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SC का बड़ा फैसला: वक्फ एक्ट पर पूरी रोक नहीं, 5 साल की शर्त खारिज, गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे शामिल

नई दिल्ली वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुस्लिम पक्ष की कुछ दलीलें तो मान ली है, लेकिन पूरे कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. CJI बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच ने साफ किया कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कलेक्टर के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलैक्टर का फैसला अंतिम फैसला नहीं होगा. इसके साथ ही वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 की उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसमें वक्फ़ बनाने के लिए किसी व्यक्ति का 5 वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना आवश्यक बताया गया था. अदालत ने फिलहाल उस प्रावधान पर रोक लगाई है, जिसमें वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिए कम से कम 5 साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गई थी. कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में उचित नियम बनने तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा. इसके अलावा, धारा 3(74) से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड के प्रावधान पर भी रोक लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि कार्यपालिका किसी भी व्यक्ति के अधिकार तय नहीं कर सकती. जब तक नामित अधिकारी की जांच पर अंतिम निर्णय न हो और जब तक वक्फ संपत्ति के मालिकाना हक का फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट द्वारा न हो जाए, तब तक वक्फ को उसकी संपत्ति से बेदखल नहीं किया जा सकता. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों का अंतिम निपटारा होने तक किसी तीसरे पक्ष के अधिकार नहीं बनाए जाएंगे. बोर्ड में अधिकतम तीन गैर-मुस्लिम सदस्य ही होंगे वक्फ बोर्ड की संरचना पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि बोर्ड में अधिकतम तीन गैर-मुस्लिम सदस्य ही हो सकते हैं, यानी 11 में से बहुमत मुस्लिम समुदाय से होना चाहिए. साथ ही, जहां तक संभव हो, बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुस्लिम ही होना चाहिए. अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका यह आदेश वक्फ एक्ट की वैधता पर अंतिम राय नहीं है. अदालत ने साफ किया कि पूरे कानून पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है, लेकिन कुछ प्रावधानों पर अंतरिम सुरक्षा दी जा रही है. कोर्ट ने कहा कि सामान्य तौर पर किसी कानून के पक्ष में संवैधानिक वैधता की धारणा रहती है. पांच साल वाली शर्त खारिज मुख्य आपत्ति धारा 3(r), 3(c), 3(d), 7 और 8 सहित कुछ धाराओं पर थी. इनमें से धारा 3(r) के उस प्रावधान पर कोर्ट ने रोक लगा दी, जिसमें वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिए पांच साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गई थी. अदालत ने कहा कि जब तक सरकार इस पर स्पष्ट नियम नहीं बनाती, तब तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा, वरना यह मनमाना साबित हो सकता है. कार्यपालिका नहीं तय कर सकती संपत्ति के अधिकार   अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी कलेक्टर या कार्यपालिका को संपत्ति के अधिकार तय करने की अनुमति देना शक्तियों के पृथक्करण (separation of powers) के खिलाफ है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक धारा 3(c) के तहत वक्फ संपत्ति के मालिकाना हक का अंतिम फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट से नहीं हो जाता, तब तक न तो वक्फ को संपत्ति से बेदखल किया जाएगा और न ही राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ होगी. साथ ही, इस दौरान किसी तीसरे पक्ष के अधिकार भी नहीं बनाए जाएंगे.

1300 एकड़ में बसेगा टेक्सटाइल हब, 17 सितंबर को पीएम करेंगे भूमिपूजन: CM ने बताया निवेश का प्लान

