्यमंत्री ने कहाकि शिक्षा, स्वास्थ्य,  स्किल मिशन, रोजगार समेत जीवन के हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम नारी रक्षा के साथ स्वावलंबन का अभियान है। काफी पहले से अन्नपूर्णा मंदिर ट्र्स्ट की ओर से 250 बालिकाओं को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देकर सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाती है। एक परिवार के भरण-पोषण में सिलाई मशीन बड़ी मदद कर सकती है। नारी को स्वावलंबन पथ पर अग्रसर करने में यह बड़ी भूमिका का निर्वहन भी कर सकती है।   आने वाला समय नए रोजगार के सृजन का   सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार की संभावना वस्त्र उद्योग में है। रेडिमेड गारमेंट्स की दुनिया में काफी मांग है। यूपी ने 2018 में एक जनपद,  एक उत्पाद योजना लागू की। सीएम ने वाराणसी, भदोही, मीरजापुर व लखनऊ का जिक्र किया। बोले कि सभी को अच्छी डिजाइन, पैकेजिंग, तकनीक से जोड़ा जाता है। अब इतना ऑर्डर मिलता है कि वे आपूर्ति नहीं कर पाते। यूपी सरकार ने भारत सरकार के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। सीएम ने कहा कि हम लोगों ने फ्लैटेड फैक्ट्री का नया कॉन्सेप्ट दिया है। … Read more

जनता दर्शन : सोमवार को प्रदेश से आये लोगों की समस्या से स्वयं रूबरू हुए मुख्यमंत्री

हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी जनता दर्शन : सोमवार को प्रदेश से आये लोगों की समस्या से स्वयं रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी हर पीड़ित के पास पहुंचे सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से आये फरियादियों के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे, उनकी समस्या पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में सभी की समस्याओं का उचित निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता है।  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, राजस्व से जुड़े प्रकरण, नौकरी, आर्थिक सहायता आदि की मांग को लेकर पहुंचे।  किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा सीएम योगी ने कहा कि किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा है। प्रदेश सरकार हर पीड़ित को खुशहाल करने  की भावना से कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का बिना भेदभाव सभी को लाभ मिल रहा है। 'जनता दर्शन' के माध्यम से भी समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी और खूब पढ़ने-खेलने की  भी सलाह दी।

स्कूल से लेकर सुदूर गांव तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही योगी सरकार

मिशन शक्ति- 5.0: छात्राओं को आत्मरक्षा से मिल रही आत्मविश्वास की सीख  स्कूल से लेकर सुदूर गांव तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही योगी सरकार संकट की घड़ी में सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल सिखा रही योगी सरकार  – मिशन शक्ति से मजबूत हो रही महिलाओं की आवाज, सुरक्षा और स्वाभिमान बना जनआंदोलन – विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में "सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप" का भव्य आयोजन कर रही है। इसके माध्यम से छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा कर न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया जा रहा है बल्कि उनको संबंधित कानून की भी जानकारी देकर सशक्त भी किया जा रहा है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें जागरूक कर चुकी है। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और समूह सत्रों में बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूलों में आयोजित विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें, खुद को कमजोर न समझें, बल्कि अपनी क्षमताओं का उपयोग कर संकट का सामना करें, सरकार हर कदम पर महिलाओं के साथ है । इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें। योगी सरकार की इस पहल ने नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हेल्पलाइन नंबर व साइबर सुरक्षा की भी दी गई जानकारी इन सत्रों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीके, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं साझा की। अपने अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी पाकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार व समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित किया है।  योगी सरकार इन कार्यक्रमों का संचालन विषय विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों की मौजूदगी में कर रही है, जिसमें जानकारी दी गई कि कोई भी बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।  महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी।

CJI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हुई जूता फेंकने की कोशिश, वकील गिरफ्तार

नई दिल्ली चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई के सामने कोर्ट में आज एक वकील ने हंगामा करने की कोशिश की. आरोप है कि वकील ने CJI की तरफ जूता फेंकने का प्रयास भी किया. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी वकील को हिरासत में ले लिया. इस बीच, पूरे घटनाक्रम के दौरान जस्टिस गवई शांत बने रहे और कोर्ट में सुनवाई यथावत जारी रही. उन्होंने कहा कि इन चीजों से "मुझे फर्क नहीं पड़ता." बताया जा रहा है कि वकील डेस्क के पास गया और जूता निकालकर जज की तरफ फेंकने की कोशिश की लेकिन कोर्ट में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप किया और वकील को बाहर ले गए. बाहर जाते समय वकील यह कहते सुना गया, "सनातन का अपमान नहीं सहेंगे." CJI इस घटना से प्रभावित नहीं हुए और कोर्ट में मौजूद अन्य वकीलों से कहा कि अपने तर्क जारी रखें. उन्होंने कहा, “इस सब पर ध्यान मत दें. हम प्रभावित नहीं हैं. ये बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं." मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीजेआई पर क्यों की गई जूता फेंकने की कोशिश? घटना पर एक वकील ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि आज की जो घटना है, वह बहुत ही दुखद है. एक कोर्ट में, वो भी वकील ने अगर असॉल्ट करने का प्रयास किया है, तो हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. देखिए, हमारे बार के वो मेंबर हैं. अभी हमने जांच किया और पता चला कि वो 2011 के मेंबर हैं." वकील ने कार्रवाई की मांग की वकील ने अपने बयान में कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है. इसलिए हम कह सकते हैं कि जो पता चला है, वह लॉर्ड विष्णु के मैटर्स में आया कमेंट था, हॉनरेबल CJI के उसी पर ही उन्होंने ऐसा प्रयास (वकील ने जूता फेंकने का प्रयास) किया है. यह बहुत ही दुखद घटना है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और अगर यह घटना सच है, तो एक्शन होना चाहिए."

पंजाब की गरीबी दर में सुधार, शहरों में 17.6% से घटकर 2.6%, हरियाणा की स्थिति क्या है?

चंडीगढ़  पंजाब में पिछले एक दशक के दौरान गरीबों की संख्या घटी है। अब शहरों में सिर्फ 2.6 फीसदी लोग ही गरीब हैं। इसी तरह गांवों में भी सुधार हुआ है।ग्रामीण इलाके में वर्ष 2011-12 में 7.4 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे थे लेकिन वर्ष 2022-23 में सिर्फ 0.6 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की रिपोर्ट में यह सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011-12 के दौरान शहरों में 17.6 फीसदी लोग गरीबी के रेखा के नीचे थे लेकिन वर्ष 2022-23 में गरीबी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ 2.6 फीसदी ही लोग ही गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। पंजाब में अब असमानता दूर हो रही है और साथ ही लोगों की प्रति व्यक्ति मासिक खपत भी बढ़ रही है जिसका सीधा असर सुधार के रूप में मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें समावेशी विकास और गरीबों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने वाले नीतियां बनाकर भी गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रही हैं जिसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। अब गरीबी के पैमाने में भी आया बदलाव रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गरीबी के पैमाने में भी बदलाव आया है। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण गरीबी रेखा 1127 और शहरी गरीबी रेखा 1479 रुपये प्रति व्यक्ति हर माह थी। वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर ग्रामीण इलाकों में 2048 और शहरी क्षेत्रों में 2622 रुपये हो गई है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों में कोई व्यक्ति 2048 रुपये से कम प्रति माह खर्च करता है, तभी उसे गरीब माना जाएगा। इससे साफ है कि गरीबी का पैमाना बदलने के बावजूद गरीबों की संख्या में कमी हो रही है। मुफ्त राशन, रोजगार गारंटी व अन्य सरकारी योजनाओं ने गरीब लोगों की स्थिति में सुधार में अहम भूमिका निभाई है। पड़ोसी राज्य में भी पहले से सुधार पड़ोसी राज्यों में भी पहले से सुधार हो रहा है। हरियाणा में वर्ष 2011-12 के दौरान गांवों में 11 फीसदी, जबकि वर्ष 2022-23 में सिर्फ 4.1 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। इसी तरह शहरों में वर्ष 2011-12 के दौरान 15.3 फीसदी जबकि अब सिर्फ 4.3 प्रतिशत लोग ही गरीबी रेखा नीचे रह गए हैं। डीएवी कॉलेज अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर बिमल अंजुम ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी दर लगभग समाप्त हो गई है। शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी दर बहुत कम है। इसका श्रेय कृषि उत्पादन, उद्योग और सरकारी योजनाओं को जाता है। गरीबी कम होने के बावजूद प्रदेश के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इसमें बेरोजगारी, नशा, किसानों की आय बढ़ाना और आर्थिक असमानता शामिल हैं। मुफ्त राशन योजना से भी बाहर, घर में गाड़ी व एसी है तो नहीं मिलेगा राशन इसी का नतीजा है कि प्रदेश में अधिकतर लोग मुफ्त राशन योजना से भी बाहर हो रहे हैं। हाल ही में सरकार ने इसे लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रदेश में जिस किसी भी घर में गाड़ी, एयर कंडीशनर (एसी) या फिर परिवार के किसी भी सदस्य के पास 2.5 एकड़ भूमि है तो उन्हें मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा। पंजाब में फिलहाल 1.52 करोड़ लाभार्थी हैं जिन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त गेहूं मिलता है। इनमें से अब 10.28 लाख लाभार्थियों को मुफ्त राशन से हाथ धोना पड़ सकता है।  

प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में हादसा — ट्रॉमा सेंटर में लगी आग, सात लोगों की जान गई

जयपुर राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में अचानक आग लगने से 7 मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर आग ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू के स्टोर रूम में लगी, जहां मेडिकल पेपर, ब्लड सैंपल ट्यूब्स और आईसीयू से जुड़ा अन्य सामान रखा गया था। आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टर ने बताया कि हादसे के समय आईसीयू में कुल 11 मरीज भर्ती थे। वहीं बगल वाले दूसरे आईसीयू में 13 मरीज और थे। आग लगते ही स्टाफ ने तुरंत अलार्म बजाया और मरीजों को शिफ्ट करने की कोशिश की गई लेकिन धुएं और आग की चपेट में आने से 7 मरीजों की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन रोते-बिलखते नजर आए, वहीं कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और तकनीकी टीमों को शॉर्ट सर्किट की पुष्टि के लिए लगाया गया है। सरकार और अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

परासिया पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा मांगा; दो मौतें सरकारी रिकॉर्ड से गायब: नाथ का आरोप

छिंदवाड़ा   जहरीले सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश और देश को झकझोर दिया है। प्रशासन की लापरवाही भी खुलकर सामने आई है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि अंतिम संस्कार से पहले किसी भी बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इसी वजह से जिले के मोक्ष धाम से पोस्टमार्टम के लिए 2 साल की बच्ची का शव कब्र से निकालना पड़ा। बच्ची के शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बाद 2 साल की योगिता ठाकरे की हालत बिगड़ गई थी और नागपुर के गणेश अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन विवाद बढ़ने पर रविवार को प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी; स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा परासिया में 11 बच्चों समेत जिले में 14 बच्चों की मौत प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ सिरप पीने से हुई है। इस घटना को लेकर पूरे प्रदेश में हड़कप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर का प्रस्तावित दौरा निरस्त कर सोमवार को परासिया दौरे का कार्यक्रम आनन फानन में बनाया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दोपहर 1.40 बजे छिंदवाड़ा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर के जरिए परासिया जाएंगे। दोपहर 1.55 से 3.25 तक परासिया में मृतक बच्चों के स्वजनों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद छिंदवाड़ा लौटकर वह भोपाल के लिए रवाना होंगे। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मृतक बच्चों के स्वजनों से मुलाकात करने पहुंच गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मांगा स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा जीतू पटवारी ने परासिया पहुंचकर पीड़ित अभिभावकों से मुलाकात की। जीतू पटवारी ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार करने से काम नहीं चलेगा। बल्कि इस गंभीर लापरवाही के लिए स्वास्थ्य मंत्री, पीएस को इस्तीफा देना चाहिए। पटवारी ने कहा कि इस मामले में लीपापोती की जा रही है। डॉक्टर का काम दवाई लिखना होता है। अगर इस प्रकार पूरे प्रदेश में दवाई वितरित हुई है तो क्या सब डॉक्टर पर इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। जरूरत है कि दवा कंपनी और इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने उठाया सवाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार में छिंदवाड़ा के परासिया में हुई बच्चों की मौत के मामले में सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। जब हमारे विधायक जब धरने पर बैठे तब सरकार जागी। कोई भी प्रतिनिधि सरकार का वहां नहीं पहुंचा। प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की तत्काल दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए और ड्रग कंट्रोलर पर कार्रवाई होनी चाहिए। 14 स्वजन को 4-4 लाख की सहायता एडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि "14 लोगों को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। जिसमें 11 बच्चे परासिया के 2 बच्चे छिंदवाड़ा और एक चौरई का है। जबकि अभी 8 बच्चे एडमिट हैं। जिनमें 4 सरकारी अस्पताल में 1 एम्स है, जबकि 3 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। अभी तक इस मामले की बात करें तो 22 सितंबर को सबसे ये मामले सामने आया था। जहां छिंदवाड़ा के परासिया विकासखंड में मामलू सर्दी जुकाम और बुखार के बाद बच्चों का इलाज कराया गया। जहां कुछ वक्त के बाद उनमें किडनी इंफेक्शन की समस्या आई। छिंदवाड़ा के बाद इन बच्चों को नागपुर में भर्ती कराया गया। जहां जांच में किडनी इंफेक्शन होने की बात सामने आई थी। पहले तीन फिर यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 9 पहुंची, इसके बाद शनिवार रात 10 बच्चों की मौत की जानकारी आई। वहीं रविवार यानि 5 अक्टूबर को एडीएम ने 14 बच्चों के मौत की पुष्टि की। मामले में अभी तक कोलड्रिफ और नेक्सट्रो डीएस सिरप को बैन कर दिया गया है।वहीं दिल्ली से इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की टीम दो बार छिंदवाड़ा आकर पानी खाना-पीना सहित सिरप के सैंपल लेकर गई है। आरोपित डॉक्टर गिरफ्तार मामले में पुलिस ने आरोपित डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने से बाद डॉ. प्रवीण सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। डॉक्टर की क्लिनिक के पास ही उनकी पत्नी मेडिकल स्टोर चलाती हैं। जहां से दवाएं खरीदी गई थीं। सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन और डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ परासिया थाने में 3 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बीएनएस की धारा 276, दवा में मिलावट मामले में 1 साल की सजा हो सकती है। वहीं, बीएनएस की धारा 105 में कल्पेबल होमीसाइड मामले में 10 साल की सजा दी जा सकती है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27 ए मिलावटी ड्रग से मौत के मामले में 10 साल से अधिक या आजीवन जेल की सजा हो सकती है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप तमिलनाडु की कंपनी श्रीसन बनाती है, जिसकी फैक्ट्री कांचीपुरम में है। छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत की खबरों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु से कोल्ड्रिफ की जांच करने को कहा था। जांच में कोल्ड्रिफ सिरप को नाट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी यानी घटिया क्वालिटी का करार दिया गया। कोल्ड्रिफ में 48.6 फीसदी डाय-इथिलीन ग्लाइकाल मिला जो जहरीला पदार्थ है और इससे किडनी खराब हो सकती है। सांसद नकुल नाथ का आरोप, सरकारी रिकॉर्ड में दो बच्चों की मौत दर्ज नहीं हुई  पूर्व सांसद नकुल नाथ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त किए कि जिले के परासिया क्षेत्र में एक बच्चे को मामूली मौसमी बुखार था। स्वजनों ने डॉक्टर को दिखाया, डॉक्टर ने सिरप दिया। सिरप पीने के बाद बच्चे का पेशाब बंद हुआ, इलाज चलता रहा, लेकिन अंततः उसकी सांसें थम गईं। सवाल उठता है कि पहली ही मौत के बाद जिम्मेदारों ने ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? पहली मृत्यु 4 सितंबर को शिवम (4) की किडनी फेल होने से हुई, लेकिन जवाबदारों ने उस मामले की अनदेखी कर दी । नाथ ने कहा कि जब चार बच्चों को पुन: किडनी फेलियर की वजह से नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब किडनी की बायोप्सी से पता चला कि इन बच्चों की मौत का कारण जहरीला कफ सिरप है । उसके बाद भी डाक्टर इसे लिखते रहे और … Read more

