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यूक्रेन पर रूस का हवाई हमला: रेलवे स्टेशन और पैसेंजर ट्रेन पर बमबारी, दर्जनों लोग घायल

कीव  यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र सुमी (Sumy) में रूस ने हवाई हमला किया है. रूसी हमलों में एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाया गया है. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने बताया कि रूसी हमले में रेलवे स्टेशन और कीव जा रही ट्रेन को टारगेट किया गया. ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा है.  समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नर ओलेह ने कहा कि इस हमले में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, ह्रिहोरोव ने एक जलती हुई ट्रेन के डिब्बे की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और कहा कि राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.  लगातार बढ़ रहे हैं रूसी हमले यह हमला रूस की उस एयरस्ट्राइक मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें बीते 2 महीनों से यूक्रेन के रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. रूस लगभग हर दिन यूक्रेनी परिवहन नेटवर्क पर हमले कर रहा है. सिर्फ एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन की राज्य गैस और तेल कंपनी नाफ्टोगैज़ के ठिकानों पर 35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे थे. ये हमले खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों में हुए थे. नाफ्टोगैज़ के सीईओ सर्जी कोरेत्स्की के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी बमबारी थी जिससे गैस उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस हमले में करीब 8000 उपभोक्ताओं की बिजली कट गई. उन्होंने कहा कि हमारे कई प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ जगहों पर नुकसान बहुत गंभीर है. इस हमले का कोई सैन्य औचित्य नहीं है.  एनर्जी स्ट्रक्चर पर बढ़े हमले रूसी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के गैस और ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर रातभर हमले किए. रूस ने दावा किया कि उसने सैन्य-औद्योगिक स्थलों को भी निशाना बनाया है. सर्दियों के करीब आते ही रूस ने यूक्रेन के एनर्जी स्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लंबे ब्लैकआउट हो रहे हैं. यूक्रेन का पलटवार यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है. हाल के महीनों में कीव की सेना ने रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए हैं. इससे रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है. सिर्फ सितंबर में ही यूक्रेन ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में 19 तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले किए.

100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता चक्रवात ‘शक्ति’, महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को किया सक्रिय

मुंबई  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakhti) को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। यह इस वर्ष के मॉनसून के बाद के मौसम का पहला चक्रवात होगा, जिसकी रफ्तार फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है और यह तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत व्यवस्था की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवात ‘शक्ति’ की मौजूदा स्थिति IMD के अनुसार, ‘शक्ति’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुका है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यह गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर अरब सागर में केंद्रित था। तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुबह 8:30 बजे तक यह तूफान 22.0° उत्तर अक्षांश और 64.5° पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया, जो द्वारका से 470 किमी पश्चिम में, नलिया से 470 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, पाकिस्तान के कराची से 420 किमी दक्षिणपश्चिम में और ओमान के मसीरा द्वीप से 600 किमी पूर्वोत्तर में स्थित था। IMD के मुताबिक, यह प्रणाली 5 अक्टूबर तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंच जाएगी और 6 अक्टूबर से दिशा बदलकर पूर्वोत्तर की ओर मुड़ेगी, जिसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मछुआरों के लिए चेतावनी IMD ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ-साथ पाकिस्तान के समुद्री तटों पर रविवार तक समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को मंगलवार (8 अक्टूबर) तक उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और मध्य अरब सागर के किसी भी हिस्से में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अरब सागर में चक्रवातों का इतिहास हाल के वर्षों में अरब सागर में बने कुछ प्रमुख तूफानों में ‘ताउते’ (2021) और ‘बिपरजॉय’ (2023) शामिल हैं। आमतौर पर अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के चलते इनकी संख्या में हाल के वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। क्यों रखा गया नाम शक्ति? ‘शक्ति’ नाम का चयन क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण प्रणाली (Regional Cyclone Naming System) के तहत हुआ है। इस प्रणाली में 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड प्रमुख हैं। इन देशों की सूची में नाम क्रमवार उपयोग किए जाते हैं। ‘Shakhti’ नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की

एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर चेकडैम, तालाब और ब्लास्टकूप निर्माण को बनाएं जनांदोलन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की  जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर    जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई गहरी चिंता, कहा- चेकडैम, तालाब निर्माण और ब्लास्टकूप राष्ट्रीय आवश्यकता है    बोले मुख्यमंत्री- 6,448 चेकडैमों से 1.28 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और भूजल रिचार्ज बढ़ा    मुख्यमंत्री ने कहा- 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए  – बोले मुख्यमंत्री- 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करें   मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2017 में 82 अतिदोहित क्षेत्र घटकर 2024 में 50, क्रिटिकल क्षेत्र 47 से घटकर 45   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि जल संकट आज हमारी सामूहिक चिंता का विषय बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे उसे भूमि में समाहित होने देते हैं। यह केवल स्थानीय प्राथमिकता नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप केवल पानी रोकने की व्यवस्था नहीं बल्कि समेकित जल प्रबन्धन है, जो बड़े बांधों की तुलना में यह काफी किफायती है। उन्होंने निर्देशित किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर जनांदोलन बनाते हुए चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न भागों स्थानीय/बरसाती नदी/ नालों में विभाग द्वारा अद्यतन 6,448 चेकडैमों का निर्माण किया जा चुका है। प्रत्येक चेकडैम से औसतन 20 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकसित होती है। इस प्रकार निर्मित चेकडैमों से कुल 1,28,960 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से अन्नदाता किसान वर्ष में दो से तीन फसल लेने में सक्षम हुए हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक 1,002 चेकडैमों की डी-सिल्टिंग और मरम्मत कर उनकी क्षमता में वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रदेश के 1 से 5 हेक्टेयर के 16,610 तालाबों में से 1,343 का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं वर्ष 2017-2025 तक 6192 ब्लास्टकूप के माध्यम से 18576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले यानी 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए, ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हो सकें। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाकर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।   रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक प्रदेश में 82 अतिदोहित और 47 क्रिटिकल क्षेत्र थे। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में यह घटकर 50 अतिदोहित और 45 क्रिटिकल क्षेत्र रह गए हैं, जो संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और तेजी लाकर आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास होना चाहिए।   उन्होंने कहा कि जैसे "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप दिया है, वैसे ही चेकडैम और तालाब निर्माण भी सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर संचालित किया जाए। यह न केवल जल संकट से निपटने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में तालाबों, ब्लास्टकूपों और चेकडैमों की फोटोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन कराएं। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग को लेकर प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश

नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनाएं वैज्ञानिक पद्धति – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश  मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार  भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में वाटर कंजर्वेशन महत्वपूर्ण- मुख्यमंत्री – रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मिले सिंचाई की सुविधा  सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है। इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके। साथ ही, कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

भारत ने बनाया रिकॉर्ड, लेकिन टॉप-2 में जगह बरकरार नहीं रह सकी – वेस्टइंडीज मैच विश्लेषण

अहमदाबाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में पारी और 140 रनों से हराकर दो मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। इस जीत से भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में फायदा मिला है। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में भारत का जीत का प्रतिशत तो बढ़ा है, मगर पोजिशन में किसी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। वेस्टइंडीज पर मिली यह धमाकेदार जीत भी भारत को WTC पॉइंट्स टेबल के टॉप-2 में जगह नहीं दिला पाई। टीम इंडिया अभी भी तीसरे पायदान पर है। वहीं श्रीलंका दूसरे तो ऑस्ट्रेलिया पहले पायदान पर है। ऑस्ट्रेलिया का फिलहाल राज बरकरार है क्योंकि कंगारू ना तो कोई मैच हारे हैं और ना ही उनका कोई मैच ड्रॉ हुआ है। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टेस्ट मैच से पहले भारत का जीत का प्रतिशत 46.67 का था जो अब बढ़कर 55.56 का हो गया है। वहीं वेस्टइंडीज की टीम इस चक्र में अभी भी पहली जीत को तरस रही है। वेस्टइंडीज ने अभी तक 4 मैच खेले हैं और सभी में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। बात ऑस्ट्रेलिया की करें तो उनके खाते 100 प्रतिशत अंक है, वहीं श्रीलंका के खाते में 66.67 प्रतिशत अंक है। कैसा रहा IND vs WI मैच? टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया। मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया।  

बल्ले और गेंद दोनों से चमके जडेजा, टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराया

अहमदाबाद  शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने दो मैच की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों के बड़े अंतर से धूल चटाई। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 1-0 की बढ़त बना ली है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया।  मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। जडेजा ने 4 तो सिराज को तीन सफलताएं मिली। कुलदीप यादव को मिली आखिरी विकेट, भारत जीता कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट गिराकर भारत की झोली में जीत डाली। रवींद्र जडेजा पंजे से चूके, हालांकि इस मैच में उनका ऑलराउंड परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा। कुलदीप यादव ने 2 तो सिराज ने तीन विकेट निकाले। भारत ने वेस्टइंडीज को 146 रनों पर आउट कर मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। सील्स का तूफान 11वें नंबर पर बैटिंग करने आए सील्स निडर होकर बैटिंग कर रहे हैं। वह 9 गेंदों पर 19 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। भारत जीत से एक विकेट दूर है।