भोपाल  भारत के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को करेंगे। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। इससे पहले ही देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास के पहले ही देश की अग्रणी 114 टेक्सटाइल कंपनियों से 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। इन प्रस्तावों में से 91 कंपनियों और इकाइयों के आवेदन स्वीकृत किए। साथ ही 1294 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने की अनुशंसा की जा चुकी है। 20000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश आ चुके वहीं, जिन कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, उनमें 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 72 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। पार्क परियोजना पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है। ये कंपनियां करेंगी निवेश इसके साथ ही देश की जिन अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों को पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटित की गई है, उनके द्वारा बड़े स्तर पर निवेश के प्रस्ताव दिए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रुपए का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा। जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रुपए का निवेश 58 एकड़ भूमि पर करेगा। एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रुपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपए, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रुपए का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रुपए का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रुपए का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। वहीं, पीएम मित्रा पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़, जे.के. क्वालिटी कॉटन इंडस्ट्रीज ने 180 करोड़, लक्ष्मीनाथ कल्पना मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 155 करोड़, टिकमसा दुलीचंद नैचुरल फाइबर लिमिटेड ने 142 करोड़, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्राइवेट लिमिटेड ने 190 करोड़, एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड ने 140.04 करोड़, टैनफैक अपैरल्स लिमिटेड ने 125 करोड़, महावीर स्पिनफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 125 करोड़, रमेश टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 115 करोड़, कैनडेक्स फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 113.79 करोड़, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़, न्यू जील फैशन वेयर प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, मराल ओवरसीज लिमिटेड ने 100 करोड़, श्री पैकर्स (एमपी) प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, आर.आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 101.25 करोड़, मैस्कॉट फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 80 करोड़, ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 77.88 करोड़, कोटली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 60 करोड़, वाइब्रेंट पॉलिमर्स एलएलपी ने 50.61 करोड़, बॉन एंड कंपनी ने 50 करोड़, गोल्डन सीम्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, शंकारी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, के.जी. एक्सपोर्ट्स ने 43.35 करोड़, ऑरम विनाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ और राघवेंद्र स्पिनटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 37.60 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसके साथ ही अन्य कंपनियों की तरफ से भी निवेश प्रस्ताव आए हैं। टेक्सटाइल की पूरी वेल्यू चेन यहीं डेवलप होगी पीएम मित्रा पार्क में होने वाले निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की पूरी वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। पीएम मित्रा पार्क में जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मित्रा की कुल 2158 एकड़ भूमि में से लगभग 1300 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है और बाकी जमीन भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को होगा फायदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। सीएम ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों की उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। गारमेंट उत्पाद की संपूर्ण वैल्यू चेन होगी विकसित इन प्राप्त निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की संपूर्ण वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मित्रा की कुल 2158 एकड़ भूमि में से लगभग 1300 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है और शेष भूमि भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम मित्रा पार्क भूमि पूजन के बाद उद्योगों के निर्माण कार्य शुरू होने से निवेश का लाभ शीघ्र ही धरातल पर दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ

रायपुर : प्रकृति और संस्कृति का संगम है जशपुर : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ जशपुर जम्बूरी से जिले के पर्यटन को मिल रही नयी पहचान, नए सीजन का आयोजन 06 से 09 नवंबर तक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को  इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला।  मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है।  उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी।   यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें।  कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।      दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुई जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है। 2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया। दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, … Read more

नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात

रायपुर नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगातनरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगातनरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में आदिवासी समाज के ईष्ट आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए बस्तर सहित सरगुजा को विशेष तौर पर फोकस किया गया है, ताकि यहां के निवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। ब्लॉक मुख्यालय नरहरपुर के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी समाज के ईष्ट देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए उपस्थित लोगों को ठाकुर जोहारनी और नवाखाई की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह अनूठी परंपरा आगे भी जीवित रहनी चाहिए और समाज की एकजुटता हमेशा बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आगे बढ़ें, सुशिक्षित बनें, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने बताया कि आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईआईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थाएं प्रदेश में संचालित हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी तरह प्रयास और एकलव्य जैसे श्रेष्ठ संस्थानों के माध्यम से भी लगातार सुधार के प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है और प्रदेशभर में नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों को माओवाद के विरुद्ध अभियान में लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से पशुपालन, मुर्गीपालन जैसी रोजगारमूलक गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, रामलला दर्शन योजना सहित ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासियों के सतत् और समग्र विकास को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा उत्सव का कार्यक्रम है। जल, जंगल, जमीन और अपनी परंपराओं, लोकनृत्य, गीत, मांदर और मृदंग के साथ जीने वाले आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहना नितांत आवश्यक है।  कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, जिला अध्यक्ष राजेश भास्कर तथा राजाराम तोड़ेम ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएँ भी कीं। इनमें 30 करोड़ की लागत से बागोड़ एनीकट का निर्माण, नरहरपुर में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापना हेतु 30 करोड़ रुपये, नरहरपुर में मावा मोदोल लाइब्रेरी के लिए 20 लाख रुपये, ग्राम ढोढ़रापहार में गोंडवाना सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, नरहरपुर में मोबाइल टॉवर की स्थापना, नरहरपुर में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और नरहरपुर विकासखंड के गोंडवाना समाज के सभी 12 मुड़ा क्षेत्रों में 12 टीन शेड निर्माण हेतु 10–10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम धनेसरा में गोंडवाना समाज द्वारा संचालित जंगोरायतार इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, नगरपालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और समाज के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदान किया ‘गोल्डन बैनयन अवॉर्ड’

