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सीएम साय ने की स्वच्छता दीदियों की सराहना, कहा – राष्ट्र निर्माण में दे रहीं योगदान

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें। उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं। इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है। इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

OBC मुद्दे पर राहुल गांधी का आत्मस्वीकृति बयान: गलती मानी, सुधार का वादा किया

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह ओबीसी हितों की उतनी रक्षा नहीं कर पाए, जितनी उन्हें करनी चाहिए थी। राजधानी दिल्ली में आयोजित 'भागीदारी न्याय महासम्मेलन' में संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, जातिगत जनगणना ना करवा पाना मेरी गलती है। मैं अब इसे सुधारना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित सभी राज्यों में जातिगत जनगणना करवाई जाएगी। राहुल गांधी ने कहा, मेरा उद्देश्य देश की उत्पादक शक्ति को सम्मान दिलाना है। ओबीसी, दलित, आदिवासी देश की उत्पादक शक्ति हैं, लेकिन उन्हें अपने श्रम का फल नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और बीजेपी ने जानबूझकर ओबीसी का इतिहास मिटाने की कोशिश की है। इससे पहले तेलंगाना में भी प्रदेश नेतृत्व की बैठक में राहुल गांधी ने कहा था कि दलितों, आदिवासियों और मिलाओं के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ट्रैक पर थी लेकिन बीते 10-15 सालों में ओबीसी वर्ग को लेकर हमारी प्रतिक्रिया वैसी नहीं रही , जैसी रहनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि हमने जिस जगह को खाली छोड़ दिया, बीजेपी ने वहीं कब्जा कर लिया। राहुल गांधी ने कहा, मैं जब पीछे देखता हूं तो मुझे लगता है कि एक चीज में कमी रह गई। वह गलती थी जो ओबीसी वर्ग था उसका जिस प्रकार से प्रोटेक्शन करना था, वह मैं नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि आप आदिवासियों के इलाके में जाते हैं तो जंगल, जल, जमीन सब सामने दिखाई देता है। लेकिन ओबीसी की दिक्कतें छिपी हुई हैं। मेरा पछतावा यही है कि अगर मुझे आपके इतिहास के बारे में थोड़ा सा भी ज्यादा मालूम होता तो मैं तभी इसका समाधान करता। मैं स्टेज से कह रहा हूं कि ये मेरी गलती है। यह कांग्रेस पार्टी की नहीं बल्कि मेरी गलती है। मैं इसे ठीक करने जा रहा हूं। अच्छा यह है कि अगर उस समय मैंने जातीय जनगणना करवा दी होती तो अब जैसी जनगणना करवानी है, वैसी नहीं हो पाती। मैंने एक गलती की, ओबीसी को नहीं समझ सका: राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि ओबीसी समुदाय की समस्याओं को वो समय रहते नहीं समझ पाए, और ये उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूलों में से एक रही. उन्होंने कहा, 'अगर मैंने ओबीसी की पीड़ा UPA शासन के दौरान समझ ली होती, तो उसी वक्त जातीय जनगणना करा दी होती.  उन्होंने कहा कि उन्हें दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के मुद्दों को समझने में समय लगा, लेकिन ओबीसी की स्थिति को उन्होंने देर से पहचाना. मैंने MGNREGA, खाद्य सुरक्षा कानून, वन अधिकार कानून जैसे मुद्दों पर ठीक काम किया, लेकिन ओबीसी को लेकर मैं चूक गया. अब OBC की लड़ाई मेरी प्राथमिकता राहुल गांधी ने साफ कहा कि अब वे इस मोर्चे पर पीछे नहीं हटेंगे, और जातीय जनगणना से लेकर आरक्षण विस्तार तक, वो OBC के अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे. उन्होंने