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11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की परंपरा

लोक कल्याण के आगे गोरक्षपीठ ने कभी नहीं की परंपरा की परवाह 11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की  परंपरा बतौर सीएम बार बार नोएडा और अयोध्या जाकर भी दी परंपरा को चुनौती  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में थे। इस दौरान उन्होंने एक्सपोमार्ट जाकर  25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी ट्रेड शो की तैयारियों का निरीक्षण किया। चंद रोज बाद भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नोएडा में होंगे। अवसर होगा एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण का। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी विकास परियोजनाओं के शिलान्यास, लोकार्पण, समीक्षा बैठकों के लिए करीब 20 बार नोएडा जा चुके होंगे। यह वही नोएडा है जिसे तीन दशक तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने अभिशप्त शहर मान लिया था। मान्यता थी कि जो बतौर सीएम नोएडा गया, उसे कुर्सी से हाथ धोनी पड़ी। कुर्सी को ही सब कुछ मानने वालों के दिलोदिमाग में यह डर इतना बैठ गया कि कोई नोएडा जाता ही नहीं था। दरअसल, योगी गोरखपुर स्थित जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं वह शुरू से ऐसी मान्यताओं का विरोधी रही है। अस्पृश्यता के दौर में योगी के गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का काशी के डोमराजा के घर भोजन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। बाद में तो सामाजिक समरसता के लिए सहभोज पीठ ने इसकी परंपरा ही शुरू कर दी। ग्यारह साल पूर्व नवरात्र में जब योगी ने तोड़ी थी पीठ की परंपरा बात करीब 11 साल पुरानी है। सितंबर खत्म होने को था। गुलाबी सर्दी की शुरुआत हो चुकी थी। शारदीय नवरात्र के दिन चल रहे थे। साल के दोनों नवरात्र गोरक्षपीठ के लिए बेहद खास होते है। मंदिर स्थित मठ पर ही सारे अनुष्ठान और पूजन होते हैं। परंपरा के मुताबिक इस दौरान पीठ के पीठाधीश्वर या उनके उत्तराधिकारी मठ की पहली मंजिल से नीचे नहीं उतरते। न जाने कबसे प्रचलित पीठ की इस परंपरा को योगी ने 30 सितंबर 2014 को तोड़ दिया। क्यों तोड़ी थी परंपरा परंपरा तोड़ने की वजह एक ट्रेन हादसा बनी। हुआ यह कि गोरखपुर स्थित नंदानगर क्रासिंग पर कृषक एक्सप्रेस ने बरौनी एक्सप्रेस में पीछे से टक्कर मार दी। दोनों यात्री ट्रेनें। हजारों की संख्या में यात्री। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं और चोटिल सभी शामिल थे। सबके साथ सामान अलग से। वक्त भी रात का था। वहां से रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर थी। मदद के संसाधन कम थे। लोग चर्चा करते सुने गए छोटे महाराज (योगीजी) आ जाते तो लोगों की समय से प्रभावी मदद हो जाती। मुंहों मुंह बात उन तक पहुंची। स्थित की गंभीरता का उनको अहसास हुआ। परंपरा तोड़ वह मठ से नीचे उतरे और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। जानकारी मिलते ही हजारों  समर्थक भी वहां पहुंच गए। प्रशासन भी अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय हो गया। कुछ देर में सभी यात्रियों को सुरक्षित रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन पहुंचा दिया गया था। जिस अयोध्या का नेता नाम नहीं लेते थे वहां भी बार-बार गये योगी यही नहीं जिस अयोध्या के नाम से राजनीतिक दलों को करंट लगता था, वहां बार-बार जाकर योगी ने साबित किया कि पहले की तरह वह अयोध्या के हैं और अयोध्या उनकी। और, अब तो उनके ही कार्यकाल में उनके गुरु के सपनों के अनुसार अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनकर लगभग तैयार है। मंदिर निर्माण के साथ विभिन्न परियोजनाओं के जरिए अयोध्या का कायाकल्प भी हो रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का शुमार धार्मिक लिहाज से दुनिया के सबसे खूबसूरत धार्मिक पर्यटन स्थलों में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यही मंशा भी है। वह बार बार इसकी चर्चा भी करते हैं।

