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विजयवर्गीय का बयान – बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर, सावधान रहने की जरूरत

 इंदौर इंदौर में हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर संतो ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिंदू बहन बेटियों को सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधने की अपील की है।  हिंदू त्योहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर साधु संतों ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर संत रामदास महाराज ने कहा कि- संत समाज इस तरह की रील को लेकर रोष में है। हिंदू बहन बेटियों को कहना चाहूंगा कि सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधे। मूला मौलवी या मुसलमान के घर जाकर या उन्हें अपने घर बुलाकर राखी मत बांधना। यह आपसे राखी बंधवाते हैं और फिर घात लगाकर आपसे और आपके परिवार से लव जिहाद करते हैं। दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे कहा- हर पवित्र त्यौहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालो का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज किया जाना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। सरकार को चिन्हित कर कार्रवाई करना चाहिए महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर कहा कि हर पवित्र त्योहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज करना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकार को इन्हे चिह्नित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। राखी पर बहन ने भाई को दी शराब, वीडियो वायरल इंदौर में सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन त्यौहार का मजाक उड़ाए जाने का मामला गुरुवार को सामने आया था। इंदौर के युवक-युवती की एक रील सोशल मीडिया पर सामने आई थी। जिसमें बहन भाई को राखी बांधने के बाद शराब की बोतल देते दिखाई दे रही है। इस रील को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था और पुलिस से मांग की थी कि रील बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बजरंग दल का कहना है कि भारतीय त्यौहारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जो रील वायरल हुई है उसमें बहन अपने भाई को राखी बांधने के लिए आती दिखती है जिसके हाथ में पूजा की थाली होती है और उसमें शराब की बोतल रखी है। वो भाई को टीका लगाती है और शराब की बोतल रखी थाली से आरती उतारती है और इसके बाद राखी बांधती है और फिर भाई को शराब पिलाती है। हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी वायरल वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। बजरंग दल का कहना था कि अगर हिंदू संस्कृति के साथ छेड़छाड़ की तो जवाब देंगे। वहीं हिंदू जागरण मंच के समरसता विभाग के संयोजक तन्नू शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज के त्यौहार आते ही कुछ विशेष लोग कई त्यौहारों को लेकर गलत जानकारी वायरल करने लगते हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकारों को इन्हे चिन्हित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी बड़ा बयान सामने आया है। कहा- हिंदू बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर है। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा है। रक्षाबंधन कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि- बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। इंदौर में भी धर्मांतरण का बड़ा गिरोह पकड़ाया है। गिरोह को हिंदू लड़कियों से शादी के लिए लाखों रुपए मिल रहे है। ऐसे गिरोह पर हमारी सरकार शिकंजा कस रही है। हम तो मुस्लिम बेटियों को भी देवी ही मानते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार

बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुंची राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखी बंधवाकर की बहनों के सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना बहनों के हर सुख-दु:ख में साथ है राज्य सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की बहनों ने बड़ी संख्या में डाक से राखियां और स्नेहिल पत्र भेजे। लगभग पांच हजार पत्रों व राखियों में से प्रतीक स्वरूप राखियां सुयशा पटेल, सुशिवा बाथरी, सुदीपल रघुवंशी और सुप्राची पंवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तिलक कर उनकी कलाई पर बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को नेग प्रदान कर उनके सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। यह आत्मीय आयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुआ। इस अवसर पर प्राप्त पत्रों में बहनों ने लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना है। पत्रों में बहनों ने अपने स्नेहिल भाव को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को दिए संदेश में कहा कि राज्य सरकार परिवार की तरह बहनों के हर सुख-दुख में उनके साथ है। प्रदेश की बहनों को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्यौहार संस्कृति और संस्कार का आधार हैं, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों की ओर से आए आत्मीयता से परिपूर्ण पत्र प्राप्त कर मैं अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखियां भेजने के लिए बहनों का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हर घर तिरंगा अभियान 2025 को व्यापक जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के 'अमृत काल' में प्रवेश कर रहा है। अमृत काल में 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025, राष्ट्रीय ध्वज को हर भारतीय के घर तक पहुंचाने वाला एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। यह हमारी साझा पहचान, स्वतंत्रता और एकता का एक भव्य उत्सव है, जो तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के सामूहिक गौरव और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025 में पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह अभियान 2 अगस्त से शुरू हुआ है जो 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह देश की स्वतंत्रता और एकता का एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो हमारे गौरवशाली राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अहम भाग के रूप में शुरू हुआ। यह अभियान अब एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें पूरे भारत और दुनिया भर के भारतीय ले रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को प्रगाढ़ करना है। तिरंगा, एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में, एक शक्तिशाली एकीकृत शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह अभियान प्रभावी ढंग से देशवासियों में अपनेपन की सामूहिक भावना को बढ़ावा देगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान के इस वर्ष के 3 शक्तिशाली चरण इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान 2 अगस्त से शुरू होकर तीन शक्तिशाली चरणों में चलेगा, जिसमें जागरूकता निर्माण और जन जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का विषय स्वैच्छिक कार्यों, नागरिक गौरव, स्वच्छता अभियान और हमारे सशस्त्र बलों तथा पुलिस कर्मियों के प्रति कृतज्ञता पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। यह झंडा फहराने से आगे बढ़कर सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देता है। अभियान में तिरंगा-प्रेरित कला, संगीत समारोह, प्रदर्शनियाँ, रैलियाँ, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, क्विज़ और देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग सहित कई प्रेरक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल हैं। अभियान के चरण और प्रमुख गतिविधियाँ अभियान में पहले चरण 8 अगस्त तक जागरूकता बढ़ाने और तिरंगे की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा पर केंद्रित रंगोली निर्माण, प्रमुख स्थानों पर तिरंगे के इतिहास और महत्व पर आधारित प्रदर्शनी, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, शासकीय भवनों पर तिरंगा रौशनी से प्रकाशित करना आदि गतिविधियां हुईं। दूसरे चरण में 9 अगस्त से 12 अगस्त तक लोगों के बीच सामुदायिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा रैलियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तिरंगा क्विज का आयोजन किया जाएगा। अंतिम और तीसरा चरण, 13 से 15 अगस्त तक, व्यक्तिगत स्तर पर देशभक्ति के प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा। इसमें घरों पर झंडा फहराना और तिरंगे के साथ सैल्फी अपलोड करना शामिल है। अभियान में भाग लेने के सरल तरीके 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेना सरल और सभी के लिए खुला है। प्रदेशवासी तीन मुख्य तरीकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं :      स्वयंसेवक बनें: harghartiranga.com पर पंजीकरण करें और तिरंगे का संदेश अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय तक पहुंचाएं। दूसरों को सही ढंग से झंडा फहराने में मदद करें और तिरंगा सैल्फी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।      राष्ट्रीय ध्वज फहराएं: अपने घर, दुकान, कार्यालय और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज खरीदें और प्रदर्शित करें। ध्वज संहिता का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।      तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करें: राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करें और इसे harghartiranga.com पर अपलोड करें। अपने पलों को ऑनलाइन #HarGharTiranga और #HarGharTiranga2025 का उपयोग करके साझा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारे देश की आत्मा, हमारे बलिदानों का प्रतीक और हमारी साझा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय पर्व में पूरे उत्साह और गौरव के साथ शामिल हों, अपने घरों पर तिरंगा फहराएं, स्वयंसेवक बनें, और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी साझा कर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें। हर तिरंगा, हर हाथ जो इसे उठाएगा, भारत के विचार को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सामूहिक देशभक्ति का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित

संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आश्वस्त 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से की वर्चुअली चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से प्रदेश के 28 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण कर प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। शिवपुरी के भागचंद, मऊगंज के राधेश्याम साकेत, दमोह के हेमराज, रायसेन के गोविंद सिंह सेन, छिंदवाड़ा के चंद्रमोहन सहित गुना और अन्य जिले के बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि इस वर्षाकाल में जैसी बाढ़ आयी, वैसी पहले कभी नहीं आयी थी। प्रशासन के द्वारा बाढ़ के दौरान हम प्रभावित परिवारों को कैम्प लगाकर रहने की व्यवस्था के साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे संस्कार ही हैं कि कष्ट की इस घड़ी में भी ग्रामीणजन अपनी बात विनम्रता के साथ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून काल में अब तक 37 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्षाकाल