कहा, 'PGV (प्रियंका गांधी वाड्रा) से पूछिए, अगर राहुल गांधी कुछ ठान ले, तो क्या वो पीछे हटते हैं?' तेलंगाना की जातीय गणना सुनामी जैसी राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित तेलंगाना सरकार की जातीय जनगणना को 'तूफान' बताया और कहा कि उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं. तेलंगाना के कॉर्पोरेट दफ्तरों में कितने ओबीसी, दलित, आदिवासी हैं – यह एक मिनट में सामने आ जाता है. नरेंद्र मोदी कोई बड़ी समस्या नहीं हैं प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी कोई बड़ी समस्या नहीं हैं. वो तो बस अपने प्रचार का एक शो हैं. उनके पास असली ताकत नहीं है." वो हमारे सिर पर चढ़ गए हैं, असल समस्या RSS है.' RSS OBC का सबसे बड़ा दुश्मन राहुल गांधी ने OBC समुदाय से सीधे कहा कि उनका असली विरोधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है. 50% आरक्षण की सीमा टूटेगी उन्होंने दावा किया कि जातीय जनगणना के बाद आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा खुद-ब-खुद टूट जाएगी. उन्होंने उदाहरण दिया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पहले ही यह दीवार तोड़ दी है. आइए जानते हैं कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस महासम्मेलन में क्या-क्या कहा? सभा को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'यह भागीदारी न्याय सम्मेलन न केवल एक राजनीतिक सभा है, बल्कि यह भारत की पिछड़ी और वंचित जातियों की एक सामूहिक पुकार है. डॉ. अंबेडकर ने कहा था — "न्याय ही राष्ट्र की आत्मा है." आज यह वंचित लोग समाज में हो रही असमानता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पुकार रही है'. उन्होंने कहा कि हमें यह स्वीकार करना होगा कि भारत का सामाजिक ढांचा न्याय पर नहीं, बल्कि बहिष्करण पर आधारित था.  जिन्होंने यह देश बनाया — हमारे उत्पादक वर्ग, जिनमें अधिकांश पिछड़े वर्गों से हैं — उन्हें शिक्षा, भूमि और नेतृत्व से वंचित रखा गया. उनकी मेहनत का सम्मान नहीं, बल्कि सामाजिक जंजीरों में जकड़ दिया गया. यह कोई संयोग नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित व्यवस्था थी. बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा इस व्यवस्था को खत्म नहीं करना चाहती, बल्कि उसे महिमामंडित करती है.  राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना में जो जातीय जनगणना हुई उसका असर आपको अब दिखाई देगा। जैसे सुनामी जब आई थी तब 1 हजार किलोमीटर लंबा क्रैक जमीन में आ गया था। किसी ने नहीं देखा लेकिन दो तीन घंटे बाद उसका असर दिखाई दिया। वहीं तेलंगाना में भी हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना में जो जातीय जनगणना हुई उसका असर आपको अब दिखाई देगा। जैसे सुनामी जब आई थी तब 1 हजार किलोमीटर लंबा क्रैक जमीन में आ गया था। किसी ने नहीं देखा लेकिन दो तीन घंटे बाद उसका असर दिखाई दिया। वहीं तेलंगाना में भी हुआ है। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी कहते हैं डेटा, डेटा, डेटा, 3जी, 4जी, 5 जी। 50 साल पहले जिसके पास तेल था उसी के पास ताकत थी। लेकिन आज का तेल डेटा है। डेटा कंपनियों के पास होता है। आप रिलायंस या ऐमजॉन के पास जाएंगेतो वे आपको डेटा दिखा देंगे। अस्पताल में जाएंगे तो डेटा दिखा देंगे। लेकिन जो डेटा तेलंगाना सरकार के पास है उसकी देश में कोई तुलना नहीं है। हम आपको एक मिनट में बता सकते हैं कि तेलंगाना के सारे … Read more