मुख्यमंत्री की एक और घोषणा पर अमल, 6.69 लाख धान उत्पादक किसान होंगे लाभान्वित

बालाघाट के कटंगी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के धान उपार्जित करने वाले किसानों को बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी से बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों के लिये प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये बोनस देने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा को अमल में लाने के लिये बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को बोनस वितरण के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम आज होगा। कृषि उपज मंडी प्रांगण में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले 6 लाख 69 हजार धान उत्पादक किसानों को 337 करोड़ 12 लाख रुपये की बोनस राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खातों में अंतरित करेंगे। 4315 युवाओं को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 4315 युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान करेंगे और बालाघाट जिले में 244 करोड़ रुपये की लागत के 75 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान-बंधु सहित युवा शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय करने वाले किसानों को 04 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अधिकतम 10 हजार रूपये बोनस देने की घोषणा की थी। बोनस राशि से बालाघाट जिले के एक लाख से अधिक किसान लाभांवित होंगें।  

मोदी सरकार 25 लाख परिवारों को देगी मुफ्त LPG कनेक्शन, हर कनेक्शन पर खर्च होंगे 2,050 रुपये

नई दिल्ली  केंद्र सरकार नवरात्र के अवसर पर महिलाओं को उपहार स्वरूप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 25 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित करेगी. इससे देशभर में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की कुल संख्या 10.6 करोड़ तक पहुंच जाएगी. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने सोमवार को बताया कि सरकार प्रत्येक कनेक्शन पर 2,050 रुपये खर्च करेगी, जिसमें एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, गैस चूल्हा, रेगुलेटर और अन्य संबंधित उपकरण शामिल हैं.     हरदीप पुरी ने इसे महिलाओं के लिए नवरात्र का विशेष उपहार बताया और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी देवी दुर्गा की तरह महिलाओं का सम्मान करते हैं. यह निर्णय माताओं और बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के हमारे संकल्प को और मजबूत करता है.” मंत्री ने यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बताते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं की जीवनशैली में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मुफ्त एलपीजी कनेक्शन से घर में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. जीएसटी सुधारों से बढ़ेगा GDP केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि नए जीएसटी सुधारों से देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि जीएसटी सुधारों से देश की GDP में लगभग 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. नए सुधार सोमवार से लागू हो गए हैं. पुरी ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से सभी वर्गों को लाभ मिलेगा, विशेषकर निम्न मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग. विभिन्न उपभोग वस्तुओं पर लागू कम दरें जनता की खरीदारी क्षमता बढ़ाएंगी और देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाएंगी. मंत्री ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर बढ़ते कदमों में उज्ज्वला योजना और जीएसटी सुधार दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. इन पहलों से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा बल्कि घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, जीवन स्तर में सुधार होगा और देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी. इस नवरात्र पर 25 लाख मुफ्त एलपीजी कनेक्शन का वितरण और जीएसटी सुधार देश में समग्र विकास और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

मध्यप्रदेश को एक और सोने की सौगात: कटनी में जल्द शुरू होगा खनन, इमलिया गोल्ड ब्लॉक तैयार