में बाढ़ से निपटने के पहले से इंतजाम कर रखे थे। राज्य के मंत्रीगण और केन्द्रीय मंत्रीगण सभी से सम्पर्क बनाकर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के प्रबंधन की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के संकट से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों की जहां आवश्यकता पड़ी, वहां सक्रिय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावितों को मदद करने में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शिवपुरी में दो व्यक्ति बाढ़ में 36 घंटे घिरे रहे और उन्हें प्रशासन ने बाढ़ से बाहर निकाला। इन व्यक्तियों का कहना था कि वे प्रशासन के प्रयासों से ही से बाढ़ से बाहर निकल सकें। इसी प्रकार गुना में बाढ़ प्रभावित महिलाओं से मिलने के दौरान सबसे पहले बहनों ने उन्हें राखी भेंट की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ की बात कही। उन्होंने कहा कि बहनों ने अपने कष्ट की बात कहने से पहले राखी भेंट की, यह हमारी संस्कृति है। अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत हमें रहना है सावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा ऋतु अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत सावधान रहना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को 28 करोड़ रूपए की राशि पहले दी जा चुकी है, 30 करोड़ की राशि आज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि फसल की क्षति को छोड़कर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राहत के विभिन्न मदों में अब तक 123 करोड़ की राहत राशि प्रभावितों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उपस्थित थे। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नं-1079 पर सम्पर्क करें उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 729.1 एमएम वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है, जो बहुत कम समय में तेजी से हुई। गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला एवं अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून में अभी तक कुल 296 जनहानि तथा लगभग 1685 पशुहानि हुई है। साथ ही 299 मकानों पूर्ण रूप से क्षति होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 4114 मकानों में आंशिक क्षति भी हुई है। प्रदेश में अब तक 61 राहत कैम्प चलाये गये है, जिनमें 7345 लोगों को रखा गया। वर्तमान में मऊगंज में 02 राहत शिविर चालू है, जिसमें 175 लोग रह रहे हैं। प्रदेश में ज्यादातर सिंचाई डेम अभी 40 से 90 प्रतिशत के आस-पास भरे हैं एवं 04 डेम 100 प्रतिशत भरे हैं। साथ ही शासन द्वारा जनसामान्य को बाढ़ की स्थिति में 24X7 सहायता प्रदान की जाने के लिये टोल फ्री नं-1079 की व्यवस्था की गई है। 

सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल और शराब

बालोद जिले में बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को न तो पेट्रोल पंपों में पेट्रोल मिलेगा, और न ही शराब दुकानों में शराब. सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को रोकने के लिए बालोद जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों की जीवन की सुरक्षा करना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. इस अभियान को सफल बनाने में पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं को महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए, उन्हें जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है. इसके अलावा कलेक्टर मिश्रा ने जिले के दोपहिया वाहन विक्रेताओं को उनके दुकानों से दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को दोपहिया वाहन के साथ साथ अनिवार्य रूप से हेलमेट भी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर पेट्रोल पंप के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए. मिश्रा ने जिला परिवहन अधिकारी को इस संबंध में शीघ्र जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. कलेक्टर मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर स्थित कलेक्टोरेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा जिला पंचायत एवं रक्षित आरक्षी केन्द्र में दोपहिया वाहन से कार्यालय आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारियों के लिए भी हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. इस कार्य को सुनिश्चित कराने हेतु उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर पुलिस के जवानों की तैनातगी भी कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने कार्यालय आने वाले तथा नियमों का अवहेलना करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन के माध्यम से शासकीय कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. बैठक में सर्वसम्मति से जिले के शासकीय शराब दुकानों में दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने शराब खरीदी के लिए आने वाले लोगों को भी शराब की बिक्री नहीं करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि जान है तो जहान है इसलिए शराब दुकानों में भी दोपहिया वाहन में बिना हेलमेट पहने आने वाले लोगों को शराब की बिक्री प्रतिबंधित करना अत्यंत आवश्यक है. कलेक्टर मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी कर इसका शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु नियमित रूप से पुलिस बल के द्वारा पेट्रोलिंग कराने तथा निर्धारित स्थलों पर पुलिस जवानों की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए. मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर शराब दुकानों के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए.

ट्रंप का भारत पर सख्त टैरिफ, रूसी तेल के अलावा ये हैं असली वजहें

नई दिल्ली भारत पर टैरिफ लगाने का सिर्फ एक ही कारण नहीं दिखाई दे रहा है, बल्कि इसके पीछे कई कारण हैं. डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर 25% टैरिफ लगा दिया है, जो 7 अगस्‍त से प्रभावी है. वहीं इस टैरिफ (Tariff on India) को बढ़ाकर 50 फीसदी करने की चेतावनी दे चुके हैं और यह भी कहा है कि यह 27 अगस्‍त तक भारत पर लागू कर दिया जाएगा, जिसके पीछे की वजह भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना बताया जा रहा है.  डोनाल्‍ड टंप (Donald Trump) ने भारत के खिलाफ सख्‍त रुख अपनाते हुए अब यह तक कह दिया है कि जबतक टैरिफ को लेकर मसला नहीं सुलझ जाता है, तबतक कोई बातचीत नहीं होगी. अमेरिका का यह बयान ऐसे वक्‍त में आया है, जब अमेरिकी टीम व्‍यापार वार्ता के लिए भारत (India-US Trade Talk) आने वाली है. ऐसे में साफ नजर आ रहा है कि अमेरिका हर तरह से भारत पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारत दबाव में आकर US की शर्तों पर समझौता कर ले.  भारत से क्‍या चाहते हैं ट्रंप?  रूस का तेल तो ठीक है, लेकिन ट्रंप यह भी चाहते हैं कि भारत अमेरिकी कृषि उत्‍पाद और डेयरी प्रोडक्‍ट्स पर टैरिफ कम करे, ताकि भारत जैसे बड़े मार्केट में अमेरिका के इन प्रोडक्‍ट्स को एंट्री मिल सके. लेकिन भारत इन सेक्‍टर्स को ज्‍यादा प्राथमिकता देता है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर भारत इन सेक्‍टर्स को अमेरिका के लिए खोलता है तो किसानों की आय पर असर होगा, जिसे लेकर भारत समझौता नहीं करना चाहेगा.  वहीं अमेरिका एग्री, डेयरी प्रोडक्‍ट्स के लिए Tariff 100 फीसदी कम करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, अमेरिका यह भी चाहता है कि भारत रूसी तेल इम्‍पोर्ट को कम करे और अमेरिका से ज्‍यादा तेल का आयात करे. जबकि भारत को अमेरिका की तुलना में सस्‍ता तेल रूस से मिल रहा है.  डॉलर को लेकर क्‍यों परेशान हैं ट्रंप? अमेरिकी डॉलर दुनियाभर में इस्‍तेमाल की जाने वाली करेंसी है. बीते आठ दशक यानी 1944 से ही US Dollar का इस्‍तेमाल सभी देश व्‍यापार के लिए कर रहे हैं. दुनियाभर के सेंट्रल बैंक डॉलर का रिजर्व रखते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो करीब 90 फीसदी विदेशी मुद्रा लेनदेन डॉलर में ही होती है. लेकिन ब्रिक्‍स देशों ने इसपर निर्भरता कम करने के लिए कदम उठाये, जिसे लेकर ट्रंप बौखलाए हुए हैं.  ट्रंप इसलिए भी ब्रिक्‍स देशों से डरे हुए हैं, क्‍योंकि इस संगठन के देश मिलकर वर्ल्‍ड इकोनॉमी में 35 फीसदी का योगदान देते हैं. ऐसे में अगर इन देशों ने अमेरिका और डॉलर का विरोध किया तो अमेरिका के सुपरपॉवर बने रहने का पोजिशन छिन सकता है. साथ ही डॉलर वर्ल्‍ड करेंसी से हट सकता है.  रूस से कितना तेल मंगाता है भारत?  साल 2022 से भारत ने रूसी तेल का आयात बढ़ाया है. भारत अभी रूस से हर दिन 1.7 से 2.2 मिलियन बैरल तक का रूसी तेल आयात करता है. भारत रूसी तेल का करीब 37 फीसदी हिस्‍सा आयात कर रहा है. वहीं सबसे ज्‍यादा चीन रूसी तेल खरीद रहा है. साल 2024 में भारत ने रूस से 4.1 लाख करोड़ रुपये का कच्‍चा तेल आयात किया है.  ट्रंप के टैरिफ वार के पीछे छिपे ये बड़े कारण, सिर्फ रूसी तेल नहीं जिम्मेदार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर एक और बड़ा बयान दिया है. एक  सवाल के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं होता, तब तक भारत के साथ व्यापार वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी. समाचार एजेंसी एएनआई ने डोनाल्ड ट्रंप से पूछा, "भारत पर टैरिफ को लेकर आपने जो 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, क्या आप व्यापार वार्ताएं (Trade Negotiations) तेज होने की उम्मीद कर रहे हैं? इसका संक्षिप्त जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'नहीं, जब तक हम इसे हल नहीं कर लेते, तब तक नहीं.' ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में टैरिफ को लेकर तनाव देखा जा रहा है. अमेरिका द्वारा एकतरफा 50% शुल्क लगाने से भारत चिंतित है, और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान हालांकि अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक सवाल के जवाब में कहा, "…जहां तक भारत की बात है, मैं इतना कह सकता हूं कि राष्ट्रपति की व्यापार असंतुलन को लेकर और रूसी तेल की खरीद को लेकर जो चिंताएं हैं, उस पर बहुत स्पष्ट रुख अपनाया है. आपने देखा है कि उन्होंने इस पर सीधे तौर पर कदम उठाए हैं… भारत एक रणनीतिक साझेदार है जिसके साथ हम पूरी और स्पष्ट बातचीत कर रहे हैं. यह बातचीत जारी रहेगी…" भारत पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ को 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया है. हालांकि, अभी 7 अगस्त से 25% का टैरिफ ही लागू हुआ है, जबकि अतिरिक्त 25% टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा. इसके साथ ही, ट्रंप प्रशासन एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। वे चिप पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान करने वाले हैं, जिसका सीधा असर दुनियाभर के सेमीकंडक्टर उद्योग पर पड़ेगा. यह भारत के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि भारतीय सेमीकंडक्टर बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है.

रेलवे का बड़ा कारनामा: 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी ने यूपी से दौड़ लगाकर रचा नया इतिहास

चंदाैली पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी 'रुद्रास्त्र' का सफल संचालन किया है। यह अब तक भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी बन गई है। सात अगस्त 2025 को दोपहर 2:20 बजे, डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा स्टेशन से ‘रुद्रास्त्र’ को गढ़वा रोड के लिए रवाना किया गया। यह अभूतपूर्व मालगाड़ी छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार की गई, जिसमें कुल 354 वैगन और सात इंजन लगाए गए। ट्रेन ने पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर और फिर भारतीय रेल के सामान्य ट्रैक पर सफर किया। ‘रुद्रास्त्र’ के सफल संचालन से यह साबित होता है कि डीडीयू मंडल सिर्फ संचालन नहीं बल्कि नवाचार में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह मॉडल भविष्य में भारतीय रेल की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दे सकता है। क्या है ‘रुद्रास्त्र’? ‘रुद्रास्त्र’ नामक यह सुपर लॉन्ग मालगाड़ी डीडीयू मंडल की नवाचार और क्षमता निर्माण की नई पहल है। आमतौर पर इस तरह की रेकें अलग-अलग चलाई जाती हैं, लेकिन इन्हें एक साथ जोड़कर चलाना प्रबंधन दक्षता, समय की बचत, और मार्ग की अधिकतम उपयोगिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। डीडीयू मंडल की भूमिका डीडीयू मंडल भारतीय रेल के अहम माल परिवहन केंद्रों में से एक है, जो विशेष रूप से धनबाद मंडल को कोयला और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में सहयोग करता है। यहां से खाली मालगाड़ियों को जांच और मरम्मत के बाद समय पर भेजा जाता है। ‘रुद्रास्त्र’ की प्रमुख विशेषताएं     लंबाई: 4.5 किलोमीटर     कुल रेक: 6 बॉक्सन रेक     कुल वैगन: 354     इंजन: 07     शुरुआत बिंदु: गंजख्वाजा स्टेशन (डीडीयू मंडल)     गंतव्य: गढ़वा रोड (सोननगर से होकर) अन्य उपयोगिता     6 मालगाड़ियों को एक साथ चलाकर ट्रैक की अधिकतम क्षमता का उपयोग     समय और संसाधनों की बचत (चालक दल, मार्ग योजना आदि)     माल ढुलाई की गति और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि     रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने में सहायक  

मोदी सरकार का कदम – महंगाई कम करने के लिए दे सकती है LPG सब्सिडी का लाभ

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार आज शुक्रवार को LPG सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी कैबिनेट एलपीजी के दामों को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकारी तेल कंपनियों को करीब 30 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे सकता है. आज शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की होने वाली बैठक में इस पर फैसला होने की उम्मीद है. सरकार का यह है उद्देश्य मोदी सरकार का सरकारी तेल कंपनियों को सब्सिडी देने का मुख्य उद्देश्य मार्केट के दाम से कम कीमत पर रसोई गैस बेचने वाली कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है. बता दें, यह राहत सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉपोरेशन को मिलेगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दामों के उतार-चढ़ाव के बीच भी ये सभी कंपनियां कस्टमर्स के लिए दाम यथावत रखती हैं. इससे जनता को काफी राहत मिलती है. जानिए क्यों मिल सकता है सब्सिडी का लाभ मोदी सरकार लगातार बढ़ते दामों के बीच भी जनता को राहत देने की तैयारी में है. अगर कंपनियों को सब्सिडी का लाभ मिलता है तो महंगाई का दबाव थोड़ा कम होगा. बता दें, अमेरिकी प्रशासन लगातार भारत पर टैरिफ बढ़ाता जा रहा है. उसका कहना है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करे. हर महीने कम होते हैं गैस के दाम सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर के दामों को अपडेट करती हैं. बता दें, कंपनियों ने इस महीने के पहले दिन ही 14 किग्रा. वाले कमर्शियल गैस के दामों में कमी की थी. सरकारी तेल कंपनियों ने 33 रुपये 50 पैसे की कटौती की थी. वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं. 8 अप्रैल के बाद से इन दामों में कोई बदलाव नहीं हुए हैं. राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कमर्शियल गैस के नए दाम 1631.50 रुपये हो गए हैं. मायानगरी मुंबई में यही सिलेंडर अब 1582.50 रुपये में उपलब्ध होगा. पहले इसकी कीमत करीब 1616 रुपये थी. कोलकाता की बात करें तो इसकी कीमत घटकर 1734.50 रुपये हो गई है. पहले यह 1769 रुपये में बिक रहा था. चेन्नई में कमर्शियल गैस का यही सिलेंडर 1789 रुपये में बेचा जाएगा. पहले यह 1823.50 रुपये में बिक रहा था.

यूपी: राखी पर्व पर महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा, सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की परंपरा इस साल भी जारी है. परिवहन विभाग की ओर से 8 से 10 अगस्त तक रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही प्रत्येक महिला के साथ आने वाले एक सहयात्री को भी बिना टिकट यात्रा की छूट दी गई है, यह सुविधा रोडवेज व नगरीय बस सेवा की बसों में मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अगस्त को बताया था कि हमारी सरकार ने तय किया है, 'रक्षाबंधन' के पावन अवसर पर (8-10 अगस्त) उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम और नगर विकास की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा बहन-बेटियों को देने जा रहे हैं. यह पहल 2017 में शुरू हुई थी, जब रक्षाबंधन पर बहनों को आर्थिक बोझ से मुक्त रखते हुए अपने घर या भाइयों के पास पहुंचने का अवसर देने के लिए सरकार ने रोडवेज में मुफ्त सफर का ऐलान किया था. सरकार की ओर से जारी आकंड़ों के मुताबिक आठ साल में इस योजना के तहत 1.23 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले चुकी हैं. इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया. यात्रा की अवधि और नियम अवधि: 8 अगस्त की मध्यरात्रि से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लाभार्थी: सभी आयु वर्ग की महिलाएं और बालिकाएं अतिरिक्त लाभ: प्रत्येक महिला के साथ एक सहयात्री का टिकट भी माफ लागू बसें: साधारण, जनरथ और कुछ अन्य श्रेणियां रक्षाबंधन पर यात्रा का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व पर महिलाओं की सुविधा के लिए शुरू हुई यह योजना अब एक सामाजिक परंपरा बन गई है. शुरुआत में इसे केवल एक दिन के लिए लागू किया जाता था, लेकिन समय के साथ यात्रा की अवधि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ी. आंकड़ों के अनुसार, 2017 में लगभग 11 लाख महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ लिया, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 29 लाख से अधिक हो गई. 2022 में भी 22 लाख से ज्यादा यात्रिणियों ने मुफ्त सफर किया. परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में बसों की संख्या और रूट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाती है, ताकि भीड़ के कारण किसी को असुविधा न हो. सुरक्षा के मद्देनज़र संवेदनशील रूटों पर पुलिस या होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जाते हैं. ग्रामीण और दूरदराज की महिलाओं को सबसे अधिक लाभ इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में रहने वाली महिलाओं को मिलता है, जहां से बड़े शहरों तक की यात्रा का किराया कई बार उनकी सामर्थ्य से अधिक होता है. मुफ्त बस सेवा के कारण वे न सिर्फ भाइयों के पास राखी बांधने जा सकती हैं, बल्कि त्योहार के दिन बिना आर्थिक चिंता के वापसी भी कर पाती हैं. सहयात्री के लिए भी राहत इस बार की घोषणा में महिलाओं के साथ एक सहयात्री के टिकट माफ करने का प्रावधान भी चर्चा में है. कई मामलों में महिलाएं छोटे बच्चों या वृद्ध परिजनों के साथ यात्रा करती हैं, जिनका किराया पहले अलग से देना पड़ता था. यह बदलाव कई परिवारों के लिए सुविधा और बचत दोनों लेकर आया है. हालांकि, यह छूट केवल चुनिंदा बस श्रेणियों में ही लागू होगी, ताकि राजस्व पर अनावश्यक दबाव न पड़े.