रोक नहीं लगेगी! ‘उदयपुर फाइल्स’ पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रिलीज डेट घोषित

नई दिल्ली / जयपुर  सुप्रीम कोर्ट ने शु​क्रवार को दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित हिंदी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' से संबंधित याचिका के गुण-दोष की जांच करने से इनकार कर दिया. शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि वह 28 जुलाई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में इस फिल्म को रिलीज करने की केंद्र की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करे. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने फिल्म की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई है. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद उदयपुर फाइल्स के निर्देशक भरत श्रीनेत ने घोषणा की कि फिल्म 8 अगस्त, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. राजस्थान के उदयपुर में 2022 में हुई दर्जी कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित यह फिल्म विवादों के कारण चर्चा में रही है. इससे पहले निर्देशक भरत श्रीनेत ने बताया था कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में 150 कट लगाए हैं. कानूनी पचड़ों के कारण, उदयपुर फाइल्स  11 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई. सुप्रीम कोर्ट ने हटाई फिल्म की रिलीज पर लगी रोक सुप्रीम कोर्ट में फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज लगी रोक को हटाने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई शुरू हुई. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा. जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा कि आप हाई कोर्ट क्यों नही जा रहे है? इस मामले दोनों पक्ष के तरफ से बहस हुई और फिर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर लगी रोक हटाई जा रही है. दिल्ली हाई कोर्ट ने रिलीज पर लगाई थी रोक दिल्ली उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई को ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगा दी थी. याचिका में कहा गया है कि फिल्म समाज में वैमनस्यता को बढ़ावा दे सकती है, इसलिए इसकी रिलीज पर रोक लगाई जानी चाहिए. तब से लेकर फिल्म की रिलीज पर लगी रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी. किस घटना पर बनी है ‘उदयपुर फाइल्स’ ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है. टेलर कन्हैया लाल साहू की दुकान पर 28 जून, 2022 को 2 हमलावर ग्राहक बनकर पहुंचे थे. दोनों ने टेलर का सिर धड़ से अलग कर दिया था. हमलावरों ने पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड भी कर लिया और वीडियो फुटेज ऑनलाइन अपलोड कर दिया. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. ‘उदयपुर फाइल्स’ की स्टारकास्ट इस फिल्म में विजय राज ने टेलर कन्हैया लाल का रोल निभाया है. उनके अलावा प्रीति झंगियानी, मुश्ताक खान, पुनीत वशिष्ठ, दुर्गेश चौहान, मीनाक्षी चुग, कांची सिंह, एहसान खान, कमलेश सावंत, निकुंज अग्रवाल, फरहीन फलक और आदित्य राघव जैसे सितारे नजर आएंगे. मेकर्स ने जारी की ‘उदयपुर फाइल्स’ की नई रिलीज डेट सुप्रीम कोर्ट की ओर से 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक हटाने की बात कहने के बाद ही फिल्म के निर्देशक भरत श्रीनेत ने 'उदयपुर फाइल्स' की नई रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। फिल्म के निर्देशक भरत श्रीनेत ने कहा कि फिल्म 8 अगस्त, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि, इससे पहले 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से इस मामले में सुनवाई करने को कहा है। एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी संभावना एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने ये संभावना जताई थी कि वो मामले को दिल्ली हाईकोर्ट के पास वापस भेज सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद की याचिका भी हाईकोर्ट भेज सकते हैं। याचिकाकर्ता जावेद ने अपने मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का लगाया आरोप बता दें कि याचिकाकर्ता जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने आरोप लगाया है कि फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है। मौलाना अरशद मदनी की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सीबीएफसी (CBFC) पैनल के कई सदस्य एक ही मौजूदा सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के सदस्य थे और उन्होंने ही फिल्म को मंजूरी दे दी। फिल्म में विजय राज ने दर्जी कन्हैया लाल की भूमिका निभाई है और अमित जानी इसके प्रोड्यूसर हैं. निर्देशक भरत श्रीनेत ने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और 8 अगस्त को फिल्म रिलीज करने के लिए तैयार हैं. जानी फायरफॉक्स फिल्म्स 8 अगस्त को उदयपुर फाइल्स का प्रमोशन शुरू करने और दुनिया भर में रिलीज करने जा रही है. सच्चाई की हमेशा जीत होती है.' जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अरशद मदनी और अन्य द्वारा केंद्र के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 6 अतिरिक्त कट लगाने के सुझाव के बाद फिल्म की रिलीज को मंजूरी दी गई थी. पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र की हाई पावर कमिटी द्वारा फिल्म का रिव्यू करने के निर्णय के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ फिल्म निर्माताओं की याचिका निरर्थक हो गई है. 