कटनी   मध्य प्रदेश की धरती बहूमूल्य खनिज तत्वों से भरी पड़ी है. पन्ना में हीरे की खदानें कई सालों से चल रही हैं. पन्ना से सटे छतरपुर जिले में बहुतायत मात्रा में हीरे के भंडार मिले हैं. अब मध्य प्रदेश में सोने के भंडार भी लगातार मिल रहे हैं. हाल ही में सिंगरौली में सोने का खनन करने के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अब कटनी में सोने का भंडार मिला है. सिंगरौली के साथ ही कटनी में सोने के खनन का काम शुरू किया जा रहा है. मुंबई की कंपनी से कटनी प्रशासन का एमओयू कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद क्षेत्र में इमलिया गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग से जल्‍दी ही स्‍वर्ण खनन का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके लिए  शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलेक्‍टर आशीष तिवारी और मुंबई की खनिज पट्टा धारक कंपनी प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स कंपनी के डायरेक्‍टर अविनाश लांडगे के बीच गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग लीज का एग्रीमेंट हुआ. निजी कंपनी को 50 साल के लिए खदान लीज पर कटनी कलेक्‍टर आशीष तिवारी ने बताया "ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्‍यम से मुंबई की प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 50 वर्ष की अवधि के लिए स्‍लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम इमलिया में 6.510 हेक्टेयर क्षेत्र का पट्टा दिया गया है. सोने की खदान शुरू होने से जहां राज्य सरकार का खजाना भरेगा तो वहीं, कटनी जिले में रोजगार की भी संभावना बढ़ गई है." सोने की खदान शुरू होने से कटनी के युवाओं में खुशी की लहर है. कटनी में 14 लाख टन मिनरल्स मिलने की उम्मीद कटनी जिले के खनिज विभाग के उपसंचालक रत्‍नेश दीक्षित ने बताया "कटनी जिले में नये खनिज स्त्रोतों के रूप में स्‍वर्ण (सोना) की खदान में सोने के साथ-साथ बेसमेटल, चांदी, जिंक, लेड (सीसा) और कॉपर भी निकलेगा. जल्‍दी ही कंपनी इमलिया से सोना निकालने के लिये यहां अपना पूरा मशीनरी सिस्‍टम लगाएगी. भू-गर्भशास्त्रियों के प्राथमिक रिपोर्ट में इमलिया गोल्‍ड माइन में करीब 14 लाख टन मिनरल मिलना संभावित है." कटनी जिले में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद के इमलिया गोल्‍ड माइंस से उत्‍खनन कार्य शुरू होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनंगे. सरकार को भी राजस्‍व से खासी आय प्राप्ति होगी. इससे जिले और समूचे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. अभी तक केवल कर्नाटक से ही गोल्‍ड की माइनिंग हो रही थी. लेकिन अब मध्‍यप्रदेश के सिंगरौली व कटनी जिले में भी सोने का खनन शुरू होने जा रहा है. कटनी जिले में चूना, बॉक्साइट, लाइमस्‍टोन व क्रिटिकल मिनरल्‍स बहुतायत में उपलब्‍ध है. सिंगरौली जिले में भी सोने का खनन शुरू सिंगरौली जिले में भी चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पर काम शुरू हो गया है. इससे उत्साहित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा ''मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है और प्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.'' सिंगरौली में सोने के भंडार के खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक का ई-नीलामी के जरिए प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक में 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां 1 लाख 33 हजार 785 टन सोने के भंडार का अनुमान लगाया गया है. 

सरकारी कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट! DA बढ़ोतरी और GST राहत से बढ़ेगी जेब की चमक

