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योगी सरकार का तोहफा: यूपी के शिक्षकों को मिली राहत और नए आदेश का ऐलान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना में एक नोशनल वेतनवृद्धि (काल्पनिक वेतनवृद्धि) जोड़ी जाएगी। वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय होती थी, लेकिन वे उससे ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो जाते थे, उन्हें भी इस वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा। यह प्रावधान 1 जनवरी 2006 से लागू वेतन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। किन्हें तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा? इसका मतलब यह हुआ कि 1 जनवरी 2006 के बाद से लेकर शासनादेश जारी होने तक 30 जून को रिटायर हुए कर्मचारी भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। हालांकि, उन्हें केवल तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा, पिछली अवधि का एरियर नहीं दिया जाएगा। यही नियम 1 जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जिनकी रिटायरमेंट तिथि 30 जून या 31 दिसंबर रही और जिनकी वेतनवृद्धि क्रमशः 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय थी। कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना शासनादेश के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस फैसले से उच्च शिक्षा में कार्यरत हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से जुड़े डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित ने इसे शिक्षकों के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को कई बार पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी। उन्होंने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह सुविधा पहले से लागू थी, अब उच्च शिक्षा में लागू होने से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।  

अलवर में बड़ा ऑपरेशन, धर्मांतरण के आरोप पर 52 बच्चे छुड़ाए गए

अलवर  राजस्थान के अलवर जिले में धर्मांतरण का बड़ा मामला उजागर हुआ है. पुलिस ने बुधवार शाम उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गोलेटा गांव स्थित सैय्यद कॉलोनी में एक हॉस्टल पर छापा मारा. यहां से 52 बच्चों को बरामद किया गया, जिन्हें शिक्षा और पैसों के लालच में धर्म परिवर्तन के लिए गुमराह किया जा रहा था. पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई. मौके से दो लोगों अमृत और सोनू रायसिख को गिरफ्तार किया गया. इनमें से अमृत पर पहले भी सीकर जिले में धर्मांतरण का केस दर्ज हो चुका है. पुलिस के अनुसार एक एनजीओ की आड़ में यह पूरा खेल चलाया जा रहा था. पुलिसवाले दीवार पर चढ़े बच्चों को काफी देर तक समझाते रहे कि वो यहां उनके लिए आए हैं, डरो मत, नीचे आ जाओ। यहां रह रहे बच्चों ने बताया कि उन्हें सिखाया जाता था कि- भगवान को मानोगे तो नर्क में जाओगे। मूर्ति और क्रॉस को पानी में डुबोकर अंतर बताया जाता था। एक संगठन की शिकायत पर बुधवार शाम को एमआईए थाना क्षेत्र की सैय्यद कॉलोनी में एक ईसाई मिशनरी हॉस्टल में कार्रवाई की गई थी। शिक्षा के नाम पर धर्म-परिवर्तन का आरोप आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को हॉस्टल में रखा जाता है। यहां शिक्षा के नाम पर उन्हें पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। बुधवार शाम को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की। मौके पर पुलिस पहुंची तो हॉस्टल के अंदर भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद 50 से ज्यादा बच्चे बिल्डिंग की 10 फीट से ज्यादा ऊंची दीवार फांदने लगे। डरो मत..आपके लिए आए हैं हॉस्टल की बाउंड्री और दीवार पर चढ़े बच्चे को नीचे उतारने के लिए पुलिसवालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें नीचे उतारने के लिए पुलिसकर्मी काफी देर तक समझाइश करते रहे। पुलिसकर्मियों ने कहा- डरो मत, हम तुम्हारे लिए आए हैं। इस दौरान कुछ बच्चे रोने लगे और डर के कारण चीखने भी लगे। बच्चों का आरोप- डराया जाता था हॉस्टल में रहने वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें धर्म और भगवान को नहीं मानने के लिए उकसाया जाता था। उन्हें मौत का भी डर दिखाया जाता था। अब पढ़िए- 2 मासूमों ने हॉस्टल पर क्या आरोप लगाए… आग में जलने के नाम से डराया: हॉस्टल में फादर कहते हैं कि अगर तुम भगवान को मानोगे तो नर्क में जाओगे। आग में जला दिए जाओगे। तुम्हें केवल बाइबल को ही पढ़ना है। हिंदुओं के नकली भगवान हैं। ईसा मसीह की प्रार्थना से हमें स्वर्ग मिलता है और हिंदू देवी-देवताओं के नाम लेने से नर्क मिलता है। असली भगवान तो ईसा मसीह है: फादर कहते हैं ईसा मसीह की प्रार्थना से हमें स्वर्ग मिलता है और हिंदू देवी-देवताओं के नाम लेने से नर्क मिलता है। फादर बाल्टी में पानी भरकर देवी-देवताओं की मूर्तियों को पानी में डालते हैं। पानी में मूर्ति डूब जाती है तो कहते हैं कि तुम्हारा भगवान स्वयं डूब गया है, वो तुम्हें कैसे बचाएगा। अहमदाबाद का रहने वाला है आरोपी फादर पुलिस के अनुसार मौके से अहमदाबाद के रहने वाले अमृत और रामगढ़ (अलवर) के रहने वाले सोनू रायसिख को पकड़ा है। मौके से एक धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और किताबें जब्त की हैं। जानकारी के अनुसार अगस्त महीने में सीकर में ईसाई धर्म गुरु सेल्वाराज उर्फ सेल्बुराज ने कुछ लोगों का धर्म परिवर्तन कराया था। जिसमें अमृत का भी नाम है। जो फिलहाल जमानत पर है। एसपी बोले- सस्ती शिक्षा के नाम पर बुलाते हैं SP सुधीर चौधरी ने बताया कि जिले में कुछ लोगों के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की सूचना मिली। जो गरीबों को सस्ती शिक्षा के नाम पर बुलाते हैं। धर्म को लेकर गलत शिक्षा देकर धर्म परिवर्तन की बात सामने आई है। इस मामले में दो जनों को अरेस्ट किया है, जिनमें अमृत गुजरात का रहने वाला है। जिसके खिलाफ पहले से सीकर में मुकदमा दर्ज है। अब इसकी जमानत कैंसिल कराने का प्रयास करेंगे। जिले में दूसरी जगहों से भी धर्म परिवर्तन कराने की बातें सामने आई हैं। ये गरीब तबके के बच्चों को छात्रावास में रखते थे। बच्चों को साधारण भाषा में ईसाई धर्म की अच्छाई बताकर हिंदू और सिख धर्म की कमी बताते हैं। हो सकता है कि ये बच्चों के माता-पिता को सहायता भी देते हों। ऐसे मामलों में राजस्थान में पहले भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। उनकी भी जानकारी मांगी है। भविष्य में ऐसा नहीं हो इसके लिए आमजन को भी सहयोग करने की जरूरत है। हॉस्टल पर छापा मार 52 बच्चे बरामद  छापेमारी के दौरान बच्चे डर के मारे हॉस्टल की दीवार कूदकर भागने लगे. वहीं हिंदू संगठनों ने भी मौके पर पहुंचकर विरोध किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने हॉस्टल से ईसाई धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और बड़ी मात्रा में लिखने की सामग्री जब्त की है. बच्चों ने पुलिस को बताया कि हॉस्टल में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर गलत बातें कही जाती थीं और ईसा मसीह को ही सच्चा भगवान बताया जाता था. बच्चों की उम्र 6 से 17 साल के बीच है. वे अलवर, हनुमानगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं. शिक्षा और पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क का संबंध तमिलनाडु, गुजरात और कई अन्य राज्यों से है. पुलिस ने धर्मांतरण करने वालों को चेतावनी दी है और आम लोगों से भी जानकारी देने की अपील की है.

