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पांच साल का इंतजार खत्म! छत्तीसगढ़ में 20 अक्टूबर तक होगी बारिश की संभावना

रायपुर देश के कई इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार इसकी वापसी एक सप्ताह देर से होगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 20 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। बीते पांच वर्षों में मानसून आमतौर पर 12 अक्टूबर के आसपास विदा होता रहा है। इस बार लौटने में देरी से मौसम का मिजाज भी बदला-बदला रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। इसके बाद ही धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। बरसात की यह बढ़ी हुई अवधि धान की फसलों के लिए राहत मानी जा रही है। खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी। हालांकि लगातार वर्षा से कटाई में देरी हो सकती है।   इस बार समय से पहले आया था मानसून छत्तीसगढ़ में 28 मई को बस्तर से मानसून की दस्तक होती है। पूरे देश में अब बारिश अंतिम दौर में है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाता है। इस बार विदाई तक कई जिलों अच्छी बारिश हो सकती है। बीते पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो 10 से 12 अक्टूबर तक मानूसन की वापसी होती है। हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है, जो अगले 12 घंटे में अवदाब और बाद में गहरा अवदाब बनकर तीन अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र तट पार कर सकता है। इसके असर से दो को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। तीन को दक्षिण अंचल में भारी से अति भारी बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। चार को मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

रेलवे भर्ती 2025: मध्यप्रदेश के लिए 1149 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया जारी

ग्वालियर रेलवे में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे ने अप्रेंटिस के 1149 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस भर्ती में न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू। आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। अंतिम तिथि 25 अक्टूबर रखी गई है। ओबीसी और जनरल को ₹100 फीस देनी होगी। वहीं एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूबीडी के निश्शुल्क रखा गया है। किन ट्रेड्स में भर्ती होगी फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन एंड एसी मैकेनिक, फार्जर एंड हीट ट्रीटर, कारपेंटर, इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, पेंटरइलेक्ट्रीशियन, वायरमैन। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड में आइटीआइ डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 24 साल तय की गई है। वहीं ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को तीन साल की छूट, एससी, एसटी उम्मीदवारों को पांच साल की छूट और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को श्रेणी अनुसार 10 से 15 साल तक की आयु छूट दी जाएगी।   चयन प्रक्रिया इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। स्टाइपेंड चयनित उम्मीदवारों को अप्रेंटिस अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹7700 से ₹8050 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध: किसान ट्रैक्टर रैली लेकर सड़कों पर उतरेंगे

इंदौर इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के खिलाफ किसानों का विरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे। पहले चरण में कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद अब किसान सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को हातोद से इंदौर के कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इसमें एक हजार से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे और योजना को स्थगित करने की मांग करेंगे।   इस सड़क का निर्माण 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए किया जाना है, लेकिन स्थानीय किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सड़क निर्माण के कारण कई किसानों की पूरी जमीन जा रही है और इसके बदले मिलने वाले मुआवजे में आसपास के दस किमी में कहीं भी जमीन नहीं मिल रही है। मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार दोगुना दिया जाएगा, जबकि बाजार भाव पांच गुना तक पहुंच चुका है। किसान नेता बबलू जाधव और कैलाश सोनगरा का कहना है कि सरकार बिना किसी आकलन और सर्वे के योजना लागू कर देती है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है। इस विरोध को लेकर किसान अब ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय ले चुके हैं, जिसमें इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे। इंदौर जिले के 20 गांव प्रभावित इस परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव और उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। कुल 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन इस सड़क में जाएगी। कहीं पूरी जमीन छिन रही है तो कहीं बीचों-बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे किसान पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान का कहना है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा बाजार भाव से बेहद कम है। ऐसे में न तो जमीन के बदले जमीन मिल पाएगी और न ही किसान अपनी जीविका सुरक्षित रख पाएंगे। पहले से कई मार्ग, उन्हें करें चौड़ा यह सड़क इंदौर के पितृपर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक जाएगी। सरकार इसे सिंहस्थ के लिए उपयोगी बता रही है, लेकिन किसान इसका विरोध कर रहे हैं। रतनखेड़ी के राहुल पटेल और मगरखेड़ी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उज्जैन जाने के लिए पहले से कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए। इससे किसानों की जमीन भी बच जाएगी। गांव-गांव में जुटा रहे जनसमर्थन बीते रविवार को किसानों की बैठक रतनखेड़ी में आयोजित हुई थी। इसमें ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया गया। अब रैली की तैयारी को लेकर किसानों ने गांव-गांव संपर्क और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। आठ अक्टूबर को सड़कों पर उतरने और अपनी जमीन बचाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। अन्य मांगें भी शामिल रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध करने के साथ ही अपनी फसलों की समस्याओं को भी सामने रखेंगे। किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि किसान सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने की मांग का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपेंगे।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बिहार में अगले 5 दिन भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के कई जिलों में तेज हवा, मध्यम बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य भर में मौसम बिगड़ा रह सकता है। मौसम विभाग ने 3 से 7 अक्टूबर तक पूरे बिहार में लगातार बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने राज्य के दक्षिण- पश्चिम हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य, जबकि शेष क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है।  केंद्र ने जिन जिलों के लिये अलर्ट जारी किया है उनमें औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया जी, नालंदा, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, बेगूसराय और मधुबनी शामिल हैं। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, मध्यम वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं दो अक्टूबर को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश हो सकती है। अक्टूबर में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पटना का तापमान दो अक्टूबर को अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस, तीन अक्टूबर को अधिकतम 31 डिग्री सेल्सिअस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस और चार अक्टूबर को अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस  रहेगा।

RSS का उद्देश्य क्या है? पीएम मोदी ने समझाया सेवा, अनुशासन और राष्ट्र भावना का महत्व

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100वें स्थापना दिवस के मौके पर संघ की ऐतिहासिक यात्रा और राष्ट्रनिर्माण में इसके योगदान पर अपने विचार साझा किेए। पीएम मोदी ने 'एक्स', पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज से 100 साल पहले विजयादशमी के दिन ही समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। लंबे कालखंड के दौरान असंख्य स्वयंसेवकों ने इस संकल्प को साकार करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसे लेकर मैंने अपने विचारों को शब्दों में ढालने का प्रयास किया है।" इस युग में संघ अनादि राष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार है- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग पोस्ट करते हुए लिखा, 100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई थी। ये हजारों वर्षों से चली आ रही उस परंपरा का पुनर्स्थापन था,जिसमें राष्ट्र चेतना समय-समय पर उस युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए,नए-नए अवतारों में प्रकट होती है। इस युग में संघ उसी अनादि राष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार है। ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने मिल रहा है। मैं इस अवसर पर राष्ट्रसेवा के संकल्प को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं। मैं संघ के संस्थापक, हम सभी के आदर्श, परम पूज्य डॉक्टर हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संघ की 100 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा की स्मृति में भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के भी जारी किए हैं। संघ के किनारे सैकड़ों जीवन पुष्पित-पल्लवित हुए- पीएम मोदी पीएम ने लिखा, जिस तरह विशाल नदियों के किनारे मानव सभ्यताएं पनपती हैं, उसी तरह संघ के किनारे भी सैकड़ों जीवन पुष्पित-पल्लवित हुए हैं। जैसे एक नदी जिन रास्तों से बहती हैं, उन क्षेत्रों को अपने जल से समृद्ध करती हैं, वैसे ही संघ ने इस देश के हर क्षेत्र, समाज के हर आयाम को स्पर्श किया है। जिस तरह एक नदी कई धाराओं में खुद को प्रकट करती है, संघ की यात्रा भी ऐसी ही है। संघ के अलग-अलग संगठन भी जीवन के हर पक्ष से जुड़कर राष्ट्र की सेवा करते हैं। शिक्षा, कृषि, समाज कल्याण, आदिवासी कल्याण,महिला सशक्तिकरण, समाज जीवन के ऐसे कई क्षेत्रों में संघ निरंतर कार्य करता रहा है। विविध क्षेत्र में काम करने वाले हर संगठन का उद्देश्य एक ही है, भाव एक ही है….राष्ट्र प्रथम संघ राष्ट्र निर्माण का विराट उद्देश्य लेकर चला- पीएम मोदी अपने गठन के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र निर्माण का विराट उद्देश्य लेकर चला। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघ ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण रास्ता चुना और इस चलने के लिए जो कार्यपद्धति चुनी वो थी नित्य-नियमित चलने वाली शाखाएं। संघ शाखा का मैदान, एक ऐसी प्रेरणा भूमि है, जहां से स्वयंसेवक की अहम् से वयं की यात्रा शुरू होती है। संघ की शाखाएं…व्यक्ति निर्माण की यज्ञवेदी हैं। राष्ट्र निर्माण का महान उद्देश्य, व्यक्ति निर्माण का स्पष्ट पथ और शाखा जैसी सरल, जीवंत कार्यपद्धति यही संघ की सौ वर्षों की यात्रा का आधार बने। इन्हीं स्तंभों पर खड़े होकर संघ ने लाखों स्वयंसेवकों को गढ़ा, जो विभिन्न क्षेत्रों में देश को आगे बढ़ा रहे हैं। संघ ने समाज के अलग-अलग वर्गों में आत्मबोध जगाया- पीएम मोदी अपनी 100 वर्षों की इस यात्रा में, संघ ने समाज के अलग-अलग वर्गों में आत्मबोध जगाया, स्वाभिमान जगाया। संघ देश के उन क्षेत्रों में भी कार्य करता रहा है, जो दुर्गम हैं, जहां पहुंचना सबसे कठिन है। संघ दशकों से आदिवासी परंपराओं, आदिवासी रीति-रिवाज, आदिवासी मूल्यों को सहेजने-संवारने में अपना सहयोग देता रहा है, अपना कर्तव्य निभा रहा है। आज सेवा भारती, विद्या भारती, एकल विद्यालय, वनवासी कल्याण आश्रम, आदिवासी समाज के सशक्तिकरण का स्तंभ बनकर उभरे हैं।  

MP की दर्दनाक हकीकत: बेटियों की जान को सबसे अधिक खतरा, NCRB रिपोर्ट में आंकड़े डरावने

भोपाल भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, भ्रूण हत्या रोकने के तमाम प्रयास के बाद भी मध्य प्रदेश की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। भ्रूण हत्या, शिशु हत्या और माता-पिता द्वारा बच्चों को छोड़ने के मामले में देश में अव्वल राज्य मध्य प्रदेश है। NCRB की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में उक्त तीन प्रकृति के 196 मामले सामने आए हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर UP दूसरे नंबर पर 156 प्रकरणों के साथ महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर 112 प्रकरणों के साथ उत्तर प्रदेश है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात के कानूनी प्रविधानों को लेकर उचित जानकारी का अभाव और बच्चे के लिंग को लेकर सामाजिक दबाव इसकी बड़ी वजह है। एक समय था जब मध्य प्रदेश में शिशु लिंगानुपात 912 पर आ गया था। जानकारों ने इसकी वजह भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात को बताया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'लाड़ली लक्ष्मी' योजना प्रारंभ की। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' सहित बेटियों के हित में कई योजनाएं प्रारंभ की गई, जिससे लोग उन्हें बोझ न मानें। इसके बाद भी प्रदेश का शिशु लिंगानुपात 917 है। यानी, प्रति हजार बेटों पर 917 बेटियां ही पैदा हो रही हैं, जबकि प्राकृतिक तौर पर यह आंकड़ा 950 से ऊपर होना चाहिए। बच्चों की हत्या के सर्वाधिक मामले में MP को मिला ये स्थान छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या NCRB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रदेश में वर्ष 2023 में छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या कर दी गई। हत्या के सर्वाधिक मामले में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। हत्यारों ने 1832 लोगों की जान ले ली, जिसमें 706 मामलों में विवाद के कारण हत्या की गई। 121 प्रकरणों में हत्या का कारण प्रेम प्रसंग और 103 में संपत्ति का विवाद रहा है। प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की सर्वाधिक 227 घटनाएं उत्तर प्रदेश, 144 गुजरात और 138 महाराष्ट्र में हुईं। मध्य प्रदेश में 30-45 आयु वर्ग के 666 लोगों की हत्या हुई। दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश को मिला स्थान ए्ससी के साथ दुष्कर्म के 560 मामले, देश में तीसरे नंबर पर एसटी के विरुद्ध सर्वाधिक अपराध के मामले में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर तो है ही अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2023 में 560 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 176 में पीड़िता नाबालिग थीं।

1278 परिवारों को रोजगार से जोड़ा गांधी सेवा आश्रम, चंबल से उत्तराखंड-असम तक छाया मानवता का असर

मुरैना जौरा स्थित गांधी सेवा आश्रम में 53 साल पहले महात्मा गांधी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने बंदूकें डालकर आत्मसमर्पण किया था। यह आश्रम अब गांधीवादी विचारों की अलख ही नहीं जगा रहा, बल्कि मुरैना से लेकर दूसरे प्रांतों के गरीब परिवारों को रोजगार भी दे रहा है। चंबल से लेकर उत्तराखंड, बिहार और असम तक 1278 परिवारों को तीन दशक से भी ज्यादा समय से कुटीर उद्योगों से जोड़कर रोजी-रोटी मुहैया करवा रहा है। कहां-कहां मिला लोगों को रोजगार आश्रम जौरा से लेकर मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में 1130 परिवारों को साढ़े तीन दशक से रोजगार दे रहा है। इनमें 325 परिवार सूत कताई व खादी की बुनाई का काम कर रहे हैं। 805 परिवार मधुमक्खी पालन से आजीविका चला रहे हैं। इनके अलावा रोजगार की यह मुहिम उत्तराखंड में 50 परिवारों का भरण पोषण कर रही है। उत्तराखंड में यह परिवार कालीन बुनाई व अगरबत्ती बनाने का काम करते हैं। असम के 50 परिवार साड़ी, चादर व साफी बनाने का काम करते हैं, वहीं बिहार में गांधी सेवा आश्रम से जुड़कर 48 परिवार दौरी (बांस की टोकरी) बनाने का काम करते हैं। एक चक्की से शुरू हुआ रोजगार का चक्का आश्रम में सबसे पहले आटा चक्की लगाई गई थी। रोजगार की यह चक्की ऐसी चली कि गांधी सेवा आश्रम में आज खादी बनाने से लेकर सरसों तेल, मधुमक्खी पालन से शहद, केंचुआ खाद, स्वदेशी साबुन आदि सामान बनाए जा रहे हैं। यहां बनने वाले उत्पाद खादी ग्रामोद्योग, मप्र की जेलों में, पुलिस महकमे को, पुणे के प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, उज्जैन के बाल आश्रम सहित कई जगहों पर सप्लाई होते हैं। जिनकी बंदूक उगलती थी आग, वो बना रहे केंचुआ खाद आश्रम में काम करने वाले पूर्व दस्यु बहादुर सिंह कुशवाह माधौसिंह-हरिविलास गैंग के सबसे भरोसेमंद सदस्य थे। यह पूर्व दस्यु अब यहां केंचुआ खाद बनाने का प्रशिक्षण देकर किसानों को खाद बनाना सिखा रहा है। इसी तरह पूर्व दस्यु सोनेराम भी आश्रम से जुड़कर बागवानी का काम कर रहे हैं। आश्रम प्रबंधक प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को गांधीवादी विचारों से जोड़ने के साथ गरीब परिवारों को कुटीर उद्योगों के जरिए रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। आश्रम का प्रयास देश के अन्य राज्यों से भी धीरे-धीरे जुड़ रहा है। 27 सितंबर 1970 को बना था गांधी सेवा आश्रम गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव के प्रयासों से 14 अप्रैल 1972 को समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी प्रभावती देवी की मौजूदगी में गांधीजी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने आत्मसमर्पण किया था। जौरा में जिस जगह पर डकैतों ने आत्मसमर्पण किया, वहां 27 सितंबर 1970 को गांधी सेवा आश्रम बना था।

सीएम मोहन यादव से मिले ‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर के युवा खिलाड़ी, जर्मनी यात्रा से पहले उत्साहित

शहडोल शहडोल जिले के विचारपुर गांव जिसे मिनी ब्राज़ील कहा जाने लगा है वहां के पांच फुटबॉल खिलाड़ी और एक कोच जर्मनी रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिले। यह खिलाड़ी और कोच जर्मन में 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक फुटबॉल खेल की बारीकियां सीखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर की 'मिनी ब्राजील' फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।   मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनके प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विचारपुर की फुटबॉल टीम शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी प्रदेश की असाधारण खेल प्रतिभा का परिचायक हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने कौशल और समर्पण से देश और प्रदेश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करें। विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के इस विशेष अवसर के लिए विचारपुर से कुल पांच खिलाड़ी और एक महिला प्रशिक्षक का चयन किया गया है। इनमें लक्ष्मी सहीस (प्रशिक्षक, 31 वर्ष),सानिया कुशवाहा (खिलाड़ी, 14 वर्ष),सुहानी कोल (खिलाड़ी, 15 वर्ष),प्रीतम कुमार (खिलाड़ी, 14 वर्ष) वीरेंद्र बैगा (खिलाड़ी, 16 वर्ष),मनीष घसिया (खिलाड़ी, 16 वर्ष) के नाम शामिल हैं। प्रधानमंत्री से मिली वैश्विक पहचान विचारपुर की फुटबॉल टीम को यह पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 जुलाई 2023 को मन की बात कार्यक्रम में मिली थी। प्रधानमंत्री ने विचारपुर को ‘मिनी ब्राजील’ के रूप में उल्लेखित किया था। इसके बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 ने विचारपुर के पांच खिलाड़ियों और एक प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया गया है।

छत्तीसगढ़ को मिला 3,462 करोड़ का केंद्रीय अनुदान, विकास योजनाओं में होगा बड़ा योगदान

रायपुर  केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की राशि जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ को 3,462 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सबसे ज्यादा 10,219 करोड़ रुपये बिहार को दिए गए, जबकि सबसे कम राशि 392 करोड़ रुपये गोवा को मिली है। मध्य प्रदेश को 7,976 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया है। इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार। इस पावन अवसर पर, यह आवंटन वास्तव में मोदी सरकार की ओर से राज्य की जनता के लिए एक उल्लेखनीय उपहार है। यह महत्वपूर्ण राशि वित्तीय संसाधनों को और सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी और कल्याणकारी पहलों को बढ़ावा देगी। हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार छत्तीसगढ़ में निरंतर प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के विकास में इस पैसे का होगा अहम योगदान : तोखन साहू वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है, जो हमने कहा था वही किया। राज्य के विकास में इस पैसे का अहम योगदान होगा। पहले GST कम किया गया, अब GST राशि वापस की गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार किया है और हम विकास कर रहे हैं। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा : ओपी चौधरी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम कर अंशदान के रूप में ₹1,01,603 करोड़ जारी किये हैं। इसमें से छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा, जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाएगा और पावन पर्व-त्योहारों के इस समय में नवआशा और समृद्धि का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार एंव अभिनंदन।

अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई: संभल में मदरसा-मैरिज पैलेस ध्वस्त, सुरक्षा बल तैनात

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर से बुलडोजर से कार्रवाई जारी है। कई एकड़ भूमि पर बने इस निर्माण में लोग मदरसा और बारात घर चला रहे थे। इसको लेकर कोई विरोध ना हो, इसके लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही माहौल तनावपूर्ण न हो, इसके लिए पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है, साथ ही लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी इस मामले पर संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि जिले भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। यह तालाब की जमीन है जिस पर एक बड़ा मैरिज पैलेस बना है। तहसीलदार ने 30 दिन पहले इसे गिराने का आदेश जारी किया था। इसके बाद कोई अपील दायर नहीं की गई इसलिए आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, 'कोर्ट में सभी पक्षों को सुना गया। उसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने आदेश जारी किया और हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। सभी की राय है कि अगर यह अवैध रूप से बना है तो इसे गिरा दिया जाना चाहिए।' प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया डीएम के अलावा संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया, 'संभल के असमोली थाने के अंतर्गत राय बुजुर्ग गांव में एक तालाब और खाद के गड्ढों के लिए जमीन है। उन्हें इसे गिराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। 30 दिन की समय सीमा बीत जाने के बावजूद उन्होंने अभी तक इसे नहीं गिराया है। प्रशासन ने इसे खुद गिराने का फैसला किया है। यह अवैध निर्माण था। उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। यह अवैध निर्माण मदरसे और बारात घर की तरह उपयोग में लिया जा रहा था और कई एकड़ जमीन पर फैला हुआ था।'