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इस दिवाली (Diwali 2025) खुशखबरी आ सकती है. सरकार अक्टूबर 2025 में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance/DA) में बढ़ोतरी का एलान कर सकती है. खबरों के अनुसार, जुलाई-दिसंबर 2025 की पीरियड के लिए डीए में 3 प्रतिशत की वृद्धि तय हो गई है, जिससे मौजूदा 55% डीए बढ़कर 58% हो जाएगा. यह 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत अंतिम DA रिवीजन होगा, क्योंकि जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने वाला है. इस बढ़ोतरी से करीब 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधे लाभ मिलेगा. विशेषकर त्योहारों के मौसम में सैलरी बढ़ने से खर्च करने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा. सरकार हर साल अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए में दो बार बढ़ोतरी करती है – जनवरी और जुलाई में. हालांकि, इसका आधिकारिक एलान कुछ माह बाद किया जाता है. मार्च 2025 में जनवरी-जून पीरियड के लिए सरकार ने पहले ही डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिससे यह 53% से बढ़कर 55% हो गया. अब जुलाई-दिसंबर 2025 के लिए 3% की वृद्धि के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा. महंगाई भत्ता (DA) कैसे तय होता है? महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर किया जाता है. यह डेटा हर महीने लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किया जाता है. पिछले 12 महीनों के CPI-IW औसत को लेकर एक फॉर्मूला लागू किया जाता है, जो 7वें वेतन आयोग के तहत बनाया गया है: DA (%) = [(12 माह का औसत CPI-IW – 261.42) ÷ 261.42] × 100 इस फॉर्मूले के आधार पर कोई भी सरकारी कर्मचारी या पेंशनर अपने महंगाई भत्ते की गणना कर सकता है. जुलाई 2025 में कितना बढ़ा था DA लेबर ब्यूरो ने जून 2025 के CPI-IW डेटा के अनुसार सूचकांक 145.0 दर्ज किया, जो मई 2025 की तुलना में एक अंक अधिक है. इसके आधार पर जुलाई 2025 से DA बढ़कर 58% तय किया गया है. हाल ही में सरकार और कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठन, Government Employees National Confederation (GENC), के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. मंत्री ने बताया कि राज्य सरकारों के साथ भी बातचीत जारी है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की संभावना है. त्योहारों के मौसम को देखते हुए यह कदम कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के साथ ही महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है. इससे देशभर के 1.2 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा. GST राहत के बाद यह कदम उन्हें और वित्तीय राहत प्रदान करेगा. महंगाई भत्ते का महत्व महंगाई भत्ता सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसलिए देती है ताकि वे महंगाई के प्रभाव को कम कर सकें. रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और DA सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का मूल्य स्थिर रहे. इस बढ़ोतरी का असर न सिर्फ कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर पड़ेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा. दशहरा और दिवाली के आसपास DA वृद्धि का ऐलान आम तौर पर इसलिए किया जाता है ताकि लोग त्योहारों के मौसम में अपने खर्चों को संभाल सकें और उत्सवों का आनंद ले सकें. कितने लोगों को मिलेगा लाभ इस DA वृद्धि से लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा. इससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और महंगाई से राहत भी मिलेगी. इसके अलावा, पहले ही सरकार ने लोगों को जीएसटी में कटौती के रूप में अच्छी-खासी राहत दी है. 7वें वेतन आयोग के तहत यह अंतिम DA वृद्धि है, और जनवरी 2026 से लागू होने वाला 8वां वेतन आयोग नए नियम और दरों के साथ लागू होगा. इस वृद्धि का फायदा कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधे मिलेगा और यह दिवाली उनके लिए और खास बना देगा. न्यूनतम मूल वेतन में संभावित बड़ा इजाफा 8वीं वेतन आयोग की संभावित सिफारिशों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) में वृद्धि है. वर्तमान में यह ₹18,000 है, और नई संरचना इसे ₹26,000 तक बढ़ा सकती है. इस बदलाव से कर्मचारियों को मुद्रास्फीति और बढ़ती जीवनयापन लागत के बीच राहत मिलेगी. कर्मचारियों का मानना है कि यह वृद्धि लंबे समय से लंबित थी, क्योंकि पिछली वेतन आयोग की सिफारिश कई सालों पहले लागू हुई थी. न्यूनतम वेतन में यह बड़ा इजाफा सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करेगा. महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) में सुधार की संभावना 8वीं वेतन आयोग के साथ महंगाई भत्ता (DA) में भी संशोधन की उम्मीद है. वर्तमान में कर्मचारियों और पेंशनरों को 55% DA मिलता है. हाल ही में मुद्रास्फीति दरों के अनुसार 2% की वृद्धि की गई थी. विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून-दिसंबर 2025 की अवधि के लिए अगली DA वृद्धि 3% हो सकती है. यह संशोधित DA अक्टूबर या नवंबर में घोषित किया जा सकता है, जिससे त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय राहत मिलेगी. कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत का पैकेज अगर 8वीं वेतन आयोग और DA में सुधार दोनों लागू होते हैं, तो यह सरकारी वेतन पर निर्भर लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय राहत साबित होगी. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ये कदम कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह दोहरी राहत, वेतन वृद्धि और DA इजाफा. न केवल शॉर्ट टर्म वित्तीय राहत देगा बल्कि कर्मचारियों की लॉन्ग टर्म आर्थिक स्थिरता में भी योगदान करेगा. हालांकि, इस पूरे पैकेज की वास्तविक तिथि इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग का गठन कब होता है और सरकार की वित्तीय स्थिति क्या रहती है.  

मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों का बड़ा फैसला: RTE के तहत पढ़ रहे 10 हजार बच्चों की पढ़ाई 1 अक्टूबर से बंद

