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समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान को जबरदस्त समर्थन, मिले 21.5 लाख सुझाव

विकसित यूपी @2047 समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान : प्रदेशवासियों से मिले 21.5 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से आए सबसे अधिक सुझाव  संभल, महाराजगंज और जौनपुर फीडबैक में अव्वल  शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर सबसे अधिक राय  10 लाख से ज्यादा युवाओं ने दिया अपना सुझाव  नगरीय विकास और स्वास्थ्य पर भी बड़ी संख्या में राय  कासगंज की अंगूरी देवी ने पर्यावरण संतुलन पर दिया जोर रामपुर के विकास पाण्डेय ने सुझाए कृषि सुधार के उपाय  अभियान बनेगा प्रदेश के भविष्य की विकास रूपरेखा लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम जनता से संवाद स्थापित किया है। इस दौरान लोगों को पिछले 8 वर्षों की विकास यात्रा से अवगत कराया जा रहा है और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 21.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 16.5 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और लगभग 5 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के आधार पर देखें तो करीब 10 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 10 लाख से अधिक 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से और एक लाख से अधिक 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र से करीब 6.7 लाख, कृषि क्षेत्र से 5 लाख, नगरीय एवं ग्रामीण विकास से 3.5 लाख, स्वास्थ्य से 1.6 लाख और समाज कल्याण से 1.6 लाख सुझाव सामने आए हैं। इसके अलावा आईटी एवं टेक, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा से संबंधित हजारों सुझाव प्राप्त हुए हैं। जनपदवार फीडबैक में संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे, जबकि फिरोजाबाद, इटावा, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर से सबसे कम सुझाव आए। इस अभियान के दौरान जनता ने अपने विचार भी साझा किए। रामपुर के विकास पाण्डेय ने कृषि सुधार के लिए जल प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। वहीं कासगंज की अंगूरी देवी ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की। बाराबंकी की तृप्ति सिंह ने सरकारी स्कूलों में संसाधनों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस अभियान से प्राप्त सुझाव न केवल नीति निर्माण में सहायक होंगे, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होंगे।  

मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिये शुरू की गई अनूठी पहल

"मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" से महिलाओं और बेटियों के सपनों को लगेंगे पंख – मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिये शुरू की गई अनूठी पहल  – सीएम योगी के मार्गदर्शन में मंडल कार्यालय में हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा जनसुनवाई संवाद  –  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम को तीन मुख्य हिस्सों में किया गया विभाजित, महिला अधिकारी और कर्मचारी समस्याओं का करेंगी निस्तारण –  पहला जनसुनवाई, दूसरा सम्मान और तीसरा सशक्तिकरण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा – बेटियों और महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया जाएगा सम्मानित, विकसित देवीपाटन मंडल-2047 की बनेंगी ब्रांड एंबेसडर  – सीएम योगी ने पहल की सराहना की, देवीपाटन मंडलायुक्त बोले, मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे तक महिलाओं एवं बेटियों की होगी सुनवाई  लखनऊ योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाने एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीएम योगी के मार्गदर्शन में देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण उत्थान एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अनूठी पहल "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत राम नवमी के अवसर पर बेटियों के साथ संवाद से हुई। वहीं, हर सोमवार को देवीपाटन मंडल कार्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम में सुनवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए एक विशेष टीम बनायी गयी है, जिसमें महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्याओं को निस्तारण करेंगी। इस पहल की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सराहना की। बता दें कि पूरे प्रदेश में देवीपाटन मंडल पहला मंडल है, जहां पर महिलाओं के लिए विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा रामनवमी के अवसर पर कार्यक्रम के तहत बेटियों को मंडलायुक्त ने अपने आवास पर पत्नी के साथ कन्या पूजन किया और उनका आर्शीवाद प्राप्त किया।  महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू की गई मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद की पहल देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मंडल की बेटियों और महिलाओं को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने, योगी सरकार की योजनाअों का लाभ देने, उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं सर्वांगीण विकास के लिए ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम की पहल की गयी है। इसके तहत हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इन दौरान प्राथमिकता के अाधार पर उनके सर्वांगीण विकास के साथ हर समस्या के समाधान पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को तीन भागों में विभाजित किया गया है। इसका पहला मुख्य अंग जनसुनवाई है। इसके तहत मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे महिलाओं एवं बच्चों की समस्याओं पर महिला अधिकारी के साथ कर्मचारी की उपस्थिति में विशेष सुनवाई की जाएगी। वहीं मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए यथासंभव महिला अधिकारी एवं कर्मचारी को नामित किया जाएगा। साथ ही आवश्यकता होने पर समस्या के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारी और जांच टीमें उसी दिन स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजी जाएगी। इसके अलावा समस्या के निराकरण के लिए महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। महिला हेल्प डेस्क पर मोबाइल फोन कॉल एवं व्हाट्सएप मैसेज के जरिये भी शिकायतें प्राप्त की जाएंगी।    विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाओं को किया जाएगा पुरस्कृत कार्यक्रम का दूसरा अंग सम्मान है। इसमें विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के उद्​देश्य से बनायी गयी 3 थीम और 12 सेक्टरों के संबंध में https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर मंडल में सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाअों और बेटियों को मंडल स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही चिन्हित 12 सेक्टर्स में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को विकसित देवीपाटन मंडल-2047 के ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्हे पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का तीसरा अंग सशक्तिकरण है। इसमें मंडल स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं द्वारा मंडल में महिला जागरूकता एवं सशक्तिकरण के लिए योगदान दिया जाएगा। मंडल प्रशासन की ओर से पात्र महिलाअों एवं बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्हे विधिसम्मत अधिकार दिलाने के लिए कार्य किये जाएंगे। महिलाओं को कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह, जीरो पावर्टी अभियान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान समेत विभिन्न योगी सरकार की योजनाओं से स्वावलंबी बनाया जाएगा।  