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देश के विकास में सरकार के लिये गये निर्णयों में सीएससी का गठन सबसे अग्रणीय निर्णय रहा: मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर जहां एक ओर लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है, वहीं इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो रहे है। देश के विकास में सरकार के लिये गये निर्णयों में सीएससी का गठन सबसे अग्रणीय निर्णय रहा। आज भारत देश डिजिटल ट्रांजेक्शन के मामले में नम्बर एक पर है। मंत्री श्री सारंग ने यह बात सीएससी दिवस के उपलक्ष्य में आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यशाला में कहीं। इस अवसर पर सीएससी के राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय भी उपस्थित थे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और कल्याण के कार्य किये जा रहे है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पारदर्शिता के साथ योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है, इसमें बीएलई की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर व्यक्ति में ईमानदारी और कर्त्तव्य बोध है, इसे जगाने की जरूरत है। सीएससी के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बीएलई प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लोगों और सरकार का काम कर रहे। उनके व्यवहार, आचरण और कार्य पद्धति से व्यवस्था परिलक्षित होती है। बीएलई द्वारा लोगों के किये गये कार्य से उसे पैसों के साथ दुआएं भी मिलती हैं। मंत्री श्री सारंग ने सुझाव दिया कि सीएससी में सुझाव और शिकायत की भी व्यवस्था हो और वर्ष में सीएससी में परफॉर्मेंस और उनके व्यवहार के आधार पर अवार्ड दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन बीएलई का व्यवहार अच्छा रहे उन्हें सम्मानित करें, जिससे दूसरे लोग भी प्रेरित हों। उन्होंने बीएलई से कहा कि सीएससी में सफाई व्यवस्था उसका उन्नयन और नवाचार करने से आपकी साख बढ़ेगी और विकसित भारत की परिकल्पना पूर्ण होगी। कार्यशाला में सीएससी पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। उज्जैन, अशोकनगर, डिण्डोरी, दमोह, पन्ना, छिंदवाड़ा के एक-एक बीएलई, छतरपुर, सिवनी, देवास के दो-दो कुल 12 बीएलई उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मानित किये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन– कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में नहीं होगी कमी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी कावड़ यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ अनुकूल व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में निर्देश जारी किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन त्रिवेणी शनिमंदिर से कावड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कावड़ यात्रियों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कावड़ का पूजन कर कावड़ उठाई और अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर संत श्री उत्तम स्वामी के साथ पैदल चलकर कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी त्यौहार उत्साह के साथ मनाने की परम्परा राज्य सरकार ने शुरू की है। ईश्वर और संतजन के आशीर्वाद से उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ तेजी से की जा रही है। हम इस सोच के साथ सभी तैयारियां कर रहे है कि वर्ष-2028 के बाद यदि प्रतिवर्ष सिंहस्थ जैसे आयोजन हों तो किसी प्रकार की समस्या न आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन में संतों के लिये आश्रम और अन्य व्यवस्थाओं को जुटाने के लिये "सिंहस्थ धार्मिक सिटी" का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में उज्जैन आने वाले श्रृद्धालुओं के लिये सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया जल का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कावड़ यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में कई संस्कृतियाँ हैं, दुनिया में तो 194 देश है लेकिन कोई देश अपने कोई भी शुभ काम प्रारंभ करने के लिए जल के माध्यम से कोई संकल्प नहीं लेता है। भारतीय संस्कृति जल ही जीवन की संस्कृति और जीवन जीने की पद्धति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर की कृपा से हम हजारों सालों से जल के गुणों से परिचित हैं। कावड़ यात्रा मे विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, श्री तपन भौमिक और संतों सहित बड़ी संख्या में श्रृद्धालु उपस्थित थे।