‘हेरिटेज टूरिज्म – बेस्ट स्टेट’ अवॉर्ड से सम्मानित हुआ मध्यप्रदेश केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदान किया ‘गोल्डन बैनयन अवॉर्ड’ हेरिटेज वीक अवॉर्ड्स 2025: दिल्ली में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला सम्मान भोपाल केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को हेरिटेज वीक अवॉर्ड्स 2025 में हेरिटेज टूरिज्म – बेस्ट स्टेट श्रेणी में प्रतिष्ठित "गोल्डन बैनयन अवॉर्ड" से सम्मानित किया। यह सम्मान नई दिल्ली में 13 सितम्बर को आयोजित हेरीटेज अवॉर्ड्स समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान मध्यप्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य धरोहर के संरक्षण व संवर्धन में उल्लेखनीय पहल की है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की सभ्यता का जीवंत प्रतीक है। खजुराहो के भव्य मंदिर, ग्वालियर के ऐतिहासिक किले और महेश्वर के घाट हमारी धरोहर की कालातीत गरिमा और सतत प्रासंगिकता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश धरोहर संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए पर्यटन आधारित विकास का सशक्त माध्यम बना रहा है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि यह अवॉर्ड मध्यप्रदेश की उस सोच का प्रमाण है, जिसके तहत हम अपनी धरोहर को सुरक्षित रखते हुए यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधा लाभ मिले। हमारा ध्यान ऐतिहासिक स्थलों के नए उपयोग, परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटक भागीदारी पर रहा है। सम्मान हमें और प्रेरणा देता है कि मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाया जाए, जहां हर स्मारक एक कहानी कहे और हर परंपरा अपनी पहचान के साथ जीवित रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विरासत से विकास तक" के मंत्र को साकार करता मध्यप्रदेश आज न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेज रहा है, बल्कि उसे समकालीन विकास से भी जोड़ रहा है। राज्य की पहचान विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण में अग्रणी रूप में स्थापित हो रही है। मध्यप्रदेश की तीन स्थायी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल — खजुराहो समूह के मंदिर, भीमबेटका शैलचित्र स्थल, और सांची स्तूप — इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गहराई को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त खजुराहो, ओरछा, मांडू और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक नगरों का संरक्षण और संवर्धन इस दिशा में एक सशक्त उदाहरण है। मध्यप्रदेश में कुल 18 स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहरें हैं, जो इसकी विरासत के वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हैं। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा “संगीत नगरी” के रूप में दी गई अंतर्राष्ट्रीय पहचान, राज्य के सांगीतिक और सांस्कृतिक योगदान को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। सरकार द्वारा पुरातात्विक स्थलों पर संरचनात्मक संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं का विकास और डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर विरासत को आम जनमानस से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है। यह यात्रा केवल अतीत के गौरव तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम है। मध्यप्रदेश एक ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जो अपनी परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ते हुए समावेशी और सतत विकास की मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।  

डिजिटल पेमेंट में बड़ा अपडेट: UPI की लिमिट बढ़ी, अब एक दिन में 10 लाख रुपये ट्रांसफर संभव