भोपाल   मध्यप्रदेशके प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत दर्ज बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत दर्ज बच्चों को न पढ़ाने राज्य शिक्षा केन्द्र को अल्टीमेटम दिया है। फीस विवाद इसका कारण बना है। निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि 30 सितंबर तक विभाग फीस चुकाए। तीन साल की फीस बकाया है। भोपाल शहर में करीब 12 सौं निजी स्कूलों में करीब 10 हजार बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश हुआ है। एसोसिएशन ने कहा कि फीस न मिली तो बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ होंगे। ये है पूरा मामला निजी स्कूल एसोसिएशन के अजीत सिंह के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों में सरकार ने आरटीई के तहत बच्चों का दाखिला(RTE School Admission) कराया गया है। प्रदेश में हर साल एक से ज्यादा एडमिशन कराए जा रहे है। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। लेकिन करीब तीन साल हो गए। प्रदेश के अधिकांश स्कलों में आरटीई के दाखिलों की फीस की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। स्कूल संचालकों ने कहा त्योहारी सीजन, शिक्षकों का वेतन फीस के भरोसे स्कूल एसोसिएशन के मुताबिक प्राइवेट स्कूल में शिक्षको का वेतन फीस के भरोसे है। प्रतिपूर्ति न होने से त्योहारी सीजन में परेशानी होगी। स्कूलों को आर्थिक परेशानी आ रही है। एसोसिएशन के मुताबिक स्कूल इससे पहले भी फीस की मांग कर चुके है। राज्य शिक्षा केन्द्र को ज्ञापन दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक नजर में     शहर में 1200 निजी स्कूल     आइटीई में 10000 बच्चों का हुआ प्रवेश।     तीन साल से फीस की नहीं हुई प्रतिपूर्ति।     (एसोसिएशन के मुताबिक) 3 साल की फीस बकाया तीन साल की फीस बकाया है। स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब है। तीस सितंबर तक फीस की प्रतिपूर्ति नहीं हुई तो आरटीई के तहत दर्ज(RTE School Admission) बच्चों को प्राइवेट स्कूल पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र को इसका पत्र दे चुके हैं। – अजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

स्वास्थ्य चेतावनी! अत्यधिक दुबलेपन से 3 गुना बढ़ जाता है असमय मौत का जोखिम

नईदिल्ली  अक्सर सभी ने सुना ही होगा कि अधिक वजन के कारण लोगों को कई समस्याएं होती हैं और आगे चलकर यही समस्याएं जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकती हैं. लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च में दावा किया गया है कि थोड़ा अधिक वजन होना आपकी जिंदगी को छोटा नहीं कर सकता लेकिन बहुत ज़्यादा पतला होना आपकी जिंदगी को कम जरूर कर सकता है. दरअसल, शरीर के वजन और आपकी सेहत के बीच का संबंध अक्सर हम जितना समझ पाते हैं, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल है. 85,000 से अधिक वयस्कों पर की गई डेनिश स्टडी में पाया गया है कि आसान भाषा में समझें तो 18.5 से कम बीएमआई वाले लोगों की समय से पहले मृत्यु होने की संभावना 22.5 और 24.9 के बीच बीएमआई वाले लोगों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक थी. पतले लोगों में समय से पहले मौत का खतरा आमतौर पर 18.5 से 24.9 बीएमआई को हेल्दी माना जाता है लेकिन रिसर्च में यह भी सामने आया कि इस रेंज के नीचे आने वाले लोगों की जान भी जोखिम में होती है. दरअसल, जिनका BMI 18.5 से 19.9 था, उनमें मौत का खतरा दोगुना पाया गया और वहीं जिनका बीएमआई 20 से 22.4 था, उनमें रिस्क 27 फीसदी तक था. हालांकि ये निष्कर्ष आश्चर्यजनक लगते हैं क्योंकि 18.5 और 24.9 के बीच बीएमआई को आमतौर पर स्वस्थ्य माना जाता है. ओवरवेट लोग अधिक खतरे में नहीं स्टडी में सामने आया है कि ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त (BMI 25 से 35) लोग जिनके बारे में माना जाता था कि उन्हें वजन के कारण जोखिम अधिक है, उन्हें मौत का खतरा अधिक नहीं था. सिर्फ जिनका बीएमआई 40 से अधिक था, उनमें ही मौत का जोखिम 2 गुना पाया गया था. यानी जिनका वजन थोड़ा ज्यादा है, उन्हें यह नहीं मान लेना चाहिए कि वे मौत के खतरे में है. रिसर्च के नतीजे इस बात को चैलेंज करते हैं कि पतला होना हमेशा सेहतमंद होता है और मोटापा हमेशा जोखिम में डालता है. क्यों खतरनाक है बहुत दुबला होना? एक्सपर्ट्स का कहना है कि बहुत दुबले लोगों के शरीर में फैट स्टोर काफी कम होता है और जब कोई गंभीर बीमारी या ट्रीटमेंट (जैसे कि कैंसर की कीमोथेरेपी के दौरान वजन गिरता है) होता है तब शरीर को रिकवरी के लिए स्टोर किए गए फैट की जरूरत होती है. जिन लोगों के पास पर्याप्त फैट नहीं होता, उनका शरीर जल्दी कमजोर पड़ जाता है और जरूरी अंग सही से काम नहीं कर पाते. इस कारण अधिक पतला होना भी सेहतमंद नहीं बल्कि जानलेवा साबित हो सकता है. BMI हमेशा सही पैमाना नहीं रिसर्चर्स का कहना है कि BMI सिर्फ हाइट और वेट पर आधारित एक केल्कुलेशन है. यह शरीर की फैट डिस्ट्रिब्यूशन, डाइट, लाइफस्टाइल या जेनेटिक फैक्टर्स को शामिल नहीं करता और यही कारण है कि BMI हर व्यक्ति के लिए सटीक पैमाना नहीं हो सकता. डेनिश रिसर्चर्स का मानना है कि अब सेफ BMI रेंज 22.5 से 30 तक मानी जा सकती है. यानी थोड़ा-बहुत ओवरवेट होना उतना नुकसानदायक नहीं जितना पहले माना जाता था. रिसर्च का मुख्य संदेश यही है कि बहुत दुबला होना खतरनाक है और पतलापन हमेशा सेहतमंद नहीं होता. थोड़ा ज्यादा वजन होना हमेशा जानलेवा नहीं है. सेहत का असली पैमाना हेल्दी डाइट, एक्टिव लाइफस्टाइल और मेडिकल चेकअप होना चाहिए. BMI को सिर्फ एक इंडिकेटर मानना चाहिए.

साइबर क्राइम पर लगाम लगाने मैदान में उतरेंगे 500 कमांडो, IIT इंदौर में होगी खास ट्रेनिंग

 इंदौर  दुनिया में हर साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर की साइबर ठगी हो रही है। भारत 10 वें नंबर पर है। 5 साल में अपराध 238 प्रतिशत बढ़े हैं। सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर, बेंगलूरु के बनाए साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन मैन्युअल के अनुसार, 2029 तक ठगी 15.63 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार साइबर कमांडो तैयार कर रही है। राज्य सरकार ने भी टीम तैयार करनी शुरू कर दी है। 2028 तक ऐसे 500 कमांडो तैनात किए जाएंगे। इसके लिए आइआइटी इंदौर में 1-2 माह में कोर्स शुरू किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान साइबर क्राइम रोकने ये कमांडो तैनात होंगे। मध्यप्रदेश को मिले पांच हाल ही में साइबर सेल के वरिष्ठ अफसरों व एसपी की सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर बेंगलूरु में ट्रेनिंग हुई। सरकार तकनीकी पढ़ाई करने वाले एसआइ व वरिष्ठ अफसरों को ट्रेनिंग दिला रही है। ऐसे 5 हजार कमांडो तैयार करने की योजना है। आइआइटी कानपुर, धनबाद, मद्रास, रुड़की में कोर्स शुरू हो गया है। देश में 50 कमांडो तैयार हुए हैं। पांच मध्यप्रदेश को मिले हैं। 2 करोड़ में एक बैच -प्रस्ताव के अनुसार आइआइटी इंदौर में कमांडो की ट्रेनिंग होगी। -एक बैच में 50 कमांडो तैयार किए जाएंगे। -इस पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। अन्य आइटी यूनिवर्सिटी में भी ट्रेनिंग होगी। साइबर अपराध: दुनिया में भारत 10 वें नंबर पर     रूस     यूक्रेन     चीन     यूनाइटेड स्टेट्स     नाइजीरिया     रोमानिया     नॉर्थ कोरिया     यूनाइटेड किंगडम     ब्राजील     भारत (स्रोत: साइबर क्राइम इंडेक्स) साइबर अपराधों से लड़ने के लिए आइआइटी इंदौर में साइबर कमांडो तैयार किए जाएंगे। सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलते ही ट्रेनिंग शुरू करेंगे। सिंहस्थ के पहले सभी जिलों में साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। – ए. साईं मनोहर, एडीजी, साइबर सेल