सीएम साय की अध्यक्षता में कैबिनेट, हुआ 12 अहम फैसले

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1-    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन हेतु अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किये जाने हेतु 30 सांख्येतर पद निर्मित कर वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 2-    मंत्रिपरिषद द्वारा जनजातीय समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवा, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों के संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन (PanIIT) के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी प्रदान की गई। इस ज्वाइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों को संस्थागत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त एवं विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी का ज्वाइंट वेंचर वंचित समुदायों के विकास के लिए आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना आदि के अप्रयुक्त फंड का अभिसरण कर आजीविका एवं सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए कार्य करेगा। कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पैन आईआईटी द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षित युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कौशल के साथ फॉरेन लैग्वेज सिखाने का कार्य किया जाएगा। पैन आईआईटी द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रशासन एवं विभागों द्वारा आवश्यक शासकीय भवनों का पहचान किया जाएगा एवं उसे ज्वाइंट वेेन्चर कंपनी को हस्तांतरित किया जाएगा। पैनआईआईटी, आईआईटी के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई सोसायटी है जो राज्य सरकारों के साथ गैर लाभकारी संयुक्त उपक्रम बनाकर, राष्ट्रनिर्माण मिशन, व्यवसायिक, आजीविका शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वंचित समुदायों के आय में सुधार लाने का कार्य करती है। 3-    मंत्रिपरिषद द्वारा पुराने वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 4-    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम-1994 के नियम, 55 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या किसी अन्य राज्य से लाए गए उसी श्रेणी के वाहन में उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि पुराना नंबर सामान्य नंबर था तो छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 55(2)(ग) के अनुसार आवश्यक शुल्क भरने के बाद इसका उपयोग संभव होगा। यह सुविधा केवल नए वाहन के पंजीयन या अन्य राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आए वाहनों पर लागू होगी, पहले से राज्य में पंजीकृत वाहनों पर नहीं। शासकीय वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी, इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। 5-    छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 6-    मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के जरिए सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नीति का उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना, साथ ही बौद्धिक संपदा जागरूकता बढ़ाना है। जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र स्थापित करना और कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देना भी इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं। इस नीति का लक्ष्य है राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना। इससे युवाओं को नई सोच और तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी। 7-    छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप पर अनुमोदन किया गया। 8-    मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) के विकास के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्थापना हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण कार्य करेगा। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का काम करेगा। 2031 तक इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहने की संभावना है, इसलिए भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते हुए शहरी विकास सुनिश्चित करना जरूरी है। इस तरह राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों को बेहतर, सतत और सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेगा। 9-    छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी तथा केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 के संशोधनों के अनुरूप यह होगा। 10-    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायालयों में लंबित कर संबंधी मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। 11-    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी, जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी। भूमि धारक की मृत्यु पर संयुक्त खाताधारकों और वारिसों को नामांतरण में सहूलियत होगी। भवन या भूखंड का हस्तांतरण भूमि के अनुपात में हो सकेगा। औद्योगिक नीति, आवास योजना और नगरीय विकास की प्रक्रियाएं सरल होंगी। 12-    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री ने शहरी विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की दी सौगातें