विचारपुर की फुटबॉल टीम से मिले मंत्री सारंग, खिलाड़ियों को दी हौसला अफजाई

‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर: मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों के साथ साझा किया अनुभव और प्रेरणा जर्मनी के क्लब द्वारा विचारपुर टीम के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की पेशकश भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम की फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जुलाई 2023 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विचारपुर का उल्लेख कर इसे ‘मिनी ब्राजील’ नाम दिया था। प्रधानमंत्री द्वारा की गई इस सराहना ने विचारपुर के खिलाड़ियों को नई पहचान दी और अब यही पहचान वैश्विक मंच पर अपना स्थान बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी के पॉडकास्ट में उल्लेख के बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफ.सी. Ingolstadt 04 ने विचारपुर के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर देने की इच्छा जताई है। खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं मंत्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के युवा खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं छिपी हैं। वे अब केवल अपने गांव या प्रदेश के नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने खेल को उस स्तर तक ले जाएं कि विदेशों में भी ‘मिनी विचारपुर’ टीम के नाम से भारत की पहचान बने। उन्होंने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि यह अवसर आने वाले समय में प्रदेश की खेल प्रतिभा के लिए प्रेरणा बनेगा। खिलाड़ियों में उत्साह मंत्री सारंग से संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने कहा कि यदि उन्हें जर्मनी जाने का अवसर प्राप्त होता है तो वे अपने खेल कौशल (स्किल्स) को और बेहतर करेंगे तथा वहां सीखी गई तकनीक और अनुभव को वापस आकर अपने साथियों और आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करेंगे। कुल 4 खिलाड़ियों को मिलेगा अवसर जर्मनी का फुटबॉल क्लब विचारपुर ग्राम से कुल 4 खिलाड़ियों और 1 प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक आमंत्रित कर रहा है। इसमें 2 बालक और 2 बालिका खिलाड़ी शामिल होंगे। उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेल का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसमें तकनीकी मानदंड, खिलाड़ियों की उपलब्धियां और शारीरिक दक्षता को आधार बनाया जाएगा। यह अवसर विचारपुर के खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा और प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।।  