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कई कैटेगरी में यूपीआई लेनदेन की लिमिट में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जो आज से प्रभावी होने जा रही है. हाई वैल्यू डिजिटल ट्रांजेक्शन को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए आसान बनाने की दिशा बड़ा कदम उठाते हुए एनपीसीआई ने लेनदेन की लिमिट को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है. यूपीआई पेमेंट के नियमों में ये अहम बदलाव 15 सितंबर 2025 से लागू हो रहे हैं. इसके बाद अब इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट, लोन ईएमआई और ट्रैवल कैटेगरी में प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख रुपये, जबकि डेली 10 लाख रुपये तक का लेनदेन किया जा सकेगा.  कहां-कहां लागू होगी नई लिमिट यूपीआई पेमेंट की नई लिमिट पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान पर प्रभावी होगी. मतलब वेरिफाइड कारोबारियों और संस्थाओं को पेमेंट पर ये बदलाव लागू होगा. इसके तहत कुछ कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपये, तो कुछ में मैक्सिमम 10 लाख रुपये तक का डेली ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा.  बीते 24 अगस्त को जारी एक सर्कुलर में एनपीसीआई की ओर से इस बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया था कि यूपीआई अब सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड बन चुका है और बड़े ट्रांजेक्शन के लिए बढ़ती डिमांड को देखते हुए यूपीआई पेमेंट की डेली लिमिट को बढ़ाने का यह कदम उठाया जा रहा है. ये बढ़ी हुई लिमिट 5 लाख रुपये तक के टैक्स भुगतान से जुड़ी कैटेगरी के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं पर लागू होगी. UPI पेमेंट लिमिट में ये चेंज  कैपिटल मार्केट निवेश 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये इंश्योरेंस पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये GeM लेनदेन 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये ट्रैवल पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख रुपये मर्चेंट पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन कोई डेली लिमिट नहीं ज्वेलरी पेमेंट 2 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख रुपये फॉरेक्स रिटेल (BBPS) 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख रुपये डिजिटल अकाउंट ओपनिंग 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख रुपये P2P पेमेंट लिमिट में बदलाव नहीं   यहां बता दें कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे को पैसे भेजने की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह ही एक लाख रुपये प्रति दिन रहेगी. एनपीसीआई द्वारा यूपीआई पेमेंट लिमिट में किया गया ये बदलाव खासतौर पर ऐसे यूपीआई यूजर्स के लिए राहत भरा है, जिन्हें पहले बड़े पेमेंट करने के लिए एक नहीं, बल्कि कई ट्रांजेक्शन करने पड़ते थे या ऑप्शनल बैंकिंग चैनल का सहारा लेना पड़ता था. इस बदलाव के बाद वे आसानी से हाई वैल्यू वाले लेनदेन कर पाएंगे. 

इलेक्टिक वाहन मालिकों के लिए राहत: MP में मिलेगी EV चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन ऐप पर

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाने के बाद नियम भी जारी कर दिए हैं। इसके तहत मोबाइल एप भी बनाया जा रहा है। एप की मदद से शहर में ईवी के चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा। एप से किसी भी शहर का विकल्प चयन कर चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन पता की जा सकेगी। ईवी वाहन के लिए लाइव पोर्टल भी बनाया जाएगा। इसमें पता चल सकेगा कि कितने ईवी पंजीकृत हैं। साथ ही, पीपीपी मोड पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। चार्जिंग स्टेशन के साथ-साथ बैटरी स्वैपिंग के लिए कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। मध्य प्रदेश में जल्दी ही ईवी संवर्धन बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुद्दों का समाधान निकालने के लिए जिम्मेदार होगा। आईटी विभाग की मदद से मोबाइल एप और लाइव पोर्टल बनवाया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि मध्य प्रदेश ईवी नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य है। मध्य प्रदेश में एक अप्रैल, 2024 से 31 मार्च, 2025 के बीच 1,00,500 से अधिक ईवी का रजिस्ट्रेशन हुआ। सबसे ज्यादा मांग दोपहिया ईवी की रही। प्रदेश में ईवी उद्योग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनयिरिंग कॉलेजों और आइटीआई में ईवी संबंधित पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति-2025 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत दोपहिया, तीन पहिया, चार पहिया वाहन एवं बस के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रमश: 40 प्रतिशत, 80 प्रतिशत, 15 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है। ईवी के लिए दी जाएगी प्रोत्साहन राशि ईवी के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन जैसे स्माल, मीडियम और लार्ज चार्जिंग स्टेशन के लिए 10 लाख रुपये तक, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के लिए दो करोड़ रुपये, बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए पांच लाख रुपये तक और दोपहिया, तीन पहिया एवं कार के लिए रेट्रोफिटिंग अंतर्गत 25 हजार रुपये तक के वित्तीय प्रोत्साहन का प्रविधान किया गया है।

जनता दर्शन: प्रदेश भर से आये हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री