15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर होंगे सृजित प्रदेश के सभी शहरों में आयोजित करेंगे ग्रोथ कॉन्क्लेव रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोग्रेसिव सेक्टर गिफ्ट सिटी के जैसे मध्यप्रदेश में भी 10 सिटी बनाएंगे सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को देंगे बढ़ावा प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किये जायेंगे शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा इकोनॉमिक टाइम्स अर्बन ग्रोथ 2025 पुस्तिका का हुआ विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोगेसिव सेक्टर है और यह सेक्टर देश के नवनिर्माण में बड़ा सहयोग दे रहा है। रियल एस्टेट के विकास में ही देश का विकास अंतर्निहित है। हम इस सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश के सभी बड़े शहरों में इसी तरह की ग्रोथ कॉन्क्लेव करके और सबको घर मुहैया कराकर नागरिकों के जीवन में खुशहाली लायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की जीडीपी में अब 8.5 प्रतिशत तक योगदान दे रहा है, जो कभी मात्र 3 प्रतिशत हुआ करता था। उन्होंने गुजरात की ‘गिफ्ट सिटी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी ही 10 स्मार्ट सिटीज़ मध्यप्रदेश में विकसित की जाएंगी। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेक्टरों के लिए विशेष ग्रोथ कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी। प्रदेश के समग्र शहरी विकास और रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर स्थित ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में उद्योग, होटल, रियल एस्टेट, एजुकेशन, रिन्यूअल एनर्जी, आईटी आदि क्षेत्रों में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश में 15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और शहरी एवं औद्योगिक विकास को नई ऊचाईयां प्राप्त होंगी। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की सौगातें भी दी। उन्होंने मुख्य रूप से जल प्रदाय, सीवरेज, स्वच्छता और अधोसंरचना निर्माण के लिये 5 हजार 454 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 799 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को बढ़ावा दिया जायेगा। कॉन्क्लेव में प्राप्त निवेश प्रस्ताव कॉन्क्लेव में सर्वाधिक 12 हजार 473 करोड़ रुपये का निवेश औद्योगिक क्षेत्र में प्राप्त हुआ है। इसी तरह होटल क्षेत्र में 3 हजार 344 करोड़ रूपये, रियल एस्टेट क्षेत्र में 1812.14 करोड़ रुपये, एजुकेशन क्षेत्र में 72.45 करोड़ रूपये, रिन्यूअल एनर्जी क्षेत्र में 500 करोड़ रूपये तथा आईटी क्षेत्र में 100 करोड़ रूपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत 12 निवेशकों से 2 हजार 784 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिये एक हजार 320 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज ऑफ टुमारो कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश के शहरों को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुलभ, स्विफ्ट और सुरक्षित परिवहन, किसी भी आधुनिक शहर की रीढ़ होते हैं। भविष्य की ट्रांसपोर्टेशन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर शहरों में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये दी सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये 12 हजार 500 करोड़ रुपये की सौगातें प्रदान की। मुख्य रूप से इंदौर शहर के लिए अमृत 2.0 अंतर्गत जलप्रदाय एवं सीवरेज योजना हेतु 2,382.03 करोड़ रुपये की सौगात दी गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उपयोगित जलप्रदाय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास हेतु 257 परियोजनाओं के लिए 3,562.27 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अंतर्गत 45,503 हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत 19,541 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कुल 65,044 हितग्राहियों को 2,799.26 करोड़ रूपये की राशि अंतरण की गई। शहरी विकास को गति देने के लिये हुए महत्वपूर्ण एमओयू शहरी प्रशासन के विविध घटकों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से इंटीग्रेट करके अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए मध्यप्रदेश शासन और भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। नगरीय विकास विभाग के अन्तर्गत मध्यप्रदेश शहरी विकास कंपनी और हाउसिंग और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुड़को) के मध्य समझौता निष्पादन हुआ। मध्यप्रदेश शासन और IIM इंदौर के बीच सिंहस्थ 2028 की कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एमओयू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से की रूबरू चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों से चर्चा की और निवेश की संभावनाओं पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया। डॉ. यादव ने मुख्य रूप से हुडको के अध्यक्ष श्री संजय कुलश्रेष्ठ , पटेल इंफ्रा के श्री अरविंद विदुलभाई पटेल, आईटीसी के श्री आशीष पाल, एमकेसी इंफ्रा के श्री केतन पटेल, ओमेक्स ग्रुप के श्री मोहित गोयल, मेडुला सॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के श्री शांतनु शर्मा, राठी स्टील लिमिटेड के श्री ध्रुव राठी, मध्यप्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के श्री सुमित सूरी, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की सुश्री प्रीति पटेल, डापलमायर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रफुल्ल चौधरी, साई ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के श्री रितेश दास से रु-ब-रु होकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ ही मेट्रो से लेकर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट, झील संरक्षण से लेकर स्मार्ट कमाण्ड सेंटर तक हर क्षेत्र में तेज गति और व्यापक पैमाने पर कार्य शुरू किये गये हैं यह एक शुरूआत है। इसे आगे भी सबके सहयोग से तेज गति … Read more

कल के शहरों का निर्माण थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में "मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025" अन्तर्गत कल के शहरों का निर्माण थीम पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विकास के लिए संचालित विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विकसित सुदृढ़ अधोसंरचना, नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन नीतियों एवं योजनाओं से संबंधित प्रकल्प प्रदर्शित किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इंदौर विकास के मॉडल की झलक प्रदर्शनी में इंदौर विकास प्राधिकरण की अधोसंरचना विकास के लिए अपनाए गए मॉडल जिसमें पीपीपी मोड पर आधारित बहुउद्देशीय स्पोर्ट्स पार्क के निर्माण, एयरपोर्ट के पास कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए निर्माणाधीन स्टार्टअप पार्क को प्रकाशित किया गया। प्रदर्शनी में सारे प्रोजेक्ट्स की जानकारी को डिजिटली उपलब्ध कराने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल व्यवस्था देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। कल के शहरों में मेट्रो रेल की भूमिका "कल के शहरों" के निर्माण में मेट्रो रेल की भूमिका को दर्शाने वाली प्रदर्शनी में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना (येलो लाइन), भोपाल मेट्रो रेल परियोजना (ऑरेंज और ब्लू लाइन), रोलिंग स्टॉक (ट्रेन) देशी तकनीक से निर्मित आधुनिक मेट्रो ट्रेनें, सूचनात्मक पैनल को प्रदर्शित किया गया जिसके माध्यम से कल के शहरों में आवागमन के सशक्त साधन को दिखाया गया है। टेक्नोलॉजी आधारित प्रकल्प टेक्नोलॉजी आधारित विकास की पांच परिवर्तनकारी नीतियाँ आईटीईएस एवं ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति 2025, ड्रोन प्रोत्साहन एवं उपयोग नीति 2025, एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025 का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम इंदौर द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी भी प्रस्तुत की गई जिसमें राज्य के प्रमुख अधोसंरचना परियोजना के गतिशील औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, तेजी से विकसित होती आईटी अवसंरचना, और समावेशी शहरी विकास को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में विशेष रूप से इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर, आईटी पार्क-3, इंदौर, आईटी पार्क-4, सुपर कॉरिडोर, इंदौर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, रेडीमेड गारमेंट कॉम्प्लेक्स में प्लग एंड प्ले सुविधा को प्रदर्शित किया गया। हरित विकास नवाचार प्रदेश में हरित विकास को बढ़ावा देने वाली विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के नवाचारों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया। मध्य भारत में पॉलीकार्बोनेट शीट जो पूर्णतः हरित उत्पाद है के माध्यम से घरों में प्राकृतिक रोशनी आसानी से उपलब्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या के निराकरण के लिए रोबोटिक पार्किंग सिस्टम बनाए जाने के संबंध में मॉडल, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कचरा संग्रहण एवं कचरा निस्तारण के लिए ईवी का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन कार्यों में लगे प्रदेश के उद्योगपतियों की सराहना की। प्रदर्शनी में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, भोपाल विकास प्राधिकरण, उज्जैन विकास प्राधिकरण, अमृत हरित अभियान आदि प्रदर्शनियों का प्रदर्शन किया गया जो प्रदेश के गतिशील औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र एवं नवाचारों का प्रोत्साहन, तेजी से विकसित होती आईटी अवसंरचना, शहरी सुदृढ़ अधोसंरचना एवं समावेशी शहरी विकास शामिल है। प्रदर्शनी में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, निवेशक आदि उपस्थित थे।  

विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करें, उनके उज्जवल भविष्य की चिंता सरकार करेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2047 तक भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनेगा और इसमें देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रदेश सरकार बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। शासकीय स्कूलों में कक्षा 6 और 9 के विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख साइकिलें वितरित की जा रही हैं। बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म तैयार करवाकर दी जाएंगी। सरकार ने शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें बांटी हैं। अब पुण्योदय प्रकल्प के माध्यम से कॉपियां भी उपलब्ध करा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में हिंद रक्षक संगठन द्वारा पुण्योदय प्रकल्प के 21वें वर्ष के अवसर पर बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स परिसर में प्रियजनों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉपी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि: शुल्क कॉपी वितरित की। स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के सपने पूरे किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थी स्कूल में टॉप करेगा, राज्य सरकार उसे इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान करेगी। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों के चिकित्सा शिक्षा की फीस में भी सरकार सहायता कर रही है। आगामी दो वर्ष में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंचेगी। सरकार द्वारा युवाओं के स्वावलंबन के लिए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य किये। विद्यार्थियों को नि:शुल्क कॉपियां वितरण का कार्य भी उनकी पुण्य-स्मृति में ही है। इंदौर में प्रतिवर्ष रंगपंचमी मनाने का अपना अलग आनंद है, रंगपंचमी को यह भव्य स्वरूप प्रदान करने का श्रेय भी पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ को ही जाता है। कार्यक्रम के आयोजक "हिंद रक्षक संगठन" के संयोजक श्री एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ ने "पुण्योदय प्रकल्प" के बारे में बताते हुए कहा कि वर्ष 2003 से इंदौर शहर के लगभग 300 समाजसेवी परिवार मिलकर प्रति वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक कॉपियां विद्यार्थियों को प्रति कॉपी मात्र एक रुपए के सांकेतिक शुल्क पर वितरित करते हैं। विद्यार्थियों को कॉपी वितरण का कार्य प्रतिवर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक जारी रहता है। उन्होंने इस कार्य में भागीदारी करने वाले सभी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, महापौर इंदौर डॉ. पुष्यमित्र भार्गव, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।  

मोहन भागवत का बड़ा बयान: उम्र 75 पार तो राजनीति से संन्यास जरूरी?

नई दिल्ली  आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत की एक टिप्पणी की बहुत चर्चा हो रही है। इस टिप्पणी के बहाने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना का कहना है कि उन्होंने 75 साल में रिटायरमेंट की बात करके पीएम नरेंद्र मोदी को संकेत दिया है। मोहन भागवत के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल है। दिलचस्प तथ्य यह है कि खुद मोहन भागवत इस साल 11 सितंबर को 75 वर्ष के हो जाएंगे और फिर 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी 75 साल के हो जाएंगे। ऐसे में उनके बयान को प्रधानमंत्री से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन उनकी टिप्पणी के एक हिस्से की बजाय पूरे बयान को सुनने पर पता चलता है कि जो बात वायरल हो रही है, वह उनके अपने शब्द ही नहीं हैं। मोहन भागवत ने जो कहा, वह आरएसएस के एक दिवंगत प्रचारक और सीनियर नेता मोरोपंत पिंगले की टिप्पणी थी। मोहन भागवत ने उनके जीवन पर आधारित पुस्तक 'मोरोपंत पिंगले: द आर्किटेक्ट ऑफ हिंदू रिसर्जेंस' का नागपुर में विमोचन किया तो उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्सों का जिक्र करने लगे। इसी दौरान मोहन भागवत ने 75 साल में रिटायरमेंट वाली पिंगले की बात का जिक्र किया, जिसे पीएम नरेंद्र मोदी के लिए उनकी सलाह बताया जा रहा है। मोहन भागवत ने दरअसल मोरोपंत पिंगले के 75 साल के होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके बयान का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आपको 75 साल का होने पर शॉल ओढ़ाए जाने का मतलब है कि आपको रिटायर हो जाना चाहिए। मोरोपंत पिंगले के बयान को उद्धृत करते हुए मोहन भागवत ने कहा, ‘वृंदावन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग थी। वहां कार्यकर्ता आ रहे थे। उसी दौरान एक कार्यक्रम में शेषाद्री जी ने कहा कि आज अपने मोरोपंत पिंगले जी के 75 साल पूरे हुए हैं औऱ इस अवसर पर उन्हें शॉल ओढ़ा कर सम्मान करते हैं। फिर मोरोपंत पिंगले जी से बोलने का आग्रह किया गया। इस दौरान कार्यकर्ता मुस्कुरा रहे थे। मोरोपंत पिंगले खड़े हुए कहा कि मैं उठता हूं तो लोग हंसते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है कि शायद लोग मुझे लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मुझे लग रहा है कि जब मैं मर जाऊंगा तो लोग पत्थर मारकर देखेंगे कि मैं मर गया हूं या नहीं। 75 साल की शॉल जब ओढ़ी जाती है तो उसका अर्थ यह होता है कि आपने बहुत किया और अब दूसरों को मौका दिया जाए।’ रामजन्मभूमि आंदोलन के रणनीतिकार थे मोरोपंत पिंगले इसके आगे मोहन भागवत ने कहा कि मुझे मोरोपंत पिंगले जी का जिक्र करते हुए गर्व होता है। हम जो हासिल करते हैं या महिमा पाते हैं तो उससे चिपक जाते हैं। चिपकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मोरोपंत महान व्यक्ति थे, उन्होंने कभी चर्चा पाने या महत्व के लिए कार्य नहीं किया। वह रामजन्मभूमि आंदोलन के रणनीतिकार थे, लेकिन कभी आगे नहीं आए। इसकी बजाय अशोक सिंघल जी को आगे किया। भागवत ने कहा, ‘मोरोपंत पूर्ण निस्वार्थता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अनेक काम यह सोचकर किए कि यह कार्य राष्ट्र निर्माण में सहायक होगा।’ मोरोपंत पिंगले की सही हुई थी 1977 के चुनाव वाली भविष्यवाणी आपातकाल के बाद राजनीतिक मंथन के दौरान पिंगले की भविष्यवाणियों का हवाला देते हुए भागवत ने कहा, 'जब चुनाव का मुद्दा चर्चा में आया, तो मोरोपंत ने कहा था कि अगर सभी विपक्षी दल एकजुट हो जाएं तो लगभग 276 सीटें जीती जा सकती हैं। जब नतीजे आए, तो जीती गई सीटों की संख्या 276 ही थी।’ फिर भी मोरोपंत पिंगले ने कभी इसका श्रेय नहीं लिया।  