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शीघ्र शुरू हो ओपीडी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : दो से अधिक बार शराब तस्करी पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा दो से अधिक बार शराब तस्करी पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री शर्मा ने विभागीय योजनाओं और नवाचारों की समीक्षा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शीघ्र शुरू हो ओपीडी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ’ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने कॉम्प्लेक्स निर्माण का सुझाव, मक्का व मिलेट्स किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन’ ’मनरेगा, पीएम आवास, महतारी वंदन से लेकर जल जीवन मिशन तक सभी योजनाओं की गहन समीक्षा’ रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज जगदलपुर स्थित जिला कार्यालय के प्रेरणा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जिले में किए जा रहे नवाचारों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति दो से अधिक बार शराब या अन्य नशे की तस्करी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त करने की कानूनी कार्यवाही तत्काल आरंभ की जाए। उन्होंने नशा उन्मूलन के लिए पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधियों और दवा व्यापारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जगदलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शीघ्र ओपीडी सेवा प्रारंभ करने को कहा, ताकि आम जनता को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकें। उपमुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में कॉम्प्लेक्स निर्माण कर पंचायतों को स्वावलंबी बनाने का सुझाव दिया, जिससे पंचायतों को स्थायी राजस्व प्राप्त हो सके। उन्होंने पंचायत सचिवों को अविवादित बंटवारे के मामलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने हेतु ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने और जनजागरूकता हेतु मुनादी एवं होर्डिंग लगाने के निर्देश भी दिए। मिलेट्स उत्पादन करने वाले किसानों के उत्पाद को बाजार तक पहुँचाने की ठोस व्यवस्था बनाने तथा मक्का उत्पादक किसानों को स्प्रिंकलर एवं विभागीय योजनाओं से जोड़ने की बात भी कही। बैठक में पंचायत विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, महतारी सदन, दीनदयाल अंत्योदय योजना, बिहान, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित हितग्राहियों को प्रथम किश्त के उपरांत आवास की प्रगति, ग्राम पंचायतों में पंजी संधारण की स्थिति, डीपीआरसी ट्रेनिंग सेंटर, स्वच्छ भारत मिशन तथा आगामी तीन माह की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गृह विभाग के अंतर्गत अवैध शराब, सट्टा, जुआ, गोधन तस्करी, यातायात नियंत्रण, हिट एंड रन, मोटरयान अधिनियम की धाराओं पर की गई कार्रवाई, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन, गुम इंसानों के प्रकरण और एनडीपीएस एक्ट के मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, आयुष्मान कार्ड वितरण, मोबाइल हेल्थ वैन संचालन, जनऔषधि केंद्रों की उपलब्धता, सिकलसेल डायग्नोसिस, डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थिति तथा आगामी तीन माह के लिए निर्धारित कार्ययोजना की समीक्षा की गई। वन विभाग द्वारा किए गए लाख उत्पादन, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, चरण पादुका वितरण और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ कैंपा मद में दो वर्षों के आवंटन और व्यय की जानकारी भी ली गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्वस्थ लइका अभियान और नीति आयोग के सहयोग से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी बैठक में दी गई। राजस्व विभाग द्वारा किए गए नवाचार, प्रकरणों की स्थिति, शिविरों की प्रगति और भू-अर्जन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। कृषि विभाग द्वारा रकबा, बीज एवं उर्वरक वितरण, आत्मा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, खरीफ की तैयारी, चौम्प्स योजना से यंत्र वितरण आदि की अद्यतन जानकारी ली गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन, पूर्णता प्रमाण पत्र और हर घर जल प्रमाणीकरण की स्थिति पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जल संसाधन विभाग के तहत प्रमुख बांध, नहर और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की गई। विद्युत विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, ट्रांसफार्मर की उपलब्धता, आरडीएसएस योजना के तहत क्रियान्वयन की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों और आगामी तीन माह के कार्यों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। शिक्षा विभाग द्वारा ज्ञानगुड़ी योजना के तहत निरूशुल्क कोचिंग, आईसीटी आधारित प्रशिक्षण, बहुभाषी शिक्षा, पीएम स्कूलों के निर्माण, शिक्षा गुणवत्ता कार्यक्रम, मिशन 200, जीरो ड्रॉपआउट अभियान और सम्पर्क फाउंडेशन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छात्रावासों और छात्रवृत्तियों की स्थिति प्रस्तुत की गई। खाद्य विभाग द्वारा पीडीएस प्रणाली, धान भंडारण एवं उठाव की स्थिति की जानकारी दी गई। नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी, पीएम आवास योजना शहरी, भवन अनुज्ञा एवं अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और पीएमईजीपी की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त सहकारिता, समाज कल्याण और श्रम विभाग की गतिविधियों की भी समग्र समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा यह ध्यान रखा जाए कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यों में शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडेय, सचिव पंचायत भीम सिंह, कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।