भारत की लोकतांत्रिक परम्पराओं और जनविश्वास की सशक्त अभिव्यक्ति है यह उपलब्धि: CM यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया विश्व में भारत का मान-सम्मान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी को मिला सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यरत दूसरे प्रधानमंत्री बनने का गौरव भारत की लोकतांत्रिक परम्पराओं और जनविश्वास की सशक्त अभिव्यक्ति है यह उपलब्धि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज हमारे देश के लिए बेहद गर्व का दिन है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सेवा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। उन्होंने भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय (4078 दिन) तक लगातार कार्यरत दूसरे प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की महान लोकतांत्रिक परम्पराओं से ओत-प्रोत परिपक्वता, सुदीर्घ विकास यात्रा और जनविश्वास की एक सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल देश के भीतर अभूतपूर्व परिवर्तन देखे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बड़ी खूबी से अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। मैं मध्यप्रदेश की सम्पूर्ण जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देता हूं और कामना करता हूं कि वे दीर्घायु हों और इसी तरह देश का नेतृत्व करते हुए नये-नये कीर्तिमान स्थापित करते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देता हूं कि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष न केवल सशक्त तरीके से रखा, बल्कि कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें आजादी के बाद देश के लोगों ने सर्वोच्च पद से सम्मानित करके अपने आप को गौरवान्वित किया है। देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को देश और दुनिया के सामने भारत का मान-सम्मान बढ़ाने का अवसर दिया है। आज एक और नया रिकार्ड प्रधानमंत्री मोदी के साथ जुड़ा है, वे देश के दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री हो गए हैं जो 4078 दिन तक न केवल प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं, बल्कि उनके कार्यकाल में भारत ने मान-सम्मान और कई उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत, आजादी के समय विश्व की 15वीं अर्थव्यवस्था था। जब प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभाला, तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें नंबर पर थी। प्रधानमंत्री मोदी ने मात्र 11 साल के अंदर ही भारत को चौथी अर्थव्यवस्था में बदल दिया है और जब तक उनकी कार्यकाल अवधि पूर्ण होगी, तब तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा एकमात्र देश बना, जो देश के दुश्मनों को अपने यहां भी और दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने में भी सक्षम हुआ है। पहले दुनिया के सिर्फ दो देश इजरायल और अमेरिका ही ऐसा काम कर पाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधामनंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्य करने का अपना तरीका है। उन्होंने देश को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा। भारत डिजिटल पैमेंट के मामले में दुनिया का अग्रण्य होने जा रहा है। दूसरे विकसित देशों में भी ऐसा नहीं होता है कि चाय वाले के यहां चाय पियो और डिजिटल पैमेंट कर दो। सब्जी, फल वाले सब्जी और फल खरीदो और डिजिटल पैमेंट कर दो। ऐसे कई नवाचार करते हुए गरीब वर्ग के लिए भी पूरे देश में मोदी के नेृतृत्व में एकमात्र सरकार है जो देश की 80 करोड़ से अधिक लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न देकर उनके खाने-पीने और रहने की चिंता दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के तहत 60 साल तक के गरीब व्यक्तियों का पांच लाख रूपए तक का नि:शुल्क इलाज और 70 साल की आयु वाले सभी समाज/वर्गों के व्यक्तियों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा देकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक नहीं अनेक प्रकार से भारत की जनता का मान-सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 4078 दिन पूर्ण करने पर में प्रधानमंत्री मोदी जी को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे इसके बाद का रिकार्ड भी तोड़ेंगे और वर्ष 2029 में फिर एक बार देश का नेतृत्व करेंगे। आइए, हम सब मिलकर उनके दीर्घायु होने और उनके माध्यम से भारत के सुशासन की कामना करें।  

भोपाल कांड में चौंकाने वाला मोड़, यौन अपराधों के पीछे ड्रग रैकेट की साजिश की आशंका

भोपाल भोपाल में ड्रग्स तस्करों के गिरोह की धरपकड़ के बाद नशे के कारोबार और यौन शोषण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। यह नेटवर्क हिंदू लड़कियों के दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि क्लबों-पबों में नशे व लव जिहाद के माध्यम से हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने की सुनियोजित साजिश में ऐसे सरगना शामिल हैं, जिन तक पुलिस की पहुंच नहीं हो पा रही है। इस संदर्भ में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।    ड्रग तस्करों के एक गिरोह की धरपकड़ के बाद भोपाल (Bhopal) के क्लबों और पबों में चल रहे नशे के कारोबार और यौन शोषण का नेटवर्क सामने आया है। इसके तार हिंदू लड़कियों (Bhopal Hindu girls Rape Case) से दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ रहे हैं। माना जा रहा है कि क्लबों व पबों में नशे और लव जिहाद के माध्यम से हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने के सुनियोजित साजिश में ऐसे सरगना शामिल हैं, जिन तक पुलिस पहुंच नहीं पा रही है। अपराध में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं।  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का सनसनीखेज आरोप राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ आरोपियों के स्वजन की तस्वीरें सार्वजनिक कीं। प्रियंक ने कहा है कि भोपाल के स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली हिंदू लड़कियों को लक्षित कर उनको पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगवाना, दुष्कर्म करके वीडियो बनाना, वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर सामूहिक यौन शोषण करना और फिर इस्लाम में मतांतरण का दबाव बनाकर आजीवन के लिए सेक्स स्लेव बनाकर रखना…यह पूरा ताना-बाना एक है, पुलिस जांच की दिशा अपराध के संरक्षकों की तरफ होना चाहिए। ब्लैकमेलिंग के जरिए सामूहिक यौन शोषण करना गंभीर अपराध गुरुवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ आरोपितों के स्वजन की तस्वीरें सार्वजनिक कीं। प्रियंक ने कहा कि भोपाल के स्कूल-कालेज में पढ़ने वाली हिंदू लड़कियों को लक्षित कर उन्हें पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगवाना, दुष्कर्म कर वीडियो बनाना और फिर ब्लैकमेलिंग के जरिए सामूहिक यौन शोषण करना गंभीर अपराध है। यह मामला भोपाल दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग कांड जुड़ा उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच का दायरा अपराध के संरक्षकों की तरफ होना चाहिए। यह मामला दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग कांड से इसलिए जुड़ रहा है, क्योंकि जहांगीराबाद थाने में दर्ज एक मामले में पीड़िता ने आरोपित साद के गांजा लाने की बात कही थी। क्लब-90 में ड्रग्स पार्टी को लेकर भी जांच की जाएगी पुलिस अब इस मामले में जांच का दायरा बढ़ा सकती है। क्लब-90 में ड्रग्स पार्टी को लेकर भी जांच की जाएगी। पुलिस को ड्रग्स तस्करी के आरोपित यासीन के मोबाइल में 30 से अधिक वीडियो मिले हैं, जिनमें लड़कियों का यौन शोषण किया जा रहा है। जिन वीडियो में पीड़िताओं की पहचान नहीं हो पा रही है, उनके संबंध में टीआइटी कालेज प्रकरण में पूछताछ की जा सकती है। बता दें कि पुलिस ने मंगलवार रात चाचा-भतीजे शाहवर अहमद और यासीन अहमद को गिरफ्तार किया था। दोनों शहर के क्लबों और पबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। युवतियों को नशे का आदी बनाकर दुष्कर्म करते थे आरोपी पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे युवतियों को नशे का आदी बनाकर दुष्कर्म करते थे। क्राइम ब्रांच के डीसीपी अखिल पटेल ने कहा कि आरोपितों से ड्रग्स तस्करी को लेकर पूछताछ जारी है। कुछ पीड़िताओं ने शिकायत से इनकार आगे कहा कि वीडियो में सामने आई लड़कियों की पहचान की जा रही है। कुछ पीड़िताओं ने शिकायत से इनकार किया है। हम अन्य पीड़िताओं से भी बात कर रहे हैं, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा हो। पीड़िता ने बताया- गांजा लाता था आरोपी साद     ड्रग तस्करी का यह मामला दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग कांड से इसलिए जुड़ रहा है, क्योंकि जहांगीराबाद थाने में दर्ज एक मामले में पीड़िता ने आरोपी साद के गांजा लाने की बात कही थी। अब पुलिस उसको लेकर भी जांच का दायरा बढ़ा सकती है। इसके साथ ही क्लब-90 में ड्रग पार्टी को लेकर जांच की जाएगी। इस बीच, पुलिस को ड्रग तस्करी के आरोपी यासीन के मोबाइल में 30 से अधिक वीडियो मिले हैं, जिसमें ड्रग के नशे में चूर लड़कियों का यौन शोषण किया जा रहा है। जिन वीडियो में पीड़िताओं की पहचान नहीं हो पा रही है, उनको लेकर टीआईटी कॉलेज प्रकरण में पीड़िताओं से भी पूछताछ की जा सकती है। आरोपी शाहवर अहमद ने बताया कि वह राजस्थान से ड्रग लाकर भोपाल में खपा रहा था। एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज पुलिस ने दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया गया है। स्कूटी के साथ खड़े थे दोनों एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने पहले सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह ड्रग शाहवर मछली और यासीन से खरीदी थी। दोनों आरोपी लंबे समय से ड्रग तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा हैं। उनके तार मुंबई तक फैले हैं। स्कॉर्पियों से मार दी टक्कर यासीन ने भागने की कोशिश की और अपनी स्कॉर्पियो से दो कारों को टक्कर मार दी। उसने पुलिसकर्मियों से भी बदसलूकी की। गाड़ी पर प्रेस का स्टीकर और विधानसभा का पास यासीन की स्कॉर्पियो पर विधानसभा का पास और ‘प्रेस’ लिखा स्टिकर चिपका हुआ था। वह इसका इस्तेमाल अपनी छवि को प्रभावशाली दिखाकर लोगों को डराने में करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से MP04-ZS-3785 नंबर की स्कूटी भी जब्त की है। इसका इस्तेमाल ड्रग सप्लाई में होता था। वीडियो की हो रही है जांच इसके साथ ही यासीन के मोबाइल की जांच में कई अश्लील वीडियो मिले हैं। कुछ वीडियो में वह खुद युवतियों के साथ आपत्तिजनक हरकत करता दिख रहा है। जबकि कुछ वीडियो में युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा जा रहा है। क्राइम ब्रांच ने ऐसे सभी पीड़ितों से सामने आकर शिकायत दर्ज कराने … Read more

‘गद्दार था भोपाल नवाब’, मंत्री ने नाम बदलने की उठाई मांग

 भोपाल  मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भोपाल नवाब  को गद्दार बताते हुए उसके नाम से पहचानी जाने वाली सभी जगहों के नाम बदलने की बात कही। भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने यह बात मीडियो से कही। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि भोपाल नवाब ने भारत वर्ष में विलय होने की सहमति नहीं दी थी। 15 अगस्त 1947 को देश आजाद होने के बाद में भोपाल रियासत में तिरंगा झंडा नहीं फहराया था। भोपाल नवाब ने भारत के लोगों पर गोली चलवाई थी। उसने 6 से ज्यादा लोगों की हत्या करवाई थी। ऐसा नवाब देशभक्त नहीं हो सकता गद्दार था। उसके नाम से कोई भी इमारत हो अस्पताल हो सबके नाम बदलने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि जिस हमीदिया अस्पताल में मंत्री पहुंचे थे, उसका नाम भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान के नाम पर रखा गया है। भोपाल में हमीदिया स्कूल भी नवाब के नाम पर ही रखा गया था। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के पहले भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कहा था कि भोपाल में जो भी संपत्ति है, वो सभी राजा भोज की है। राजा भोज ने ही शहर में तालाब का निर्माण कराया था। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने उठाई थी आपत्ति भोपाल में परिषद की बैठक में नवाब हमीदुल्लाह खान को गद्दार कहे जाने पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि नगर निगम अध्यक्ष को भोपाल के इतिहास के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसी बातें हमारी विरासत का अपमान है।

मुख्यमंत्री साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने नीरज शर्मा,  अजय कुमार कुशवाहा और शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की। उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है। इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है। इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने नीरज शर्मा,  अजय कुमार कुशवाहा और शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की। उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है। इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है। इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।