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सरकार LPG दाम स्थिर रखने के लिए तेल कंपनियों को ₹30000Cr की सब्सिडी देगी

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को एक अहम मीटिंग के दौरान 52,667 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी. जिसमें LPG, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दिया गया है. इस पैकेज के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को मजबूत करने के लिए 12,060 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा घरेलू रसोई गैस को सस्ता करने के लिए 30,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी संस्थानों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 4,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.  कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष फोकस करते हुए असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है.वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. तकनीकी शिक्षा संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए ₹4,200 करोड़ मंजूर हुए हैं. इससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और रोजगार के मौके मिलेंगे. इसके अलावा, असम और त्रिपुरा के लिए ₹4,250 करोड़ का विशेष विकास पैकेज भी स्वीकृत हुआ है. मरक्कानम–पुडुचेरी के बीच 4-लेन हाईवे के लिए ₹2,157 करोड़ मंजूर किए गए हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट बैठक हुई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, कैबिनेट की बैठक में 5 अहम फैसले लिए गए हैं। इसके लिए कुल ₹52,667 करोड़ के फंड्स/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 2025-26 में भी सब्सिडी दी जाएगी, जिसके लिए ₹12,060 करोड़ मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम उज्ज्वला योजना को समावेशी विकास (सबके लिए विकास) के लिए वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। इसका मकसद लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना है। कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष फोकस करते हुए असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है. वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. बैठक में तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को घरेलू एलपीजी बिक्री पर हुए घाटे की भरपाई के लिए 30000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी दी गई.ये मुआवजा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा इन कंपनियों के बीच वितरित किया जाएगा और इसका भुगतान 12 किश्तों में किया जाएगा. घरेलू एलपीजी सिलेंडर सार्वजनिक क्षेत्र की इन कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को नियंत्रित कीमतों पर उपलब्ध कराए जाते हैं. वर्ष 2024-25 के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, लेकिन उपभोक्ताओं पर कीमतों का बोझ नहीं डालने के लिए सरकार ने इन्हें स्थिर रखा. इस वजह से IOCL, BPCL और HPCL को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा. इसके बावजूद इन कंपनियों ने देशभर में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रखी. सरकार का मानना है कि ये मुआवजा तेल विपणन कंपनियों को कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद, कर्ज अदायगी और पूंजीगत व्यय जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा. इससे देशभर के घरों तक सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी. रेल मंत्री में बताया कि मीटिंग में तय हुआ है कि घरेलू एलपीजी पर घाटे की भरपाई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को ₹30,000 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए MERITE योजना को ₹4,200 करोड़ की मदद दी जाएगी। इसके अलावा असम और त्रिपुरा के लिए विशेष विकास पैकेज की मौजूदा योजना के तहत 4 नए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिन पर कुल ₹4,250 करोड़ खर्च होंगे। वहीं, तमिलनाडु में मरकानम–पुडुचेरी के बीच 46 किमी लंबा चार लेन हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर ₹2,157 करोड़ की लागत आएगी। 31 जुलाई- बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए इससे पहले 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था, 'मोदी कैबिनेट की बैठक में 6 अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें 2 किसानों और फूड सेक्टर से जुड़े हैं। वहीं चार फैसले नॉर्थ-ईस्टर्न सेक्टर में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए हैं। 16 जुलाई- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जुलाई को हुई बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी है। 1 फरवरी 2025 को बजट के दौरान वत्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना की घोषणा थी। योजना 2025-26 से शुरू होकर अगले 6 साल तक चलेगी। इसके तहत देश के 100 कम कृषि उत्पादन वाले जिलों के किसानों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें 1.7 करोड़ किसानों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मकसद इन जिलों में ज्यादा उत्पादन, फसल विविधता, टिकाऊ खेती, आधुनिक भंडारण और हर किसान को किफायती कर्ज देना है। कैबिनेट ने 2 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी     सरकार ने नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन (NIPC) को और ताकत देने के लिए 20,000 करोड़ रुपए का स्पेशल फंड दिया है। इस फंड का इस्तेमाल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स जैसे सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश के लिए किया जाएगा।     नेशनल क्लीन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (NCIL) को क्लीन टेक्नोलॉजी और इनोवेटिव स्टोरेज के लिए 7,000 करोड़ रुपए की नई पूंजी मिलेगी। इससे नई तकनीक, इनोवेटिव एनर्जी स्टोरेज, बैटरी, स्मार्ट ग्रिड में इन्वेस्टमेंट किया जाएगा।

