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ग्वालियर में बिजली कनेक्शन काटने पर कर्मचारियों और ग्रामीणों में चले लाठी-डंडे

ग्वालियर. लाल टिपारा गांव में बिजली बिल की बकाया राशि वसूली को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला फायरिंग और मारपीट तक पहुंच गया। घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। मुरार थाना पुलिस ने एक-दूसरे की शिकायत पर दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वसूली के लिए पहुंचे थे मुरार थाना पुलिस के अनुसार बिजली कंपनी के कर्मचारी धीरज यादव और अन्य स्टाफ लाल टिपारा गांव में बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए पहुंचे थे। इस दौरान बकायादारों से कर्मचारियों की कहासुनी हो गई। विवाद के बाद कर्मचारी धीरज यादव मौके से चले गए। कहासुनी की सूचना मिलने पर धीरज यादव का बेटा सुमित यादव, भतीजा नीतेश यादव और साथी आशिक खान मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने स्थानीय रहवासी रवि शर्मा, अंकुश शर्मा और दिनेश पाल पर हमला कर दिया। इस दौरान कट्टे से फायरिंग की गई और मारपीट में तीनों लोग घायल हो गए। रवि शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने सुमित यादव, नीतेश यादव और आशिक खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं सुमित यादव की रिपोर्ट पर भी पुलिस ने अलग से प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि हमला करने वाले युवकों का संबंध बदमाश कपिल यादव से भी है। कर्मचारियों पर भी जानलेवा हमले की शिकायत सहायक प्रबंधक आनंद चौरसिया ने थाने में आवेदन दिया कि स्टाफ धीरज यादव और रमाकांत मुदगल के साथ लाल टिपारा गांव में बकाया राशि वसूली के लिए गए थे। वसूली के दौरान राजकुमार शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, फकीर चंद और लखन तोमर के बिजली कनेक्शन बकाया राशि के चलते काटे गए। इससे नाराज होकर इन लोगों ने बिजली कंपनी के कर्मचारियों पर पत्थर और लाठियों से हमला कर दिया। सहायक प्रबंधक आनंद चौरसिया ने आरोपितों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और शासकीय कर्मचारियों से मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई है। गोली चलाई फिर सिर पर बट से मारा विवाद की स्थिति बनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जिन युवकों से मुंहवाद हुआ उनके साथ जमकर मारपीट की गई। सुमित यादव और उसके साथियों ने पहले कट्टे से फायर किया और फिर उसी कट्टे के बट से युवक के सिर पर एक के बाद एक कई वार किए, जिससे युवक घायल हो गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी बहुप्रसारित हुआ है, जिसमें हमलावर कट्टे से वार करते और स्थानीय लोग बीच बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला अस्पताल में बच्चों को मिल रहा था दूषित सिरप, एजीथ्रोमिसिन की बोतलों में निकले कीड़े

ग्वालियर  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत का मामला गर्माया अभी हुआ हुआ ही है कि, मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सिरप को लेकर नया मामला सामने आ गया. यहांं बच्चों के एंटीबायोटिक सिरप में कीड़े निकलने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन सिरप की शीशियां जब्त कर सैंपल लिए हैं. दवाओं की ये बोतलें जिला अस्पताल में वितरित की जा रही थीं. जिला अस्पताल में हो रहा था दवा का वितरण पिछले दिनों कफ सीरप कोल्ड्रिफ के बाद अब बच्चों को दिए जाने वाले एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन ओरल सस्पेंशन सिरप में कीड़े निकलने की बात सामने आई है. जिला अस्पताल में दवाओं के वितरण के दौरान एंटीबायोटिक दवा की शीशी में कीड़ों की शिकायत मुरार जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से की गई है. जिसके बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने संज्ञान लिया है. एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन सिरप के वितरण पर रोक लगाते हुए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं. दवा की शीशी में निकला कीड़े जैसा एलीमेंट मामला ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार के अधीन प्रसूति गृह अस्पताल का है, जहां ओपीडी में एक महिला अपने बच्चे को लेकर आई थी, डॉक्टर द्वारा लिखे जाने पर एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन सिरप दवा वितरण केंद्र से दी गई थी. लेकिन जब महिला ने सिरप की बोतल को खोला तो उसमें काले रंग का कीड़े की तरह दिखने बाला कोई एलिमेंट दिखा. जिसके बाद महिला के द्वारा तुरंत इसकी शिकायत सिविल सर्जन डॉ आरके शर्मा से की गई. सैंपल के साथ दवा वितरण पर रोक शिकायत मिलते ही सिविल सर्जन ने ड्रग डिपार्टमेंट को सूचना दी और ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा के नेतृत्व में जांच टीम सिविल सर्जन दवा स्टोर पर पहुंची, जहां से एंटीबायोटिक ओरल सस्पेंशन सिरप एजीथ्रोमिसिन के सैंपल कलेक्ट किए गए. साथ ही दवा का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया. इसके अलावा वितरण केंद्रों पर जो सिरप सप्लाई की गई है वहां से इसे रिकॉल कर कलेक्ट किया गया है. सभी अस्पतालों में वितरण पर लगेगी रोक ड्रग इंपेक्टर अनुभूति शर्मा का कहना है कि, "इस गंभीर मुद्दे से जुड़ी खबर सामने आने के बाद न सिर्फ एजीथ्रोमिसिन के सैंपल लिए गए हैं, बल्कि कुछ अन्य दवाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है." बताया जा रहा है कि, ये दवा भोपाल स्थित सरकारी स्टोर से सप्लाई की गई थी. ऐसे में बैच नंबर के आधार पर जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि इस बैच के सिरप मध्य प्रदेश के जिन जिलों में सप्लाई हुए हैं वहां इंफॉर्मेशन देकर उनके वितरण पर रोक लगाई जा सके.'' ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि "यदि सैंपलों की जांच में अमानक तत्व पाए जाते हैं तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.''

अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बीच ग्वालियर में हाई अलर्ट, हर मोड़ पर चौकसी

ग्वालियर ग्वालियर में चल रहे अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्टूबर को अंबेडकर समर्थकों ने एक बड़े आंदोलन चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है। चप्पे-चप्पे और हर आने-जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया। इस दौरान कलेक्टर ने आदेश देकर धारा 163 भी लागू की हुई है। छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था। ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुआ था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि, हाई कोर्ट परिसर में प्रतिमा लगायी जाए, लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया। आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई थी आग इस विवाद की आग यहाँ खत्म नहीं हुई, बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियाँ और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया और अंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्टूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है। 4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नज़र कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात हैं। ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर हो रही पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और सौ से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है। सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में ग्वालियर सीएसपी हिना खानन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है। शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाजार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।  

सड़क और ड्रेनेज सुधार पर ग्वालियर प्रशासन करेगा अहम निर्णय

ग्वालियर  शहर में अतिवर्षा के कारण सड़कों की स्थिति खराब है। वर्षा जल की निकासी नहीं होने के कारण डामर की सड़कें उधड़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण सामने आया है कि सड़कों के किनारे नाले-नालियों के अलावा ड्रेनेज का प्रविधान नहीं होने से यह स्थिति बनी है। नईदुनिया ने भी लगातार ये मुद्दा उठाया कि सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम का प्रविधान किया जाए, जिसके बाद निगम के जनकार्य विभाग ने कई कॉलोनियों में नई सड़कें स्वीकृत करने के साथ ही उन्हें ड्रेनेज का प्रविधान करना शुरू कर दिया है। व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी जो नए टेंडर भी अपलोड किए जा रहे हैं, उनमें ड्रेनेज का प्रविधान विशेष रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, वहां प्रयास किया जाएगा कि डामर की सड़कें तैयार नहीं की जाएं। वहां व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी। इसके अलावा जहां-जहां बिटुमिन की नई सड़कें बनाई जा रही हैं, वहां ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इन स्थानों पर ड्रेनेज का प्रविधान वार्ड 30 एयरटेल ऑफिस रोड और नाली निर्माण। वार्ड 19 सूर्य विहार कॉलोनी में बिटुमिन रोड के किनारे सीसी ड्रेनेज। वार्ड 55 शिवाजी नगर में चौहान हाउस से सिकरवार हाउस तक और राकेश तोमर वाली गली में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 62 पदमपुर खेरिया के पटेल मोहल्ला में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम रुद्रपुर में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम मालनपुर में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 49 हारकोटासीर में सीसी रोड व ड्रेनेज निर्माण। (इसके अलावा लगभग 20 सड़कों के निर्माण में ड्रेनेज का प्रविधान कर टेंडर किए जा रहे हैं।) निगमायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिन में सड़कें चकाचक करने के निर्देश उधर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शनिवार को शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शीघ्र सड़कों पर काम प्रारंभ करें और 15 दिवस में शहर की सड़कें चकाचक दिखने लगें। जिन सड़कों के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उनमें अगले पांच दिवस में कार्य शुरू हो जाएं। साथ ही जो सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं और अनुबंध होना है, उसमें तत्काल अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराएं। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कई नई सड़कों को स्वीकृति देते समय ड्रेनेज का प्रविधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जहां हम ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, वहां डामर की सड़कें बनाई ही ना जाएं। वहां सीसी रोड या व्हाइट टापिंग कराई जाए। – संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम