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भारी हादसा: इंदौर में बिल्डिंग गिरने से दो की जान गई, चार परिवार थे मकान में

इंदौर सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र के कोष्टी मोहल्ले में सोमवार की रात करीब 10 बजे एक 3 मंजिला इमारत अचानक से धराशाई हो गया. इस घटना में एक युवती सहित 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गये हैं. इनमें से 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के वक्त मकान में कई लोग मौजूद थे. रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी इंदौर नगर निगम और पुलिस की टीम ने घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचाया है, जहां उनका इलाज जारी है. देर रात भरभराकर गिरी बिल्डिंग कोष्टी मोहल्ले में शब्बू अंसारी का करीब 15 साल पुराना यह 3 मंजिला मकान था. इस बिल्डिंग में 4 परिवार रहते हैं. घटना के समय इनमें से 9 लोग रिश्तेदार के यहां गए हुए थे, जबकि मलबे में 14 लोग दब गए. बताया जा रहा है बारिश के कारण बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं. साथ ही बिल्डिंग के तलघर में पानी भरा रहता था, इसी वजह से ये धंस गई. हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी गई। इमारत 8 से 10 साल पुरानी बताई जाती है। दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें बचाव के काम में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहली प्राथमिकता फंसे लोगों को निकालने की है। जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी बचाव के काम की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी मौके पर जमा भीड़ को दूर कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा भी मौके पर डटे हैं। हादसे के वक्त इमारत में कई लोगों के होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो इमारत के बेसमेंट में पानी भरा था। मौके पर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इमारत का कुछ हिस्सा पड़ोस की बिल्डिंग पर भी गिरा है। बचाव के काम के चलते रानीपुरा क्षेत्र की बिजली काट दी गई है। जर्जर हालत में थी बिल्डिंग जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस और इंदौर नगर निगम की टीम को लगी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू कराया. इस दौरान प्रारंभिक तौर पर घटनाक्रम में घायल हुए 10 लोगों को रात 12 बजे तक निकलकर इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में पहुंचा दिया गया, जबकि 3 लोग मलबे में नीचे तक दबे थे. उन्हें बाहर निकालने के लिए देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला. घायलों का इलाज जारी हादसे पर कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि "घटनाक्रम की जैसे ही जानकारी लगी तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबे में दबे कई घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रारंभिक तौर पर किसी की भी मौत की सूचना नहीं मिली थी. मलबे में दबे सभी लोगों को मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे तक बाहर निकाल लिया गया है. बाद में इनमें से 2 लोगों के मौत की सूचना मिली थी." इस पर इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह का कहना है कि " घायलों को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा है." अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय भाजपा विधायक गोलू शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. इस हादसे पर भाजपा विधायक ने चिंता जताई. साथ ही उनका कहना है कि "इस क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमण को हटाने को लेकर कई बार इंदौर नगर निगम को पत्र लिख चुके हैं. अब इतनी दर्दनाक घटना घटित हो चुकी है. इसके चलते क्षेत्र में मौजूद अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई कल से शुरू कर दी जाएगी."  

मध्य प्रदेश सरकार OBC आरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम डॉ. मोहन यादव

पिछड़ा वर्ग आरक्षण के संबंध में प्रतिबद्ध मध्य प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता और केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस संबंध में विस्तार से विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश भवन में सांसदगण से भी मुलाक़ात की।  हर घर जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री श्री राजभूषण चौधरी से भेंट कर मध्यप्रदेश के लिये पेयजल संबंधी योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौधरी को बताया की जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में सभी जिलों में कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार नागरिकों के लिए घर-घर तक जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में क्रियान्वित कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के अधिकारीगण से भी चर्चा की।   

बारिश ने रोकी रफ्तार: हावड़ा स्टेशन पानी में डूबा, मेट्रो पर भी असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें करंट भी उतरने की बात सामने आई है. बिजली का करंट लगने की वजह से अब तक कुल 5 लोगों की मौत हुई है. पिछले 6 घंटों में शहर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है. इलाकों से पंप के जरिए निकाला जा रहा पानी रात भर हुई भारी बारिश के कारण, महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच जलभराव हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं. दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं कम संख्या में चलाई जा रही हैं. पानी को पंप से बाहर निकाला जा रहा है. मेट्रो रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं. अचानक मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा है और कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है. मेट्रो और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बारिश हुई है. रात भर हुई बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों में पानी भर गया. कई घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया है.  कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुताबिक, गरिया कामदाहरी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्शिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई. कोलकाता में पांच घंटे के अंदर रिकॉर्ड बारिश     कामदहारी-332 मिमी     जोधपुर पार्क- 285 मिमी     कालीघाट- 280.2 मिमी     टैप्सिया- 275 मिमी     बालीगंज- 264 मिमी     चेतला- 262 मिमी     मोमिनपुर- 234 मिमी     चिंगरीहाटा- 237 मिमी     पामर बाज़ार- 217 मिमी     धापा- 212 मिमी     सीपीटी नहर- 209.4 मिमी     उल्टाडांगा- 207 मिमी     कुदघाट- 203.4 मिमी     पागलडांगा (टंगरा)- 201 मिमी     कुलिया (टंगरा)-  196 मिमी     थन्थानिया- 195 मिमी हावड़ा और सियालदह यार्ड और कार-शेड में जलभराव  रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद, हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड, चितपुर उत्तर केबिन, विभिन्न कार-शेड और सियालदह यार्ड के विभिन्न स्थानों पर जलभराव देखा गया. हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है. जमा हुए पानी को निकालने के लिए कई जगहों पर पानी के पंप लगाए गए हैं, लेकिन आस-पास के सिविल क्षेत्र से भी पानी भर जाने के कारण, पानी वापस रेलवे यार्ड में बह रहा है, जिससे और भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं. आज यानी मंगलवार सुबह कुछ उपनगरीय ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया गया और बीच में ही शुरू कर दिया गया.  रेलवे सेवाएं प्रभावित…     सियालदह उत्तर और मुख्य: उपनगरीय खंड में प्लेटफार्म नंबर-7 से आंशिक सेवाएं शुरू हुईं.     13113 यूपी हज़ारद्वारी एक्सप्रेस को कोलकाता से रद्द कर दिया गया है.     13177 सियालदह जंगीपुर एक्सप्रेस को सियालदह से रद्द कर दिया गया है.     सियालदह दक्षिण खंड में जलभराव के कारण ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया गया है.     ट्रैक और चितपुर यार्ड में जलभराव के कारण सर्कुलर रेलवे लाइन पर ट्रेनों का ऑपरेशन स्थगित कर दिया गया है. मौसम विभाग की चेतावनी… भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बुधवार तक पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के आस-पास एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है.

जरूरी सामान की खरीददारी को लेकर हड़कंप, हांगकांग एयरपोर्ट हुआ आज से सील

हांगकांग एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र हांगकांग में आने वाले सुपर टाइफून साओला के कारण हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 36 घंटे के लिए सभी यात्री उड़ानों के लिए बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने यह जानकारी दी।हवाई अड्डा 23 सितंबर शाम 8 बजे (1200 GMT) से  25 सितंबर सुबह 8 बजे  तक बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने प्रभावित यात्रियों से संपर्क करने का भी वादा किया है।  सुपर टाइफून साओला तेज बारिश, मजबूत हवाएँ और खतरनाक परिस्थितियाँ लेकर आने की उम्मीद है। हांगकांग वेधशाला ने बताया कि मौसम में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। मंगलवार को दोपहर में  न्यूनतम स्तर का टाइफून सिग्नल जारी किया गया, जिसे शाम 8 से 10 बजे के बीच दूसरे उच्चतम स्तर तक बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से तेज हवाएँ और तूफानी हालत शहर में पहुंच सकती हैं। समुद्र से आने वाली हवाएँ उच्च इलाकों में हरिकेन जैसी ताकत तक पहुँच सकती हैं। लोग आवश्यक सामान का स्टॉक कर रहे हैं; सुपरमार्केट में लंबी कतारें लग रही हैं, दूध जैसे जरूरी सामान तेजी से बिक रहे हैं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को अपने एयरलाइन से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। उड़ानों की निलंबन केवल सुरक्षा के लिए है ताकि यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ सुरक्षित रहें।  अन्य तैयारियां     आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं।     तूफान के दौरान स्कूल और व्यवसाय बंद रहने की संभावना है।     तूफान के गुजरने के बाद ही हवाई अड्डा सामान्य संचालन फिर से शुरू करेगा।     यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे  अधिकारिक चैनलों और एयरलाइन अपडेट्स  से नियमित जानकारी लेते रहें।  

पटना में होगी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक, 24 सितंबर को राहुल और खड़गे की भागीदारी तय

पटना  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने सोमवार को बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 24 सितंबर को पटना में होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में शामिल होंगे. पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अल्लावरु ने कहा कि कांग्रेस बिहार में दूसरा 'स्वतंत्रता संग्राम' लड़ रही है, यही कारण है कि इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन बिहार में किया जा रहा है. उन्होंने कहा, 'सीडब्ल्यूसी बैठक में एआईसीसी अध्यक्ष खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहेंगे. सभी सीडब्ल्यूसी सदस्यों को आमंत्रित किया गया है. कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं.' कृष्णा अल्लावरु ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'उस छात्र की तरह हैं जो मेहनत से पढ़ाई नहीं करता, बल्कि परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करता है.' कृष्णा अल्लावरु ने यह भी कहा कि बिहार, जहां हाल ही में राहुल गांधी ने 1,300 किलोमीटर की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली थी, अब राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है. अल्लावरु ने कहा, 'हम बिहार में दूसरा स्वतंत्रता संग्राम लड़ रहे हैं, यही कारण है कि सीडब्ल्यूसी की बैठक यहां आयोजित की जा रही है.' इंडिया ब्लॉक में सीट बंटवारे के सवाल पर अल्लावरु ने कहा कि सहयोगी दलों के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही है और जल्द ही हम एक व्यवहारिक फॉर्मूला लेकर आएंगे. उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी नीत एनडीए में अव्यवस्था दिख रही है. जब उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव को इंडिया ब्लॉक का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया जाएगा, तो उन्होंने कहा, 'उचित समय पर सभी गठबंधन सहयोगी एक साथ बैठकर इस पर फैसला लेंगे.' बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. निर्वाचन आयोग अक्टूबर के पहले हफ्ते में बिहार विधानसभा चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर सकता है.

रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम की संभावना, जानिए कैसे होगा कानून व्यवस्था का बेहतर नियंत्रण

रायपुर  कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की तैयारी है। सीएम विष्णुदेव साय के बाद राज्य के गृहमंत्री और डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने भी कमिश्नरी सिस्टम को लेकर अहम जानकारी दी है। विजय शर्मा ने कहा कि हम कमिश्नरी प्रणाली लेकर आ रहे हैं, जिससे पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित होगी और पुलिस त्वरित निर्णय ले सकेगी। जीरो पॉइंट पर निर्णय लेने के लिए प्रैक्टिस चल रही है। क्या है कमिश्नरी सिस्टम पुलिस कमिश्नरी सिस्टम एक प्रशासनिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था के अंतर्गत पुलिस आयुक्त के पास कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से संबंधित सभी शक्तियां होती हैं। ज्यादा शक्तियां होने से पुलिस को तेजी से निर्णय ले सकती है। इस सिस्टम के तहत पुलिस आयुक्त के पास जिला मजिस्ट्रेट जैसी शक्तियां हो जाती हैं। कई जगहों पर लागू है यह सिस्टम पुलिस कमिश्नरी सिस्टम देश के कई राज्यों में बड़े शहरों में लागू है। जिले का एसपी पुलिस का मुखिया होता है। कानून व्यवस्था को कंट्रोल करना एसपी की अहम जिम्मेदारी होती है। लेकिन यह सिस्टम लागू होने के बाद एसपी, एसएसपी की जगह पुलिस कमिश्नर होता है। पुलिस कमिश्नर किस रैंक के अधिकारी को बनाया जाएगा यह फैसला राज्य सरकार करती है। राज्य सरकार डीआईजी से लेकर एडीजी स्तर तक के अधिकारी को यह जिम्मेदारी दे सकती है। जिस अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जाती है वह अनुभवी अफसर होते हैं। राज्य सरकार उसके अधिकारों को लेकर नोटिफिकेशन जारी करती है। कौन-कौन से अधिकार देने हैं यह राज्य सरकार तय करती है। यह जरुरी नहीं है कि सारे अधिकार डिस्ट्रिक मैजिस्ट्रेट के जैसे हों। क्या बदलाव होंगे कमिश्नरी बन जाने से सबसे बड़ा फर्क यह पड़का है कि जिला पुलिस का मुखिया एक अनुभवी और ऊंचे रैंक वाला अधिकारी होता है। बहुत सारे काम उसकी मंसा के अनुरुप होते हैं। पुलिसिंग व्यवस्था प्रभावी बनती है। जरुरत के मुताबिक पुलिस फोर्स मिल सकती है। इसका फायदा आम जनता को भी मिलता है। छोटे मोटे दंड वाले अपराधों की तफ्तीस का अधिकार हेड कांस्टेबल को मिल जाता है। जिससे अपराध को नियंत्रण पर में मदद मिलती है। अभी ऐसे मसलों का निपटारा एसएआई या एसआई रैंक के अधिकारी करते हैं।

भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट को मिलेगी विश्व धरोहर की मान्यता? प्राचीन चट्टानों और भूगर्भीय रहस्यों से भरा क्षेत्र

जबलपुर  भेड़ाघाट व लम्हेटाघाट की चट्टानें यूनेस्को के विश्व धरोधर सूची में शामिल होने के करीब पहुंच गई हैं। जिसके बाद नर्मदा तट पर बसे जबलपुर की प्राचीन धरा को अब पूरी दुनिया में पहचान मिलेगी। भूगर्भ शास्त्र के अनुसार दो हजार करोड़ वर्ष पुरानी जबलपुर के नर्मदा तट की चट्टानें सदियों से पृथ्वी की कई संरचनाओं के निर्माण की गवाह रही हैं। कुछ वर्ष पहले यूनेस्को ने भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट (भूगर्भशास्त्र में लमेटा फार्मेशन के नाम से विख्यात) की चट्टानों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का निर्णय किया और वर्ष 2021 में लम्हेटा यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल हुआ। संगमरमर के पत्थरों को चीरकर निकलती नर्मदा के इस तट को दुनिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सूची में लाने के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (डब्ल्यूआइआइ), जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड समेत राष्ट्रीय स्तर की अन्य एजेंसी कार्य कर रही हैं। विशेषज्ञों के दल ने किया दौरा विशेषज्ञों का एक दल ने भेड़ाघाट, लम्हेटा का दौरा किया और इस बात पर सहमति जताई कि यह स्थल अगले दो वर्ष के अंदर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थायी रूप से नाम दर्ज करवा लेगा। डब्ल्यूआइआइ के विषय विशेषज्ञ भूमेश सिंह भदौरिया ने बताया कि यह साइट प्राकृतिक श्रेणी में भूगर्भ के महत्व के लिहाज से देश की पहली अति प्राचीन धरोहर होगी। इधर, डब्ल्यूआईआई द्वारा तैयार प्रारंभिक मूल्यांकन को यूनेस्को ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। आगे यूनेस्को से प्रारंभिक मूल्यांकन की रिपोर्ट आने के बाद नामांकन डोजियर यूनेस्को को सौंपा जाएगा। डोजियर जमा होने के बाद यूनेस्को के इंटरनेशनल यूनियन फार कंजर्वेशन आफ नेचर (आइयूसीएन) का मूल्यांकन दल स्थल का निरीक्षण करेगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा। क्या है भूगर्भीय महत्व भेडाघाट और इसके निकट दो हजार से बाइस सौ करोड़ वर्ष पुरानी चट़टानों से लेकर पंद्रह लाख वर्ष पुरानी चट्टानें मौजूद हैं। इस समयावधि के बीच पृथ्वी में हुई भू वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रमाण यहां मौजूद हैं। यहां की इगनिंग बराइट नाम की चटटानें इस बात का प्रमाण हैं कि यहां कभी ज्वालामुखी फटने जैसी घटनाएं भी हुई थीं। यहां नर्मदा नदी का प्रवाह के परिवर्तन प्रमाण में देखने मिलते हैं जिसे नदी अपहरण कहा जाता है। नर्मदा के इस तट को पूरे विश्व में लमेटा फार्मेशन के नाम से जाना जाता है। भूगर्भ शास्त्रियों के लिए यह स्थल बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां विभिन्न समय कालखंड की चट़टानों के साथ-साथ डायनासोर के अंडों के फासिल भी मिले हैं। केंद्र के निर्देश पर चल रही प्रक्रिया केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर शुक्रवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट के स्थलों का निरीक्षण किया। दल में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के विज्ञानी डा. गौतम तालुकदार, विषय विशेषज्ञ भूमेश सिंह भदौरिया, प्रोजेक्ट एसोसिएट दीपिका सायरे एवं स्नेहा पांडे, जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया के डा. सुहेल अहमद, सर्वे आफ इंडिया के जयप्रकाश पाटीदार, कुलदीप सिंह बागरी, हेमंत तथा भेडाघाट नगर परिषद के सीएमओ विक्रम सिंह तथा मध्य प्रदेश टूरिज्म कार्पोरेशन के मार्केटिंग प्रमुख योगेंद्र रिछारिया, जीएम अमित सिंह आदि शामिल थे। 2200 करोड़ साल पुरानी हैं चट्टानें     लम्हेटाघाट में 2200 करोड़ साल पुरानी चट्टानें हैं इन्हें महाकोशल राक कहा जाता है। करोड़ों साल पहले यहां समुद्र था जिसके किनारे नमी में डायनासोर प्रजनन करते थे। अंडे देते थे। करीब 65 करोड़ साल पहले लम्हेटा में ज्वालामुखी फटा जिसका लावा ठंडा होकर लम्हेटाघाट की चट्टानों में बदल गया। प्राकृतिक रूप से यह अदभुत है कि यहां की चट्टानों में खड़े हो तो एक पैर जिस चट्टान पर होगा वह 22 करोड़ साल पुरानी होगी वहीं दूसरा पैर जिस पर रखा होगा वह 65 करोड़ साल पुरानी। ये बेहद दुर्लभ है। देश में प्राकृतिक श्रेणी में भूगर्भीय महत्व वाली यह पहली साइट है। – भूमेश सिंह भदौरिया, विषय विशेषज्ञ, वर्ल्ड हेरिटेज नर्मदा घाटी रहस्य समेटे हुए है     मां नर्मदा पृथ्वी पर सबसे प्राचीन और पवित्र नदियों में से एक हैं। नर्मदा घाटी अपने आप में अनेक रहस्य समेटे हुए है जो मानव सभ्यता के उन अनजान पहलुओं से अवगत कराती है जिसकी खोज में आधुनिक मानव निरंतर प्रयत्नशील है। नर्मदा मैया के तट पर संगमरमर की चट्टानें करोडों वर्ष के भूगर्भीय परिवर्तन की मूक गवाह हैं जो मानव मात्र को अचंभित कर देती है। जबलपुर का लम्हेटा और भेड़ाघाट यूनेस्को की विश्व धरोहरों की स्थायी सूची में अपना गहरा हस्ताक्षर दर्ज कराने की कगार पर है। इस स्थल को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन निरंतर प्रयत्नशील है।- शिव शेखर शुक्ल, पर्यटन सचिव, एमडी मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड  

शिक्षकों को मिलेगा सरकारी मकान, मध्यप्रदेश में स्कूलों के पास बनेगा आवास

भोपाल  स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो सके इसके लिए मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग स्कूलों के पास शिक्षकों को मकान बनाकर देगा। यह महिला शिक्षकों(Government Teacher) के लिए होंगे। लोक शिक्षण संचालनालय इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा। यह रिपोर्ट जिलों से मिली जानकारी के आधार पर बनेगी। आवास ऐसे स्कूलों के आसपास बनेंगे जहां आवाजाही मुश्किल होती है। लोक शिक्षण ने सभी जिलों को इसके लिए निर्देश भेजे थे। जिलों से जमीन तलाश करने के बाद उसकी रिपोर्ट मांगी थी। बारिश के कारण इस काम में रुकावट आई। इसे अब फिर शुरू किया जाएगा। विभाग के निर्देश के तहत हर जिले में 100 आवास बनेंगे। महिला शिक्षकों के लिए प्राथमिकता होगी। तीन से पांच एकड़ में बहुमंजिला इमारत इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट दिए जाने हैं। यानि विभाग बहुमंजिला इमारतें तैयार कराएगा। हर जिले से इन इमारतों के लिए तीन से पांच एकड़ जमीन को चिन्हित कर रिपोर्ट मांगी गई थी। यह पहला चरण है। हर विकासखंड मुख्यालय पर 100 आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए 3 से 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाहा ने इसके संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर अब समीक्षा होना है। इन्हें मिलेगा लाभ मध्यप्रदेश में 94 हजार स्कूल हैं। इनमें एक लाख से अधिक महिला शिक्षक(Government Teacher) हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इनकी संख्या 25 हजार से अधिक है। वहीं फिलहाल मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार गांवों और छोटे जिलों के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के लिए ही घर का निर्माण कराने की तैयारी कर रहा है।

कम उपयोग में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा, 4 महीने में सिर्फ 85 मरीजों ने लिया लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना 'पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा' की उपयोगिता पर सवाल उठाने लगे हैं। इस सेवा के उपयोग में न जनता रुचि ले रही, न ही जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। मई 2024 में प्रारंभ हुई इस सेवा से अभी तक 85 रोगियों को ही प्रदेश के भीतर या दूसरे राज्य में उपचार के लिए पहुंचाया गया है। खास बात यह है कि एंबुलेंस का उपयोग हो या नहीं, पर सरकार की तरफ से एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी को प्रतिमाह नियत घंटों के किराये का भुगतान करने की शर्त है। सरकार हेलीकाप्टर का 40 घंटे और हवाई जहाज का 60 घंटे का फिक्स किराया कंपनी को देती है, पर इतने घंटे भी सेवा नहीं ले पा रही है। हेलीकाप्टर का किराया प्रतिघंटे सवा तीन लाख रुपये और हवाई जहाज का दो लाख रुपये है। यानी एक करोड़ 30 लाख रुपये हेलीकाप्टर और एक करोड़ 20 लाख रुपये हवाई जहाज का किराया सरकार प्रति माह चुका रही है, जबकि प्रतिमाह औसतन पांच रोगी ही योजना का लाभ उठा रहे हैं। लाभ उठाने वालों में सबसे ज्यादा रीवा के कुल 85 मरीजों ने अब तक योजना का लाभ उठाया है, जिनमें सबसे ज्यादा रीवा के 30 (35 प्रतिशत) रोगी हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि रीवा उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल का गृह जिला है। वह यहां बैठकों और आम सभाओं में सेवा का उपयोग करने के लिए अपील करते रहे हैं। इस तरह लगभग 16 माह में प्रदेश के 55 में से 17 जिलों के रोगियों को ही इसका लाभ मिला है। यह स्थिति तब है जब खुद मुख्यमंत्री इस सेवा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते रहे हैं। ऐसे ले सकते हैं मदद आयुष्मान योजना के हितग्राहियों के लिए यह सेवा निश्शुल्क मिलती है। अन्य मरीजों को निर्धारित दर पर भुगतान करना होता है। जरूरत के मुताबिक, रोगी को एक शहर से दूसरे शहर या दूसरे राज्य एयरलिफ्ट किया जाता है। दूसरे राज्य के अस्पताल भेजने के लिए सीएमएचओ की अनुशंसा पर कलेक्टर अनुमति देते हैं। रीवा दूर होने के कारण लोग इस सेवा की मदद ले रहे हैं     भौगोलिक रूप से रीवा दूर होने के कारण त्वरित उपचार के लिए लोग इस सेवा की मदद ले रहे हैं। दूसरा यह कि लोगों में वहां जागरूकता भी अच्छी है। अन्य जिलों के अधिकारियों को भी प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कहा जा रहा है। – तरुण राठी, आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  