भोपाल समेत 20 जिलों में बारिश, अगले दिन मानसून की वापसी पर संशय

भोपाल   मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 3 दिन में हल्की बारिश का दौर रहेगा। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग ड्राई रहेगा। फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। रविवार को भोपाल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया।  भदभदा और कलियासोत डैम एक-एक गेट खोले  रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 10 से पूरे प्रदेश में मानसून की वापसी मौसम विभाग के अनुसार, अब तक ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिरा है।  एमपी में 24 घंटे के दौरान 21 जिलों में बारिश, रायसेन में 3.7 इंच बरस गया मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 21 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। भोपाल में ढाई इंच, बैतूल में 2 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 1.8 इंच, श्योपुर-शिवपुरी में 1.7 इंच, सिवनी में डेढ़ इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच और नर्मदापुरम-दमोह में 1 इंच बारिश हुई। सागर, धार, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, गुना, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहा। इतनी तेज बारिश की भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर रेंगती हुई चली गाड़ियां रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 1 जून से 5 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।     ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद आज, चुनाव आयोग करेगा कार्यक्रम की घोषणा

पटना  भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों और शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा करेगा. उम्मीद लगाई जा रही हैं कि बिहार में दो चरणों में मतदान हो सकता है. वहीं, रविवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव 22 नवंबर से पहले संपन्न हो जाएगी, क्योंकि 22 नवंबर को वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो रहा है. आयोग ने 4 और 5 अक्टूबर को बिहार का दौरा किया, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनीतिक दलों, अधिकारियों, पुलिस और सिविल सोसाइटी से मुलाकात की. इस दौरान कानून-व्यवस्था, व्यय निगरानी और मतदान केंद्रों की व्यवस्था पर चर्चा हुई. राजनीतिक दलों ने चरणों की संख्या पर सुझाव दिए और आयोग ने छठ पूजा (18-28 अक्टूबर) और दिवाली को ध्यान में रखते हुए शेड्यूल तैयार किया है. मतदान संभवतः छठ के बाद अक्टूबर-नवंबर में होगा जो 2020 की तरह कम चरणों में हो सकता है. प्रत्येक बूथ पर केवल 1,200 मतदाताओं की अनुमति होगी. राजनीतिक दलों की आयोग से अपील वहीं, राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के साथ बैठक में छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की अपील की है जो अक्टूबर के अंत में मनाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके, क्योंकि बड़ी संख्या में बाहर काम करने वाले लोग त्योहारों के लिए अपने-अपने घर लौटते हैं. 22 साल बाद हुआ वोटर लिस्ट का शुद्धीकरण इससे पहले बिहार दौरे के बाद पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण से 22 साल बाद मतदाता सूची का शुद्धिकरण हुआ है. उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कई नई पहल की जा रही हैं, जिन्हें आने वाले समय में पूरे देश में दोहराया जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के चुनावों में शुरू की जा रही कई पहलों के बारे में भी बताया, जिसमें अनुसूचित जातियों के लिए 38 निर्वाचन क्षेत्र और अनुसूचित जनजातियों के लिए दो अन्य आरक्षित हैं. इन पहलों में, जिन्हें समय आने पर पूरे देश में दोहराया जाएगा, एक नई मानक संचालन प्रक्रिया शामिल है, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि पंजीकरण के 15 दिनों के अंदर मतदाताओं को ईपीआईसी कार्ड वितरित किए जाएं और मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा भी शामिल है. एक मतदान केंद्र पर होंगे 1200 मतदाता सीईसी ने कहा, 'मतदान केंद्रों पर भीड़भाड़ को रोकने के लिए ये फैसला लिया गया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से ज़्यादा मतदाता नहीं होंगे. मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मतदान केंद्रों पर मोबाइल डिपॉज़िट सुविधा शुरू की जा रही है.' हर बूथ की होगी वेबकास्टिंग उन्होंने कहा, 'अन्य नई सुविधाओं में सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग और ईवीएम डेटा में विसंगति की शिकायत के मामले में वीवीपीएटी पर्चियों का अनिवार्य सत्यापन शामिल है.' उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया 22 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएगी, जब वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. आपको बता दें कि बिहार चुनाव में सत्ताधारी एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी इस बार मैदान में है. इस विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, प्रवासन और स्थानीय मुद्दे प्रमुख होंगे. आयोग ने जेल में बंद व्यक्तियों के नामांकन पर संसदीय कानूनों का हवाला देते हुए फैसला लेने की बात कही.