20 से अधिक छात्राओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर की शुरुआत मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ रामनवमी के अवसर पर किया गया, जिसमें मंडल कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों की  20 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने नारी सशक्तिकरण तथा विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार और सुझाव आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। कई छात्राओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा में समान अवसर, तकनीकी कौशल विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में कैरियर मार्गदर्शन केंद्र तथा बेटियों के लिए विशेष प्रतिभा प्रोत्साहन योजनाओं जैसे नवोन्मेषी प्रस्ताव रखे। उनके इन सुझावों पर आयुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में श्रेष्ठ विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। आयुक्त और उनकी पत्नी गरिमा भूषण ने विजेता बालिकाओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए। एससीपीएम कॉलेज की नंदिनी को प्रथम पुरस्कार 5000 रुपये, भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की आकांक्षा द्विवेदी को द्वितीय पुरस्कार 3000 रुपये तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की रूपा, कंपोजिट विद्यालय पथवालिया की महक और भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की हुनैजा को दो-दो हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागी छात्राओं को आकांक्षा समिति की ओर से एक-एक हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं के पखारे पांव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली बेटियों का मंडलायुक्त आवास पर कन्या पूजन किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं … Read more

ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम

मिशन शक्ति 5.0 ड्राइविंग माय ड्रीम्स से बेटियों को स्वावलंबन की नई उड़ान दे रही योगी सरकार ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम  7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण – प्रदेश भर में अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की हुई शुरुआत, 11 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन – नारी सुरक्षा से स्वाभिमान तक, योगी सरकार की पहल बनी महिला सशक्तीकरण का प्रेरक मॉडल – बालिकाओं की प्रगति, परिवार की समृद्धि और प्रदेश की उन्नति की नई राह पर योगी सरकार  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की शुरुआत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' कार्यक्रम के साथ हुई। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में आयोजित इस अभिनव पहल ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नया आयाम दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम में पहले दिन 3,000 से अधिक बालिकाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बेटियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभाग का लक्ष्य पूरे महीने में 7,500 बालिकाओं को निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस दिलाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है। प्रत्येक जनपद में दूरस्थ क्षेत्रों से चयनित 100-100 बालिकाओं और महिलाओं को न्यूनतम एक माह का ड्राइविंग कोर्स प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक संकेत, आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण और महिला सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह पहल बालिकाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ दैनिक जीवन में स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार संभाली स्टीयरिंग  प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ड्राइविंग प्रशिक्षण की प्रेरक झलकियां भी सामने आईं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार स्टीयरिंग संभालकर आत्मविश्वास की नई अनुभूति की तो वहीं महाविद्यालयों की छात्राओं ने इसे अपने करियर के लिए गेम-चेंजर बताया। कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों ने बताया कि बालिकाओं में सीखने की ललक और उत्साह देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे इस पहल से अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का एक क्रांतिकारी कदम है। यह कार्यक्रम केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि बेटियों को उनके सपनों की उड़ान देने का संकल्प है। वहीं विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में जिस तरह बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया, उससे यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश में अब बेटियाँ हर राह पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगी। मिशन शक्ति 5.0 ने 22 सितंबर से 3  अक्टूबर तक 13.50 लाख लोगों तक पहुंच बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया है। कन्या पूजन, नुक्कड़ नाटक और अब ड्राइविंग प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों ने बेटियों को सम्मान और स्वावलंबन की नई राह दिखाई है। यह पहल न केवल बेटियों की व्यक्तिगत प्रगति को बल दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को सामाजिक और आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रणी बना रही है। 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' यूपी की बेटियों की नई उड़ान का प्रतीक है, जो मिशन शक्ति के विजन को साकार कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी बनाने के संकल्प से महिलाएं बनी आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री