नर्मदा नदी बढ़ी उफान पर, ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट पूरी क्षमता से खोले गए, प्रशासन हुआ अलर्ट

खंडवा मध्य प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। गुरुवार को इंदिरा सागर बांध के 12 गेट  खोले गए, वहीं ओंकारेश्वर बांध से 21 गेटों के जरिए कुल 35.5 मीटर ऊंचाई तक खोले गए एवं10,533 क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में छोड़ा गया। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर नर्मदा नदी का जलस्तर वर्तमान में खतरे के निशान से केवल डेढ़ मीटर नीचे है। दोनों ही बांधों का जलभराव क्षमता से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके चलते गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। यह इस वर्ष का मात्र दो दिन में पांचवां अवसर है जब बांध प्रबंधन को गेट खोलने पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नर्मदा नदी के ऊपरी हिस्सों से कितनी अधिक मात्रा में पानी आ रहा है। खतरे की स्थिति लगातार हो रही वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे प्रवाह के कारण नर्मदा नदी उफान पर है। ओंकारेश्वर से आगे खंडवा और खरगोन जिले में बसे नर्मदा किनारे के गांवों और कस्बों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।  यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा और गेटों की संख्या व ऊंचाई और बढ़ाई गई तो नदी का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। वर्तमान में नर्मदा नदी का जल स्तर 162,500 तक पहुंच गया है। अगर नदी का जलस्तर 163.980 पर पहुंचा तो खतरे के निशान को पार कर जाएगा। प्रशासन की तैयारी गंभीर हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन टीम लगातार निगरानी कर रही है। दोनों जिलों (खंडवा और खरगोन) के पुलिस अधीक्षकों ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि नर्मदा किनारे जहां-जहां जनसमूह एकत्रित होता है, वहां सुरक्षा बल तैनात रहें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों को भी तैयार रखा गया है। ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को सख्त आदेश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना न हो। जनता से अपील प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लोग नर्मदा नदी के किनारे न जाएं। लगातार गेट खुलने से जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। सावधानी बरतना ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। नर्मदा के उफान और बांधों की लगातार जलनिकासी ने पूरे नर्मदा तट क्षेत्र को अलर्ट पर ला दिया है। आने वाले समय में नदी का जलस्तर किस ओर करवट लेगा, यह वर्षा पर निर्भर करेगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय सभी सैक्टर के लिए गुलदस्ते के समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीएसटी दरों में कटौती से लाभान्वित होंगे देश के 90 प्रतिशत नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी दरों में कटौती को बताया ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी देश के गरीब-वंचितों सहित उद्यमियों का भी रखा ध्यान नागरिकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का माना आभार भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुड्स एवं सर्विस टैक्स काउंसिल द्वारा जीएसटी दरों में कटौती को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत योग्य कदम बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव कर मुक्त हृदय से देश के हर वर्ग को फायदा पहुंचाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने उद्बोधन में लाल किले की प्राचीर से कहा था कि, अगले कुछ समय में प्रदेशवासियों को बहुत अच्छी सुविधाएं मिलने वाली हैं। हमने देखा कि एक महीने से भी कम समय में उन्होंने अपने इन वचनों को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के क्रांतिकारी बदलाव से देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी यानी 125 करोड़ से अधिक देशवासी लाभान्वित होंगे। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और लघु एवं कुटीर उद्योग को भी व्यवसाय में इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और तेजी से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी स्लैब में बदलाव के बाद गुरुवार को उज्जैन में जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार भी माना। स्कूली बच्चों की शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12% से शून्य करना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय देशवासियों के लिए एक प्रकार से गुलदस्ते के समान है, जिसमें सभी सैक्टर को कवर किया गया है। इंडस्ट्रीज के साथ देश के सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत की एक अद्भुत छवि निर्मित हो रही है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी सरकार ने अपने नागरिकों, उद्यमियों, गरीब एवं वंचित वर्ग का ध्यान रखा है। नागरिकों के हैल्थ इंश्योरेंस को टैक्स फ्री कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिरिक्त राहत दी गई है। जीएसटी के सभी बदलाव इसी माह नवरात्रि से अर्थात 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे, जिसका लाभ गरीबों, मध्यवर्ग और किसानों को भी मिलेगा। आम आदमी की जरूरत की वस्तुएं जैसे- रोटी, पराठा, पनीर, छैना सस्ते होंगे। यह सामग्री बड़े पैमाने पर निर्यात भी होती है, अत: इस बदलाब से किसानों को भी लाभ होगा। स्कूली बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, कॉपी, नोटबुक पर जीएसटी 12% से शून्य करना स्कूली बच्चों और युवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को 18% के स्लैब से हटाकर शून्य करना क्रांतिकारी निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए कृषि क्षेत्र पहली प्राथमिकता है। भारतीय कृषि व्यवसाय को वैश्विक प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रैक्टर के टायर, पार्ट्स, बायोपेस्टिसाइड, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर, बागवानी की मशीनों पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% तक लाने का निर्णय लिय है। यह कृषक कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूसरी ओर नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ मिले, इसके लिए हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को मौजूदा 18% के स्लैब से हटाकर टैक्स खत्म करना निर्णय क्रांतिकारी है। साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मरीजों के लिए कई जीवन रक्षक दवाइयां कर मुक्त कर दी गई हैं। इस फैसले का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में 1200 सीसी इंजन क्षमता के वाहनों पर जीएसटी स्लैब 28% से घटाकर 18% किया गया है। यह मध्यम वर्गीय के लिए कार खरीदने का सपना पूरा करेगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे- प्रोजेक्टर, डिश, वाशिंग मशीन सस्ती होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन निर्णयों का प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द लाभ दिलवाने के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य करेगी।  