प्रियंका गांधी का नया मिशन, 5 सीटों पर ‘हर बूथ मजबूत’ अभियान की शुरुआत

भोपाल  चुनावों में लगातार हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी जहां वोट चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर बीजेपी और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं, वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी देश की 5 विधानसभा सीटों पर 'हर बूथ मजबूत' कार्यक्रम शुरू करने जा रहीं हैं। मप्र, उप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा की एक-एक विधानसभा सीटों को इस प्रोग्राम के लिए चुना गया है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी ने 'हर बूथ मजबूत' कार्यक्रम के लिए मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट को चुना है। दिमनी से बीजेपी के कद्दावर नेता और मप्र के विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर विधायक हैं। राजस्थान के बाड़मेर जिले की सिवाना से कांग्रेस के पूर्व विधायक और राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष गोपाराम मेघवाल को प्रियंका गांधी ने दिमनी की जिम्मेदारी सौंपी है। देश की इन 5 विधानसभा सीटों में चलेगा प्रोजेक्ट राज्य सीट मध्यप्रदेश दिमनी (मुरैना) उत्तर प्रदेश बांसगांव छत्तीसगढ़ कांकेर राजस्थान विराटनगर हरियाणा अलवर कैसे हुआ विधानसभा सीटों का चयन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अलग-अलग राज्यों की 5 ऐसी विधानसभा सीटें इस कार्यक्रम के लिए चुनी हैं जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कम अंतर से चुनाव हारी है। इस कार्यक्रम के लिए 25 ऐसी लोकसभा सीटें हैं जहां कांग्रेस कैंडिडेट्स की हार का अंतर 33 से 35 हजार के बीच रहा है। वहीं 30 सीटें ऐसी हैं जहां हार का अंतर 50 से 55 हजार के बीच रहा है। 20-20 बूथों के कलस्टर बनाए जाएंगे इस कार्यक्रम के तहत चुने गए विधानसभा क्षेत्र में 20-20 बूथों के कलस्टर बनाए जाएंगे। हर कलस्टर बूथ रक्षक नियुक्त किया जाएगा। बूथ रक्षक को प्रियंका गांधी की टीम ट्रेनिंग देंगी। बूथ रक्षक अपने कलस्टर की बूथ समितियों के सदस्यों को गाइड करेगा। बूथ रक्षक ये सुनिश्चित करेंगे कि किस मतदान केन्द्र पर कितने मतदाताओं के नाम गलत जुडे़ हुए हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट में चुनाव के दो महीने पहले काटे, जोड़े गए नामों का एनालिसिस करेंगे। बूथ रक्षक बीएलओ के साथ ये सुनिश्चित करेंगे कि एक भी सही वोटर मतदाता सूची से न छूटे और एक भी गलत नाम वोटर लिस्ट में शामिल न रहे। एमपी में दिमनी सीट को ही क्यों चुना? इस प्रोजेक्ट को प्रियंका गांधी खुद लीड कर रहीं हैं। ऐसे में टीम के लिए दिल्ली से मुरैना आना ज्यादा आसान हो सकता है। मप्र में 2003 से भाजपा की सरकार होने के बावजूद चंबल में कांग्रेस मजबूत स्थिति में रही है। मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा आती हैं, जिनमें से पांच विधानसभाओं श्योपुर, विजयपुर, जौरा, मुरैना और अंबाह में कांग्रेस के विधायक हैं, वहीं भाजपा के पाले में केवल तीन विधानसभा सबलगढ़, सुमावली और दिमनी सीटें हैं।