रायपुर महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। तकनीक ने पूरी दुनिया के उत्पादों को फिंगरटिप्स पर ला दिया है और अब डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचना संभव हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहान की दीदियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पॉलिसी वॉच द्वारा आयोजित बिहान दीदियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारी संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान और पूजन का प्रतीक है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। बिहान की बहनों की कामयाबी हमें गर्व से भर देती है। छत्तीसगढ़ की दीदियां अब आत्मनिर्भरता की ब्रांड एम्बेसडर  बन रही हैं। लखपति दीदियां सपनों को नए पंख दे रही हैं और आज उन्हें डिजिटली सक्षम बनाकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यदि हम संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वर्ष 2027 तक देशभर में 3 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर जैसे जिलों

CM मोहन ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, बोले– इस दुख की घड़ी में हम साथ हैं

खंडवा मुख्यमंत्री मोहन यादव खंडवा के पंधाना पहुंचे और यहां हादसे में हताहत हुए परिवारों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक-एक कर सभी पीड़ित परिवारों से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भी दिए। इस पूरी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह हादसा बहुत ही हृदयविदारक है।  “इस दुख की घड़ी में मैं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हूं। मैं उनका दुख साझा करने के लिए स्वयं यहां आया हूं। हमने सरकार की ओर से सभी मृतकों के परिवारों की मदद करने की पूरी कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि घटना में मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपए और कम घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन्होंने इस घटना में लोगों को बचाने का काम किया, उन्हें 26 जनवरी को पुरस्कार दिया जाएगा और 51,000 रुपए के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।  सीएम ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 3.40 बजे खंडवा के पाडलफाटा गांव पहुंचे। यहां प्रशासन ने एक टेंट के नीचे सभी पीड़ित परिवारों को बुलवा लिया था। सीएम ने करीब 25 मिनट तक पीड़ित परिवारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी गई हैं। घायलों को 50 हजार रुपए और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साथ ही जामली के जिन ग्रामीणों ने लोगों की जान बचाई हैं, उन युवाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। एक ही वक्त जली 11 चिताएं खंडवा में विसर्जन के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार को जहां शोभायात्रा में सभी डीजे पर डांस कर रहे थे, आज वहीं परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस 8 साल की चंदा का शव सबसे आखिरी में पानी से निकाला गया था, उसकी दो छोटी बहनें हैं। दोनों बहनें चंदा के शव के आसपास खेलती रहीं। वे इस बात से अनजान हैं कि उनकी बड़ी बहन चंदा की मौत हो चुकी है। बता दें, खंडवा में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान डैम के बैकवाटर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई थी। ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा के साथ करीब 30 लोग सवार थे। जान गंवाने वालों में 8 साल की बच्ची से लेकर 25 साल तक की महिला शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खंडवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में विजयदशमी के दिन एक बड़ा हादसा हो गया था. माता की प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई थी, यह हादसा पंधाना थाना क्षेत्र के जामली गांव के पास आबना में हुआ था. गांव में भारी पुलिस बल तैनात पंधाना सिविल अस्पताल से शवों को एक-एक कर एम्बुलेंस से गांव लाया गया। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने पाडला फाटा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान मौके पर मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह और पटवारी गांव पहुंचे मंत्री विजय शाह ने पाडलफाटा में मृतकों के परिजन से घर-घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। हर संभव मदद की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इन मृतकों की हुई पहचान  इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में शर्मिला (16 वर्ष), आरती (18 वर्ष), दिनेश (16 वर्ष), उर्मिला (16 वर्ष), गणेश (16 वर्ष), किरण (14 वर्ष), पातलीबाई (22 वर्ष), रेव सिंह (12 वर्ष), आयुष (10 वर्ष), संगीता (16 वर्ष), और चंदा (8 वर्ष) शामिल हैं. सीएम मोहन ने मदद का किया ऐलान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खंडवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे लिखा, "मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को नजदीकी अस्पताल में समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. देवी मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शोक संतप्त परिजनों को संबल हेतु प्रार्थना है." यह दर्दनाक हादसा उस समय हुई जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पार कर रही थी. अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में जा गिरी. ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का प्रयास किया. ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब तक ले जाने को लेकर दो अलग-अलग बातें 1. कोटवार ने रोका, ट्रैक्टर ड्राइवर नहीं माना… जामली गांव के लोगों ने बताया कि तालाब तक जाने वाली पुरानी सड़क पर एक पुलिया है। तालाब में ज्यादा पानी होने पर यह पुलिया डूब जाती है। इन दिनाें तालाब में पानी कम है, तो पुराने रोड पर तालाब के पास एक कोटवार लोकेंद्र बारे की ड्यूटी भी लगी थी। कोटवार ने ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब के अंदर जाने से रोका भी था, लेकिन वो नहीं माना। पुलिया पर हल्का पानी था। पुलिया पार करते समय ट्रैक्टर का पहिया नीचे उतर गया। ट्राली में ही ग्रामीणों के साथ दुर्गा प्रतिमा भी रखी हुई थी। लोग मूर्ति और ट्रॉली के नीचे दब गए। लोकेंद्र बारे ने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था। 2. तैरना जानते थे फिर भी जान नहीं बची… प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर दीपक किराड़े ट्रैक्टर … Read more