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री 09 अगस्त, 1925 को महान क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं को बलिदान किया, उनके जज्बे का ही परिणाम था कि देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया ़ भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बननी चाहिए, आजादी का यही संदेश कि हम जिएं तो स्वदेशी के लिए और मरें तो अपने देश के लिए  भले ही तात्कालिक रूप से कुछ महंगा हो, लेकिन हम स्वदेशी उपहार ही खरीदें  अमर क्रान्तिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए सरकार ‘काकोरी ब्राण्ड’ का आम पूरी दुनिया में पहुंचा रही   प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के संकल्प को सफल बनाना ही अपने क्रान्तिकारियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : उपमुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया  लखनऊ      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन कार्यक्रम है। आज से 100 वर्ष पहले 09 अगस्त, 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उस समय के महान क्रान्तिकारियों ने भारत की जनता के खून-पसीने की कमाई को इंग्लैंड ले जाने का कुत्सित प्रयास करने वाली ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया था।     मुख्यमंत्री जी आज यहां काकोरी शहीद स्मारक, लखनऊ में ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन भी किया।      मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी एवं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गयी काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने फोटो बूथ पर सेल्फी ली तथा बालिकाओं से राखी बंधवाई। समारोह में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 100 कलाकारों द्वारा ‘काकोरी की अमर गाथा’ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।       मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करने वाले पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा0 रोशन सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला थी, जिन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने अलग-अलग जेलों में बन्द करके, बिना सुनवाई का अवसर दिये ही फांसी के फंदे पर पहुंचाने का काम किया था। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। इसी प्रकार अन्य क्रान्तिकारियों को गोण्डा, फैजाबाद और नैनी जेल में फांसी दी गई। चन्द्रशेखर आजाद ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने मुकाबला करते हुए स्वयं वीरगति प्राप्त की। आज का यह शताब्दी महोत्सव उन महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी है।          मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के मात्र 4,600 रुपए के खजाने को अपने कब्जे में लिया था, जबकि इन क्रान्तिकारियों को पकड़ने और बिना सुनवाई उन्हें फांसी देने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की थी। आज से 100 वर्ष पहले देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रान्तिकारियों का स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए हर भारतवासी को प्राणप्रण से जुटना चाहिए। आज का यह समारोह इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।      मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं की परवाह किए बगैर राष्ट्रभक्ति के भाव से अपने आप को बलिदान किया। आजादी के लिए हर कीमत चुकाने के उनके जज्बे का ही परिणाम था कि यह देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया। हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि राष्ट्रभक्ति का यह ज्वार जन-जन के हृदय में प्रतिष्ठित हो। इसके लिए एकता और गर्व के प्रतीक तिरंगे को हर घर तक पहुंचाना है।      भारत की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झण्डा हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। हर घर तिरंगा फहराकर हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना है, जिनके बलिदान से हमारा देश आज स्वतन्त्र है तथा भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित हुई है। जब हम इस संकल्प से कार्य करेंगे, तो जिन महान उद्देश्यों के लिए क्रान्तिकारियों ने अपने आप को बलिदान किया था, वह महान उद्देश्य आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन के रूप में स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ेगा।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर भारतवासी ने भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम का सदैव सम्मान किया है। हाल ही में भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया। पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और सामर्थ्य का लोहा एक बार फिर से माना है। अपने सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से आह्वान … Read more

कांवड़ यात्रा में भारी भीड़, भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का विशेष इंतजाम, चलाई स्पेशल ट्रेन

भोपाल  गुरुवार को कुबेरेश्वर धाम कावड़ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते भोपाल रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की तुलना में चार गुना अधिक यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम और टिकट काउंटर यात्रियों से भरे नजर आए। ऐसी स्थिति में भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौकस व्यवस्था की। गुरुवार को करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे रेलवे अधिकारियों के अनुसार बुधवार दोपहर से गुरुवार शाम तक करीब दो से ढाई लाख यात्री भोपाल पहुंचे। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ को सुरक्षित ट्रेनों में बैठाने और स्टेशन से बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने दिन-रात एक कर दिया। एडीआरएम अभिराम खरे और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में एक विशेष टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और स्टेशन की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भोपाल से झांसी तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई। इसके अलावा 25 अतिरिक्त टीटीई की ड्यूटी स्टेशन पर लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई, जिसमें कुछ जवानों को निशातपुरा से बुलाया गया। स्टेशन के हर कोने में श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में आरपीएफ के जवानों ने प्रमुख भूमिका निभाई। यात्रियों की संख्या को देखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष सतर्कता बरती गई।

सनातनी भाई को राखी बांधने की सलाह, भोपाल संस्कृति बचाओ मंच ने दी सख्त अपील

भोपाल  राजधानी भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच रक्षाबंधन से पहले शुक्रवार को अभियान चलाकर राखी की दुकानों पर पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों से अपील की है कि राखी केवल सनातन धर्म के अनुयायी भाइयों को ही बांधें, ताकि किसी प्रकार की आपराधिक या जिहादी घटना की आशंका से बचा जा सके। मंच के पदाधिकारियों ने इस दौरान सनातनी संस्कृति के प्रति जागरूक किया। इस दौरान महिलाओं को   कहा गया कि सनातनी भाइयों की कलाई पर ही राखी बांधने से पवित्रता भी बनी रहेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। दिल्ली की घटना से सतर्क रहने की जरूरत  संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि दिल्ली की एक घटना में एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी, जिसे उसने भाई माना, लेकिन बाद में उसी युवक ने उसकी हत्या कर दी। ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हमें रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का इस दैरान तिवारी ने कहा कि महिलाएं और बहनें राखी वहीं से खरीदें जहां सनातन धर्म के प्रतीक मौजूद हों, जैसे दुकान पर भगवान की फोटो लगी हो या दुकानदार ने तिलक लगाया हो। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा आपका अब्दुल भी वैसा ही निकलेगा जैसा दूसरों का निकला है, इसलिए केवल सनातनी भाइयों की कलाई पर ही रक्षा सूत्र बांधें। मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा तिवारी ने महिलाओं को आगाह किया कि किसी मुस्लिम युवक को भाई बनाकर राखी बांधने से जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने दिल्ली की उस घटना का उल्लेख किया जिसमें एक युवती ने मुस्लिम युवक को राखी बांधी थी और बाद में उसी युवक ने उसे छह मंजिला इमारत से नीचे फेंक कर हत्या कर दी थी।  चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि लव जिहाद की घटनाएं देशभर में तेजी से बढ़ रही हैं, जहां कुछ लोग हिंदू नाम रखकर लड़कियों को फंसा रहे हैं और फिर उनके साथ गंभीर अपराध कर रहे हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन किसी अब्दुल को भाई बना लेना आपके जीवन के लिए खतरा हो सकता है।  

दोनों नेताओं की एकता से गूंजा भोपाल का सभागार, सिंधिया-दिग्विजय का ऐतिहासिक मिलन

भोपाल मध्य प्रदेश की राजनीति में एक लंबे समय बाद ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर ले जाते नजर आ रहे हैं। पांच साल बाद दोनों नेता इस तरह एक साथ दिखाई दिए, जिससे अटकलों का दौर तेज हो गया है।  यह वाकया भोपाल के रातीबड़ स्थित एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह का है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच पर बैठे थे, जबकि दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी के साथ सामने की कुर्सियों पर बैठे थे। सिंधिया की नजर जैसे ही उन पर पड़ी, वे मंच से उतरकर उनके पास गए, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और फिर हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर ले आए। इस दृश्य पर मौजूद लोग खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक सकें।   2020 के बाद पहली बार ऐसे साथ दिखे मार्च 2020 में सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और 22 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर चला था। कमलनाथ सरकार के गिरने के समय दिग्विजय सिंह और सिंधिया के रिश्ते बेहद तल्ख थे। ऐसे में उनका यह साथ बैठना पांच साल बाद की एक सियासी ‘सॉफ्ट मोमेंट’ के रूप में देखा जा रहा है। सियासी अटकलें तेज ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस समय सिंधिया के लिए माहौल पूरी तरह सहज नहीं है। हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी बिना नाम लिए उन पर टिप्पणी की थी। ऐसे में अटकलें है कि ग्वालियर-चंबल में भाजपा के दोनों दिग्गज नेताओं के बीच गुटबाजी बहुत तेज चल रही है। वहीं, अब इस मुलाकात को लेकर चर्चा है कि क्या यह किसी नई सियासी बिसात की शुरुआत है या सिर्फ एक औपचारिक सौजन्य। दिलचस्प बात यह है कि इतिहास में राघौगढ़, जो दिग्विजय सिंह का गढ़ है, कभी ग्वालियर राजघराने के अधीन था। दिग्विजय ‘राजा साहब’ कहलाते हैं, जबकि सिंधिया को ‘महाराज’ कहा जाता है। दोनों घरानों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पुरानी है, लेकिन यह पल उस अदावत से अलग एक नई तस्वीर पेश करता है। आस्तीन के सांपों से सचेत रहें… दोनों नेता एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर चुके है। पिछले साल ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में दिग्विजय सिंह ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि आस्तीन के सांपों से सचेत रहें। इसके अलग-अलग मायने निकाले गए थे। राजनीतिक जानकारों ने बयान के मायने निकाले थे कि यह शायद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा गया। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी दिग्विजय सिंह पर कहा था कि पहले वे मेरे पिता पर निशाना साधते थे और अब मुझे पर निशाना साध रहे हैं। तब दिग्विजय सिंह ने कहा था कि वे अभी बच्चे हैं। दिग्विजिय सिंह की कसम टूटी दरअसल, करीब तीन माह पहले ग्वालियर में हुई संविधान बचाओ रैली में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एलान किया था कि वे अब कभी मंच पर नहीं बैठेंगे। उनका कहना था कि मंच की राजनीति खत्म होनी चाहिए और वे केवल अपनी बारी आने पर ही मंच पर जाएंगे, अन्यथा आमजनों के बीच बैठेंगे। लेकिन शुक्रवार को एक निजी कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह मंच पर बैठे नजर आए। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि क्या उनकी यह “कसम” टूट गई? हालांकि दिग्विजय सिंह का कहना है कि मंच पर न बैठने की बात उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों के संदर्भ में कही थी, जबकि यह कार्यक्रम निजी था। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं उन्हें मंच पर ले जाते दिखाई दिए। पहले झुककर प्रणाम फिर हाथ पकड़कर ले चले सकारात्मक राजनीति का यह उदाहरण तब देखने को मिला जब भोपाल में स्कूल के लोकार्पण के कार्यक्रम में मंच पर आते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामने बैठे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पास जाकर स्नेह पूर्वक अभिवादन किया। इसके बाद उनका हाथ थामा और उन्हें मंच पर साथ लेकर आए। इस दौरान पूरे सभागार में तालियां गूंज उठीं। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल से मिले सिंधिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भोपाल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भेंट की। खंडेलवाल की नियुक्ति के पश्चात यह उनकी सिंधिया से दूसरी महत्वपूर्ण मुलाकात है। इससे पहले, दोनों नेताओं के बीच दिल्ली में सिंधिया के आवास पर एक लंबी और रणनीतिक बैठक हो चुकी है। इसके साथ सिंधिया ने प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से भी भेंट की।

इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख

बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें : मंत्री विजयवर्गीय इंदौर में हुआ रक्षाबंधन पर्व का आयोजन मंत्री विजयवर्गीय ने कहा: बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति के संस्कार दें इंदौर में रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन, मंत्री विजयवर्गीय ने दी सांस्कृतिक सीख रक्षाबंधन पर मंत्री विजयवर्गीय का संदेश: संस्कृति से जुड़ें बहन-बेटियां इंदौर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि बहन-बेटियों को भारतीय संस्कृति से जुड़े संस्कार दें। ऐसा करके हम समाज में आदर्श परिवार के उदाहरण को प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में कई असामाजिक तत्व बेटियों को गलत रास्ते पर ले जाने के प्रयास कर रहे हैं। हम सबको मिलकर इससे सावधान रहने की जरूरत है। मंत्री विजयवर्गीय गुरूवार को इंदौर में रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर महिलाओं ने मंत्री विजयवर्गीय को राखी बांधी। महिलाओं ने शौर्य और पराक्रम की प्रतीक राखी सीमाओं पर तैनात सैनिकों को भी भेजी। जनता ही हमारा परिवार मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरा विधानसभा क्षेत्र एक परिवार के समान है। हम सब एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। साथ ही सामाजिक सद्भाव के माहौल में सभी त्यौहारों को मनाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये ‘लाड़ली बहना योजना’ चलाई है। उन्होंने समाज की महिलाओं से आहवान किया कि वे कुछ समय निकालकर अपने हुनर के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें। इससे मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से और सशक्त हो सकेगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, सुदर्शन गुप्ता और स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तामोट, रायसेन में रक्षाबंधन महोत्सव में हुए शामिल, बोले – स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ हैं प्रदेशवासी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योग हमारे लिए मंदिर और देवालय के समान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश का परिदृश्य बदला है, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए 15वें से चौथे स्थान पर पहुंच चुकी है। मध्यप्रदेश का जैविक कपास, चीन, जापान और वियतनाम से लेकर स्पेन तक एक्सपोर्ट हो रहा है। राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश प्रोत्साहित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास कर रही है। दस अगस्त को रायसेन में ही रेल कोच बनाने के लिए कारखाने का भूमिपूजन होने जा रहा है। धार में प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को टेक्सटाइल उद्योग के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। इससे मालवा और आसपास के जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में जारी औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के भाव को चरितार्थ करने का माध्यम हैं। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र तामोट, जिला रायसेन में सागर मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल यूनिट का भ्रमण कर यहां टैक्सटाइल प्रोडक्शन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में सागर ग्रुप की महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर पवित्र रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों के बीच जाकर पुष्प वर्षा की और बहनों को उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत सरकार की लड़ाई किसानों की मेहनत के लिए है। किसान कपास, सब्जी और फसलें उगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश के किसान, गरीब, मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है, सभी प्रदेशवासी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों की खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1500 रुपए का विशेष तोहफा दिया गया है। रोजगार परक उद्योगों में कार्य करने वाली बहनों को प्रतिमाह 6000 रुपए की वेतन सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर ग्रुप ने आसपास के गांवों के लोगों को रोजगार से जोड़ा है। इकाई में काम करने वाले लोगों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करने पर उन्होंने सागर ग्रुप को बधाई दी। सागर ग्रुप में कुल 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 5000 महिलाकर्मी हैं।  

रक्षाबंधन 2025: 297 साल बाद अद्भुत संयोग, सबसे पहले महाकालेश्वर को अर्पित होगी राखी

वैदिक ज्योतिष अनुसार त्योहारों और पर्वों पर ग्रहों के विशेष संयोग बनते हैं, जिसका प्रभाव मानव जीवन और देश- दुनिया पर देखने को मिलता है। आपको बता दें कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर 297 वर्ष बाद दुर्लभ ग्रहों का संयोग बनेगा। इस साल सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु और शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ऐसा संयोग 1728 में बना था। उस समय भी भद्रा पृथ्वी पर नहीं थी और ग्रहों की स्थिति ऐसी ही थी। इस बार भी भद्रा रहित वैसा ही योग बन रहा है। जिससे कुछ राशियों की किस्मत चमक सकती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने कहा- ग्रहों की वर्तमान स्थिति 1728 में बने दुर्लभ संयोग को दोहरा रही है। रक्षाबंधन पर 8 ग्रह उन्हीं राशियों में रहेंगे, जिनमें 1728 में थे। इनमें सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार ही बनते हैं। जिससे इस बार का रक्षाबंधन और भी पुण्य फलदायी माना जा रहा है। वहीं, देशभर में सबसे पहले शनिवार तड़के 3 बजे बाबा महाकाल को राखी अर्पित की जाएगी। यह खास राखी हर वर्ष पुजारी परिवार की महिलाएं ही तैयार करती हैं। वे बाबा महाकाल को अपना भाई मानकर ये राखी बनाती हैं। सवा लाख लड्‌डुओं का भोग लगेगा महाकाल को अर्पित की जाने वाली राखी इस बार मंदिर समिति के अमर पुजारी के परिवार की महिलाएं बना रही हैं। वे तीन दिन से इसमें जुटी हैं। मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग कर राखी पर भगवान गणेश को विराजित किया गया है। मान्यता है कि हिंदू रीति-रिवाज से मनाए जाने वाले सभी पर्वों की शुरुआत महाकाल मंदिर से ही होती है। भगवान महाकाल को राखी बांधने के बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। ये लड्डू शुद्ध देसी घी, बेसन, शक्कर और ड्रायफ्रूट्स से तैयार किए जा रहे हैं। पूरे दिन बांधी जा सकेगी राखी पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि रक्षाबंधन पर शनिवार को दोपहर 2:43 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। यह किसी भी काम को सफल बनाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार ये भी खास है कि रक्षाबंधन भद्रा काल से मुक्त रहेगा। मुहूर्त और चौघड़िए के अनुसार रक्षा सूत्र या राखी बांधी जा सकेगी। इस दृष्टि से सुबह से दोपहर 2:40 तक शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग भी इसी दिन शनिवार को श्रवण नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। इस योग का समय मध्याह्न 2:40 तक रहेगा। इस दौरान पर्व काल तो मनेगा ही इसके बाद भी सायं काल में शुभ योग रहेंगे, जिनमें रक्षा सूत्र बांधा जा सकेगा। इसके अलावा कुल परंपरा के अनुसार समय के निर्धारण से रक्षा सूत्र बांधना उचित होगा।  297 वर्षों बाद का अद्भुत ग्रह संयोग ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस दिन सूर्य और बुध 'कर्क राशि' में होंगे, वहीं चंद्रमा 'मकर राशि' में स्थित होंगे, मंगल 'कन्या राशि' में स्थित होंगे, गुरु और शुक्र 'मिथुन राशि' में स्थित होंगे, राहु 'कुंभ राशि' में होंगे और केतु 'सिंह राशि' में स्थित होंगे। यह योग इस बात का संकेत है कि इसी प्रकार का ज्योतिषीय योग अंतिम बार 1728 में बना था। साथ ही, भाग्य की बात यह है कि उस समय भी रक्षाबंधन पर भद्राकाल का प्रभाव नहीं था, और 2025 में भी वैसी ही स्थिति दोहराई जा रही है।इसके अलावा, सुबह 5:47 से दोपहर 2:23 तक 'सर्वार्थ सिद्धि योग' रहेगा, जो इस पर्व को और भी मंगलकारी बना देता है। मान्यता है कि इस विशेष योग में बहनों द्वारा राखी बांधने से भाइयों के जीवन में सौभाग्य, सफलता और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही इन राशियों की आय में वृद्धि और नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। वहीं देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। वहीं शुभ समाचार मिल सकता है। आइए जानते हैं ये लकी राशियां कौन सी हैं… मकर राशि  आप लोगों के लिए 6 ग्रहों का दुर्लभ संयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको आकस्मिक धनलाभ के योग बनेंगे। साथ ही आपकी फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी हो जाएगी। इंवेस्टमेंट से आपको लाभ होगा। से लाभ होने के साथ ही संतान से शुभ समाचार मिल सकते हैं। वहीं इस समय नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति और इंक्रीमेंटो हो सकता है। वहीं इस दौरान साझेदारी के व्यवसाय में बड़ा मुनाफा हो सकता है। कानूनी मामलों में फैसला आपके पक्ष में आएगा और करियर में नई उपलब्धियां मिलेंगी। वहीं धन की सेविंग करने में सफल रहेंगे।  कुंभ राशि छह ग्रहों का दुर्लभ संयोग कुंभ राशि के जातकों को अनुकूल सिद्ध हो सकता है। इस समय आपको मान- सम्मान की प्राप्ति होगी। साथ ही इस अवधि में आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। वहीं आप कोई वाहन या प्रापर्टी खरीद सकते हैं। साथ ही इस अवधि में आपको नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं विदेश यात्राएं आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं। जॉब करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर मान-सम्मान और तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही इस समय आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। तुला राशि  आप लोगों के लिए 6 ग्रहो का दुर्लभ संयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस समय आपके जिन कार्यों में रुकावट आ रही थी अब वह दूर होंगी और अब आपका काम तेजी से गति पकड़ेगा। वहीं इस दौरान आपको रुका हुआ पैसा मिलेगा। वहीं आप कोई लग्जरी आयटम खरीद सकते हैं। साथ ही इस समय बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है। वहीं व्यापारियों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं, जिससे अच्छा धनलाभ हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई में सफलता और नए कौशल सीखने के लिए अनुकूल रहेगा। नहीं रहेगा भद्रा का साया ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान भद्रा काल पूर्णिमा तिथि के साथ शुरू होगा, यानी 08 अगस्त 2025 को दोपहर 02:12 बजे से। यह समय रक्षाबंधन से एक दिन पहले है। भद्रा काल की समाप्ति 08 अगस्त 2025 को मध्य रात्रि … Read more

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं में शामिल करने पर मंत्री सिंह का जोर

लोक निर्माण से लोक कल्याण: पर्यावरण से समन्वय विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 11 अगस्त को भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा है कि विभाग अपने ध्येय वाक्य “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को केवल सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण तक सीमित न रखते हुए अब पर्यावरण-संरक्षण और सतत विकास को भी विभागीय कार्यों का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। इसी सोच को साकार करने और अभियंताओं में पर्यावरणीय जागरूकता को और गहरा करने के उद्देश्य से 11 अगस्त को रवींद्र भवन भोपाल में “पर्यावरण से समन्वय” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक ही मंच पर एकत्र करेगा, जिसमें वे न केवल पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों का अध्ययन करेंगे बल्कि टिकाऊ विकास के नए आयाम भी सीखेंगे। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पर्यावरणविद् श्री गोपाल आर्य, भास्करायचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह शामिल होंगे और अभियंताओं को प्रेरक संदेश देंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी-सत्र और विशेष प्रशिक्षण-सत्र शामिल हैं। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाली नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि वास्तविक लोक कल्याण तभी संभव है जब हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण छोड़कर जाएं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके हर प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मिलित करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में अभियंताओं को आधुनिक हरित निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने वाली तकनीक, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन से जुड़ी पद्धतियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी सत्र में भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान गांधीनगर, गुजरात के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की विधि पर विशेष प्रस्तुतीकरण देंगे। साथ ही जीआईएस पोर्टल पर सड़कों एवं पुलों की भौगोलिक मैपिंग की प्रक्रिया और उसके लाभों पर भी अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकें। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला न केवल अभियंताओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का भी एक ठोस प्रयास है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना साकार रूप ले सकेगी। पर्यावरण-संरक्षण के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा उठाये गये कदम     ट्री शिफ्टिंग – पर्यावरण हितैषी तकनीकों के तहत पेड़ काटने के बजाय उन्हें स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू, पौधरोपण एवं ट्री-शिफ्टिंग के लिए निविदा दस्तावेज में प्रावधान।     वॉटर रिचार्ज बोर – वर्षा जल को जमीन में समाहित करने के लिये सड़क किनारे प्रत्येक किलोमीटर पर ग्राउंड वाटर रिचार्ज बोर की स्थापना। वर्तमान में 850 किमी सड़कों पर लगभग 1000 रिचार्ज बोर के लिए प्रावधान। वर्ष 2025-26 में 10 हजार रिचार्ज बोर निर्माण का लक्ष्य।     लोक कल्याण सरोवर – सड़क निर्माण में मुरम/कोपरा खुदाई को व्यवस्थित कर छोटे-छोटे तालाबों का निर्माण कर इन तालाबों को “लोक कल्याण सरोवर” नाम दिया गया।इस वर्ष 500 लोक कल्याण सरोवर निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।     पौधरोपण अभियान – सड़क किनारे पौधरोपण को एसओआर में शामिल कर मुख्यधारा में लाया गया। जुलाई माह में विशेष अभियान के तहत 2 लाख 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। विभागीय इंजीनियर्स और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी। भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से पौधरोपण स्थलों की जियो मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग की व्यवस्था।  

सुश्री भूरिया ने रक्षाबंधन को बताया प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने रक्षाबंधन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई–बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और संरक्षण का अद्भुत प्रतीक है, जो रिश्तों में अटूट विश्वास और स्नेह का संचार करता है। सुश्री भूरिया ने कहा कि रक्षाबंधन का यह अवसर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को पुनः दृढ़ करने का समय है। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने और बच्चों के स्वस्थ व सशक्त भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि इस दिन हम सभी अपनी बहनों, माताओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का प्रण लें। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन न केवल भाई–बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है, बल्कि हमें एक सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और सौहार्द के इस पर्व पर हम सभी मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दें।