न रैली, न चुनाव… फिर भी रीवा में लगे राहुल गांधी के पोस्टर, लिखा- कांग्रेस को बचाओ

रीवा  कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों के बाद रीवा में लगे उनके पोस्टरों ने खलबली मचा दी है. शहर के प्रमुख मार्गों में लगे पोस्टर पर राहुल गांधी की तस्वीर है, जिसमें लिखा गया है. "राहुल गांधी जी रीवा रायशुमारी चोरी हो गई, रीवा कांग्रेस बचाओ.'' इस तरह के पोस्टर से अब कांग्रेस खुद ही घिरती हुई दिखाई दे रहीं है. पोस्टर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित मुख्य मार्ग लगाए गए हैं. ये पोस्टर किसने लगाए यह अभी सस्पेंस बना हुआ है लेकिन कयास लागाए जा रहें है कि रीवा मे एक बार फिर कांग्रेस के अंदर गुटबाजी का बम फूटा है. जिससे सियासी हलचल भी तेज हो गई है. रीवा कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं? पोस्टरों में मोटे अक्षरों में लिखा गया है, 'कांग्रेस बचाओ, रायशुमारी चोरी हो गई है' यह वाक्य सीधे तौर पर पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है. चौराहे से गुजरने वाले लोग इन पोस्टरों को देखकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं कि रीवा कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है. पार्टी में भीतरघात और गुटबादजी? सियासी विश्लेषक मान रहे हैं कि इस घटना के पीछे पार्टी मे अंदरूनी तौर पर असंतोष की भूमिका है. कहा जा रहा है कि जिला अध्यक्ष की नियुक्ति में पारदर्शिता नहीं बरती गई और रायशुमारी को दरकिनार कर कुछ खास नेताओं की पसंद को तरजीह दी गई है. इस असंतोष का परिणाम ही सिरमौर चौराहे पर लगे पोस्टर के रूप में सामने आया. दिलचस्प यह है कि पोस्टर लगाने वाले की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन पार्टी के अंदरखाने में चर्चा है कि यह कदम नाराज कार्यकर्ताओं या किसी असंतुष्ट गुट की ओर से उठाया गया है. नए जिला अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद खींचतान कांग्रेस पार्टी की रीवा इकाई में लंबे समय से गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं. नए जिला अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद यह खींचतान और तेज हो गई है. संगठन में कई पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत करने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. यही कारण है कि नियुक्ति के तुरंत बाद पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस ने इस बार भी इंजि. राजेंद्र शर्मा को रीवा कांग्रेस का जिला अध्यक्ष चुना था जबकि इसके पूर्व मे भी राजेंद्र शर्मा ही जिला ही जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त थे. भाजपा को मिल सकता है फायदा कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और खुले तौर पर उभरी नाराजगी का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है. भाजपा पहले से ही संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत है और कांग्रेस की इस आंतरिक कलह से उसे आगामी चुनावों में बढ़त मिल सकती हैं. रीवा की राजनीति में भाजपा का दबदबा कायम रहा है, ऐसे में कांग्रेस के भीतर का यह असंतोष उसकी स्थिति को और कमजोर कर सकता है. पोस्टर वॉर के जरिए नेतृत्व पर सवाल पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के इस्तेमाल किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि पोस्टर के जरिए है पार्टी हाईकमान को सीधा संदेश देने की कोशिश की गई है. यह भी बताने का प्रयास किया गया है की जिला स्तर पर संगठन सही ढंग से नहीं चल रहा है “रायशुमारी चोरी हो गई है” जैसी पंक्ति यह संकेत देती है कि पार्टी नेतृत्व तक नाराजगी की गूंज पहुंचाने का प्रयास किया गया है. कुछ लोग करते है गैर अनुपातिक मांग: कांग्रेस जिला अध्यक्ष रीवा में राहुल गांधी के पोस्टर को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा, ''जब पद एक होता है तो उसके कई दावेदार होते हैं और उसमें सभी की यह महत्त्वकांक्षा होती है कि वो पद उसे मिले. कांग्रेस में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गैर अनुपातिक मांगें करते हैं वे अपना कद और साख नहीं देखते. इसके बाद भी उन्हें लगता है कि पद उन्हें मिले. रीवा में रायशुमारी हुई, जिसमें 25 हजार लोग शामिल हुए. रायशुमारी के बाद जो नाम सामने आए उसके आधार पर ही जिला अध्यक्षो की नियुक्तियां की गई.'' पोस्टर लगाने वाले साबित कर रहे कि वे उस पद लायक नहीं: राजेंद्र शर्मा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने आगे कहा, '' जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर शीर्ष नेताओं की भी राय ली गई थी. यहां तक की मध्यप्रदेश की अगर बात करें तो 8 से 10 ऐसे जिला अध्यक्ष बनाएं गए जिन्हें राहुल गांधी ने खुद फोन कर उनकी नियुक्ति कर दी. CEC के मेंबर ओमकार सिंह मरकाम को डिंडोरी का जिला अध्यक्ष बनाया गया, मध्य प्रदेश के मंत्री रहे जयवर्धन सिंह को भी जिला अध्यक्ष बनाएं जाने पर सहमति बनी और वह बनेंगे. कांग्रेस पार्टी अपने तरीके से काम करती है. हर व्यक्ति को नेतृत्व से आस्था होनी चाहिए. पोस्टर लगाने वाले यह साबित कर रहे हैं कि वह उस पद के लायक नहीं हैं.'' राहुल गांधी को नहीं पता अपनी ही पार्टी की परंपरा: बीजेपी जिला अध्यक्ष अब इस मामले पर बीजेपी कहा चुप बैठने वाली थी. राहुल गांधी के रीवा में लगे पोस्टर्स पर बीजेपी के रीवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, " इत्तेफाक है कि एक तरफ राहुल गांधी वोट अधिकार यात्रा तो निकाल रहे हैं लेकिन उन्हें अपनी ही पार्टी की परंपरा का ज्ञान नहीं. सरदार पटेल पंडित जवाहर लाल नेहरू के बीच वोटिंग हुई थी तब सरदार पटेल को 12 वोट मिले थे जबकि जवाहर लाल नेहरू को 2 वोट प्राप्त हुए थे लेकिन इसके बावजूद भी पंडित जवाहर लाल नेहरू विजयी घोषित हुए थे. और यही कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही.''    