CM विष्णुदेव साय की पहल रंग लाई, छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 3 नए मेडिकल कॉलेज

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। राज्य में तीन नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1077 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री का आभार जताया है। राज्य सरकार ने जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए बड़ी घोषणा की है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांजगीर-चांपा मेडिकल कालेज के लिए 357.25 करोड़ रूपए, कबीरधाम मेडिकल कालेज के लिए 357.25 करोड़ रुपए और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कालेज के लिए 362.57 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति मेडिकल कॉलेजों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए प्रदान की गई है। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नए कॉलेजों के निर्माण से डॉक्टरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और विशेषज्ञ इलाज की पहुंच आम नागरिकों तक और आसान (Chhattisgarh Medical Colleges) हो जाएगी। सरकार का यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा, साथ ही मरीजों को लंबी दूरी तय किए बिना इलाज मिल पाएगा।  

बाजार बंद होने से पहले पलटी बाजी, Netweb और इन शेयरों ने किया गदर

मुंबई  शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, लेकिन सुस्ती के साथ कारोबार कर रहे सेंसेक्स-निफ्टी की चाल अचानक आखिरी कारोबारी घंटे में बदल गई. मार्केट क्लोज होने पर जहां एक ओर बॉम्बे स्टॉक एंक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 223 अंक उछलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी ग्रीन जोन में 24,500 के बिल्कुल करीब बंद हुआ. सबसे तेज भागने वाले शेयरों में NetWeb Tech से लेकर Tata Steel तक के शेयर टॉप पर रहे.  पहले बुरी तरह फिसला, फिर बना रॉकेट शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,983.31 की तुलना में तेज गिरावट लेकर 80,684.14 पर ओपन हुआ और लगातार गिरावट में ट्रेड करता हुआ नजर आया. लेकिन बाजार बंद होने से ऐन पहले अचानक से बाजी पलटी हुई नजर आई, क्योंकि रेड जोन में ट्रेड करता सेंसेक्स ग्रीन जोन में आ गया और फिर तेज रफ्तार से दौड़ लगाने लगा. अंत में ये 223.86 अंक की उछाल भरकर 81,207.17 पर क्लोज हुआ.  बात निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी भी चाल सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और अपने पिछले बंद 24,836.30 की तुलना में गिरावट लेकर 24,759.55 पर खुलने के बाद इसने में गिरावट के साथ ही कारोबार किया. लेकिन फिर ये अंत में 57.95 अंक की तेजी लेकर 24,894.25 पर क्लोज हुआ.  इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल  शुक्रवार को सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स की लिस्ट में शामिल टॉप-10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Tata Steel (3.40%), PowerGrid (3.15%), Axis Bank (2.16%) की तेजी लेकर बंद हुआ. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से Aegis Vopak (8.54%), Lloyd Share (6.14%), Kalyan Jewellers (5.71%), Indian Bank (3.94%), Tata Tech (2.50%) और Tata Elexi (2.47%) चढ़कर बंद हुआ. वहीं NetWeb Tech के शेयरों ने जबर्दस्त गदर मचाया और 6.30% उछलकर 4318 रुपये पर बंद हुआ.  कोई 20%, तो 10% की तेजी के साथ बंद   मिडकैप इंडेक्स 352 अंकों की बढ़त में रहा, तो स्मॉलकैप इंडेक्स में जोरदार 576.77 अंक की उछाल दर्ज की गई. इस कैटेगरी में कोई शेयर 20, तो कोई 10 फीसदी तक उछलकर बंद हुआ. सबसे ज्यादा KIOCL (20%), Orient Tech (19.99%), kala Mandir (18.29%), VMart (16.56%), Astra Micro (10.87%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में अन्य उछलने वाले शेयरों में क्रिसिल शेयर (3.57%) और नेशनल एल्युमिनियम शेयर (3.10%) की बढ़त के साथ बंद हुआ. 

हरियाणा में गृहमंत्री अमित शाह का मजेदार बयान, रोहतक में किया दूध-छाछ प्रेम की तारीफ

रोहतक  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज हरियाणा दौरे पर हैं। वह रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) के खेल मैदान में पहुंचे। यहां उन्होंने डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया। उनके साथ सीएम नायब सैनी भी मौजूद हैं। उनके आगमन से पहले MDU के छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसके बाद अमित शाह कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे, जहां ब्रह्मसरोवर के किनारे मेला ग्राउंड में एक रैली आयोजित की गई है। इस रैली में तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, वह प्रदेश के 12 जिलों में कुल 825 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत मंत्री और विधायक भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। पाक बॉर्डर से पकड़ा हरियाणा का युवक, पूछताछ में ये बात आई सामने अमित शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम डेयरी के प्लांट को निर्माण की दृष्टि से भी आत्मनिर्भर बनाएंगे। प्लांट बनाने का काम हम तीन गुना स्तर पर करेंगे। दुनिया के सबसे आधुनिक प्लांट हमारे भारत में हों, इस पर भी हम काम कर रहे हैं। 75 हजार डेयरी समितियां बनाई जाएंगीः शाह अमित शाह ने कहा कि आने वाले समय में 75 हजार डेयरी समितियां बनाई जाएंगी। मैं आज देश को बताना चाहता हूं कि हम दूध प्रेक्योरमेंट 1 हजार लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। जब प्रोक्योरमेंट बढ़ता है तो इसका फायदा सीधा पशुपालकों को मिलता है। अब तक देश में 31 हजार सहकारिता समितियां बनाई जा चुकी हैं। तीन समितियां राष्ट्रीय स्तर पर बनाई जा चुकी हैं। ये सभी का पैसा किसानों के बैंक खाते में जाएगा। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल धाम मिशन चलाया। डेयरी सेक्टर पिछले 11 साल में 70% तक बढ़ाः अमित शाह अमित शाह ने कहा कि भारत का डेयरी सेक्टर पिछले 11 साल में 70% तक बढ़ा है। हमारे दूध देने वाले पशुओं की संख्या 86 मिलियन थी, जो दस सालों में बढ़कर 112 मिलियन हो गई। देसी नस्ल की गाय का दूध का उत्पादन 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन तक बढ़ चुका है। 11 साल में डेयरी सेक्टर ने ढेर सारे बदलाव हुए हैं। जिसके कारण हमारा किसान समृद्ध हुआ है। हमारा हरियाणा प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में अच्छा रहता है। भारत आज विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन चुका है। प्लांट से उत्तर भारत में सप्लाई होगीः गृह मंत्री केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूरे एनसीआर और उत्तर भारत में यहां से सप्लाई की जाएगी। आज डेयरी के प्लांट कई राज्यों में लग चुके हैं। इससे किसानों और पशु पालकों की आय में बहुत बढ़ी वृद्धि होगी। मैं हरियाणा के पशुपालकों के साथ सरकार को कहना चाहता हूं कि भ्रूण स्थानांतरण और लिंग निर्धारण की तकनीक हर पशुपालक को उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही प्रदेश में जैविक खेती को भी बढ़ावा देने पर सरकार को काम करना चाहिए। हरियाणा में सबसे ज्यादा दूध और छाछ पी जाती है अमित शाह ने कहा कि साबर डेयरी वालों ने यहां प्लांट क्यों डाला है, मैं बताता हूं कि दूध और छाछ सबसे ज्यादा कहीं पी जाती है तो वह हरियाणा है। साबर डेयरी ने बहुत छोटे स्तर से काम शुरू किया जो आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। आज सहकारिता डेयरी के माध्यम से 35 लाख बहनें 85 हजार करोड़ का गुजरात में व्यापार करती हैं। यही हाल अब हरियाणा में भी होने वाला है। सहकारिता क्षेत्र में खूब विकास किया उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले प्रधानमंत्री का सहकारिता क्षेत्र की ओर से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने सहकारिता मंत्रालय बनाकर सालों पुरानी मांग को पूरा किया है। इन चार सालों में सहकारिता मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों को साथ लेकर सहकारिता क्षेत्र में खूब विकास किया है। 2030 से पहले पूरे देश में सहकारिता समिति का गठन होगा। सेना में सबसे ज्यादा हरियाणा के युवा अमित शाह ने कहा कि सबसे पहले हरि की इस भूमि हरियाणा को मैं प्रणाम करता हूं। यहीं पर श्रीकृष्ण ने गीता को पहली बार गाया और विश्व को एक ऐसा ज्ञान दिया कि जिसके आधार पर पलायन भाव के बगैर व्यक्ति ईश्वर से जुड़ सकता है।हरियाणा की महान भूमि को प्रणाम करता हूं। मैं जब भी हरियाणा आता हूं तो हरियाणा की मातृ शक्ति को विशेष प्रणाम करता हूं। ये छोटा सा हरियाणा है, लेकिन सबसे ज्यादा सेना में हरियाणा के युवा हैं। आज हरियाणा के कई लाल देश की सुरक्षा में दिन रात लगे हुए हैं। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल होते हैं तो मेरे हरियाणा के खिलाड़ी मेडल लेकर आते हैं। इसके अलावा यहां के किसानों से देश का अनाज भंडार भरता है। "इस प्लांट से दूध की मांग पूरी की जाएगी": नायब सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि रोहतक में स्थापित इस आधुनिक डेयरी प्लांट के माध्यम से दिल्ली, एनसीआर और समूचे उत्तर भारत में दूध की बढ़ती मांग को पूरा किया जाएगा।  

पाक के F-16 और JF-17 जेट्स को किया ढेर, एयरफोर्स चीफ ने खोले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के राज

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अपने 93वें वायुसेना दिवस पर जोरदार उत्सव की तैयारी कर रही है. इस मौके पर एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पांच पाकिस्तानी F-16, JF-17 को मार गिराया था. विंग कमांडर जयदीप सिंह, जो वायुसेना के पीआरओ हैं ने प्रेस ब्रीफिंग में इसकी पूरी जानकारी दी.  उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को हिंडन एयर फोर्स बेस पर एक भव्य परेड होगी. 6 अक्टूबर को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी. इस समारोह में वायुसेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख और थलसेना प्रमुख भी शामिल होंगे. यह दिवस वायुसेना की ताकत, आत्मनिर्भरता और देश सेवा को दर्शाएगा. ऑपरेशन सिंदूर में पाक का नुकसान      जमीन पर: चार जगहों पर रडार, दो जगहों पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, दो जगहों पर रनवे, तीन जगहों पर हैंगर और 4-5 एफ-16 (क्योंकि हैंगर एफ-16 का था) तथा एक एसएएम सिस्टम नष्ट.     हवा में: एक लंबी दूरी के स्ट्राइक के सबूत हैं. एडब्ल्यूएसीएस या सिगइंट एयरक्राफ्ट के और 4-5 फाइटर एफ-16 या जे-10 क्लास के. इससे पाकिस्तान को जमीन और हवा में कुल फाइटर विमानों का नुकसान करीब 9-10 हो गया. परेड और आकर्षण: ध्वज फ्लाइपास्ट और स्टेटिक डिस्प्ले विंग कमांडर सिंह ने कहा कि परेड में कई रोमांचक चीजें होंगी. सबसे खास होगा ध्वज फ्लाइपास्ट. इसमें एमआई-17 हेलीकॉप्टर ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लेकर उड़ेगा. यह ऑपरेशन इस साल का सबसे बड़ा अभियान था. स्टेटिक डिस्प्ले में राफेल, Su-30MKI, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल दिखाए जाएंगे. रडार और हथियार भी प्रदर्शित होंगे. वायुसेना ने कुल 18 नई इनोवेशन भी पेश की हैं. ये इनोवेशन वायुसेना की आत्मनिर्भरता, समस्या समाधान क्षमता और भविष्य की सोच को दिखाते हैं. विंग कमांडर ने कहा कि ये दिखाते हैं कि हम खुद पर भरोसा करते हैं. नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं. ऑपरेशन सिंदूर: इतिहास का नया अध्याय ब्रीफिंग का मुख्य फोकस था ऑपरेशन सिंदूर. यह पहलगाम हमले के बाद का सबसे महत्वपूर्ण अभियान था. विंग कमांडर ने बताया कि सरकार ने सेनाओं को पूरी आजादी दी थी. यह युद्ध इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि यह एक लक्ष्य के साथ शुरू हुआ और राष्ट्र ने सीजफायर का फैसला लिया. हमारी मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने खेल पलट दिया. लॉन्ग रेंज एसएएम मिसाइलों ने दुश्मन को पीछे धकेल दिया. सबसे लंबा टारगेट किल 300 किलोमीटर से ज्यादा का था. विंग कमांडर ने गर्व से कहा कि यह इतिहास में दर्ज होगा. हमने सटीक हमले किए, न्यूनतम नुकसान के साथ. सिर्फ एक रात में दुश्मन को घुटनों पर ला दिया. 1971 के बाद पहली बार इतना विनाशकारी अभियान ऑपरेशन सिंदूर में दिखा. वायुसेना ने साबित किया कि वह अचूक, अभेद्य और सटीक है. सभी सेनाओं – वायु, थल और नौ – ने मिलकर योजना बनाई और अमल किया. विंग कमांडर ने कहा कि गलत सूचनाओं की भरमार थी, लेकिन हमारे मीडिया ने सेनाओं की बहुत मदद की. जनता का मनोबल न गिरे, इसके लिए चैनलों ने योगदान दिया. वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के हमलों का वीडियो भी जारी किया है. जरूरत पड़ने पर कैमरा फीड से और जानकारी ली जा सकती है. मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास ऑपरेशन सिंदूर के अलावा, वायुसेना ने कई मानवीय सहायता मिशन चलाए. असम, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और अन्य जगहों पर मदद पहुंचाई. विंग कमांडर ने कहा कि हमने लोगों की जिंदगी बचाई और राहत दी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रियता रही. यूएई, मिस्र, फ्रांस, सिंगापुर जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यास किए. इन देशों के कमांडरों ने तारीफ की और कहा कि वे अभ्यास जारी रखना चाहते हैं. ग्रुप कैप्टन सुभांशु शुक्ला ने अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया. विंग कमांडर ने कहा कि यह साल अच्छा रहा, लेकिन आगे के समय के बारे में सोचना होगा. भविष्य की चुनौतियां और आत्मनिर्भरता विंग कमांडर ने चेतावनी दी कि अगला युद्ध पिछले जैसा नहीं होगा. हमें वर्तमान और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार रहना होगा. दुनिया भर की घटनाओं पर नजर रखनी है. 2047 तक का रोडमैप तैयार है, जिसमें आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) मुख्य है. एलसीए मार्क-1ए के ऑर्डर दिए जा चुके हैं. एलसीए मार्क-2 और आईएमआरएच भी पाइपलाइन में हैं. कई रडार और सिस्टम विकसित हो रहे हैं. विंग कमांडर ने कहा कि हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो रणनीतिक तकनीक ले सकते हैं. गैप भरने के लिए काम चल रहा है. भविष्य का युद्ध हमेशा एकीकृत होगा – सभी सेनाओं और एजेंसियों के साथ. ऑपरेशन सिंदूर से हमने सबक सीखे. इससे वायु शक्ति की अहमियत फिर साबित हुई.  क्या आएगा Su-57 फाइटर जेट?  एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) और रूसी सुखोई-57 पर पूछा गया. एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि यह एडीए और डीआरडीओ के क्षेत्र में है. मुझे लगता है कि यह दशक में उड़ान भरेगा. तेजस मार्क-1ए जैसा कठिन काम है. सुखोई-57 पर सभी विकल्प तौलेंगे. रक्षा में प्रक्रिया है, जो भी फैसला होगा, सबसे अच्छा होगा. ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पांच पाकिस्तानी F-16, JF-17 को मार गिराया था.

