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सजा-ए-मौत टली, निमिषा प्रिया को भारत सरकार से मिला जीवनदान

नई दिल्ली यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार के प्रयासों के चलते फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने उनकी सजा को टाल दिया है। निमिषा प्रिया के वकील और परिजनों को वक्त दिया है कि वे मृतक तलाल अबदो मेहदी के परिवार से डील कर सकें। उन्हें ब्लड मनी लेने के लिए राजी कर सकें ताकि निमिषा प्रिया की सजा माफ हो जाए। आज सुबह 10:30 बजे मीटिंग थी, जिसके बाद यह फैसला हुआ है। इस मीटिंग में केरल के एक मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दोस्त शेख हबीब उमर भी मौजूद थे। अब तक यमन की अदालत पर तय था कि निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को सजा-ए-मौत दी जाएगी, लेकिन अब इसे टाल दिया गया है। इस मामले में भारत सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे थे कि किसी तरह निमिषा प्रिया की जान बचा ली जाए। अब तक इस मामले में कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब सरकार के प्रयासों से निमिषा प्रिया और मृतक तलाल आबदो मेहदी के परिवार को किसी डील तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय देने पर सहमति बनी है। तलाल आबदो मेहदी का परिवार अब तक ब्लड मनी लेने के लिए राजी नहीं हुआ है। भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि यह मामला संवेदनशील है और औपचारिक तौर पर कोई कदम उठाना थोड़ा मुश्किल था। इसके बाद भी वहां मौजूद दूतावास और विदेश मंत्रालय ने प्रयास किए और अब सजा को टालने में सफलता मिली है। बता दें कि सोमवार को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान अदालत ने सरकार से पूछा था कि आखिर आप निमिषा को लेकर क्या कदम उठा रहे हैं। इस पर केंद्र सरकार ने कहा था कि यमन थोड़ा अलग देश है। वहां के नियम और कानून भी अलग हैं। हमारी ओर से प्रयास जारी हैं, लेकिन बहुत ज्यादा कुछ करने की स्थिति में हम नहीं हैं। कैसे केरल के सुन्नी नेता के दखल से फूटी उम्मीद की किरण फिर आज खबर मिली कि यमन में सुन्नी मुस्लिम लीडर अबू बकर मुसलियार के दखल से एक मीटिंग हो रही है। केरल के ही रहने वाले मुसलियार ने यमन में अपने मित्र और वहां की शूरा काउंसिल के मेंबर शेख हबीब उमर से संपर्क साधा और उन्होंने मध्यस्थता की मीटिंग में जाने का फैसला लिया। बता दें कि निमिषा प्रिया ने तलाल आबदो मेहदी के उत्पीड़न से तंग आकर उसे ड्रग्स दी थी ताकि उससे अपना पासपोर्ट हासिल कर सकें। लेकिन ड्रग्स की ओवरडोज के चलते उसकी मौत हो गई। इसी मामले में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई है।  

समंदर में लैंडिंग के बाद क्या है अगला स्टेप? शुभांशु शुक्ला की नॉर्मल लाइफ में वापसी का टाइमलाइन

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से पृथ्वी वापसी के सफर पर हैं. उनके साथ Axiom-4 मिशन (Ax-4) पर गया चार सदस्यीय दल ने सोमवार शाम करीब 4:50 बजे (भारतीय समय) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से विदाई ली. स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ‘ग्रेस’ अब साढ़े 22 घंटे की यात्रा के बाद मंगलवार 15 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे अमेरिका के कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में स्प्लैशडाउन करेगा. यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए ऐतिहासिक था, क्योंकि चार दशकों बाद इन देशों के अंतरिक्ष यात्रियों ने किसी मानवयुक्त मिशन में भाग लिया. मिशन का नेतृत्व अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और Axiom की कमांडर पेगी व्हिटसन ने किया. पृथ्वी पर धमाके के साथ होगी एंट्री स्पेसएक्स ने मंगलवार सुबह एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट और Axiom Space के Ax-4 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी के वायुमंडल में 2:31 AM PT (भारतीय समय 3:01 बजे) पर प्रवेश करेंगे और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन करेंगे. स्पेसएक्स ने जानकारी दी है कि ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट एक तेज सॉनिक बूम (sonic boom) के साथ अपने आने का ऐलान करेगा, जो वायुमंडल में उच्च गति से प्रवेश करने पर उत्पन्न होता है. 15 जुलाई 2025 को स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान और एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) का चालक दल पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. यह टीम अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से 14 जुलाई को अलग होकर अब सैन डिएगो, कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में उतरने (splashdown) की तैयारी कर रही है. ड्रैगन एक जोरदार आवाज (सोनिक बूम) के साथ अपने आगमन की घोषणा करेगा. वापसी की योजना और टाइम टेबल ड्रैगन यान और Ax-4 क्रू की पृथ्वी पर वापसी एक सटीक प्रक्रिया होगी, जिसमें कई चरण शामिल हैं. एक्सिओम स्पेस और नासा की टीम ने इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए समय सारणी तैयार की है…     2:07 PM IST: डीऑर्बिट बर्न – यान अपनी कक्षा से बाहर निकलने के लिए इंजन जला कर गति कम करेगा.     2:26 PM IST: ट्रंक जेटिसन – यान का अतिरिक्त हिस्सा (ट्रंक) अलग हो जाएगा.     2:30 PM IST: नोजकोन बंद – यान का अगला हिस्सा बंद होगा ताकि उतरने के लिए तैयार हो सके.     2:57 PM IST: ड्रोग्यू पैराशूट्स तैनात – छोटे पैराशूट खुलेंगे, जो यान की गति को धीमा करेंगे.     2:58 PM IST: मुख्य पैराशूट्स तैनात – बड़े पैराशूट खुलेंगे, जो यान को सुरक्षित उतारने में मदद करेंगे.     3:00 PM IST: ड्रैगन स्प्लैशडाउन – यान प्रशांत महासागर में पानी पर उतरेगा. इस प्रक्रिया के दौरान, ड्रैगन एक संक्षिप्त सोनिक बूम पैदा करेगा, जो ध्वनि की गति से तेज गति के कारण होगा. यह आवाज सैन डिएगो तट पर सुनाई दे सकती है और स्थानीय लोगों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा. चालक दल और मिशन का सफर Ax-4 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जो 25 जून 2025 को लॉन्च होने के बाद 26 जून को ISS से जुड़े थे. इनमें शामिल हैं…     पैगी व्हिटसन (कमांडर): नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री.     शुभांशु शुक्ला (पायलट): भारत के ISRO अंतरिक्ष यात्री, जो भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं.     स्लावोश उज़नांस्की-विस्निव्स्की: पोलैंड से ESA प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री.     टिबोर कपु: हंगरी के HUNOR प्रोग्राम से अंतरिक्ष यात्री. इन अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS पर 18 दिन बिताए और 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जैसे मांसपेशियों की हानि, मानसिक स्वास्थ्य और अंतरिक्ष में फसल उगाने पर शोध. शुभांशु शुक्ला ने भारत के लिए यह गर्व का पल बनाया.  अंतरिक्ष में ग्रुप फोटो का मजेदार तरीका अंतरिक्ष में ग्रुप फोटो लेना आसान नहीं है, क्योंकि वहां कोई राहगीर नहीं होता जो फोटो खींच सके. Ax-4 क्रू ने इस समस्या का अनोखा हल निकाला. उन्होंने एक कैमरा सेट किया, जो हर 5 सेकंड में फोटो लेता है. फिर वे अपनी पोजीशन में आते हैं और कैमरे की ओर मुस्कुराते हैं. अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने फोटो सेशन को मजेदार बनाया, और ये तस्वीरें उनके मिशन की यादगार बन गईं. सात दिन आइसोलेशन में रहेंगे शुभांशु  शुभांशु शुक्ला के 15 जुलाई 2025 को पृथ्वी पर लौटने के बाद, उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के प्रभावों से उबरने के लिए 7 दिनों तक पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) में रहना होगा. यह अवधि चिकित्सा निगरानी में होगी ताकि वे पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण में फिर से सामंजस्य बिठा सकें.

मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की दुबई के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश है निवेश के लिए श्रेष्ठ गंतव्य मप्र में निवेश को लेकर दुबई के निवेशक उत्साहित, निवेश की संभावनाओं पर हुआ व्यापक संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई निवेश यात्रा के दौरान सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और औद्योगिक समूहों से वन-टू-वन चर्चा हुई, जिसमें मध्यप्रदेश में बहु-क्षेत्रीय निवेश की संभावनाओं पर व्यापक और सकारात्मक संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स (GII) के सह-संस्थापक एवं सह-सीईओ श्री पंकज गुप्ता से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक रियल एस्टेट, शिक्षा, खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्माण क्षेत्र में संभावित निवेश पर चर्चा की। जीआईआई एक शरिया-संगत वैकल्पिक निवेश फर्म है जो वैश्विक स्तर पर विविध क्षेत्रों में निवेश करती है और अब मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटा समूह के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं ग्रोथ (MENA रीजन) प्रमुख श्री अंकुर गुप्ता से भी मुलाकात की। चर्चा में आईटी, ऊर्जा, स्टील, ऑटोमोबाइल, एयरलाइंस, उपभोक्ता उत्पाद और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश केंद्र स्थापित करने हेतु आमंत्रित करते हुए राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और त्वरित अनुमतियों की जानकारी दी। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम (GMBF) के अध्यक्ष डॉ. सुनील मांजरेकर के साथ बैठक में GMBF द्वारा मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से सीधे संवाद के लिए मंच प्रदान करने सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने GMBF की ग्लोबल कनेक्ट सीरीज़ के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बीडीओ एज के हेड ऑफ एडवायजरी श्री शिवेंद्र झा ने भेंट कर भोपाल में 150-सीटर ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर की स्थापना और इंदौर में प्रस्तावित दूसरा डिजिटल सेंटर की जानकारी साझा की। यह केंद्र डिजिटल व परामर्श सेवाओं में रोजगार सृजन करेगा। साथ ही अगले तीन वर्षों में 800-1000 उच्च-कुशल नौकरियों के सृजन का लक्ष्य है। शराफ डीजी ग्रुप के चेयरमैन श्री इब्राहिम शराफ के साथ हुई बैठक में मध्यप्रदेश में 30-50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से रेल साइडिंग लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिससे राज्य में 300 से 600 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एस्सार अल घुरैर इन्वेस्टमेंट के प्रतिनिधि श्री योसेफ अल गुरैर से मुलाकात कर खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य तेल शोधन इकाई और कोल्ड चेन वेयरहाउस परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया। समूह ने राज्य के किसानों से दीर्घकालिक अनुबंधों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की इच्छा जताई। कोनेरिस ग्रुप के सीईओ श्री भरत भाटिया ने मध्यप्रदेश में USD 75 मिलियन लागत से स्टील प्लांट की स्थापना की योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष रखी। कंपनी पहले से ही 26 देशों में स्टील उत्पाद भेजती है और भारत में अपनी उपस्थिति राज्य के माध्यम से बढ़ाना चाहती है। एतिसालात ग्रुप के सीईओ श्री खालिद मुर्शिद से स्मार्ट सिटी, 5G नेटवर्क, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल स्किल डवलपमेंट के क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव रखें। कंपनी 16 से अधिक देशों में कार्यरत है और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में रुचि रखती है। ब्रावो फार्मास्युटिकल्स के निदेशक श्री राकेश पांडेय ने फार्मा निर्माण और निर्यात को लेकर निवेश रुचि दिखाई, वहीं स्मार्ट स्टार्ट फंड के श्री प्रशांत गुलाटी ने आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को मध्यप्रदेश में प्रोत्साहित करने की बात कही। अनलाह वेंचर पार्टनर्स के हितेश धनकानी ने म्यूचुअल फंड, बीमा और इक्विटी सेवाओं में निवेश की योजना साझा की और स्पैन कम्युनिकेशन्स के सीईओ श्री नरेश खेतरपाल ने राज्य में पर्यटन, नेचुरोपैथी रिसॉर्ट और क्रूज़ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने हेतु 500 करोड़ रूपये निवेश के साथ 100-150 रोजगार सृजन की संभावना जताई। वहीं, ब्लूवर्स इंडिया के श्री रुशांग शाह ने पर्यावरण-अनुकूल वाहन धुलाई तकनीक और जल संरक्षण आधारित समाधान लाने की योजना साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहायता, नीति समर्थन और त्वरित अनुमतियाँ प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीतियाँ, प्रशिक्षित कार्यबल, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यह यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश नक्शे पर और सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम के विशेष सत्र को किया संबोधित

एमपी के दरवाजे सभी के लिये खुले है, हर सेक्टर में निवेशकों का स्वागत है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में आने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहनकारी नीतियों के अतिरिक्त भी देंगे विशेष सुविधाएं दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम के विशेष सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गरीब से गरीब आदमी को सम्पन्न बनाने का संकल्प है। बदलते दौर का भारत प्रधानमंत्री मोदी के गत 11 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प की पूर्ति के लिए उद्योग और अर्थ-व्यवस्था के क्षेत्र में भारत के निरंतर सशक्त होने में पूरी तरह सहभागी है। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहनकारी नीतियों का लाभ देने के साथ ही नीतियों से हटकर भी अतिरिक्त सुविधाएं देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस- फोरम के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पर्यटन,टेक्सटाइल और एमएसएमई सहित अन्य सेक्टर्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता यह है कि उद्यमी न करे धनसंग्रहित बल्कि उस धन को उद्यम में लगाकर अपने व्यवसाय को और बढ़ाएं। इससे व्यापार कई गुना बढ़ जाता है। व्यापार की यह समझ दुबई के उन उद्योगपतियों में है जो भारतीय हैं और इस देश के विकास में विशेष सहयोगी हैं। टेक्समास टेक्सटाइल क्षेत्र देखकर सुखद अनुभव हुआ है, यहां योजना पक्ष की श्रेष्ठता देखने को मिली है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों का स्वागत कर रहा है। हम इसी उद्देश्य से दुबई आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीब से गरीब की जिंदगी बेहतर करने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिला पाएं, इसके लिए सरकार सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उद्योगपतियों के आगे बढ़ने के पीछे भारतीय संस्कृति और खान-पान की बड़ी भूमिका है। मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। राज्य सरकार दीर्घकालिक प्रगति के उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के जो लाभ हैं उनके बारे में मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। भारत के साथ दुबई के परस्पर प्रगाढ़ व्यापारिक संबंध हैं। दुबई का इतिहास देखें तो 19वीं सदी में यह मत्स्य पालन और मत्स्य आखेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1950 से 1970 के मध्य तेल की उपलब्धता ने इस क्षेत्र को बदल दिया। आज दुबई गगनचुम्बी अट्टालिकाओं के कारण जाना जाता है। यूएई की वर्तमान दशा में विश्व बंधुत्व का भाव भी शामिल है। वस्तुत: यह भारतीय दर्शन है। अरब के इस क्षेत्र ने हमारी भावना को अंगीकार किया है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो कहीं भी जाकर समरस हो जाते हैं। अधिकांश बड़े आईआईटी या आईआईएम से शिक्षित नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभव इन डिग्रियों से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुबई में भारत के मसालों की महक और व्यंजन का लाभ लेने का भी अवसर मिला इसकी कोई तुलना नहीं है। अब मेट्रो और बुलेट ट्रेन दुबई की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धन दौलत के साथ मन का प्रेम भी महत्वपूर्ण है। यहां बसे भारतीयों से ऐसा ही स्नेह मिला। दुबई पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद भी देखने को मिलता है। आपरेशन सिंदूर की सफलता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल युग से दुनिया छोटी हो गई है। बिना हिले -डुले करोड़ों का व्यवसाय किया जा सकता है। यही परिवर्तन युद्ध क्षेत्र में भी देखने को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संकल्प दुनिया को दिखा दिया कि हम शत्रु के घर जाकर उसे मार सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जीयो और जीने का संदेश भी दिया है। भारत का विरोध किसी देश से न होकर आतंकवादियों से है। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए चाहिए व्यापार की समझ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर वर्ष 2025 तक दुबई के साथ द्वि-पक्षीय संबंध विकसित किए हैं। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए व्यापार की समझ होना चाहिए। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने 90 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी फ्री करने का कार्य किया। दुबई से उन्होंने दुनिया के द्वार खोले जो एक उदाहरण है। आज अन्य देश भी दुबई मॉडल के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि फूड चैन सप्लाई से लेकर अन्य क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के दुबई से मजबूत संबंध रहेंगे। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले दस वर्ष में बदल गई है। भारत जहां 11वें स्थान पर था अब तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है। एविएशन सेक्टर में टाटा संस्थान ने मजबूती प्रदान की है। भारत में भी मेट्रो और वंदेभारत से आगे बढ़कर अहमदाबाद से मुम्बई के मध्य बुलेट ट्रेन शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का सोना जो अन्य देशों में था उसे वापस लाने का बड़ा कार्य भी किया है। इस तरह भारत की साख बढ़ाने का कार्य सक्षम प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे हैं। किसान कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं और अन्य फसलों पर‍किसानों को अच्छी कीमत देने के लिए रणनीति तैयार की गई। किसान का उत्पादन उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां बेहतर दाम मिल सकता है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी है। यहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी दुबई सहित अन्य देशों के उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं। इससे पहले अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से अग्रणी बन रहा है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में टेक्नोलॉजी की लहर चल रही है। इंदौर और भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में तकनीकी प्रतिभा और आधारभूत संरचना दोनों उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्वच्छ वातावरण, ट्रांसपोर्टेशन समय में कमी, तकनीकी दक्ष युवा सहित कई सुविधाएं मौजूद है, जो राज्य को देश में तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी … Read more

IRCTC का नया नियम: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले जारी होगा रिजर्वेशन चार्ट, जानें नया नियम

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे में अब यात्रियों के लिए आरक्षण सूची तैयार करने की समय-सीमा में बदलाव होने जा रहा है। इसके तहत ट्रेन के प्रस्थान समय से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी हो जाएगी। भोपाल मंडल के साथ पश्चिम मध्य रेलवे के अन्य मंडलों में भी इसे 15-16 जुलाई की मध्य रात्रि से लागू कर दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों को यात्रा से पहले टिकट कन्फर्मेशन की स्थिति जानने में बड़ी राहत देगी। रेल अधिकारियों ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह आठ बजे रवाना होने वाली ट्रेनों की आरक्षण सूची 15-16 जुलाई की रात 12 बजे जारी हो जाएगी। छिंदवाड़ा से इंदौर जाने वाली पंचवैली एक्सप्रेस पहली ट्रेन होगी, जिसकी आरक्षण सूची भोपाल में रात 12 बजे तैयार हो जाएगी। अभी तक की व्यवस्था में ट्रेन के प्रस्थान समय से चार घंटे पहले आरक्षण सूची जारी होती थी। स्टेशन जाने के बाद पता चलता है टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं इसकी वजह से प्रतीक्षा सूची में शामिल ऐसे लोगों को दिक्कत होती थी, जो दूर से आते थे। उन लोगों को पांच-छह घंटे पहले रेलवे स्टेशन के लिए निकलना पड़ता था, तब तक उन्हें यह पता नहीं रहता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। प्राय: ऐसे लोगों को स्टेशन जाने के बाद पता चलता कि उनका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ। इस स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को ट्रेन छूटने से आठ घंटे पहले से ही जानकारी मिल सकेगी कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इससे वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की योजना बना सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने टिकट आरक्षण व्यवस्था में यह बदलाव एक जुलाई से लागू किया था। ये किए गए बदलाव . जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय 05:00 बजे सुबह से 14:00 बजे दोपहर के बीच है, उनका पहला आरक्षण चार्ट पिछले दिन रात 9:00 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा. . जिन ट्रेनों का प्रस्थान 14:00 बजे दोपहर से 23:59 रात तथा 00:00 से 05:00 बजे सुबह के बीच है, उनका पहला चार्ट प्राथमिकता के अनुसार 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. . द्वितीय आरक्षण चार्ट की तैयारी की वर्तमान व्यवस्था यथावत बनी रहेगी। . ये निर्देश रिमोट लोकेशनों (Remote Locations) पर चार्टिंग के लिए भी लागू होंगे. यानी सभी ट्रेनों में यह नियम लागू रहेगा. इमरजेंसी कोटा के आवेदन में किए गए बदलाव चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव के अनुसार, EQ (आपातकालीन कोटा) के आवेदन समय में भी बदलाव किया गया है. .अगर ट्रेन छूटने का समय 13:00 से 15:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 10:00 बजे तक आवेदन देना होगा. .अगर ट्रेन छूटने का समय 15:00 से 18:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक आवेदन देना होगा. . अगर ट्रेन छूटने का समय 18:00 से 24:00 और 00:00 से 13:00 तक है तो ट्रेन प्रस्थान के एक दिन पूर्व 14:00 बजे तक आवेदन देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर एक दिन पूर्व 12 :00 बजे तक देना होगा.   रेल यात्रियों को मिलेगी सुविधा     रेल यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेन के रवाना होने से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी की जाएगी। भोपाल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे में यह व्यवस्था 15-16 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू की जा रही है। -नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल रेल मंडल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. ज़ेयूदी से चर्चा

दुबई यात्रा का दूसरा दिन समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) से बढ़ेगा भारत-यूएई व्यापार, मध्यप्रदेश बना सहयोग का नया केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के विदेश व्यापार राज्यमंत्री डॉ. ज़ेयूदी से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत-यूएई CEPA एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करता है, और मध्यप्रदेश इस साझेदारी का पूर्ण लाभ उठाकर निवेश, व्यापार, और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश: निवेश का नया वैश्विक केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक स्थिति, उन्नत बुनियादी ढांचे और बेहतर उद्योग नीति समर्थन ने इसे लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल, रक्षा विनिर्माण और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में यूएई के निवेश का स्वागत किया। खाद्य और कृषि तकनीक में सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-तकनीक में यूएई के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त किया जा सके। अक्षय ऊर्जा और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में भागीदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. जेयूदी को सौर ऊर्जा, स्मार्ट ऑटोमेशन, एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में यूएई की विशेषज्ञता को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रही नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं यूएई के निवेशकों के लिए निवेश का आकर्षक अवसर हैं। प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क और क्लस्टर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि धार में पीएम मित्रा पार्क (वस्त्र), तामोट और बिलौआ में प्लास्टिक पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, पीथमपुर में ऑटो, भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक्स, और देवास में फार्मा क्लस्टर यूएई के निवेशकों के लिए तैयार हैं, जहां अधोसंरचना के साथ मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग मित्र पॉलिसी उनका स्वागत करने के लिये तैयार है। मानव संसाधन और कौशल विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से भोपाल स्थित “ग्लोबल स्किल पार्क”, विकसित हो रहा है। यह पार्क लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और मेकाट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा जो यूएई की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। पर्यटन, खनिज और फार्मा में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की पर्यटन क्षमता, खनिज संपदा (हीरा, तांबा, बॉक्साइट, चूना पत्थर), और WHO-GMP व USFDA प्रमाणित फार्मा इकाइयाँ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करती हैं। UAE-केंद्रित निवेश नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिये राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2025 में कई अहम बदलाव किए गए हैं। यूएई जैसे रणनीतिक साझेदारों के लिए रियायती भूमि, 100% SGST प्रतिपूर्ति और पूंजीगत अनुदान जैसे विशेष प्रावधान किये गये हैं जो मध्यप्रदेश के साथ निवेश को सशक्त बनाती है। I2U2 सहयोग की दिशा में कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को I2U2 (इंडिया, इज़राइल, यूएई और अमेरिका) की रणनीतिक साझेदारी के तहत क्लीन टेक्नोलॉजी, फूड कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल इनोवेशन क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट्स के लिये उपयुक्त बताया। यह बैठक न केवल भारत-यूएई CEPA को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक निर्णायक भूमिका में स्थापित करने की ओर बढ़ता कदम भी साबित हुई है।  

आज से 75 साल बाद भारत की जनसंख्या चीन के दोगुने से भी ज्यादा, औसत आयु बढ़कर होगी 42 साल, ढाई अरब होंगे बुजुर्ग

नई दिल्ली भारत दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश है। चीन दूसरे नंबर पर है, लेकिन आने वाले दशकों में तस्वीर बदलने वाली है। प्यू रिसर्च के अनुसार आने वाले दशकों में भारत युवा आबादी वाला देश नहीं रह जाएगा और आबादी की ग्रोथ धीमी होती जाएगी। आबादी की ग्रोथ की दर में गिरावट अब भी है, लेकिन इसमें और कमी आएगी। यही नहीं वर्ष 2061 तक तो भारत की आबादी बढ़कर 1.7 अरब हो जाएगी, लेकिन उसके बाद यह धीरे-धीरे गिरने भी लगेगी और वर्ष 2100 में 1.5 अरब हो जाएगी। अनुमान के मुताबिक चीन की आबादी वर्ष 2100 में 63 करोड़ ही रह जाएगी। इसके अलावा अमेरिका की आबादी 42 करोड़ होगी। यहां यह बात दिलचस्प है कि अमेरिका की आबादी तो धीरे-धीरे ही सही बढ़ेगी, लेकिन भारत की जनसंख्या में कमी आ जाएगी। सबसे दिलचस्प तथ्य है कि आबादी में कमी के बाद भी 2100 यानी आज से 75 साल बाद भारत की जनसंख्या चीन के दोगुने से भी ज्यादा होगी। एक तरफ वर्ष 2100 में भारत की आबादी 1.5 अरब होगी तो वहीं चीन की जनसंख्या 63 करोड़ ही रह जाएगी। इसकी वजह यह है कि चीन में लंबे समय तक चली एक बच्चा नीति को लोगों ने आत्मसात कर लिया है। भले ही चीन की सरकार ने अब यह नीति खत्म कर दी है और वह आबादी में ग्रोथ को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन चीनी अब ज्यादा बच्चे पैदा करने को लेकर उत्सुक नहीं हैं। पाकिस्तान में कैसे जारी रहेगा आबादी का विस्फोट अब एक और दिलचस्प तथ्य पर बात कर लेते हैं। प्यू रिसर्च के अनुसार वर्ष 2100 में दुनिया की आबादी की ग्रोथ में 60 पर्सेंट हिस्सेदारी 5 देशों की रहेगी- कॉन्गो, इथियोपिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान और तंजानिया। इस अनुमान से साफ है कि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में मानव आबादी का विस्फोट जारी रहेगा। पाकिस्तान में आबादी को नियंत्रित करने के उपायों की कमी पाई जाती है। इसका कारण अशिक्षा, गरीबी समेत कई चीजें हैं। बता दें कि दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले 10 देशों में नाइजीरिया और इथियोपिया शामिल हैं। दोनों ही अफ्रीकी देश हैं। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि आने वाले दशकों में अफ्रीकी देश ही दुनिया में सबसे युवा रहेंगे। दुनिया की औसत आयु बढ़कर होगी 42 साल, ढाई अरब होंगे बुजुर्ग इसके अलावा अमेरिका फिलहाल दुनिया का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है, लेकिन वर्ष 2100 तक वह छठे नंबर पर होगा। एक तथ्य यह भी है कि वर्ष 2100 तक दुनिया की औसत आयु किसी अधेड़ शख्स के जितनी होगी। प्यू रिसर्च के अनुसार 2100 में दुनिया के लोगों की औसत आयु 42 साल होगी, जो फिलहाल 31 वर्ष है। यही नहीं स्वास्थ्य का भी एक संकट होगा क्योंकि 2.4 अरब लोग 65 साल या फिर उससे अधिक आयु के होंगे।

भोपाल से लखनऊ के लिए पहली वंदे भारत ट्रेन अक्टूबर में होगी शुरू, जानिए रूट और टाइमिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के कोच अलॉट हो चुके हैं और अगस्त के पहले हफ्ते में भोपाल को ये रैक मिलने वाले हैं। अगस्त में ट्रायल, अक्टूबर तक शुरू होगा संचालन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच अगस्त में आते ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। करीब 15 दिनों तक ट्रेन का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल-लखनऊ के बीच इस ट्रेन का रेगुलर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। भोपाल से पटना तक भी सुविधा इस वंदे भारत का फायदा भोपाल से पाटलिपुत्र यानी पटना की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। अभी भोपाल से पटना के लिए हफ्ते में सिर्फ एक ही ट्रेन है। वंदे भारत शुरू होने से अब इस रूट पर यात्रियों को और विकल्प मिल जाएगा। पहले सिटिंग, फिर स्लीपर क्लास की सुविधा मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में सिर्फ चेयर कार यानी बैठने वाले कोच चलाए जाएंगे। लेकिन आगे चलकर स्लीपर क्लास वंदे भारत भी इस रूट पर चलाई जाएगी, जिससे रात के सफर में यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा। रानी कमलापति स्टेशन तैयार, पिट लाइन भी बन चुकी है भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के लिए खास तैयारी की गई है। यहां तीसरी पिट लाइन का काम पूरा हो गया है और ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए आरओएच शेड भी बनाया जा रहा है। जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश की तकनीक से लैस इस शेड में कोचों की मेंटेनेंस आसानी से हो सकेगी। सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ अभी भोपाल से लखनऊ के बीच करीब 590 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 से 11 घंटे का वक्त लग जाता है। क्योंकि इस रूट पर एक ही ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलती है, तो यात्रियों को भारी वेटिंग और परेशानी झेलनी पड़ती है। वंदे भारत के शुरू होते ही ये सफर सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा। लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी राहत भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस कई सालों से मांग में थी। अब जब इसकी शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है, तो यह हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेल सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिसमें चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी। इसके बाद नवंबर तक स्लीपर वर्जन की शुरुआत की जा सकती है, जिसका निर्माण चेन्नई में किया जा रहा है। संभावित मार्ग व संचालन समय भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू की जाएगी। ट्रेन का रैक सितंबर की शुरुआत में भोपाल पहुंचेगा, जिसके बाद 10 से 15 दिन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के सफल रहने और रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संभावित मार्ग में भोपाल, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर सेंट्रल जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं। भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त  मिलेंगे कोच  भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त में रैक मिल सकते हैं। रैक आने के बाद 10 से 15 दिन के ट्रायल रन के बाद सितंबर के अंतिम या अक्टूबर के पहले हफ्ते यह ट्रेन शुरू की जा सकती है।  आगे की प्रक्रिया के लिए रेल मंत्रालय के आदेश का इंतजार है। भोपाल से पटना के लिए आमतौर पर साप्ताहिक छोड़कर अन्य कोई ट्रेन नियमित तौर पर नहीं चलती। इसी तरह भोपाल से लखनऊ के लिए चलने वाली भोपाल-लखनऊ- प्रतापगढ़ सप्ताह में तीन दिन ही है। इन दोनों ही स्थानों के लिए स्लीपर श्रेणी में 50 से 100 के बीच वेटिंग अक्सर रहती है। इसी तरह एसी 3 श्रेणी में भी वेटिंग के हालात बने रहते हैं। इन्हें देखते हुए रेल मंत्रालय ने करीब 3 साल पहले भोपाल से पाटलिपुत्र और लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। बताया जाता है कि सिटिंग श्रेणी की ट्रेन बेंगलुरू में बनाई जाती है। जबकि, स्लीपर श्रेणी की गाड़ी के कोच चेन्नई में बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले सिटिंग श्रेणी की वंदे भारत का रैक मिलेगा। उसके कुछ दिन के भीतर स्लीपर श्रेणी की वंदे भारत मिल जाएगी। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है     भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर में शुरू की जा सकती है। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का शेड्यूल अभी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नहीं किया गया है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल    

भोपाल की बड़ी झील लबालब, भदभदा डैम के गेट खोलने की तैयारी में प्रशासन

भोपाल  नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। लगातार हो रही बारिश के चलते बड़ी झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अगर इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो जुलाई महीने के अंत तक भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। रविवार दोपहर तक झील का जलस्तर 1660.10 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट है, जिस पर गेट खोले जाते हैं। नगर निगम ने संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए भदभदा डैम पर दो इंजीनियरों की 24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगा दी है। ये इंजीनियर लगातार झील के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और पल-पल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे रहे हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि जल आपूर्ति के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है और कई डैम पहले ही ओवरफ्लो हो चुके हैं। भोपाल में भी रोजाना अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे जलस्रोतों में भरपूर पानी एकत्र हो रहा है। यदि बारिश का यही रुख बना रहा, तो कुछ ही दिनों में बड़ी झील का जलस्तर फुल टैंक लेवल को छू सकता है, जिससे भदभदा डैम के गेट खोलने की नौबत आ सकती है। कोलांस नदी के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश से भर रही झील वाटर वर्क्स के इंजीनियर अजय सिंह सोलंकी के मुताबिक, झील के जलस्तर में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कोलांस नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश है। यह नदी मुख्यतः सीहोर जिले से बहती है और इसका पानी राजधानी की बड़ी झील तक पहुंचता है। पिछले एक सप्ताह से इसी कारण झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तिघरा समेत कई डैम उफान पर, एमपी में रेड अलर्ट   मौसम विभाग (IMD) ने मध्यप्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है, अगले 24 घंटों में कई जिलों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है. ग्वालियर स्थित तिघरा (Tigra) डैम का जलस्तर अब 737.80 फिट तक पहुंच चुका है, जो इसकी अधिकतम क्षमता 740 फ़ीट के बेहद करीब है. यदि बारिश इसी गति से जारी रही, तो डैम के तीनों गेट खोलने पड़ेंगे. इसकी आशंका के कारण, प्रशासन ने ग्राम तिघरा, कैथा, तालपुरा, महिदपुर, पृथ्वीपुर, कुलैथ, अगरा भटपुरा, दुगनावली, तिलघना (ग्वालियर) और पहाड़ी, जखौदा, बानमोर (मुरैना) को अलर्ट घोषित कर मुनादी की है. लोगों को नदी के किनारे और निचले इलाकों में जाने से मना किया गया है. भारी बारिश से बाढ़ की आशंका, तिघरा समेत कई डैम उफान पर, एमपी में रेड अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. रीवा, सतना और जबलपुर में मूसलाधार बारिश की संभावना है, जबकि इंदौर, मंदसौर, सागर और छिंदवाड़ा में भी भारी वर्षा का अनुमान है. इस दौरान तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है. भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर, इंदौर, उज्जैन और होशंगाबाद संभागों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है. प्रशासन ने संबंधित जिलों को रेड अलर्ट पर रखा है और नदी-नालों के आसपास बसे गांवों में सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं. अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं. मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. तिघरा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. तिघरा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और इसे किसी भी वक्त खोला जा सकता है. डैम के आसपास के गांवों – कैथा, कुलैथ, तालपुरा, और पृथ्वीपुर समेत दर्जनों बस्तियों में बाढ़ की आशंका जताई गई है. जिला प्रशासन ने SDRF और नगर निगम की टीमें अलर्ट पर रखी हैं और गांवों में मुनादी करवाई जा रही है. रीवा, सागर और जबलपुर में भारी बारिश उधर रीवा और सागर संभाग में भी बारिश का जोर बना हुआ है. खेतों में जलजमाव और ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों पर खतरा गहराने लगा है. कई जगहों पर दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. जबलपुर में अत्यधिक बारिश के आसार हैं. नर्मदा समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. चेतावनी के तहत निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. घाटों और तटीय इलाकों में जाने से मना किया गया है. इंदौर, उज्‍जैन, मंदसौर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम में बारिश का कहर इंदौर, उज्जैन और मंदसौर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर जारी है. इन इलाकों में कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं और ट्रैफिक प्रभावित हुआ है. उज्जैन और रतलाम के पिकनिक स्पॉट्स और झरनों पर लोगों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई है. छिंदवाड़ा और होशंगाबाद संभाग में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है. तवा, डेनवा और अन्य नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने एहतियातन लोगों को उफनते नालों से दूर रहने की सलाह दी है. बड़ी झील के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी     बड़ी झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोलांस नदी के कैचमेंट में अच्छी बारिश हो रही है। इसका फायदा बड़ी झील को मिल रहा है। – उदित गर्ग, अधीक्षण यंत्री, जलकार्य शाखा  

पाठ्यक्रम में होगा बड़ा बदलाव, छात्रों को सिखाई जाएगी अपने राज्य की विरासत और भूगोल

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम पर फोकस होने की वजह से स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रदेश के इतिहास, भूगोल, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक ढांचे की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में तय हुआ है कि पाठ्यक्रम का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश के इतिहास, भौगोलिक-सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिवेश पर केंद्रित रहेगा। दरअसल, मध्य प्रदेश के स्कूलों में भाषा को छोड़कर अन्य सभी विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम चलता है। अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभाग के अधिकारियों को एनसीईआरटी के लिए पत्र लिखकर इस योजना के मुताबिक बदलाव करने की अनुमति मांगने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह निर्देश हाल में हुई नई शिक्षा नीति 2020 की टास्क फोर्स समिति की बैठक में दिए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा में भी प्रदेश का इतिहास, धरोहर, सांस्कृतिक विरासत समेत अन्य स्थानीय पाठ्यक्रम शामिल होना चाहिए। एनसीईआरटी की पुस्तकों में 25 से 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम मध्य प्रदेश का होना चाहिए। एनसीईआरटी से अनुमति मिलने के बाद पाठ्यक्रम समिति स्थानीय स्तर का पाठ्यक्रम प्रदेश की स्कूली शिक्षा की किताबों में शामिल करेंगे। नए पाठ्यक्रम को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार किया जाएगा। एससीईआरटी एकल इकाई बनेगी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मजबूत किए जाने के लिए संचालक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। यह एकल इकाई के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए एससीईआरटी को मजबूत करना होगा। अब बच्चे पढ़ेंगे अपने वीरों की कहानियां स्कूल एजुकेशन में नया अध्याय शुरू हो गया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास, शिवाजी और दयानंद सरस्वती जैसे महान व्यक्तियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी. इस नए सिलेबस का मकसद बच्चों में अपने राज्य के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व और आत्मविश्वास पैदा करना है. राजस्थान सरकार ने नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने के लिए शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को एक नया सिलेबस पढ़ाया जाएगा जिसमें राज्य के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को प्रमुखता दी गई है. यह बदलाव 2025-26 के नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा. आइए जानें School Syllabus Change के बारे में विस्तार से.