परेशान न हों, इलाज में मदद करेगी सरकार: मुख्यमंत्री  जनता दर्शन: प्रदेश भर से आये हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री सीएम योगी ने सुनीं समस्यायें और समाधान के लिए किया आश्वस्त  रायबरेली से आये किडनी-हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का दिया निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश भर से आये हर पीड़ित के पास पहुंचे, शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। 'जनता दर्शन' में 50 से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रायबरेली से आये किडनी व हर्ट के मरीज को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए।  किडनी, हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश 'जनता दर्शन' में रायबरेली के थाना खीरो के ग्राम बरवलिया के एक युवक भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता किडनी-हृदय व यूरिन की बीमारी से पीड़ित हैं। प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने में अब आर्थिक दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए अस्पताल से एस्टीमेट भी मंगवाने को कहा।  हर जरूरतमंद को इलाज में निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है सरकार  'जनता दर्शन' में इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए कई फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज के खर्च की चिंता सरकार करेगी। सरकार विगत 8 वर्ष से हर जरूरतमंद को निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।    नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।     

सूर्या की सेना का जलवा: एशिया कप में पाकिस्तान को एकतरफा मात

दुबई  एशिया कप 2025 का छठा मैच आज भारत-पाकिस्तान के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी. 16वें ओवर में ही भारत ने पाकिस्तान के 128 रनों के लक्ष्य को चेज कर लिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने छक्के के साथ भारत को जीत दिलाई.  पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 128 रनों का टारगेट रखा था. कुलदीप यादव को 3 सफलता मिली थी. जबकि बुमराह और अक्षर को 2-2 विकेट मिले थे. टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया शुरू से ही आक्रामक मोड में थी. अभिषेक शर्मा के बाद तिलक ने अच्छी पारी खेली. लेकिन एक छोर पर कप्तान सूर्या टिके रहे और उन्होंने नाबाद 47 रनों की पारी खेली और भारत को जीत दिला दी. ऐसी रही भारत की बल्लेबाजी टारगेट का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने शुभमन गिल का विकेट जल्द गंवा दिया. शुभमन गिल 10 रनों के निजी स्कोर स्टम्प आउट हुए. उनका विकेट सैम अयूब ने लिया. इसके बाद अभिषेक शर्मा ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए लेकिन  चौथे ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए. सैम अयूब ने उन्हें आउट किया. अभिषेक ने 13 गेंद में 31 रन बनाए. इसके बाद सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा के बीच शानदार साझेदारी देखने को मिली. दोनों के बीच 56 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 13वें ओवर में भारत को तीसरा झटका लगा जब तिलक वर्मा 31 के अपने निजी स्कोर पर आउट हो गए. तब भारत का स्कोर 97 रन था. लेकन एक छोर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव टिके रहे और उन्होंने नाबाद 47 रन बनाए. छक्के साथ सूर्या ने 16वें ओवर में भारत को जीत दिला दी. No Handshake पर PAK बिलबिलाया… भारत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, रेफरी पर निकाली भड़ास! भारत ने रविवार (14 स‍ितंबर) को दुबई में एशिया कप 2025 के मैच में पाकिस्तान को सात विकेट से हराकर जोरदार जीत दर्ज की. इस मैच से को लेकर भारत में ‘बॉयकॉट’ की अपीलें चल रही थीं. वहीं टॉस के दौरान और मैच के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कैप्टन सलमान आगा को नजरंदाज कर द‍िया, और खेल परंपरा के अनुसार एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया. कुल म‍िलाकर मैच में No Handshake मोमेंट ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी.  मैच के बाद हुई पुरस्कार वितरण समारोह में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहलगाम में हुए आतंकी हमला का ज‍िक्र किया, सूर्या ने कहा यह जीत 'देश के लिए एक बेहतरीन तोहफा' है. कैप्टन सूर्या ने कहा- पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं, हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं, और आज की इस जीत को आर्म्ड फोर्सेस को समर्पित करना चाहते हैं.  वहीं पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने पाकिस्तान के ख‍िलाड़‍ियों संग हाथ ने म‍िलाने की वजह भी स्पष्ट की. सूर्या बोले-हमारी सरकार और बीसीसीआई पूरी तरह से एकमत थे.  हमने फैसला लिया कि हम सिर्फ खेल खेलने आए हैं और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. दूसरी ओर पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा पोस्ट-मैच सेरेमनी में मौजूद नहीं थे.  आख‍िर पाकिस्तानी कप्तान पोस्ट आगा प्रजेंटेशन सेरेमनी में क्यों नहीं गए?  पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन ने बताया कि पाकिस्तान के कप्तान समारोह में इसलिए नहीं गए क्योंकि भारतीय टीम का मैच के अंत में 'निराशाजनक' व्यवहार था. हेसन ने कहा- हम साफ तौर पर मैच के अंत में हाथ मिलाने और दोस्ताना बातचीत करने के लिए एक्साइटेड थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.  PCB ने रेफरी से दर्ज कराया विरोध  वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने Dawn.com को पुष्टि की कि पाकिस्तान टीम मैनेजर नवीद अख्तर चीमा ने भारतीय टीम के अनुचित व्यवहार के खिलाफ आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराया है. PCB ने कहा- मैनेजर चीमा ने मैच रेफरी के व्यवहार के खिलाफ भी आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है, क्योंकि उन्होंने दोनों कप्तानों से टॉस के समय हाथ न मिलाने का अनुरोध किया था  भारत-पाकिस्तान के एश‍िया कप मैच में क्या हुआ  मैच में पहले भारत के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान की टीम पहले इनिंग्स में संघर्ष करते हुए सिर्फ 127-9 का स्कोर बना पाई. पाकिस्तान की बुरी हालत में शाहीन अफरीदी ने अंत में आकर 16 गेंदों पर नाबाद 33 रन बनाए. भारत की ओर से सबसे बेहतरीन गेंदबाज कुलदीप यादव रहे, जिन्होंने 3 विकेट लिए और सिर्फ 19 रन दिए. वहीं अक्षर पटेल ने भी 2 विकेट झटके. जसप्रीत बुमराह की तेज गेंदबाजी ने भी अच्छा साथ दिया. ऐसी रही पाकिस्तान की बल्लेबाजी टॉस जीतकर पहले बैटिंग के लिए उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. पहली ही गेंद पर हार्दिक पंड्या ने सैम अयूब का विकेट चटकाया. बुमराह ने आसान सा कैच लपका. इसके बाद अगले ही ओवर में बुमराह ने पाकिस्तान को दूसरा झटका दिया जब मोहम्मद हैरिस को उन्होंने अपना शिकार बनाया. 6 रन के स्कोर पर ही पाकिस्तान को दूसरा झटका भी लग गया. इसके बाद फरहान और फखर जमान पर पारी संभालने की बड़ी जिम्मेदारी थी. लेकिन 8वें ओवर में अक्षर पटेल ने इस साझेदारी को तोड़ दिया और अच्छी लय में दिख रहे फखर जमां 17 रन बनाकर आउट हो गए. तिलक वर्मा ने शानदार कैच लपका. इसके बाद 10वें ओवर में अक्षर ने फिर से पाकिस्तान को झटका दिया और कप्तान सलमान आगा को चलता किया. सलमान केवल 3 रन बना सके. इसके बाद 13वें ओवर में कुलदीप ने कमाल कर दिया और पाकिस्तान को दो झटके दिए. पहले हसन नवाज फिर अगली ही गेंद पर मोहम्मद नवाज अपना विकेट गंवा बैठे. इसके बाद 17वें ओवर में फिर कुलदीप ने फरहान का विकेट झटका. फरहान ने 40 रन बनाए. इसके बाद पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 127 रन ही बना सकी.   

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को MP में देंगे बड़ी रोजगार सौगात

भोपाल धार जिले के बदनावर क्षेत्र स्थित भैंसोला गांव में स्थापित हो रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क में अपनी इकाइयां लगाने के लिए टेक्सटाइल क्षेत्र की कंपनियां उत्साहित हैं। वर्धमान, ट्रांइडेट सहित 91 कंपनियों को 1,294 एकड़ भूमि आवंटित भी कर दी गई है। ये कंपनियां 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश करेंगी, जिससे 72 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पार्क में निवेश करने के लिए 114 कंपनियों के प्रस्ताव अभी तक प्राप्त हुए हैं। लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला है ठोस बदलाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियां पीएम मित्रा पार्क में अपनी इकाइयां लगाना चाहती हैं। सरकार निवेशकों को हर तरह की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्क के पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है।   अभी तक 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव कंपनियां दे चुकी हैं। इन प्राप्त निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की संपूर्ण वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। यहां कुल 2158 एकड़ भूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 सितंबर को भूमिपूजन करने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। किसान मेले किए जाएंगे आयोजित मुख्यमंत्री ने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित करें। इनमें किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी जाएं। पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। कपास की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और कच्चे माल की सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी।