samacharsecretary.com

CM मोहन का तोहफा इंदौरवासियों को, 50 इलेक्ट्रिक AC बसें और ऐप-बेस्ड सुविधा शुरू

इंदौर   स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में अब सफाई करवाने और कचरा उठवाने की ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी। घर पर फूड डिलीवर करने वाली नामी कंपनियों की तर्ज पर नगर निगम भी ऐप बेस्ड सुविधा शुरू करने जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) गुरुवार को क्विक साफ नामक ऐप लॉन्च करेंगे। इससे ऑनलाइन ऑर्डर कर घर की सफाई कराई जा सकेगी। निगम इस सुविधा के बदले शुल्क लेगा। ऐप लॉन्चिंग के साथ सीएम 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। वहीं स्वच्छता में नंबर वन आने पर सफाई मित्रों के साथ भोज में शामिल होंगे। इंदौर में दौड़ेंगी ई-बस एआइसीटीएसएल के अनुसार, 60 करोड़ की लागत वाली 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें सिंगल चार्ज में 180 किमी चलेंगी। नेट कास्ट मॉडल पर संचालित होने वाली बसों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत वीजीएफ दिया जाएगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी। ऑन डिमांड सफाई देने वाला पहला शहर मकान शिफ्टिंग, छोटी-बड़ी पार्टी या अन्य समारोह के बाद कचरा हटवाना या आयोजन स्थल की सफाई करवाना बड़ी चुनौती होता है। कई बार आयोजनकर्ता इस कचरे को खुले स्थान पर फेंक देते हैं। ऐसे कचरे को हटाने में अब निगम मदद करेगा। शहरवासी ऐप से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क पर निगम ये सुविधा देगा। बता दें. इंदौर ऑनलाइन सफाई सुविधा देने वाला देश का पहला शहर बनेगा।

मुरली मनोहर जोशी का बड़ा बयान, RSS मंच से उठाया आय असमानता का मुद्दा

 नई दिल्ली आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा नई दिल्ली में संघ की शताब्दी वर्षगांठ पर आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला से ठीक एक हफ्ते पहले संघ के आर्थिक क्षेत्र में काम करने वाले छह संगठनों के करीब 80 प्रतिनिधियों की बंद कमरे में विशेष बैठक हुई। इसमें वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी मुख्य वक्ता रहे। जोशी ने इस दौरान करीब 70 स्लाइड्स दिखाईं और कहा कि केवल आर्थिक विकास को ही राष्ट्रीय लक्ष्य मानना उचित नहीं है।  एक रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने आय में असमानता, भारत की कम प्रति व्यक्ति जीडीपी और सामाजिक संकटों का उल्लेख करते हुए डिग्रोथ की अवधारणा पेश की। इसका अर्थ है कि विकास की दौड़ से बाहर निकलकर सादगी, साझेदारी और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण पर जोर देना। आय असमानता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2021 में भारत की कुल घरेलू संपत्ति का 65% केवल शीर्ष 10% लोगों के पास था। भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी मात्र 2,878 डॉलर थी, जबकि जापान की 33,955 डॉलर थी। कृषि व स्वदेशी उद्योगों पर फोकस करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी सहयोग पर अधिक निर्भरता भारत के हित में नहीं है। मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि 1.58 करोड़ बच्चे नशे के शिकार हो चुके हैं। दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाले करीब एक-तिहाई बच्चे नशे और शराब में फंस चुके हैं। उन्होंने आत्महत्या की बढ़ती दर पर भी चिंता जताई। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आत्महत्या करने वालों की संख्या 2018 में 1.34 लाख से बढ़कर 2022 में 1.70 लाख तक पहुंच चुके हैं। 2019-21 के बीच 35,950 छात्रों ने जान दी है। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रहे मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर केवल 32.7%, जबकि जापान में 64.6% और पोलैंड में 75.3% है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की 43.5% आबादी अब भी कृषि पर निर्भर, जबकि जापान में यह मात्र 3% है। मुरली मनोहर जोशी ने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सामाजिक असमानताओं को और गहरा कर सकता है। उन्होंने हालिया प्राकृतिक आपदाओं और हिमालयी सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि भारत “क्लाइमेट इमरजेंसी” की ओर बढ़ रहा है। मोहन भागवत ने मुरली मनोहर जोशी की इस चिंता पर कहा, “जोशी जी ने सब कुछ कह दिया है।” संगठन के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने हालांकि स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सरकार की नीतियों की आलोचना करना नहीं, बल्कि सिद्धांत और व्यावहारिक कदमों को जोड़कर भविष्य की कार्ययोजना बनाना है। इस बैठक में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, सहकार भारती, ग्राहक पंचायत, स्वदेशी जागरण मंच और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही संघ विचारक एस गुरुमूर्ति, भाजपा महासचिव बीएल संतोष, पीएम आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजय सान्याल और यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी विशेष आमंत्रित थे।

जूनियर ने बदला था बयान, अब IET में रैगिंग के दोषी 4 सीनियर्स पर सख्त कार्रवाई

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में चार सीनियर स्टूडेंट्स दोषी पाए गए।  विवि ने बताया था आपसी विवाद मामले में पीड़ित जूनियर छात्र ने पहले विवि प्रबंधन को शिकायत की थी। यह बात भी सामने आई की सीनियर ने उसका मुंह कमोड में घुसा दिया था और फ्लश चालू कर दिया था। मामले में विवि ने इसे आपसी विवाद बताया था जबकि छात्र पलट गया था। फिर उसने सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना के खिलाफ भंवरकुआ थाने में बदसलूकी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें साफ बताया था कि वह मेडिकल नहीं कराना चाहता। इसके अगले दिन बाद पीड़ित स्टूडेंट ने यूजीसी को शिकायत की थी। इसमें चार-पांच सीनियर्स द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी। बताया था कि इन लोगों ने मेरी रैगिंग ली और अमानवीय व्यवहार किया। इस पर यूजीसी ने इसे रैगिंग माना और एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपकर जल्द रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कमेटी ने मंगलवार को पीड़ित स्टूडेंट, सीनियर्स और संबंधित लोगों के बयान लिए। एंटी रैगिंग कमेटी ने पेश की रिपोर्ट बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना सहित अन्य को दोषी पाया गया। मामले में आदर्श को छह माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया गया है। साथ ही उस पर 25 हजार रु. का फाइन किया है। इसके साथ ही तीन अन्य सीनियर्स को तीन-तीन माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया है। इन पर 15-15 हजार रु. का फाइन किया है। ‌‌विवि ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, जल्द ही होगी FIR इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विवि ने सीनियर स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई तो की ही है साथ ही मामले की रिपोर्ट भी भंवरकुआ थाने को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग मामलों में संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में भी अब एफआईआर की तैयारी है।  

अब कम दाम में AC और TV! GST कटौती से जानें कितने हजार रुपये होंगे बचत

नई दिल्ली दीवाली, नवरात्र या कहें कि फेस्टिव सीजन से पहले केंद्र सरकार की तरफ से एक बड़ा तोहफा दिया जा रहा है. आने वाले दिनों में अगर आप कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स से जुड़ा कोई सामान खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपको बड़ी सेविंग होगी. ये सेविंग न्यू GST रेट्स के लागू होने के बाद होगी.  बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित GST Council की 56वीं बैठक हुई. इस मीटिंग के दौरान बड़े फैसले लिए और GST Tax Slab में बदलाव किए गए. इसके बाद स्मार्ट टीवी, एयर कंडीशनर (AC), इलेक्ट्रोनिक डिशवॉशर पर लगने वाले GST Tax Slab में बदलाव कर दिया है, जो 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे. अभी तक इन पर 28% टैक्स लगता था अब 18% का टैक्स लगेगा.   Air Conditioners और TV आने वाले दिनो में सस्ते होंगे नए बदलाव के तहत Air Conditioners पर अब 18 परसेंट का GST लगेगा, जो अब तक 28 परसेंट था. टेलीविजन को अब 18% GST Tax में कर दिया है, ये अभी तक 28 परसेंट के स्लैब में थीं.  TV पर होगी इतने हजार रुपये की सेविंग  मान लीजिए TV का बेस प्राइस = 10,000 रुपये पुरानी कीमत (28% GST) = 10,000 × 1.28 = 12,800 रुपये नई कीमत (18% GST) = 10,000 × 1.18 = 11,800 रुपये  इतने रुपये की होगी बचत  = 1,000 रुपये   32 इंच से बड़े एलईडी और एलसीडी टीवी पर अब जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. जीएसटी की दरों में 10 फीसदी की कटौती से 35000 रुपये में अभी 35900 रुपये में आना वाला टीवी करीब तीन हजार रुपये सस्‍ता हो जाएगा. जीएसटी के नए रेट 22 सितंबर से लागू होंगे. यानी इस बार की त्‍योहारी शॉपिंग आपकी सस्‍ती होने वाली है. टीवी कैसे सस्‍ता होगा, आइये जानते हैं. अभी फ्लिपकार्ट पर एक 40 इंच का स्‍मार्ट एंड्रॉयड टीवी 35990 रुपये में मिल रहा है. अभी क्‍योंकि 32 इंच से बड़े टीवी पर जीएसटी 28 फीसदी है, तो यह रेट इतना है. टीवी का बेस प्राइस जीएसटी हटाने के बाद ₹28,117.19 होता है. इस बेस प्राइस पर 28 फीसदी जीएसटी ₹7,872.81 रुपये बनती है और इस तरह टीवी का रेट 35990 रुपये हो जाता है. अब जीएसटी दर 18 फीसदी होने से टीवी के बेस प्राइस ₹28,117.19 पर जीएसटी के रूप में आपको 5,061.06 रुपये कर के रूप में देने होंगे और टीवी की कुल कीमत 33,178 रुपये हो जाएगी. इस तरह आपको सीधे-सीधे 2812 रुपये की बचत होगी. 41,990 वाले एसी पर बचेंगे 3,281 रुपये अमेजन पर फिलहाल वोल्‍टास 1.5 टन 5 स्‍टार, इनवर्टर स्प्लिट एसी 41990 रुपये में मिल रहा है. क्‍योंकि अभी इस पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है तो इसका बेस प्राइस ₹32,805 रुपये है. 28 फीसदी के हिसाब से 9,185 रुपये जीएसटी के रूप में लगते हैं. इसी बेस प्राइस पर 18 फीसदी जीएसटी लगने से इस एसी कीमत घटकर 38,709 रुपये हो जाएगी. यानी यही एसी आपको 3,281 रुपये की बचत हो जाएगी. टीवी भी हो जाएगा सस्‍ता अभी फ्लिपकार्ट पर एक 40 इंच का स्‍मार्ट एंड्रॉयड टीवी 35990 रुपये में मिल रहा है. अभी क्‍योंकि 32 इंच से बड़े टीवी पर जीएसटी 28 फीसदी है, तो यह रेट इतना है. टीवी का बेस प्राइस जीएसटी हटाने के बाद ₹28,117.19 होता है. इस बेस प्राइस पर 28 फीसदी जीएसटी ₹7,872.81 रुपये बनती है और इस तरह टीवी का रेट 35990 रुपये हो जाता है. अब जीएसटी दर 18 फीसदी होने से टीवी के बेस प्राइस ₹28,117.19 पर जीएसटी के रूप में आपको 5,061.06 रुपये कर के रूप में देने होंगे और टीवी की कुल कीमत 33,178 रुपये हो जाएगी. इस तरह आपको सीधे-सीधे 2812 रुपये की बचत होगी. कितने सस्ते होंगे स्मार्ट टीवी? फिलहाल 43 इंच से बड़े स्मार्ट टीवी पर अभी 28% टैक्स देना पड़ता है लेकिन अगर यह दर भी 18% हो गई तो इनके दामों में भी एसी की तरह ही गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसा भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे टीवी का प्राइस लगभग 2,000 से लेकर 3,000 रुपये तक कम हो सकता है। हालांकि, कीमत में असली कटौती हर प्रोडक्ट के बेस प्राइस पर डिपेंड करेगी। कितने सस्ते होंगे फ्रिज और वॉशिंग मशीन? वहीं, इस वक्त रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन 18% जीएसटी स्लैब के दायरे में आते हैं। यानी अगर इन्हें भी 5% स्लैब में शामिल कर दिया जाता है तो ग्राहकों को इनकी कीमतों में भी अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इन प्रोडक्ट्स की कीमत तभी कम होगी जब टैक्स रेट घटाया जाएगा। हेयर ऑयल, साबुन, साइकिल भी हुई सस्‍ती हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान पर भी जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. दूध, ब्रेड, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है. सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी 0 होगा यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी 0 होगा. खाद्य पदार्थ नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 चीजें जीएसटी के दायरे में हैं. 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी जीएसटी में एयर कंडीशनिंग मशीनें, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें शामिल हैं.   नए GST Tax के बाद AC पर कितनी होगी बचत?  Air Conditioners पर लगने वाले GST टैक्स की कीमतों की बात करें तो 28 परसेंट की जगह पर 18 परसेंट होने के बाद कई हजार रुपये की सेविंग होगी. इसको हमने नीचे उदाहरण से समझाया है.   मान लीजिए AC की बेस प्राइस = 30,000 रुपये पुरानी कीमत (28% GST) = 30,000 × 1.28 = 38,400 रुपये नई कीमत (18% GST) = 30,000 × 1.18 = 35,400 रुपये  इतने रुपये की होगी बचत  = 3,000 रुपये  1 Ton से 2 Ton AC तक इतने हजार की होगी बचत (अनुमानित कीमत) AC कैटेगरी     अनुमानित बेस प्राइस (Rs) पुराना GST (28%)  न्यू GST Tax (18%) कस्टमर की बचत (Rs) 1 Ton AC 30,000 38,400 35,400 3,000 1.5 Ton AC 40,000 51,200 47,200 4,000 2 Ton AC 50,000 64,000 59,000 5,000 डिशवॉशिंग मशीन भी होंगी सस्ती  डिशवॉशिंग मशीन का इस्तेमाल गंदे बर्तन … Read more

महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर : लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण रायपुर सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं मायका में उपवास करती है। महिलाओं को मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व होता है। तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश

नवजात शिशुओं की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच के साथ की जाएगी कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश पीएम-मित्र पार्क मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों एवं व्यवसायियों के लिए होगी बड़ी उपलब्धि  इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर प्रवास के दौरान प्रदेशवासियों को डोलग्यारस की शुभकामनाएं और धार जिले के बदनावर में स्थापित होने वाले पीएम मित्रा पार्क की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस पार्क से एक लाख रोजगार प्रत्यक्ष रूप से तथा दो लाख रोजगार अप्रत्यक्ष रूप से निर्मित होंगे। इस दृष्टिकोण से यह अत्यंत महत्वपूर्ण उद्योग होगा। इससे मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों सहित इससे जुड़े व्यवसायियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क दो हजार एकड़ क्षेत्र का बड़ा प्रोजेक्ट है। यह जनजातीय अंचल के धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खण्डवा आदि समूचे कपास उत्पादक क्षेत्र की दृष्टि से बड़ा वस्त्र उद्योग का केंपस बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वयं की योजना है, जिसको मध्यप्रदेश सरकार ने बाकी राज्यों की तुलना में सबसे तेज गति से भूमिपूजन लायक बनाया है। उन्होंने बताया कि आज नई दिल्ली में देश और दुनिया के वस्त्र उद्यमियों के साथ इस योजना को शेयर भी किया गया है। इससे बड़े पैमाने पर उद्यमी यहां आएंगे और मध्यप्रदेश से जुड़ेंगे। स्थानीय नागरिकों को रोजगार देंगे। युवा, गरीब, मजदूर किसान इन सभी की जिंदगी की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान चलाया जा रहा है, यह उसी सिलसिले की एक बड़ी कड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा समय अब वापस लौट रहा है, हमारे चारों ओर कारखानों की बयार आ रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट प्रेस क्लब की एआई पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन भी किया। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर एमवाय अस्पताल में नवजात शिशुओं की हुई मृत्यु को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए समस्या का स्थाई समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गंभीर घटना एवं लापरवाही के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर को निर्देश दिए है कि इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जाँच करायी जाये और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में ङोल ग्यारस पर आयोजित बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में शामिल हुए। समारोह में जगह जगह लगाए गए स्वागत मंचों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पमाला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चल समारोह में वृंदावन जैसा आनंद बाबा श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन में हो रहा है। उन्होंने कहा की इस जुलूस का आनंद प्रतिवर्ष बढ़ता जाये यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ङोल ग्यारस की शुभकामनायें दी | इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल,नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव,संजय अग्रवाल और बैरवा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीगणेश उत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार रात खजूर मस्जिद चौराहे पर नगर गणेश, पटनी बाजार स्थित स्वर्ण से श्रृंगारित श्रीगणेश और श्रीवरुण देव अखंड ज्योति मंदिर स्थित गणेश और गीता कॉलोनी के गणेश उत्सव में शामिल हुए और पूजन कर आरती की। वरुण देव अखंड ज्योति मंदिर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान का पूजन कर लाड़ली बहनों से चर्चा कर उन्हें डोल ग्यारस की मंगलकामनाएं दी। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ फोटो भी खिंचवाई।  

घर से दुकान तक असर: नई GST दरों की पूरी लिस्ट, कौन-सा सामान किस स्लैब में

नई दिल्ली सरकार ने देश के आम आदमी को प्री-दिवाली गिफ्ट दे दिया है. बुधवार को नई दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इसके तहत टैक्स स्लैब को कम किया गया, जिससे तमाम सामानों पर लगने वाले टैक्स का रेट कम हो जाएगा. नए रेट 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे. नए जीएसटी सुधार के तहत 100 से ज्‍यादा चीजों के दाम घटने वाले हैं. इसमें जरूरी वस्तुओं, रोजमर्रा की चीजों, एग्रीकल्‍चर प्रोडक्‍ट्स और हेल्थ प्रोडक्‍ट्स पर टैक्‍स रेट में कमी की गई है.   जीएसटी पर देशवासियो को जिसका इंतजार था, सरकार ने वो मुराद पूरी कर दी. दिवाली से पहले सरकार ने आम लोगों को बड़ा तोहफा दिया है. जीएसटी कम हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर की दरों में व्यापक कटौती की घोषणा की. जीएसटी में इस बदलाव के तहत अधिकतर वस्तुएं 5% और 18% के स्लैब में आ गई हैं. कई वस्तुओं पर अब 0% या शून्य कर लगेगा और कुछ को 40% ‘सिन टैक्स यानी ‘पाप कर’ स्लैब में जोड़ दिया गया है. जीएसटी का नया स्लैब 22 सितंबर से लागू होगा. कई रोजमर्रा की घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती से आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए खुश होने की बड़ी वजह है. जीएसटी दरों में कटौती के बाद क्या सस्ता हुआ है? किन वस्तुओं पर अब अधिक टैक्स लगेगा और कौन सी वस्तुएं अब महंगी होंगी? चलिए देखते हैं पूरी लिस्ट. जीएसटी में बदलाव के बाद क्या-क्या सस्ता   सामान पुराना जीएसटी रेट नया जीएसटी रेट दूध, पनीर, छेना 5 फीसदी 0 फीसदी बटर, खोआ, घी, चीज और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स 12 फीसदी 5 फीसदी 33 जीवन रक्षक दवा- ओनासेमनोजेन अबेपार्वोवेक, एस्किमिनिब, मेपोलिज़ुमाब, पेगीलेटेड लिपोसोमल इरिनोटेकन, डाराटुमुमाब, डाराटुमुमैब उपचर्म, टेक्लिस्टामैब, अमिवंतामब, एलेक्टिनिब, रिस्डिप्लाम, ओबिनुटुज़ुमैब, पोलाटुज़ुमैब वेडोटिन, एंट्रेक्टिनिब, एटेजोलिज़ुमाब, स्पेसोलिमैब, वेलाग्लूसेरेज अल्फा, एगल्सिडेस अल्फा, रुरियोक्टोकॉग अल्फा पेगोल, इडुरसल्फेटेज, एल्ग्लूकोसिडेस अल्फा, लैरोनिडेस, ओलिपुडेस अल्फा, टेपोटिनिब, एवेलुमैब, एमिसिज़ुमाब, बेलुमोसुडिल, मिग्लस्टैट, वेलमनसे अल्फा, एलिरोक्यूमैब, एवोलोकुमाब, सिस्टामाइन बिटार्ट्रेट, सीआई-अवरोधक इंजेक्शन और इंक्लिसिरन 12 फीसदी 0 फीसदी पर्सनल हेल्थ इश्योरेंस और जीवन बीमा (एलआईसी) 12 फीसदी 0 फीसदी खाखरा, चपाती या रोटी, ब्रेड 5 फीसदी 0 फीसदी रबड़, मैप, चार्ट और ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, पेस्टल, एक्सरसाइज बुक और नोटबुक 5 फीसदी 0 फीसदी 15 हॉर्स पावर तक की क्षमता के निश्चित गति वाले डीजल इंजन, हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई उपकरण और स्प्रिंकलर के लिए नोजल, मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि और बागवानी मशीनरी, कटाई और थ्रेसिंग मशीनरी, कंपोस्टिंग मशीन और ट्रैक्टर (1800 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले सेमी-ट्रेलर के लिए ट्रैक्टर को छोड़कर). 12 फीसदी 5 फीसदी सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया सहित प्रमुख उर्वरक कच्चे माल 18 फीसदी 5 फीसदी नीम-आधारित कीटनाशक सहित विभिन्न जैव कीटनाशक 12 फसदी 5 फीसदी ट्रैक्टर के पिछले टायर और ट्यूब, ट्रैक्टरों के लिए 250 सीसी से अधिक सिलेंडर क्षमता वाले कृषि डीजल इंजन, ट्रैक्टर के लिए हाइड्रोलिक पंप और विभिन्न ट्रैक्टर कलपुर्जों 18 फीसदी 5 फीसदी 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और एयर कंडीशनर, डिशवॉशर और टीवी जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद 28 फीसदी 18 फीसदी एसी यानी एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिल 28 फीसदी 18 फीसदी बीड़ी 28 फीसदी 18 फीसदी             जीएसटी में बदलाव के बाद क्या-क्या महंगा सामान जीएसटी का पुराना रेट जीएसटी का नया रेट कोल्ड ड्रिंक और ऐडेड शुगर आइटम 28 फीसदी 40 फीसदी 1,200 सीसी से अधिक और 4,000 मिमी से अधिक लंबी सभी वाहनों के साथ-साथ 350 सीसी से अधिक की मोटरसाइकिल और रेसिंग कार पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा     नन अल्कोहलिक बेवरेज 28 फीसदी 40 फीसदी महंगी कार, तंबाकू और सिगरेट 28 फीसदी 40 फीसदी कैसीनो, रेस क्लब, या आईपीएल जैसे खेल आयोजनों में एंट्री 18 फीसदी 40 फीसदी किसी रेस क्लब में सट्टेबाजों को लाइसेंस देने के लिए सेवाएं, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग 28 फीसदी 40 फीसदी रिवॉल्वर और पिस्तौल 28 फीसदी 40 फीसदी पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू, जर्दा, एडेड शुगर, कार्बोनेटेड ड्रिग्स, पर्सनल यूज वाले एयरक्राफ्ट, लग्‍जरी कार और फास्‍ट फूड अलग-अलग स्लैब 40 फीसदी       चलिए एक नजर मार लेते हैं कि कौन सा सामान अब किस स्लैब में है? 0 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान 33 जीवन रक्षक दवाएं, कैंसर की दवाएं, दुर्लभ बीमारियों की दवाएं, व्यक्तिगत जीवन बीमा, स्वास्थ्य पॉलिसियां मानचित्र, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन, पेस्टल, अभ्यास पुस्तिकाएं, नोटबुक, रबड़ दूध, छेना या पनीर, पहले से पैक और लेबल वाला, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती या रोटी 5 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान बालों का तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, टॉयलेट साबुन, टूथब्रश, शेविंग क्रीम मक्खन, घी, पनीर और डेयरी स्प्रेड, नमकीन, बर्तन दूध की बोतलें, शिशुओं के लिए नैपकिन और क्लिनिकल डायपर सिलाई मशीनें और उनके पुर्जे थर्मामीटर, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, सभी डायग्नोस्टिक किट और अभिकर्मक, ग्लूकोमीटर और टेस्ट = स्ट्रिप चश्मा ट्रैक्टर के टायर, पुर्जे, ट्रैक्टर निर्दिष्ट जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व टपक सिंचाई प्रणाली और स्प्रिंकलर मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि, बागवानी या वानिकी मशीनें 18 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी कारें (1200 सीसी और 4000 मिमी से अधिक नहीं) डीजल और डीजल हाइब्रिड कारें (1500 सीसी और 4000 मिमी से अधिक नहीं) तीन पहिया वाहन  मोटरसाइकिल (350 सीसी और उससे कम  माल परिवहन के लिए मोटर वाहन एयर कंडीशनर एलईडी और एलसीडी टीवी सहित टेलीविजन (32 इंच से अधिक) मॉनिटर और प्रोजेक्टर बर्तन धोने की मशीन 1800 से अधिक इंजन क्षमता वाले सड़क ट्रैक्टर सीसी 40 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू, बीड़ी अतिरिक्त चीनी या स्वाद वाले वातित पानी, कैफीनयुक्त पेय पदार्थ, गैर-मादक पेय पदार्थ धूम्रपान पाइप 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलें निजी उपयोग के लिए विमान नाव रिवॉल्वर और पिस्तौल सट्टा, कैसीनो, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग

बाढ़ त्रासदी: मौतों का आंकड़ा 394, हजारों घर उजड़े

भोपाल इस साल प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण 394 जनहानि हुई, वहीं पांच हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए। 1814 पशुहानि भी हुई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों में 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर फसलें प्रभावित हुई हैं। 17,500 किसानों को अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है। सीएम ने दिए राहत कार्य बढ़ाने के निर्देश यह जानकारी अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव द्वारा बुधवार को की गई समीक्षा में सामने आई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत की कार्रवाई आरंभ की जाए। जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। ऐसे में जिलों में प्रशासन सक्रिय रहे। पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थिति में पुल पार न करने की चेतावनी की व्यवस्था की जाए। अस्थायी कैम्प, राशन एवं भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री संभावित स्थानों पर सुनिश्चित होनी चाहिए। इन जिलों में हुई औसत से अधिक बारिश प्रदेश में एक जून से दो सितंबर तक 38.24 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मंडला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक तो गुना, मंडला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई।

भारत तैयार बढ़ाने के लिए रूसी तेल की खरीद, पुतिन का आकर्षक ऑफर

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर बीते 27 अगस्त को 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाकर इसे 50% कर दिया है और ये अतिरिक्त टैरिफ जुर्माने के तौर पर लागू किया गया है, जिसके पीछे वजह है भारत की रूसी तेल की खरीद. जी हां, ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल और हथियारों की खरीद बढ़ाकर यूक्रेन के साथ युद्ध में उसकी आर्थिक मदद करने का आरोप लगाते हुए टैरिफ बम फोड़ा है. हालांकि, अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके इस कदम से भारत दबाव में आ जाएगा, लेकिन ट्रंप का दांव उल्टा पड़ा है और रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की ओर से की जा रही अतिरिक्त छूट की पेशकश के चलते भारत तेल की खरीद बढ़ाने की तैयारी में है.  ट्रंप का भारत पर दबाव नहीं आया काम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी क्रूड ऑयल की खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए हाई टैरिफ की उनकी कोशिश उल्टी पड़ती नजर आ रही है. रिपोर्ट की मानें, तो अमेरिका के किसी भी दबाव में आने के बजाय भारत और पहले से भी ज्यादा रूसी तेल खरीदने के लिए तैयार है और इस बीच रूस की ओर से भारत को तेल पर भारी छूट का ऑफर भी दिया जा रहा है. ब्लूमबर्ग के अनुसार, सितंबर के अंत और अक्टूबर में भारत को रूसी यूराल क्रूड की आपूर्ति ब्रेंट क्रूड से 3 से 4 डॉलर प्रति बैरल कम पर की जाने का ऑफर है. कुछ हफ्त पहले, यह अंतर 2.50 डॉलर था. ये खबर ट्रंप के टैरिफ अटैक के बाद चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की हालिया बैठक के बाद हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद सामने आई है. गौरतलब है कि रूसी तेल का भारत अकेला खरीदार नहीं है, बल्कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला चीन लंबे समय से रूसी तेल का सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है. हालांकि, भारत की बात करें, तो यूक्रेन युद्ध के बाद भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद बढ़ाई गई और ये तेजी से बढ़ी है.  अमेरिकी टैरिफ के बाद बढ़ी तेल खरीद अमेरिका के 50% टैरिफ के बावजूद भारत ने अपने रणनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस के साथ संबंध मजबूत बनाए हुए हैं और इसका नजारा दुनिया ने एससीओ की बैठक के दौरान देखा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का एक्स्ट्रा टैरिफ लागू होने के बाद यानी 27 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारत में सरकारी और प्राइवेट रिफाइनरियों ने 11.4 मिलियन बैरल रूसी तेल का आयात किया है. वहीं ऐसा अनुमान भी जताया जा रहा है कि रूस से ऑफर की जा रही छूट के चलते अगले महीने भारत में रूसी तेल के आयात में 10-20% या 1,50,000 से 3,00,000 बैरल प्रतिदिन की अतिरिक्त वृद्धि देखने को मिल सकती है.  रूसी तेल से भारत को अरबों की बचत अमेरिका ने भारत पर तमाम आरोप लगाते हुए टैरिफ को डबल किया है, तो वहीं भारत सरकार की ओर से लगातार साफ किया गया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है. बीते दिनों विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा था कि रूस के साथ भारत का ऑयल ट्रेड तेल की वैश्विक कीमतों को स्थिर रखता है. भारत ने जोर देकर अमेरिकी आरोपों के खिलाफ अपना पक्ष रखा है और दो टूक कहा है कि उसका तेल व्यापार किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करता और प्रतिबंधों में कच्चे तेल का आयात शामिल नहीं है.  अगर फायदे की बात करें, तो साल 2022 से भारत का रूसी तेल का आयात 1 फीसदी से बढ़कर करीब 40 फीसदी पर पहुंच चुका है. कई एनालिसिस से स्पष्ट हुआ है कि किफायती रूसी तेल की वजह से भारतीय रिफाइनरियों को अप्रैल 2022 और जून 2025 के बीच कम से कम 17 अरब डॉलर की बचत हुई है. बीते दिनों रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने एक इंटरव्यू में अमेरिकी टैरिफ को अनुचित करार देते हुए कहा था कि भारत की प्राथमिकता अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, तेल का व्यापार व्यावसायिक आधार पर होता है और अगर सौदा सही है, तो भारतीय कंपनियां सबसे अच्छे विकल्प से तेल खरीदेंगी.'