सीएम युवा कॉन्क्लेव ने लिखी नई इबारत, 12 हजार से अधिक बिजनेस इंक्वायरी और 9,200 पंजीकरण हुए दर्ज

सीएम युवा कॉन्क्लेव ने युवा उद्यमियों को किया प्रोत्साहित  सीएम युवा कॉन्क्लेव ने लिखी नई इबारत, 12 हजार से अधिक बिजनेस इंक्वायरी और 9,200 पंजीकरण हुए दर्ज कॉन्क्लेव में 5 दिनों के अंदर 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस भी दर्ज किए गए यूपीआईटीएस 2025 में युवाओं की रही अद्भुत भागीदारी, सीएम युवा मिशन को मिला “अवार्ड ऑफ ऑनर” युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से कराया रूबरू, उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा सीएम युवा योजना का लाभ उठाने के लिए कर सकते हैं आवेदन लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी सीएम युवा मिशन के तहत आयोजित सीएम युवा कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा। पांच दिवसीय आयोजन ने न केवल युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से रूबरू कराया बल्कि उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले। इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान कुल 12,025 बिज़नेस इंक्वायरी, 9,200 पंजीकरण, 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस दर्ज किए गए। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा तेजी से युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस कॉन्क्लेव और एक्सपो ने साबित कर दिया कि प्रदेश के युवा स्टार्टअप, उद्यमशीलता, स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करेंगे।  युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच बना कॉन्क्लेव सीएम युवा के नोडल और ज्वॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि 5 दिन के कॉन्क्लेव में कई प्रसिद्ध फ्रेंचाइज़ ब्रांड्स, मशीनरी सप्लायर्स और बिजनेस-ऑन-व्हील्स वेंचर्स ने भाग लिया। इनमें डॉक्टर मोरिंगा, एमबीए मखानेवाला, हनीमैन, चीजी क्रेजी कैफे और ओसियन एंटरप्राइज़ जैसे ब्रांड्स ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इन प्रस्तुतियों ने युवाओं को नवाचार और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की दिशा में प्रेरित किया। टॉप-5 ब्रांड्स रहे आकर्षण का केंद्र सबसे अधिक व्यवसायिक पूछताछ प्राप्त करने वाले ब्रांड्स में ओसियन एंटरप्राइजेज (700+), यूपीसीएस स्टोर (650+), एमबीए मक्खनवाला (550+), प्रॉस्पर ग्रुप (500+) और आईक्यूटीएम (450+) शामिल रहे। अवार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित सीएम युवा मिशन को यूपीआईटीएस 2025 की सफलता में उत्कृष्ट योगदान के लिए “अवार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन) नंद गोपाल नंदी, मंत्री (एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम एवं वस्त्र) राकेश सचान, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन आलोक कुमार और मिशन डायरेक्टर-सीएम युवा के. विजयेन्द्र पांडियन की मौजूदगी में प्रदान किया। युवाओं की अद्भुत भागीदारी कॉन्क्लेव में मेरठ, सहारनपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडलों से 3,700 से अधिक युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में छात्र और नवोद्यमी सीएम युवा पवेलियन में पहुंचे और विभिन्न बिज़नेस मॉडल्स को समझने के साथ-साथ अपने सवालों के समाधान भी पाए।