वेतन वृद्धि की तैयारी? 8वें वेतन आयोग पर चर्चा तेज, कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी सौगात

नई दिल्ली करोड़ों सरकारी कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मचारी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस बीच एक खबर ने इनकी खुशी और बढ़ा दी है. द इकोनॉमिक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में कहा है कि इस वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी (Employees Salary) 30 से 34 फीसदी तक बढ़ सकती है.  ब्रोकरेज फर्म एम्बिट कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि वेतन और पेंशन में 30-34% की वृद्धि कर सकता है, जिससे लगभग 1.1 करोड़ लोगों को लाभ होगा. नया वेतनमान जनवरी 2026 से लागू होने की उम्‍मीद है, लेकिन इसके लिए पहले वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार करनी होगी, फिर सरकार को भेजनी होगी और उसे मंजूरी देनी होगी. अभी तक सिर्फ ऐलान ही हुआ है. आयोग का अध्‍यक्ष कौन होगा और उसका कार्यकाल क्‍या होगा? अभी ये फैसला होना बाकी है.  किसे मिलेगा ये लाभ? 8th Pay Commission से लगभग 1.1 करोड़ लोगों को लाभ मिल सकता है, जिनमें करीब 44 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 68 लाख पेंशनर्स हैं. 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्ते और रिटायरमेंट बेनिफिट में ग्रोथ होगी.  क्‍या होता है फिटमेंट फैक्‍टर?  नए वेतन तय करने का एक खास हिस्‍सा फिटमेंट फैक्‍टर है, यह वह संख्‍या है जिसका यूज मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय किया जाता है. उदाहरण- सातवें वेतपन आयोग ने 2.57 के फैक्‍टर का इस्‍तेमाल किया था. उस समय इसने मिनिमम बेसिक सैलरी  7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया था. रिपोर्ट कहती है कि इस बार फिटमेंट फैक्‍टर 1.83 और 2.46 के बीच हो सकता है. कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितनी बढ़ोतरी मिलेगी, इसमें सटीक आंकड़ा अहम भूमिका निभाएगा.  क्‍या रहा है सैलरी बढ़ोतरी का इतिहास?  पिछले वेतन आयोगों ने कई लेवल पर सैलरी ग्रोथ दिखाई है. 6वें वेतन आयोग (2006) ने कुल वेतन और भत्तों में लगभग 54% की ग्रोथ दी थी. इसके बाद 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू किया गया, तब बेसिक सैलरी में 14.3% और अन्‍य भत्ते जोड़ने के बाद पहले साल में करीब 23 फीसदी की ग्रोथ दिखाई थी.  कैसे किया जाता है सैलरी का कैलकुलेशन?  एक सरकारी कर्मचारी की सैलरी में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (एचआरए), परिवहन भत्ता (टीए), और अन्य छोटे-मोटे लाभ शामिल होते हैं. समय के साथ, मूल वेतन का हिस्सा कुल पैकेज के 65% से घटकर लगभग 50% रह गया है और अन्य भत्तों का हिस्सा इससे भी ज्‍यादा हो गया है. इन सभी को जोड़कर ही मंथली सैलरी दी जाती है. पेंशनर्स के लिए भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे. हालांकि HRA या TA नहीं दिया जाएगा. 

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम  

लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त 12 जुलाई को, सीएम डॉ. यादव ने दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए खुशखबरी है। शनिवार 12 जुलाई को उज्जैन से सीएम डॉ मोहन यादव योजना की 26वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही 26 लाख बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा है कि अगले माह अगस्त में रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। अप्रैल से 10 से 15 तारीख के बीच भेजी जाती है योजना की किस्त आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से राशि वितरण की तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त, 15 मई को 24वीं किस्त और 16 जून को 25वीं किस्त जारी की गई थी।अब 12 जुलाई को मोहन सरकार योजना की अगली किस्त जारी करने जा रही है। दिवाली बाद बहनों को हर माह मिलेंगे 1500     दिवाली के बाद भाई दूज से योजना की राशि में 250 रु का इजाफा किया जाएगा और हर माह 1250 की जगह 1500 रुपए मिलेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी।     दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। अभी वर्तमान में योजना के तहत 1250 रूपये प्रति माह की राशि लाड़ली बहनों को दी जा रही है।योजना के तहत चरणबद्ध रूप से राशि बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रति माह तक की जायेगी। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जून 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 25 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैंजिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।     लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?