GST केस में फंसे विधायक संजय पाठक, ब्याज और पेनल्टी समेत भरना होगा टैक्स

भोपाल  पूर्व मंत्री और विधायक संजय पाठक के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। उनसे जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि अवैध खनन के मामले में विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ की वसूली हो सकती है। यह मामला जबलपुर के सिहोरा तहसील के अलग-अलग गांवों में लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। जहां पर अवैध उत्खनन के मामले में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जानी है। अवैध खनन में 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी के केस में हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा को फोन पर सीधे अप्रोच करने वाले विजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। जस्टिस मिश्रा की ऑर्डर शीट सामने आने व केस से खुद को अलग कर लेने के बाद खनिज विभाग ने विधायक पाठक और पारिवारिक फर्मों पर शिकंजा कसा है। तय मात्रा से अधिक आयरन और खनन पर लगाई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी की राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की। खनिज विभाग ने विधायक से जुड़ी फर्मों को इस संबंध में मांग पत्र जारी कर दिए हैं। उक्त राशि के साथ जीएसटी और ब्याज की राशि भी भरनी होगी। जांच दल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आसपास स्थित विधायक पाठक से जुड़ी आयरन ओर की खदानों में अवैध खनन की शिकायत की गई थी। इसकी जांच के लिए राज्यशासन ने दल का गठन किया था। दल ने मौके पर खनन और दस्तावेजों में स्वीकृत अनुमति के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सरकार को दी थी। शासन के पत्र के आधार पर खनिज विभाग ने पेनल्टी की वसूली की कार्रवाई शुरू की है। मां और पुत्र के नाम से संचालन जिन खदानों पर पेनल्टी की वसूली कार्रवाई शुरू की गई है। उनमें से कुछ फर्में सीधे विधायक संजय पाठक, मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर हैं। इसी तरह एक अन्य फर्म में उनकी 50% भागीदारी है। किस फर्म से कितनी वसूली फर्म का पूरा नाम – वसूली योग्य राशि 1-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 234.51 2-निर्मला मिनरल्स – 126.79 3-पेसेफिक एक्सपोर्ट – 81.79 4-आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन – 20.02 अब तक क्या-क्या – 26 अगस्त को जिला खनिज कार्यालय को पत्र मिला। – 443 करोड़ रुपए की मांग भेजी। – विभाग ने आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन पर दो बार, निर्मला मिनरल्स, पैसिफिक एक्सपोर्ट पर पेनल्टी ठोंकी। – 1 सितंबर को शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर सुनवाई – जज ने विधायक के अप्रोच करने की बात ऑर्डर में लिख दी। 443 करोड़ की पैनल्टी वसूलने की कार्यवाही शुरू राज्य शासन से मिले निर्देशों के अनुसार सिहोरा की खदानों में तय मात्रा से ज्यादा खनन के प्रकरण में लगाई गई 443 करोड़ रुपए की पेनल्टी राशि वसूलने की कार्यवाही शुरू की गई है। फर्मों के संचालकों को इसके लिए मांग पत्र जारी किए गए हैं। – -एके राय, खनिज अधिकारी, जबलपुर।

अब जेब पर पड़ेगा डबल बोझ: पान मसाला-सिगरेट पर 40% स्पेशल टैक्स, जानें किन चीजों पर असर

नईदिल्ली   जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में बड़ा टैक्स सुधार किया गया है। अब GST स्लैब को सिर्फ दो हिस्सों में बांट दिया गया है – 5% और 18%, यानी पहले के 12% और 28% स्लैब को हटा दिया गया है और उनमें शामिल वस्तुओं को इन दो नए स्लैब्स में समायोजित किया गया है। लेकिन इस बीच कुछ खास और हानिकारक वस्तुओं पर अब सीधा 40% स्पेशल जीएसटी लगाया जाएगा।  किस चीज पर लगेगा 40% 'Special GST'? जीएसटी काउंसिल ने तय किया है कि कुछ हाई रिस्क या हाई लग्जरी कैटेगरी की वस्तुओं पर अब अलग से कोई सेस या उपकर नहीं लगेगा, बल्कि सीधे 40% जीएसटी ही लिया जाएगा। ये एक तरह से "सिन टैक्स" की श्रेणी में आएगा — यानी ऐसी चीजें जो सेहत या समाज के लिए हानिकारक मानी जाती हैं। 40% टैक्स वाली चीजों की पूरी लिस्ट:     पान मसाला          सिगरेट     गुटखा     चबाने वाला तंबाकू (खैनी, ज़र्दा आदि)     तंबाकू उत्पादों की री-प्रोसेसिंग यूनिट्स में बनने वाले उत्पाद     ऐडेड शुगर वाले और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (Soft Drinks, Energy Drinks आदि)     फास्ट फूड चेन के कुछ हाई-प्रोसेस्ड आइटम्स (बर्गर, नूडल्स, आदि)     सुपर लग्जरी आइटम्स     पर्सनल यूज़ वाले एयरक्राफ्ट (Private Jets, Helicopters)     हाई-एंड लग्जरी कारें (जैसे – स्पोर्ट्स कार, प्रीमियम SUVs) 22 सितंबर से होंगे लागू मोदी सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अब सिर्फ दो मुख्य टैक्स स्लैब रखने का फैसला किया है। जीएसटी परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अब सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो ही स्लैब लागू होंगे। ये सभी घोषणाएं 22 सितंबर से पूरे देश में लागू हो जाएगी। 12% और 28% वाले स्लैब खत्म इस फैसले के बाद, पहले से चले आ रहे 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत वाले स्लैब को खत्म कर दिया गया है। इससे कई वस्तुओं की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से जीएसटी प्रणाली और भी सरल हो जाएगी और आम जनता को इसका लाभ मिलेगा। लग्जरी और तंबाकू उत्पादों पर 40% GST हालांकि, लग्जरी सामान और तंबाकू उत्पादों पर लगने वाली जीएसटी दर में बढ़ोतरी की गई है। इन उत्पादों पर अब 40 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। सरकार का यह कदम लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं की खपत को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है।  22 सितंबर से क्या-क्या होगा सस्ता? (GST दरें घटाई गईं) वस्तु/सेवा     नई GST दर दूध, रोटी, पनीर, घी     5% बिस्किट, सॉस, पास्ता     5% सूखे मेवे, पिज़्जा ब्रेड     5% ऑक्सीजन, ग्लूकोमीटर, मेडिकल टेस्ट किट     0% (टैक्स फ्री) जीवनरक्षक दवाएं, पट्टियां     5% साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट     5% मोमबत्ती, खिलौने, फर्नीचर     5% सोलर और विंड एनर्जी डिवाइसेस     5% बायोगैस उपकरण     5% टेक्सटाइल्स, टीवी, सीमेंट     5% या 18% (आइटम के अनुसार) छोटी कारें, बाइक्स (कम्यूटर व्हीकल)     18% तंबाकू और सिगरेट जैसी कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत के विशेष स्लैब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिन भर चली जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ‘‘सभी फैसले सर्वसम्मति से किए गए और किसी भी राज्य से कोई असहमति नहीं थी।'' परिषद ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को मौजूदा चार स्लैब… पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत से दो दरों… पांच और 18 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी। महंगी कार, तंबाकू और सिगरेट जैसी कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत के विशेष स्लैब का प्रस्ताव किया गया है।  वस्तु नई टैक्स दर पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू 40% एडेड शुगर वाले कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स 40% फास्ट फूड चेन के कुछ प्रोसेस्ड आइटम्स 40% प्राइवेट जेट्स, हेलिकॉप्टर (पर्सनल यूज) 40% लग्जरी कारें, बड़ी SUV कारें 40% मक्खन और घी से लेकर सूखे मेवे तक ये वस्तुएं होंगी सस्ती दैनिक उपयोग की खाद्य वस्तुओं पर कर की दर शून्य होगी, जबकि मक्खन और घी से लेकर सूखे मेवे, कंडेंस्ड दूध, सॉसेज और मांस, चीनी से बनी कन्फेक्शनरी, जैम और फलों की जेली, नारियल पानी, नमकीन, 20 लीटर की बोतल में पैक पेयजल, फलों का गूदा या रस, दूध युक्त पेय पदार्थ, आइसक्रीम, पेस्ट्री और बिस्कुट, कॉर्नफ्लेक्स और अनाज तथ चीनी से बनी मिठाइयों पर कर की दर को मौजूदा के 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया जाएगा। सभी प्रकार की चपाती और पराठे पर कर की दर शून्य होगी। इस पर फिलहाल पांच प्रतिशत जीएसटी लगता है। ‘टूथ पाउडर', दूध की बोतलें, रसोई के बर्तन, छाते, बर्तन, साइकिल, बांस के फर्नीचर और कंघी जैसी उपभोक्ता वस्तुओं पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत होगी। शैम्पू, टैल्कम पाउडर, टूथपेस्ट, टूथब्रश, फेस पाउडर, साबुन और हेयर ऑयल पर कर की दरें 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई हैं।  इन वाहनों पर लगेगा 40 प्रतिशत की दर से टैक्स सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम भुगतान पर जीएसटी को हटाने का फैसला किया है। इससे लोगों के लिए बीमा पॉलिसी लेना सस्ता हो पाएगा। जीएसटी परिषद ने सीमेंट पर कर की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा 1,200 सीसी तक के पेट्रोल वाहनों और 1,500 सीसी तक के डीजल वाहनों (4,000 मिलीमीटर तक लंबाई) पर भी जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि 1,200 सीसी से अधिक क्षमता वाले पेट्रोल वाहनों और 1,500 सीसी से बड़े डीजल वाहनों पर अब 40 प्रतिशत की दर से कर लगेगा।  कंडीशनर, डिशवॉशर और टीवी समेत इन इलेक्ट्रॉनिक चीजें भी होंगी सस्ती  सीतारमण ने कहा कि 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और एयर कंडीशनर, डिशवॉशर एवं टीवी जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर भी कर घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिल, याट, निजी उपयोग वाले विमान और रेसिंग कारों पर 40 प्रतिशत की विशेष दर से जीएसटी लगेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी दर पहले की तरह पांच प्रतिशत ही बनी रहेगी।  राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने … Read more

उमंग सिंघार का विवादित बयान, बोले – गर्व से कहता हूं आदिवासी हूं, हिंदू नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा में बड़ा बयान दिया। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद की बैठक और सम्मान समारोह में सिंघार ने कहा- 'मैं गर्व से कहता हूं कि हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं। यह बात मैं कई साल से कहता आ रहा हूं'। कांग्रेस नेता सिंघार ने आदिवासी समाज की पहचान पर जोर देते हुए पौराणिक कथा का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जिन शबरी ने भगवान राम को जूठे बेर खिलाए थे, वह भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से इस धरती पर वास कर रहे हैं, वही आदिवासी है। आदिवासी समाज को अपनी अलग पहचान स्थापित करने की आवश्यकता है, किसी भी सरकार को उनके मान-सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। सिंघार के इस बयान का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे आदिवासी अस्मिता को मजबूती देने वाला बयान बता रहे हैं तो वहीं कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान पर कांग्रेस के आदिवासी कार्यकर्ता रामू टेकाम ने कहा कि उमंगजी ने हमारी भावनाओं को आवाज दी है। हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व है। हालांकि, कुछ लोगों ने कहा कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं।  पौराणिक कथा का हवाला दिया सिंघार ने आदिवासी समाज की पहचान को रेखांकित करते हुए पौराणिक कथा का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि शबरी, जिन्होंने भगवान राम को जूठा बेर खिलाया था, वह भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से इस धरती पर वास कर रहे हैं, वही आदिवासी हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि आदिवासी समाज को अपनी पहचान स्थापित करने की जरूरत है और किसी भी सरकार को उनके मान-सम्मान की रक्षा करनी होगी। सियासी गलियारों में हलचल इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। आदिवासी पहचान और हिंदू धर्म के बीच अंतर को उजागर करने वाले इस बयान से मध्य प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान आदिवासी वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर।हालांकि, इस बयान पर विपक्षी दलों की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बहस का केंद्र बन सकता है। स्थानीय आदिवासी नेताओं ने सिंघार के बयान का स्वागत किया है, जबकि कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। क्या कहते हैं स्थानीय लोग? छिंदवाड़ा के एक आदिवासी कार्यकर्ता ने कहा कि उमंग जी ने हमारी भावनाओं को आवाज दी है। हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व है। वहीं, कुछ अन्य लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे आदिवासी अस्मिता की मजबूती के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। आगे क्या? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमंग सिंघार का यह बयान मध्य प्रदेश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। छिंदवाड़ा, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ रहा है, में इस बयान के दीर्घकालिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।   शुरू हो सकता है सियासी घमासान उमंग सिंघार के इस बयान पर सियासी घमासन शुरू होने के आसार है। प्रदेश की सत्ता में बैठी भाजपा आदिवासियों के हिंदू होने की बात कहती है। कुछ आदिवासी भी खुद को हिंदू मानते हैं। ऐसे में सिंघार के इस बयान का विरोध भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान आदिवासी वोट बैंक को कांग्रेस के पाले में लाने की एक कोशिश का हिस्सा भी हो सकता हैं।  भाजपा हो सकती है हमलावर  हालांकि, सिंघार के बयान पर अब तक भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, माना जा रहा है कि जल्द ही भाजपा इस बयान पर कांग्रेस का घेराव कर सकती है।  

एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ पर होगा विशेष कार्यक्रम

पौधरोपण महाभियान-2025: शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे 'एक पेड़ गुरु के नाम' एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, 'एक पेड़ गुरु के नाम' पर होगा विशेष कार्यक्रम शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर गुरु के सम्मान में रोपे जाएंगे पौधे लखनऊ के कुकरैल, वाराणसी के आईआईटी (बीएचयू) में लगाए जाएंगे पौधे  योगी सरकार के प्रयास से निरंतर बढ़ रहा यूपी का फॉरेस्ट कवर लखनऊ  योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत एक दिन में 36.21 करोड़ से अधिक पौध रोप कर नया रिकॉर्ड बनाया तो दूसरी तरफ इस वर्ष भी विशिष्ट वनों की स्थापना की गई। विशिष्ट वनों का आगाज एकलव्य वन के साथ प्रारंभ हुआ तो 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत विशिष्ट आयोजन भी होगा। गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर सभी वन प्रभागों में यह आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में कुकरैल में वन विभाग के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे।  योगी सरकार ने रचा इतिहास, 2025 में बनाया सर्वाधिक पौधरोपण का कीर्तिमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया इतिहास रच दिया। 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2025 में पूरे प्रदेश में एक दिन (9 जुलाई, बुधवार) में 37,21,40,925 पौधरोपण हुए। यह सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्य 37 करोड़ से 21,40,925 अधिक रहा। सीएम योगी ने अयोध्या से अभियान का आगाज किया था। उन्होंने 9 जुलाई को ही आजमगढ़ और गोरखपुर में भी पौधरोपण किया था।  लखनऊ में कुकरैल, वाराणसी में बीएचयू में लगेगा 'एक पेड़ गुरु के नाम'  लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि विशिष्ट वनों की श्रृंखला में शिक्षक दिवस पर लखनऊ के कुकरैल में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। यहां स्मृति वाटिका में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे। यहां अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भी भेंट किए जाएंगे। वहीं वाराणसी की प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) में 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत पौधरोपण होगा।  पौधरोपण महाभियान-2025 में लगाए गए विशिष्ट वन  पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को प्रदेश के सभी वन प्रभागों में 'एक पेड़ गुरु के नाम' लगाया जाएगा। इसे लेकर सभी वन प्रभागों में तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी अनेक विशिष्ट वन स्थापित किए गए।  2025 में स्थापित किए गए विशिष्ट वन व अन्य कार्यक्रम 👉 एकलव्य वन                 👉 ऑक्सी वन                  👉 शक्ति वन                   👉 त्रिवेणी वन                   👉 अटल  वन                   👉 सहजन भंडारा              👉 गोपाल वन                 👉 एकता  वन                 👉 पवित्र धारा पौधरोपण      👉 औद्योगिक इकाइयों द्वारा पौधरोपण  (संकल्प गोष्ठी व पौधरोपण)   👉 भाई-बहन पौधरोपण       (रक्षाबंधन वाटिका) 👉 शौर्य/सिंदूर वन            👉 एक पेड़ गुरु के नाम