गुजरात BJP की कमान अब जगदीश विश्वकर्मा के हाथों में, पार्टी ने किया ऐलान

नई दिल्ली गुजरात BJP के नए अध्यक्ष के तौर पर गुजरात के मंत्री और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता जगदीश विश्वकर्मा के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया है। शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार रहे। विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की आधिकारिक घोषणा शनिवार को गांधीनगर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में हुई। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, मैं उनके प्रति अपार सम्मान रखता हूं और मेरा मानना ​​है कि वह एक जमीनी कार्यकर्ता हैं जो राज्य की जनता के लिए काम करते रहेंगे। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और आज वह गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है। 52 साल के जगदीश विश्वकर्मा अहमदाबाद की निकोल सीट से तीन बार के विधायक हैं। वह वर्तमान में सहकारिता, नमक उद्योग, एमएसएमई, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री हैं। विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। विश्वकर्मा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और नवसारी से लोकसभा सदस्य सी आर पाटिल का स्थान लेंगे, जिनका तीन साल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हो गया था। कौन हैं जगदीश विश्वकर्मा जगदीश विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद जिला स्तर पर भी कई जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह विधायक बनें। वह 2012 से लगातार निकोल विधानसभा सीट से 3 बार विधायक चुने गए। वह ओबीसी वर्ग से आते हैं और इस समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ है।  

मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

सशस्त्र माओवाद के खात्मे की समयसीमा तय, मार्च 2026 तक खत्म होने का भरोसा: डिप्टी सीएम शर्मा मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा किष्टाराम में मिनी स्टेडियम व मंगलागुड़ा में बनेगा पुलिया   रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ     नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर     अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई। युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर     उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। बस्तर की पहचान बनेगा बस्तरिया युवा     बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ऋण माफी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बस्तर का युवा ही होगा, बाहरी कोई नहीं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर बस्तर का गौरव बढ़ाएँ। कार्यक्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  पी. सुंदरराज, डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक  किरण चव्हाण,  मोहित सिंघल (क्षेत्रीय प्रबंधक जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), सहित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

ग्राहकों के लिए दिवाली स्पेशल: मुफ्त में घर ले जाएँ LPG सिलेंडर

नई दिल्ली  दिवाली का त्योहार आने वाला है। इस त्योहार से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं को फ्री एलपीजी सिलेंडर बांट रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की लाभार्थी महिलाओं को फ्री एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला योजना के तहत 1.75 करोड़ से अधिक महिलाएं पंजीकृत हैं, जिन्हें सीधा फायदा मिलेगा। बता दें कि योगी सरकार साल में दो बार फ्री सिलेंडर देती है। एक सिलेंडर होली के त्योहार को ध्यान में रखकर दिया जाता है तो दूसरा सिलेंडर दिवाली के मौके पर दिया जाता है। फ्री एलपीजी सिलेंडर की सुविधा उन्हीं परिवारों को दी जाएगी, जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत हैं। इसके लिए किसी अलग आवेदन की जरूरत नहीं होगी। क्या है उज्ज्वला योजना? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसका उद्देश्य गरीब और ग्रामीण परिवारों, खासकर महिलाओं, को साफ ईंधन (एलपीजी गैस) उपलब्ध कराना है। अब तक 10 करोड़ से अधिक महिलाएं उज्ज्वला योजना से जुड़ चुकी हैं। इस योजना में सरकार 300 रुपये की सब्सिडी देती है। आसान भाषा मे समझें तो उज्जवला लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर सामान्य कीमत से 300 रुपये सस्ता मिलता है। 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार के साथ, योजना के तहत कनेक्शन की कुल संख्या बढ़कर 10.58 करोड़ हो जाएगी। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक इसके लिए सरकार ने 676 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है। बता दें कि योजना के तहत, लाभार्थियों को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन मिलता है। इसमें सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, ‘सुरक्षा’ नली, घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड (डीजीसीसी) पुस्तिका और स्थापना शुल्क की सुरक्षा राशि शामिल होती है। इसके अलावा, पहली बार सिलेंडर भराने के साथ चूल्हा भी निःशुल्क दिया जाता है। लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन, पहले ‘रिफिल’ या चूल्हे के लिए कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। ये लागत केंद्र सरकार और पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) वहन करती हैं। लाभार्थियों के पास 14.2 किलोग्राम के एक सिलेंडर के साथ कनेक्शन, पांच किलोग्राम छोटे सिलेंडर के साथ कनेक्शन, या पांच किलोग्राम के दो सिलेंडर के साथ कनेक्शन में से चुनने की सुविधा है।  

भारत से शुरू हुआ वैश्विक शांति आंदोलन: आयुष गुप्ता का हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस बना नई ऊर्जा का स्रोत