मध्यप्रदेश बना ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के लिए मंत्रीगण ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारत सरकार द्वारा संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी अभिवादन किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा सहित सभी मंत्रीगण ने बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में पहले अपने संबोधन में कहा कि संपदा-2 से पेपरलेस-फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी बना है। मध्यप्रदेश, ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है। मध्यप्रदेश ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अस्पतालों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा जिलों के सभी अस्पतालों में साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी बिजली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। मुरैना में पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के माध्यम से 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली प्राप्त होगी। ई-रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया से प्राप्त यह प्रति यूनिट दर, देश में न्यूनतम है। मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म के नवाचार किडजानिया एक्सपीरियंस सेंटर को मेडैक्स गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ है। यह अवार्ड बेस्ट एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिला है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को दो प्रतिष्ठित अवार्ड क्रमशः बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवार्ड और गोल्डन बैनयन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा का पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पार्क लगभग 2158 एकड़ में विकसित होगा और यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस पार्क के लिए देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों ने 23 हजार 146 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे और कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को लाभ होगा। नवरात्रि के पहले दिन से आरंभ हुआ जीएसटी बचत उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सशक्त नारी सशक्त परिवार और पोषण अभियान का आरंभ भैसोला धार से किया गया, यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैसोला धार से आदि सेवा पर्व प्रारंभ करने, एक बगिया मां के नाम अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिए सुमन सखी चैटबॉक्स की लॉन्चिंग, एक करोड़वें सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं कॉउंसलिंग कार्ड के वितरण, 15 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की 400 करोड़ रुपए राशि से अधिक के अंतरण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि के प्रथम दिवस से जीएसटी सुधार लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे देश के सभी वर्गों को लाभ होगा, यह देश का जीएसटी बचत उत्सव है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश में 2 मेट्रोपॉलेटिन क्षेत्र भोपाल और इंदौर की स्वीकृति के बाद 2 नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र जबलपुर और ग्वालियर को शीघ्र मंजूरी दी जाएगी। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र अधोसंरचना को सशक्त बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  होटल जहांनुमा पैलेस के सभाकक्ष में फ्री प्रेस के 42 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर का सम्मान किया। सम्मानित महापौर में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय और इंदौर के महापौर श्री पुष्प मित्र भार्गव भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षद भी पुरस्कृत किए गए। स्वच्छता, मेट्रो रेल और स्मार्ट सिटी के विकास में प्रदेश की उपलब्धियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता का संदेश दिया है। मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक नगरीय निकाय स्वच्छता क्षेत्र में प्रतिवर्ष श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कृत हो रहे हैं। प्रदेश में भोपाल और इंदौर के साथ अन्य नगरों के नागरिक भी शीघ्र ही मेट्रो रेल सुविधा का लाभ प्राप्त करेंगे। शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए कायाकल्प अभियान में 1550 करोड़ रुपए के निवेश से सड़कों का स्वरूप बदल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन-2 के माध्यम से जबलपुर और उज्जैन के नगरीय निकायों के लिए 370 करोड़ रुपए देने की पहल की गई। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को जमीन पर उतारते हुए महाकाल परिसर उज्जैन के विकास सहित अनेक कार्य हुए हैं। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट संचालित हैं और अन्य विमानतल भी शीघ्र प्रारंभ होंगे। खजुराहो नगर परिषद का विशेष उल्लेख नगरीय निकायों को समर्थ और सुविधा संपन्न बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक ऐसी अनोखी नगर परिषद है जिसका उल्लेख आवश्यक है। छतरपुर जिले की खजुराहो नगर परिषद की विशिष्ट स्थिति है जहां खजुराहो विश्व धरोहर स्थल है, वहीं खजुराहो में एयरपोर्ट भी है और रेलवे स्टेशन भी है। जनसंख्या कम होने के बाद भी खजुराहो विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। भविष्य की रूपरेखा बनाएं नगरीय निकाय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्री प्रेस अखबार द्वारा नगरीय निकायों के महापौर सम्मानित किए गए हैं। यह प्रशंसनीय पहल है। नगरीय विकास और आवास विभाग नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक और कार्यशाला आयोजित कर नगरों के समग्र विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा निर्धारित करे। नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास के संकल्प की पूर्ति के लिए विभाग सक्रिय है। प्रदेश में नगरीय निकायों ने स्वच्छता सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। प्रारंभ में फ्री प्रेस संस्थान की ओर से अध्यक्ष श्री अभिषेक करनानी और भोपाल संस्करण के एसोसिएट एडीटर श्री नितेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री हितानंद शर्मा, श्री आशीष अग्रवाल, डॉ. हितेश वाजपेयी सहित मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।