 भोपाल भारत से विश्व तक – एक समय, एक संकल्प और हज़ारों हीलर्स का विश्व शांति के लिए एकजुट होना – एक ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड। झीलों की नगरी भोपाल 5 अक्टूबर 2025 को मिंटो हॉल में एक ऐतिहासिक वैश्विक आंदोलन और विश्व रिकॉर्ड की मेज़बानी करने जा रहा है। “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस” (HFWP) शीर्षक से यह पहल, अनन्त ऊर्जा के संस्थापक आयुष गुप्ता जी और आरविका गुप्ता जी द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हज़ारों और लाखों हीलर्स, ऊर्जा साधक, आध्यात्मिक नेता, बिज़नेस आइकॉन और सेलेब्रिटीज एक साथ जुटेंगे, सामूहिक ऊर्जा को विश्व शांति और समृद्धि के लिए समर्पित करेंगे। यह आंदोलन विश्वप्रसिद्ध रेकी ग्रैंडमास्टर, सेलिब्रिटी टैरो रीडर और इंटरनेशनल वेलनेस मेंटर आयुष गुप्ता जी के दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो नीम करोली बाबा के आशीर्वाद से संचालित है और वर्तमान समय के वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन, इज़रायल-फिलिस्तीन, टैरिफ वॉर, नेपाल संकट, व्यापारिक संघर्ष और मानवीय संकट आदि) की पृष्ठभूमि में शांति की अत्यावश्यकता को दर्शाता है। मुख्य आकर्षण     •    विश्व रिकॉर्ड प्रयास: विश्व शांति के लिए अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक हीलिंग एनर्जी सर्कल।     •    वैश्विक सहभागिता: भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, यूएई, नेपाल और अन्य देशों से हज़ारों हीलर्स की भागीदारी। रेकी, प्राणिक हीलिंग, योग, आयुर्वेद, ध्यान और साउंड हीलिंग जैसे विविध आयामों का संगम।     •    राजनीतिक गरिमा: भारत सरकार के मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला जी और अन्य देशों व वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति।     •    प्रसिद्ध उद्योगपति: श्री दिलीप सुर्यवंशी जी (मैनेजिंग डायरेक्टर, दिलीप बिल्डकॉन), श्री संजीव अग्रवाल जी (सीएमडी, सेज ग्रुप) और अन्य प्रतिष्ठित उद्योगपतियों का सहयोग।     •    अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि: दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल से अहमद इब्राहिम जी, डॉ. बी.यू. अब्दुल्ला जी सहित कई वैश्विक प्रतिनिधियों की उपस्थिति।     •    बॉलीवुड समर्थन: प्रसिद्ध फिल्मकार राकेश रोशन जी, गायक बृजेश शांडिल्य जी, अभिनेता बलराज स्याल जी, गौरव दुबे जी, रेवा़ काराउस और अन्य फिल्म जगत की हस्तियाँ इस वैश्विक आंदोलन का समर्थन कर रही हैं।     •    सामुदायिक सहयोग: जापान से काओरी यानागी एवं शिंसुके कावाशिमा द्वारा सैकड़ों हीलर्स को ऑनलाइन जोड़ना, दुबई से अंक़ा (संस्थापक फ़ातिह और रोसा) द्वारा हीलर्स की भागीदारी, मध्य प्रदेश से मधुलिका बाजपेयी जी का हीलर्स को संगठित करना, फिफ्थवेद द्वारा सहयोग प्रबंधन आदि।     •    जन-सहभागिता: हज़ारों लोग भोपाल में और लाखों लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे – इसे सच्चे अर्थों में एक वैश्विक आयोजन बनाएंगे। सहयोगी और भागीदार इस पहल को प्रतिष्ठित भागीदारों का मज़बूत सहयोग प्राप्त है – मध्य प्रदेश पर्यटन, दिलीप बिल्डकॉन, दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल, दुबई योगा फेडरेशन, एएनजीसी, आनन्द संस्थान, ताज लेकफ्रंट भोपाल, सेज यूनिवर्सिटी, बी.यू. अब्दुल्ला ग्रुप, एमपीटी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स और अन्य संस्थाएँ। यह सहभागिता न केवल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मज़बूत करती है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर शांति और प्रगति का प्रतीक बनाती है। एकता का आह्वान आयुष गुप्ता जी ने कहा: “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस केवल एक आयोजन नहीं है – यह मानवता के लिए एक आंदोलन है। जब हज़ारों हीलर्स और शांति समर्थक एक ही संकल्प के साथ अपनी ऊर्जा को समर्पित करते हैं, तो वह कंपन पूरी दुनिया को शांति की ओर मोड़ सकती है। यह ऐतिहासिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर होगा।” आयोजक सभी हीलर्स, इन्फ्लुएंसर्स, कॉरपोरेट्स, मीडिया प्रोफेशनल्स और विश्व नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनें – चाहे भोपाल में प्रत्यक्ष या ऑनलाइन सहभागिता के माध्यम से।